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श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! कटरा–नई दिल्ली रूट पर विशेष ट्रेन सेवा शुरू

पठानकोट (पंजाब)  वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्रदान करते हुए, इस विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा हैं। साथ ही इस विशेष ट्रेन के चलने से यात्रियों को भीड़ भाड़ के दौरान कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। जम्मू मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधाओं के लिए समय समय पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसी के तहत यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और श्री माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देते हुए, नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा-नई दिल्ली तक 12 से 14 दिसंबर तक विशेष ट्रेन संख्या 04081/ 04082 चलाने का निर्णय लिया गया है।  विशेष ट्रेन का विवरण विशेष ट्रेन संख्या 04081 नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा दिनांक 12.12.25 से 13.12.25 ( दो ट्रिप ) यह विशेष ट्रेन दिनांक 12 दिसंबर को नई दिल्ली से रात 11.45 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर में 12 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन पानीपत, कुरूक्षेत्र, अम्बाला कैंट, लुधियाना, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, जम्मू , शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) आदि रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। विशेष ट्रेन संख्या 04082 श्री माता वैष्णो देवी कटरा से नई दिल्ली दिनांक 13.12.25 से 14.12.25 ( दो ट्रिप ) यह विशेष ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से रात को 09.20 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) , जम्मू, पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट, लुधियाना, अम्बाला कैंट, कुरुक्षेत्र, पानीपत आदि रेलवे स्टेशनों पर यथावत रूकेगी।  वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्रदान करते हुए, इस विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा हैं। साथ ही इस विशेष ट्रेन के चलने से यात्रियों को भीड़ भाड़ के दौरान कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। यह आरक्षित विशेष ट्रेन है,  जिसका संचालन 20 कोचों के साथ किया जाएगा। यात्री भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट/ एप या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं, तथा यात्रियों से अनुरोध किया जाता है, कि अपनी यात्रा प्रारंभ करने से पहले ट्रेन के समय की सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त कर ले।

नेशनल मार्ग पर गहरी धुंध का कहर, पुलिसकर्मी दर्दनाक हादसे का शिकार

बटाला  आज सुबह अमृतसर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पड़ी गहरी धुंध के कारण हुई एक सड़क दुर्घटना में कार सवार पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने का समाचार प्राप्त हुआ है। घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरिंदर सिंह (60) पुत्र ज्ञान सिंह निवासी बटाला, जो कि पुलिस कर्मचारी है एवं नौशहरा माझा सिंह से चुनाव लड़ रहे एक व्यक्ति के साथ बतौर गनमैन के रूप में डयूटी है, आज सुबह अपनी स्विफ्ट कार से ड्यूटी पर जा रहा था।  जब वह उक्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गिल्लां गांव के पास पहुंचा, तो इसी दौरान एक ट्राला चालक ट्राले का मोड़ काट रहा था कि राजमार्ग पर पड़ी गहरी धुंध के चलते उक्त पुलिसकर्मी की गाड़ी उक्त ट्राले से जा टकराई, जिसके चलते उक्त कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि इस सड़क दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।  इस बीच, दुर्घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे एम्बुलेंस 108 कर्मियों ने उक्त पुलिसकर्मी नरिंदर सिंह को तत्काल उपचार के लिए बटाला के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। 

निरीक्षण में गड़बड़ी पकड़ी तो कार्रवाई तय: ठेकेदारों को CM मान का दो-टूक संदेश

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला जिले में रीतखेड़ी लिंक रोड के निर्माण में अनियमितताएं पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा उसकी सभी अदायगियां तुरंत रोकने के आदेश दिए. जिक्रयोग्य है कि मुख्यमंत्री ने आज तीन निर्माणाधीन सड़कों की जांच की, जिनमें से दो सड़कों का निर्माण कार्य सही पाया गया, जबकि एक सड़क के निर्माण में खामी पाई गई निर्माणाधीन सड़क का औचक निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने सड़क के नमूने लेने के बाद निर्धारित मानकों का पालन न करने पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उसका भुगतान फौरन रोकने के निर्देश दिए. सड़क के नमूनों की लैबोरेटरी जांच भगवंत सिंह मान ने पटियाला जिले में ही निर्माणाधीन पटियाला-सरहिंद सड़क का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को सड़क के नमूनों की लैबोरेटरी जांच करवाने को कहा. इसके अलावा उन्होंने फतेहगढ़ साहिब जिले में रुड़की से रिउंणा पलैन रोड की भी जांच की. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निर्माणाधीन सड़कों की जांच का उद्देश्य पूरे प्रदेश में बन रही सड़कों की गुणवत्ता की जांच करना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बहुत बड़ी राशि खर्च कर रही है, इसलिए यह मुहिम प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें बनाने को सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे आने वाले दिनों में भी यह औचक जांच जारी रखेंगे क्योंकि वे यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि जनता के पैसे का सही उपयोग हो. संबंधित विभागों में हों उचित तालमेल उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को उचित तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सीवरेज लाइनें, पीने के पानी की पाइपें, फाइबर और अन्य सभी काम सड़क निर्माण से पहले ही पूरे हो जाएं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पूरे प्रदेश में नई बनी सड़कों को न्यूनतम नुकसान होगा, जिससे जनता के पैसे का तर्कसंगत उपयोग सुनिश्चित होगा.   लोगों से जोरदार अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे सड़क निर्माण के चल रहे कार्य की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का आग्रह किया क्योंकि यह लोगों की अपनी संपत्ति है. उन्होंने कहा कि आम जनता को इस काम की निगरानी करनी चाहिए और यदि कोई अनियमितता होती है तो उसे प्रदेश सरकार के संज्ञान में लाना चाहिए. भगवंत सिंह मान ने काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि सरकार ने प्रदेश के इतिहास में सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू किया है, जिसमें कुल 16,209 करोड़ रुपए की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि अगले साल के अंत तक प्रदेश सरकार पंजाब के सभी गांवों, कस्बों और शहरों में कुल 16,209 करोड़ रुपए की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बना लेगी. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन सभी सड़कों के निर्माण के साथ 5 साल की देखभाल-संबंध की शर्त जोड़ी गई है, जिससे विश्व स्तरीय सड़क सुरक्षा मानकों के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता के मानक भी सुनिश्चित होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रदेश में बेहतर सड़कें उपलब्ध कराना और ग्रामीण मूलभूत संरचना को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले ही 4,092 करोड़ रुपए की कुल लागत से 19,373 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस साल बाढ़ से हुई व्यापक तबाही के कारण कई क्षेत्रों में सड़कों को भारी नुकसान हुआ था, इसलिए प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर कड़ी मेहनत की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि चल रहे सड़क प्रोजेक्टों में 5 साल की मेंटेनेंस की धारा जोड़ी गई है ताकि सड़कें लंबे समय तक ठीक रहें. साथ ही सड़कों पर चमकदार धारियां, किनारों पर निशान, दिशा-सूचक और विश्व स्तरीय सुरक्षा मानक सुनिश्चित किए जाएंगे. लोगों की बेहतर सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. इसी के तहत पंजाब सरकार ने पीएमबी, पीडब्ल्यूडी, शहरी स्थानीय निकायों सहित कई एजेंसियों और जन प्रतिनिधियों को इस प्रदेश स्तरीय व्यापक मुहिम से जोड़ा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार ने पंजाब में सभी सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण करवाकर मरम्मत और अपग्रेड होने वाली सड़कों की पहचान की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब प्रदेश सरकार ने अगले साल के अंत तक 16,209 करोड़ रुपए की कुल लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है. सड़क गुणवत्ता की लगातार निगरानी भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यमंत्री की फ्लाइंग स्क्वायड सड़कों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी कर रही है और घटिया सामग्री के उपयोग की कई शिकायतें मिलने पर कुछ ठेकेदारों के ठेके रद्द कर दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई ठेकेदार घटिया काम करता पाया जाता है या कोई कर्मचारी इसमें शामिल होता है तो उसके खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

बम धमकी से दहला अमृतसर: सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट, कई स्कूल खाली

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके मद्देनजर छात्रों को स्कूलों से बाहर निकाला गया और प्राधिकारियों ने परिसरों की गहन तलाशी शुरू कर दी। अमृतसर में जिला प्रशासन द्वारा सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिए जाने के बाद घबराए हुए अभिभावक अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूलों की ओर दौड़ पड़े। पूर्व में कुछ छात्र इस तरह की शरारत के लिए जिम्मेदार पाए गए थे। अधिकारी ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी तरह सतर्क है। अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने एक बयान में कहा कि अमृतसर के शहरी और ग्रामीण इलाकों के कुछ स्कूलों को संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुए हैं। प्रत्येक स्कूल में एक राजपत्रित अधिकारी तैनात किया गया है और तलाशी जारी है। साइबर पुलिस थाना युद्धस्तर पर ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटा है। इससे पहले, स्थानीय डीएवी पब्लिक स्कूल के एक छात्र को अपने स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल भेजने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। बाद में छात्र और उसके माता-पिता द्वारा लिखित माफीनामा जमा करने के बाद उसे छोड़ दिया गया।

मोहाली के सरकारी अस्पताल (PILBS) में पहली सफल लिवर ट्रांसप्लांट, मान सरकार ने बनाए नए मानक

चंड़ीगढ़ पंजाब के स्वास्थ्य इतिहास में एक नया सूर्योदय हुआ है! आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार के संकल्प और दूरदर्शिता का परिणाम है कि पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ़ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (PILBS), मोहाली ने सफलतापूर्वक अपनी पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी करके एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। यह उपलब्धि केवल चिकित्सा के क्षेत्र में एक कदम नहीं है; यह उन हजारों ग़रीब और मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए आँसू पोंछने वाला एक चमत्कारी वरदान है, जो अब तक इस जीवन-रक्षक इलाज को केवल एक सपना मानते थे। यह पंजाब के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम की शक्ति और क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण है। यह केवल "पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी" नहीं है। यह है, एक पिता को मिला जीवनदान: जिसने सोचा था कि वह अपने बच्चों को खेलते हुए नहीं देख पाएगा। एक बेटे का वापस मुस्कुराना, जिसने अपनी माँ की आँखों में निराशा देखी थी।एक परिवार का दोबारा एक होना, जिसने टूटने का डर देखा था। प्राइवेट सेक्टर में जहाँ यह ऑपरेशन लाखों-करोड़ों की कीमत रखता है, वहीं मान सरकार के नेतृत्व में PILBS ने यह सुविधा राज्य के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर उपलब्ध कराकर सच्ची लोक कल्याणकारी भावना का परिचय दिया है। इस सफलता के पीछे संस्थान के समर्पित डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की वर्षों की अथक मेहनत, त्याग और अटूट समर्पण छिपा है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर सरकारी संस्थानों को सही संसाधन, नेतृत्व और प्रोत्साहन मिले, तो वे विश्व के किसी भी श्रेष्ठतम अस्पताल से मुकाबला कर सकते हैं। लिवर फेलियर से जूझ रहे मरीज़ों के लिए यह खबर जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है। ट्रांसप्लांट की ज़रूरत वाले परिवारों के लिए, PILBS अब केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि आशा का मंदिर है। यह सफलता पंजाब के हर उस नागरिक के लिए गर्व का विषय है, जिसने अब तक महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण हार मान ली थी। यह स्पष्ट करता है कि मान सरकार का ध्यान केवल विकास पर नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन और कल्याण पर केंद्रित है। PILBS की यह उपलब्धि पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति की एक मजबूत नींव रखती है। यह ऐतिहासिक कदम पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांति की शुरुआत है। भगवंत मान सरकार ने साबित कर दिया है कि वे पंजाब के हर नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में, 'आप' सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता दी है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम हम देख रहे हैं। इस संस्थान की स्थापना का मूल उद्देश्य पंजाब को लिवर और पित्त संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए एक अग्रणी केंद्र बनाना था। पहली सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी उस विज़न की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सफलता है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है: स्वास्थ्य सुविधाओं में भौगोलिक और आर्थिक असमानता को खत्म करना, ताकि राज्य का कोई भी नागरिक गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे। यह ऐतिहासिक सफलता न केवल पंजाब के लिए, बल्कि पूरे भारत के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक प्रेरणा है। PILBS, मोहाली ने राष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी जगह बनाई है और अब यह संस्थान देश के अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन सकता है। हालाँकि, यह सफलता एक शुरुआत मात्र है। भविष्य की चुनौतियाँ जटिल हैं, जिनमें अंगदान (Organ Donation) की दर बढ़ाना, उन्नत अनुसंधान और विशेषज्ञ डॉक्टरों का निरंतर प्रशिक्षण शामिल है। सरकार को अब इस उपलब्धि को एक स्थायी और सतत सेवा में बदलने के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी होगी। PILBS की यह सफलता एक उज्ज्वल और मानवीय भविष्य का संकेत है। यह उस सरकार की कहानी है जो अपने लोगों के प्रति जवाबदेह और संवेदनशील है। यह जीत केवल चिकित्सा की नहीं, बल्कि मानवीय दृढ़ता और लोक-कल्याण की है। पंजाब सरकार का यह कदम साबित करता है कि "उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा अब सबका अधिकार है, सिर्फ़ विशेषाधिकार नहीं।" यह ऐतिहासिक क्षण पंजाब के हर कोने में खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के आने वाले युग की गहरी और भावनात्मक घोषणा है। यह सर्जरी पंजाब के उन हर कोने में बैठे लोगों की जीत है, जो हमेशा से मानते थे कि बेहतरीन इलाज सिर्फ अमीरों के लिए है। आज, हमारी अपनी सरकारी छत के नीचे, पंजाब के डॉक्टरों ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और बेहतरीन इलाज अब अमीरी की मोहताज नहीं है। मान सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो दृढ़ संकल्प दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। इस उपलब्धि के पीछे, उनका एक ही संदेश है, "पंजाब का हर नागरिक हमारा परिवार है, और हमारे परिवार का हर सदस्य स्वस्थ रहेगा। पैसे की कमी के कारण अब पंजाब में किसी की जान नहीं जाएगी।" यह एक ऐसी भावनात्मक सुरक्षा है जो पंजाब के हर नागरिक को मिल रही है। यह दिखाता है कि सरकार केवल सड़कें और पुल नहीं बना रही, बल्कि लोगों के जीवन और उनके विश्वास को पुनर्निर्मित कर रही है। यह बताता है कि बदलाव की शुरुआत हो चुकी है, और यह बदलाव अमीरी-ग़रीबी का भेद मिटाकर, हर चेहरे पर मुस्कान लाएगा!

जालंधर के लिए गुड न्यूज़! शहरभर में शुरू हुई यह बड़ी सर्विस

जालंधर जालंधर में सीवरेज समस्या को लेकर खास खबर सामने आई है। शहर में तंग गलियों के कारण बड़ी सीवरेज गाड़ियां अंदर तक नहीं जा पा रही थीं, जिसकी वजह से कई इलाकों में सीवरेज जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। इस बड़ी परेशानी से राहत दिलाने के लिए आज जालंधर नगर निगम को 4 नई जैट मशीनें मिल गई हैं, जो खास तौर पर तंग गलियों में काम करने के लिए तैयार की गई हैं।   इस मौके पर जालंधर वेस्ट के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री मोहिंद्र भगत, मेयर वीनित धीर और नगर निगम कमिश्नर आई.एस. संदीप ऋषि मौके पर पहुंचे और शहरवासियों को नई मशीनरी समर्पित की। कैबिनेट मंत्री मोहिंद्र भगत ने कहा कि गली-मोहल्लों में सीवरेज की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी दिक्कत बनी हुई थी। नई सुपर जैट मशीनों के आने से अब सीवरेज की दिक्कत काफी हद तक दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जालंधर शहर के हालात पहले से काफी बेहतर हो चुके हैं और आने वाले समय में स्मार्ट सिटी के अधूरे प्रोजेक्ट भी पूरे किए जाएंगे।   मेयर वीनित धीर ने बताया कि मेयर बनने के बाद उन्होंने वादा किया था कि नगर निगम की मशीनरी की कमी पूरी की जाएगी। इसी दिशा में 15 दिन पहले ही 9 जेसीबी मशीनें और 12 टिप्पर नगर निगम को दिए जा चुके हैं। अब 4 नई जैट मशीनें मिलने से शहर में सीवरेज संबंधी समस्याओं को और तेजी से हल किया जा सकेगा। नगर निगम कमिश्नर आई.एस. संदीप ऋषि ने बताया कि कर्मचारियों की लंबे समय से यह मांग थी कि गलियों और मोहल्लों में बड़ी मशीनें नहीं पहुंच पातीं, जिससे शहर को कई बार सीवरेज जाम की समस्या से जूझना पड़ता था। आज नई जैट मशीनें मिलने के बाद तंग गलियों में सीवरेज की दिक्कतों पर काबू पाया जा सकेगा और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा। नई मशीनरी के शामिल होने के बाद नगर निगम का दावा है कि अब शहर की सीवरेज व्यवस्था और सुचारू रूप से चल सकेगी।

