samacharsecretary.com

लेनिन क्रूज पर प्रपोजल से लेकर सात फेरे तक की लग्जरी सुविधाएं

 पटना  डेस्टिनेशन वेडिंग का सपना देखने वाले लोगों के लिए अब पटना में भी खास विकल्प उपलब्ध हो गया है। राजधानी के गांधी घाट स्थित लेनिन क्रूज पर गंगा की लहरों के बीच शाही अंदाज में शादी और उससे जुड़ी सभी रस्मों का आयोजन किया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक सजावट से लैस यह कॉन्सेप्ट लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अब शादी के लिए मुंबई, गोवा या दूसरे पर्यटन स्थलों का रुख करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रपोजल से लेकर सात फेरे तक की सुविधा लेनिन क्रूज पर प्रपोजल, रिंग सेरेमनी, हल्दी, मेहंदी, संगीत और विवाह मंडप तक की व्यवस्था उपलब्ध है। यहां दूल्हा-दुल्हन की ग्रैंड एंट्री से लेकर मेहमानों के स्वागत तक हर आयोजन को खास अंदाज में तैयार किया जाता है। गंगा के बीच तैरते क्रूज पर शादी का अनुभव लोगों को एक अलग ही यादगार एहसास देता है। दो मंजिला लग्जरी क्रूज में आधुनिक सुविधाएं लेनिन क्रूज के प्रबंधन के अनुसार यहां पूरी तरह वातानुकूलित फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, ओपन डेक और अटैच बाथरूम वाले कमरे उपलब्ध हैं। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से संचालित इस क्रूज को विशेष रूप से लग्जरी आयोजनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां मेहमानों को आराम और मनोरंजन की सभी आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं। प्राइवेट प्रपोजल पैकेज की भी सुविधा शादी से पहले यादगार प्रपोजल के लिए ‘प्राइवेट प्रपोज एट लेनिन क्रूज’ पैकेज तैयार किया गया है। इस पैकेज के तहत पूरे क्रूज को निजी तौर पर बुक किया जा सकता है। इसमें अनलिमिटेड फूड, फ्लावर बुके, चॉकलेट्स, केक, म्यूजिक, टेबल डेकोरेशन और कोल्ड फायर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। करीब डेढ़ घंटे तक गंगा में क्रूज भ्रमण कराया जाता है। इस पैकेज की शुरुआती कीमत 25,999 रुपये रखी गई है। हल्दी और संगीत समारोह को भी बनाया जा रहा खास क्रूज पर हल्दी और संगीत समारोह के लिए भी अलग-अलग थीम आधारित पैकेज उपलब्ध हैं। परिवार और दोस्तों के साथ गंगा की लहरों के बीच इन रस्मों का आयोजन किया जा सकता है। सजावट, खानपान, म्यूजिक और अन्य व्यवस्थाएं मेहमानों की संख्या और बजट के अनुसार कस्टमाइज की जाती हैं। रॉयल वेडिंग के लिए मिलेंगी विशेष सुविधाएं रॉयल वेडिंग पैकेज के तहत गंगा के खूबसूरत नजारों और सनसेट व्यू के बीच शादी की सभी रस्में संपन्न कराई जाती हैं। इसमें लग्जरी डेकोरेशन, लाइव म्यूजिक, प्रोफेशनल फोटोग्राफी, स्वादिष्ट व्यंजन और विशेष मनोरंजन कार्यक्रम शामिल किए जाते हैं। आयोजकों का दावा है कि यह अनुभव शादी को जीवनभर यादगार बना देता है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से होगी बुकिंग लेनिन क्रूज पर किसी भी कार्यक्रम की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से की जा सकती है। इच्छुक लोग मोबाइल नंबर 9330014000 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और गांधी घाट स्थित जेटी पर जाकर भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। यहां पैकेज, सुविधाओं और खर्च से जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग के लिए स्वदेशी तकनीक पर MoU, आयात पर निर्भरता घटेगी

