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मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में हुआ निर्णय

परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को मिलेगी 1 करोड़ की अनुग्रह राशि रायपुर, युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद  सैनिकों की पत्नी अथवा उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में लिया गया। आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं। हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं। सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत माँ की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है। आज की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा। बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिये गए। इनमें युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी अथवा आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है। अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।   इस अवसर पर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन अमिताभ जैन ने मुख्यमंत्री को बालवृक्ष भेंट किया। तत्पश्चात् सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक एवं राज्य सैनिक समिति के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि) ने राज्य सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने 13 जनवरी 2012 को आयोजित पाँचवीं राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक की कार्यवाही विवरण पर प्रगति रिपोर्ट दी और 6वीं बैठक में सम्मिलित एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा प्रारम्भ की। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम), अपर मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, केंद्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली के सचिव ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडर छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल), सचिव वित्त विभाग अंकित आनंद, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अविनाश चंपावत, मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि), विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव (से.नि), विक्रांत सिंह एवं राजेश कुमार पाण्डेय राज्य सैनिक समिति छत्तीसगढ़ के सदस्यगण उपस्थित थे।

गोल्फ और पर्यावरण साथ-साथ: रायपुर में भारत गोल्फ महोत्सव में रोपे पौधे

रायपुर राजधानी रायपुर में 17 सितंबर से ‘भारत गोल्फ महोत्सव’ का भव्य आगाज होने जा रहा है। गोल्फ के जरिए देशभर के खिलाड़ी और युवा खेल, स्वास्थ्य और समाज को जोड़ने की पहल करेंगे। यह महोत्सव गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तुत GFI Tour 2025 का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के तहत आज गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया ने परोपकार फाउंडेशन के साथ मिलकर आर्मी और बीएसएफ के जवानों के साथ वृक्षारोपण अभियान चलाया। आयोजन में करीब 3 हजार पौधे लगाए गए। फेडरेशन के फाउंडर आर्यवीर आर्य ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश कि सीमा की रक्षा में लगे जवान हमारे लिए प्रेरणा हैं, इसलिए उनके साथ मिलकर हरियाली बढ़ाना गर्व की बात है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में योगदान दें। आर्यवीर आर्य ने कहा, वृक्षारोपण से न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि स्वस्थ जीवन और समाज में सकारात्मक बदलाव भी आएगा। बता दें कि भारत गोल्फ महोत्सव का उद्घाटन 17 सितंबर 2025 को रायपुर के Fairway Golf & Lake Resort में होगा और इसका समापन 12 जनवरी 2026 को किया जाएगा।

रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर होगी कार्रवाई, कबीरधाम पुलिस ने उठाया कदम

कबीरधाम आज सोमवार को कबीरधाम एसपी धमेन्द्र सिंह ने जिले के डीजे संचालकों की बैठक ली। बैठक के दौरान यह प्रमुख विषय सामने आया कि निर्धारित सीमा से अधिक आकार और ध्वनि वाले डीजे आम जनता के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनते हैं। अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों और मरीजों की नींद बाधित होती है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और आम लोगों में तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है। बड़े आकार के डीजे लगाने से भीड़ प्रबंधन कठिन हो जाता है और कई बार सामाजिक कार्यक्रम में अव्यवस्था फैल जाती है। बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि रात 10 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में डीजे या धुमाल का संचालन नहीं होगा। साथ ही, 10 इनटू 8 फीट (लंबाई-चौड़ाई) से बड़े डीजे व निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि पर सख्त रोक रहेगी। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कोई भी संचालक नियम का उल्लंघन न करे। यदि रात 10 बजे के बाद डीजे बजाया गया या निर्धारित आकार और ध्वनि सीमा से बाहर डीजे लगाए गए तो संबंधित संचालक का डीजे व सभी उपकरण वाहन समेत जब्त कर कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस द्वारा सभी से अनुरोध किया कि नियमों का पालन करे। बैठक में उपस्थित डीजे संचालक ने आश्वस्त किया कि वे पुलिस प्रशासन द्वारा बनाए गए सभी नियम का पालन। यदि उनके द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो कार्रवाई किए जाने पर सहमत हैं।

