samacharsecretary.com

Kangana Ranaut का पंजाब विवाद: बुजुर्ग महिला केस में नया मोड़, जानें ताज़ा जानकारी!

बठिंडा  दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान बुजुर्ग महिला महिंदर कौर को लेकर ट्विटर पर की गई टिप्पणी के मामले में सांसद कंगना रनौत के खिलाफ जिला अदालत में चल रहे प्रकरण की सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में दोनों पक्षों के वकील उपस्थित रहे, जबकि बुजुर्ग महिला की तबीयत ठीक न होने के कारण वह अदालत में पेश नहीं हो सकीं। अदालत ने कंगना रनौत के वकील को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 5 जनवरी 2026 को सांसद कंगना रनौत स्वयं अदालत में उपस्थित होकर गवाहों की शिनाखत करें। अब इस मामले की अगली सुनवाई उक्त तिथि को होगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए बुजुर्ग महिला महिंदर कौर के वकील बहनीवाल ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत में महिंदर कौर और एक अन्य गवाह के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सोमवार को मामले की अगली पेशी थी, लेकिन बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब होने के चलते वह अदालत नहीं आ सकीं। वहीं, सांसद कंगना रनौत की ओर से उनके वकील अदालत में पेश हुए। वकील बहनीवाल ने बताया कि अब मामले में गवाही की प्रक्रिया होनी है, जिसको लेकर अदालत ने निर्देश जारी किए हैं। अगली पेशी पर गवाहों के बयान दर्ज किए जाए। क्या है मामला  यह मामला वर्ष 2021 का है, जब किसान आंदोलन चरम पर था। उस समय कंगना ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली 81 वर्षीय बुजुर्ग किसान महिला महिंदर कौर की फोटो के साथ लिख दिया था कि ऐसी महिलाएं 100 रुपए में धरने में शामिल हो जाती हैं। इसके बाद माता महिंदर कौर ने अदालत में केस दायर किया था। अदालत में पेशी के दौरान  महिंदर कौर ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वह कंगना को किसी भी हालत में माफ़ नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि वह इंसाफ मिलने तक लड़ाई जारी रखेंगी, ताकि भविष्य में कोई बुज़ुर्ग महिला के बारे में ऐसी टिप्पणी न करे।  

पंजाब की इन जगहों पर फिर जाएंगे मतदाता, Election Commission ने घोषित किया री-पोल

चंडीगढ़  आयोग के तय प्रोग्राम के मुताबिक, राज्य भर में 22 ज़िला परिषदों के 347 ज़ोन और 153 पंचायत समितियों के 2838 ज़ोन के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव तसल्लीबख्श और शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हो गए हैं। कुछ घटनाओं को छोड़कर, चुनाव के दौरान किसी जानी नुकसान या टकराव की कोई खबर नहीं है। आयोग ने इन जगहों पर फिर से चुनाव कराने के दिए आदेश 1. ब्लॉक समिति अटारी, ज़ोन नंबर 08 (खासा) (बूथ नंबर 52, 53, 54, 55) और ज़ोन नंबर 17 (वरपाल कलां) (बूथ नंबर 90, 91, 93, 94, 95)-अमृतसर ज़िला। 2. ब्लॉक समिति चन्नणवाल (ज़ोन नंबर 04), गांव रायसर पटियाला (बूथ नंबर 20)- ज़िला बरनाला। 3. ब्लॉक कोट भाई, गिद्दड़बाहा जिला श्री मुक्तसर साहिब में गांव बबानिया (बूथ नंबर 63 और 64) और गांव मधीर (बूथ नंबर 21 और 22)  4. गांव चन्नियां (पोलिंग स्टेशन 124)- जिला गुरदासपुर 5. पोलिंग बूथ 72, पंचायत समिति भोगपुर (ज़ोन चीन 4)– जिला जालंधर वहीं जानकारी के लिए बता दें कि दोबारा चुनाव 16.12.2025 को सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होंगे और इन वोटों की गिनती 17.12.2025 को आम गिनती के साथ की जाएगी। 

