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करोड़ों का करियर छोड़ रचा इतिहास, दीपक को मिला संवाद लेखन का राष्ट्रीय पुरस्कार

बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा के दीपक किंगरानी को साल 2023 के लिये राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उन्हें सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखन का पुरस्कार मिला है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश का मान बढ़ा है। मनोरंजन जगत में हर्ष की लहर है। छोटे से कस्बे भाटापारा से ताल्लुक रखने वाले दीपक मानते हैं कि सिनेमा सीखने का सबसे सही तरीका है, अच्छा सिनेमा देखना। उनकी लिखी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ इन पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार की दौड़ में शामिल रही। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके सिनेमा में अपनी किस्मत आजमाने मुंबई पहुंचे दीपक किंगरानी ने लंबे संघर्ष के बाद सफलता देखी है और इसके लिए वह उन सबका एहसान मानते हैं जिन्होंने उनके सपने को साकार किया। उनकी लिखी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ साल 2023 की रिलीज हिंदी फिल्मों में सबसे अच्छी फिल्म मानी गई थी।  राष्ट्रीय फिल्म जीत चुके हैं दीपक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके दीपक किंगरानी ने कहीं से भी स्क्रिप्ट राइटिंग जैसा कोई कोर्स नहीं किया है। उन्होंने 27 मई 2023 को अमर उजाला में दिये अपने साक्षात्कार में कहा था कि तमाम अंग्रेजी फिल्मों की पटकथाओं ने मेरी मदद की। भारत में अभी इसकी अधिक उपलब्धता नहीं है लेकिन विदेश में रिलीज हो चुकी फिल्मों की पटकथाएं आसानी से मिल जाती हैं, तो पहले मैं एक फिल्म देखता था। फिर उस फिल्म को दोबारा देखता था, उसकी पटकथा को अपने लैपटॉप पर खोलकर। मैं दोनों चीजें समझता और ये समझता कि किसी दृश्य को जमाने, उसे आगे बढ़ाने और फिर एक दृश्य से दूसरे दृश्य तक जाने का खास बिंदु क्या होगा। बस, मैंने पटकथा लेखन ऐसे ही सीखा, मैं कभी किसी फिल्म स्कूल नहीं गया।” शौक के लिये छोड़ी थी लाखों पैकेज की नौकरी भाटापारा और रायपुर से स्कूल और ग्वालियर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले दीपक को सिनेमा का शौक शुरू से ही रहा है। सिनेमा कैसे बनता है, इसमें उनकी दिलचस्पी इंजीनियरिंग की पढ़ाई ने जगाई। इंजीनियरिंग करने के बाद वो लंबे समय तक नौकरी के सिलसिले में विदेश में रहे। हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ लेखक हबीब खान ने उनके लेखन पर भरोसा जताया। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से आने वालों के लिए रूमी जाफरी हमेशा एक लाइट हाउस की तरह रहे हैं। उनसे वो खूब मिलते रहते थे। वह किंगरानी की कहानियां सुनते और उनका हौसला बढ़ाते रहते थे। अनीस बज्मी ने भी उनके संघर्ष के दिनों में उनकी हिम्मत बनाए रखी।  स्पेशल ऑप्स’ ने दी सही दिशा 7 नवंबर 1982 को भाटापारा में जन्में दीपक किंगरानी अमरीकन कंपनी में लाखों के पैकेज की नौकरी छोड़कर मुंबई चले गये और मशहूर पटकथा लेखक बने। उन्हें हॉटस्टार स्पेशल जासूसी थ्रिलर सीरीज,  कोर्ट रूम ड्रामा, सिर्फ एक बंदा काफी है (2023), वेब सीरीज ‘स्पेशल ऑप्स’(2020)  मिशन रानीगंज 2023,  भैया जी 2024  लिखी है। बतौर संवाद लेखक उनकी पहली फिल्म ‘वॉर छोड़ ना यार’ 2013, पागलपंती (2019) रिलीज हुई थी ।  हालांकि ‘स्पेशल ऑप्स’ ने उन्हें एक सही दिशा दी।  ट्रस्ट का बिजनेस है फिल्म इंडस्ट्री दीपक कहते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री ट्रस्ट का बिजनेस है। जब तक आपने कुछ लिखा नहीं है, तब तक कोई भरोसा नहीं करता। हर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर रोजाना कई कहानियां सुनते हैं, ऐसे में आपको खुद को साबित करना होता है। शुरुआत में सबसे जरूरी है लगातार लिखते रहना। लोगों से मिलते रहना और अपने विचार साझा करते रहना।   