मंत्री राजवाड़े ने कोरिया जिले में योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की

रायपुर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुजा संभाग प्रवास के दौरान कोरिया जिले के बैकुंठपुर कलेक्टरेट परिसर में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और जनकल्याणकारी कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। मंत्री राजवाड़े ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान विशेष रूप से महिला सुरक्षा, पोषण आहार वितरण, आंगनबाड़ी सेवाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं, दिव्यांग कल्याण, नशा मुक्ति अभियान तथा वरिष्ठजन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि इनका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण आहार की गुणवत्ता तथा समय पर वितरण की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर, पुनर्वास गृह, वृद्धाश्रम एवं विशेष बच्चों के लिए संचालित विद्यालयों की गतिविधियों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। योजनाओं का लाभ यदि समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुँचेगा तो ही उनका वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य कर जिले को महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण के क्षेत्र में आदर्श मॉडल बनाने का आह्वान किया।

वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर छत्तीसगढ़ के 4 श्रद्धालुओं की मौत, CM साय ने जताया शोक, घायलों के इलाज और मृतकों के पार्थिव शरीर घर पहुंचाने के दिए निर्देश

रायपुर उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर आज सुबह भीषण बस दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के चार श्रद्धालुओं की मौत और छह लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा – वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर हुई बस दुर्घटना में कांकेर और राजनांदगांव जिले के चार श्रद्धालुओं के असमय निधन व छह के गंभीर रूप से घायल होने का हृदय विदारक समाचार प्राप्त हुआ। प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग, घायलों का समुचित इलाज और मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।     वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर हुई बस दुर्घटना में कांकेर और राजनांदगांव जिले के चार श्रद्धालुओं के असमय निधन व छह के गंभीर रूप से घायल होने का हृदय विदारक समाचार प्राप्त हुआ। ओवरटेक के दौरान ट्रेलर ट्रक से भिड़ी बस अयोध्या से दर्शन कर लौट रही छत्तीसगढ़ के कांकेर और राजनांदगांव जिले की डबल डेकर टूरिस्ट बस सीहीपुर क्रॉसिंग के पास ओवरटेकिंग के दौरान ट्रक से टकरा गई। हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौके पर मौत हो गई, जबकि छह यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कांकेर जिले की आशा भवल, गुलाब, बस चालक दीपक और एक अन्य अज्ञात यात्री के रूप में हुई है। सभी श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर जाने के लिए रवाना हुए थे। हादसे वक्त बस में कुल 50 यात्री सवार थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। वहीं, अस्पताल में भर्ती घायलों का उपचार जारी है।