 जमशेदपुर  आज के डिजिटल और इलेक्ट्रिक युग में मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी समस्या भी पैदा हो रही है वो है कबाड़ हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों के कचरे (ई-वेस्ट) का अंबार. इस बड़ी चुनौती को एक शानदार अवसर में बदलने के लिए झारखंड के जमशेदपुर स्थित सरकारी लैब सीएसआइआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML) ने एक बेहद ऐतिहासिक कदम उठाया है. एनएमएल ने बेंगलुरु की प्रसिद्ध कंपनी मेसर्स सिरक्योर प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक विशेष समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत अब कबाड़ हो चुकी बैटरियों को फेंकने के बजाय उनसे ‘काला सोना’ यानी बेहद कीमती धातुएं निकाली जाएंगी. यह स्वदेशी तकनीक आने वाले समय में बैटरी कचरे को एक मूल्यवान संसाधन में बदलने के लिए पूरी दुनिया में ‘गेमचेंजर’ साबित होने वाली है. पूरी तरह स्वदेशी तकनीक इस आधुनिक और उन्नत धातुकर्म प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से भारत में विकसित स्वदेशी तकनीक है. इस तकनीक की मदद से बेकार और कबाड़ हो चुकी बैटरियों को बहुत ही सुरक्षित, साफ-सुथरे और वैज्ञानिक तरीके से रिसायकल किया जाएगा. इस प्रक्रिया के जरिए कबाड़ बैटरियों के अंदर से लिथियम, कोबाल्ट, मैंगनीज, निकेल, तांबा, एल्युमिनियम और ग्रेफाइट जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और महंगे पदार्थों को वापस निकाल लिया जाएगा. अब तक इन कबाड़ बैटरियों को नष्ट करने का कोई इतना सुरक्षित और सटीक उपाय देश में नहीं था, लेकिन अब इस तकनीक से कचरे से भी करोड़ों का कीमती सामान निकाला जा सकेगा. विदेशी आयात पर लगेगी रोक वर्तमान समय की बात करें तो भारत अपनी जरूरत के लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसी महत्वपूर्ण सामग्रियों के लिए बहुत बड़े पैमाने पर विदेशी आयात (दूसरे देशों से खरीदने) पर निर्भर है. चूंकि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल और पावर बैंक का चलन दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है, इसलिए कच्चे माल की मांग भी बढ़ती जा रही है. एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी और मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार झा की सीधी देखरेख में विकसित की गई यह तकनीक इन खराब बैटरियों को कच्चे माल के एक बेहतरीन विकल्प (सेकेंडरी सोर्स) के रूप में खड़ा कर देगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारत को अब इन कीमती धातुओं के लिए प्राकृतिक खनन पर और दूसरे देशों से आयात करने पर अपनी निर्भरता को बहुत हद तक कम करने में मदद मिलेगी, जिससे देश का पैसा बचेगा. पर्यावरण को सुरक्षा और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा समझौते के दौरान सिरक्योर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्रीकुमार वाचस्पति भी मौजूद थे. उन्होंने इस तकनीक की तारीफ करते हुए कहा कि आज के समय में उद्योग जगत को इस तरह की तकनीक की बहुत ज्यादा जरूरत थी. पर्यावरण विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस करार से न केवल खतरनाक बैटरी कचरे का सुरक्षित और सही प्रबंधन हो सकेगा, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना देश में ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ (कचरे से कंचन बनाने की व्यवस्था) को रफ्तार मिलेगी. इससे प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी एक मजबूत आधार मिलेगा. इस खास एमओयू (MoU) के मौके पर एनएमएल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार और सीओए जय शंकर शरण सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.