PSPCL में बड़ा फर्जीवाड़ा: हजारों उपभोक्ताओं के ‘जीरो बिल’ पर उठा सवाल, जांच से खुलेंगे राज

लुधियाना पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन सैंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस द्वारा मीटरों की रीडिंग करने के दौरान सरकारी सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करने वाले 40 के करीब कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए मीटर रीडरों की आई.डी. को ब्लॉक कर दिया गया है। हालांकि इस दौरान कई मीटर रीडर पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों को सियासी नेताओं की सिफारिशें लगाकर मामले को रफा-दफा करने के जुगाड़ करने में जुट गए हैं। चीफ इंजीनियर स.हांस द्वारा पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों सहित सभी डिवीजनों सुंदर नगर, सी.एम.सी. डिवीजन, सिटी सैंटर, फोकल प्वाइंट, अग्र नगर, स्टेट डिवीजन, मॉडल टाऊन, जनता नगर, सिटी वैस्ट, सहित खन्ना, दोराहा, सरहिंद, अमलोह, मंडी अहमदगढ़, ललतों, जगराओं, रायकोट, मुल्लांपुर दाखा आदि इलाकों के एक्सियन साहिबानों को मीटर रीडरों की सरकारी आई. डी. को बंद कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। ताकि पावरकॉम विभाग के सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई कर बिजली निगम को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। यहां बताना अनिवार्य होगा कि बिजली मीटर द्वारा किए गए घोटाले का पर्दाफाश सबसे पहले पंजाब केसरी द्वारा किया गया है। समाचार प्रकाशित होने के तुरंत बाद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले की जांच के निर्देश जारी किए गए। जांच में सामने आया है कि बिजली मीटर रीडरों ने एक सोची समझी साजिश के तहत पावरकॉम विभाग की अत्यधिक ओ.आर.सी. स्कैनिंग ऐप तकनीक की बजाए मैन्युअल अथवा सॉफ़्टवेयर के साथ छेड़छाड़ कर उपभोक्ताओं को फर्जीवाड़े के तहत 0 राशि के बिल जारी किए गए हैं। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस ने बताया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और मीटर रीडरों द्वारा सरकारी खजाने को पहुंचाए गए नुकसान की पाई-पाई का हिसाब उनसे लिया जाएगा।

बड़ी कार्रवाई! पंजाब में बढ़ाई गई सुरक्षा, 44,000 पुलिसकर्मी मैदान में उतरे

जालंधर/चंडीगढ़ राज्य में आने वाले दिनों में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को ध्यान में रखते हुए, पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि शांत मय ढंग से ही चुनाव करवाने के लिए 44000 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। गौरतलब है कि पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव 14 दिसंबर को होंगे और 17 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य में सकारात्मक माहौल बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए, डी.जी.पी. गौरव यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को पेशेवर पुलिसिंग और आदर्श चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। इस संबंध में विस्तृत जानकारी सांझा करते हुए, कानून एवं व्यवस्था के विशेष डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने राज्य के सी.पी./एस.एस.पी. और रेंज डी.आई.जी. के साथ वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करने के बाद बताया कि पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और फील्ड अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी के लिए जिलों से कम से कम 75 प्रतिशत पुलिस बल जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी सी.पी./एस.एस.पी. को असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने, जनता में भरोसा पैदा करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालने और मजबूत अंतर-राज्यीय तथा अंतर-जिला नाके लगाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के डी.जी.पी. से पंजाब की सीमा से सटे अपने क्षेत्रों में नाके लगाने का अनुरोध भी किया गया है। उन्होंने बताया कि 13,395 मतदान केंद्रों पर 18,718 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 860 को अति-संवेदनशील और 3,405 को संवेदनशील घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी सीपी और एस.एस.पी. को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार और सक्रिय गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