कोहरे की चादर में ढकी ट्राईसिटी, अगले दो दिनों तक येलो अलर्ट लागू

चंडीगढ़  दिसंबर का आधा महीना लगभग खत्म हो चुका है और अब ट्राईसिटी में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से सुबह-शाम शहर में कोहरे की मोटी चादर छाई हुई है और ठंडी हवाएं चल रही हैं। रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। इससे लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। दिन में हल्के बादल भी छाए रहे, लेकिन बाद में तेज धूप खिली, जिससे लोगों को राहत मिली और छुट्टी के दिन लोग सड़कों और छतों पर धूप का मजा लेते दिखे। दिन का पारा अभी भी 26 डिग्री, रात में कड़ाके की ठंड रविवार को दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन रात होते-होते पारा तेजी से गिरकर 7.4 डिग्री पर आ गया। तापमान में यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों को खुद भी ठंड का एहसास हुआ। इस वजह से दिन में अभी भी लोग राहत महसूस कर रहे हैं।  कोहरे से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार हुई धीमी कोहरे की वजह से सुबह और रात में सड़कों पर गाड़ियों की स्पीड अपने आप धीमी हो जाती है। आगे की सड़क ठीक से न दिख पाने की वजह से ड्राइवर फॉग लाइट का सहारा ले रहे हैं और ज़्यादा सावधानी बरत रहे हैं। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान धीरे गाड़ी चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ठंड मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस दौरान ट्राइसिटी के कई इलाकों में घना कोहरा गिरने की संभावना है। इससे विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है। इसकी वजह से गाड़ी चलाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। आने वाले चार दिनों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और तापमान 22 डिग्री तक आ सकता है। हालांकि, अभी रात में पारा गिरने की कोई संभावना नहीं है।

20 दिसंबर को बदलेगी सरकारी स्कूलों की तस्वीर, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने जारी किए नए निर्देश

रूपनगर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग 20 दिसंबर को स्कूल प्रबंधन समितियों (एस.एम.सी.) के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से प्रदेश भर के सभी स्कूलों में अभिभावकों की भागीदारी पर वर्कशॉप और मेगा पी.टी.एम. नामक वर्कशाप की एक व्यापक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है। रयात बाहरा विश्वविद्यालय में स्कूल अध्यापकों की बैठक को संबोधित करते हुए बैंस ने कहा कि इस श्रृंखला की पहली  वर्कशॉप 20 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को सशक्त बनाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक अभिभावक को बच्चे की शैक्षणिक प्रगति, सरकारी स्कूलों के योगदान और स्कूल विकास में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी हो। यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए घर और स्कूल के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। रयात बाहरा विश्वविद्यालय पहुंचने पर हरजोत बैंस का स्वागत विश्वविद्यालय के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा और ग्रुप वाइस-चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) संजय कुमार ने किया। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा क्रांति के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि इस पहल के तहत बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण, स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना और सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं और चारदीवारी शामिल हैं। बैंस ने बताया कि 12,000 सरकारी स्कूलों को नई/मरम्मत की गई चारदीवारियों, कक्षाओं, शौचालयों और खेल मैदानों से उन्नत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इसके अलावा, 118 मौजूदा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को उन्नत सहकर्मी शिक्षण (एडवांस्ड पीयर लर्निंग) के लिए हाई-टेक “स्कूल ऑफ एमिनेंस” में परिवर्तित किया गया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्रांति का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को प्रतिस्पर्धी बनाना और पंजाब के हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी प्रगति पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी स्कूलों के स्टाफ सदस्यों से सहयोग की अपील की।

जल संकट की असल तस्वीर उजागर: संत सीचेवाल ने पेश की पंजाब के पानी पर हैरान करने वाली रिपोर्ट

सुल्तानपुर लोधी संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा पंजाब के तेजी से गिरते भूजल स्तर को लेकर राज्यसभा में पूछे गए लिखित प्रश्नों के उत्तर में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि पंजाब देश का सबसे अधिक भूजल-संकटग्रस्त राज्य बन चुका है। केंद्रीय भूजल बोर्ड की 2024–25 की राष्ट्रीय आकलन रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में भूजल दोहन दर 156 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। यह दर देश के औसत 60.63 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में वार्षिक कुल भूजल पुनर्भरण 18.60 बिलियन क्यूबिक मीटर आंका गया है, जबकि सुरक्षित रूप से उपयोग योग्य पानी केवल 16.80 बिलियन क्यूबिक मीटर है। इसके विपरीत, पंजाब इस समय सिंचाई, घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए लगभग 26.27 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी सालाना निकाल रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अभी भी गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो पंजाब में पानी की स्थिति और भी भयावह हो सकती है। 

