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पंजाब सरकार की बड़ी सौगात: दिवाली से पहले कर्मचारियों की बढ़ी खुशी

चंडीगढ़ पंजाब के जल आपूर्ति और स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बुधवार को पंजाब भवन में विभाग के 15 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। नवनियुक्त उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कैबिनेट मंत्री ने उन्हें ईमानदारी, समर्पण और दृढ़ता के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग में इन उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी देकर पंजाब सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है और उम्मीद है कि ये सभी उम्मीदवार अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और मेहनत से निभाएंगे और पंजाब के सर्वांगीण विकास में योगदान देंगे। बता दें कि पंजाब सरकार की अनुकंपा के आधार पर भर्ती नीति के तहत जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग में ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के खाली पदों पर 2 जूनियर नक्शा नवीस, 2 क्लर्क, 8 सेवादार, 1 सफाई सेवक और 2 हैल्पर (तकनीकी) नियुक्त किए गए हैं। इस अवसर पर जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग के प्रमुख सचिव नीलकंठ एस. अवध, विभाग की प्रमुख पल्लवी और मुख्य इंजीनियर भी उपस्थित थे।

हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल-कॉलेजों के लिए दिए नए निर्देश, जानें क्या बदला

चंडीगढ़ पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने कार्यालय में हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा जारी किए गए "हिंद की चादर नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी" के 350वें शहीदी पर्व संबंधी आधिकारिक लोगो को लगाया है। बैंस ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी, भाई दयाला जी, भाई मतीदास जी और भाई सतीदास जी के 350वें शहीदी पर्व को लेकर देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में एक विशेष आधिकारिक लोगो भी जारी किया गया है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि यह लोगो अगले एक साल तक सभी सरकारी दफ्तरों, आधिकारिक डाक और संस्थानों में प्रमुख रूप से लगाया जाएगा। इसके साथ ही इसकी मर्यादा और पवित्रता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके अधीन आने वाले सभी विभागों को इस लोगो का एचडी प्रिंट जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने अपने अधीन आने वाले विभागों के प्रमुखों, सभी सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के मुखियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने दफ्तरों में इस लोगो को प्रमुख स्थान पर लगाएं।

अच्छी खबर! पंजाब में GST पर बड़ा बदलाव, जानें नया नियम

पंजाब   राज्य के कराधान विभाग की उल्लेखनीय सफलता को उजागर करते हुए पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि राज्य ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2025) के दौरान कुल 13,971 करोड़ रुपए की जीएसटी प्राप्तियां दर्ज कीं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज किए गए 11,418 करोड़ रुपए के मुकाबले 22.35% की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाती है। आज यहां जारी प्रेस बयान में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में राज्य ने पिछले वर्ष की तुलना में जीएसटी राजस्व में 2,553 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि राज्य की वर्ष-दर-वर्ष जीएसटी वृद्धि दर, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में केवल 5% थी, वह वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 22.35% हो गई है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत जीएसटी वृद्धि दर 6% से कहीं अधिक है, जो स्पष्ट रूप से पंजाब के राजस्व जुटाने के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "जीएसटी के अलावा, पंजाब ने अन्य अप्रत्यक्ष कर श्रेणियों में भी उत्साहजनक नतीजे हासिल किए हैं। वैट और सीएसटी के तहत प्राप्तियों में 10% की वृद्धि हुई है, जबकि पंजाब राज्य विकास कर (पीएसडीटी) ने सितंबर 2025 के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 11% की वृद्धि दर्ज की है।" हालिया जीएसटी तार्किकीकरण (राशनलाइजेशन) के प्रभाव का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक मज़बूत रहा है। उन्होंने कहा, “जबकि अधिकांश अन्य राज्यों ने सितंबर 2025 में नकारात्मक वृद्धि दर दर्ज की, पंजाब ने लचीलापन दिखाते हुए दो अंकों की वृद्धि दर हासिल की। केवल सितंबर 2025 में ही राज्य ने 2,140.82 करोड़ रुपए की प्राप्ति दर्ज की, जो सितंबर 2024 के 1,943 करोड़ रुपए की तुलना में 197.82 करोड़ रुपए अधिक है और 10% की वृद्धि दर दर्शाता है। यह पिछले वर्ष इसी अवधि के मामूली 5% वृद्धि के मुकाबले बड़ा सुधार है।” टैक्स चोरी को रोकने और राज्य की वित्तीय स्थिति को मज़बूत करने के लिए पंजाब सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को सफलता का श्रेय देते हुए आबकारी एवं कराधान मंत्री ने कहा कि कराधान विभाग ने अप्रैल से सितंबर 2025 तक कर चोरी के खिलाफ अपने प्रवर्तन अभियानों को और तेज किया। उन्होंने बताया कि इस अवधि में 1,162 करदाताओं के बीच हुए 246 करोड़ रुपए के अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को रोका गया। इसके अलावा, फर्जीवाड़ा नेटवर्क के खिलाफ चार बड़ी एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें लुधियाना में 500 करोड़ रुपए और फतेहगढ़ में 550 करोड़ रुपए के घोटाले शामिल हैं। उन्होंने कहा, "स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (एस आई पी यू ) द्वारा सड़कों पर नाकों के जरिए की गई जांच और निरीक्षणों से जुर्माने की वसूली में तेज़ बढ़ोतरी हुई है, जो अप्रैल-सितंबर 2024 के 106.36 करोड़ रुपए से बढ़कर अप्रैल-सितंबर 2025 में 355.72 करोड़ रुपए हो गई। यह 249.36 करोड़ रुपए का इज़ाफा प्रवर्तन-आधारित वसूली में उल्लेखनीय 134% वृद्धि को दर्शाता है।” कराधान विभाग के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए, जिनकी कठोर प्रवर्तन मुहिम और सुधार उपाय इस शानदार प्रदर्शन के लिए अहम रहे, वित्त मंत्री ने कहा कि इसने पंजाब को जीएसटी वृद्धि में अग्रणी राज्यों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा, "चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल को देखते हुए यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। पंजाब ने मई 2025 में युद्ध जैसी स्थिति, जिसने व्यापार और कारोबार में व्यवधान पैदा किया, निर्यात पर टैरिफ प्रभाव जैसी अतिरिक्त बाधाओं, और कमजोर उपभोक्ता मांग, जिसने अगस्त और सितंबर की छमाही के दौरान खुदरा लेन-देन की गति को घटाया—इन सबका सफलतापूर्वक सामना करते हुए न केवल राजस्व वृद्धि बनाए रखी बल्कि इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद रिकॉर्ड तोड़ नतीजे भी हासिल किए।”

पंजाब के इस जिले में DC ने लगाई सख्त रोक, लोगों से की ये अपील

पंजाब  पंजाब के लोगों से खास अपील की जा रही है। दरअसल,  डिप्टी कमिश्नर पठानकोट आदित्य उप्पल ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और दरियों के किनारे न जाएँ। दरअसल, आज रंजीत सागर डैम से करीब 37 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में पानी का स्तर बढ़ सकता है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि, लोगों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतना आवश्यक है। 

हिमाचल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के DIG

पंजाब  हिमाचल मंडी जन कल्याण सभा के 64वें वार्षिक सैर महोत्सव के अवसर पर आज नई दिल्ली में आज एक समारोह आयोजित किया गया। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल मंडी जन कल्याण सभा के 64वें वार्षिक सैर महोत्सव के अवसर पर नई दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के डीआईजी ऋषि राज सिंह को हिमाचल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। ऋषि राज सिंह को यह पुरस्कार दिल्ली में हिमाचलियों के मार्गदर्शन और उनके उत्थान के लिए दिया गया।

