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टोल पर नहीं लगेगी लंबी लाइन! NHAI ने फरीदाबाद-बदरपुर को बैरियर फ्री बनाने की तैयारी शुरू की

फरीदाबाद दिल्ली-आगरा हाईवे पर फरीदाबाद बॉर्डर स्थित बदरपुर टोल टैक्स प्लाजा अगले छह महीनों में बैरियर फ्री होने जा रहा है। एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने इसके लिए पूरी तैयारी शुरू कर दी है। इस बदलाव के बाद वाहनों को बिना रुके ही टोल टैक्स का भुगतान करना संभव होगा, जिससे ट्रैफिक की गति बढ़ेगी और लंबी लाइनें समाप्त होंगी। कैसे काम करेगा हाईटेक सिस्टम एनएचएआई ने बताया कि बैरियर फ्री व्यवस्था के तहत हाईटेक कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली सिस्टम लगाए जाएंगे। टोल की वसूली इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो जाएगी वाहन जब टोल प्लाजा से गुजरेंगे, तो उनके रजिस्ट्रेशन नंबर को कैमरे द्वारा स्कैन किया जाएगा और टोल की वसूली इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो जाएगी। इसके लिए वाहन मालिकों को डिजिटल टोल पास या ई-टोल वॉलेट का इस्तेमाल करना होगा। इस तकनीक के लागू होने से प्लाजा पर ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके अलावा, यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और नकद लेनदेन से होने वाली परेशानियों को भी समाप्त करने में मदद करेगी। एनएचएआई की तैयारी एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि बैरियर फ्री सिस्टम लगाने के लिए पहले से ही आवश्यक सर्वे और तकनीकी तैयारी शुरू कर दी गई है। छह महीनों में पूरा किया जाएगा     उच्च तकनीक कैमरे, सेंसर और डिजिटल टोल प्रणाली की स्थापना का काम क्रमिक रूप से अगले छह महीनों में पूरा किया जाएगा।     अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि नए सिस्टम की टेस्टिंग पूरी तरह से हो और कोई तकनीकी गड़बड़ी न हो।     सड़क सुरक्षा और सुविधा में सुधार विशेषज्ञों का कहना है कि बैरियर फ्री टोल प्लाजा न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी मदद करेगा।     टोल प्लाजा पर अक्सर लंबी कतारों और अचानक ब्रेकिंग के कारण दुर्घटनाएं होती रही हैं। यात्रियों को होगा ये लाभ बैरियर फ्री प्रणाली से वाहनों की गति नियंत्रित रूप से बनी रहेगी और यह जोखिम कम होगा। यात्रियों के लिए लाभ ट्रक, बस और निजी वाहन चालक लंबे समय से टोल प्लाजा पर जाम और देरी से परेशान थे। बैरियर फ्री व्यवस्था लागू होने के बाद अब उन्हें बिना रुके ही टोल का भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। इससे समय की बचत होगी और लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रैवल को आसान बनाया जा सकेगा। भविष्य की योजनाएं एनएचएआई ने संकेत दिया है कि इस तरह के बैरियर फ्री टोल सिस्टम को अन्य हाईवे प्लाजा पर भी लागू करने की योजना है। इसका उद्देश्य पूरे देश में डिजिटल और स्मार्ट टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा देना है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुगम और सुरक्षित बन सके।  

