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महंगाई का नया झटका: कमर्शियल LPG के दाम बढ़े, होटल-रेस्टोरेंट पर पड़ेगा असर

अमृतसर. कमर्शियल एल.पी.जी. गैस सिलेंडरों की लगातार बढ़ती कीमतों ने होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को एक बार फिर बड़े संकट में डाल दिया है। पहले ही गैस सिलेंडरों की कमी के कारण ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर कारोबारियों को अब सरकारी रेट में हुए इजाफे ने दोहरा झटका दिया है। इस समय एल.पी.जी. गैस सिलेंडर कमर्शियल की कीमत 3178 रुपए हो गया है, एकदम से 993 रुपए बढ़ने से इंडस्ट्री में भूचाल आ गया है। बढ़ती लागत के चलते होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को रोजगार का एक बड़ा स्रोत माना जाता है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। लेकिन गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ौतरी ने इस उद्योग पर भारी दबाव बना दिया है। कारोबारियों का कहना है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडरों की लागत कई गुना बढ़ गई है, जबकि ग्राहकों की संख्या और आमदनी में उस हिसाब से बढौतरी नहीं हो रही। ऐसे में मुनाफा लगातार घटता जा रहा है और कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। पिछले कुछ समय से कई इलाकों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की शॉर्टेज भी देखने को मिली थी। इस कमी के चलते कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अपना काम जारी रखने के लिए ब्लैक में ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़े। कई बार तो सरकारी रेट से सैंकड़ों रुपए ज्यादा देकर सिलेंडर लेने पड़े ताकि कारोबार बंद न हो। अब जब सरकारी स्तर पर ही कीमतों में बढ़ौतरी कर दी गई है, तो ब्लैक में सिलेंडर खरीदने वालों की परेशानियां और भी बढ़ गई हैं। होटल कारोबारी अनिल सूरी का कहना है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो छोटे और मध्यम स्तर के होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। कई छोटे कारोबारी पहले से ही बढ़ते बिजली बिल, कर्मचारियों के खर्च और अन्य महंगाई से जूझ रहे हैं। ऐसे में गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।

50 लाख फिरौती मामले में गोल्डी बराड़ के पिता को जमानत, 30 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी

श्री मुक्तसर साहिब/चंडीगढ़. करीब एक साल पुराने फिरौती के एक मामले में श्री मुक्तसर साहिब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह की जमानत अर्जी एडिशनल सेशन जज रमन कुमार की अदालत ने मंजूर कर ली है। उल्लेखनीय है कि श्री मुक्तसर साहिब के निकटवर्ती गांव उदेकरण के रहने वाले एक सरकारी शिक्षक से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के संबंध में पुलिस ने तीन दिसंबर 2024 को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसी मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह (पूर्व एएसआई) को 24 जनवरी 2026 और उसकी माता प्रीतपाल कौर को 25 जनवरी 2026 को मामले में नामजद किया था। इसके बाद उन्हें अमृतसर से गिरफ्तार किया गया था। शमशेर सिंह के वकील बाबू सिंह सिद्धू ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रीतपाल कौर की जमानत पहले ही मंजूर हो गई थी, जबकि शमशेर सिंह की जमानत याचिका अब अदालत द्वारा स्वीकार कर ली गई है।

सेना प्रमुख और रक्षा सचिव की सैलरी में कटौती, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला रिटायर्ड मेजर की याचिका पर