सटीक जांच रिपोर्ट ही बेहतर इलाज की बुनियाद: विशेषज्ञों ने गुणवत्ता प्रक्रिया पर दिया प्रशिक्षण

पटना पटना आईजीआईएमएस के बायोकेमिस्ट्री विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों को प्रयोगशाला की गुणवत्ता और मानक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई. कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार, प्रो. (डॉ.) प्रीत पाल सिंह और प्रो. (डॉ.) ललित मोहन ने किया. सटीक जांच रिपोर्ट को बताया बेहतर इलाज का आधार उद्घाटन संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में सटीक जांच रिपोर्ट ही सही निदान और प्रभावी उपचार का आधार होती है. उन्होंने कहा कि जीसीएलपी के सिद्धांतों का पालन केवल प्रयोगशालाओं की आवश्यकता नहीं, बल्कि मरीजों के हित और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है. गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. रवि शेखर ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लैब प्रक्रियाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि सैंपल संग्रह, परीक्षण, रिकॉर्ड संधारण और गुणवत्ता नियंत्रण की सही व्यवस्था से जांच परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ती है. विशेषज्ञों ने साझा किए तकनीकी अनुभव कार्यशाला में प्रो. (डॉ.) शैलेश कुमार, प्रो. (डॉ.) अंजू सिंह, प्रो. (डॉ.) जीउतराम केसरी, एडिशनल प्रोफेसर डॉ. प्रीतम प्रकाश, डॉ. श्वेता कुमारी, डॉ. सौरभ कुमार तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्चना भारती ने जीसीएलपी के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिए. विशेषज्ञों ने क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम, इंटरनल एवं एक्सटर्नल क्वालिटी कंट्रोल, बायोसेफ्टी, सैंपल मैनेजमेंट, डॉक्यूमेंटेशन और डेटा इंटीग्रिटी जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी. गुणवत्तापूर्ण जांच से बेहतर होंगे स्वास्थ्य परिणाम वक्ताओं ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण जांच रिपोर्ट बेहतर इलाज की बुनियाद होती है. यदि प्रयोगशाला जांच वैज्ञानिक मानकों और गुणवत्ता प्रक्रियाओं के अनुरूप हो तो चिकित्सक अधिक सटीक निदान कर सकते हैं. इससे उपचार संबंधी निर्णय बेहतर होते हैं और मरीजों की सुरक्षा व स्वास्थ्य परिणामों में भी उल्लेखनीय सुधार आता है.

पुलिस हिरासत से भागा आरोपी सैफ मांडर में पकड़ा गया, फिर फायरिंग के बाद मुठभेड़ में पैर में लगी गोली

 रांची आरएसएस कार्यालय पर बम से हमले के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपित अमन और सैफ से पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें हाजत में बंद कर दिया था। इसी दौरान आरोपित सैफ पुलिस को चकमा देकर हाजत से फरार हो गया और मांडर की ओर भाग निकला। सूचना मिलते ही पुलिस ने उसका पीछा शुरू किया और मांडर टोल गेट के पास उसे पकड़ लिया। पुलिस सैफ को वापस रांची ला रही थी। इसी दौरान रास्ते में पुलिस की गाड़ी खराब हो गई। पुलिस के अनुसार मौके का फायदा उठाकर सैफ ने एक जवान की पिस्टल छीन ली और दोबारा भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग भी कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे सैफ के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे फिर से दबोच लिया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दुबई में काम करते हैं अमन और सैफ पुलिस का कहना है कि सैफ और अमन दोनों दुबई में काम करते थे। वहीं काम करने के दौरान उनका संपर्क कथित तौर पर आतंकी संगठनों से हुआ था। दोनों करीब एक माह पहले भारत लौटे थे। आरएसएस कार्यालय पर हमला किस उद्देश्य से किया गया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपितों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और जल्द ही मामले में बड़ा खुलासा किया जाएगा।

बिहार में ग्रीनफील्ड टाउनशिप योजना को मंजूरी, भू-स्वामियों को जमीन बेचने की मिली छूट