वाहन चालकों पर बढ़ा बोझ, मांडर टोल पर फिर बढ़े नए रेट

 मांडर एनएच में मांडर टोल प्लाजा में एक महीने में दूसरी बार टोल टैक्स के दर में भारी बढ़ोतरी वाहन मालिक पर बोझ बनते जा रहा है। बताया जा रहा है कि यहां एक अप्रैल को ही टोल टैक्स के दरों में प्रति वाहन 5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। उसके बाद फिर एक माह पूरा होते ही दूसरी बार एक मई से प्रति वाहन 40 से 275 रुपये तक टोल टैक्स बढ़ा दिया गया है। मांडर टोल प्लाजा के मैनेजर अभिषेक साहू के अनुसार पूर्व में कार, जीप, वैन अन्य लाइट वाहन का सिंगल जर्नी में टोल टैक्स 80 रुपये और उसी दिन रिटर्न जर्नी पर 115 रुपये लगता था। जो अब बढ़कर 120 व 180 रुपये हो गया है। सेम डे के रिटर्न जर्नी बढ़कर 405 व 610 इसी तरह कमर्शियल व्हीकल व लाइट गुड्स व्हीकल में पूर्व में टोल टैक्स का दर सिंगल जर्नी में 125 व रिटर्न जर्नी पर 190 रुपये थे जो अब बढ़कर 195 व 290 रुपये हो गया है। बस व ट्रक में पहले सिंगल जर्नी में 265 व सेम डे के रिटर्न जर्नी में 395 रुपये लगता था जो अब बढ़कर 405 व 610 हो गया है। थ्री एक्सल कमर्शियल व्हीकल में पूर्व में सिंगल जर्नी में 285 व रिटर्न जर्नी में 430 रुपये लगता था जो अब बढ़कर 445 व 665 हो गया है। चार से छह एक्सल वाले व्हीकल में पूर्व में सिंगल जर्नी पर 410 व रिटर्न जर्नी पर 620 रुपये लगता था जो अब बढ़कर 635 व 955 हो गया है। फास्टटैग लेन देन ऑटोमेटिक मोड से होगा इसके अलावा ओवरसाइज व्हीकल में पूर्व में सिंगल जर्नी पर 500 व सेम डे रिटर्न जर्नी पर 755 रुपये लगते थे जो अब बढ़कर 775 के 1165 रुपया हो गया है। इसके अलावा सभी प्रकार के वाहनों के मासिक पास के दर में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही टोल प्लाजा में अब एक मई से सौ प्रतिशत फास्टटैग लेन देन ऑटोमेटिक मोड से होगा। वाहन का नंबर डालकर मैनुअल मोड की व्यवस्था बंद हो गई है. मैनेजर अभिषेक साहू ने बताया की टॉल टैक्स दर मे बढ़ोतरी मांडर के अलावा रांची गुमला मार्ग पतराचौली टॉल प्लाजा मे दरों की बढ़ोतरी हुई है।  

10 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश नहीं चलेगा, UPI पेमेंट पर 1.25 गुना अधिक चार्ज