1300 पुलिसकर्मी जालंधर में तैनात, बढ़ी सुरक्षा; वजह जानिए पूरी रिपोर्ट

जालंधर  महानगर में 2 अक्तूबर को शांतमयी ढंग से दशहरा उत्सव मनाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने लगभग 1300 पुलिस कर्मचारियों की शहर में तैनातियां की हैं। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने आज दशहरा उत्सव समारोह को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करके सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पिछले दिनों डी.जी.पी. गौरव यादव स्वयं जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए आए थे। पुलिस कमिश्नर ने महानगर में 10 प्रमुख दशहरा उत्सव स्थलों जिनमें साईंदास स्कूल, आदर्श नगर, बर्ल्टन पार्क, स्पोर्ट्स कालेज, 120 फुटी रोड, घास मंडी आदि में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों को तैनात किया है। डी.सी.पी. (आप्रेशन) नरेश डोगरा ने आज विशेष बातचीत करते हुए कहा कि महानगर में कुल 43 स्थानों छोटे व बड़े दशहरा उत्सव मनाया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डी.एस.पी. रैंक के अधिकारी के साथ एस.एच.ओ. स्तर के अधिकारी भी दशहरा उत्सव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे। हालांकि पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने एक सप्ताह पहले सभी प्रमुख दशहरा स्थलों का दौरा किया था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई थी। डी.सी.पी. ने कहा कि दशहरा को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और उन्हें उम्मीद है कि लोग हर्षोल्लास व शांतमय ढंग से दशहरा उत्सव में शामिल होंगे।  उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख दशहरा स्थलों पर पुलिस की जिप्सियां भी मौजूद रहेंगी और सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डी.सी.पी. रैंक के सभी पुलिस अधिकारी प्रत्येक दशहरा स्थल का चक्कर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर ने डी.सी.पी. रैंक के अधिकारियों को जो-जो जिम्मेदारियां सौंपी हैं उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव समारोह में शरारती तत्वों पर पूरी नजर रखी जाएगी और किसी को भी हुलड़़बाजी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रबंधों की पूरी देख-रेख सी.पी. मैडम के हाथों में रहेगी। अनुशासन बनाकर रखें लोग डी.सी.पी. नरेश डोगरा ने कहा कि दशहरा स्थलों पर लोगों को भी अनुशासन बनाकर रखना होगा। जब रावण के पुतलों को अग्नि दहन किया जाता है तो उसके बाद भारी भीड़ जलते हुए रावण की लकड़ियों को उठाने के लिए दौड़ते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भीड़भाड़ को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस कर्मचारियों को विशेष रूप से आदेश दिए गए हैं।   वी.वी.आई.पीज. के आसपास रहेगी कड़ी सुरक्षा डी.सी.पी. ने कहा कि वी.वी.आई.पीज. के दशहरा उत्सव समारोह में भाग लेने को देखते हुए उनके इर्द-गिर्द सुरक्षा का घेरा कड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि वी.वी.आई.पीज. के आगमन को देखते हुए सुरक्षा को लेकर अलग से रणनीति बनाई गई है। उल्लेखनीय है कि दशहरा समारोह में अनेकों राजनीतिज्ञों, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लेना होता है।

दशहरे की खुशियों में सन्नाटा: जालंधर में बारिश और मेघनाद हादसे ने बढ़ाई चिंता

जालंधर दशहरे के मौके पर आज सुबह हुई बारिश ने जालंधर में माहौल को किरकिरा कर दिया है। आपको बता दें कि जालंधर में 20 जगहों पर आज रावण दहन किया जाएगा। वहीं अचानक मौसम के बदले मिजाज के कारण मॉडल हाउस ग्राउंड में पुतले गिर गया। वहीं कई अन्य मैदानों में बनाए गए विशाल पुतले भी बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रभावित हुए हैं।  वहीं बस्तीशेख इलाके में तेज हवा और बारिश से एक पुतले की गर्दन टूट गई। आयोजकों ने पुतलों को उठाने और सुरक्षित रखने का काम शुरू कर दिया है। पुजारी और आयोजक इस बात की चिंता जता रहे हैं कि बारिश और तेज हवाओं के चलते पुतलों को सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। 

तेज बारिश से पंजाब का मौसम हुआ बदल, कौन-कौन से शहरों में मौसम रहेगा खराब

पंजाब  पंजाब में आज सुबह-सुबह मौसम ने करवट लेना शुरू कर दी है। कई इलाकों में तेज धुंध के बाद बारिश हुई, जिससे पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं, आज दशहरे का पर्व होने के कारण आयोजकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 से 4 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 4 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी असर सक्रिय होने वाला है, जिसके चलते 5 और 7 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, 6 अक्टूबर को अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने और सड़क पर निकलते समय विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। 

केंद्र को चैलेंज: पंजाब सरकार ने SDRF डेटा को बताया भ्रामक, 20 हजार करोड़ की मांग बनी मुद्दा