पटना  बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार के स्तर से पटना समेत 11 शहरों के पास घोषित सैटेलाइट टाउनशिप के लिए चिन्हित की गई जमीन पर लगी खरीद-बिक्री की रोक हटा दी गई है। ग्रीनफील्ड सैटनेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री की छूट देने से संबंधित प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला सीएम सम्राट चौधरी ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। इसमें लिए गए निर्णयों के बारे में विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इन सैटेलाइट टाउनशिप की जद में जिनकी जमीन आई है, अब वे बिहार राज्य आवास बोर्ड को अपनी जमीन बेच सकते हैं। अब राज्य आवास बोर्ड को बेच सकते हैं जमीन सरकार ने फैसला लिया है कि यह जमीन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्तर से अधिसूचित बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026 के अंतर्गत बिक्री की जा सकेगी। साथ ही राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद के स्तर से अनुमोदित निवेश परियोजनाओं के लिए संबंधित निवेशक को जमीन की खरीद-बिक्री करने की अनुमति प्रदान करने की भी स्वीकृति दी गई है। इस प्रावधान से भू-स्वामी की तत्कालिक वित्तीय आवश्यकताएं पूरी की जा सकेगी और सरकारी प्राधिकार अपनी योजनाओं के लिए भूमि का प्रबंध भी कर सकेगी। राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद के स्तर से अनुमोदित निवेश परियोजनाओं के लिए भी जमीन का प्रबंध हो सकेगा। राज्य के 500 स्थानों पर लगेगा आईटीएमएस  अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने और सड़क दुर्घटनाओं को 22 फीसदी तक कम करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) मॉडल को लागू किया जाएगा। पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर पहले चरण में राज्य के 200 और दूसरे चरण में 300 स्थानों पर इस विशेष प्रणाली को लागू किया जाएगा। इस तरह राज्य में 500 स्थानों पर दो चरणों में इस नई प्रणाली को लागू करने की योजना है। बिहार के ट्रैफिक मैनेजमेंट पर खर्च होंगे 622 करोड़ रुपये इसके क्रियान्वयन पर आगामी 10 वर्षों (2026-27 से 2037-38) में 622 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। आईटीएमएस की मदद से वाहनों का ऑटोमेटिक चालान कटने से लेकर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों या किसी संदिग्ध वाहनों की पहचान करने तक की व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसमें लगाए जाने वाले अत्याधुनिक कैमरों की मदद से किसी वाहन के नंबर प्लेट से पूरी जानकारी एकत्र की जा सकती है। ऐसी कई अन्य सुविधाएं इस प्रणाली में मौजूद है।  

झारखंड राज्यसभा चुनाव में सियासी गणित और क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज

 रांची झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया. राज्य के सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है. अब सबकी नजरें मतगणना और नतीजों पर टिकी हैं. शाम चार बजे से मतों की गिनती शुरू होगी और करीब सात बजे तक तस्वीर साफ हो जाएगी. अगले चार घंटे झारखंड की राजनीति के लिए सबसे बेचैन करने वाले साबित हो सकते हैं, क्योंकि दावे बहुत हैं और गणित उससे भी ज्यादा दिलचस्प है. तीन उम्मीदवारों के बीच है मुकाबला राज्यसभा चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. झामुमो ने बैजनाथ राम को प्रत्याशी बनाया है, कांग्रेस की ओर से प्रणव झा चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवानी मैदान में हैं. दो सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में मुकाबला संख्या बल, रणनीति और संभावित क्रॉस वोटिंग के इर्द-गिर्द घूम रहा है. यही वजह है कि मतदान समाप्त होने के बावजूद राजनीतिक हलचल थमी नहीं है. रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी रही चर्चा में इस बार राज्यसभा चुनाव के दौरान झारखंड में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी चर्चा का विषय बनी रही. मंगलवार से कांग्रेस और एनडीए के कई विधायकों को रांची के विभिन्न होटलों में ठहराया गया था. इसका मकसद विधायकों को एकजुट रखना और किसी भी तरह की राजनीतिक उठापटक से दूर रखना बताया गया. हालांकि झामुमो ने अपने विधायकों को किसी होटल या रिसॉर्ट में नहीं रखा. पार्टी नेतृत्व का कहना रहा कि उन्हें अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है. हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका पर भी नजर राज्यसभा चुनाव के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं ने भी राजनीतिक माहौल को गर्म रखा. कई नेताओं ने साफ कहा कि यदि इंडिया गठबंधन के निर्धारित 56 वोटों से अधिक या एनडीए के 24 वोटों से काफी ज्यादा मत सामने आते हैं, तो स्वाभाविक रूप से क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर सवाल उठेंगे. यही कारण है कि मतगणना शुरू होने से पहले ही राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा में कोई “खेला” होता है या फिर चुनावी मैदान में कोई “घोड़ा बिदक” जाता है. इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन 81 सदस्यीय विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं. इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक शामिल हैं. इसी संख्या बल के आधार पर गठबंधन ने दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा को जीत दिलाने का दावा इंडिया गठबंधन लगातार कर रहा है. एनडीए के पास 24 वोट, नथवानी पर दांव दूसरी तरफ एनडीए के पास कुल 24 वोट हैं. भाजपा के 21 विधायक हैं, जबकि आजसू, जदयू और लोजपा के एक-एक विधायक हैं. इसी समर्थन के आधार पर एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी का समर्थन किया है. हालांकि मौजूदा संख्या के आधार पर नथवानी की राह आसान नहीं मानी जा रही है. ऐसे में उनकी जीत की संभावना काफी हद तक अतिरिक्त समर्थन और संभावित क्रॉस वोटिंग पर निर्भर मानी जा रही है. 28 वोट का जादुई आंकड़ा करेगा फैसला राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोट का जादुई आंकड़ा पार करना जरूरी है. बैजनाथ राम की स्थिति सबसे मजबूत मानी जा रही है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और परिमल नथवानी के बीच असली मुकाबला माना जा रहा है. अब शाम सात बजे तक झारखंड की राजनीति की धड़कनें तेज रहेंगी. सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कौन राज्यसभा जाएगा, बल्कि यह भी है कि क्या संख्या का गणित जीत जाएगा या फिर राजनीति का रसायन एक बार फिर सबको चौंका देगा. आखिर लोकतंत्र में बैलेट बॉक्स खुलने तक हर दावा सिर्फ दावा ही होता है, नतीजा नहीं.

