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गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में फिरौती ना देने पर मेडिकल स्टोर मालिक की हत्या

गुरदासपुर. पंजाब में गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक के ऐतिहासिक जौड़िया बाजार में बुधवार सुबह फिरौती के नाम  पर अज्ञात युवकों ने एक मेडिकल स्टोर मालिक को गोलियां से भून दिया। घटना सुबह करीब आठ बजे की है। बेदी मेडिकल स्टोर के मालिक रणदीप सिंह बेदी की अज्ञात युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना उस समय हुई जब रणदीप सिंह बेदी रोजाना की तरह अपना मेडिकल स्टोर खोलकर सफाई कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो युवक मौके पर पहुंचे और बिना किसी कहासुनी के रणदीप सिंह बेदी पर फायरिंग कर दी। गोली उनकी आंख के पास लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही रणदीप सिंह बेदी से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। कुछ समय पहले हटाई गई थी सुरक्षा फिरौती की मांग के बाद उन पर पहले भी हमला हुआ था, जिसमें उन्हें जांघ में गोली लगी थी। उस घटना के बाद पुलिस की ओर से उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई गई थी। हालांकि बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में सुरक्षा कर्मियों को हटा लिया गया था, जिसका फायदा बदमाशों ने उठाया। घटना की सूचना मिलते ही डेरा बाबा नानक पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इलाके की नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। इलाके में पहले भी हो चुकी फायरिंग की घटना स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में इस घटना को लेकर भारी रोष और डर का माहौल है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी डेरा बाबा नानक क्षेत्र में एक दुकानदार को गोली मारने की घटना सामने आ चुकी है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से बाजारों में कारोबार करने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

पंजाब-हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ी ठंड

चंडीगढ़. कश्मीर में हुई ताजा बर्फबारी के कारण बीते कुछ दिनों में दूसरी बार घाटी का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क टूट गया। अधिकारियों के अनुसार श्रीनगर हवाई अड्डे से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद कर दिया गया है। उत्तर भारत को प्रभावित कर रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में ठंड का असर और बढ़ गया है। सुबह से ही पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जो रुक-रुक कर दिनभर जारी रही। पंजाब के कई जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे ठंड में और इजाफा हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से पंजाब और आसपास के राज्यों में बारिश होने के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी तथा पंजाब के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि के कारण मैदानी इलाकों के तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 30 जनवरी तक शीतलहर और घने कोहरे का असर बना रहेगा, जिसको देखते हुए पंजाब में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। लुधियाना में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बठिंडा में अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के विभिन्न जिलों में हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार पटियाला में सबसे अधिक 29 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।

चंडीगढ़ के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के स्कूलों में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 5 बड़े स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी। जिन स्कूलों को धमकी मिली उनमें सेक्टर-25 का चितकारा इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-16 का मॉडल स्कूल, सेक्टर-45 का सेंट स्टीफंस स्कूल, सेक्टर-35 का मॉडल स्कूल और सेक्टर-19 का मॉडल स्कूल शामिल हैं। धमकी मिलते ही एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों को खाली करा लिया गया। बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया और स्कूल बसों को रास्ते से वापस भेज दिया गया। चंडीगढ़ पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और स्कूल कॉम्प्लेक्स में तलाशी ली जा रही है। वहीं अभी तक कोई संदिग्ध चीज बरामद नहीं हुई है। पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की सच्चाई की जांच कर रही है। सुरक्षा कारणों से आस-पास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। इस धमकी के बाद बच्चों के साथ-साथ माता-पिता में भी चिंता का माहौल है।

पंजाब में ओले और बारिश ने फिर बढ़ाई ठंड!

चंडीगढ़. आज सुबह से पंजाब के कई इलाकों में बारिश हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है। ठंडी हवाएं चलने के कारण एक बार फिर ठंड का असर बढ़ गया है और मौसम ने करवट ले ली है। मिली जानकारी के अनुसार रूपनगर और पटियाला के कई क्षेत्रों में ओले गिरे हैं। वहीं जालंधर, लुधियाना और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज संगरूर, पटियाला, मोहाली और श्री फतेहगढ़ साहिब में ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, पूरे प्रदेश में दिनभर बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार कल भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। आज सुबह से हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने एक बार फिर ठंड बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

