samacharsecretary.com

Punjab Mandi Update: मंत्री कटारूचक ने जांची गेहूं खरीद व्यवस्था, किसानों के भुगतान पर दिया भरोसा

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक इन दिनों प्रदेश की अनाज मंडियों का लगातार दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी के तहत वे आज फतेहगढ़ साहिब जिले की सरहिंद अनाज मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने गेहूं की खरीद के लिए किए गए सरकारी प्रबंधों का निरीक्षण किया और किसानों व अधिकारियों से बातचीत की। मंत्री कटारूचक ने बताया कि इस बार पंजाब सरकार ने 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने ताजा आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा अब तक राज्य की मंडियों में लगभग 39 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है।इसमें से करीब 34 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी की जा चुकी है। किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है और अब तक 1818 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। बारदाने की कमी और गुणवत्ता पर स्पष्टीकरण मंडियों में पुराने या खराब बारदाने (बोरियों) की शिकायतों पर सफाई देते हुए मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेष रूप से अमेरिका-ईरान तनाव के कारण नए बारदाने की आपूर्ति में कुछ कमी आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी वजह से कुछ स्थानों पर पुराने बारदाने का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन यह पूरी तरह से मानकों के अनुरूप है। उन्होंने दाव किया कि कहीं भी घटिया गुणवत्ता वाला बारदाना नहीं भेजा गया है। मंत्री लाल चंद कटारूचक ने दोहराया कि पंजाब सरकार किसानों के एक-एक दाने की खरीद के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि खरीद सीजन सुचारू रूप से चल रहा है और मंडियों में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों पर खरी उतरी है और किसानों के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है।

Punjab Update: बेअदबी पर नया कानून और जांच सिस्टम लागू, अब साजिशकर्ताओं पर कसेगा शिकंजा?

अमृतसर. पंजाब में बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जहां ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ को मंजूरी दी है, वहीं अब जांच प्रक्रिया को भी और मजबूत बना दिया गया है। कानून लागू होने के बाद पंजाब पुलिस ने इन मामलों की जांच के लिए नई मानक कार्य प्रणाली (SOP) जारी की है, जिसे पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने तैयार किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बेअदबी मामलों में पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है। पुलिस को अब हर मामले में वैज्ञानिक तरीके से जांच करनी होगी और डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जांच 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी कर अदालत में चालान पेश किया जाए। नई व्यवस्था के तहत सूचना मिलते ही थाना प्रभारी और जांच अधिकारी को तुरंत घटना स्थल पर पहुंचना होगा। वहां सबूतों की सुरक्षा के लिए दो स्तर का घेरा बनाया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति सबूतों से छेड़छाड़ न कर सके। धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंगों या अन्य धार्मिक प्रतीकों को केवल अधिकृत धार्मिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही संभाला जाएगा। हर घटना स्थल की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, साथ ही उसका नक्शा भी तैयार किया जाएगा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों को तुरंत बुलाकर वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। पुलिस केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पीछे की साजिश और मुख्य आरोपी तक पहुंचगी। डिजिटल माध्यमों पर होगी कड़ी नजर डिजिटल माध्यमों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। भ्रामक संदेश, डीपफेक वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री की जांच के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन और संदिग्ध फंडिंग की भी जांच होगी। यदि आरोपी की मानसिक स्थिति संदिग्ध पाई जाती है, तो विशेषज्ञों के बोर्ड द्वारा उसका परीक्षण कराया जाएगा। इन मामलों की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा सीधे की जाएगी। नए कानून में उम्र कैद तक की सजा का प्रवधान नए कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे मामलों को गैर-जमानती रखा गया है, जिससे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य धार्मिक आस्था और मर्यादा की रक्षा करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

Cyber Fraud Alert: फगवाड़ा में ठगों का नया जाल, निवेश का झांसा देकर 35 लाख उड़ाए

फगवाड़ा. जिला कपूरथला में मासूम लोगों के साथ इन्वेस्टमेंट के नाम पर शातिर साइबर ठगों द्वारा लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले निरंतर जारी हैं। जानकारी अनुसार जिला कपूरथला की साइबर क्राइम की पुलिस टीम को अज्ञात साईबर ठगों द्वारा अब एक और लाखों रूपए की बड़ी साईबर ठगी करने की सूचना मिली है। ललित कुमार वासी जिला कपूरथला ने पुलिस को दी शिकायत में खुलासा किया हैं कि उसे इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर अज्ञात साइबर ठगों ने करीब 35,08,931 रुपए की ऑनलाइन साइबर ठगी की हैं। पुलिस ने ललित कुमार की शिकायत पर साइबर क्राईम सेल में बी.एन.एस. की धारा 318(4),319(2) और 66 डी आईटी एक्ट 2000 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वर्णनयोग्य है कि इससे पूर्व भी फगवाड़ा सहित जिला कपूरथला में बीते 5 दिनों के अंदर करीब 26,82,727 की 2 ऑनलाइन ठगियां होने की सूचना साइबर क्राईम सैल जिला कपूरथला की पुलिस को दी गई है। अभी उक्त मामलों की जहां साईबर सैल की पुलिस द्वारा जांच की ही जा रही है वहीं साईबर ठगों ने एक और लाखों रुपए की बड़ी ठगी को सफलता पूर्वक अंजाम दे दिया है। ऐसे में अब जिला कपूरथला में एक सप्ताह के भीतर 61, 91,658 रुपए की साइबर ठगी के तीन मामले प्रकाश में आ चुके हैं। पुलिस का दावा है कि तीनों मामलों की पुलिस जांच का दौर जारी है।

पाकिस्तान यात्रा से लौटे श्रद्धालु: बैसाखी पर्व पर गुरुधामों के दर्शन, सकुशल पूरी हुई यात्रा

अमृतसर. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से बैसाखी और खालसा साजना दिवस पर पाकिस्तान गए सिख श्रद्धालुओं का जत्था वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत लौट आया है। पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन करके लौटे इस जत्थे में कुल 2238 श्रद्धालु शामिल थे। पाकिस्तान से लौटे श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि उनकी यात्रा बेहद सुखद और शांतिपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि उनको वहां किसी भी तरह की परेशानी नहीं आई, बल्कि पाकिस्तान सरकार और प्रशासन की ओर से रहने, सुरक्षा और लंगर सहित सभी आवश्यक सुविधाओं का अच्छा प्रबंध किया गया था। श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, श्री डेरा साहिब और श्री करतारपुर साहिब सहित कई पवित्र स्थलों पर माथा टेका। उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों सरकारों का धन्यवाद करते हुए अपील की कि धार्मिक यात्राओं के लिए अन्य कॉरिडोर और सुविधाएं बढ़ाई जाएं।

Weather Update: पंजाब में छाए बादल, गर्मी से मिली राहत, तापमान लुढ़का

पठानकोट. शहर में मौसम ने अचानक करवट ली है। दिनभर तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 18.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कल के मुकाबले अधिकतम तापमान में करीब 1.2 डिग्री की कमी आई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। दोपहर बाद आसमान में बादल छाने लगे और हवाएं चलने से वातावरण सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका प्रभाव पठानकोट और आसपास के इलाकों पर भी देखा जा रहा है। आने वाले 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मौसम के फिर से शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह तेज धूप के बाद दोपहर तक बादलों और सूरज के बीच आंख-मिचौली चलती रही। हल्की हवाओं के कारण लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन उमस बरकरार रही। गर्मी से बचने के लिए लोग दुपट्टे और कपड़ों से मुंह ढककर निकलते नजर आए। मौसम में आए इस बदलाव ने फिलहाल लोगों को राहत दी है और अब सभी की नजरें संभावित बारिश पर टिकी हैं।

स्टूडेंट्स बनेंगे भविष्य के बिजनेस लीडर: पंजाब में लॉन्च होगा यंग एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए एंटरप्रेन्योशिप शिक्षा को अब कक्षा 9 और 10 तक विस्तारित करने का फैसला किया है। पहले यह विषय केवल कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए लागू था, लेकिन अब इसे शुरुआती स्तर पर ही अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मनिर्भरता जैसे गुण विकसित होंगे। राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के साथ अपनी साझेदारी को अगले तीन वर्षों के लिए और बढ़ा दिया है। यह समझौता (एमओयू) कक्षा 9 से 12 तक कार्यक्रम के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करेगा। इस पहल के तहत राज्य के सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध संस्थानों में इसे लागू किया जाएगा, जिससे करीब 6.4 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। 2022 में हुई थी पीवाईईपी की शुरुआत पंजाब यंग एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम (पीवाईईपी) की शुरुआत 2022 में की गई थी, जबकि 2025 में कक्षा 11 और 12 के लिए इसे अनिवार्य विषय बनाया गया। इसके बाद से विद्यार्थियों की भागीदारी में लगातार वृद्धि देखी गई है और आइडिया आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिला है। अब कक्षा 9 और 10 में इसे अनिवार्य तो किया जाएगा, लेकिन इन कक्षाओं में इसके अंक नहीं जोड़े जाएंगे। उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सीईओ और सह-संस्थापक मेकिन माहेश्वरी के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं की पहचान करते हैं, उनके समाधान तैयार करते हैं और उन्हें व्यवहारिक रूप में परखते हैं। कई विद्यार्थियों के आइडिया छोटे स्तर के व्यवसाय और सामुदायिक परियोजनाओं में भी बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा में पढ़ाई का फोकस ‘करके सीखने’ (लर्निंग बाय डूइंग) पर है, जिससे विद्यार्थी केवल सिद्धांत तक सीमित नहीं रहते। युवाओं को अवसर पैदा करने योग्य किया जा रहा तैयार शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि अवसर पैदा करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम के तहत पिछले वर्ष 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को सीड फंडिंग दी गई थी, जबकि इस वर्ष 65 हजार विद्यार्थियों को सहयोग दिया जाएगा। गौरतलब है कि उद्यम लर्निंग फाउंडेशन वर्तमान में राज्य के करीब 3700 स्कूलों में काम कर रही है और देश के 12 राज्यों में उद्यमिता शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। यह संस्था पाठ्यक्रम को मजबूत करने, शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से आने वाले वर्षों में पंजाब के विद्यार्थी न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को भी नई दिशा देंगे।

बटाला में सेफ प्लांट के तहत फायर सेफ्टी एक्सरसाइज कैंप लगाया गया

बटाला.  नेशनल फायर सेफ्टी वीक के दौरान, फायर ब्रिगेड बटाला ने चड्ढा शुगर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड: कीड़ी अफगाना और वेरका कैटल फीड प्लांट घनीये के बांगर में प्लांट फायर सेफ्टी और मोल ड्रिल की। ​​इन एक्सरसाइज कैंप में फायर स्टेशन इंचार्ज नीरज शर्मा की लीडरशिप में फायर ऑफिसर राकेश शर्मा, हरबख्श सिंह सिविल डिफेंस, फायर टेंडर/फाइटर समेत सभी स्टाफ और वर्कर मौजूद थे। फायर ऑफिसर राकेश शर्मा और हरबख्श सिंह सिविल डिफेंस ने बताया कि इन कैंप में मॉक फायर ड्रिल के दौरान इमरजेंसी अलार्म बजाकर सभी को अलर्ट किया गया और सभी लोग सुरक्षित जगह पर इकट्ठा हुए। इसी बीच, एक फायर टेंडर बुलाया गया और फायर फाइटर्स ने आग पर काबू पाया। जो वर्कर किसी वजह से अंदर फंस गए थे, उन्हें वर्करों द्वारा तैयार की गई फर्स्ट एड, रेस्क्यू और एम्बुलेंस टीमों ने सुरक्षित निकाल लिया। इसके बाद बताया गया कि अपनी सेफ्टी के लिए काम करते समय कभी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि एक्सीडेंट की वजह छोटी से बड़ी हो सकती है। वर्कर्स को फायर एक्सटिंग्विशर इस्तेमाल करने की प्रैक्टिस भी कराई गई। अगर कोई अनहोनी होती है, तो बटाला कंट्रोल रूम नंबर 91157-96801 पर लोकल फायर ब्रिगेड को इन्फॉर्म करें। प्लांट फायर सेफ्टी (या सेफ्टी ऑफिसर) को इंडस्ट्रियल नियमों का पालन पक्का करना चाहिए, जिससे खतरों से बचा जा सके।

श्री अकाल तख्त ही अकाली दल की नई शुरुआत का केंद्र — करनैल सिंह पीरमोहम्मद का बड़ा बयान

तरनतारन. शिरोमणि अकाली दल की मौजूदा हालत और पार्टी के लगातार गिरते पॉलिटिकल ग्राफ पर गहरी चिंता जताते हुए शिरोमणि अकाली दल (पुनर् सुरजीत) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट करनैल सिंह पीरमोहम्मद ने शिरोमणि अकाली दल बादल पार्टी के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल को कड़ी सलाह दी है। उन्होंने साफ किया कि गलत सलाहकारों के बहकावे में आकर स्वर्गीय जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा जैसे दिग्गज टकसाली नेताओं के परिवारों को नजरअंदाज करना पार्टी के लिए पॉलिटिकल सुसाइड साबित होगा। पीरमोहम्मद ने कहा कि अकाली गुटों की एकता को मजबूत करने और पंथिक एकता को फिर से कायम करने का एकमात्र तरीका श्री अकाल तख्त साहिब की सुप्रीमेसी के लिए खुद को समर्पित करना है। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल को अच्छी सलाह देते हुए कहा कि पार्टी के आगे के फैसले श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पण के साथ लिए जाने चाहिए और पोस्ट बांटते समय 2 दिसंबर के हुक्मनामे को मुख्य आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने साफ इशारा किया कि सिर्फ राजनीतिक जोड़-तोड़ और पोस्ट बांटने से पार्टी मजबूत नहीं होगी, बल्कि हर वर्कर और टकसाली लीडर को यह एहसास कराना होगा कि पार्टी में उनका मान-सम्मान सुरक्षित है।  गलत सलाहकारों की चालों में फंसकर लिए गए फैसलों ने हमारी ताकत बिखेर दी है और पंथक रैंकों में भारी निराशा पैदा कर दी है। अपनी लीडरशिप को आत्मचिंतन की सलाह देते हुए पीरमोहम्मद ने कहा कि आज समय आ गया है कि हम निजी फायदे छोड़कर श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मों को सबसे ऊपर मानें। इसी में पंथ के उत्थान और अकाली दल के फिर से खड़े होने का राज छिपा है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल (पुनर् सुरजीत) ने पहल करते हुए आठ सदस्यों वाली 'एकता कमेटी' बनाई है, जो श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित पंथिक संगठनों के साथ तालमेल करके पंथिक एकता के विचार को पूरा करेगी।

6.83 लाख महिलाओं को हर महीने मिल रही आर्थिक ताकत, डॉ. बलजीत कौर का बड़ा बयान

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य की विधवाओं और बेसहारा महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के मार्च महीने के लिए सरकार ने 102 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम जारी की है। इस बारे में जानकारी शेयर करते हुए सोशल सिक्योरिटी, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार समाज के कमजोर तबके, खासकर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह फाइनेंशियल मदद हजारों महिलाओं के लिए एक सहारा बन रही है, जिससे वे अपनी रोज़ाना की ज़रूरतें पूरी कर सकती हैं और भरोसे के साथ ज़िंदगी जी सकती हैं। मंत्री ने कहा कि अभी राज्य की 6,83,004 विधवाएं और बेसहारा महिलाएं इस स्कीम का फायदा उठा रही हैं और उन्हें हर महीने रेगुलर पेंशन दी जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए, सरकार ने हर योग्य बेनिफिशियरी को बिना किसी रुकावट के मदद मिले, यह पक्का करने के लिए 1200 करोड़ रुपये से ज़्यादा का बजट प्रोविजन किया है। उन्होंने कहा कि 58 साल से कम उम्र की विधवा और बेसहारा महिलाएं, 30 साल से ज़्यादा उम्र की अविवाहित महिलाएं और 60,000 रुपये तक की सालाना इनकम वाली महिलाएं इस स्कीम के लिए एलिजिबल हैं। मिनिस्टर ने दोहराया कि पंजाब सरकार महिलाओं के एम्पावरमेंट और वेलफेयर के लिए पूरी तरह से कमिटेड है और ऐसी स्कीम महिलाओं को इज्ज़तदार ज़िंदगी जीने में मदद कर रही हैं।

अन्नदाता के लिए मुस्तैद पंजाब सरकार: 48 घंटे में भुगतान और सुचारू लिफ्टिंग के साथ गेहूं खरीद जारी

  पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने टांडा की अनाज मंडी में गेहूं की खरीद व्यवस्था का निरीक्षण किया। राज्य की विभिन्न मंडियों में अब तक कुल 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है। विभागीय मुस्तैदी के चलते इसमें से 24 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा फसल की खरीद का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों को बिना किसी देरी के उनकी मेहनत का फल दिलाना है, जिसके लिए मंडियों में व्यापक स्तर पर प्रबंध किए गए हैं। किसानों को सीधा आर्थिक लाभ और पारदर्शी भुगतान कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत अब तक किसानों के बैंक खातों में 647 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। सरकार ने नियमों के अनुसार खरीद के 48 घंटों के भीतर भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित की है। इस कदम से किसानों को अपनी अगली फसल की तैयारी और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिल रही है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि फसल की लिफ्टिंग में तेजी लाई जाए ताकि मंडियों में अनावश्यक भीड़ जमा न हो। प्रशासनिक मुस्तैदी और बुनियादी सुविधाएं अनाज मंडी के दौरे के दौरान मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों और खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने सुनिश्चित किया कि मंडियों में बारदाना, लेबर और परिवहन की कोई कमी न रहे। होशियारपुर जिले में 78 खरीद केंद्र सक्रिय हैं, जिनमें से 65 स्थायी और 13 अस्थायी केंद्र हैं। प्रशासन का अनुमान है कि अकेले इस जिले में 3,16,000 मीट्रिक टन गेहूं की आवक होगी। किसानों की सुविधा के लिए पीने के पानी और छाया के भी उचित प्रबंध किए गए हैं। फसल अवशेष प्रबंधन और बेमौसम बारिश की राहत सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को जलाने के बजाय कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई मशीनरी का उपयोग करें। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और प्रदूषण भी नहीं फैलेगा। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से प्रभावित फसलों के संदर्भ में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार विशेष गिरदावरी (फसल निरीक्षण) शुरू कर दी गई है। फसल के नुकसान की पूरी भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जाएगी ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ न पड़े। भविष्य की रणनीति और सरकारी प्रतिबद्धता स्थानीय विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने भी भरोसा दिलाया कि प्रशासन और सरकार मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि मंडी में आने वाला फसल का एक-एक दाना समय पर खरीदा जाए। खरीद केंद्रों पर किसी भी प्रकार की धांधली या अव्यवस्था को रोकने के लिए उच्चाधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। पंजाब सरकार की यह सक्रियता दिखाती है कि राज्य में कृषि और किसान कल्याण उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। आने वाले दिनों में आवक बढ़ने के साथ ही खरीद और लिफ्टिंग की गति को और तेज करने की योजना तैयार है।