विधायक ध्रुव की घोषणा: NCC कैडेट्स के लिए ड्रोन खरीद हेतु 1 लाख रुपए सहायता

 गरियाबंद  देवभोग के आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में संचालित इकलौते जूनियर एयर विंग एनसीसी कैडेट कोर के बीच पहुंचे विधायक जनक ध्रुव ने शनिवार सुबह कैडेट्स के साथ करीब दो घंटे बिताए. ड्रिल देखकर अपने पुराने दिन याद करते हुए उन्होंने कैडेट्स से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना. उड़ान प्रशिक्षण के लिए उपकरणों की कमी जानने पर विधायक ने ड्रोन खरीदी के लिए 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की, जिसे सुनकर कैडेट्स ने उनका अभिवादन किया. विधायक ने जमीन पर बैठकर छात्रों के साथ किया नाश्ता विधायक ध्रुव आज सुबह नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी के साथ हायर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे. इसी दौरान आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल परिसर में कैडेट्स ड्रिल कर रहे थे. यह नज़ारा देखकर विधायक खुद को रोक नहीं पाए और उनके बीच पहुंच गए. पूर्व खेल अधिकारी और स्कूल समय में एनसीसी कैडेट रहे विधायक ध्रुव ने नज़दीक जाकर सभी से परिचय लिया. इसके बाद वे छात्रों के साथ जमीन पर बैठकर नाश्ते में भी शामिल हुए. इस दौरान स्कूल प्रिंसिपल गिरीश बेहरा भी मौजूद रहे. विधायक ने कहा कि यह गौरव की बात है कि जिले का एकमात्र एयर विंग एनसीसी जूनियर कैडर देवभोग में मौजूद है. उन्होंने इसे छात्रों के उज्जवल भविष्य और ग्रामीण क्षेत्र में एनसीसी को नई दिशा देने वाला मील का पत्थर बताया. साथ ही संस्थान को वर्ष 2023 में स्थापित कराने वाले शिक्षक गणेश सोनी की सराहना भी की. 40 कैडेट जिन्हें ड्रोन देगा फ्लाइंग की बारीकियां एनसीसी आफिसर गणेश सोनी ने बताया कि 20 सीनियर और 20 जूनियर मिलाकर यहां कुल 40 कैडेट हैं, जिसमें 19 गर्ल्स और 21 बॉयज है. सीनियर कैडेट को 22 रायफल में 10 राउंड फायर कर वेपन की ट्रेनिंग भी दी गई है. तकनीकी प्रेक्टिकल के लिए रायपुर हेड क्वाटर जाना होता है. विधायक ध्रुव के आर्थिक सहायता से ड्रोन आते ही प्रदेश के 25 जूनियर यूनिट में से देवभोग़ एयर विंग का इकलौता स्वयं का ड्रोन वाला इकलौता यूनिट हो जाएगा. फ्लाइंग की बेसिक जानकारी प्रायोगिक तौर पर मिलेगी. रिमोट से चलने वाले इस ड्रोन में पायलटिंग की बेसिक जानकारी के अलावा अक्षांश, देशांश की सटीक जानकारी, एक्जेक्ट लोकेशन पर लैंड करने की बेसिक जानकारी कैडेट को मिलने लगेंगे. ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी.

