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धमतरी सड़क हादसे की दर्दनाक घटना: बीच सड़क पलटा वाहन, एक की मौत, आठ घायल

धमतरी धमतरी जिले में फिर एक सड़क हादसा हुआ है। जिसके चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि लगभग आठ लोग घायल हो गए है। इस घटना से वाहन में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त को पटेल समाज का शपथ ग्रहण कार्यक्रम सिहावा गए थे। कार्यक्रम होने के बाद सभी तूफान वाहन से वापस लौट रहे थे, तभी सिक्सलेन विशाखापट्टनम रोड से वापस आ रहे थे कि राजपुर के आगे सड़क पर रखे मुरुम के ऊपर वाहन चढ़ने से वाहन पलट गया। इस हादसे के बाद वाहन में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। दुर्घटना में मेघा निवासी बुजुर्ग सुखाऊ राम पटेल 65 वर्ष पुत्र बुधराम की मौत हो गई। जबकि लगभग आठ लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर कुरूद और मगरलोड पुलिस पहुंच गई थी। घायलों को 108 एंबुलेंस से कुरूद इलाज के लिए भेजा गया। मृतक का शव पंचनामा के बाद मगरलोड पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों में कुमार पटेल 58 वर्ष पुत्र ठाकुर राम ग्राम मंदरौद, मनोज पटेल 46 वर्ष पुत्र भीषण पटेल ग्राम खैरा, पुरुषोत्तम पटेल 32 वर्ष पुत्र ललित पटेल ग्राम मेघा, तुलसीराम पटेल 45 वर्ष पुत्र गुलाब राम ग्राम कोकड़ी, नीरज पटेल 35 वर्ष पुत्र थनेश्वर पटेल ग्राम सेलदीप इसके अलावा लगभग चार लोग और घायल हैं। बताया जा रहा है कि मृतक सुखाऊ राम पटेल वाहन मालिक था, इनका कोई रिश्तेदार वाहन चला रहा था। ग्रामीणों ने बताया है कि सिक्स लेन निर्माण के दौरान ठेकेदार की बड़ी लापरवाही है। सड़क के बीचों बीच मुरूम रख दिया गया है। वहां पर लगभग सड़क पूरा बन चुका है और कई वाहन आना-जाना भी कर रहे हैं। रात के अंधेरे में बीच में रखा मुरूम नहीं दिखा। इस पर चढ़ने के बाद वाहन पलट गया। सड़क अभी पूरी बनी भी नहीं है और हादसे होने लगे हैं।

समाजसेवा की प्रतीक मिनीमाता को सीएम साय ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा एवं उत्थान के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी ने सामाजिक कुरीतियों, बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी बुराइयों के खिलाफ दृढ़ता से आवाज़ उठाई और संसद में रहते हुए कई महत्वपूर्ण सामाजिक सुधारों की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी कार्यशैली में सदैव सेवा, सरलता और संवेदनशीलता झलकती थी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी का जीवन संघर्ष और सेवा का अद्वितीय उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को समाज में समानता, न्याय और भाईचारे की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर उनके आदर्शों को अपनाएँ और एक न्यायपूर्ण एवं समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दें।

भारत में शराब की खपत में शीर्ष पर कौन सा राज्य?

रायपुर   भारत में शराब का सेवन लगातार बढ़ रहा है और हर साल इसकी खपत अरबों लीटर में पहुँच रही है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश में लगभग 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं। ऐसे में यह जानना दिलचस्प हो जाता है कि आखिर कौन सा शहर शराब पीने के मामले में सबसे आगे है। छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे ज़्यादा शराब पीने वाले लोग  ICRIER और लॉ कंसल्टिंग फर्म PLR Chambers की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में सबसे ज्यादा शराब की खपत वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का नाम सबसे ऊपर है। यहाँ कुल आबादी के लगभग 35.6% लोग शराब का सेवन करते हैं, जो एक महत्वपूर्ण आँकड़ा है। कोलकाता नहीं, दिल्ली है खपत में दूसरे नंबर पर जब बात सबसे ज्यादा शराब पीने वाले शहरों की आती है तो स्थिति थोड़ी अलग दिखती है। 2021 के एक सर्वे के अनुसार कोलकाता में शराब की खपत दर 32.9% थी। यह दर भारत के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में अधिक है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी शराब की खपत कोलकाता जितनी ही या उससे भी ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार अकेले पश्चिम बंगाल में लगभग 1.4 करोड़ लोग शराब पीते थे। प्रमुख शहरों में शराब की खपत के आँकड़े कोलकाता के बाद शराब की खपत के मामले में दिल्ली का नंबर आता है, जहाँ 31% लोग शराब का सेवन करते हैं। इस सूची में तीसरे स्थान पर चंडीगढ़ है, जहाँ 29.1% लोग शराब पीते हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शराब पीने वालों का आँकड़ा 28.1% है, वहीं लखनऊ में यह आँकड़ा 27.9% के आसपास है। भारत के आईटी हब बेंगलुरु में शराब पीने वालों की संख्या 27.3% है। अन्य शहरों में पुणे में 26.2% और भुवनेश्वर में 24.9% लोग शराब का सेवन करते हैं। यह आँकड़े बताते हैं कि भारत के शहरी क्षेत्रों में शराब का सेवन काफी व्यापक है, और इस पर और अध्ययन की आवश्यकता है ताकि इसके सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभावों को समझा जा सके।  