ठंड–कोहरे का असर: पंजाब में बदलेगा स्कूलों का टाइमिंग, शिक्षा विभाग अलर्ट

फाजिल्का पंजाब के स्कूलों का समय बदलने को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। कर्मचारी एकता संघर्ष कमेटी के नेता दुपिंदर ढिल्लो, कुलदीप सिंह सभ्रवाल, बलविंदर सिंह, जगनंदन सिंह, परमजीत सिंह सोरेवाला, इंकलाब सिंह गिल, सुरिंदर कंबोज, गुरमीत सिंह ढाबा, हरजिंदर सिंह धालीवाल ने घने कोहरे व मौसम में अचानक हुए बदलाव को देखते हुए पंजाब सरकार व डिप्टी कमिश्नर फाजिल्का से स्कूलों के समय में बदलाव की मांग की है।  उन्होंने कहा कि फाजिल्का जिले के अध्यापक पूरे पंजाब के अलग-अलग जिलों में सेवाएं दे रहे हैं और फाजिल्का के भी बहुत से अध्यापक ऐसे हैं जो आस-पास के दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे हैं और रोजाना अप-डाउन भी करते हैं। इसलिए पिछले कुछ सालों में हुए बहुत ही भयानक हादसों के कारण हमारे अध्यापक साथियों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। मौसम में अचानक आए बदलाव और घने कोहरे की वजह से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के इंतज़ाम और आने-जाने के इंतजाम को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय बदला जाना चाहिए ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।  उन्होंने कहा कि घने कोहरे और ठंड की वजह से बच्चों को स्कूल पहुंचने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की सेहत का ध्यान रखना हमारी पहली ज़िम्मेदारी है। कर्मचारी एकता संघर्ष कमेटी फाजिल्का के नेताओं ने कहा कि इस हालात को ध्यान में रखते हुए स्कूल खुलने का समय बदलकर सुबह 10 बजे किया जाना चाहिए। इस मौके पर अमनदीप सिंह, धरमिंदर गुप्ता, सुखविंदर सिंह सिद्धू, अशोक सरारी, सुनील गांधी, अमन बराड़, सतिंदर सचदेवा, दलीप सिंह सैनी, निशांत अग्रवाल, सुखविंदर गांधी और दूसरे नेता मौजूद थे। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के परिसरों पर बड़ी कार्रवाई, 12 ठिकानों पर छापेमारी, परिजनों से पूछताछ

पंजाब  पंजाब की राजनीति से जुड़े एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, आज सुबह कांग्रेस के सीनियर नेता के घर-आफिस सहित 12 ठिकानों पर रेड हुई है। मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता और उद्यमी रमिंदर आंवाला के घर पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेड की और इस दौरान उनके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, गुरुहरसहाय में टीमें तड़के करीब 6 बजे विधायक रमिंदर आंवला के घर पर पहुंच गई थीं। इस दौरान उनके घर सहित 12 ठिकानों पर ED की 7 टीमों ने पहुंच कर जांच की। बताया जा रहा है कि, विधायक से उनके बिजनैस और इनकम का ब्यौरा मांगा जा रहा है। गौरतलब है कि, रमिंदर सिंह आंवला 2019 में जलालाबाद से उपचुनाव के दौरान विधायक बने थे। बता दें कि सुखबीर बादल के सांसद चुने जाने के बाद ये सीट खाली हो गई थी जिसके बाद यहां पर उप चुनाव हुआ था। लेकिन 2022 में चुनाव के दौरान रमिंदर सिंह चुनाव आर गए।  

पंजाब में खेलों का नया दौर, मान सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, खेल विकास को मिलेगी बढ़त