संघर्ष, उम्मीद और न्यायपालिका पर भरोसा—हर मुक़दमे की अपनी कहानी: CJI रमेश सिन्हा

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन प्रेरणा हॉल, कलेक्टरेट भवन, जगदलपुर में किया गया। इस सेमिनार में बस्तर संभाग के चार जिलों जगदलपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव के 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी ने वर्चुअल माध्यम से सत्र का उद्घाटन किया। सेमिनार में श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद, न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला कांकेर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य न्यायाधीश ने बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में न्यायपालिका से अपेक्षाएँ बहुत अधिक हैं। लोग हमसे अत्यधिक आशा रखते हैं। यह सेमिनार केवल सीखने का मंच ही नहीं, बल्कि न्याय, निष्पक्षता और विधि के शासन के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि भी है। मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायिक शिक्षा एक बार की प्रक्रिया नहीं है; बल्कि यह सतत प्रक्रिया है। आज के दौर में जहाँ कानून तेजी से विकसित हो रहे हैं और समाज नई चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहाँ न्याय के संरक्षक होने के नाते हमें निरंतर अपने ज्ञान को समृद्ध करना और अपनी न्यायिक क्षमता को धार देना अनिवार्य है। सतत प्रशिक्षण सुनिश्चित करता है कि हम अपने संवैधानिक दायित्वों को दक्षता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभा सकें। मुख्य न्यायाधीश ने आगे यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र अपने विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक परिदृश्य के साथ न्यायपालिका के लिए चुनौतियाँ और अवसर दोनों प्रस्तुत करता है। हमारा दायित्व है कि न्याय समाज के हर कोने तक पहुँचे, विशेष रूप से वंचित और कमजोर वर्गों तक। यहाँ के न्यायिक अधिकारियों की भूमिका जनता के विश्वास को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है कि न्याय न केवल किया जाए, बल्कि होता हुआ भी दिखाई दे। मुख्य न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सहानुभूति, धैर्य और निष्पक्षता के साथ न्यायिक कार्य करें। याद रखें, प्रत्येक मामले के पीछे एक मानवीय कहानी होती है संघर्ष, आशा और न्यायपालिका में विश्वास की। हमें सदैव यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि न्याय समय पर, पारदर्शी और तर्कपूर्ण तरीके से दिया जाए। अंत में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार समकालीन विधिक मुद्दों पर विचार-विमर्श, अनुभवों के आदान-प्रदान और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने का मूल्यवान अवसर प्रदान करते हैं। इस सेमिनार में हुई चर्चाएँ न्यायिक अधिकारियों की दक्षता को बढ़ाएँगी और उन्हें न्यायिक कार्य की जटिलताओं को और अधिक कुशलता से संभालने योग्य बनाएँगी। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर एवं दंतेवाड़ा के जिलों के न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा दिया गया, परिचयात्मक उद्बोधन छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक ने तथा धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा किया गया। सेमिनार में बस्तर संभाग के कुल 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामलों की कार्यवाही का अवलोकन तथा इनके निपटारे हेतु नवीन उपकरण और तकनीकें, मध्यस्थता में रेफरल जज की भूमिका, डिक्री का क्रियान्वयन गिरफ्तारी एवं सिविल कारागृह में निरुद्धि तथा संपत्ति की कुर्की द्वारा समयबद्ध और प्रभावी प्रवर्तन हेतु रणनीतियाँ, सलाखों के पीछे या स्वतंत्र रिमांड और जमानत के प्रावधानों का गहन विश्लेषण, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के नवीनतम निर्णयों के विशेष संदर्भ के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिए गए।

न्यूड पार्टी के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस का एक्शन, फार्म हाउस संचालक हिरासत में

रायपुर राजधानी रायपुर में 'स्ट्रेंजर हाउस पार्टी' यानी कि 'न्यूड पार्टी' का पोस्टर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा था. यह पार्टी अपरिचित क्लब द्वारा 21 सितंबर को भाठागांव स्थित एसएस फार्म हाउस में आयोजित की जाने वाली थी. जिसमें युवाओं को अपनी शराब खुद लाने तक की अनुमति दी गई थी. हालांकि, आयोजन से पहले ही बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. 21 सितंबर को होने वाली थी पार्टी गिरफ्तार आरोपियों में पार्टी आयोजक, फार्म हाउस मालिक से लेकर सोशल मीडिया और डिजिटल प्रमोटर तक शामिल हैं. जानकारी के अनुसार 12 सितंबर को सोशल मीडिया पर "Aparichit Club Present” नाम से वायरल हो रहे पोस्टर की खबर पुलिस को लगी. इसके बाद पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर जांच में जुटी. इस दौरान पुलिस को जानकारी प्राप्त हुई कि पार्टी 21 सितंबर को होगी. जिसका आयोजन 4 बजे से मध्य रात्रि तक व्हीआईपी रोड के किसी फार्म हाऊस/पब/पूल में आयोजित किया जाएगा. इसके बाद पुलिस ने अपरिचित क्लब के संचालक और पूल पार्टी के आयोजकों एवं मोबाइल नंबर के धारकों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में धारा 4, स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध अधिनियम, धारा 67 आईटी एक्ट एवं धारा 79 के तहत मामला दर्ज किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई के निर्देश दिए. जिसके बाद साइबर विंग टीम द्वारा सोशल मीडिया की मदद ली गई और 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. न्यूड पार्टी मामले पर कांग्रेस ने साधा निशाना न्यूड पार्टी मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस चीफ दीपक बैज ने BJP पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बिना सरकार की शह के इस तरह की आपत्तिजनक घटनाएं संभव ही नहीं. यह पूरा मामला बीजेपी सरकार की  “नग्न सोच” को उजागर करता है. बैज ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के संरक्षण में ही ऐसे लोग बेलगाम हो रहे हैं.  यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बिगाड़ने की एक साजिश है. राज्य में गलत परंपरा शुरू करने का काम चल रहा है. वहीं बीजेपी के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसकी घोर निंदा की. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नहीं होने चाहिए.  