रायपुर रेलवे स्टेशन पर टू-व्हीलर पार्किंग को लेकर नया विवाद, क्या हुई लोकेशन में तब्दीली?

रायपुर  क्या रायपुर रेलवे स्टेशन में टू व्हीलर पार्किंग की जगह बदल गई है ? अब कार पार्किंग के साथ टू व्हीलर भी खड़ी कर सकेत है ? तस्वरों को देखकर तो यही लग रहा है, लेकिन ऐसा है नहीं. दरअसल रायपुर रेलवे स्टेशन में टू व्हीलर पार्किंग और 4 व्हीलर पार्किंग का संचालन एक ही पार्किंग ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है. यही कारण है कि कमर्शियल विभाग के अधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुए अब कार पार्किंग में टू व्हीलर पार्किंग शुरू हो गई है. तस्वीरों और कार्रवाई न होना इस ओर इशारा करता है कि कमर्शियल विभाग के अधिकारियों ने संभवतः अपनी मौन सहमति दे रखी हो. जबकि यहां गाड़ी खड़े किए जाने को लेकर विवाद कोई नया नहीं है. पार्किंग ठेकेदार इतने निश्चिंत हो गए है कि उन्होंने बकायदा कार एक्जिट के पार्किंग में एक फ्लेक्स भी लगा दिया है, जिसमें बड़ी चालाकी से ये लिखा गया है कि आते समय पर्ची अवश्य ले और जाते समय पर्ची अवश्य दे. अब सवाल ये है कि कार पार्किंग के एग्जिट प्वाईंट में पर्ची अवश्य ले, ये किस उद्देश्य से लिखा गया है ? और क्या ये फ्लैक्स रेलवे अधिकारियों को नजर नहीं आया!

वित्त विभाग की देरी से छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में गेस्ट लेक्चरर्स पर बढ़ा निर्भरता

रायपुर राज्य में स्कूली शिक्षा के लिए पांच हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं उच्च शिक्षा में अभी तक सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। लिहाजा, इस सत्र में भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही कॉलेज चलेंगे। कांग्रेस की पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान 2019 में 1384 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती हुई थी। इसके बाद 2021 में शासकीय कॉलेजों में प्रोफेसर के 595 पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाला गया। अभी तक ये भर्ती प्रक्रिया छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चल रही है। वहीं सहायक प्राध्यापकों की भर्ती का प्रस्ताव अभी तक वित्त विभाग में अटका हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक वित्त विभाग को उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए पहले ही प्रस्ताव भेजा था मगर अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। सहायक प्राध्यापक के इतने पद खाली बता दें कि सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 5, 315 पद हैं। इनमें से 3,146 पद स्वीकृत हैं और 2,169 पद रिक्त हैं। इसी तरह प्राचार्य के 335 पद स्वीकृत है, इनमें आधे से अधिक पदों पर प्रभारी हैं। नियमित भर्ती नहीं होने से हर साल उच्च शिक्षा विभाग को अतिथि शिक्षकों की मदद लेनी पड़ रही है। अतिथि व्याख्याताओं को कालखंड के आधार पर वेतन नई अतिथि व्याख्याता नीति के अनुसार कॉलेजों प्रति कालखंड 40 से 45 मिनट पढ़ाने पर अतिथि व्याख्याताओं को 400 रुपये और सहायक अतिथि व्याख्याताओं को 300 रुपये मिलेंगे। यदि कोई अतिथि व्याख्याता एक दिन में चार कालखंड पढ़ाते हैं तो उन्हें प्रतिदिन 1600 रुपये मिलेंगे। महीने में अधिकतम 50 हजार रुपये सैलरी उठा सकेंगे। इसी तरह सहायक अतिथि व्याख्याता भी 35,000 रुपये प्रति महीने कमा सकेंगे। खेल अधिकारी और ग्रंथपाल का वेतन 40,000 रुपये होगा। इतने पदों पर हुई थी स्कूली शिक्षकों की भर्ती स्कूल शिक्षा विभाग कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 और 2023 में क्रमशः 14,580 और 12,489 पदों का विज्ञापन जारी किया गया था। बावजूद इसके, सेवानिवृत्ति और पदोन्नति के कारण बड़ी संख्या में पद अब भी खाली हैं। लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार 15 जून 2025 तक स्कूल शिक्षा विभाग में कुल 2,00,180 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 30,561 पद सीधी भर्ती के लिए रिक्त हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सहायक शिक्षक के 81,721 स्वीकृत पदों में से 18,983 पद खाली हैं। सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला) के 8,337 में से 1,599, शिक्षक के 61,432 में से 4,384, कृषि शिक्षक के 324 में से 150 तथा व्यायाम शिक्षक के 48,316 में से 5,445 पद रिक्त हैं। वर्तमान में भी कई विद्यालयों में एकल शिक्षक व्यवस्था चल रही है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी अधिक महसूस की जा रही है।

दुर्लभ प्रवासी परिंदे की वापसी! खैरागढ़ में दिखा ग्रेटर सैंड प्लोवर

राजनांदगांव छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर प्रवासी और दुर्लभ पशु-पक्षी समय समय पर दिखते रहते हैं। खैरागढ़ में हालहीं में दो ग्रेटर सैंड प्लोवर की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह 2022 के बाद से जिले में पहला पुष्टि किया गया रिकार्ड है। तीन साल पहले प्रकृति शोध एवं संरक्षण कल्याण समिति के सदस्य दनेश सिन्हा ने इस प्रजाति का फोटोग्राफ लिया था। इस बार मध्य भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवलोकन में वन्यजीव फोट्रोग्राफर और संरक्षणकर्मी प्रतीक ठाकुर ने इस दुर्लभ पक्षी को कैद किया है। बता दें कि ग्रेटर सैंड प्लोवर, एक प्रवासी तटीय जलपक्षी, मध्य एशिया के ऊंचे और शुष्क क्षेत्रों में प्रजनन करता है और आमतौर पर सर्दियों में तटीय कीचड़ भरे मैदानों और मुहानों में पाया जाता है। छत्तीसगढ़ के अंदरूनी हिस्सों में इसकी उपस्थिति दुर्लभ है और प्रवासी मार्गों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। उसी आर्द्रभूमि में अन्य प्रवासी जलपक्षी भी देखे गए, जिनमें कामन सैंडपाइपर, ग्रीन सैंडपाइपर और वुड सैंडपाइपर शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले सालों के रिकॉर्ड     रायपुर – 2017, 2019, 2021     धमतरी – 2022     बिलासपुर – 2024 वेटलैंड के संरक्षण की जरुरत वेटलैंड्स क्षेत्रों में कई प्रकार के पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। जशपुर जिले में भी सावेरियन प्रवासी पक्षियों को देखा जाता है। जो जलीय स्थानों के आस-पास आकर अपना डेरा डालते हैं। ऐसे में राज्य में वेटलैंडो का संरक्षण जरूरी है। इससे जैव विविधता को लाभ मिलेगा। बता दें कि खैरागढ़ से यह ताज़ा अवलोकन दर्शाता है कि अंदरूनी आर्द्रभूमियां प्रवासी समुद्री पक्षियों के लिए संभावित विश्राम स्थल के रूप में कितनी महत्वपूर्ण हैं। ठाकुर ने कहा, इन समुद्री पक्षियों के मार्गों को समझने के लिए व्यवस्थित और व्यापक सर्वेक्षण की तत्काल आवश्यकता है और इन आवासों के संरक्षण की जरूरत पर बल दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- दूरस्थ अंचलों तक बैंकिंग सेवाएं पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता

ग्राम आरा, कुडे़केला और छिछली में शुरू हुई नई बैंक शाखाएं 23 ग्राम पंचायतों एवं 48 आश्रित ग्रामों के लगभग 44 हज़ार लोगों को मिलेगा लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य और जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को वित्तीय सेवाएं उनके ही गाँव में सुलभ हों। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाएं न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देती हैं, बल्कि शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी आधार बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के बगिया ग्राम में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जशपुर विकासखंड के ग्राम आरा, पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम कुडे़केला (घरजियाबथान) और बगीचा विकासखंड के ग्राम छिछली में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नई शाखाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 12वें वार्षिक प्रतिवेदन का भी विमोचन किया। 44 हज़ार से अधिक ग्रामीण होंगे लाभान्वित मुख्यमंत्री साय ने कार्यकम को वर्चुअली संबोधित करते हुए  कहा कि जशपुर जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन नई शाखाओं के शुरू होने से 23 ग्राम पंचायतों और 48 आश्रित ग्रामों के लगभग 44 हज़ार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन की बचत होगी। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिलेगी वित्तीय सेवाएं मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि जशपुर जिले की 268 पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू किए गए हैं, जिनके माध्यम से अब तक लगभग 15 करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। आगामी पंचायत दिवस तक जिले की सभी पंचायतों में ये सुविधा केंद्र प्रारंभ करने की योजना है। इन केंद्रों से ग्रामीणों को उनके गाँव में ही बैंकिंग, बीमा और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी। जशपुर जिले के ग्राम छिछली की सरपंच श्रीमती अनिमा मिंज, आरा के सरपंच श्री मनोज भगत और कुडे़केला के सरपंच श्रीमती शशिकांता पैंकरा ने कहा कि नई बैंक शाखाओं से अब उनके क्षेत्र के ग्रामीणों को सभी बैंकिंग सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। ग्राम पंचायत आरा से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती रायमुनी भगत  ने कहा कि बैंक खुलने से हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ सीधे बैंक के माध्यम से हितग्राहियों को मिलेगा। ग्राम कुडे़केला से वर्चुअली जुड़ी विधायक गोमती साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों में वित्तीय जागरूकता बढ़ी है और अब 3 नए ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में  गति आएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। इन 3 नई शाखाओं के खुलने से जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की कुल शाखाओं की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। कैंप कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत सदस्य वेद प्रकाश भगत, उपेन्द्र यादव,  सुनील गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन विनोद अरोड़ा सहित तीनों ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीण वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के 141879 किसानों को 152.84 करोड़ रुपये का दावा भुगतान

11 अगस्त को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम का होगा पात्र बीमित किसानों के खाते में सीधे अंतरण रायपुर,  भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के एक लाख 41 हजार 879 पात्र बीमित किसानों को कुल 152 करोड़ 84 लाख 62 हजार रुपये का दावा राशि का भुगतान राष्ट्रव्यापी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से किया जाएगा। जिसमें खरीफ सीजन 2024 के 33 हजार 943 पात्र किसानों को 10 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपये तथा रबी सीजन 2024-25 के एक लाख 7 हजार 936 पात्र किसानों को 142 करोड़ 58 लाख 65 हजार रुपये का दावा भुगतान शामिल है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यह भुगतान 11 अगस्त 2025 (सोमवार) को राष्ट्रव्यापी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण आधारित स्वचालित प्रणाली के माध्यम से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित कार्यक्रम में होगी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा होंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किशोरी लाल मीना विशिष्ट अतिथि होंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से आरंभ होगा। छत्तीसगढ़ के पात्र बीमित कृषकों को वर्चुअल मोड से कार्यक्रम में शामिल करने हेतु जिला स्तर पर कार्यालय उप संचालक कृषि तथा विकासखण्ड स्तर पर कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी कृषक इसका हिस्सा बन सकें। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने इस अवसर पर कहा कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे प्रभावी कार्यक्रम किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल हानि से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह दावा भुगतान हमारे कृषकों के विश्वास और आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगा। हमारी सरकार खेती को लाभकारी बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक तकनीक के प्रसार और फसल विविधीकरण के माध्यम से प्रदेश की कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित है।

खेल में चमकी महासमुंद की बेटी दिव्या रंगारी, करेगी राष्ट्रीय बास्केटबॉल कैंप में प्रतिभा का प्रदर्शन

राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रशिक्षण शिविर के लिए चेन्नई रवाना रायपुर एफआईबीए अंडर 16 एशियन वूमेंस चौंपियनशिप 2025 का आयोजन मलेशिया में 14 से 20 सितम्बर 2025 तक आयोजित किया जाना है। जिसके लिए बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 10 अगस्त से 12 सितंबर 2025 तक नेशनल स्पोर्ट्स सेंटर चेन्नई में आयोजित किया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल एसोसिएशन द्वारा छत्तीसगढ़ से एकमात्र बास्केटबॉल खिलाड़ी महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी शामिल होने आज चेन्नई के लिए रवाना हुई। एशिया कप एसएबीए क्वालिफायर चौंपियनशिप मालदीप में दिव्या ने स्वर्ण पदक जीता था। साऊथ एशियन जोन की टीम के चयन हेतु अंडर 16 एशिया कप क्वालिफायर बास्केटबॉल चौंपियनशिप का आयोजन 12 से 15 जून 2025 तक मालदीप में आयोजित किया गया था जिसमें भारतीय टीम ने बेहतर प्रदर्शन करने के साथ चौंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता एवं एशियन चौंपियनशिप मलेशिया के लिए क्वालीफाई किया था। भारतीय टीम में महासमुंद छत्तीसगढ़ से दिव्या रंगारी ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया। दिव्या रंगारी मिनी स्टेडियम महासमुंद में नियमित अभ्यास करते हुए राष्ट्रीय चौंपियनशिप में शामिल होने के साथ ही इंडिया टीम में जगह बनाने में सफल रहीं हैं। इससे पहले दिव्या ने 48 वीं सब जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चौंपियनशिप अगस्त 2023 पांडिचेरी में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम से खेलते हुए स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही हैं जिसमें दिव्या ने अच्छा प्रदर्शन किया था। महासमुंद जिले में बास्केटबॉल खेल का अभ्यास प्रतिदिन स्थानीय मिनी स्टेडियम महासमुंद में किया जाता हैं। जिसमें आसपास क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्र के बच्चे शामिल होते हैं। जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भागीदारी करने के साथ ही पदक जीतने में सफल रहे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले – नक्सलवाद के खात्मे के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग जरूरी

अंदरूनी इलाकों में सड़क और भवन निर्माण कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश रायपुर, उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की सुदृढ़ रणनीति और सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई के चलते नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और इसके खात्मे के लिए समाज के हर वर्ग का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा अपने सुकमा प्रवास के दौरान समीक्षा बैठक में कही। सुकमा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस अहम समीक्षा बैठक में व्यापारी संगठन, सड़क और खदान निर्माण से जुड़े संघटन, सर्व आदिवासी समाज, जनजाति सुरक्षा मंच, अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र के मोबाइल और मेडिकल दुकान संचालक, वनवासी कल्याण समिति तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिले के विकास, सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुकमा की जनता अब विकास की राह पर आगे बढ़ रही है और गुमराह करने वाले तत्वों का प्रभाव खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अंदरूनी इलाकों में विकास कार्यों में जनसहभागिता बढ़ रही है, वह इस बात का संकेत है कि जल्द ही शांति, सुरक्षा और विश्वास के साथ विकास की गति और तेज होगी तथा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों को अधिक संसाधनों के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों में कार्य करने वालों को सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और पुलिस विभाग निभाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय युवाओं को इन निर्माण कार्यों में प्राथमिकता दी जाए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलें और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ पर सख्ती से नियंत्रण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सुकमा जिले में लघु वनोपज की अपार संभावनाएं हैं और इनके प्रसंस्करण से स्थानीय लोगों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने स्व सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए लघु और कुटीर उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार करने और निर्माण कार्यों के टेंडर में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। श्री कश्यप ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर संभाग से नक्सलवाद का जड़ से उन्मूलन करने के लिए सभी को अपने मन में दृढ़ संकल्प के साथ काम करना होगा और शासन की योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य  दीपिका सोरी, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम, कोरसा सन्नू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुन्दरराज पी., डीआईजी कमलोचन कश्यप, एसपी  किरण गंगाराम चव्हाण, डीएफओ अक्षय कुमार भोंसले, अतिरिक्त कलेक्टर गजेन्द्र सिंह ठाकुर, जिला पंचायत के सीईओ मुकुंद ठाकुर सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित विभिन्न वर्गों और संगठनों ने नक्सलवाद के उन्मूलन और जिले के सर्वांगीण विकास के लिए अपने-अपने सुझाव और समर्थन प्रस्तुत किए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह सामूहिक प्रयास ही सुकमा को नक्सलवाद मुक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।