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रायपुर : प्रदेश में अब तक 624.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 624.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 953.2 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 324.7 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले मे 580.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 553.5 मि.मी., गरियाबंद में 496.1 मि.मी., महासमुंद में 536.3 मि.मी. और धमतरी में 498.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 671.6 मि.मी., मुंगेली में 678.7 मि.मी., रायगढ़ मंे 778.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 849.9 मि.मी., कोरबा में 681.7 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 620.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 579.2 मि.मी., सक्ती में 721.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 506.5 मि.मी., कबीरधाम में 471.8 मि.मी., राजनांदगांव में 551.8 मि.मी., बालोद में 591.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 790.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 450.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 443.9 मि.मी., सूरजपुर में 775.3 मि.मी., जशपुर में 705.8 मि.मी., कोरिया में 711.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 674.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 723.2 मि.मी., कोंडागांव में 477.8 मि.मी., नारायणपुर में 592.2 मि.मी., बीजापुर में 803.9 मि.मी., सुकमा में 494.4 मि.मी., कांकेर में 642.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 662.0 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर कहर: 20 महीने में 445 ढेर, 1554 की गिरफ्तारी

रायपुर प्रदेश में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले 20 महीने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। राज्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी मारे गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। ये जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में दी। संसद भवन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री शाह से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य सरकार की समन्वित विकास और सुरक्षा नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया। अमृत रजत महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

रायपुर की धरती के नीचे छुपा है 2100 साल पुराना इतिहास, खुदाई में मिले चौंकाने वाले साक्ष्य

रायपुर महादेव घाट के पास गिरिजा शंकर स्कूल के पीछे लगभग 2,100 साल पुराने अवशेष मिलने का दावा किया जा रहा हैं। एक निजी जमीन को समतल करते समय यह खोज हुई। इसके बाद पुरातत्व विभाग ने इस क्षेत्र को संरक्षित करने का निर्णय लिया है। मार्च महीने में एक निजी मालिक अपनी 36 एकड़ जमीन को समतल करवा रहे थे। तभी खुदाई के दौरान उन्हें एक से दो फीट की गहराई पर कुछ प्राचीन वस्तुएं मिलीं। इन वस्तुओं में लोहे के बाल, शील-बट्टा, पुराने पत्थर और मिट्टी के बर्तन शामिल हैं। इधर, जानकारी मिलते ही पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच के बाद एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति ने पूरे क्षेत्र का गहन सर्वेक्षण किया और अपनी रिपोर्ट कलेक्टर व राज्य सरकार को सौंपी। समिति की रिपोर्ट के अनुसार यह स्थल ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां जमीन के 30 फीट नीचे महल और किले जैसी और भी कई प्राचीन संरचनाएं मिलने की संभावना है। इसी वजह से प्रशासन ने इस जमीन पर सभी तरह के निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है। 2,100 साल पुरानी सभ्यता के संकेत शुरुआत में मिले अवशेषों को देखकर अधिकारियों ने इसे कलचुरी काल (लगभग 1,000 साल पुराना) का माना था। हालांकि बाद में मिले और भी साक्ष्यों की गहन जांच के बाद यह स्थल 2,100 साल से भी अधिक पुराना है। यह खोज रायपुर में रींवा की तरह ही एक बड़ी पुरातात्विक उपलब्धि साबित हो सकती है। पुरातत्वविदों का मानना है कि यह जगह कभी एक टीले के रूप में रही होगी। क्योंकि यह खारुन नदी के तट पर स्थित है। प्राचीन सभ्यताओं में लोग अक्सर नदी किनारे ही बसते थे। इसलिए यह संभावना बहुत अधिक है कि इस जगह पर कोई प्राचीन बस्ती या शहर बसा हुआ था। जमीन को हैंडओवर करने की तैयारी खुदाई का काम शुरू करने के लिए पुरातत्व विभाग ने शासन-प्रशासन से इस 36 एकड़ जमीन को अपने अधिकार में लेने की मांग की है। इसके लिए विभाग की ओर से पत्र भी भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार जमीन के मालिक यानी निजी बिल्डर यहां निर्माण कार्य शुरू करने पर अड़े हुए हैं। वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द उन्हें काम करने की अनुमति मिल जाए। महादेव घाट के पास लगभग 2,100 साल पुराने अवशेष मिलने की संभावना है। क्योंकि यहां एक से दो फीट की गहराई पर कुछ प्राचीन वस्तुएं मिलीं। इन वस्तुओं में लोहे के बाल, शील-बट्टा, पुराने पत्थर और मिट्टी के बर्तन शामिल हैं।- प्रताप पारख, उप संचालक, पुरातत्व विभाग

मुख्यमंत्री साय की दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग, बस्तर और विकास एजेंडे पर मंथन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शनिवार सुबह रायपुर लौट आए। इस दौरे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ के विकास, बस्तर की पहचान और बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि दिल्ली दौरे में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा आलाकमान से हुई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विजन "अंजोर@2047", राज्य के राज्योत्सव, और अगले छह महीनों तक चलने वाले आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीएम साय ने बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इसे 'खेलो इंडिया ट्राइब गेम्स' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे बस्तर को नई सांस्कृतिक और खेल पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलताएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार दिल्ली दौरे की एक और अहम उपलब्धि रही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत। सीएम साय ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान से इस विषय पर गहन चर्चा हुई है और संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। सीएम साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय कुल 12 मंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद दो मंत्री पद रिक्त हो गए, जिन्हें भरने की कवायद कई बार शुरू होकर भी अधूरी रह गई थी। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकल जाएगा।  

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान बने खाबो-बने रहिबो

एमसीबी   वरिष्ठ खाद्य अधिकारी के जानकारी अनुसार  राज्य शासन एवं श्री दीपक कुमार अग्रवाल (आई.ए.एस.) नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य जनित बीमारियों, संक्रमण की रोकथाम एवं जन-सामान्य को सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराए जाने हेतु विभाग प्रतिबद्ध है। स्ट्रीट फूड वेन्डर्स, हैण्डलर, खाद्य सेवा प्रदायकर्ताओं से विशेषकर वर्षा ऋतु के दौरान खाद्य पदार्थों के सुरक्षित हैंडलिंग, खाद्य पदार्थ की स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता, ताजे एवं स्वच्छ भोजन जन-सामान्य को परोसे जाने की अपेक्षा की जाती है। उक्त निर्देश के परिपालन में 04 अगस्त, 05 अगस्त एवं 06 अगस्त 2025 को "बने खाबो-बने रहिबो" अभियान के तहत व्यापक तौर पर राज्य के संपूर्ण जिले के साथ जिला-मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा स्ट्रीट फूड वेन्डर्स एवं खाद्य बनाकर परोसने वाले संस्थानों, रेस्टोरेंटों एवं मिठाई दुकानों का सघन जांच एवं निरीक्षण किया जाएगा। मौके पर उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य के बारे में जानकारी भी दी जाएगी।

50 साल पुरानी भारतीय डाकघर की रजिस्ट्री को अलविदा

बाय ,,,,,, बाय ,,,,,,, रजिस्ट्री एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ कभी यही रजिस्ट्री हमारे रिश्तों, खबरों और सरकारी कामों की सबसे बड़ी गवाह हुआ करती थी।वही  सात समुन्द्र पार मीलों का सफ़र तय कर, डाकिया घंटी बजाता और दरवाजे मे दस्तक के साथ लाता था — विश्वास और भरोसे की मुहर। आज आधुनिक  तकनीक  ने डाकघर की उस पुरानी रजिस्ट्री को पीछे छोड़ दिया है। जैसे ई-मेल, व्हाट्सऐप और ऑनलाइन सेवाओं ने उसके महत्व को कम कर दिया। फिर भी, 50 साल पुरानी वह रजिस्ट्री केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और इतिहास की याद है। हमारी चिट्ठी पत्री पहुँचाने का सबसे किफायती और भरोसेमंद साधन है लेकिन इसकी एक सर्विस के माध्यम से लीगल नोटिस और महत्त्वपूर्ण सरकारी फरमान के लिए इससे भरोसे की कोई सर्विस नही है।  मगर आगे से ऐसा नहीं होगा. भारतीय डाक विभाग ने अब अपनी 50 साल से भी अधिक पुरानी प्रतिष्ठित सेवा को समाप्त (india says goodbye to respected postal tradition) करने की घोषणा कर दी है. एक सितंबर से नागरिक अपने पार्सल को विश्वसनीय और सस्ती रजिस्ट्री के माध्यम से नहीं भेज पाएंगे. फिर क्या होगा ? बताते हैं। स्पीड पोस्ट से स्पीड मिलेगी वंही एमसीबी जिला के निवासी अधिवक्ता संजय गुप्ता ने बताया की भारतीय डाक विभाग ने इस सेवा को अपनी महंगी स्पीड पोस्ट सेवा में विलय करने का आदेश जारी कर दिया है. तथा  अब हर पार्सल या कागज पत्री पर मोटा-माटी दोगुना 'लगान' देना होगा. उदाहरण के लिए, अब तक जो 20 ग्राम का पार्सल लगभग 26-27 रुपये में रजिस्ट्री हो जाता था, उसे स्पीड पोस्ट से भेजने के लिए 41 रुपये चुकाने होंगे, जो लगभग 75 फीसदी ज्यादा हुआ. जिसकी वजह से आम जन को उक्त सेवा के लिए अतिरिक्त राशि चुकाने पर सेवा प्राप्त होगी।  तो आइए कहें – “धन्यवाद भारतीय डाक, धन्यवाद रजिस्ट्री… अब वक्त है आपको बाय-बाय कहने का।”…….

जिला एम सी बी के स्काउट्स एवं गाइड्स साहसिक शिविर जलकी सिरपुर में हुए शामिल

एमसीबी भारत स्काउट्स एवम गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ सोमनाथ यादव एवम राज्य सचिव कैलाश सोनी के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़  शासन स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से साहसिक प्रशिक्षण संस्थान सिरपुर ग्राम जलकी जिला महासमुंद  में पर्वतारोहण,  व्यक्तित्व विकास एवं आपदा प्रबंधन शिविर 28  से 31 जुलाई 2025 तक आयोजित की गई जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी सह पदेन जिला आयुक्त स्काउट आर.पी.मिरे के आदेशानुसार ,राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट शैलेन्द्र मिश्रा के मार्गदर्शन एवम  जिला संगठन आयुक्त स्काउट दान बहादुर सिंह  के नेतृत्व में एमसीबी जिला के तीनों विकास खंड खड़गवां, मनेन्द्रगढ़ ,भरतपुर से 15 स्काउट 15 गाइड एव प्रभारी गाइडर सुमित्रा यादव के साथ सम्मिलित हुए। इस साहसिक प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत स्काउट्स एवम गाइड्स ने जलकी  में स्थित एडवेंचर पॉइंट्स मंकी ब्रिज,सस्पेंसन ब्रिज,बैलेंसिंग रोप,नौका विहार आदि   साहसिक गतिविधियां किये।  साथ ही सिरपुर संग्रहालय का भ्रमण  करके पुरातात्विक धरोहरों का अवलोकन किये,,लक्ष्मणेश्वर मंदिर,गंधेश्वर मंदिर ,युधिष्ठिर मंदिर का भ्रमण करते हुए स्थानीय निवासियों के जीवन शैली के बारे में जानकारी प्राप्त किये।शिविर में   सेजेस खड़गवां से अजय,महेश,सतेंद्र,साहित्य हाई स्कूल मझौली से सरसती,अंशिका हायर सेकंडरी स्कूल उधनापुर से विनोद कुमार,आकाश कुजूर शा  कन्या उ मा विद्यालय चिरमिरी से गौरी मनहर,सीमा प्रजापति ,हाई स्कूल बंजारीडाँड़ से संजना राजवाड़े,प्रीति सिंह, शा उ मा विद्यालय बुंदेली से हर्षित टोप्पो,कुलदीप सिंह ,शा उ मा विद्यालय नागपुर से ओम जायसवाल, दुर्गेश साहू ,शा हाई स्कूल भल्लोर से प्रिया,दुर्गावती ,शा कन्या उ मा विद्यालय (शिवि) मनेन्द्रगढ़ से  नंदनी सिंह, सुलोचनी सिंह ,सिमरन एक्का सेंट जोसेफ झगराखण्ड से प्रिंस जांगड़े,आदित्य मोहन बियानी उ मा विद्यालय कलम बड़ेरी से लालिमा सिंह, रेशमा वर्मा, लक्ष्मण सिंह न्यू लाइफ उ मा विद्यालय जनकपुर से सत्येंद्र यादव,कमलेश चौधरी,काजल पांडेय,रुचि यादव  शामिल हुए।  इस शिविर में  छत्तीसगढ़ राज्य से कुल 97 प्रतिभागी शामिल हुए जिसमें सफलता पूर्वक शिविर सम्पन्न करके सभी प्रतिभागियों के वापसी होने पर जिले के  तीनों विकास खंड शिक्षा अधिकारी खड़गवां,मनेन्द्रगढ़ एवम भरतपुर  बलविंदर सिंह,  श्री गोपाल कृष्णा दुबे एवं  इस्माइल खान ,सहायक राज्य संगठन आयुक्त  जेरमिना एक्का जिला संघ एम सी बी के जिला मुख्य आयुक्त राजकुमार गुप्ता, जिला सचिव अशोक साहू जिला आयुक्त गाइड रश्मि रानी गुप्ता,जिला संगठन आयुक्त गाइड सोनम कश्यप जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट शान्तनु कुर्रे ,प्राचार्य गण ,पालकों सभी यूनिट लीडर्स श्री सत्येंद्र सिंह व टी विजय गोपाल राव ने बधाई एवम शुभकामनाएं प्रेषित की।

लापता हुईं दो नाबालिग बहनें, पुलिस ने दर्ज किया मामला

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में दो बहनें अचानक लापता हो गई हैं. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. दोनों की उम्र 9 और 11 साल बताई जा रही है. काफी देर तक खोजबीन के बाद कुछ पता नहीं लगने पर परिजनों ने पुलिस थाने पहुंचकर अपहरण की शिकायत दी. पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के वार्ड 9 का है, जहां रहने वाली दो बच्चियां अचानक लापता हो गई. 9 साल की बालिका चौथी कक्षा के बाद से स्कूल छोड़ चुकी है. गुरुवार को वह अपने रिश्ते के भाई के 6 साल के बेटे को स्कूल छोड़ने के लिए गई थी. इस दौरान उनके साथ लड़के के 11 साल की बड़ी बहन भी थी. दोनों भाई को स्कूल छोड़कर घर वापस नहीं लौटी. खेत से लौटकर परिजनों ने दोनों बच्चियों को ढूंढने की कोशिश की तो उनका कुछ पता नहीं चला और देर शाम हो गई. परिजनों ने बिल्हा थाने पहुचंकर शिकायत दर्ज कराई. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस जांच में जुट गई. जीआरपी से भी सहयोग माँगा गया है. लगातार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

नई ट्रेन सेवा की सौगात, रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दी जानकारी

रायपुर, छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भारत सरकार के रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को 3 अगस्त 2025 को हरी झंडी दिखाई जाएगी। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि भारत सरकार छत्तीसगढ़ में रेलवे सेवाओं और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य में ₹44,657 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वर्ष 2025 के बजट में छत्तीसगढ़ को रिकॉर्ड ₹6,925 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, जिनमें से 5 स्टेशनों का हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी पहले से जारी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उदाहरण हैं। रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन न केवल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे जनता को सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

अमित शाह को वामपंथी सांसदों का पत्र, छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर उठाए सवाल

रायपुर छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और मानव तस्करी मामले में सियासत गरमाई हुई है। इसकी चिंगारी अब दिल्ली तक पहुंच गई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को घेरने में लगा है। अल्पसंख्यकों को लेकर उन पर जमकर आरोप लगाये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और मानव तस्करी मामले में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को लेकर वामपंथी दलों के सांसदों ने  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को खत लिखा है। पत्र लिखकर इस संबंध में शीघ्र हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। इससे पहले प्रदेश के दुर्ग में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सांसदों ने भी सोमवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था। ननों को रिहा करने की मांग की थी। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर कथित मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में दो ननों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई बजरंग दल के एक स्थानीय पदाधिकारी की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये तीनों व्यक्ति नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्मांतरण और तस्करी कर रहे थे। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन और आईयूएमएल केईटी मोहम्मद बशीर सहित यूडीएफ सांसदों ने संसद भवन परिसर के मकर द्वार के सामने प्रदर्शन किया था। इस दौरान वे पोस्टर लिए हुए थे जिन पर ‘अल्पसंख्यकों पर हमले बंद करो’ लिखा था। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा था कि , “यूडीएफ सांसदों ने दुर्ग (छत्तीसगढ़) में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न के खिलाफ आज संसद के बाहर प्रदर्शन किया। इन निर्दोष महिलाओं ने कुछ भी गलत नहीं किया लेकिन फिर भी हिंसक भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया।” उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा-आरएसएस के परिवेशी तंत्र के तहत सभी अल्पसंख्यकों को अपराधी समझा जाता है और असामाजिक तत्वों को उनकी आस्था का पालन कर रहे नागरिकों को डराने के लिए छोड़ दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में बजरंग दल के गुंडों और पुलिस के बीच की यह जुगलबंदी भाजपा की धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति वास्तविक मंशा को दर्शाती है।” कांग्रेस नेता ने कहा कि वे ननों की तत्काल रिहाई और उनके साथ न्याय की मांग करते हैं। वेणुगोपाल और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने इसे भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर हमलों का एक और उदाहरण बताया। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और संविधान के तहत अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अब यहां जानिये क्या है पूरा मामला दुर्ग रेलवे स्टेशन में 25 जुलाई शुक्रवार को इस मामले में जमकर हंगामा हुआ था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण की आशंका को लेकर जमकर प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता स्टेशन परिसर में पहुंचे थे। जय श्रीराम के नारे लगाते हुए विरोध जताया था। स्थिति पर काबू पाने के लिये भारी संख्या में पुलिस बल और जीआरपी को मौके पर तैनात किया गया था। इस प्रकरण में जीआरपी पुलिस ने दो नन और युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है। शुरुआती जांच के बाद दो नन और युवक पर धारा 143 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है। पकड़े गये थे दो नन सिस्टर, एक युवक और  तीन आदिवासी युवतियां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दो नन सिस्टर, एक युवक और  तीन आदिवासी युवतियों को घेर रखा था। इन आदिवासी युवतियों को बहला-फुसलाकर यूपी के आगरा में ले जाने का आरोप था। जहां उनके धर्मांतरण की योजना थी। ये तीनों आदिवासी युवतियां नारायणपुर जिले के ग्राम ओरछा की निवासी थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन लड़कियों की उम्र कम है और इनमें से कोई भी आठवीं कक्षा से आगे की नहीं पढ़ी हैं। इनके माता-पिता को भी इस संबंध में जानकारी नहीं है। युवक पर ऐसे मामले में शामिल होने का आरोप छत्तीसगढ़ बजरंग दल पदाधिकारी रवि निगम ने आरोप लगाते हुए कहा कि  जो युवक पकड़ा गया था, वह पहले भी इस तरह की घटनाओं में संलिप्त रहा है। आदिवासी लड़कियों का धर्म परिवर्तन करा चुका है। राज्य में धर्म परिवर्तन के खिलाफ कठोर कानून तुरंत लागू किया जाए। मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार दुर्ग जीआरपी ने दो ननों को मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से दो ननो समेत एक युवक को जेल भेज दिया गया था। इतना ही नहीं दो ननों और युवक की गिरफ्तारी के बाद जमानत याचिका लोअर कोर्ट के बाद सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी थी। सेशन कोर्ट से जज अनीश दुबे ने कहा हमें यह प्रकरण सुनने का अधिकार नहीं है। यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला था,जिसकी सुनवाई बिलासपुर की एनआईए कोर्ट में हो सकती है। दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करने का आरोप अब इस मामले में जमकर राजनीति हो रही है। कांग्रेस और सीपीआई के प्रतिनिधि मंडल ननों से मुलाकात कर केंद्रीय जेल पहुंचे थे। मुलाकात के बाद दोनों ही पार्टियों ने सरकार पर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। दोनों ही राजनीतिक दलों ने प्रदेश की बीजेपी सरकार को आदिवासियों और ईसाईयों का विरोधी करार दिया है। वहीं सीपीआई वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात ने कहा है कि झूठे केस में ननों को गिरफ्तार करके जेल में डालना अन्याय है।