पटना में वीकेंड हेलीकॉप्टर जॉय राइड, किराया 2100 रुपये तय

पटना  बिहार आने वाले पर्यटक अब आसमान से बिहार की खूबसूरती को निहार सकेंगे। मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन एवं वायु पर्यटन सेवा योजना, 2026 को मंजूरी मिलने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि राज्य में पर्यटकों को आसमान से नए रोमांच का मजा मिलेगा। इससे बिहार में पर्यटन की संभावनाएं तेज भी होंगी। बिहार आने वाले पर्यटक अब राजधानी पटना की हवाई सैर सप्ताह में दो दिन करेंगे। हेलीकॉप्टर से सैर के लिए 2100 रुपये किराया तय किया गया है। इसके लिए राज्य कैबिनेट ने बुधवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन एवं वायु पर्यटन सेवा योजना, 2026 को मंजूरी दी है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। मंत्रिमंडल विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि योजना का उद्देश्य पर्यटन स्थलों के बीच तेज और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। योजना के पहले चरण को 15 जुलाई 2026 से 15 जनवरी 2027 तक लागू करने का प्रस्ताव है। इस योजना के तहत राज्य के नागरिकों एवं पर्यटकों को बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से रियायती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए पर्यटकों को पर्यटन पैकेज का चयन करना अनिवार्य होगा। इसी योजना के तहत पटना शहर के स्काईलाइन का हवाई दृश्य उपलब्ध कराया जाएगा। पटना के लिए प्रत्येकशनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर ज्वॉय राइड का संचालन किया जाएगा। इसका किराया प्रति सीट 2100 रुपये तय किया गया है। कैमूर के लिए वायुयान तो राजगीर के लिए हेलीकॉप्टर वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण), मां मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर) और राजगीर (नालंदा) में भी हवाई सेवा की शुरुआत की जाएगी। वाल्मीकिनगर के लिए सरकारी विमान का उपयोग किया जाएगा, जबकि कैमूर और राजगीर के लिए किराये के हेलीकॉप्टरतैनात किए जाएंगे। हेलीकॉप्टर की क्षमता (6+2) की होगी। प्रति फेरी अधिकतम पांच सीटें आरक्षित की जा सकेंगी। इस योजना के तहत वाल्मीकिनगर के लिए राजकीय वायुयान कैमूर और राजगीर के लिए आठ सीटर हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। होम स्टे योजना में उद्यमियों को 11 लाख तक अनुदान मंत्रिमंडल ने पर्यटकों की सुविधा और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 मंजूर की है। योजना के तहत होमस्टे संचालकों को प्रति कमरे 2.5 लाख की दर से अधिकतम चार कमरों के लिए 10 लाख तक की कैपिटल सब्सिडी मिलेगी। महिला, स्वयं सहायता समूह तथा 18 से 25 वर्ष के युवा उद्यमियों को प्रति कमरा 25 हजार अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे कुल अनुदान 11 लाख तक पहुंच सकता है। अगले पांच वर्षों में 1000 कमरों के निबंधन का लक्ष्य रखा गया है।

झारखंड: RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम फेंकने वाले दो आरोपी ट्रेन से दबोचे गए

 रांची झारखंड की राजधानी रांची में चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर दो व्यक्तियों ने दो बार पेट्रोल बम से हमले किए. ये हमले मंगलवार की रात 12:36 बजे और 12:39 बजे हुए. घटना के बाद दोनों आरोपी स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से भाग रहे थे. जिन्हें एसआइटी ने बुधवार की देर रात कोडरमा जंक्शन पर गिरफ्तार कर लिया. दोनों वारदात को अंजाम देने के लिए लोहरदगा से रांची आए थे. इधर जब कोडरमा में आरोपियों की पहचान की गई, तब तक ट्रेन खुल चुकी थी. फिर आरोपियों को गया के रफीगंज में ट्रेन से उतारा गया है. अब पुलिस उनसे मामले को लेकर पूछताछ कर रही है. जिसमें नए तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है. जानमाल की नहीं हुई क्षति रांची में कार्यालय पर पहली बार ऐसा हमला किया गया है. जिस समय बम फेंका गया, उस समय संघ कार्यालय में करीब 20 लोग मौजूद थे. गनीमत रही कि किसी तरह की क्षति नहीं हुई. अगर ब्लास्ट शक्तिशाली रहता, तो जान-माल की बड़ी क्षति हो सकती थी. बुधवार की दोपहर में एनआइए की टीम भी जांच करने पहुंची थी. वहां पर इस टीम ने भी जांच की और संघ के पदाधिकारियों से मामले में जानकारी ली. इससे यह संभावना बढ़ गई है कि मामले की जांच एनआइए अपने हाथ में ले सकती है. दो बम फेंके गए आरएसएस कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर के इंट्री गेट के पास सॉस की शीशे की बोतल से बना पेट्रोल बम फेंका गया. इस क्रम में उसका शीशा टूट गया, जिससे बम नहीं फटा. वहीं दूसरा पेट्रोल बम आरएसएस कार्यालय की छत पर फेंका गया, जिसने काफी रोशनी के साथ ब्लास्ट किया. इसे कोल्डड्रिंक्स की बोतल से बनाया गया था. तीन संदिग्ध भी हिरासत में घटना के बाद एसएसपी ने एसआइटी का गठन किया. टीम अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है. इससे पहले पुलिस ने घटना के बाद तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था. जिनसे पूछताछ जारी है. इसके साथ ही घटनास्थल से कुछ दूरी पर दो ओर जाने वाले मार्गों में लगे सीसीटीवी की भी पुलिस पड़ताल कर रही है. घटना में शामिल एक बाइक और एक कार घटनास्थल से कुछ दूरी पर पुलिस ने बरामद की है. संभव है कि उक्त गाड़ियां चोरी की हों या फिर उन पर लगा नंबर प्लेट फर्जी हो. जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे. इधर वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इसमें दिख रहा है कि कार्यालय के बाहर सड़क पर दो व्यक्ति आए. घटना को अंजाम देते वक्त दोनों ही बेखौफ दिख रहे थे. लेकिन जैसे ही एक युवक ने आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका कि उसके चेहरे से गमछा हट गया. वहीं उसके पीछे खड़े युवक ने एक हाथ से गमछा के सहारे अपने चेहरे को ढंक कर रखा था और दूसरे हाथ से मोबाइल से पेट्रोल बम फेंकने का वीडियो बना रहा था. दोनों पेट्रोल बम फेंकने से पहले लाइटर से उसके पलीते को जलाया गया.

हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन समेत सभी विधायकों ने किया मतदान, मुकाबला कड़ा

 रांची झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए गुरुवार यानी 18 जून को मतदान पूरा हो चुका है. झारखंड के सभी 81 विधायकों ने वोट डाल दिए, पहला वोट BJP विधायक नवीन जायसवाल का और आखिरी वोट सुदिव्य कुमार सोनू ने डाले2 राज्यसभा सीटों के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में हैं. झामुमो की ओर से बैजनाथ राम, कांग्रेस की तरफ से प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवाणी चुनाव लड़ रहे हैं. विधायकों का विधान सभा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है. राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के विधायक बस से विधानसभा पहुंचे. सभी 81 विधायकों ने किया मतदान झारखंड के सभी 81 विधायकों के वोट पड़े, पहला वोट BJP विधायक नवीन जायसवाल का और आखिरी वोट JMM विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने डाले. JMM विधायक डाल रहे वोट राज्यसभा चुनाव में JMM के विधायक वोट डाल रहे हैं. जेएमएम का आखिरी तीन वोट बचा हुआ है. जयराम महतो भी पहुंचे डुमरी विधायक जय राम महतो भी विधान सभा पहुंचे. उन्होंने ने कहा काफी आत्ममंथन करके आया हूं. जिसको भी वोट करूंगा उम्मीद है कि वो झारखंड के लिए काम करेंगे. सीएम पहुंचे विधानसभा सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा पहुंचे. एक साथ मतदान करेंगे इंडिया गठबंधन के विधायक.     झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर विधानसभा में मतदान जारी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सभी विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. पूरे राज्य की नजर इस अहम चुनाव पर टिकी है. राजनीतिक सरगर्मी तेज. विधानसभा में मतदान की प्रक्रिया जारी विधानसभा के कमरा नंबर 42 में मतदान की प्रक्रिया जारी है. बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया मतदान बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने किया मतदान. बीजेपी विधायक शशिभूषण मेहता ने भी मतदान किया. जेडीयू विधायक सरयू राय ने किया मतदान. बीजेपी विधायक राज सिन्हा ने भी किया मतदान. नेता प्रतिपक्ष सह विधायक नेता बाबूलाल मरांडी भी मतदान कक्ष में पहुंचे. एनडीए के सभी विधायकों ने किया मतदान. विधानसभा पहुंचे NDA विधायक मतदान के लिए बस से विधानसभा पहुंचे बीजेपी विधायक. परिमल नथवानी पहुंचें, उन्होंने जीत का दावा किया. कहा भगवान का आशीर्वाद प्राप्त है. झरिया विधायक रागिनी सिंह ने बोला जीत के लिए आश्वस्त है. जदयू विधायक का कहना है कि मेरा वोट सुरक्षित है और मैने कहीं पर ध्यान नहीं दिया है. पूर्वी जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साहू का कहना है कि हमारे आकड़े सुरक्षित है. धनबाद विधायक राज सिन्हा का कहना है कि हमलोग अभी से बधाई दे रहे हैं कि जीत हमारी होगी. कांग्रेस के विधायक विधानसभा पहुंचे राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के विधायक बस से विधानसभा पहुंचे.