पंजाब पंजाब विधान सभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ राहत के मुद्दे पर केंद्र सरकार के रवैये को लेकर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य अपने हक की मांग कर रहा है, भीख नहीं। मान ने विधानसभा में पिछले 25 वर्षों के SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) के पूरे आंकड़े सदन के समक्ष रखते हुए केंद्र के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र द्वारा SDRF में ₹12,000 करोड़ पड़े होने का दावा पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है। मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल सहित पिछले 25 सालों में राज्य को SDRF के तहत कुल मिलाकर केवल ₹6,190 करोड़ ही प्राप्त हुए है। इसमें से अधिकांश राशि पहले ही विभिन्न आपदाओं – बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में खर्च हो चुकी है। वर्तमान में SDRF खाते में केवल लगभग ₹1,200 करोड़ ही शेष बचे है, जो इस विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए नाकाफी है। 2025 अगस्त में आई भयंकर बाढ़ ने पंजाब के लगभग 1,400 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया और चार लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए। राज्य के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में व्यापक तबाही हुई, जिसमें हजारों एकड़ खड़ी फसलें नष्ट हो गई। गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों का भारी नुकसान हुआ। किसान संगठनों के अनुसार, लगभग 75,000 किसान परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गए है और उन्हें तत्काल राहत की सख्त ज़रूरत है। राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बाढ़ से हुए कुल नुकसान का अनुमान ₹13,800 करोड़ है। इसमें कृषि क्षति, बुनियादी ढांचे को नुकसान, सड़कों और पुलों की क्षति, बिजली और पानी की आपूर्ति व्यवस्था को हुए नुकसान को शामिल किया गया है। हालांकि, राज्य सरकार का मानना है कि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है क्योंकि कई दूरदराज के इलाकों में अभी भी सर्वेक्षण का काम चल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने केंद्र से ₹20,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की मांग की है। केंद्र सरकार ने अब तक केवल ₹1,600 करोड़ की राशि स्वीकृत की है, जिसे राज्य सरकार और विपक्षी दलों ने “समुंद्र में बूंद” करार दिया है। केंद्र की ओर से यह भी सुझाव दिया गया कि राज्य SDRF में पड़े ₹12,000 करोड़ के फंड का उपयोग करे। इस पर मुख्यमंत्री मान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दावा “फ़िज़ूल कल्पना” और “अंकों की बाज़ीगरी” से ज़्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि SDRF का पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रख दिया गया है और कोई भी इसे जांच सकता है। विधानसभा में अपने भाषण में मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “हम केंद्र से भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपने हक की मांग कर रहे हैं। GST के तहत राज्य का ₹50,000 करोड़ से अधिक रुका हुआ है, ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए ₹8,000 करोड़ से अधिक अटका पड़ा है। ऐसे में आपदा के समय राज्य को उचित मदद न देना और भ्रामक आंकड़े पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने केंद्र से अपील की कि आपदा प्रबंधन जैसे संवेदनशील मामले में राजनीति को बीच में न लाया जाए और संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया जाए। राज्य सरकार ने अपने स्तर पर राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी है। प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता देने के लिए राज्य के संसाधनों से ही शुरुआती मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता राशि वितरित की जा रही है। हालांकि, राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि बिना केंद्र की पर्याप्त मदद के इस विशाल आपदा से निपटना संभव नहीं होगा। पंजाब सरकार ने केंद्र से एक बार फिर अपील की है कि वे तत्काल ₹20,000 करोड़ के राहत पैकेज को मंजूरी दें ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।

खुशखबरी! पंजाब में 23 लाख पेंशनधारकों को समय पर मिलेगी पेंशन

चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदमों के तहत बुढ़ापा पेंशन योजना के अंतर्गत अगस्त 2025 तक 2055.05 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान 23.09 लाख वरिष्ठ लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के लिए राज्य सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए 4100 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका उद्देश्य स्पष्ट है कि उनके बुजुर्ग उनका गौरव हैं और उनकी पेंशन में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि बुजुर्गों की पेंशन निर्धारित समय के अनुसार जमा की जाए। पेंशन जारी करने में किसी भी लापरवाही या देरी की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो। डॉ. बलजीत कौर ने आगे कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बुजुर्गों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए बुनियादी सहारा हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह सुविधा बिना किसी बाधा के प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचे।