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पंजाब फतह की तैयारी में BJP, हरियाणा CM सैनी को कमान देने के पीछे क्या रणनीति?

चंडीगढ़  भाजपा के लिए, किसी भी चुनाव की जमीनी तैयारी चुनावी अभियान के आधिकारिक आगाज से काफी पहले ही शुरू हो जाती है. यह उन कई राज्यों में देखा जा चुका है, जहां चुनाव होने वाले थे और अब पंजाब की बारी है. एक ऐसा राज्य जहां इस भगवा दल को ऐतिहासिक रूप से एक प्रमुख ताकत के रूप में उभरने के लिए संघर्ष करना पड़ा है, वहां 2027 के चुनावों के लिए जमीनी तैयारी शुरू हो चुकी है।    दशकों तक, भाजपा ने पंजाब में अपने पुराने क्षेत्रीय सहयोगी, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पीछे रहकर जूनियर पार्टनर की भूमिका निभाना चुना. लेकिन अब जब अकाली अलग हो चुके हैं, सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) बढ़ते सत्ता-विरोधी रुझान का सामना कर रही है, और कांग्रेस अंदरूनी कलह में उलझी हुई है, तो भाजपा को सालों बाद पंजाब में अपना सबसे बेहतरीन मौका दिखाई दे रहा है. भाजपा के इस महत्वाकांक्षी अभियान की कमान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संभाल रहे हैं, जो पंजाब में बीजेपी के एक प्रमुख राजनीतिक सेतु के रूप में उभर रहे हैं।  हरियाणा के मुख्यमंत्री 2025 से लगभग हर हफ़्ते पंजाब का दौरा कर रहे हैं और 2026 के बाद से इन दौरों की संख्या और बढ़ गई है. सैनी के इन दौरों को BJP की उस मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका मकसद अपने कार्यकर्ताओं को मज़बूत करना और 2027 के विधानसभा चुनावों में ज़्यादा सीटें जीतना है. बीजेपी के पास फिलहाल 117 सदस्यों वाली पंजाब विधानसभा में सिर्फ दो सीटें हैं, और राज्य से उसका कोई भी लोकसभा सांसद नहीं है।  बीजेपी ने सैनी को क्यों चुना? यह माना जाता है कि पंजाब में भाजपा के पास बड़े चेहरों की कमी है, लेकिन इस अभियान के लिए नायब सिंह सैनी को ही क्यों चुना गया? हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी समुदाय से आते हैं जो पंजाब में काफी प्रभावशाली है, और उनकी मां एक गैर-जट सिख हैं. पंजाबी सैनी की मातृभाषा है, और उन्हें पंजाब में भीड़ को धाराप्रवाह पंजाबी में संबोधित करते हुए सुना जा सकता है।  पंजाब विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर आशुतोष कुमार ने इंडिया टुडे डिजिटल को बताया, "भाजपा के पंजाब संपर्क अभियान के लिए नायब सिंह सैनी को आगे करना एक सही रणनीति है." कुमार ने आगे कहा, "सैनी ओबीसी समुदाय से आते हैं और 2020 के किसान आंदोलन से उनका कोई संबंध नहीं रहा है. इसके अलावा, सैनी को एक बाहरी व्यक्ति के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि उन्हें भाजपा के लिए एक राजनीतिक सेतु के रूप में देखा जा रहा है।  गैर-जट मतदाताओं को एकजुट करने का भाजपा का प्रयास पंजाब में चुनाव जीतने के लिए भाजपा दो चीज़ों पर ध्यान दे रही है एक तो सही संदेश देना और दूसरा जातियों का सही तालमेल बिठाना. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 'सैनी' समाज से हैं, जो एक पिछड़ी जाति है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में इस समाज के काफी लोग रहते हैं, खासकर पंजाब के दोआबा इलाके में. दोआबा क्षेत्र को पंजाब के "एनआरआई हब" के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि यहां राज्य के अप्रवासी भारतीयों की सबसे बड़ी आबादी रहती है और यह दलित राजनीति का एक प्रमुख केंद्र है।  सैनी की मां, कुलवंत कौर, एक गैर-जट सिख हैं, और पंजाब में हरियाणा के मुख्यमंत्री को अक्सर भगवा पगड़ी पहने और धाराप्रवाह पंजाबी बोलते हुए देखा जाता है. सैनी के पंजाब संपर्क अभियान में भगवा पगड़ी एक निरंतर हिस्सा रही है. मुख्यमंत्री जब भी पंजाब में होते हैं, उन्हें इसे पहने हुए देखा जाता है. यह छवि सैनी के बारे में एक ऐसी धारणा बनाती है कि वे कोई बाहरी नहीं बल्कि यहीं के हैं।  प्रोफेसर कुमार ने यह बताते हुए कि भाजपा उन्हें पंजाब संपर्क अभियान के लिए एक स्वाभाविक विकल्प क्यों मानती है, कहा, "सैनी राजनीतिक रूप से 'बाहर से लाए गए' लगे बिना हिंदू और सिख दोनों सामाजिक हलकों में आसानी से घुल-मिल सकते हैं। " कई समाचार रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा की व्यापक रणनीति पंजाब में भी "हरियाणा मॉडल" को दोहराने की है. भगवा दल जिस मॉडल पर काम कर रहा है, वह जट सिख राजनीति के पारंपरिक दबदबे को दरकिनार करने का प्रयास करते हुए, गैर-जट अन्य पिछड़ा वर्ग, दलितों और उच्च जाति के हिंदू मतदाताओं का एक गठबंधन तैयार करने का मॉडल है।  इसी फॉर्मूले की बदौलत भाजपा ने 2024 के हरियाणा चुनाव में जीत हासिल की थी, जबकि वह राज्य राजनीतिक रूप से जट-बहुल माना जाता है. पंजाब के जातीय समीकरण को देखते हुए, गैर-जट मतदाताओं को एकजुट करने की यह रणनीति भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. राज्य की आबादी में ओबीसी समुदायों की हिस्सेदारी लगभग 31% है, जबकि दलितों की आबादी करीब 32% है. किसी भी भारतीय राज्य की तुलना में इन दोनों समुदायों की आबादी का अनुपात यहां सबसे अधिक है।  भाजपा का मानना है कि यदि वह खत्री और अरोड़ा जैसे उच्च जाति के हिंदू मतदाताओं के साथ-साथ इन वर्गों को भी सफलतापूर्वक एकजुट करने में कामयाब रहती है, तो पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्ता के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर सकती है।  इस रणनीति के लिए नायब सिंह सैनी ही सबसे उपयुक्त क्यों हैं? भाजपा के गैर-जट सामाजिक गठबंधन के प्रयास के लिए सैनी सबसे सटीक पसंद हैं. साल 2025 से, सैनी ने कई सामुदायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, वंचित अनुसूचित जाति समूहों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की है, गुरुद्वारों के दर्शन किए हैं, और ओबीसी व दलित समुदायों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं. अप्रैल में, उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब के धानक समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी, जहां बेरोजगारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई थी।  इसके साथ ही, भाजपा ने बड़ी सूझबूझ से सैनी की छवि एक साफ-सुथरी प्रतिष्ठा वाले और मृदुभाषी प्रशासक के रूप में तैयार की है. पंजाब ने ऐतिहासिक रूप से उन नेताओं को नकारा है जिन्हें बाहरी माना जाता था या जिन्हें राज्य में ऊपर से थोपा गया था, और भाजपा का मानना है कि पंजाब के साथ सैनी का सांस्कृतिक जुड़ाव पार्टी को इस जाल से बचने … Read more

निजामुद्दीन-मुंबई राजधानी पर हमला, ट्रेन के AC कोच पर फेंके पत्थर; यात्रियों में दहशत

फरीदाबाद/पलवल  निजामुद्दीन से मुंबई जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर पलवल के पास शरारतीतत्व द्वारा पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में ट्रेन के एसी कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। गनीमत रही कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस घटना से कोच में अफरा-तफरी मच गई और यात्री दहशत में आ गए। आगरा पहुंचने पर ट्रेन काे अटेंड किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आयी। कब और कैसे किया किया हमला     निजामुद्दीन से मुंबई जाने वाली 22222 राजधानी एक्सप्रेस शनिवार दोपहर बाद 4 बजकर 55 मिनट पर निजामुद्दीन से रवाना हुई।     शाम करीब 5 बजकर 26 मिनट पर पलवल रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गुजर रही थी।     तभी अचानक एसी कोच ए-5 पर तेज आवाज के साथ पत्थर आकर लगा।     पत्थर लगने से खिड़की का शीशा टूट गया और उसके टुकड़े कोच के अंदर जा गिरे। उस समय कई यात्री अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। अचानक हुए हमले से मचा हड़कंप अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में हड़कंप मच गया। सीट नंबर 39 पर बैठे यात्री संदीप कुमार ने इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। आगरा पहुंचने पर उक्त ट्रेन को अटेंड किया गया। विडाें में लगा शीशा आधा टूटकर कहीं रास्ते में ही गिर गया। कुछ समय के लिए यात्रियों को लगा जैसे कोई बड़ा हादसा हो गया हो। गनीमत रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आयी। मई माह में ये तीसरी घटना मई महीने में इस तरह की ये तीसरी घटना हुई है। एक मई को निजामुद्दीन से ग्वालियर जा रही ताज एक्सप्रेस में होडल के पास लोहे का पाइप फेंका गया जिसमें दो तीन यात्री घायल हो गए थे। इस मामले में जीआरपी ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बाद 19 मई की शाम 22182 निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस निजामुद्दीन में फरीदाबाद पलवल के बीच में पत्थरबाजी हुई। पत्थर एसी कोच बी-4 में लगा जिससे विंडो टूट गया। जबलपुर निवासी रविकांत नामक यात्री बाल बाल बच गए। ठीक चार दिन बाद शरारती तत्व ने 23 मई की शाम मुंबई राजधानी को शिकार बना दिया। टूटे विंडो की तलाश में आरपीएफ आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि पैसेंजर जिस वक्त पांच बजकर 26 मिनट की घटना बता रहा है उस समय ट्रेन पलवल स्टेशन को पार कर जाती है। स्टेशन पर लगे कैमरे से जांच की गई लेकिन कहीं कोई ऐसी घटना सामने नहीं आयी। क्योंकि यहां से ट्रेन करीब 120 किमी की रफ्तार से पास होती है। महज 900 मीटर दूर ट्रेन एनसीआर में प्रवेश कर जाती है। फिर भी पलवल की आरपीएफ टीम पूरे सेक्शन में पेट्रोलिंग करके टूट ग्लॉस की तलाश कर रही है ताकि घटनास्थल की सही जानकारी मिल सके।

खेल जगत में पंजाब की बेटियों का जलवा, बेसबॉल में शानदार प्रदर्शन पर मिला बड़ा सम्मान

चंडीगढ़  पंजाब बेसबॉल के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व के पल में, बेहतरीन खिलाड़ी अमनजोत कौर बैंस, अर्शदीप कौर और वीरपाल को बेसबॉल के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान और उपलब्धियों के लिए पंजाब सरकार ने प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड और 5 लाख रुपये के कैश प्राइज़ से सम्मानित किया है। यह सम्मान पंजाब के सबसे बड़े स्पोर्ट्स अवॉर्ड में से एक माना जाता है और यह स्पोर्ट्स में बेहतरीन काम, लगन और इंटरनेशनल लेवल के परफॉर्मेंस को पहचान देता है। इन खिलाड़ियों ने नेशनल और इंटरनेशनल चैंपियनशिप में अपने शानदार परफॉर्मेंस से पंजाब का नाम रोशन किया है और स्पोर्ट्स में युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा सोर्स बन गई हैं। इनकी उपलब्धियां नीचे दी गई हैं:- अमनजोत कौर बैंस ने गोवा में हुई 29वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, कर्नाटक में हुई 30वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, ओडिशा में हुई 31वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है।  अमनजोत कौर बैंस 2016 में कोरिया के गिजांग शहर में हुए 7वें विमेंस बेसबॉल वर्ल्ड कप में इंडियन विमेंस बेसबॉल टीम की कैप्टन थीं। अर्शदीप कौर ने 2015 में आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी में हुई ऑल इंडिया बेसबॉल यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, 2015 में गोवा में हुई 29वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता  जो 2016 में कर्नाटक में हुई,  30वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 2017 में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल, 2017 में ओडिशा में हुई 31वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और बाद में 2018 में छत्तीसगढ़ में हुई 32वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। उन्होंने कोरिया के गिजांग शहर में हुए 7वें विमेंस बेसबॉल वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लिया।  वीरपाल ने 2015 में आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, 2015 में गोवा में हुई 29वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2016 में कर्नाटक में हुई 30वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और 2017 में ओडिशा में हुई 31वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पंजाब का नाम रोशन किया। उन्होंने 2018 में छत्तीसगढ़ में हुई 32वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, साथ ही 2017 में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने कोरिया के गिजांग शहर में हुई 7वीं महिला बेसबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में भी भारत को रिप्रेजेंट किया। इस गर्व के मौके पर, पंजाब बेसबॉल एसोसिएशन के सेक्रेटरी इंजीनियर हरबीर सिंह गिल और प्रधान सरदार सुखदेव सिंह औलाख ने तीनों खिलाड़ियों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये सम्मान न केवल खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए बल्कि पूरे पंजाब बेसबॉल समुदाय के लिए गर्व की बात है।  उन्होंने आगे कहा कि इन लड़कियों की सफलता कई युवा एथलीटों, खासकर लड़कियों को खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। 

जनता पर महंगाई की मार जारी, पंजाब-चंडीगढ़ में फिर बढ़े तेल के दाम

पटियाला  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार भारी बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक इजाफा हुआ। चंडीगढ़ में अब पेट्रोल 101.50 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। वहीं डीजल का दाम 89 रुपये हो गया है।   पिछले 10 दिनों में चौथी बार ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं। बढ़ोतरी के बाद मोगा में पेट्रोल 105.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं डीजल 95.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है। लगातार बढ़ते दामों से परेशान लोगों का कहना हे कि इस बढ़ोतरी से आम जनता पर सीधा असर पड़ रहा है। अब हर चीज महंगी हो जाएगी।  बढ़ोतरी के बाद जालंधर में पेट्रोल 104.80 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं डीजल के दाम 2.71 बढ़कर 94.75 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। पहली बार पेट्रोल ने 100 रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।   जालंधर के पेट्रोल पंप पर पहुंचे लोगों ने बढ़ती कीमतों पर नाराजगी जताई। सुखजीत सिंह ने कहा कि मजदूरी कर घर का पेट पालते हैं। लगातार बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सब्जियां, दूध और रोजमर्रा का सामान भी महंगा हो जाएगा। लोगों ने सरकार से आम जनता की परेशानियों को देखते हुए राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जितनी दिहाड़ी मिलती है उतने का तो पेट्रोल लग जाता है। सुनील कुमार और बिजली का काम करने वाले साहिब प्रीत सिंह ने भी कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से महंगाई तेजी से बढ़ रही है और इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।   वहीं पंजाब के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। पंजाब पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने मुख्य सचिव को इस संबध में पत्र लिखा है और मांग की है कि सप्लाई सही करने के लिए तेल कंपनियों को निर्देश जारी किए जाने चाहिए। अगर सप्लाई न हुई तो आगे स्थिति बिगड़ सकती है। साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को भी पत्र भी की कॉपी भेजी है। क्यों बढ़ रहे हैं दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, कमजोर होता रुपया और आयात लागत बढ़ने की वजह से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। रिफाइनिंग मार्जिन में बदलाव का असर भी ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के बाद अब सरकारी तेल कंपनियां धीरे-धीरे बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं।    

खेल और अध्यात्म जगत की हस्तियां होंगी सम्मानित, हरमनप्रीत-कौच बलदेव सिंह को पद्मश्री

चंडीगढ़  पंजाब की तीन हस्तियों को आज पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनमें हॉकी कोच बलदेव सिंह, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और संत निरंजन दास शामिल हैं। बलदेव सिंह एक अनुभवी हॉकी कोच हैं जिन्होंने 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया है। साथ ही एक प्रमुख महिला हॉकी प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की। वहीं प्रसिद्ध महिला क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर ने कप्तान के रूप में भारत को महिला विश्व कप में जीत दिलाई और टी20 क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनकर इतिहास रचा। आध्यात्मिक नेता संत निरंजन दास ने सरवन दास चैरिटेबल आई हॉस्पिटल और सरवन दास मॉडल स्कूल की स्थापना की। सभी लोगों को भय और गरीबी से मुक्त जीवन जीने का उपदेश दिया। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर तीनों को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी और अब सोमवार को सम्मानित किया जाएगा। स्वच्छता के सिपाही इंदरजीत सिद्धू को राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु करेंगी सम्मानित चंडीगढ़ के लिए आज गर्व का क्षण होगा जब सेक्टर-49 की सड़कों पर रोज सुबह झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश देने वाले 88 वर्षीय रिटायर्ड डीआईजी इंदरजीत सिंह सिद्धू को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु पहले सिविल इनवेस्टिचर समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी। पंजाब पुलिस से 1996 में सेवानिवृत्त हुए इंदरजीत सिंह सिद्धू पिछले कुछ वर्षों से रोज सुबह पांच बजे उठकर खुद सड़कों की सफाई करते हैं। उनका कहना है कि वह किसी पर दबाव डालने के बजाय खुद उदाहरण पेश कर लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। पिछले वर्ष उनका सफाई करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद वह देशभर में चर्चा का विषय बन गए। मूलरूप से पंजाब के संगरूर निवासी सिद्धू आतंकवाद के दौर में अमृतसर में एसपी सिटी जैसे अहम पदों पर तैनात रहे। पत्नी के निधन और बेटे के विदेश में बसने के बाद भी उन्होंने समाज सेवा का रास्ता नहीं छोड़ा। वह कहते हैं कि जब तक शरीर साथ देगा, सफाई अभियान जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिका यात्रा के दौरान बेटे की ओर से सड़क पर कागज फेंकने से रोकने की घटना ने उन्हें स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया।

नामांकन रद्द होने से बदला चुनावी गणित, पंजाब निकाय चुनाव में BJP की रणनीति पर नजर

चंडीगढ़  पंजाब के निकाय चुनाव में कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला है तो कई में आमने-सामने की सीधी टक्कर है। इसकी दो बड़ी वजह सामने आ रही हैं एक तो कई वार्डों में कुछ प्रत्याशियों के प्रचार में धार नहीं दिख रही और दूसरी, कई जगह मुख्य पार्टियों के प्रत्याशी ही मैदान से बाहर हैं। आठ नगर निगमों और 97 नगर परिषदों व नगर पंचायतों की बात करें तो आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी तो लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं मगर भाजपा, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और कांग्रेस जैसे मुख्य सियासी दलों के प्रत्याशी मैदान से बाहर हैं।  शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग आरोप लगाते हैं कि यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि कई वार्डों में जानबूझकर उनके मजबूत प्रत्याशियों के नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए हैं। ऐसा करने का कोई मजबूत आधार भी नहीं बताया जा रहा है। कई प्रत्याशी अपना दुखड़ा लेकर राज्य चुनाव आयोग तक भी पहुंचे थे जिनकी शिकायतें संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं। उधर, बहुत से वॉर्डों में सिर्फ दो ही प्रत्याशी हैं जबकि बठिंडा नगर निगम के वॉर्ड नंबर 30 और सुनाम नगर परिषद का वॉर्ड नंबर 15, ये दो वॉर्ड ऐसे हैं जहां 10-10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। आठ नगर निगमों में प्रत्याशियों की स्थिति 105 नगर निकायों में से आठ नगर निगमों के चुनाव सभी दलों के लिए बड़ी प्रतिष्ठा का सवाल हैं क्योंकि इन निगमों के अंतर्गत बड़ा शहरी क्षेत्र आता है। सभी नगर निगमों में 50-50 वार्ड हैं मगर बहुत वार्डों में मुख्य सियासी दलों के प्रत्याशी ही चुनाव रण से बाहर हैं जबकि आप के प्रत्याशी करीबन हर सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। बरनाला नगर निगम में भाजपा के 26 प्रत्याशी, कांग्रेस के 36 और शिअद के 27 प्रत्याशी, बठिंडा नगर निगम में भाजपा के 42, कांग्रेस के 43 और शिअद के 46 प्रत्याशी, अबोहर नगर निगम में भाजपा के 49, कांग्रेस के 31 और शिअद के 33 प्रत्याशी, बटाला नगर निगम में भाजपा के 22, कांग्रेस के 48 और शिअद के 21 प्रत्याशी, बरनाला नगर निगम में भाजपा व शिअद के 27-27 प्रत्याशी और कांग्रेस के 39 प्रत्याशी, कपूरथला नगर निगम में भाजपा के 33, कांग्रेस के 50, शिअद के 23 प्रत्याशी, मोगा नगर निगम में भाजपा के 40, कांग्रेस के 48 व शिअद के 38 प्रत्याशी और पठानकोट नगर निगम में भाजपा-कांग्रेस के 50-50 जबकि शिअद के 30 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा केंद्रीय योजनाओं के गणित के सहारे भाजपा ने हर नगर निकाय की अलग-अलग रणनीति खास ढंग से बनाई है। भाजपा जानती है कि पंजाब में उनकी सरकार नहीं है लिहाजा पार्टी ने केंद्रीय योजनाओं के गणित के आधार पर अपना होमवर्क किया है। भाजपा ने हर नगर निकाय के लिए हजारों परचे छपवाए हैं जिसमें यह बताया गया है कि संबंधित वार्ड में स्वच्छ भारत मिशन शहरी, अमरूत योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री मानधन श्रम योगी योजना, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना व प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत कितने लोगों को लाभ मिला है। यह भी बताया गया है कि इन योजनाओं में साल 2015-16 से साल 2025-26 तक कितने करोड़ संबंधित नगर निकाय के लिए केंद्र सरकार की ओर से पहुंचे। इसके अतिरिक्त मतदाताओं को यह भी बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने अपने 11 साल के कार्यकाल में पंथक, पंजाब व पंजाबियों से जुड़े क्या-क्या बड़े काम किए हैं। इसमें साल 1984 के दंगा पीड़ितों को इंसाफ दिलवाने का भी जिक्र है।  

मां, मेरी दौड़ देखी? गुरिंदर वीर ने 100 मीटर में बनाया नया इतिहास

जालंधर  जालंधर के गांव पतिआल के युवा धावक गुरिंदर वीर सिंह ने भारतीय खेल जगत में नया इतिहास रच दिया है। रांची में 23 मई को आयोजित 29वें राष्ट्रीय वरिष्ठ प्रतियोगिता कप में गुरिंदर ने 100 मीटर दौड़ महज 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भी अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।  गुरिंदर की जीत के बाद पूरे जालंधर में खुशी का माहौल है। अंतिम दौड़ खत्म होते ही घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। करीब 90 वर्षीय दादी चरण कौर ने पोते को लड्डू खिलाकर आशीर्वाद दिया जबकि पिता कमलजीत सिंह की आंखें खुशी से नम हो गईं। दौड़ खत्म होने के तुरंत बाद गुरिंदर ने सबसे पहला फोन अपनी मां गुरविंदर कौर को किया और पूछा मम्मी देखी मेरी दौड़? मां ने जवाब दिया हां बेटा, तूने कमाल कर दिया। बाद में पिता से बात करते हुए गुरिंदर ने मुस्कुराकर कहा डेडी दस्स फेर किदां? बेटे की यह बात सुन परिवार की खुशी और बढ़ गई। पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी हैं पिता गुरिंदर के पिता कमलजीत सिंह पंजाब पुलिस से सहायक उप निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हैं और वॉलीबॉल खिलाड़ी भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि गुरिंदर बचपन से ही गांव की गलियों, खेतों और पगडंडियों में दौड़ता रहता था। 12 साल की उम्र में उसने गंभीरता से अभ्यास शुरू किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। रोज आठ घंटे अभ्यास करते हैं गुरिंदर पिता के अनुसार गुरिंदर रोज करीब आठ घंटे अभ्यास करता था। कई बार परिवार से बात करने तक का समय नहीं होता था। अंतिम दौड़ से पहले उसने अपने सीने पर लगे क्रमांक के पीछे 10.10 सेकंड का लक्ष्य लिख रखा था। कीर्तिमान बनाने के बाद उसने उसी क्रमांक की ओर इशारा कर जश्न मनाया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी गुरिंदर को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पंजाब के इस गबरू ने देश और दुनिया में राज्य का नाम रोशन किया है। गुरिंदर के प्रशिक्षक सर्बजीत सिंह ने कहा कि 10.09 सेकंड का समय भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि गुरिंदर ने राष्ट्रमंडल खेलों का अर्हता समय भी पार कर लिया है। अब उनका लक्ष्य ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतना है। महान धावक मिल्खा सिंह और उसैन बोल्ड को अपना आदर्श मानने वाले गुरिंदर वीर आज पंजाब और देश के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बन गए हैं।  

थमा चुनाव प्रचार, अब वोटिंग की बारी! पंजाब के 105 निकायों में कल डाले जाएंगे वोट

चंडीगढ़  पंजाब के 105 नगर निकायों के लिए 26 मई को मतदान होगा और 29 मई को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। रविवार को चुनावी शोर थम गया और अब रैलियों व सभाओं पर पाबंदी रहेगी और उम्मीदवार घर-घर जाकर प्रचार करेंगे। आज पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। पंजाब के आठ नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों की सीटों के लिए यह चुनाव हो रहे हैं। चुनाव के लिए 7555 उम्मीदवार मैदान में हैं क्योंकि 79 उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया है। 2393 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया था। इनमें सबसे अधिक उम्मीदवार सत्तापक्ष आम आदमी पार्टी (आप) के चुनाव लड़ रहे हैं जिनकी संख्या 1801 हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1316, शिरोमणि अकाली दल के 1251, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96, 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। निकाय चुनाव सभी दलों के लिए अहम हैं, क्योंकि इसे 2027 में विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। अकाली दल ने की मतदान का समय बढ़ाने की मांग  शिरोमणि अकाली दल ने राज्य चुनाव आयोग से मतदान का समय बढ़ाने की मांग की है। अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मतदान का समय सुबह 8 से 5 बजे की जगह सुबह 7 से शाम 6 बजे तक बढ़ाया जाना चाहिए। चीमा ने कहा कि प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप है जिसका असर मतदान प्रतिशत पर पड़ सकता है। अगर सुबह और शाम के चलते मतदान का समय दो घंटे बढ़ा दिया जाए तो उससे मतदान प्रतिशत में वृद्धि होगी। मौजूदा समय मजदूरों के लिए भी उपयुक्त नहीं है क्योंकि वो काम के कारण अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाएंगे।  

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ समेत मेयर के घर को उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

लुधियाना  पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ और लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को बम से उड़ने की धमकी भरा मेल मिला है. यह मेल सोमवार की सुबह लुधियाना नगर निगम कमिश्नर की सरकारी ईमेल आईडी पर आया है. इस मेल में कहा गया है कि लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को दोपहर 1:11 पर बम से उड़ा दिया जाएगा जबकि रात 9:11 पर दिलजीत दोसांझ के घर पर हमला होगा. यह मेल खालिस्‍तान नेशनल आर्मी की तरफ से भेजा गया बताया जा रहा है।  पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह-सुबह नगर निगम कमिश्नर के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर एक धमकी भरा मेल आया. बता दें कि इससे पहले पंजाब के कई स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकियां दी जा चुकी हैं।  इस ईमेल में लिखा था कि लुधियाना की मेयर और सिंगर दिलजीत दोसांझ के ठिकानों पर जोरदार धमाके किए जाएंगे. धमकी देने वाले ने इस हरकत को अंजाम देने के लिए बकायदा एक खास तारीख और समय का भी जिक्र किया था।  ईमेल में खास लोगों और संगठन के नामों का भी हवाला सूत्रों ने बताया कि इस ईमेल में कुछ खास लोगों और एक संगठन के नामों का भी हवाला दिया गया है. पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की टीमें इस ईमेल की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।  बम की इस खौफनाक धमकी के मिलते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया. सुरक्षा के मद्देनजर मेयर के कैंप ऑफिस और शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।  क्या लिखा है धमकी भरे ईमेल में? सुबह करीब 7:28 बजे आई ईमेल आईडी का विषय "B"0mb Blast – Mayor Office Ludhiana!" रखा गया है। ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया है। दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी दी गई है। इसके साथ ही रात 9:11 बजे दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी दी है। हमलावरों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “कोई भी मदद दिलजीत दोसांझ करेगा, मारा जाएगा।” 1984 के दंगों का जिक्र, 6 जून तक का अल्टीमेटम ईमेल में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए "खून का बदला खून" की बात लिखी गई है। धमकी देने वालों ने लिखा है कि 6 जून तक बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा। किसने भेजी है यह धमकी? ईमेल के अंत में इसे 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' (KHALISTAN National ARMY) की तरफ से भेजा गया बताया गया है। इसमें भेजने वालों के रूप में दो नाम लिखे गए हैं: 1. इंजीनियर गुरनख सिंह (रुकन शाहवाला) 2. डॉ. गुरनिरवैर सिंह (खान राजादा) पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट धमकी के बाद पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट पर है। ईमेल के आईपी एड्रेस और सेंडर को ट्रेस करने की त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है। जांच में जुटी पुलिस और खुफिया एजेंसियां लुधियाना पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस धमकी की गंभीरता को परखने और ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच के दौरान किसी भी जगह से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।  इसके बावजूद, प्रशासन इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और पूरी सतर्कता के साथ चप्पे-चप्पे पर सर्च ऑपरेशन और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।   

निर्बाध बिजली व्यवस्था पर पंजाब सरकार सख्त, फील्ड में उतरेंगे टेक्निकल कर्मचारी

जालंधर. टैक्निकल स्टॉफ की शार्टेज पावरकॉम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसके चलते आमतौर पर फाल्ट समय पर ठीक नहीं हो पाता और पब्लिक को भारी परेशानियां उठानी पड़ती है। इसके लिए पावरकॉम द्वारा टैक्निकल कर्मचारियों को दफ्तरों से निकाल कर फील्ड में तैनात करने के आदेश जारी किए गए हैं। पावरकॉम दफ्तरी आदेश नंबर 1296/22-5 के तहत जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक कहा गया है कि दफ्तरों में काम करने वाले स्टॉफ को फील्ड में तैनात किया जाए। बताया जा रहा है कि इन आदेशों के बाद विभाग संबंधित विभिन्न एसोसिएशनों द्वारा दफ्तरों में तैनात कर्मचारियों की लिस्टें तैयार की जा रही है जोकि पटियाला हैड ऑफिस भेजी जाएगी ताकि दफ्तरों में काम करने वाले टैक्निकल कर्मचारियों की फील्ड तैनाती को यकीनी बनाया जा सके। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पावरकॉम में पोस्ट के हिसाब से बड़े स्तर पर टैक्निकल स्टॉफ की शार्टेज चल रही है। इनमें जे.ई., लाइनमैन, सहायक लाइनमैन इत्यादि शामिल हैं। पावरकॉम द्वारा कम स्टॉफ के साथ काम किया जा रहा है जिसके चलते फील्ड में काम करने वाले स्टॉफ पर ओवरलोड बना हुआ है। विभागीय जानकारों का कहना है कि महानगर जालंधर ही नहीं बल्कि पंजाब के सभी जोन में टैक्निकल स्टॉफ की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह से दूर-दराज की कई डिवीजनों में हालात बेहद नाजूक है, जिसके चलते लोगों के दिलों में विभाग का अकस खराब हो रहा है। टैक्निकल स्टॉफ की शार्टेज को देखते हुए पावरकॉम द्वारा ठेके पर कंपलेंट हैंडलिंग बाइक (सी.एच.बी.) कर्मचारियों से सेवाएं ली जा रही है। लेकिन इसके बावजूद स्टॉफ शार्टेज की समस्या का पक्का समाधान नहीं निकल पा रहा है। छोटे-मोटे फाल्ट के लिए सी.एच.बी. से काम लिया जा सकता है, लेकिन शट्डाऊन लेने, बड़ी लाइनों पर काम करने जैसी स्थिति में पक्के स्टॉफ की उपलब्धता जरूरी हो जाती है। इसी क्रम में रोजाना पड़ रहे फाल्ट को निपटाने में सी.एच.बी. व पक्के स्टॉफ को काफी मश्कत करनी पड़ रही है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर भर्ती प्रक्रिया चलाई जा रही है, लेकिन रिटायर्ड हुए कर्मचारियों के मुकाबले भर्ती प्रक्रिया का अनुपात बेहद कम साबित हो रहा है। इसी के चलते टैक्निकल स्टॉफ की शॉर्टेज बनी हुई है। फाल्ट बढ़ने से खराब हो रहे हालात स्टॉफ शार्टेज का सबसे विपरीत प्रभाव गर्मी के दिनों में देखने को मिलता है। गर्मी में बिजली का इस्तेमाल बढ़ने के कारण फाल्ट बढ़ जाते है जिसके चलते टैक्निकल स्टॉफ की डिमांड में भारी बढ़ौतरी होती है। कई इलाकों में लोगों को घंटों तक स्टॉफ का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, बारिश व तूफान के मौसम में हजारों के हिसाब से शिकायतें सामने आती हैं और ऐसे समय में हालात बेहद खराब हो जाता है।