चंड़ीगढ़ पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए मान सरकार बड़े कदम उठा रही है। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब सरकार पंजाब में ऐसा माहौल खड़ा कर रही है जिससे युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहे है। पंजाब की मान सरकार ने युवाओं के लिए गांव-गांव में खेल स्टेडियम बनाने का निर्णय किया हैं। सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है।  जहां पर सूबे का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस बार अपने बजट में खेलों के विकास के लिए 979 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है, जिससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। मान सरकार की अब राज्य के क़रीब 13,000 गाँवों में आधुनिक खेल के मैदान बनाने की योजना है। इसके तहत ग्रामीण स्टेडियमों का पूर्ण नवीनीकरण किया जाएगा। पहले चरण में 3,083 गाँवों में निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। यह खेल स्टेडियम अब गांवों की नई पहचान बनेंगे। सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई और भी बड़ी पहल की हैं, जैसे नई खेल नीति, 'खेडां वतन पंजाब दियां' टूर्नामेंट और स्पोर्ट्स नर्सरियों की स्थापना।  नई खेल नीति 2023 का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं का निष्पक्ष चयन और उन्हें बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना है, इस नीति के तहत, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य और देश स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर दिया जाता है 'खेडां वतन पंजाब दियां' एक वार्षिक खेल टूर्नामेंट है जिसकी शुरुआत मान सरकार ने की थी, इसके तीसरे संस्करण (2024) में 37 खेलों में लगभग 5 लाख एथलीटों ने भाग लिया था। इसमें पैरास्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया। इसके साथ ही मान सरकार 1000 स्पोर्ट्स नर्सरियां स्थापित कर रही है, जिसमें विश्व स्तरीय कोचिंग, खेल सामग्री और सुविधाएं दी जाएंगी। हेरीटेज खेलों पर से प्रतिबंध हटाकर सरकार ने बैलगाड़ी दौड़, कुत्ते दौड़ और घुड़दौड़ जैसे पारंपरिक हेरीटेज खेलों की शुरुआत भी की है। इसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करना और युवाओं को अपनी परंपरा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पंजाब को रंगला पंजाब बनाने का वादा अब पूरा हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पंजाब में कानून-व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। जल्द ही पंजाब के हर गाँव में अत्याधुनिक स्टेडियम भी बनकर तैयार हो जाएँगे। पंजाब सरकार शहरों और गांवों में हर उम्र के लिए खेल और जिम की सुविधा उपलब्ध कराएगी जिससे पंजाब सेहतमंद भी बनेगा। ये सिर्फ खेल के लिए नहीं, बल्कि नशे से जूझते युवाओं के लिए जीवन की नई शुरुआत है। पंजाब की धरती आज बदलाव के सबसे निर्णायक दौर से गुजर रही है। और इसका श्रेय जाता है पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब भगवंत मान सरकार ने ऐसा माहौल खड़ा कर दिया है जहां युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने जो किया है वो केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में खेल स्टेडियम की शक्ल में दिखाई देगा। यह सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर राज्य का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। पंजाब की धरती ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। हॉकी के क्षेत्र में राज्य को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली है। अब मान सरकार रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से एथलेटिक्स में राज्य के खोए हुए गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। मान सरकार का यह कदम आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देगा, युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेगा।

LPG सिलेंडर पर पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, बुकिंग करवाने वाले खपतकारों के लिए राहत

लुधियाना  सर्दियों के दस्तक देते ही जहां आम उपभोक्ताओं को बुकिंग करवाने के बाद भी एक गैस सिलैंडर की सप्लाई लेने के लिए 10 दिनों तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं गैस माफिया के अड्डों पर एक साथ कई गैस सिलैंडरों की डिलीवरी हो रही है, जो कि गैस कंपनियों और एजैंसी मालिकों की दोगली मानसिकता को दर्शाता है। चंडीगढ़ रोड स्थित जीवन नगर, छोटी मुंडिया, नीची मंगली, गुरु तेग बहादुर नगर, 33 फुटा रोड, त्रिशला नगर, फोकल प्वाइंट, परमजीत कॉलोनी, फॉर्टिस हॉस्पिटल की बैक साइड जच्चा-बच्चा केंद्र आदि इलाकों में सक्रिय गैस माफिया द्वारा धड़ल्ले से साइकिल रिपेयर, मनियारी की दुकान, करियाना स्टोर, बर्तन स्टोर, खाने-पीने का सामान बेचने वाली रेहड़ियों, यहां तक कि बुटीक आदि पर घरेलू गैस सिलैंडर के बड़े जखीरे उतारे जा रहे हैं। वर्णनीय है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा गैस माफिया के सरगना संतोष गुप्ता के फोकल प्वाइंट स्थित एक फैक्ट्री में बनाए गए ठिकाने पर की गई एक छापेमारी दौरान वहां पर 125 के करीब घरेलू गैस सिलैंडर, सोनू गुर्जर के ठिकाने से गैस सिलैंडर सहित गैस की पलटी मारने वाली मशीन, इलैक्ट्रॉनिक टोल कांटा आदि बरामद किए गए हैं। लुधियाना एल.पी.जी. डीलर एसोसिएशन द्वारा डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के साथ की गई एक विशेष बैठक के दौरान गैस माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने संबंधी मांग की गई है जिसके जवाब में डिप्टी पुलिस कमिश्नर रुपिंदर सिंह द्वारा गैस माफिया को सख्त चेतावनी दी गई है लेकिन ए.सी. पी. और एस.एच.ओ. स्तर के पुलिस अधिकारी पुलिस कमिश्नर के आदेशों को मानने के लिए तैयार नहीं है और सारी बात वह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पाले में फैंक कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की फिराक में लगे हुए हैं।   उधर इस गंभीर मामले को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कंट्रोलर मैडम शिफाली चोपड़ा ने दावा किया है कि उनके द्वारा गैस माफिया के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है और जिला परिषद / ब्लाक समिति चुनाव के बाद माफिया के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा जिसमें घरेलू गैस की कालाबाजारी और पलटी का काला कारोबार चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खेलों को नई उड़ान: मान सरकार ने पंजाब में खेल विकास के लिए किए करीब ₹1,000 करोड़ आवंटित

चंड़ीगढ़ पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए मान सरकार बड़े कदम उठा रही है। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब सरकार पंजाब में ऐसा माहौल खड़ा कर रही है जिससे युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहे है। पंजाब की मान सरकार ने युवाओं के लिए गांव-गांव में खेल स्टेडियम बनाने का निर्णय किया हैं। सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर सूबे का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस बार अपने बजट में खेलों के विकास के लिए 979 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।  यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है, जिससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। मान सरकार की अब राज्य के क़रीब 13,000 गाँवों में आधुनिक खेल के मैदान बनाने की योजना है। इसके तहत ग्रामीण स्टेडियमों का पूर्ण नवीनीकरण किया जाएगा। पहले चरण में 3,083 गाँवों में निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। यह खेल स्टेडियम अब गांवों की नई पहचान बनेंगे। सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई और भी बड़ी पहल की हैं, जैसे नई खेल नीति, 'खेडां वतन पंजाब दियां' टूर्नामेंट और स्पोर्ट्स नर्सरियों की स्थापना। नई खेल नीति 2023 का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं का निष्पक्ष चयन और उन्हें बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना है, इस नीति के तहत, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य और देश स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर दिया जाता है 'खेडां वतन पंजाब दियां' एक वार्षिक खेल टूर्नामेंट है जिसकी शुरुआत मान सरकार ने की थी, इसके तीसरे संस्करण (2024) में 37 खेलों में लगभग 5 लाख एथलीटों ने भाग लिया था। इसमें पैरास्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया। इसके साथ ही मान सरकार 1000 स्पोर्ट्स नर्सरियां स्थापित कर रही है, जिसमें विश्व स्तरीय कोचिंग, खेल सामग्री और सुविधाएं दी जाएंगी। हेरीटेज खेलों पर से प्रतिबंध हटाकर सरकार ने बैलगाड़ी दौड़, कुत्ते दौड़ और घुड़दौड़ जैसे पारंपरिक हेरीटेज खेलों की शुरुआत भी की है। इसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करना और युवाओं को अपनी परंपरा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पंजाब को रंगला पंजाब बनाने का वादा अब पूरा हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पंजाब में कानून-व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। जल्द ही पंजाब के हर गाँव में अत्याधुनिक स्टेडियम भी बनकर तैयार हो जाएँगे। पंजाब सरकार शहरों और गांवों में हर उम्र के लिए खेल और जिम की सुविधा उपलब्ध कराएगी जिससे पंजाब सेहतमंद भी बनेगा। ये सिर्फ खेल के लिए नहीं, बल्कि नशे से जूझते युवाओं के लिए जीवन की नई शुरुआत है। पंजाब की धरती आज बदलाव के सबसे निर्णायक दौर से गुजर रही है। और इसका श्रेय जाता है पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब भगवंत मान सरकार ने ऐसा माहौल खड़ा कर दिया है जहां युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है।  आम आदमी पार्टी की सरकार ने जो किया है वो केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में खेल स्टेडियम की शक्ल में दिखाई देगा। यह सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर राज्य का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। पंजाब की धरती ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। हॉकी के क्षेत्र में राज्य को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली है। अब मान सरकार रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से एथलेटिक्स में राज्य के खोए हुए गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। मान सरकार का यह कदम आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देगा, युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेगा।