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मुजफ्फरपुर जाम से बेहाल: सड़क पर 14 किमी तक वाहनों की कतार, एंबुलेंस भी न निकल सकी

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले में बुधवार देर शाम लगा भीषण जाम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। दरभंगा एनएच 57 और मोतिहारी एनएच 27 फोरलेन पर अचानक शुरू हुआ जाम देर रात तक 12 से 14 किलोमीटर तक फैल गया। स्थिति यह रही कि मुजफ्फरपुर के मेडिकल ओवरब्रिज से लेकर कांटी थाना क्षेत्र के लालू मोड़ तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और दोनों लेन पूरी तरह पैक हो गईं। देर शाम शुरू हुआ ये महाजाम रात 12 बजे तक जारी रहा। सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियां घंटों रेंगती रहीं। हालात इतने खराब हो गए कि आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे का समय लग रहा था। जाम की भयावह स्थिति के बीच कहीं भी पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी। अहियापुर और कांटी थाना की गश्ती गाड़ियां जाम देखकर पीछे लौट गईं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। महाजाम में आधा दर्जन एंबुलेंस, बारातियों की गाड़ियां और दर्जनों मरीजों के परिजन फंसे रहे। एम्बुलेंस में मौजूद मरीज गंभीर असुविधा झेलते रहे, जबकि शादी में शामिल होने जा रहे बाराती भी घंटों जाम में अटके रहे। जाम की शुरुआत कांटी थाना क्षेत्र के शनिचरा स्थान मोड़ से हुई, जहां शहर से लौटने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने पर अचानक गाड़ियां रुकनी शुरू हो गईं। इसके बाद धीरे-धीरे जाम गहराता गया। हालात और बिगड़ गए जब मेडिकल ओवरब्रिज और एनएच 57 मोड़ की ओर से दूसरी लेन में भी उल्टी दिशा से वाहन घुसने लगे। इससे शनिचरा स्थान से मेडिकल ओवरब्रिज तक दोनों लेन पूरी तरह ठप हो गईं। दोनों लेन जाम होने का असर आगे तक पड़ा और सदातपुर मोड़ से लेकर कांटी के लालू मोड़ और चांदनी चौक तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम लगातार बढ़ता गया और देर रात तक लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना रहा।

बिहार में छह बदमाशों ने ज्वेलरी शॉप लूटी, फायरिंग कर मौके से फरार

सारण उधर पटना में बिहार के पुलिस महानिदेशक माफिया राज को खत्म करने को लेकर बड़ा बयान दे रहे थे और इधर सीवान मैं हथियारबंद अपराधियों ने तकरीबन एक करोड़ की लूट की बड़ी घटना को दिनदहाड़े अंजाम दिया। एक ज्वेलरी शॉप में हुई इस लूट की घटना के दौरान 5-6 राउंड फायरिंग कर अपराधियों ने दहशत फैला दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जगह भारतीय जनता पार्टी के सम्राट चौधरी के पास पहली बार गृह विभाग आया है और अब इतनी बड़ी घटना के साथ अपराधियों ने अपने मनोबल का प्रमाण दिया है। नकाबपोश छह अपराधी ज्वेलरी शॉप में घुसे और दिनदहाड़े लूट के वारदात को अंजाम देकर निकल भी गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी बड़ी आसानी से दुकान में घुसे, लाखों रुपये के जेवरात और कैश लूट लिया और निकलते समय फायरिंग करते हुए फरार हो गए। गोलियों की आवाज से पूरा बाजार दहशत में आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी है। इलाके के व्यापारियों में प्रशासन के प्रति गुस्सा है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।

किसने दिया धोखा? RJD ने शुरू की पहचान, चुनावी भीतरघातियों पर गिरेगी गाज

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद राजद उन भितरघातियों की पहचान करने में जुट गया है जो दल और गठबंधन के उम्मीदवारों को हराने में महती भूमिका निभाई है। पार्टी ने बुधवार से प्रदेश राजद कार्यालय में प्रमंडलवार जीते विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों के साथ बैठक शुरू कर दी। इनकी रिपोर्ट के आधार पर भितरघातियों की सूची बनाई जाएगी। ऐसे नेताओं से पूछताछ की जाएगी। पार्टी नेताओं के अनुसार दो चरणों की समीक्षा के बाद वृहद स्तर पर भितरघातियों को दल से निकाला जा सकता है। पार्टी ने पहले दिन मगध प्रमंडल के हारे-जीते उम्मीदवारों को बुलाया था। सुबह 11 बजे से शुरू हुई बैठक दोपहर तीन बजे तक चली। प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दिकी, भोला यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बैठक हुई। पार्टी प्रत्याशियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की पूरी रिपोर्ट लिखित रूप से नेतृत्व को सौंपी। उम्मीदवारों ने उन नेताओं के नाम बताए हैं जो चुनाव के दौरान दल और गठबंधन के खिलाफ काम किया। वे अपने दल की जगह विरोधी दलों के लिए काम किया। चार दिसम्बर तक प्रमंडलवार बैठक के बाद दूसरे चरण में पांच से नौ दिसम्बर के बीच पार्टी के जिलाध्यक्षों, प्रधान महासचिव और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रत्याशियों की ओर से दिये गए नामों के बारे में पार्टी के पदधारकों से राय ली जाएगी। साथ ही जिनका नाम भीतरघात करने वालों की सूची में होगा, उनसे भी इस बाबत पूछा जाएगा। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे लोगों की पहचान कर दल से बाहर किया जाएगा। गुरुवार को सारण तो शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के प्रत्याशियों के साथ बैठक तय है। इन बैठकों में पार्टी नेताओं से भविष्य में अपनाई जाने वाली रणनीतियों, जनहित के मुद्दों को लेकर भी राय मांगी जा रही है।

स्कूलों की छुट्टी की घोषणा, दिसंबर में बच्चों को मिलेगा ब्रेक

पटना नवंबर का महीना खत्‍म होने जा रहा है। वहीं, दिसंबर का महीना शुरू होते ही ठंड बढ़ जाती है और बच्चों को स्कूल जाने में बहुत परेशानीहोती है। ज्यादातर स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों 25 दिसंबर से शुरू हो जाती है। वहीं, अगर बिहार की बात करें तो अभी तक बिहार सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से 2025-26 सत्र के विंटर वेकेशन की घोषणा नहीं की गई है। इतने दिन तक बंद रहेंगे स्कूल बिहार में बीते सालों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि बच्चों को सात दिन की छुट्टियां दी जा सकती हैं, जिसमें क्रिसमस और गुरु गोबिंद सिंह जयंती शामिल हैं। इसी बीच शिक्षा विभाग ने सर्दी की छुट्टियों की संभावित तिथि जारी कर दी है। बिहार में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश रहने की संभावना है। हालांकि, विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि ठंड ज्यादा होने पर छुट्टियां बढ़ाई जा सकती हैं, जिसके लिए अलग से नोटिस जारी होगा। जानें पिछले साल कितने दिन बंद रहे थे स्कूल हालांकि, अभी तक इन तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पिछले आकंडों को देखें तो क्लास 1 से 8वीं तक के स्कूल 7 दिनों के लिए बंद रहेंगे। अगर पिछले साल की बात करें तो पिछले वर्ष सरकार ने सर्दियों की छुट्टियों की घोषणा 26 दिसंबर से 6 जनवरी तक की थी। इधर, जम्मू-कश्मीर सरकार ने कश्मीर घाटी और जम्मू के विंटर जोन स्कूलो में विंटर वेकेशन की घोषणा कर दी है। 

मंत्री मंगल पांडेय का ऐलान: पटना में बनेगा देश का सबसे बड़ा ऑर्थोपेडिक अस्पताल

पटना बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में देश का सबसे बड़ा 400 बेड का हड्डी का अस्पताल बनाया जाएगा। पांडेय ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के मंत्री का चौथी बार कार्यभार संभाला। इस मौके पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार में 400 बेड का हड्डी का अस्पताल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इसके बन जाने से राज्यभर के हड्डी से जुड़े रोग से पीड़ति मरीजों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इच्छा के अनुसार लोकनायक जय प्रकाश नारायण हड्डी अस्पताल के पास 215 करोड़ की लागत से‘ऑर्थो हॉस्पिटल'बनाया जाएगा। तीन महीने में इसका निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।       स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों और दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्तियों को भरने का काम तेजी से किया जा रहा है। पिछले कार्यकाल में बड़ी संख्या में नियुक्तियां की गई थीं। इस वर्ष दिसंबर तक सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के 663 खाली पदों को भर लिया जाएगा। दंत चिकित्सक के 808 पदों पर नियुक्ति की कारर्वाई दिसंबर तक पूरी हो जाएंगी। इसी तरीके से स्टाफ नर्स के 11 हजार 389 पदों पर नियुक्ति के लिए बीटीएससी ने परीक्षा संपन्न करा लिया है। नर्सिंग स्कूलों, कॉलेजों में इंटर के 498 पदों के लिए बीटीएससी से परीक्षा संपन्न किया जा चुका है। पांडेय ने कहा कि फॉर्मासिस्ट के 2473, ड्रेसर के 3326, लैब टेक्नीशियन के दो हजार 969, एक्स-रे टेक्नीशियन के 1232, शल्यकक्ष सहायक 1683, ईसीजी टेक्नीशियन के 242, दंत विज्ञानी 702 यानी तकनीकी स्तर के कुल 12 हजार 627 पदों के लिए परीक्षा हो चुका है। 12 हजार 627 पैरा मेडिकल स्टाफ, 11 हजार 389 ग्रेड ए नर्स, दंत चिकित्सा पदाधिकारी, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी आदि को मिलाकर करीब 26 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई अंतिम चरण में हैं।         स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से भी मानव बल की नियुक्ति की जाती है। अगले चार महीने में एनएचएम के माध्यम से 220 नेत्र सहायक, 1504 आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, पांच हजार से अधिक एएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सक के 36, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के 449 एवं 216 सीएचओ की नियुक्ति एक महीने में पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि एनएचएम की ओर से भी करीब सात हजार 600 विभिन्न पदों पर नियुक्ति की कारर्वाई एक से चार महीने के भीतर पूर्ण कर ली जाएगी। इस तरीके से कुल करीब 32 हजार 700 नई नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में 925 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास किया गया था। जल्द ही 610 नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर राज्य को दिए जाएंगे। आयुष्मान योजना के माध्यम से राज्य की जनता की सेवा की जा रही हैं। राज्य में 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान काडर् बन चुका है। राज्य के अंदर मुख्यमंत्री चिकित्सा योजना के तहत हर साल 350 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं।  

सावधान बिहार! तापमान में तेज गिरावट और घना कोहरा, मौसम विभाग ने जारी किया नया अपडेट

पटना राज्य में तापमान में कोई बड़ा बदलाव फिलहाल नहीं दिख रहा है और ठंड की स्थिति यथावत बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों के दौरान राज्य के कई इलाकों में सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर तक का कोहरा छा सकता है। विशेष रूप से गंगा किनारे बसे क्षेत्रों में देर तक धुंध बने रहने के आसार जताये गये हैं, जिससे सुबह की द्दश्यता प्रभावित हो सकती है। विभाग ने बताया है कि इस दौरान मौसम में किसी प्रकार के बड़े उतार- चढ़ाव की संभावना नहीं है। पूर्वानुमान के मुताबिक आगामी पांच दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी खास बदलाव की उम्मीद नहीं है। यानी फिलहाल राज्य में ठंड की मौजूदा स्थिति जैसी है, वैसी ही बनी रहने वाली है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सुबह के समय वाहन चलाते समय सतर्क रहें।

कुशवाहा की पार्टी में भूचाल: बेटे को मंत्री बनाए जाने के विरोध में चार नेताओं का इस्तीफा

पटना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के चार वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। चारों ने पत्र लिखकर रालोमो की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ, प्रदेश महासचिव सह लखीसराय जिला संगठन प्रभारी प्रमोद यादव, प्रदेश महासचिव सह नालंदा जिला संगठन प्रभारी राजेश रंजन उर्फ गुरु मुखिया और प्रदेश प्रवक्ता सह प्रदेश महासचिव राहुल कुमार शामिल हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ ने इस्तीफा देते हुए कहा कि मैं पिछले 9 वर्ष से उपेंद्र कुशवाहा के साथ काम कर रहा हूं लेकिन अब कई राजनीतिक और सांगठनिक निर्णय से अपने को जोर नहीं पा रहा हूं। ऐसी स्थिति में अब काम करना संभव नहीं रह गया है। इसलिए पार्टी की अपनी जिम्मेदारी और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देना ही मैं उचित समझता हूं। वही रालोमो के प्रदेश महासचिव सह लखीसराय जिला संगठन प्रभारी प्रमोद यादव ने कहा कि मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने कारण बताते हुए कहा कि बिहार चुनाव में पार्टी द्वारा शेखपुरा विधानसभा के लिए मजबूत दावेदारी पेश नहीं किया गया। इतना ही नहीं बिना कारण बताए ही पार्टी के शेखपुरा जिला कमेटी को भंग कर दिया गया। इसलिए मैंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।   योग्य विधायक रहने के बावजूद बेटे को मंत्री बनाया प्रमोद यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में योग्य विधायक रहने के बावजूद उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे को बिहार सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई यह गलत है और मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष के फैसले से असहमत हूं। वहीं रालोमो के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कुमार ने कहा कि पिछले 9 साल से मैं उपेंद्र कुशवाहा के साथ हूं। लेकिन अब पार्टी के निर्णय में अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा हूं ऐसी स्थिति में काम करना संभव नहीं है इसलिए पार्टी की अपनी जिम्मेदारी और प्राथमिक सदस्यता से अब मैं त्यागपत्र दे रहा हूं। सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ बयान बर्दाश्त नहीं प्रदेश महासचिव सा नालंदा जिला संगठन प्रभारी राजेश रंजन उर्फ गुरु मुखिया ने कहा कि मैं भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। पहला कारण यह है कि बिहार चुनाव में शेखपुरा विधानसभा के लिए मजबूत दावेदारी पेश नहीं की गई। दूसरा कारण यह है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने 24 नवंबर को सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार पर आरोप लगाकर मक्खी उड़ाने जैसा अभद्र बयान दिया था। उनके खिलाफ कोई भी बयान दे, यह मुझे बर्दाश्त नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के इन कार्यों से मैं असहमत हूं। इसलिए मैंने अब पार्टी दी।

