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पंजाब में हल्की वर्षा के बाद बढ़ा घना कोहरा

लुधियाना. पंजाब के तीन जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य सभी जिलों में धूप खिली रही। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार रविवार मध्यरात्रि से सोमवार सुबह पांच बजे के दौरान रूपनगर में चार मिलीमीटर, पठानकोट में 12 व मानसा में 0.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। विभाग के अनुसार बठिंडा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री रहा। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में घनी धुंध पड़ सकती है। पंजाब के जीरकपुर सहित कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सुबह-सुबह यातायात बाधित हो सकता है। कहां कितना रहा तापमान मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि पंजाब में सबसे कम था। बठिंडा में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं लुधियाना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर में 6.0 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 6.8 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 5.8 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर में 6.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अस्थायी रिहाई देने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के हित सर्वोपरि हैं। ऐसे में उसे रिहाई की अनुमति नहीं दी जा सकती। अमृतपाल ने बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गृह विभाग ने सोमवार को अमृतपाल की अर्जी खारिज कर दी। सरकार ने कहा कि हिरासत में रहते संसद सत्र में भाग लेना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। 23 फरवरी 2023 को थाना अजनाला में खालिस्तानी समर्थक व सांसद अमृतपाल सिंह ने अपने साथी को छुड़वाने के लिए हमला कर दिया था। इस हमले में एसपी जुगराज सिंह, एएसआइ जतिंदर सिंह, पुलिस होमगार्ड का जवान सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। थाना अजनाला की पुलिस ने अमृतपाल सिंह सहित 19 लोगों का बायनेम व 250 के करीब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से इन पर एनएसए लगाया गया था और इन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया था। खडूर साहिब सीट से बना सांसद पिछले साल लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में भाग लिया और यहां से वह सांसद चुना गया।

पंजाब को बजट में झटका? सुखबीर बादल बोले – AAP की विफल नीतियों का नतीजा

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार की राज्य के हकों की सही तरीके से वकालत करने में पूरी तरह नाकामी रहने के कारण पंजाब को यूनियन बजट में कुछ नहीं मिला। ये विचार शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और पंजाब के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहे।   सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब को न तो कोई स्पेशल पैकेज मिला, न ही कोई बड़ा नया प्रोजेक्ट और न ही हमारे किसानों, व्यापारियों, इंडस्ट्री, युवाओं या बॉर्डर एरिया के लिए कोई नई योजना का एलान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल जी का दौर याद कीजिए, उन्होंने हर प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह समेत) के सामने पंजाब का पक्ष और हक मजबूती से रखा और राज्य के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट लाए। उन्होंने पंजाब का पक्ष दमदार तरीके से रखा, और AIIMS, रिफाइनरी, IIM, IIT, और 4/6-लेन नेशनल हाईवे समेत बड़े प्रोजेक्ट लेकर आए। सुखबीर ने कहा कि पंजाब को मजबूत लीडरशिप की जरूरत है जो अपने लोगों के लिए लड़े- न कि ऐसे जो सिर्फ बहाने बनाते रहें।

राजा वड़िंग का तीखा हमला: बोले– मैडम सिद्धू को करवाना चाहिए मानसिक उपचार

पंजाब पंजाब की राजनीति में एक बार फिर मैडम सिद्धू को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और मैडम सिद्धू के बीच बयानबाज़ी अब तीखे आरोप-प्रत्यारोप में बदलती नजर आ रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रधान राजा वडिंग ने मैडम सिद्धू पर सीधा और कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि नवजोत कौर सिद्धू को मानसिक इलाज की जरूरत है। राजा वडिंग ने अपने बयान में कहा कि जब किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक न हो, तो उसकी बातों को गंभीरता से लेने या उस पर गुस्सा करने का कोई मतलब नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति पार्टी में ही नहीं है, वह कांग्रेस से इस्तीफा कैसे दे सकता है। राजा वडिंग के मुताबिक, मैडम सिद्धू को तो पहले ही कांग्रेस से बाहर किया जा चुका था, ऐसे में उनके इस्तीफे का कोई औचित्य नहीं बनता। दरअसल, पूरा विवाद शनिवार को तब शुरू हुआ जब मैडम सिद्धू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई और इसे कांग्रेस के भीतर एक नए विवाद के रूप में देखा जाने लगा। राजा वडिंग ने आगे कहा कि मैडम सिद्धू के बयान केवल सुर्खियों में बने रहने की कोशिश हैं और कांग्रेस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी ऐसे बयानों से न तो डरती है और न ही विचलित होती है।   वहीं दूसरी ओर, मैडम सिद्धू भी अपने बयान पर कायम हैं। उनका कहना है कि अगर कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाती है, तो नवजोत सिद्धू कांग्रेस में जरूर वापस लौटेंगे। उनके इस बयान ने एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है और पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुल मिलाकर, मैडम सिद्धू को लेकर छिड़ा यह सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस विवाद को कैसे संभालती है और क्या यह बयानबाज़ी पार्टी की राजनीति पर कोई बड़ा असर डालती है या नहीं।  