डाक विभाग में 10वीं पास युवाओं को मिला सुनहरा मौका

चंडीगढ़. सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय डाक विभाग ने देशभर में बड़ी संख्या में भर्तियां निकालने की घोषणा की है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में कुल 28 हजार से अधिक पद भरे जाएंगे। यह भर्ती 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए है और चयन पूरी तरह 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। ब्रांच पोस्ट मास्टर (BPM) और असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर (ABPM) के पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी। आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 से शुरू होगी और 14 फरवरी 2026 तक आवेदन किया जा सकेगा। चयनित अभ्यर्थियों को पद के अनुसार 10 हजार से 29 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इच्छुक उम्मीदवार भारतीय डाक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

PM मोदी 1 फरवरी को पंजाब के डेरा सचखंड बल्लां दरबार में आएंगे

जालंधर. गुरु रविदास महाराज जी की 649वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को पंजाब दौरे पर आएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में नतमस्तक होंगे। बताया जा रहा है कि शाम 4 बजे यहां पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा गुरु रविदास महाराज जी की जयंती के पावन अवसर को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और डेरा प्रबंधन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पीएम मोदी के दौरे को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

पंजाब यूनिवर्सिटी के स्कॉलर को गणतंत्र दिवस पर मिला मेयर अवॉर्ड

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के सेंटर फॉर दी स्टडी ऑफ सोशल इंक्लूजन में राजनीति विज्ञान विषय के पी.एच.डी रिसर्च स्कॉलर सरताज सिंह को शिक्षा, रिसर्च और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 26 जनवरी 2026 को चंडीगढ़ मेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान गणतंत्र दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर व नगर निगम कमीशनर अमित कुमार, आई.ए.एस के द्वारा प्रदान किया गया। सरताज सिंह इससे पहले भी साहित्य और लेखन के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। उन्हें भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री युवा लेखक पुरुस्कार प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा उन्हें शैक्षणिक उपलब्धियों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के द्वारा राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है और लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सरताज सिंह को पीयू के द्वारा डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी गोल्ड मेडल से नवाजा जा चुका है। निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में रहे विजेता इसके अतिरिक्त पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ की वाइस चांसलर के द्वारा उन्हें बेस्ट ऑल राउंडर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट अवॉर्ड भी प्रदान किया गया है। अब तक सरताज सिंह भारत के विभिन्न कॉलेजो व विश्वविद्यालयों के द्वारा आयोजित 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में विजेता रह चुके हैं। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए सरताज सिंह ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा, यह अवॉर्ड केवल मेरा नहीं है, बल्कि मेरे शिक्षकों, परिवार और उन सभी लोगों का है जिन्होंने मुझे निरंतर सीखने और समाज के लिए लिखने की प्रेरणा दी। मैं आगे भी शिक्षा, शोध और साहित्य के माध्यम से सामाजिक समावेशन और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का प्रयास करता रहूंगा। नई पीढ़ी के छात्रों को दी प्रेरणा वहीं, इस मौके पर चंडीगढ़ के पूर्व मेयर एवं पंजाब यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ सीनेट मेंबर देवेश मौदगिल ने सरताज सिंह को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि सरताज जैसे प्रतिभाशाली युवा शोधार्थी विश्वविद्यालय और समाज दोनों के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सरताज सिंह भविष्य में भी शिक्षा, शोध और साहित्य के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते रहेंगे और नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को प्रेरणा देंगे। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ है।

सीएम मान और नायब सैनी की मुलाकात में SYL मुद्दे पर निकला समाधान?

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में लंबे समय से लंबित सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच यह बैठक अभी भी जारी है। बैठक एक होटल में शुरू हुई, जिसमें दोनों सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। SYL नहर का मुद्दा पिछले कई सालों से दोनों राज्यों के बीच विवाद का कारण बना हुआ है। सीएम सैनी ने क्या कहा? बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अगली बैठक में दोनों राज्यों के सिंचाई विभाग के अधिकारी बैठक करके सार्थक समाधान की तरफ पहुंचेंगे। इसके बाद आखिर में दोनों मुख्यमंत्री बैठकर समाधान निकालेंगे। मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आज की बैठक एक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है। पंजाब गुरुओं की धरती है, उनकी शिक्षाएं आज भी हमारे लिए अनमोल रतन है। गुरु नानक देव ने पवन को गुरु, पानी को पिता, और धरती को माता कहा था  गुरुओं की वाणी आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीटिंग बहुत ही अच्छे माहौल में हुई। जब बातचीत अच्छे माहौल में होती है तो परिणाम भी सार्थक आते हैं।  भगवंत मान का भी आई सकारात्मक प्रतिक्रिया बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बैठक बड़े सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। लेकिन पानी को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका। मीटिंग के बाद सीएम भगवंत मान ने कहा कि इस मसले का हल होना चाहिए यह बहुत लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के उलझाए इस मुद्दे को हल नई पीढ़ी करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, एक सवाल के जवाब में मान ने कहा कि जब तक पानी का मसला हल नहीं होता। तब तक नहर बनाने का कोई मतलब नहीं बनता। आखिर नहर से पानी ही लेकर जाना है, कोई जूस तो डालना नहीं है। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पंजाब के जल स्रोत मंत्री बिरेंदर गोयल ओर दोनों राज्यों के अधिकारी भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा पुराना है, बल्कि लटक रहा है। गुरुओं की वाणी हमारा मार्गदर्शन कर रही है। हरियाणा हमारा कोई दुश्मन नहीं है वह भाई है। आज पानी पूरी दुनिया का मसाला बनता जा रहा है । जल संरक्षण के उपाय भी करने होंगे दोनों पक्ष सार्थक समाधान के पक्ष में है। दोनों राज्यों के अधिकारी मिलकर इस मसले पर जरूरत के आधार पर बैठकर करेंगे, जिस तरीके से पुराने बुजुर्ग आपस में बैठकर समाधान करते थे, हम भी वैसा ही करेंगे। हालांकि, यह झगड़ा हमारे बुजुर्गों की ही देन है। लेकिन अब सत्ता में नई नहीं पीढ़ी आ गई है सार्थक समाधान की उम्मीद कर सकते हैं। हम चाहते हैं कि किसी का भी हक ना कोई ना मारे। क्या है SYL मुद्दा? SYL नहर का मुद्दा पिछले कई सालों से दोनों राज्यों के बीच विवाद की जड़ बना हुआ है। पिछले मई में, सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को दशकों पुराने विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए केंद्र के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया था। हाल ही में एक सुनवाई में, शीर्ष अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख अप्रैल में तय की थी। SYL नहर की कल्पना रावी और ब्यास नदियों के पानी को दोनों राज्यों के बीच प्रभावी ढंग से बांटने के लिए की गई थी। इस प्रोजेक्ट में 214 किलोमीटर लंबी नहर बनाने की योजना है, जिसमें से 122 किलोमीटर का हिस्सा पंजाब में और बाकी 92 किलोमीटर हरियाणा में बनाया जाना था।

किला रायपुर में 11 साल बाद लौटेगा बैलगाड़ी रेस, ग्रामीण ओलंपिक में वापसी, DC ने नियमों का ध्यान रखने का दिया आश्वासन

चंडीगढ़  पंजाब में लुधियाना के किला रायपुर ग्रामीण ओलिंपिक में एक बार फिर से बैलगाड़ी दौड़ की वापसी होने जा रही है। किला रायपुर में जो खेल शुरू होंगे उनमें बैलगाड़ी की दौड़ का भी आयोजन इस बार किया जाएगा। जिला प्रशासन, आयोजक और ग्रामीणों में इसे लेकर उत्साह है। 30 जनवरी से एक फरवरी तक ये गेम्स करवाई जानी हैं। डीसी हिमांशु जैन ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि यमों और कानून मुताबिक बैलगाड़ी की दौड़ होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2014 में किला रायपुर गेम्स में बैलगाड़ी की दौड़ बंद करवा दी थी। पंजाब सरकार ने 11 जुलाई को विधानसभा में बिल पास करके बैल गाड़ियों की दौड़ फिर से करवाने का रास्ता साफ कर दिया। सरकार के इस फैसले से इस बैलगाड़ी दौड़ शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है। पिछले कुछ सालों से पंजाब सरकार इन खेलों का आयोजन कर रही है। किला रायपुर खेलों की रौनक हो गई थी खत्म बैल गाड़ियों की दौड़ शुरू से किला रायपुर खेलों में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही हैं। जब किला रायपुर में बैलगाड़ियों की दौड़ पर प्रतिबंध लगा तो खेलों की रौनक ही खत्म हो गई। देश विदेश से पर्यटकों ने आना बंद कर दिया। इन शर्तों पर शुरू करवाई जाएगी बैलगाड़ियों की दौड़ किसी भी तरह की मारपीट, नुकीले औजार या क्रूरता पूरी तरह प्रतिबंधित होगी अत्यधिक गर्मी या खराब मौसम में दौड़ नहीं करवाई जाएगी सभी प्रतिभागियों और बैलों का पूर्व पंजीकरण जरूरी होगा नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई और प्रतिबंध लगाया जाएगा कैसे ग्रामीण ओलिंपिक बने किला रायपुर की खेल, जानिए 1933 में इंदर ग्रेवाल ने शुरू किया: किला रायपुर की ग्रामीण खेलों की शुरुआत साल1933 में हुई। इनको शुरू करने का श्रेय लुधियाना के किला रायपुर के इंदर सिंह ग्रेवाल को जाता है। इन खेलों को शुरू करने के पीछे उद्देश्य पंजाब के किसानों को एक प्लेटफार्म पर एकत्रित करना था। इनके मनोरंजन के लिए खेलें शुरू की गईं जो आगे चलकर पूरे पंजाब में फेमस हो गईं और इन्हें पंजाब का मिनी ओलिंपिक कहा जाने लगा। रायपुर के हॉकी में सिल्वर कप जीतने से हुई शुरुआात: साल 1933 में पहली बार रायपुर की हॉकी टीम ने जालंधर में सिल्वर कप जीता। इसी जीत से प्रेरित होकर ग्रेवाल जट्‌ट समुदाय ने गांवों के बीच वॉलीबॉल, कबड्डी और एथलेटिक्स की शुरुआत हुई और उसी साल "ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन" बनाई गई। 1944 में पहली बार हुई बैल दौड़: साल 1940 में 440 गज का ट्रैक बनाकर एथलेटिक्स के मुकाबले शुरू हुए और साल 1944 में बाबा बक्शी के प्रयासों से बैलगाड़ी दौड़ शामिल की गई। साल 1950 में महिलाओं के लिए खेल आयोजनों की शुरुआत हुई, जो साल 1953 में औपचारिक रूप से शामिल किए गए। दुनियाभर को दिखाई जाती है पंजाब की विरासत: इंदर सिंह ग्रेवाल के प्रयासों के कारण, यह खेलें त्योहार की तरह बन गईं और हर साल आयोजित होने लगीं। अब ये खेलें दुनिया भर से लोगों को आकर्षित करती हैं। यह न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है जो पंजाब की समृद्ध विरासत को दुनियाभर में दिखाता है। बैलों को पिलाते हैं देसी घी, खिलाते हैं ड्राई फ्रूट्स: बैलगाड़ी दौड़ में हिस्सा लेने वाले बैलों की कीमत लाखों रुपए तक होती है और उनकी देखभाल बच्चों की तरह की जाती है। पंजाब के पशुपालक बताते हैं कि वे अपने बैलों को देसी घी, ड्राई फ्रूट्स, चुनिंदा अनाज और पोषक आहार खिलाकर उन्हें ताकतवर बनाते हैं। अब जानें क्यों लगा बैलों की दौड़ पर प्रतिबंध जीत के लिए बैलों को नशे की गोलियां खिलाने के लगे आरोप: इन खेलों में बैल दौड़ पर सवाल उठने शुरू हो गए। कुई पशु प्रेमियों ने पशु क्रूरता को लेकर कोर्ट का रुख किया। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि कुछ मालिक अपने बैलों को दौड़ के दौरान तेज भगाने के लिए नशे की गोलियां खिलाते हैं और लोहे की नुकीली 'क्रिच' से मारते हैं, जिससे बैल दर्द से भागने लगता है। बैलों पर क्रूरता का हवाला देकर लगी थी रोक: साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किला रायपुर समेत देशभर में बैलगाड़ी दौड़ों पर रोक लग गई थी। अदालत ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 का हवाला देते हुए कहा था कि इस तरह की दौड़ों में जानवरों के साथ क्रूरता की आशंका रहती है। इसके बाद किला रायपुर रूरल ओलिंपिक में यह प्रतियोगिता बंद कर दी गई। 2014 के बाद से फीका पड़ा खेल उत्सव: साल 2014 के आदेश और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कानूनी रूप से बैल दौड़ पर बैन लगने के बाद किला रायपुर में खलों का आकर्षण फीका पड़ने लगा। धीरे-धीरे यहां आने वाले लोगों की संख्या भी कम होने लगी। विवादों से भी जुड़ा किला रायपुर ग्रामीण ओलिंपिक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की रोक के आदेश को 11 साल बीत चुके हैं और कभी भी यहां बैल दौड़ देखने को नहीं मिली। बैल दौड़ के जाने के बाद यहां और भी विवाद पैदा हुए और ये खेल आयोजन कुछ सालों में ही बंद हो गया। विवाद उस समय और गहरा गया जब आयोजन स्थल की जमीन को लेकर कानूनी मसला खड़ा हो गया, जिससे साल 2018 के बाद खेल आयोजन पूरी तरह रुक गया। साल 2023 में गांव के पट्टी सुहाविया गुट के पक्ष में फैसला आने के बाद आयोजन को दोबारा शुरू करने की राह साफ हुई। साल 2024 से पंजाब सरकार ने खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली। पहले भी इसे शुरू करने के दो प्रयास हो चुके: पंजाब सरकार ने 2019 में विधानसभा में एक संशोधन विधेयक पारित किया था, जिससे बैल दौड़ को कानूनी मान्यता मिल सके। इसके तहत पशुओं की देखभाल और सुरक्षा से जुड़े विशेष प्रावधानों के साथ पारंपरिक खेल को संरक्षित करने की बात कही गई थी। 2024 में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात कर इस खेल को दोबारा शुरू कराने की मांग भी की थी। अब 2025 में राज्य सरकार ने इस दिशा में अंतिम कदम बढ़ा दिया है। पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से विधेयक को पारित कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही … Read more

पंजाब बना निवेश का नया हॉटस्पॉट! महिंद्रा का 400 करोड़ का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट

चंडीगढ़ कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि महिंद्रा एंड महिंद्रा भारत के अग्रणी बहुराष्ट्रीय समूहों में से एक है, जिसने ऑटोमोटिव, कृषि उपकरण, वित्तीय सेवाओं, निर्माण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। इस समूह को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक प्लेटफॉर्म विकसित करने का व्यापक अनुभव और प्रतिष्ठा प्राप्त है तथा यह भारत के सबसे बड़े मोबिलिटी सॉल्यूशन निर्माताओं में से एक है, जिसका संचालन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फैला हुआ है।  उन्होंने आगे कहा कि महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने जापान आधारित सुमितोमो कॉरपोरेशन और इसुज़ु मोटर्स से शेयरों की खरीद के माध्यम से लगभग 555 करोड़ रुपये में एसएमएल इसुज़ु लिमिटेड में 58.96 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है। अगस्त 2025 में लेन-देन पूर्ण होने के बाद कंपनी के बोर्ड का पुनर्गठन किया गया और फर्म का नाम एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड रखा जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड भारत में लाइट और मीडियम कमर्शियल व्हीकल्स (एल सी वी /एम सी वी) का एक अग्रणी निर्माता है, जिसकी लॉजिस्टिक्स, यात्री परिवहन और संस्थागत मोबिलिटी सेगमेंट की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले ट्रकों, बसों और विशेष-उद्देश्य वाहनों के निर्माण में मजबूत स्थिति है। कंपनी पहले ही शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), पंजाब स्थित अपनी विनिर्माण इकाई में लगभग 500 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश कर चुकी है। यह यूनिट एक पूर्णतः एकीकृत ऑटोमोबाइल निर्माण परिसर है, जिसमें वाहन असेंबली लाइनें, बॉडी शॉप, पेंट शॉप, प्रेस और मशीन शॉप, एफआरपी शॉप तथा एक समर्पित बस बॉडी प्लांट शामिल हैं। पंजाब में विस्तार योजनाओं के संबंध में एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड के कार्यकारी चेयरमैन विनोद सहाय के हवाले से बताया गया कि कंपनी ने पंजाब में अपने संचालन के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप तैयार किया है। इसमें मौजूदा विनिर्माण सुविधा के आधुनिकीकरण और उन्नयन हेतु 100 करोड़ रुपये का निवेश तथा किसी अन्य राज्य से पंजाब में एक विनिर्माण इकाई स्थानांतरित कर 400 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश को शामिल किया गया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब देश के सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्यों में से एक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने पंजाब की विकास यात्रा पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के गतिशील नेतृत्व में राज्य तेजी से देश में निवेश के लिए सबसे पसंदीदा स्थान बन रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब का निवेशक-अनुकूल शासन, पारदर्शी नीतियां, समयबद्ध स्वीकृतियां, सुदृढ़ औद्योगिक आधारभूत ढांचा और कुशल कार्यबल प्रमुख औद्योगिक घरानों में नया विश्वास पैदा कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने गर्व के साथ यह भी कहा कि महिंद्रा समूह के चेयरमैन श्री आनंद महिंद्रा की जड़ें लुधियाना, पंजाब से गहराई से जुड़ी हुई हैं, जो देश के सबसे प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवारों में से एक महिंद्रा समूह और राज्य के बीच गहरे ऐतिहासिक एवं उद्यमशील संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह पुराना रिश्ता नवाचार, उद्यमिता और औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ पंजाब के संबंधों को और सुदृढ़ करता है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने आगे कहा कि पंजाब में एसएमएल–महिंद्रा की बढ़ती उपस्थिति राज्य के उद्योग-समर्थक ईकोसिस्टम के मजबूत समर्थन का प्रमाण है। उन्होंने महिंद्रा समूह के भविष्य के प्रत्येक विस्तार और निवेश के लिए पंजाब सरकार की सक्रिय सहायता तथा सिंगल-विंडो प्रणाली के माध्यम से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।