नई दिल्ली देश के टोल प्लाजा पर होने वाले पेमेंट सिस्टम में नए बदलाव होने जा रहे हैं। दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि 10 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर यात्रियों के लिए टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट बंद कर दिया जाएगा। एक गजट नोटिफिकेशन में मंत्रालय ने कहा है कि जिन मामलों में कोई गाड़ी बिना वैलिड FASTag के किसी फीस प्लाजा में घुसती है, तो यूजर फिर भी यूनफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए पेमेंट कर सकते हैं, लेकिन उन्हें लागू टोल फीस से 1.25 गुना ज्यादा चार्ज देना होगा। यानी जिस टोल पर 100 रुपए लगते हैं, वहां UPI करने पर 125 रुपए देने होंगे। NHAI के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इस कदम का मकसद टोल गेट पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना और यात्रियों के लिए हाईवे पर सफर को ज्यादा आसान बनाना है। अधिकारी ने कहा कि 10 अप्रैल से टोल बूथ पर कैश पेमेंट स्वीकार नहीं किया जाएगा। टोल कलेक्शन का मुख्य तरीका FASTag ही रहेगा, जबकि UPI उन गाड़ियों के लिए पेमेंट का दूसरा ऑप्शन होगा, जो बिना वैलिड FASTag के आती हैं। या फिर किसी अन्य वजह से FASTag से पेमेंट नहीं होता। MoRTH के नोटिफिकेशन के मुताबिक, "अगर किसी गाड़ी का यूजर बिना FASTag या बिना किसी वैलिड और काम कर रहे FASTag के (जैसा भी मामला हो) किसी फीस प्लाजा से गुजरता है और UPI के जरिए फीस देने का विकल्प चुनता है, तो उसे नियम 4 के उप-नियम (2) के प्रावधानों के मुताबिक, उस कैटेगरी की गाड़ी पर लागू यूजर फीस का 1.25 गुना पेमेंट करना होगा। यदि गाड़ी का मालिक या ड्राइवर इस नियम के तहत बताए गए तरीके से फीस देने का ऑप्शन नहीं चुनता है, तो ऐसी गाड़ी के साथ नियम 14 के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।" FASTag एनुअल पास भी महंगा हुआ नेशनल हाईवे के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag एनुअल पास को भी महंगा कर दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए इस पास की कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपए कर दी गई है। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो चुका है। पहले इस पास की कीमत 3,000 रुपए थी। इस पास को 6 महीने के अंदर 50 लाख से ज्यादा यूजर्स ने एक्टिव कराया था। इस दौरान 26.55 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए हैं। NHAI ने बताया था कि नेशनल हाईवे (NH) नेटवर्क पर होने वाले कुल कार ट्रांजैक्शन में से लगभग 28% अब FASTag एनुअल पास के जरिए किए जा रहे हैं, जो नेशनल हाईवे यूजर्स के बीच FASTag एनुअल पास की बढ़ती पसंद को दिखाता है। FASTag एनुअल पास क्या है? सबसे पहले समझते हैं कि FASTag एनुअल पास क्या है? तो ये सालाना टोल पास एक तरह की प्रीपेड टोल स्कीम है, जिसे खास तौर से कार, जीप और वैन जैसे नॉन-कमर्शियल प्राइवेट व्हीकल के लिए तैयार किया गया है। नए पास की घोषणा करते समय नितिन गडकरी ने कहा था कि इसका उद्देश्य 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाजा से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करना और सिंगल, अफॉर्जेबल लेनदेन के माध्यम से टोल भुगतान को सरल बनाना है। टोल प्लाजा पर वेटिंग टाइम को कम करके, भीड़भाड़ को कम करके और विवादों को कम करके, वार्षिक पास का उद्देश्य लाखों प्राइवेट व्हीकल ओनर्स के लिए एक फास्ट और आसान यात्रा का अनुभव देना है। खास बात ये है कि इसके लिए लोगों को नया टैग खरीदने के की जरूरत नहीं है, बल्कि ये आपके मौजूदा FASTag से जुड़ जाएगा। इसकी कंडीशन ये है कि आपका मौदूजा FASTag एक्टिव होना चाहिए और आपके व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा हो। यह योजना केवल NHAI और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लागू होगा। इसके लिए बार-बार ऑनलाइन रिचार्ज करने की आवश्यकता नहीं है, जिससे यह डेली पैसेंजर्स के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। यह पास नॉन-ट्रांसफरेबल है। इसे सिर्फ रजिस्टर्ड व्हीक के साथ ही इस्तेमला कर पाएंगे। FASTag एनुअल पास कहां काम करेगा? FASTag एनुअल पास केवल NHAI द्वारा ऑपरेटेड राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) पर स्थित टोल प्लाजा पर ही काम करता है। जैसे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, मुंबई-नासिक, मुंबई-सूरत और मुंबई-रत्नागिरी मार्ग आदि। राज्य राजमार्गों या नगरपालिका टोल सड़कों पर आपका FASTag सामान्य रूप से काम करेगा और टोल सामान्य रूप से वसूला जाएगा। जैसे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे (समृद्धि महामार्ग), अटल सेतु, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे और अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे। ये सभी राज्य प्राधिकरणों द्वारा संचालित होते हैं। ऐसे एक्टिवेट करें फास्टैग एनुअल पास FASTag एनुअल पास एक्टिवेट करने को लेकर इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) की तरफ एक नोटिफिकेशस जारी किया गया है। IHMCL ने नोटिफिकेशन में इस एनुअल पास से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं। साथ ही, फास्टैग के एनुअल पास को एक्टिवेट करने का तरीका भी बताया है। IHMCL के मुताबिक, FASTag एनुअल पास को सिर्फ Rajmargyatra (राज मार्ग यात्रा) मोबाइल ऐप और NHAI पोर्टल पर जाकर ही एक्टिवेट किया जा सकेगा। इस पास को एक्टिवेट करने के लिए कार चालक को पहले अपने व्हीकल और उसके ऊपर लगे FASTag की एलिजिबिलिटी को वेरिफाई करना होगा। एक बार वेरिफिकेशन्स कंप्लीट होने के बाद 3,075 रुपए का पमेंट करना होगा। यूजर द्वारा किया गया 3,075 रुपए की पेमेंट कंफर्मेशन होने के बाद 2 घंटे के अंदर FASTag एनुअल पास एक्टिवेट हो जाएगा। यह एक्टिवेशन आपके मौजूदा फास्टैग पर ही होगा। FASTag एनुअल पास के लिए आपको न्यू फास्टैग खरीदने की जरूरत नहीं है। फास्टैग एनुअल पास पर पेमेंट करने से अगले 1 साल तक या फिर 200 टोल पार करने तक की वैलिडिटी मिलेगी।  

लाडोवाल Toll Plaza पर यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, मैनेजमेंट ने दिया बड़ा बयान

लुधियाना नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देशभर के टोल प्लाजाओं पर टोल फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जो 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। इसी के तहत नेशनल हाईवे पर स्थित लाडोवाल टोल प्लाजा पर भी नए रेट लागू कर दिए गए हैं। इसके साथ ही NHAI ने टोल प्लाजाओं पर नकद (कैश) भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया है। लाडोवाल टोल प्लाजा के मैनेजर विपिन राय ने बताया कि नए नोटिफिकेशन के अनुसार अब किसी भी वाहन चालक से कैश में टोल फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि अब बिना फास्टैग के टोल पार करने वाले वाहन चालकों से दोगुनी फीस वसूली जाएगी। हालांकि, अगर कोई चालक UPI के जरिए भुगतान करता है तो उससे सामान्य दर पर ही टोल लिया जाएगा। यदि वाहन चालक न तो फास्टैग और न ही UPI का इस्तेमाल करता है, तो उसे दोगुना टोल देना होगा। यह नियम 1 अप्रैल की रात से देश के सभी टोल प्लाजाओं पर लागू कर दिए गए हैं।  पिछले साल भी 1 अप्रैल से टोल रेट बढ़े थे और रेट में 5 रुपए की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। लाडोवाल टोल मैनेजर विपिन राय ने बताया कि NHAI की ओर से 27 मार्च को जारी नोटिफिकेशन के आधार पर दरों में संशोधन किया गया है। वहीं इस टोल से अब केवल फास्टैग या UPI पेमेंट कर ही गाड़ी टोल प्लाजा से गुजारी जा सकेगी। इसलिए, गाड़ी में फास्टैग अकाउंट एक्टिव कर लें। फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा चालू हो। बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर जुर्माना देना पड़ सकता है या लौटाया जा सकता है, क्योंकि सभी टोल पर सिर्फ फास्टैग या UPI से ही टैक्स चुका सकेंगे।

लाडोवाल टोल प्लाजा के टोल रेट में वृद्धि, वाहन चालकों के लिए बढ़ी मुश्किलें

लुधियाना  नेशनल हाईवे पर स्थित देश के सबसे महंगे लाडोवाल टोल प्लाजा पर एक बार फिर से टोल रेट में बढ़ोतरी की जा रही है। इसके चलते फिर से वाहन चालकों के ऊपर टोल फीस का बोझ बढ़ेगा। वही टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल से नई टोल फीस वाहनों के लिए लागू की जाएगी। टोल प्लाजा के मैनेजर विपिन राय ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी के आदेशों के मुताबिक ही 1 अप्रैल की रात 12 बजे के बाद टोल फीस में 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है जो 31 मार्च की आधी रात को लागू हो जाएगी। गौरतलब है कि लाडोवाल टोल प्लाजा देश का सबसे महंगा टोल प्लाजा होने के कारण हर बार चर्चा में रहता है। इस टोल प्लाजा पर प्रत्येक वाहन चालक से जो टोल फीस वसूली जाती है वह देश के सभी टोल प्लाजा से ज्यादा टोल फीस है। 

लाडोवाल टोल प्लाजा हुआ फ्री, किसानों के प्रदर्शन से वाहनों को मिली राहत

लुधियाना अपनी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए किसानों ने पंजाब के सबसे महंगे टोल प्लाजा को फ्री करवा दिया। इस दौरान मौके पर किसानों और चालकों ने टोल कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण आज उन्होंने लाडोवाल टोल प्लाजा को मुफ्त करवाया। किसानों ने मांग की कि बेअदबी की घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। वहीं एक ड्राइवर ने आरोप लगाया कि देर रात सब्जियों से भरी किसानों की गाड़ियों को निकालने के दौरान टोल कर्मचारी उन्हें परेशान करते हैं। ड्राइवर का कहना है कि कई बार टोल कर्मियों द्वारा लोगों के साथ गलत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल भी किया जाता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

लाडोवाल Toll Plaza पर वाहनों और ट्रांसपोर्टरों पर हमले कर रहे बदमाश

लुधियाना. महानगर के लाडोवाल टोल टैक्स पर इन दिनों कानून का नहीं बल्कि बदमाशों का राज चलता दिखाई दे रहा है। लुधियाना-जालंधर नेशनल हाईवे पर स्थित इस मुख्य टोल प्लाजा पर करीब 15 से 20 अज्ञात दबंगों ने अपनी समानांतर सत्ता चला रखी है। ये बदमाश दिन-रात टोल पर आने-जाने वाले भारी वाहनों और ट्रांसपोर्टरों को अपना शिकार बना रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना लाडोवाल की पुलिस ने अज्ञात बदमाशो के खिलाफ जबरन वसूली की FIR दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक ए.एस.आई. मोहम्मद सदीक को सूचना मिली कि लाडोवाल टोल पर गुंडागर्दी चरम पर है। 15-20 अज्ञात युवक टोल प्लाजा के पास जमावड़ा लगाकर बैठते हैं और लुधियाना से जालंधर की ओर जाने वाले ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को टोल बूथ से पहले ही रोक लेते हैं। ये आरोपी ड्राइवरों से डरा-धमका कर टोल की रकम अपनी जेब में भर लेते हैं और बदमाशी से फिर वाहन फ्री में निकलवा देते है। हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि ये बदमाश टोल बूथ पर तैनात कर्मचारियों को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देते हैं। डर के मारे कर्मचारी भी इन बदमाशों के आगे बेबस नजर आते हैं और इनके द्वारा रोके गए वाहनों को बिना किसी सरकारी पर्ची या रसीद के ही वहां से जाने देते हैं। इस तरह आरोपी न सिर्फ जनता को लूट रहे हैं बल्कि सरकारी खजाने को भी बड़ा चूना लगा रहे हैं। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की मदद से उनकी पहचान करने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूरत में हाईवे पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टोल पर झंझट खत्म! भारत में पहली बार बैरियर-फ्री टोल, आज से ट्रायल शुरू

 सूरत हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। देश में पहली बार पूरी तरह बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम तैयार किया गया है, जिसका ट्रायल आज से शुरू होने जा रहा है। यह नया सिस्टम गुजरात में लगाया गया है और इसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा शुरू किया जा रहा है। गुजरात में तैयार हुआ पहला बैरियर-फ्री टोल प्लाजा देश का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल प्लाजा गुजरात के सूरत जिले के कामरेज इलाके में स्थित चोर्यासी टोल प्लाजा पर बनाया गया है। यह मौजूदा पारंपरिक टोल बूथ की जगह लेगा, जहां अब तक वाहन चालकों को टोल देने के लिए रुकना पड़ता था। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय से टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम और भीड़ को खत्म करने की बात कर रहे थे। इसी दिशा में इस प्रोजेक्ट को पायलट आधार पर लागू किया गया है। ड्राइवरों को क्या फायदा होगा? बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू होने के बाद वाहन बिना रुके टोल क्षेत्र से गुजर सकेंगे। न तो ब्रेक लगाने की जरूरत होगी और न ही कतार में लगने की परेशानी रहेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा और हाईवे पर ट्रैफिक का बहाव पहले से ज्यादा बेहतर हो जाएगा। कैसे काम करेगा नया टोल सिस्टम? इस नई व्यवस्था में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।     हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ेंगे     सिस्टम FASTag से लिंक होकर अपने आप टोल की राशि काट लेगा     पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के होगी     खास बात यह है कि वाहन लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी टोल क्षेत्र पार कर सकेंगे।     विदेशी तकनीक से देश को बड़ा फायदा     इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में ताइवान की FETC एजेंसी के 25 से अधिक विशेषज्ञ पिछले कई महीनों से काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस नई तकनीक के लागू होने से हर साल लगभग 1500 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी। साथ ही, टोल कलेक्शन में पारदर्शिता बढ़ने से करीब 6000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है।     आगे की योजना क्या है?     सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की योजना है कि वर्ष 2026 के अंत तक देशभर के 1050 से ज्यादा टोल प्लाजा को AI आधारित मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम में बदला जाए। यदि गुजरात में शुरू किया गया यह ट्रायल सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के सभी नेशनल हाईवे पर टोल वसूली का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।    

जैसलमेर टूरिस्ट्स के लिए नई व्यवस्था, एंट्री पर 50-200 रुपए यात्री कर देना होगा, 2 टोल नाके बनाए जाएंगे

 जैसलमेर  स्वर्ण नगरी जैसलमेर की खूबसूरती निहारने आने वाले पर्यटकों को अब शहर में प्रवेश के लिए 'यात्री कर' (Entry Tax) देना होगा। जैसलमेर नगर परिषद ने 22 साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से पर्यटक वाहनों पर टैक्स लगाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। जैसलमेर एक छोटा शहर है, लेकिन पर्यटन सीजन (अक्टूबर से मार्च) के दौरान यहां लाखों सैलानी और हजारों वाहन पहुँचते हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था, सड़कों के रखरखाव और ट्रैफिक प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नगर परिषद के अनुसार, इस कर से मिलने वाले राजस्व का उपयोग शहर के विकास और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए किया जाएगा। कहां लगेंगे टोल नाके और कितना होगा शुल्क? शहर में प्रवेश के मुख्य रास्तों पर दो टोल नाके बनाए जाएंगे। जोधपुर रोड, यहां से जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की ओर से आने वाले पर्यटक वाहन प्रवेश करते हैं। बाड़मेर रोड : यहाँ से गुजरात और दक्षिण राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों का प्रवेश होता है। निर्धारित शुल्क : वाहनों की श्रेणी के अनुसार पर्यटकों को 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की रसीद कटवानी होगी। किसे मिलेगी छूट और किस पर लगेगा टैक्स? स्थानीय निजी वाहन : जैसलमेर के स्थानीय निवासियों की निजी कारों/गाड़ियों को इस टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है। टैक्सी वाहन : जैसलमेर नंबर की लोकल टैक्सियों और बाहर से आने वाली टैक्सियों, दोनों को यह शुल्क देना होगा। यह टैक्स मुख्य रूप से कमर्शियल और पर्यटक वाहनों पर केंद्रित है। नगर परिषद का पक्ष : नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने बताया कि पर्यटन सीजन में शहर पर बढ़ते आर्थिक भार को कम करने के लिए यह आवश्यक था। उन्होंने कहा:यात्री कर से सालाना लाखों रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इस राशि का सही इस्तेमाल पर्यटन स्थलों की सार-संभाल, शहर की सफाई और विकास कार्यों में किया जाएगा। जैसलमेर में टूरिस्ट सीजन में सैलानियों की बम्पर आवक होती है। इसके चलते नगर परिषद ने शहर में प्रवेश करने वाले पर्यटक वाहनों पर यात्री कर लगाने का फैसला किया है। पर्यटन सीजन में बढ़ता दबाव बना वजह जैसलमेर एक छोटा शहर है, लेकिन अक्टूबर से मार्च के पर्यटन सीजन में यहां लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही से शहर की सड़कों पर दबाव बढ़ता है, जाम की स्थिति बनती है और प्रदूषण में भी इजाफा होता है। इन्हीं कारणों से अतिरिक्त बजट की जरूरत महसूस की गई। कहां कटानी होगी रसीद? नगर परिषद ने 2 प्रमुख रास्तों पर एंट्री पॉइंट बनाने का फैसला किया है। एक एंट्री गेट जोधपुर रोड पर बनेगा, जहां से जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की ओर से आने वाले अधिकतर पर्यटक प्रवेश करते हैं। दूसरा एंट्री गेट बाड़मेर रोड पर बनाया जाएगा, जहां से गुजरात और दक्षिण राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव रहता है। इन नाकों को पार करते समय पर्यटक वाहनों को निर्धारित शुल्क जमा कर रसीद लेनी होगी। स्थानीय निजी गाडियों को छूट, टैक्सी पर लगेगा टैक्स नगर परिषद ने साफ किया है कि स्थानीय निवासियों की निजी गाडियों पर यह यात्री कर लागू नहीं होगा। हालांकि, जैसलमेर नंबर की टैक्सी भी इस टैक्स के दायरे में आएगी। यानी शहर की स्थानीय टैक्सी और बाहर से आने वाली टैक्सी दोनों को एंट्री शुल्क देना होगा। यह टैक्स केवल पर्यटकों और कॉमर्शियल उपयोग में आने वाले वाहनों पर लागू रहेगा। जैसलमेर नगर परिषद को होगी कमाई इस पूरे प्रोजेक्ट से नगर परिषद को भारी राजस्व मिलने की उम्मीद है। नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने बताया- यात्री कर से लाखों रुपए सालाना मिलने की उम्मीद है। इससे सीजन में बढ़ने वाले यात्री भार से शहर की सफाई पर व अन्य भार बढ़ जाता है जिसको लेकर हम उस पैसों का सही इस्तेमाल कर सकेंगे। उस पैसों का खर्च हम पर्यटन स्थलों की सार संभाल व विकास आदि पर कर सकेंगे।नगर परिषद जल्द ही इन नाकों का निर्माण शुरू करेगी और सीजन के चरम पर पहुंचने से पहले इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