आम आदमी पार्टी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, बिक्रम मजीठिया को मिली जमानत

चंडीगढ़   इस समय सबसे बड़ी खबर सामने आई है।  सुप्रीम कोर्ट ने आज बिक्रम मजीठिया को जमानत दे दी है। मजीठिया को 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह नाभा जेल में बंद थे। बता दें कि बिक्रम मजीठिया की आमदन से ज्यादा संपत्ति मामले में  गिरफ्तारी हुई थी  जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है।   सूत्रों के अनुसार, जमानत मिलने के बाद थोड़ी देर पहले डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल जाकर बिक्रम मजीठिया से मुलाकात की। इस दौरान डेरा प्रमुख ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मजीठिया पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। बिक्रम मजीठिया को जमानत मिलने के बाद अब उनके पक्ष में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई है। इसी बीच ये भी चर्चाएं तेज हो गई हैं आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है।  सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय देते हुए मामले को स्थगित करते हुए कहा था कि मजीठिया की अंतरिम जमानत पर अगली सुनवाई पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी प्राथमिकी से राहत के लिए श्री मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। फिर मजीठिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। प्राथमिकी सात जून, 2025 को मजीठिया के खिलाफ पिछले एनडीपीएस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी। एसआईटी ने आरोप लगाया कि मजीठिया और उनकी पत्नी ने घरेलू और विदेशी संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 540 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जमा की थी। ये आरोप 2007 और 2017 के बीच की अवधि से संबंधित हैं, जब मजीठिया पंजाब में विधानसभा सदस्य और बाद में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे। आरोप लगाया है कि मजीठिया दंपति ने सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों सहित कई कंपनियों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण रखा। उन्होंने इन कंपनियों का उपयोग बेनामी संपत्ति हासिल करने के लिए किया। इसके साथ ही, उन्होंने साइप्रस और सिंगापुर स्थित संस्थाओं के माध्यम से विदेशी निवेश और विभिन्न कंपनियों के बीच लेनदेन का उपयोग किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि श्री मजीठिया ने अपने परिवार के सदस्यों और नकली संस्थाओं के माध्यम से शराब, परिवहन और विमानन क्षेत्रों में व्यावसायिक फायदे के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि भ्रष्टाचार का मामला उसी एनडीपीएस मामले का परिणाम है जिसमें उन्हें अगस्त 2022 में जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में उस जमानत को रद्द करने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी।

पीएम मोदी के दौरे के बाद पंजाब से भाजपा को मिला शुभ संकेत, क्या सिद्धू परिवार लौटेगा?

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के अगले ही दिन प्रदेश से शुभ संदेश आया है. इसके साथ ही कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है कि क्‍या सिद्धू परिवार की घर वापसी मतलब भाजपा में वापसी होने जा रही है. पीएम मोदी के पंजाब विजिट से एक दिन पहले कांग्रेस से नाता तोड़ने वालीं नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए उनका दिल से स्‍वागत किया है. उन्‍होंने सोशल मीडिया पोस्‍ट में लिखा कि पंजाब की जनता भोलीभाली है, जिन्‍हें हमारी सरकार अपने हितों और स्‍वार्थ के चलते हमेशा मूर्ख बनाती रहती है. नवजोत कौर सिद्धू ने आगे लिखा – मोदीजी पंजाब में आपका दिल से स्‍वागत है. नवजोत कौर के इस सोशल मीडिया पोस्‍ट से प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. नवजोत कौर सिद्धू ने एक्‍स पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘जब हमारे देश के प्रमुख हमारे राज्य को कुछ देने आते हैं, तो सभी राजनीतिक चोर उनके घर वापसी कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए एक मंच पर क्यों इकट्ठा हो जाते हैं? हमें यह स्पष्ट समझना चाहिए कि उन्होंने वह पद और शक्ति अपने परिश्रम से अर्जित की है, ताकि वे हमारे राज्य को कुछ महान दे सकें. आभारी बनें. पंजाब के लोग भोले-भाले हैं और स्वार्थी सरकारें अपने हितों के चलते उन्हें हमेशा धोखा देती रही हैं. उन्होंने अपने परिवारों के लिए भारी संपत्ति बना ली है. पंजाब के लिए कुछ करना है नहीं. मोदी जी का प्यार भरे दिल से स्वागत है, यही पंजाबी लोगों की सच्ची प्रकृति है सच्‍चा स्‍वभाव है.’ बीजेपी या AAP ने संपर्क तो नहीं किया? नवजोत कौर सिद्धू ने एक अन्‍य पोस्‍ट में लिखा, ‘मैं संभवतः उन बहुत कम लोगों में से हूं, जिन्होंने किसी भी राजनीतिक कारण से न तो बीजेपी न आप और न ही किसी अन्य पार्टी के किसी नेता से मुलाकात की है और न ही किसी पार्टी ने मुझसे संपर्क किया है. मैं अपनी व्यक्तिगत दृष्टि और चेतना से बात कर रही हूं, क्योंकि मैं केवल वाहेगुरु जी के प्रति उत्तरदायी हूं और किसी और के प्रति नहीं. मैं सिर्फ पंजाब के लोगों की सेवा करना चाहती हूं, जिसे मैं एक एनजीओ बनाकर कर सकती हूं और गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को समझकर तथा जीवित विकसित संतों के सान्निध्य में रहकर निस्वार्थ सेवा और आत्मा के विकास के बारे में थोड़ा सीखते हुए अपनी आत्मा के उत्कर्ष के लिए कार्य करना चाहती हूं. हाल ही में भगवद गीता के उपदेशों के साथ तीन दिन का अद्भुत और आनंदमय समय बिताया और प्रेमानंद महाराज जी जैसे प्रबुद्ध संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जिन्होंने अनेक आत्माओं को उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाया है.’ सीएम भगवंत मान से सीधा सवाल नवजोत कौर सिद्धू ने एक और पोस्‍ट में लिखा, ‘पंजाब के मुख्यमंत्री जी, जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने तीन बार स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल की, क्योंकि वे गुजरात के हर नागरिक के प्रति जवाबदेह रहे और सभी विभागों के उपयोग प्रमाणपत्र (utilisation certificates) जमा करते थे, क्योंकि तभी केंद्र से जितनी राशि चाहिए उतनी मिल सकती है. आप पंजाब के लोगों के पैसे का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आदि के लिए करने के बजाय अपने फायदे के लिए मुफ्त योजनाओं में नहीं कर सकते. मुफ्त बिजली देने के बजाय आपने चंडीगढ़ और कई अन्य राज्यों की तरह सोलर पावर को अनिवार्य क्यों नहीं किया? आपकी खनन और शराब नीति कहां है? यह तो बड़े लोगों के साथ साझेदारी में सिर्फ आपकी जेब भरने के लिए है. पहले अकाली दल और कांग्रेस के साथ यह 75:25 था और अब आप और कांग्रेस/अकाली के साथ 80:20 है. हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला हुआ है और आपके शासन में यह सबसे अधिक है, क्योंकि आप अपने निजी हितों के लिए खरीदे हुए मीडिया चैनलों की एक छोटी टीम के साथ अकेले काम कर रहे हैं, जो आपकी महिमा गान में लगे हैं. आपने आपके खिलाफ बोलने वालों की आवाज दबा दी है. हर व्यक्ति का एक समय होता है और वाहेगुरु जी ही सभी के वास्तविक न्यायाधीश हैं. आप उनसे कुछ भी नहीं छुपा सकते.’

सल्फास के साथ अब नहीं होगी हजारों लोगों की मौत!

चंडीगढ़. PGI के डॉक्टरों ने देश के सबसे खतरनाक जहरों में से एक माने जाने वाले सल्फास (एल्युमिनियम फॉस्फाइड) पॉइज़निंग के इलाज में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की इस अहम रिसर्च से इस जानलेवा जहर से पीड़ित मरीजों के बचने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। PGI की यह स्टडी देश की पहली ऐसी क्लिनिकल रिसर्च है, जिसमें यह साबित हुआ है कि इंट्रावीनस लिपिड इमल्शन (IV लिपिड) नाम की थेरेपी सल्फास जहर में जान बचाने में असरदार साबित हो सकती है। इस रिसर्च के नतीजे इंटरनेशनल जरनल मेडिकल एंड फार्माकोलॉजिकल साइंसेज के यूरोपियन रिव्यू  में प्रकाशित हुए हैं, जिससे PGI के इस काम को दुनिया भर में पहचान मिली है। सल्फास पॉइज़निंग, जो अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला जहर है, खासकर उत्तर भारत के खेती वाले राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाला यह ज़हर गलती या आत्महत्या के मामलों में बड़ी संख्या में मौतों के लिए ज़िम्मेदार रहा है। अब तक इसका कोई पक्का और असरदार इलाज नहीं था, जिससे मरीज़ों की हालत अक्सर बहुत गंभीर हो जाती थी। यह रिसर्च PGI के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट में की गई जिसका मार्ग दर्शन प्रो. संजय जैन, इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रमुखी प्रो.संजय जैन ने की थी। इस अध्यन की अगुवाई एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. मंदीप सिंह भाटिया ने की थी जबकि डॉ. सौरभ चंद्रभान शारदा को-इन्वेस्टिगेटर थे। रिसर्च को PGI के मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेल से फंडिंग मिली, जो इंस्टीट्यूशन के रिसर्च और इनोवेशन के लिए मज़बूत वचनबद्धता को दिखाता है। नई उम्मीद, आने वाले समय में बचा सकती है हज़ारों जानें  रिसर्च में पता चला है कि जिन मरीज़ों को नॉर्मल इलाज के साथ  आई.वी. लिपिड थेरेपी दी गई, उनमें मौत का खतरा काफी कम हो गया। इसके अलावा, मरीज़ों में खून की गंभीर एसिडिटी जल्दी ठीक हो गई, ब्लड प्रेशर बेहतर कंट्रोल में आ गया और दिल से जुड़ी दिक्कतों में भी सुधार देखा गया। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर यह थेरेपी समय पर दी जाए, तो मरीज़ की हालत को बिगड़ने से रोका जा सकता है।  

जाखड़ ने बताया समावेशी और विकासोन्मुखी केंद्रीय बजट

अमृतसर. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को हर वर्ग के लिए लाभकारी और संतुलित बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों, व्यापारियों, उद्योग और युवाओं सभी की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है और जिन आर्थिक सुधारों की शुरुआत पहले की गई थी, उन्हें मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है। सुनील जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जो रोडमैप तय किया गया है, यह बजट उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विशेष रूप से आदमपुर सिविल एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने की घोषणा को ऐतिहासिक बताया। जाखड़ ने कहा कि यह फैसला केवल एक नामकरण नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला कदम है, जिससे गुरु रविदास महाराज के विचारों को सम्मान मिला है। छोटे-मध्यम उद्योंगों को सीधा लाभ मिलेगा बजट चर्चा के दौरान लघु उद्योग भारती के प्रदेश महासचिव विवेक राठौर, जालंधर इकाई के प्रधान अनिरुद्ध धीर और मीडिया सचिव अनुज कपूर ने भी बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड रखा गया है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। छोटी इंडस्ट्री को विकसित होने के अवसर मिलेंगे उन्होंने बताया कि इस फंड के माध्यम से छोटी इंडस्ट्री को नई तकनीक अपनाने, आधुनिक मशीनरी लगाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक मजबूती को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और आने वाले वर्षों में इसका सकारात्मक असर देश और पंजाब दोनों में देखने को मिलेगा।

पाकिस्तान ने सात भारतीय बंदियों को ढाई साल बाद वापस भेजा

चंडीगढ़. करीब ढाई साल पहले बाढ़ के दौरान पाकिस्तान जा पहुंचे सात भारतीयों को पाकिस्तान ने वापस लौटा दिया है। वापसी की यह कार्यवाही कल अटारी -वाघा सीमा पर हुई। अटारी सीमा पर प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से सात कैदियों की रिहाई का आदेश आज भारत और पाकिस्तान दोनों को मिल गया था। पाकिस्तानी रेंजर्स ने सातों कैदियों को बीएसएफ को सौंप दिया। वहां से उन्हें औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए सीमा शुल्क और आव्रजन कार्यालय लाया गया। इन सात नागरिकों में से चार फिरोजपुर जिले के, एक जालंधर का, एक लुधियाना का और एक उत्तर प्रदेश का है। ये सभी 2023 की बाढ़ के दौरान अपने जानवरों को बचाने की कोशिश में बहकर पाकिस्तान चले गए थे। पाकिस्तान से रिहा हुए एक भारतीय नागरिक ने कहा कि मेरे गांव में पुल गिरने के बाद तेज पानी के बहाव के कारण मैं पाकिस्तान चला गया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने मेरे खिलाफ जानबूझकर सीमा पार करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया। मैं तीन महीने तक पाकिस्तानी जेल में रहा… उन्होंने हमें पीटा। पाकिस्तान में अन्य भारतीय कैदी भी हैं। उनकी शारीरिक हालत बहुत अच्छी नहीं है। कुछ के पैर खराब हैं, जबकि कुछ अंधे हैं। मैं सरकार से उन्हें भी वापस लाने का आग्रह करता हूं। पाकिस्तान से रिहा हुए एक भारतीय नागरिक ने कहा कि मैं तीन महीने तक पाकिस्तानी जेल में रहा। पाकिस्तानी जेलों में और भी भारतीय हैं। उन्हें वापस लाया जाना चाहिए। वहां एक मानसिक अस्पताल में 18 भारतीय भर्ती हैं। उन्होंने हमें पीटा। मैं 28 दिन रिमांड पर रहा।  