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक रिटायर्ड मेजर की पेंशन के मामले में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह पर ही 2 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि यह रकम दोनों की सैलरी से काटकर याचिकाकर्ता को दी जाए। रिपोर्ट के मुताबिक सेवा के दौरान ही मेजर को 24 सर्जरी करवानी पड़ी थी। इसके अलावा उनकी किडनी डैमेज हो गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक पुणे के रहने वाले मेजर राजदीप दिनकर पांडेर (रिटायर्ड) साल 2012 में भारतीय सेना में कमीशन हुए थे। उस समय वह एकदम फिट थे। उन्हें लद्दाख में ऊंचाई वाले इलाके में पोस्टिंग दी गई। सेवा के पांच साल के बाद वह बुरी तरह बीमार हो गए। इसके बाद दिल्ली छावनी में उन्हें सिक लीव मेडिकल बोर्ट के सामने पेश किया गया। जांच में पता चला कि उन्हें 'सिस्टाइटिस सिस्टिका ग्लैंडुलरिस ' है। इसमें मत्रूशय में छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं। अकसर पेशाब में संक्रमण की वजह से यह होता है। इसके बदा मेजर पंडेर की सर्जरी हुई और उन्हें 'लो मेडिकल कैटिगरी' में डाल दिया गया। 2022 में उन्हें पंचकूला में चंडीमंदिर वेस्टर्न कमांड हॉस्पिटल की सिफारिश पर लो मेडिकल कैटिगरी में रखते हुए ही रिलीज कर दिया गया जबकि वह 15 फीसदी तक दिव्यांग हो गए थे। उन्होंने दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन किया जिसे खारिज कर दिया गया। चंडीमंदिर आर्म्ड फोर्सेज ट्राइब्यूनल ने माना कि मेडिकल बोर्ड की सिफारिश पर कई बार उनकी सर्जरी हुई और सेवा के दौरान ही वह दिव्यांग हुए थे। बेंच ने कहा, हमें समझ नहीं आता कि जब सेवा के दौरान ही वह 15 फीसदी तक दिव्यांग हो गए थे तब उनको रिलीज करते हुए यह क्यों कहा गया कि यह सैन्य सेवा के दौरान नहीं हुई है। ट्राइब्यूनल ने ही 2008 के एक फैसले में कहा था कि जब किसी की सीरम क्रिएटनिन 1,13 है तो उसे 40 फीसदी दिव्यांगता की श्रेणी में रखा जाए। इस हिसाब से उन्हें 40 से 50 फीसदी की दिव्यांगता श्रेणी में ऱखा जा सकता था। ट्राइब्यूनल के आदेश के खिलाफ 2025 में केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका फाइल की थी जिसे खारिज कर दिया गया था। मेजर पंडेर ने रक्षा सचिव राजेश कुमार और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के खिलाफ कंटेंप्ट पिटीशन फाइल करके कहा कि उन्होंने हाई कोर्ट और ट्राइब्यूनल के आदेश का पालन नहीं किया है। 30 अप्रैल को जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा कि आखिरी सुनवाई के दौरान भी कोई जवाब नहीं दिया गया है इसलिए 2 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। यह रकम रक्षा सचिव और सेना प्रमुख की सैलरी से काटकर डिमांड ड्राफ्ट के जरिए याचिकाकर्ता को दी जाए।

रेल ट्रैक धमाके का मास्टरमाइंड गिरोह बेनकाब: आरोपी का सहयोगी पकड़ा, कई हमलों की गुत्थी सुलझी

पटियाला. पंजाब में हाल के समय में हुए तीन बड़े आतंकी घटनाक्रमों को लेकर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मोगा में जांच एजेंसी कार्यालय पर ग्रेनेड हमला, सरहिंद रेलवे ट्रैक विस्फोट और शंभू रेलवे ट्रैक धमाका- इन तीनों मामलों को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी के सहयोगी गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेंत को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य की विशेष संचालन इकाई, पठानकोट की खुफिया टीम और पटियाला पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी का संबंध मुख्य आरोपी जगरूप सिंह से था, जिसकी शंभू धमाके में मौत हुई थी। दोनों एक साथ मिलकर कर रहे थे काम जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि गुरजिंदर और जगरूप लंबे समय से एक साथ काम कर रहे थे और शंभू घटना वाले दिन दोनों अलग-अलग रास्तों से राजपुरा पहुंचे थे, ताकि किसी को शक न हो। धमाके के समय गुरजिंदर मौके पर मौजूद था, लेकिन कुछ दूरी पर होने के कारण वह सुरक्षित बच निकला और बाद में फरार हो गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तीनों घटनाएं एक ही गिरोह द्वारा अंजाम दी गई थीं और इन्हें विदेश में बैठे संचालकों के निर्देश पर अंजाम दिया गया। नेटवर्क के तार मलेशिया, अमेरिका और पाकिस्तान तक जुड़े होने की बात सामने आई है। आतंकी नेटवर्क तोड़ने में मिली सफलता इससे पहले पुलिस ने इस मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से हथियार, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण भी बरामद किए गए थे। बाद में जगरूप के भाई की निशानदेही पर और भी घातक हथियार बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी प्रदेश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा कदम: चंडीगढ़ में 2000 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक अस्पताल

चंडीगढ़. शहर में बढ़ती मरीजों की संख्या और अस्पतालों पर दबाव को कम करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने 2,154 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी है। यह केंद्र ट्राइसिटी और आसपास के राज्यों के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने सेक्टर-53 में 13.6 एकड़ भूमि पर बनने वाले क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र को स्वीकृति दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश प्रशासक ने मंजूरी प्रदान की है तथा केंद्र सरकार से शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया है। करीब 2,154 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना में 1,704 करोड़ रुपये भवन निर्माण और संबंधित सुविधाओं पर तथा 450 करोड़ रुपये अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर खर्च किए जाएंगे। यह केंद्र 1000 बिस्तरों वाला होगा, जिसमें 500 बिस्तर महिला एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तथा 500 बिस्तर उच्च स्तरीय विशिष्ट चिकित्सा और आपातकालीन उपचार के लिए निर्धारित होंगे। इस केंद्र में हृदय रोग, तंत्रिका रोग, पाचन तंत्र रोग, गुर्दा रोग सहित अनेक उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही यह संस्थान उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र भी बनेगा। वर्तमान में शहर के सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की कमी के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है और कई बार एक ही बिस्तर पर एक से अधिक मरीजों को रखना पड़ता है। ऐसे में यह नया चिकित्सा केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना न केवल चंडीगढ़ बल्कि मोहाली, पंचकूला तथा पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को भी बेहतर और सुलभ उपचार उपलब्ध कराएगी। इससे बड़े सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते दबाव में कमी आने की संभावना है।

चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली में तेज आंधी के साथ बरसे बदरा, पंजाब में मौसम का मिजाज हुआ बदल

पंचकूला  रविवार की छुट्टी का आगाज सामान्य उजाले के साथ नहीं, बल्कि काले घने बादलों के पहरे के साथ हुई। आसमान में उमड़े बादलों ने ऐसा डेरा डाला कि सुबह के वक्त ही रात जैसा नजारा बन गया। सड़कों पर गाड़ियों को हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ा। 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएंमौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने लगीं। बादलों की कड़कड़ाहट और बिजली की चमक के बीच शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया।   धराशायी हुए पेड़, थमी शहर की रफ्तार तूफान का असर शहर के बुनियादी ढांचे पर भी देखने को मिला। हवाओं का वेग इतना तेज था कि शहर के कई इलाकों में पुराने और भारी-भरकम पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। इसके चलते कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालात यह हो गए कि…सड़कों पर सन्नाटा दिन के उजाले में घुप अंधेरा होने और लगातार बारिश से लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।बिजली गुल: पेड़ गिरने और तेज हवाओं के कारण शहर के कई सेक्टरों में घंटों तक बिजली गुल रही।जलभराव की स्थिति: लगातार हुई तेज बारिश से शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीन मई को एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में चार व पांच मई को आंधी वर्षा के साथ साथ ओलावृष्टि को लेकर मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने ओरेंज अलर्ट जारी किया है। शनिवार को जारी किए गए मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी इलाकों पर भी देखने को मिलेगा। इसके चलते पंजाब पंजाब व चंडीगढ़ में गरज चमक के साथ वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार तीन मई को अलग अलग स्थानों पर गरज के साथ छींटे व तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। जबकि चार व पांच मई को ज्यादातर जगहों पर 40 से पचास किलोमीटर प्रति घंटे, कुछ जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती है। इस दौरान कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। ओलावृष्टि के दौरान घर से न निकलें बाहर विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार से अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। जिससे लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी है। जिसमें गरज चमक, ओलावृष्टि के दौरान घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वह अपने कृषि कार्य फिलहाल स्थगित कर रखें और फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। गेहूं और अन्य खड़ी फसलों को तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बचाने के लिए उचित प्रबंध करने को कहा गया है। इसके अलावा आंधी वर्षा की संभावना को देखते हुए सिंचाई व कीटनाशकों का छिड़काव न करने के लिए कहा है। दूसरी तरफ शनिवार को पंजाब के कई जिलों में मौसम गर्म रहा। जबकि कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने से गर्मी से थोड़ी राहत रही। लुधियाना में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज  विभाग के अनुसार बठिंडा में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा फाजिल्का में 39.5 डिग्री, फरीदकोट में 39.0 डिग्री और लुधियाना में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर में 37.1 डिग्री, पटियाला में 37.5 डिग्री और चंडीगढ़ में 36.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।  

हरियाणा CM का लुधियाना दौरा, नायब सैनी वर्करों से करेंगे विधानसभा चुनाव की योजना पर चर्चा

फिरोजपुर पंजाब में संगठन को धार देने और आगामी चुनावी रणनीतियों को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लुधियाना के दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर को फिरोजपुर रोड स्थित शहंशाह पैलेस पहुंचेंगा।  पार्टी के आधार को मजबूत करने की कवायद सूत्रों के मुताबिक इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब में पार्टी के आधार को और मजबूत करना है। मुख्यमंत्री सैनी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं (वर्करों) से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का मंत्र देंगे। बैठक में जिला स्तर के बड़े नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए फिरोजपुर रोड और कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट को लेकर विशेष प्रबंध किए हैं ताकि आम जनता को असुविधा न हो। भाजपा जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जोरदार तैयारियां की हैं।  

आरक्षण मामले में हाईकोर्ट सख्त: विवाह के बाद भी नहीं बदलेगी जाति, पंजाब-हरियाणा HC का अहम निर्णय

चंडीगढ़. विवाह के बाद दूसरे राज्य में बस जाने भर से किसी महिला को पति के राज्य की पिछड़ा वर्ग श्रेणी का लाभ नहीं मिल सकता। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इसी महत्वपूर्ण संवैधानिक सिद्धांत को दोहराते हुए राजस्थान मूल की एक महिला की हरियाणा में बीसी-बी प्रमाणपत्र के नवीनीकरण की मांग खारिज कर दी। जस्टिस जगमोहन बंसल ने स्पष्ट किया कि आरक्षण से जुड़ी जातीय स्थिति जन्म आधारित होती है और केवल विवाह के आधार पर राज्य बदलने से संबंधित सामाजिक श्रेणी का कानूनी लाभ स्वत प्राप्त नहीं किया जा सकता। यह फैसला एकता यादव की याचिका पर सुनाया गया। याचिकाकर्ता रेवाड़ी निवासी एकता यादव ने हाई कोर्ट में मांग की थी कि हरियाणा सरकार को उनका बीसी-बी प्रमाणपत्र नवीनीकृत करने और 10 अगस्त 2025 के कानूनी नोटिस पर निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उनका दावा गलत तरीके से अस्वीकार किया गया। हालांकि, हरियाणा सरकार ने कोर्ट को बताया कि 22 मार्च 2022 की राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित होता है, तो वह केवल अपने मूल राज्य में मान्य जाति श्रेणी का लाभ ले सकता है, न कि विवाह या प्रवास के आधार पर नए राज्य में उसी श्रेणी का दावा कर सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिसूचना के पैरा 3(4) के अनुसार किसी अन्य जाति या वर्ग के व्यक्ति से विवाह कर लेने मात्र से किसी महिला की जातीय श्रेणी परिवर्तित नहीं होती। अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता जन्म से राजस्थान की ओबीसी श्रेणी से संबंधित हैं, लेकिन हरियाणा में प्रवास के बाद वह वहां की बीसी-बी श्रेणी का लाभ नहीं ले सकतीं। हाई कोर्ट ने अपने पूर्व डिवीजन बेंच फैसले हरियाणा लोक सेवा आयोग बनाम श्वेता कश्यप का हवाला देते हुए कहा कि जाति व्यक्ति को जन्म से प्राप्त होती है और विवाह के कारण उसमें परिवर्तन नहीं होता। यदि एक राज्य की महिला दूसरे राज्य के पुरुष से विवाह करती है, तो उसे पति के राज्य की आरक्षण नीति का लाभ नहीं मिल सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने एकता यादव की याचिका को खारिज कर दिया।

लुधियाना में बिजली समस्या का समाधान, Powercom ने बदली केबल व्यवस्था; लाइन फाल्ट से मिलेगी राहत

लुधियाना. पिछले करीब 23 महीनो से बिजली की समस्याओं से जूझ रहे शहर वासियों को बड़ी राहत नसीब हुई है। दरअसल, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन की अग्र नगर डिवीजन के अंतर्गत पड़ते विभिन्न इलाकों में अक्सर बिजली का ग्रिड फेल और जमीन के नीचे बिछी तारों के जाल में फॉल्ट की समस्या होती थी.  फॉल्ट पड़ने के कारण अग्र नगर, डी.सी कांप्लेक्स, पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, फाउंटेन चौक आदि इलाकों में बसे लाखों परिवारों को कई कई दिनों तक बिजली की सप्लाई नहीं शुरू होने के कारण पीने वाले पानी की बूंद बूंद के लिए तरसने पड़ रहा है लेकिन अब पावर कॉम द्वारा करीब 4 करोड रु. लागत से बिजली के अंडरग्राउंड लाइनों को ओवरहेड कर लोगों की समस्या का समाधान निकल लिया गया है. सभी  इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन की अग्र नगर डिविजन में लगभग आधे शहर को बिजली की सप्लाई दी जा रही है जिनमें शहर के पोश कमर्शियल इलाके रख बाग, कॉलेज रोड सिविल लाइन, मल्हार रोड, फाउंटेन चौक, घुमार मंडी और फिरोजपुर रोड के बाजार मुख्य रूप से शामिल है l जहां पर केवल पंजाब ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी लोग विवाह शादियों के लिए कपड़ों, सोने के गहनों, मेकअप का सामान और मिठाइयां आदि खरीदने के लिए आते हैं त्योहार और विवाह शादियों के सीजन में यहां पर रोजाना करोड़ों रु. का कारोबार होता है लेकिन अग्र नगर डिवीजन में बिजली का फाल्ट पड़ने से उक्त सभी  इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होकर रह जाता है जिससे न केवल औद्योगिक नगरी की कारोबारी कमर टूट कर रह जाती है बल्कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाएं ठप पड़ने से आम जनता की मुसीबतें भी आसमान छूने लगती है. आम जनता में सरकार की जमकर किरकिरी 14 जून 2024 को जब भयानक गर्मी के कारण आसमान से आग बरस रही थी तब सिविल लाइन बिजली का ग्रिड फेल होने के कारण शहर का आधा हिस्सा करीब चार दिनों तक अंधेरे में डूबा रहा जिसके कारण लोगों का जीवन मानो रुक सा गया बिना बिजली के लोगों को पीने वाले पानी, इंटरनेट सेवाओं, मोबाइल फोन चार्ज नहीं होने सहित इनवर्टर और जनरेटर आदि सब कुछ खत्म होकर रह गया और लोग आदिवासियों इलाकों जैसा जीवन जीने को मजबूर हो गए थे l जिसके कारण लोगों का गुस्सा फूट उठा और इलाका निवासियों ने सड़कों पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया और इस गंभीर मुद्दे को लेकर विपक्षीय पार्टियों के नेताओं ने भी सरकार को घेरते हुए सिस्टम को फेल बताया l वही पंजाब केसरी द्वारा आम जनता के हक में उठाई गई आवाज के बाद मौके पर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के डायरेक्टर कई चीफ इंजीनियरो और उच्च अधिकारियों सहित करीब 200 कर्मचारियों की टीम जिसमें दिल्ली से बुलाई गई विशेष टीम भी शामिल रही को बिजली का फाल्ट ढूंढने के लिए कई दिनों तक पसीना बहाना पड़ा और आखिरकार चार दिनों बाद इलाके में बिजली की सेवाएं फिर से बहाल हो पाई थी जिसके कारण आम जनता में सरकार की जमकर किरकिरी हुई. क्या कहते हैं अधिकारी  पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन की अग्र नगर डिवीजन में तैनात एक्सियन राजेश शर्मा ने दावा किया कि इलाके में बिजली की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा बिजली की अंडरग्राउंड केबल को ओवरहेड कर दिया गया है ताकि जब कभी बिजली का फाल्ट पड़े तो आसानी से समस्या का समाधान किया जा सके और आम जनता को किसी तरह की परेशानी ना करनी पड़े उन्होंने बताया 1 मई की देर शाम को सारे सिस्टम को अमली जामा पहनाने संबंधी सारा काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है.

फाजिल्का में ड्रग कंट्रोल एक्शन: 75 mg से अधिक प्रेगाबालिन दवाओं की बिक्री पर रोक

फाजिल्का. जिल मजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन एक्ट 2023 (पुराना सीआरपीसी 1973, सेक्शन 144) के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, जिले में 75 एमजी से ज़्यादा के प्रेगाबालिन कैप्सूल/टैबलेट की बिक्री और स्टॉकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि दवा देते समय, केमिस्ट प्रिस्क्रिप्शन स्लिप पर अपनी मुहर लगाएगा और केमिस्ट की फर्म का नाम, दवा देने की तारीख और टैबलेट की संख्या दर्ज की जाएगी। यह रोक 30 जून, 2026 तक लागू रहेगी। यह आदेश सिविल सर्जन फाजिल्का के पत्र पर की गई कार्रवाई के संबंध में जारी किया गया है। सिविल सर्जन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कैप्सूल आम लोग मेडिकल ड्रग के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इस सेक्शन के तहत कैप्सूल की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग की है। जारी किए गए ऑर्डर के मुताबिक, कोई भी होलसेलर, रिटेलर, केमिस्ट/मेडिकल स्टोर का मालिक, हॉस्पिटल के अंदर फार्मेसी या कोई भी दूसरा व्यक्ति बिना ओरिजिनल प्रिस्क्रिप्शन के Pregabalin 75 mg नहीं बेचेगा। प्रेगाबिलन (75 mg तक) की खरीद और बिक्री का सही रिकॉर्ड रखने के अलावा, उन्हें ओरिजिनल प्रिस्क्रिप्शन पर इन डिटेल्स, केमिस्ट/रिटेलर का ट्रेड नेम, डिस्ट्रीब्यूशन की तारीख, डिस्ट्रीब्यूट की गई टैबलेट की संख्या की स्टैम्प भी सुनिश्चित करनी होगी।