जबरन वसूली–गैंगवार का कहर! कांग्रेस सांसद पहुंचे गृह मंत्री शाह के दरवाजे

लुधियाना कांग्रेस के लोकसभा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने गुरुवार को पंजाब में जबरन वसूली पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप की मांग की। वारिंग ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि पूरे पंजाब में भय का माहौल है। उन्होंने कहा, "लोगों, विशेषकर व्यापारियों, को विदेशों और जेलों से फोन आ रहे हैं और फिरौती की मांग की जा रही है।" उन्होंने कहा कि फिरौती न देने वालों की हत्या की जा रही है। हाल ही में लुधियाना में एक शादी समारोह के दौरान दिनदहाड़े गोलीबारी हुई। दोपहर करीब 1:30 बजे दो प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच गैंगवार छिड़ गया और गोलीबारी में दो मेहमान मारे गए। कांग्रेस सांसद ने शिरोमणि अकाली दल पर एक गैंगस्टर को टिकट देने और अपराधियों को राजनीति में खुली छूट देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि गुंडे खुलेआम सरपंचों को फोन करके वोट मांगने के लिए उन्हें धमका रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि अब बदमाश नेताओं और नौकरशाहों को भी फोन करके धमका रहे हैं। वारिंग ने अधिकारियों के हालिया उस फैसले की भी आलोचना की जिसमें एक कुख्यात गैंगस्टर को दूसरे राज्य की जेल में ही बंद रखा गया है, जिससे उसे मुकदमे के लिए दूसरे राज्यों में ले जाने पर प्रतिबंध लग गया है। उन्होंने कहा, "पंजाब जल रहा है और अधिकारी बेबस होकर देख रहे हैं।" इन सब घटनाओं के बावजूद, राज्य सरकार और पुलिस मूकदर्शक बने रहे। ऐसी स्थिति में, मैं गृह मंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने और पंजाब को संकट से उबारने का आग्रह करता हूं। 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या पंजाब में गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियों की ओर इशारा करने वाले सबसे चर्चित अपराधों में से एक थी। इस मामले ने लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह की गतिविधियों को सुर्खियों में ला दिया था। नवंबर 2024 में, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई, अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अवैध दस्तावेजों का उपयोग करके देश में प्रवेश करने के आरोप में कैलिफोर्निया में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे वापस भारत लाया गया था। अनमोल से पूछताछ करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुसार, वह बीकेआई-बिश्नोई गिरोह का एक प्रमुख सदस्य है और इसके संचालन में सक्रिय भूमिका निभाता है। उसके संदिग्ध खालिस्तानी संबंध और व्यापक आपराधिक नेटवर्क में उसकी संलिप्तता जांच के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। अनमोल कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है, जिनमें महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश का मामला भी शामिल है, जिनकी पिछले साल अक्टूबर में मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले, कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धमकी मिलने के कुछ ही समय बाद पंजाब में उनके बेटे पर गोली चलाई गई थी।

सावधान पंजाब! ताज़ा रिपोर्ट में सामने आए जानलेवा खतरे के सबूत

पंजाब  पंजाब में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं और लोगों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में पेश की गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में हर दो घंटे में एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार होकर दम तोड़ रहा है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तेज रफ्तार सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आई है। आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में हर दिन औसतन 8 लोग स्पीड की वजह से अपनी जान गंवा रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में मौतों के आंकड़ों में 22% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, ओवरलोडिंग, नशे में गाड़ी चलाना और लापरवाही इसके प्रमुख कारण हैं। इसके साथ ही हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने से भी बड़ी संख्या में जानें जा रही हैं। पंजाब सरकार द्वारा लोगों को जागरुक किया जा रहा है और चालान भी काटे जा रहे हैं पर फिर भी लोग समझ नहीं रहे हैं।