60 लाख नए सदस्य जोड़े, भाजपा नेताओं को मिला सम्मान, सीएम हाउस बना मेगा इवेंट का गवाह

रायपुर भारतीय जनता पार्टी में छत्तीसगढ़ से 60 लाख नए सदस्यों को जोड़ने पर भाजपा रायपुर में विशेष कार्यक्रम करने जा रही है। इस अभियान में सक्रिय रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं का CM साय सम्मान करेंगे। यह समारोह नवा रायपुर स्थित CM हाउस में होगा। इतनी बड़ी संख्या में नए सदस्य जुड़ने पर पार्टी इसे जश्न की तरह मनाएगी। पार्टी के आला नेताओं ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। सम्मान पाने वालों की लिस्ट में सांसद, विधायक, पार्षद, जिला संयोजक और कार्यकर्ता शामिल हैं। अब पढ़े किस विधायक ने सदस्य बनाने में किया टॉप, किस जिलों से कितने सदस्यों का सम्मान होगा। बीजेपी ने नवंबर में इसे अपने सोशल मीडिया पेज में शेयर किया था। बीजेपी ने नवंबर में इसे अपने सोशल मीडिया पेज में शेयर किया था। सबसे पहले पढ़े सदस्यता अभियान कब शुरू हुआ छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने 3 सितंबर 2024 को सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी। अध्यक्ष ने सीएम विष्णुदेव साय को पहली सदस्यता दिलाई थी। सीएम के बाद प्रदेश स्तर पर अभियान चला। कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने मिलकर 60 लाख नए सदस्यों को जोड़ा। इस अभियान को लेकर किरण सिंहदेव ने भाजपा के सभी नगर अध्यक्षों, जिलाध्यक्षों और सदस्यता अभियान प्रभारियों को निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में स्पष्ट था, कि पार्टी का सदस्य बनाते वक्त पूरी सावधानी बरतें। सदस्यता अभियान के दौरान बीजेपी नेताओं ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों और मंडलों में बैठक लेकर केंद्र प्रभारी, बूथ प्रभारी और मंडल स्तर के पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की थी। सदस्य बनाने में टॉप-3 में आए ये MLA संगठन के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, संगठन में नए सदस्य जोड़ने पर बीजेपी विधायक रिकेश सेन, भावना बोहरा और अजय चंद्राकर टॉप 3 श्रेणी में आए है। वहीं रायपुर शहर से 12 नेता हैं, जिन्होंने 3 हजार से अधिक सदस्य बनाए हैं। इनमें विधायक पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, सहित अन्य लोग शामिल हैं। कार्यकर्ताओं के तप को हम सबका प्रणाम- किरण सिंह देव किरण सिंहदेव ने किया कार्यकर्ताओं का अभिनंदन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने कहा कि, प्रदेशभर के सभी कार्यकर्ताओं ने निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा सदस्य बनाकर भाजपा के सांगठनिक आधार को दृढ़ करके कमाल कर दिखाया है। सदस्यता अभियान के लक्ष्य को आसानी से निर्धारित समय में हासिल करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि 60 लाख के लक्ष्य से भी अधिक सदस्य बनाने वाले सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और उत्साह को कई गुना बढ़ाएगा। इस तरह बीजेपी ने बनाए सदस्य भारतीय जनता पार्टी ने सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए 2 सितंबर से ऑनलाइन माध्यम से काम शुरू कर दिया था। अभियान के तहत नए सदस्यों को जोड़ने के लिए मिस्ड कॉल, नमो एप, वेबसाइट और क्यूआर कोड स्कैन जैसे डिजिटल तरीकों का सहारा लिया गया। पार्टी के नियमों के मुताबिक, बीजेपी की सदस्यता की अवधि 5 साल होती है। इस अवधि के बाद सदस्यता समाप्त हो जाती है, और व्यक्ति को दोबारा सदस्यता लेनी होती है। इसी प्रक्रिया के तहत पार्टी हर पांच सालों में सदस्यता अभियान चलाकर पुराने सदस्यों का नवीनीकरण और नए सदस्यों को जोड़ने का कार्य करती है। इन जिलों में भी अलग-अलग नेताओं को दी गई थी जिम्मेदारी     सुकमा में ओजस्वी मंडावी, अरुण सिंह भदौरिया और हूंगाराम मरकाम, जी. वेंकट और सुखलाल पुजारी।     दंतेवाड़ा में श्रीनिवास राव मद्दी, विजय तिवारी, कुमार सिंह भदौरिया।     नारायणपुर में दिनेश कश्यप, बृजमोहन देवांगन और गौतम गोलछा।     कोंडागांव में महेश कश्यप, प्रवीण सिंह बदेशा और मनोज जैन, महावीर सिंह राठौर, निरंजन सिन्हा और सुमित्रा मारकोले।     बालोद में भोजराज नाग, प्रीतम साहू और यशवंत जैन।     बलौदाबाजार में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा और श्याम बाई साहू।     महासमुंद में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूनम चंद्राकर और डॉ विमल चोपड़ा को जिम्मेदारी दी गई है।     जांजगीर-चांपा में विधायक धरमलाल कौशिक, कमला देवी पाटले, सौरभ सिंह और अंबेश जांगड़े।     सक्ती में प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, मेघाराम साहू और जगन्नाथ पाणिग्रही।     मुंगेली में सांसद कमलेश जांगड़े और विधायक पुन्नूलाल मोहले।     कोरबा में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और ननकीराम कंवर।     सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मंत्री टंकराम वर्मा और निर्मल सिन्हा।     जशपुर में राधेश्याम राठिया और रणविजय सिंह जूदेव।     बलरामपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उद्धेश्वरी पैकरा।     सूरजपुर में सांसद चिंतामणि महाराज और रामसेवक पैकरा।     ​​​​​​कोरिया में विधायक रेणुका सिंह और भैयालाल राजवाड़े।     मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और चंपादेवी पावले।     खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री रामजी भारती, कोमल जंघेल और विक्रांत सिंह।     मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी में प्रदेश उपाध्यक्ष मधुसूदन यादव, प्रदेश महामंत्री भरतलाल वर्मा और संजीव शाह     राजनांदगांव में विधायक अमर अग्रवाल, खूबचंद पारख और अशोक शर्मा।     बेमेतरा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक ईश्वर साहू, लाभचंद बाफना, विधायक दीपेश साहू और प्रदेश मंत्री अवधेश चंदेल को को जिम्मेदारी दी गई है।

युवक पर भालू का हमला, सूरजपुर के ग्रामीण दहशत में

सूरजपुर सूरजपुर जिले के तमोर पिंगला के ग्राम रमकोला निवासी 40 वर्षीय रामफल जंगल में किसी काम से गया हुआ था। तभी उसका भालू और उसके शावकों से सामना हो गया। इससे पहले की रामफल वहां से भाग पाता भालू ने उसे नोच डाला। जंगल में रामफल बुरी तरह जख्मी हो गया। इसी बीच आसपास के ग्रामीणों ने जब उसे गंभीर हालत में देखा तो उसे तुरंत उपस्वास्थ्य केंद्र ले गए। हालत नाजुक होने पर उसे प्राथमिक उपचार उपरांत युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अंबिकापुर रेफर कर दिया। वर्तमान में उनका इलाज अम्बिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा था। उनकी हालत नाजुक होने पर उन्हें रायपुर रेफर किया गया है। ग्रामीणों ने जंगल में गश्त बढ़ाने की मांग तमोर पिंगला अभ्यारण्य कुल 608.52 वर्ग किलोमीटर में फैला है। जंहा भालू, तेंदुआ, सांभर, हाथी समेत अन्य वन्य जीवों का निवास करते है। इस अभ्यारण्य के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को जानवरों का डर बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में वन्य जीवों का आना-जाना आम हो गया है, उन्होंने वन विभाग से जंगल में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। ग्रामीणों के बीच इस हादसे से फैल दहशत इस घटना के बाद रमकोला और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता संग्रहण और अन्य कार्यों के लिए जंगल पर उनकी आजीविका निर्भर है, लेकिन ऐसी घटनाएं उनकी जान जोखिम में डाल रही हैं।

निजी स्कूलों को झटका: हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, फीस रेगुलेशन एक्ट को बताया संविधानसम्मत

रायपुर  छत्तीसगढ़ में अब निजी स्कूल (Private Schools) मनचाही फीस नहीं वसूल सकेंगे। सरकार इसको लेकर नियम लागू कर सकती है। हाईकोर्ट (High Court) ने राज्य सरकार के “छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2020” (Chhattisgarh Non-Government School Fee Regulation Act, 2020) और उससे जुड़े नियमों को पूरी तरह संवैधानिक करार देते हुए, निजी स्कूल संघ की याचिका को खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) में आती है। राज्य सरकार को निजी स्कूलों की फीस तय करने का पूरा अधिकार है। याचिका में उठाए गए तर्क खारिज निजी स्कूलों ने अधिनियम को संविधान के अनुच्छेद 14 (Right to Equality) और 19(1)(g) (Right to Practice Profession) का उल्लंघन बताया था। लेकिन कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता एक संघ है, न कि व्यक्तिगत नागरिक। इसलिए वे इन अनुच्छेदों का हवाला नहीं दे सकते। हाईकोर्ट के इस महत्वपूर्ण फैसले से राज्य के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिल सकती है। इसके तहत फीस बढ़ाने के लिए जिला समिति की अनुमति आवश्यक होगी। अधिनियम की धारा 10 के तहत कोई भी स्कूल बिना जिला शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति के फीस नहीं बढ़ा सकता। साथ ही प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच में हुई। दरअसल, राज्य सरकार ने साल 2020 में छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम लागू करने का निर्णय लिया था। इसके लागू होने के बाद प्रदेश में संचालित निजी स्कूलों के एसोसिएशन ने साल 2021 में हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसमें कहा कि वे गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों का प्रतिनिधित्व करते हैं और यह अधिनियम उनकी स्वायत्तता (ऑटोनॉमी) में हस्तक्षेप करता है। फीस तय करने का अधिकार केवल प्रबंधन के पास होना चाहिए, इसमें सरकारी हस्तक्षेप अनुचित है। प्राइवेट स्कूलों ने बताया समानता के अधिकार का उल्लंघन याचिका में प्राइवेट स्कूल की तरफ से बताया गया कि अधिनियम को संविधान के अनुच्छेद 14 यानी समानता का अधिकार और 19(1)(g) व्यवसाय करने की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए अधिनियम को असंवैधानिक बताया। वहीं, राज्य सरकार ने तर्क दिया कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में आती है। अधिनियम का उद्देश्य पारदर्शिता और न्यायोचित शुल्क तय करना है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निजी स्कूल भी इस नियम से मुक्त नहीं हो सकते। हाईकोर्ट ने कहा- संघ है याचिकाकर्ता, नागरिक नहीं हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा है कि याचिकाकर्ता संघ नागरिक नहीं हैं, ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देकर संवैधानिक अधिकारों का हवाला नहीं दिया जा सकता। फीस के लिए नियम तय करना राज्य सरकार का अधिकार है। अधिनियम का उद्देश्य केवल फीस में पारदर्शिता लाना है। कोई अधिनियम केवल इस आधार पर अवैध नहीं ठहराया जा सकता कि उससे किसी को असुविधा हो रही है। फैसले से छात्रों और अभिभावकों को मिलेगी राहत हाईकोर्ट के इस महत्वपूर्ण फैसले से राज्य के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब निजी स्कूलों को फीस तय करने में जवाबदेही और पारदर्शिता बरतनी होगी। इसमें अभिभावकों की भागीदारी और जिला स्तरीय समिति की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। साथ ही प्राइवेट स्कूलों के लिए राज्य शासन के निर्देशों के तहत ही फीस ली जा सकती है। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगेगा लगाम हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब राज्य शासन प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगा सकती है। इसके तहत शासन प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने की सीमा तय भी कर सकेगी। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान भी अधिनियम में शामिल किया गया है। अधिनियम के तहत जिला और राज्य स्तर पर फीस निर्धारण समितियों का गठन अनिवार्य होगा। जिलों में कलेक्टर इसके अध्यक्ष होंगे, जबकि राज्य स्तर पर स्कूल शिक्षा मंत्री समिति के प्रमुख होंगे। ये समितियां निजी स्कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस की नीति तय करेंगी। जानिए अधिनियम में क्या है प्रावधान अधिनियम की धारा 10 के अनुसार, कोई भी निजी स्कूल बिना समिति की अनुमति के फीस नहीं बढ़ा सकता। अगर फीस बढ़ानी हो, तो स्कूल प्रबंधन को कम से कम 6 महीने पहले प्रस्ताव देना होगा। समिति को 3 महीने में निर्णय लेना होगा। फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 8 फीसदी तय की गई है। वहीं, अभिभावक संघ भी फीस वृद्धि पर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। समिति को ऐसी आपत्तियों पर सुनवाई करनी होगी। समितियों को सिविल कोर्ट जैसे अधिकार दिए गए हैं, जिससे वे स्कूल से रिकॉर्ड मांग सकते हैं और सुनवाई कर सकते हैं। शिकायत पर हो सकती है कार्रवाई अब स्कूलों को फीस रजिस्टर, वेतन, व्यय, उपस्थिति, भवन किराया से संबंधित दस प्रकार के रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग इसकी जांच कर सकता है। वहीं, अगर कोई स्कूल समिति की अनुमति से अधिक फीस वसूलता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

मुख्यमंत्री साय की दिल्ली बैठक खत्म, बस्तर विकास और कैबिनेट विस्तार पर हुआ मंथन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शनिवार सुबह रायपुर लौट आए। इस दौरे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ के विकास, बस्तर की पहचान और बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि दिल्ली दौरे में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा आलाकमान से हुई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विजन "अंजोर@2047", राज्य के राज्योत्सव, और अगले छह महीनों तक चलने वाले आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीएम साय ने बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इसे 'खेलो इंडिया ट्राइब गेम्स' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे बस्तर को नई सांस्कृतिक और खेल पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलताएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार दिल्ली दौरे की एक और अहम उपलब्धि रही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत। सीएम साय ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान से इस विषय पर गहन चर्चा हुई है और संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। सीएम साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय कुल 12 मंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद दो मंत्री पद रिक्त हो गए, जिन्हें भरने की कवायद कई बार शुरू होकर भी अधूरी रह गई थी। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकल जाएगा।

45 दिन में आत्महत्या का पांचवां मामला, अधीक्षका ने की आत्महत्या से सनसनी

बलरामपुर रामानुजगंज बलरामपुर रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 3 में रिंग रोड में स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के कन्या छात्रावास की अधीक्षिका नेहा वर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में आज सुबह दुपट्टा से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली इसकी जानकारी विद्यालय के अन्य स्टाप को लगी तो तत्काल दरवाजा को जोर से धक्का देकर उसे फांसी से उतारा गया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। प्राप्त जानकारी के अनुसार एकलव्य आवासीय विद्यालय के कन्या छात्रावास की अधीक्षिका नेहा वर्मा पिता संजय कुमार उम्र 25 वर्ष पटना बिहार की रहने वाली थी। वह पिछले वर्ष 27 जून 2024 को कन्या छात्रावास अधीक्षका के रूप में पदभार ग्रहण किया था। एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्राचार्य राजू सिंह ने बताया कि नेहा व्यवहार कुशल एवं अपने कर्तव्य के प्रति कर्मठ कर्मचारी थी। कल रात तक उसने अपना ड्यूटी का निर्वहन किया आज सुबह 10:30 बजे के करीब विद्यालय के अन्य स्टाप से मुझे आत्महत्या कर लेने की जानकारी मिली जिसके बाद इसकी सूचना थाने में दी गई। विद्यालय के अन्य सहयोगी कर्मचारी ने बताया कि सुबह तक वह ठीक-ठाक लोगों से बात विचार कर रही थी एकाएक घटना से सभी स्तब्ध हैं। घटना के बाद लगातार बज रहा है मोबाइल पर घंटी घटना के बाद विद्यालय के कर्मचारियों के द्वारा यहां फांसी से शव को निकल गया। वही नेहा का लगातार मोबाइल बज रहा था। इंस्टाग्राम के माध्यम से नेहा के दूसरे सहयोगि विद्यालय स्टाप को घटना की सूचना किसी युवक के द्वारा दी गई। 45 दिनों में आत्महत्या की यह पांचवीं घटना रामानुजगंज क्षेत्र में बीते 45 दिनों में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की यह पांचवीं घटना है। फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले सभी लोगों की उम्र 18 से लेकर 30 वर्ष के बीच है एवं सभी अविवाहित थे।

इनामी नक्सली समेत तीन गिरफ्तार, सुरक्षाबलों को मिली अहम कामयाबी

सुकमा सुकमा में थाना केरलापाल क्षेत्रान्तर्गत प्रतिबंधित माओवादी संगठन में सक्रिय दो लाख रुपये के इनामी नक्सली सहित तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की मंशा से रखे गए टिफिन IED बम एवं अन्य विस्फोटक सामग्री को भी बरामद किया गया। आरोपियों के विरुद्ध थाना केरलापाल में वैधानिक कार्यवाही करते हुए न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। तीनों नक्सली थाना केरलापाल क्षेत्र के ग्राम गोगुंडा के निवासी हैं। उक्त कार्रवाई थाना केरलापाल पुलिस बल, डीआरजी एवं 159 वाहिनी सीआरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 1 अगस्त 2025 को ग्राम गोगुंडा, पोंगाभेजी, सिमेल, खुंडूशपारा और आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग हेतु संयुक्त बल रवाना हुआ था। इसी दौरान ग्राम पोंगाभेजी व रबड़ीपारा के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र से तीन नक्सलियों क्रमशः (1) पोड़ियाम नंदा पिता देवा, गोगुंडा पंचायत मिलिशिया कमांडर, इनामी ₹2 लाख, उम्र लगभग 40 वर्ष, जाति मुरिया, निवासी गोगुंडा डुंगिनपारा, (2) हेमला जोगा पिता स्व. नंदा, गोगुंडा पंचायत मिलिशिया सदस्य, उम्र लगभग 28 वर्ष, जाति मुरिया, निवासी गोगुंडा इंतापारा, (3) हेमला गंगा पिता स्व. गंगा, गोगुंडा पंचायत मिलिशिया सदस्य, उम्र लगभग 45 वर्ष, जाति मुरिया, निवासी गोगुंडा इंतापारा को गिरफ्तार किया गया। ये सभी प्रतिबंधित माओवादी संगठन केरलापाल एरिया कमेटी अंतर्गत गोगुंडा पंचायत मिलिशिया संगठन में सक्रिय थे। आरोपियों के कब्जे से 2 नग टिफिन बम (वजन लगभग 3-3 किग्रा), 3 नग डेटोनेटर, 2 नग जिलेटिन रॉड, कोर्डेक्स वायर लगभग 2 मीटर, इलेक्ट्रिक वायर (लाल-काला रंग) लगभग 18 मीटर, तथा 2 नग बैटरी बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इन विस्फोटकों को सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से प्लांट करने हेतु जंगल में छिपाकर रखा गया था। उक्त कृत्य विधि के विरुद्ध पाए जाने पर थाना केरलापाल में अपराध क्रमांक 19/2025 धारा 4, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर, 1 अगस्त 2025 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

धर्मांतरण और मानव तस्करी केस में गिरफ्तार ननों की जमानत मंजूर

दुर्ग   छत्तीसगढ़ के दुर्ग में मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार केरल की दो ननों को आज एनआईए अदालत द्वारा ज़मानत दिए जाने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार और केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। मानव तस्करी और धर्मातरण के मामले में दुर्ग केंद्रीय जेल में बंद केरल की दो ननो को आज बिलासपुर एनआईए कोर्ट से जमानत मिल दे दी है। केरल के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर आज दुर्ग जेल पहुंचे। और दोनो नन से की मुलाकात की। इसके कुछ देर में बाद जब दोनो नन को महिला बंदी गृह से रिहा किया।तब प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर दोनो नन को अपने साथ इनोवा कार में बिठाकर रायपुर रवाना हो गए। इससे पूर्व ननो को जमानत मिलने की खुशी में केरल के सांसद और विधायको के द्वारा जेल के बाहर मिठाई बांटकर खुशियां मनाई गई। पूरा मामला 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर नारायणपुर निवासी तीन युवतियों को एक युवक रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा थे।जहां तीनों युवतियों को लेने के लिए दो नन पहुंची थी। इस बात की जानकारी बजरंग दल को लगी जिसके बाद वो दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचे और जमकर हंगामा किया।बजरंग दल ने ननों पर मानव तस्करी और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत जीआरपी दुर्ग में की।जिसके बाद जीआरपी ने दो ननों और युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था जहां जेल भेज दिया था ननों की गिरफ्तारी के बाद 29 जुलाई को कांग्रेस सांसदों का प्रतिनिधिमंडल दुर्ग पहुंचा और जेल में बंद ननों से मुलाकात की।सांसदों ने मुलाकात के बाद कहा कि ननों को झूठे आरोपों में फंसाया गया है।

रायपुर से जबलपुर के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन 3 अगस्त से, सफर होगा आसान

रायपुर छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को 3 अगस्त 2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना की जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्र में बताया कि भारत सरकार छत्तीसगढ़ में रेलवे सेवाओं और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य में 44,657 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वर्ष 2025 के बजट में छत्तीसगढ़ को रिकार्ड 6,925 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, जिनमें से पांच स्टेशनों का हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी पहले से जारी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उदाहरण है। छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश के बीच आवागमन होगा आसान रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन न केवल छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। इससे जनता को सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल रहा है। रीवा-पुणे के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन भारतीय रेलवे की ओर से मध्य प्रदेश के रींवा और महाराष्ट्र के पुणे के मध्य एक नए एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू किया जा रहा है। इस नए ट्रेन का संचालन 3 अगस्त से किया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

उत्तर छत्तीसगढ़ में बिगड़ा मौसम, भारी बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा

रायपुर छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। साथ ही मध्य छत्तीसगढ़ में एक बार फिर तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ने की संभावना है। शुक्रवार को राजधानी रायपुर सहित अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। पिछले 24 घंटों में सभी संभागों में बारिश हुई। इस दौरान राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दुर्ग में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा। कुछ प्रमुख बारिश वाले स्थानों में खरपसिया, अड़भार, कटघोरा, सक्ती (20 मिमी), मुंगेली, बम्हनीडीह, नया बाराद्वार, खड़गांव, भोपथरा, डभरा, जैजैपुर, मोहला आदि शामिल हैं, जहां 10 मिमी के आसपास वर्षा हुई है। इसलिए बदल रहा मौसम का मिजाज मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, मानसून द्रोणिका इस समय श्रीगंगानगर से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 1.5 किमी तक फैला है। इसी कारण प्रदेश में नमीयुक्त हवाएं आ रही हैं, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले 48 घंटे में ऐसा रहेगा मौसम अगले 48 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश और मेघगर्जन के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा, और अधिकतम तापमान 33 डिग्री तथा न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।