कोचिंग संस्थानों के विवाद में बढ़ी हलचल, अलख पांडे बोले—हम खान सर के साथ

 पटना पटना के दो बड़े कोचिंग संस्थानों के मालिकों के बीच चल रहे विवाद में अलग-अलग कोचिंग संचालक भी कूद पड़े हैं। हाल ही में गुरु रहमान ने रौशन आनंद सर के भाई की मौत पर दुख जताते हुए कहा था कि खान सर झूठ बहुत बोलते हैं। अब मशूहर फिजिक्स वाला के निदेशक अलख पांडेय ने भी इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अलख पांडेय ने कहा है कि वो खान सर के साथ हैं। फिजिक्सवाले के टीचर अलख पांडेय ने कहा, 'मुझे खान सर पर कुछ बोलने के लिए काफी कमेंट मिल रहे हैं। एक बात बताइए अगर आपके भाई के उपर कोई बात आएगी तो आप बैठ कर वीडियो बनाएंगे या फिर उसकी मदद करने की कोशिश करेंगे। एक इंसान जो देश के लिए इतना कुछ कर रहा है। उसने शिक्षा काफी सस्ती कर दी। पिछले 5 साल से वो यूट्यूब पर और सोशल मीडिया पर बिल्कुल सस्ती शिक्षा दे रहा है। उस इंसान का कोई कर्त्व्य नहीं बनता था कि वो बिहार में आकर सस्ते अस्पताल खोले,सस्ता इलाज करे तो वो उसने आप सब के लिए किया। आज उसका परिणाम क्या मिलता है, तो फैजल खान ने ये किया, फैजल खान ने वो किया।' अलख पांडेय ने आगे कहा कि अभी हमारी खान सर से जब अंतिम बातचीत हो रही थी तो हम लोग यही बात कर रहे थे कि जो भी सच्चाई है वो सामने आनी चाहिए। निष्पक्ष जांच हो जाए। पुलिस सामने आकर सब सच-सच बोल दे। अगर मेरे भाई के अंदर कोई कमी निकल जाती है तो दे देना सजा। इतना विश्वास है रखते हैं। हम अंत तक खान सर के साथ खड़े हैं। शुरुआत से अंत तक। रौशन आनंद सर के भाई के साथ जो हुआ वो बहुत दुख की बात है। उसमें भी हम प्रशासन और पुलिस से सच्चे दिल से यही निवेदन करेंगे कि जिसका भी नाम आए उसे फांसी दे दी जाए और उसपर कड़ी कार्रवाई हो। गुरु रहमान ने क्या कहा था आपको बता दें कि इससे पहले गुरु रहमान ने फैजल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहे विवाद पर कहा था कि रौशन आनंद का अपने भाई को खो देना एक ह्रदय विदारक घटना है और मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वो उनके भाई को अपने चरणों में स्थान दें। साथ ही साथ रौशन आनंद और उनके माता-पिता तथा परिजनों की सहनशीलता बढ़े। इस दुख की घड़ी में मैं प्रत्येक पल रौशन के साथ हूं। इस बार तो अति हो गई है। लेकिन खान झूठ बहुत ज्यादा बोलता है। सुबह क्या बोलेगा, दोपहर में क्या बोलेगा और रात में क्या बोलेगा यह नहीं पता है।