पंजाब में पहली बार होगी डिजिटल जनगणना

अमृतसर. 14 वर्ष बाद इस साल के मध्य में होने जा रही जनगणना डिजिटल तरीके से करवाई जाएगी। जिसमें अगले हफ्ते चंडीगढ़ से टीम आकर साफ्टवेयर के बारे प्रशिक्षण देगी। शहर और गांव में होने वाली जनगणना का सारा काम मोबाइल ऐप पर होगा। पंजाब सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन किए जाने के बाद मई से जनगणना शुरू होने की संभावना है। इस जनगणना में करीब 3 हजार कर्मचारी फील्ड में उतारने को लेकर तैयारियां चल रही हैं। इससे पहले वर्ष 2011 की मतगणना में शहर की आबादी 11.32 लाख थी। निगम की हद में जनगणना के लिए निगम कमिश्नर प्रिंसिपल सेंसस अफसर और देहाती इलाके में जनगणना के लिए डिप्टी कमिश्नर प्रिंसिपल सेंसस अफसर नियुक्त किए गए हैं। जनगणना के दौरान कर्मचारी डोर टू डोर जाएंगे। वहीं, कर्मचारी डिजिटल तरीके से अपनी-अपनी लोकेशन में जाकर जनगणना का काम करेंगे। नगर निगम कमिश्नर के आदेशों पर सुपरिटेंडेंट जनरल ने 50 विभागों को चिट्ठियां निकाली हैं। जिसमें उनसे जनगणना में ड्यूटियां लगाने के लिए उनके अंतर्गत काम कर रहे स्टाफ की लिस्ट मांगी हैं। निगम के हद में चार लाख घर व 10 बाहरी इलाके में कवर होंगे निगम हद की बात करें तो इसमें 4 लाख के करीब घर होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। इसमें डिजिटल सर्वे के लिए 180 घरों या 800 की आबादी के पीछे एक ब्लाक बनाया जाएगा। ऐसे में निगम के हद में करीब 2,222 ब्लाक बनाए जाने हैं। शहर की 85 वार्डों में एक्सईएन, एसडीओ और असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) स्तर के 21 चार्ज आफिसर लगाए जाने हैं। वहीं हर ब्लाक में गिनतीकार लगेगा। गिनतीकार मोबाइल ऐप पर जनगणनना का काम करेगा। वहीं, हर 6 गिनतीकार पर एक सुपरवाइजर लगाया जाएगा। वह आगे अपनी रिपोर्ट चार्ज ऑफिसर को देगा। इसमें 370 के करीब सुपरवाइजर तैनात होंगे। इसमें 85 वार्डों की हद के साथ लगते 10 के करीब बाहरी इलाकों को भी कवर किया जाना है। इनकी निशानदेही वगैरह हो चुकी है। नगर निगम की तरफ से 85 वार्डों की डिजिटल मैपिंग करके केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। इसमें 139 स्कवेयर किलोमीटर एरिया में जनगणना की जाएगी। स्टाफ को डिजीटल ट्रेनिंग दी जाएगी। कर्मियों के 33 सवाल के जवाब देने होंगे लोगों को जनगणना के दौरान कर्मचारी हर घर में जाकर 33 सवाल पूछेगा। जिसमें घर का नंबर, मकान के फर्श, छत, दीवार में इस्तेमाल की गई सामग्री, मकान की हालत, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग, परिवार में रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मकान के स्वामित्व की स्थिति, परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरे, दंपतियों की संख्या, परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति या अन्य से संबंधित है। पेयजल का मुख्य स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, रसोई और एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त ईधन, रेडियो-टीवी, इंटरनेट सुविधा, लैपटाप-कंप्यूटर, कार-जीप-वैन, साइकिल-मोटरसाइकिल, परिवार द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुख्य अनाज, मोबाइल नंबर वगैरह से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। इससे देश के लोगों की आर्थिक स्थिति तय की जाती है।