बाहरी चमक-दमक, अंदर बदहाली: आरा पुलिस लाइन रोड पर गड्ढों और पानी ने रोकी रफ्तार

आरा आरा शहर के प्रवेश द्वार पर ‘नगर निगम में आपका स्वागत है’ का बोर्ड भले ही चमकता दिखाई दे, लेकिन असली तस्वीर इससे बिल्कुल अलग है। पुलिस लाइन के समीप मुख्य सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। गड्ढों में भरा पानी और लगातार बना रहने वाला जलजमाव रोजाना लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। यही वह प्रमुख मार्ग है, जहां से जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पुलिस लाइन के कर्मचारी और एसपी–डीएसपी तक रोजाना गुजरते हैं, फिर भी सड़क की दुर्दशा पर किसी की नजर नहीं पड़ती। सड़क की हालत इतनी खराब है कि यह चलने लायक भी नहीं बची, लेकिन मजबूरी में लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस लाइन के पास से बक्सर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और जलभराव ने आवागमन को बेहद कठिन बना दिया है। वाहन चालकों से लेकर पैदल यात्रियों तक, सभी को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह मार्ग शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और रोजाना हजारों लोग यहां से गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित आवाजाही के बावजूद न तो जनप्रतिनिधि और न ही अधिकारी सड़क की बदहाली पर ध्यान दे रहे हैं। वर्षों से मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था की मांग की जा रही है, लेकिन न तो सड़क ठीक हुई और न ही जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था बन पाई। इससे नगर निगम और सड़क निर्माण विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोग कहते हैं कि जब पुलिस लाइन के सामने की सड़क की यह हालत है, तो बाकी इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।

ग्रामीणों का हल्ला: हाथियों से परेशान होकर सड़क पर बैठकर किया NH-143 जाम

रांची झारखंड में जंगली हाथियों का झुंड लगातार सक्रिय है। वहीं, सिमडेगा में हाथियों के झुंड से परेशान होकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने सिमडेगा राउरकेला एनएच-143 पर सड़क जाम कर विरोध जताया है। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि ठेठईटांगर प्रखंड के जोराम पावर ग्रिड के पास हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाया हुआ है। हाथियों के झुंड को देख कोई भी वहां से गुजरने से डरता है। स्कूली बच्चे भी आए दिन वहां से गुजरते हैं जिसके चलते उनकी जान पर भी खतरा मंडराया रहता है। वहीं, इसके चलते हाथियों से परेशान होकर सड़क पर बैठ कर आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से हाथियों का झुंड गांव के आसपास घूम रहा है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है और लोगों में दहशत का माहौल है। हाथी के दहशत के कारण ग्रामीण खेत के फसल भी नहीं काट पा रहे हैं।  

दिन की धूप में भी ठंड का असर, झारखंड की सड़कों पर लोग सन्नाटे में

रांची झारखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। ठंड का असर अब स्पष्ट रूप से महसूस होने लगा है। लगातार राज्य में न्यूनतम तापमान गिर रहा है जिससे दिन -प्रतिदिन कनकनी बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक कई जिलों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक अचानक गिर गया है। 24 घंटे में यह 8 डिग्री तक पहुंच गया है। गुमला में सबसे कम 8.8 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक जहां एक स्वेटर पहनना मुश्किल था। वहीं, अब लोग दो स्वेटर, मफलर और इनर तक पहनकर बाहर निकल रहे हैं। शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है जैसे कर्फ्यू लग गया हो। दोपहर में धूप सेकना इतना मुश्किल हो गया है क्योंकि, हवा में इतनी कंपकंपी है कि मानो कि हिमालय की ठंडी हवा सीधा शरीर को छू रही हो। सुबह-शाम विशेष एहतियात बरतने की जरूरत जानकारों के अनुसार उत्तरी हवाओं के सक्रिय रहने से रात का पारा तेजी से नीचे जा रहा है। ग्रामीण इलाकों और खुले क्षेत्रों में धुंध की तीव्रता और अधिक रहेगा। मौसम विभाग ने बताया कि बदलते तापमान के कारण लोगों से सुबह-शाम विशेष एहतियात बरतने की अपील की गई है। इधर, गुमला में मंगलवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान लगभग 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे अधिक तापमान गोड्डा में 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।