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पाकिस्तान से भेजी 12 किलो हेरोइन के साथ आठ आरोपी भी गिरफ्तार

अमृतसर. पुलिस और सीमा सुरक्षा बल ने अमृतसर, तरनतारन व लुधियाना के जगराओं में 12 किलो हेरोइन बरामद कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया है अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस (सीआइ) की टीम ने हेरोइन तस्करी गिरोह के चार सदस्यों को बुधवार की दोपहर गिरफ्तार किया है। आरोपितों से पांच किलो हेरोइन बरामद करके स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल में केस दर्ज किया गया है। इसी तरह तरनतारन में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने मंगलवार रात को पाकिस्तान से आए ड्रोन को फायरिंग कर गिरा दिया। बुधवार सुबह सर्च अभियान के दौरान ड्रोन के अलावा चार किलो 375 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। थाना वल्टोहा में अज्ञात तस्करों के खिलाफ केस दर्ज करके पड़ताल की जा रही है। वहीं, जगराओं में पाकिस्तान से हेरोइन मंगवा कर क्षेत्र में बेचने वाले गिरोह के चार सदस्यों को सीआइए टीम ने गिरफ्तार किया है।

लाडोवाल Toll Plaza पर वाहनों और ट्रांसपोर्टरों पर हमले कर रहे बदमाश

लुधियाना. महानगर के लाडोवाल टोल टैक्स पर इन दिनों कानून का नहीं बल्कि बदमाशों का राज चलता दिखाई दे रहा है। लुधियाना-जालंधर नेशनल हाईवे पर स्थित इस मुख्य टोल प्लाजा पर करीब 15 से 20 अज्ञात दबंगों ने अपनी समानांतर सत्ता चला रखी है। ये बदमाश दिन-रात टोल पर आने-जाने वाले भारी वाहनों और ट्रांसपोर्टरों को अपना शिकार बना रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना लाडोवाल की पुलिस ने अज्ञात बदमाशो के खिलाफ जबरन वसूली की FIR दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक ए.एस.आई. मोहम्मद सदीक को सूचना मिली कि लाडोवाल टोल पर गुंडागर्दी चरम पर है। 15-20 अज्ञात युवक टोल प्लाजा के पास जमावड़ा लगाकर बैठते हैं और लुधियाना से जालंधर की ओर जाने वाले ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को टोल बूथ से पहले ही रोक लेते हैं। ये आरोपी ड्राइवरों से डरा-धमका कर टोल की रकम अपनी जेब में भर लेते हैं और बदमाशी से फिर वाहन फ्री में निकलवा देते है। हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि ये बदमाश टोल बूथ पर तैनात कर्मचारियों को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देते हैं। डर के मारे कर्मचारी भी इन बदमाशों के आगे बेबस नजर आते हैं और इनके द्वारा रोके गए वाहनों को बिना किसी सरकारी पर्ची या रसीद के ही वहां से जाने देते हैं। इस तरह आरोपी न सिर्फ जनता को लूट रहे हैं बल्कि सरकारी खजाने को भी बड़ा चूना लगा रहे हैं। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की मदद से उनकी पहचान करने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूरत में हाईवे पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पंजाब में कोहरा बना छात्रों की मुश्किल

जालंधर. महानगर के बाहरी क्षेत्रों में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिविलिटी महज 30 मीटर तक थी। इस स्थिति ने वाहन चालकों, विशेषकर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और उनके बस चालकों के लिए कठिनाइयां उत्पन्न कीं। वाहन चालक लाइटें जलाकर और एक-दूसरे के पीछे सावधानी से चलते नजर आए। हालांकि, सुबह और शाम के समय सर्दी बनी रही, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अनुभव होने लगा। अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने वीरवार को भी इसी प्रकार के मौसम की संभावना जताई है, जिसमें सुबह हल्की धुंध और दिन में तेज धूप की उम्मीद है। दूसरी तरफ एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) की बात करें तो मंगलवार रात 10 बजे के बाद से यह 100 से बढ़कर बुधवार सुबह एक बजे तक 219 तक पहुंच गया। वहीं शाम के समय एक्यूआइ तीन रिकार्ड किया गया।

फरवरी में तापमान बढ़ने से पंजाब के किसानों की गेहूं फसल पर संकट

चंडीगढ़. मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि फरवरी महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक और वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, विशेषकर उत्तर-पश्चिम भारत में, जिसमें पंजाब भी शामिल है। इस सूचना के बाद कृषि विशेषज्ञों और किसानों में फसलों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम रबी फसलों, विशेषकर गेहूं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। फरवरी में गेहूं की बल्ली में दाना बनना शुरू होता है और इस समय यह दूध जैसे तरल पदार्थ के रूप में होता है। यदि तापमान औसत से अधिक रहा, तो यह दाना सूख सकता है, जिससे दाने का आकार छोटा होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि ऐसा हुआ, तो यह चौथी बार होगा जब पंजाब के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पंजाब में औसतन धान की पैदावार 185 लाख टन होती है, लेकिन पिछले वर्ष बाढ़ और चाइनीज वायरस के कारण यह घटकर 156 लाख टन रह गई। पंजाब में हेक्टेयर पर धान की औसत पैदावार 6,624 किलो है, जबकि पिछले वर्ष यह 5,722 किलो प्रति हेक्टेयर रही।

पंजाब में कोहरे और लो-विजिबिलिटी की मार झेल रही जनता

जालंधर. जालंधर महानगर में घना कोहरा पड़ने की वजह से विजिबिलिटी भी 30 मीटर से भी कम है। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानी आ रही है। इसके साथ-साथ सर्द हवाएं चलने की वजह से ठंडक ज्यादा बढ़ गई है। मौसम विभाग की तरफ से दिन निकलने के साथ ही मौसम पूरी तरह से साफ हो जाएगा और धूप निकलने से तापमान में वृद्धि भी दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि फरवरी महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक और वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, विशेषकर उत्तर-पश्चिम भारत में, जिसमें पंजाब भी शामिल है। इस सूचना के बाद कृषि विशेषज्ञों और किसानों में फसलों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम रबी फसलों, विशेषकर गेहूं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। फरवरी में गेहूं की बल्ली में दाना बनना शुरू होता है और इस समय यह दूध जैसे तरल पदार्थ के रूप में होता है। यदि तापमान औसत से अधिक रहा, तो यह दाना सूख सकता है, जिससे दाने का आकार छोटा होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि ऐसा हुआ, तो यह चौथी बार होगा जब पंजाब के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पिछले वर्ष भी फरवरी में गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार में कमी आई थी, जिससे किसानों को नुकसान हुआ।

पूर्व मंत्री मनजीत मन्ना को मारपीट मामले में कोर्ट ने किया भगौड़ा घोषित

चंडीगढ़. अकाली-भाजपा सरकार के दौरान विधायक व मंत्री रह चुके मनजीत सिंह मन्ना और उनके भाई रणजीत सिंह को भगौड़ा घोषित कर दिया गया है। यह फैसला 2015 के एक मारपीट मामले में अदालत में पेश न होने के कारण आया। पीड़ित पूरन सिंह ने राजनीतिक प्रभाव के बावजूद न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ी, जिसके बाद अदालत ने यह सख्त कदम उठाया। जानकारी के मुताबिक, 18 सितंबर 2015 को अकाली सरकार के दौरान एक नॉन-कस्टोडियल केस में विवाद होने के बाद, उस समय के अकाली विधायक मनजीत सिंह मन्ना और उनके भाई रणजीत सिंह ने अपने समर्थकों संग अपनी ही पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता पूरन सिंह को बुरी तरह पीटा था। आरोप यह भी लगे थे कि उन्होंने पीड़ित पर तेजधार हथियारों से हमला किया था और उसकी पगड़ी उतार दी थी। इसके बाद विधायक और उसके साथियों के अत्याचार का शिकार हुए पूरन सिंह के बेटे ने इस घटना की जानकारी थाने में दी। उन्होंने मारपीट के बारे में मेडिकल जांच करवाने की मांग की, लेकिन उस समय पुलिस ने पूरन सिंह की एक नहीं सुनी। पीड़ित के बेटे ने इस बारे में पंजाब पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी शिकायत दी, जिसका नंबर एएमआर-आरआर 814229 तारीख 18 सितंबर 2015 है। हरदीप सिंह ने पूरन सिंह को गुरु नानक देव अस्पताल अमृतसर में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज हुआ और डॉक्टर ने पूरन सिंह की मेडिकल रिपोर्ट बनाकर उसे थाना खलचिया भेज दिया। पीड़ित ने इस मामले की जानकारी पुलिस के बड़े अधिकारियों को दी, लेकिन आरोपियों के राजनीतिक अप्रोच के कारण पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित पूरन सिंह ने वकील वीके जसवाल के जरिए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, बाबा बकाला साहिब की अदालत में 156 (3) सीआरपीसी के तहत शिकायत दी, जिसमें थाना खलचिया को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश देने की गुहार लगाई गई, लेकिन जज ने इस शिकायत को केस में बदल दिया। इस केस में जज ने शिकायतकर्ता, मौके पर मौजूद गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट के बारे में डॉक्टरों और पुलिस को दी गई शिकायत के बारे में सरकारी गवाहों समेत कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज किए और वकील वीके जसवाल की दलीलों से सहमत हुए। इस बीच रंजीवपाल सिंह चीमा, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, बाबा बकाला साहिब ने 12 जुलाई 2019 को सभी आरोपियों को धारा 326,324,323,341,148,149 के तहत समन जारी किए और सभी आरोपियों को 8 अगस्त 2019 को अदालत में पेश होने का आदेश दिया। इस केस में मनजीत सिंह मन्ना के पर्सनल असिस्टेंट हरप्रीत सिंह और बलदेव सिंह के वकील मनिंदरजीत सिंह गहरी खुद पेश हुए, लेकिन बाकी आरोपियों ने केस को आज तक पेंडिंग रखा और कोर्ट के आदेशों को नजरअंदाज़ करते हुए कोर्ट में पेश नहीं हुए। इस पर जज रमनदीप कौर ज्यूडिशियल, मजिस्ट्रेट बाबा बकाला ने 29 जुलाई 2025 को आरोपी पूर्व विधायक मनजीत सिंह मन्ना, उसके भाई रणजीत सिंह और एक साथी हरजीत सिंह के लिए पुलिस को अरेस्ट वारंट जारी किए और उन्हें 12 जून 2025 को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। लेकिन मनजीत सिंह मन्ना और उसका भाई हरजीत सिंह जानबूझकर कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिस पर जज रमनदीप कौर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जूनियर डिवीज़न बाबा बकाला ने 31 जनवरी 2026 को उन्हें भगौड़ा घोषित कर दिया और इस बारे में थाना मुखी खिलचिया को भी सूचित कर दिया गया है। जज ने बाकी आरोपियों के खिलाफ गवाही के लिए 16 फरवरी की तारीख तय की है।

दिव्यांगों को सरकारी दफ्तरों में सुलभता की केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय को कोई जानकारी नहीं

चंडीगढ़. केंद्र सरकार के पास चंडीगढ़ में सरकारी कार्यालयों की दिव्यांगजनों के लिए सुलभता का पूरा डेटा उपलब्ध नहीं है। सामाजिक न्याय मंत्रालय ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत यह जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। केंद्र राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। चंडीगढ़ में पिछले दो वर्षों में 330 श्रवण यंत्र बांटे गए और दो बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट हुआ। शिकायत निवारण के लिए मोबाइल ऐप और सहायता केंद्र उपलब्ध हैं, साथ ही उपकरणों की गुणवत्ता और वारंटी सुनिश्चित की जाती है। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने लोकसभा में सांसद मनीष तिवारी द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सरकारी भवनों, परिवहन व्यवस्था और सूचना प्रणाली को सुलभ बनाना राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की जिम्मेदारी है। इसी कारण चंडीगढ़ में कितने सरकारी कार्यालयों में रैंप, दिव्यांग शौचालय, संकेतक, लो काउंटर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसका कोई केंद्रीय स्तर पर संकलित आंकड़ा नहीं रखा जाता। मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार दिव्यांगों के लिए बाधारहित वातावरण के निर्माण हेतु राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मांग के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके लिए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन से जुड़ी विशेष योजना के तहत अनुदान दिया जाता है। श्रवण सहायक उपकरणों की स्थिति पर सरकार ने बताया कि दिव्यांगों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की योजना के अंतर्गत चंडीगढ़ में पिछले दो वर्षों के दौरान 330 श्रवण यंत्र वितरित किए गए हैं। इसके अलावा दो बच्चों में कॉक्लियर प्रत्यारोपण कराया गया है। मंत्री ने कहा कि योजना के तहत लाभ पाने के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य है। निर्धारित आय सीमा तक के लाभार्थियों को पूर्ण आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि अधिक आय वर्ग के लिए आंशिक सहायता का प्रावधान है। बच्चों के कॉक्लियर प्रत्यारोपण पर उपचार, जांच, यात्रा और पुनर्वास सहित सहायता दी जाती है। सरकारी कार्यालयों और सहायक उपकरणों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए नागरिकों को मोबाइल अनुप्रयोग, टोल फ्री सेवा और सार्वजनिक शिकायत प्रणाली के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है। चंडीगढ़ में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता केंद्र भी संचालित किया जा रहा है, जहां उपकरणों की मरम्मत और शिकायतों का निस्तारण किया जाता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगों को उपलब्ध कराए जाने वाले सभी सहायक उपकरण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होते हैं और इनके साथ न्यूनतम एक वर्ष की वारंटी दी जाती है, ताकि समय पर मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित हो सके।

पंजाब के जलशक्ति मंत्री बोले- 57 फीसदी कुओं में बढ़ा भूमिगत जलस्तर

बठिंडा. पंजाब में मानसून के बाद की अवधि में किए गए विश्लेषण के मुताबिक, 185 कुओं में से, 106 में यानी करीब 57 फीसदी (कुओं) में भूजल स्तर में 0 से 4 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि 78 कुओं (42.2%) में पानी के स्तर में 4 मीटर तक की गिरावट दर्ज की गई। एक कुएं में कोई बदलाव नहीं हुआ। जल शक्ति राज्य मंत्री, राज भूषण चौधरी ने सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। मंत्री पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। फाजिला में भूजल स्तर में सबसे अधिक बढ़ोतरी मंत्री ने जवाब दिया कि फाजिल्का में भूजल स्तर में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई, क्योंकि जिले में विश्लेषण किए गए सभी 10 कुओं में वृद्धि दर्ज की गई। इस बीच, होशियारपुर में विश्लेषण किए गए 19 में से 10 कुओं में पानी के स्तर में वृद्धि दर्ज की गई। रोपड़ में भी 100 फीसदी कुओं में वृद्धि दर्ज की गई, क्योंकि विश्लेषण किए गए सभी सात कुओं में पानी के स्तर में वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक कमी बठिंडा में दर्ज की गई, जहां विश्लेषण किए गए 17 में से 13 कुओं में गिरावट दर्ज की गई, इसके बाद फरीदकोट में 13 में से नौ कुओं में गिरावट दर्ज की गई। लुधियाना में, विश्लेषण किए गए नौ में से आठ कुओं में गिरावट दर्ज की गई, जबकि पटियाला में, विश्लेषण किए गए 12 में से आठ कुओं में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। 106 कुओं में बढ़ोतरी देखी गई चौधरी ने कहा कि 106 कुओं में से जिनमें वृद्धि दर्ज की गई, 80 में 0 से 2 मीटर की वृद्धि देखी गई, 17 में 2 से 4 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि नौ कुओं में दशक में 4 मीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 78 कुओं में से जिनमें गिरावट दर्ज की गई, 38 में 0 से 2 मीटर की गिरावट दर्ज की गई, 17 में 2 से 4 मीटर के बीच गिरावट और 23 कुओं में दशक में 4 मीटर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मंत्री ने बताया कि भूजल स्तर में लंबे समय के उतार-चढ़ाव का आकलन करने के लिए, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड द्वारा पंजाब के लिए मानसून के बाद (2025) इकट्ठा किए गए पानी के स्तर के डेटा की तुलना 2015 से 2024 तक मानसून के बाद के स्तरों के दस साल के औसत (2015 से 2024 तक नवंबर का डेटा) से की गई।

आज बेल पर बाहर आएंगे बिक्रम मजीठिया

लुधियाना/नाभा. पंजाब के पूर्व मंत्री और सीनियर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया आज नाभा जेल से बाहर आएंगे। यह जानकारी उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने सोमवार शाम को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की। बिक्रम मजीठिया को कल सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिल गई थी, जिसके बाद आज वह नाभा जेल से रिहा हो जाएंगे। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में कार्रवाई करते हुए 25 जून को उन्हें गिरफ्तार किया था। दिसंबर 2025 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। इस वजह से उन्हें लगातार जेल में रहना पड़ा। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से अकाली दल खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई है। मजीठिया के समर्थक नाभा जेल के बाहर उनके स्वागत की बड़ी तैयारी कर रहे हैं।

पंजाब में एग्जाम के बीच मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की ड्यूटी से टीचर्स नाराज

लुधियाना/तरनतारन. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कार्ड बनाने का काम शिक्षकों से करवाए जाने के विरोध में कंप्यूटर टीचर्स यूनियन, पंजाब ने मोर्चा खोल दिया है। कंप्यूटर टीचरों का एक डेलीगेशन, जिला प्रधान शीतल सिंह और प्रदेश प्रधान गुरविंदर सिंह की लीडरशिप में ए.डी.सी. (ज) राजदीप सिंह बराड़ तरनतारन से कंप्यूटर टीचरों की नॉन-एकेडमिक कामों में लगाई गई ड्यूटी के बारे में मिला। इसमें शीतल सिंह ने कहा कि डी.सी. ऑफिस तरनतारन ने कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड बनाने में लगाई है, जबकि मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के बाद कहा था कि किसी भी टीचर की ड्यूटी किसी भी नॉन-एकेडमिक काम में नहीं लगाई जाएगी, लेकिन डी.सी. ऑफिस ने मुख्यमंत्री के बयान का उल्लंघन करते हुए कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड बनाने में लगा दी है।  वहीं इस काम में इस्तेमाल के लिए सरकारी स्कूलों से कंप्यूटर सेट और प्रिंटर भी मांगें जा रहे हैं, जबकि यहां यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इन कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने 10वीं/12वीं के प्रैक्टिकल एग्जाम में भी लगाई है और कंप्यूटर सेट और प्रिंटर का इस्तेमाल भी स्टूडैंट्स के प्रैक्टिकल लेने के लिए किया जाना है, इसलिए तरनतारन के सभी जिलों के कंप्यूटर टीचरों ने डी सी ऑफिस तरनतारन से पुरजोर मांग की है कि इन ड्यूटी को तुरंत कैंसिल किया जाए और स्कूलों से हार्डवेयर न मंगवाया जाए। उन्होने कहा कि जब तक ड्यूटी कैंसिल नहीं होती, तब तक तरनतारन जिले के सभी कंप्यूटर टीचरों ने इन ड्यूटी का बायकॉट करने का ऐलान किया है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गुरविंदर सिंह ने कहा कि सरकार कोई भी फायदा देते समय कंप्यूटर टीचरों को भूल जाती है, लेकिन गैर-पढ़ाई वाले कामों के लिए सबसे पहले कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में बॉर्डर एरिया में काम करने वाले टीचरों को दिया गया स्पेशल इंक्रीमैंट भी कंप्यूटर टीचरों को अभी तक नहीं दिया गया है। इस मौके पर मनी, कुमार गौरव, परविंदर सिंह, अजयपाल सिंह, पवन कुमार करनजीत सिंह, हरप्रीत सिंह आदि मौजूद थे।