गरियाबंद में माओवादी कमांडर का सरेंडर, सुरक्षा बलों की सफलता

गरियाबंद महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की निवासी जानसी उर्फ वछेला मटामी ने माओवादी संगठन को अलविदा कहकर गरियाबंद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. वे 8 लाख रूपए की ईनामी माओवादी थी. पुलिस के मुताबिक जानसी ने माओवादियों की खोखली विचारधारा, निर्दोष ग्रामीणों पर अत्याचार और संगठन के भीतर छोटे कैडरों के शोषण से तंग आकर यह कदम उठाया. पुलिस के मुताबिक जानसी का माओवादी संगठन से लंबा जुड़ाव रहा. 2005 में जनमिलिशिया सदस्य के रूप में शुरुआत करने वाली जानसी को 2006 में माओवादी कमांडर रनिता ने संगठन में भर्ती किया. इसके बाद उन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में काम किया, जिसमें 2007 में गार्ड, 2008 से 2011 तक प्रेस संबंधी कार्य, और 2014 से 2022 तक नगरी एरिया कमेटी में कमांडर के पद शामिल हैं. 2022 से वह नगरी एरिया कमेटी की सचिव थीं.  लल्लूराम की खबर के मुताबिक जानसी ने बताया कि माओवादी संगठन अब निर्दोष ग्रामीणों की हत्या, विकास कार्यों में बाधा, ठेकेदारों से अवैध वसूली और युवाओं को जबरन भर्ती करने का अड्डा बन चुका है. संगठन के बड़े कैडर छोटे कार्यकर्ताओं का शोषण करते हैं और स्थानीय लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काते हैं. 2011 में डीव्हीसीएम सत्यम गावड़े से शादी करने वाली जानसी, उनके मुठभेड़ में मारे जाने के बाद मानसिक रूप से टूट गईं. जंगल की मुश्किल जिंदगी और आत्मसमर्पण करने वाले साथियों के बेहतर जीवन से प्रेरित होकर उन्होंने आत्मसमर्पण का फैसला किया. सरेंडर के बाद जानसी ने बताया कि समाचार पत्रों और गरियाबंद पुलिस के पोस्टर-पैंफलेट्स के जरिए उन्हें आत्मसमर्पण नीति की जानकारी मिली. कई अन्य माओवादी साथी जैसे आयतु, संजय, मल्लेश आदि भी इस नीति का लाभ उठा चुके हैं. सुकमा पुलिस की मदद से जानसी अब अपने परिवार के साथ नया और सम्मानजनक जीवन शुरू करना चाहती हैं.

पूर्व CM के बेटे की गिरफ्तारी चुनौती पर आज सुनवाई, ED की बड़ी कार्रवाई संभव

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला से जुड़े मामले में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ प्रवतर्न निदेशालय (ED) कोर्ट में चालान पेश कर सकती है. ईडी की न्यायिक रिमांड पर चैतन्य बघेल रायपुर जेल में बंद है. ईडी की विशेष कोर्ट में चैतन्य बघेल के खिलाफ चालान पेश किया जा सकता है. शराब घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने पूर्व सीएम के बेटे को गिरफ्तार किया था. पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल की ओर से गिरफ़्तारी को लेकर हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर आज सुनवाई होनी है. ईडी की गिरफ्तार को चुनौती दी गई है. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की ओर से आज सिंगल बैंच में जवाब प्रस्तुत किया जाएगा. बता दें कि चैतन्य को 18 जुलाई 2025 को भिलाई से ईडी ने गिरफ्तार किया था. बीते दिनों चैतन्य ने अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था और उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया था. इसके बाद चैतन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें दावा किया गया है कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और ईडी ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया. इस मामले में जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में लगातार सुनवाई जारी है