दूल्हे-दुल्हन का प्यार टोल प्लाजा पर, CCTV वीडियो से मैनेजर ने शुरू की ब्लैकमेलिंग की कोशिश

सुल्तानपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हलियापुर स्थित टोल प्लाजा पर ‘एंट्री ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (एटीएमएस) पर सीसीटीवी का दुरुपयोग कर अश्लील वीडियो बनाए जाने की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। शिकायतकर्ता ने टोल के मैनेजर पर इस मामले संलिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है। बताया कि सीसीटीवी से लोगों की निजी गतिविधियों की अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। इस शिकायत के बाद ऐसे कई मामले सोशल मीडिया में चर्चा में हैं। ऐसा ही एक मामला एक नवविवाहित जोड़े से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि शादी के कुछ दिन बाद यह जोड़ा लखनऊ जा रहा था। टोल प्लाजा से कुछ पहले गाड़ी रुकने के दौरान दूल्हे ने दुल्हन को किस कर लिया। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी को जूम कर इसका वीडियो बना लिया गया और फिर ब्लैकमेलिंग की गई। रुपए लेने के बाद भी आरोपियों ने वीडियो वायरल कर दिया। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ ऐसे किसी वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इस बारे में पूछे जाने पर टोल प्लाजा मैनेजर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मैनेजर का कहना कि यह मामला उसके संज्ञान में है। टोल पर सात कर्मचारी हैं। जांच की जा रही कि वीडियो बनाकर किसने ओछी हरकत की है। शौच के लिए निकली महिलाओं के भी बनाए वीडियो शिकायत करने वाले लोगों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बताया है कि पूर्वाचल एक्सप्रेस वे पर हलियापुर टोल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की दिशा आसपास मौजूद गांवों की तरफ कर दी जाती है। टोल के आसपास जरईकला, हलियापुर और गौहनियां गांव हैं, यहां कैमरे को शौच आदि करने के लिए निकलने वाली महिलाओं की तरफ कर अश्लील वीडियो बनाया जाता है। इसके अलावा घर के बाहर निकलने वाली लड़कियों की गतिविधियों को भी कैमरे में कैद किया जाता है। बाद में उनसे संपर्क कर उन्हें ब्लैकमेल कर धन की उगाही की जाती है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दो महीने पहले मिल्कीपुर (अयोध्या) के एक युवक से वीडियो दिखकर उससे 10,000 रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर 144 किमी पर एक ट्रक चालक और महिला के मामले में भी वसूली की गई। इसके अलावा 25 अक्तूबर को भी एक नवविवाहिता जोड़े का अश्लील वीडियो बनाया गया। युवक आजमगढ़ का रहने वाला है, वह अपनी पत्नी को लेकर लखनऊ जा रहा था। बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा से कुछ पहले गाड़ी रुकने के दौरान दूल्हे ने दुल्हन को किस किया। सीसीटीवी जूम कर इसका वीडियो बनाया गया है और ब्लैकमेलिंग की गई। यह वीडियो बल्दीराय थाने के माइल्ड स्टोन 93 के पास बनाई गई। इस मामले में युवक से 32,000 रुपये की वसूली की गई। इसके बाद भी आरोपियों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। क्या बोला मैनेजर आरोपों के बारे में टोल प्लाजा मैनेजर ने कहा कि हमारे स्टाफ में 7 कर्मचारी हैं। यह वीडियो हमारे स्टाफ के किसी कर्मचारी ने बनाकर वायरल किया है। इसकी जांच की जा रही है। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है, मैंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है, मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत हैं। जांच चल रही है जल्द आरोपी को पकड़ा जाएगा।