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शराबबंदी पर जीतन राम मांझी का बयान— कानून सही, बदनामी की असली वजह कुछ और

भोजपुर बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी अब तक का सबसे अच्छा कानून है और इससे बढ़कर कोई कानून हो ही नहीं सकता। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शराब ने उनके परिवार में भी कई मुश्किलें पैदा की थीं, जिसके बाद उन्होंने शराब छोड़ने की सलाह दी। शराबबंदी बेहद जरूरी इस वजह से बताया उन्होंने कहा कि शराब छोड़ने के बाद ही वे शिक्षा हासिल कर आगे बढ़ पाए और उनका भाई इंस्पेक्टर बना, लेकिन आज वो इस दुनिया में नहीं है। मांझी ने कहा कि शराब इंसान को निशाचर बना देती है। इसलिए शराबबंदी बेहद जरूरी है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि पदाधिकारी और ब्रोकर्स की वजह से बिहार शराबबंदी की बदनामी झेलते आया है। मांझी ने आरोप लगाया कि कई पदाधिकारी और ब्रोकर्स मिलकर शराबबंदी को बदनाम कर रहे हैं। 'असर कमज़ोर पड़ रहा' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून की मंशा साफ है लेकिन बीच की कड़ी में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण इसका असर कमज़ोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को निगरानी तंत्र को और मजबूत करना चाहिए ताकि गलत तरीके से शराब बेचने वाले और कानून का दुरुपयोग करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई हो सके। मांझी के इस बयान ने एक बार फिर शराबबंदी को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अयोध्या में रहकर भी कार्यक्रम से दूरी… विनय कटियार बोले— हम फ्रीस्टाइल आदमी हैं

पटना  बजरंग दल के संस्थापक और राम मंदिर आंदोलन से उभरे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बड़े नेताओं में शामिल विनय कटियार अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण संपूर्ण होने के बाद 25 नवंबर को आयोजित ध्वजारोहण समारोह में शामिल नहीं हुए। रामजन्मभूमि ट्रस्ट से निमंत्रण मिलने के बाद भी कार्यक्रम में नहीं जाने को लेकर किसी नाराजगी की वजह से इनकार करते हुए कटियार ने कहा कि वो फ्रीस्टाइल आदमी हैं। कटियार ने कहा कि कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े लोग शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने इलाज के लिए कानपुर जाना था, इसलिए वो अयोध्या से निकल आए। बता दें कि मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में कल राम मंदिर पर ध्वजा का आरोहण संपन्न हुआ था।   राम मंदिर ध्वजारोहण के दिन 25 नवंबर को ही विनय कटियार ने अपने लखनऊ आवास पर एक पत्रकार से बातचीत में कहा कि सब लोग तो वहां आ गए थे। कटियार ने कहा कि उनको लखनऊ आना था और कानपुर में मुंह का इलाज करवाने भी जाना है, इसलिए वो अयोध्या से निकल आए। कटियार ने कहा कि उन्हें निमंत्रण आया था, लेकिन वो गए नहीं। उन्होंने कहा- ‘अरे कहां झंझट में पड़ें। मंदिर तो बन ही गया। केवल झंडा फहराना है। देश के प्रधानमंत्री आ गए। और भी प्रमुख लोग आए। केवल झंडा ही फहराना था। हमारे घर से उसका शिखर दिखाई देता है। उन्होंने झंडा फहरा दिया। हम उसके बाद यहां चला आए।’ पत्रकार उनके मन की बात निकालने की कोशिश करता है, लेकिन कटियार खुलकर नहीं बोलते हैं। कार्यक्रम में नहीं रहने के सवाल पर कटियार कहते हैं- ‘इसकी कोई जरूरत नहीं थी। देश के प्रधानमंत्री आ गए। सब कुछ आ गए। सब तो आ गए वहां। फिर क्या दिक्कत है।’ पत्रकार ने और कुरेदते हुए अंदर की बात (कथित नाराजगी) का सवाल पूछा तो कटियार ने कहा- ‘कोई अंदर की बात नहीं है। हम फ्रीस्टाइल आदमी हैं। मंदिर ही बनवाया है। उसमें सब लोग पहुंच गए और हम निकल आए थे। चारों तरफ रोड जाम कर दिए गए थे। प्रधानमंत्री आए हैं। स्वाभाविक है, उनकी भी सुरक्षा का सवाल है।’ असंतुष्ट होने के सवाल पर कटियार ने कहा कि उन्हें लखनऊ-कानपुर आना था, इसलिए नहीं गए। उन्होंने कहा कि वो असंतुष्ट नहीं हैं।  

शेरपुर-दिघवारा परियोजना शीघ्र पूरा हो: अधिकारियों को सीएम नीतीश कुमार की सख्त हिदायत

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दानापुर-बिहटा ऐलिवेटेड कॉरिडोर तथा शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने दानापुर-बिहटा ऐलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से बिहटा से कोईलवर तक यातायात सुगम होगा। पटना शहर को एन0एच0-922 और कोईलवर पुल से जोड़ने में मदद मिलेगी। यह एनएच-922 को रिंग रोड (कन्हौली मोड़) एनएच-139 को एम्स गोलम्बर से जोड़नेवाले एक महत्त्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगा। इस परियोजना के तहत बिहटा अन्तर्राट्रीय हवाई अड्डा के लिये विशेष कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम लगातार इस परियोजना का निरीक्षण करते रहे हैं और समय-समय पर इसके संबंध में सुझाव देते रहे हैं। कार्य को जल्द से जल्द से पूर्ण करें। मुख्यमंत्री ने शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। पटना शहर पर यातायात का बोझ कम होगा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शेरपुर-दिघवारा परियाजना के पूर्ण होने से पटना शहर पर यातायात का बोझ कम होगा साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था और सुदृढ़ एवं सुगम होगी। उन्होंने कहा कि छपरा, सीवान, गोपालगंज और हाजीपुर की ओर जानेवाले लोगों को अब पटना शहर से होकर गुजरने की आवश्यता नहीं होगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्यवासियों को एक जगह से दूसरे जगह जाने का वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। हम लगातार इसका निरीक्षण करते रहे हैं, जल्द से जल्द इस कार्य को पूर्ण करें। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुदुकलकट्टी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

पहले एक सड़क की दूरी, अब 200 मीटर का फ़ासला… नीतीश–लालू संबंधों में नई खाई?

पटना समाजवादी विचारधारा के दलों में एक-दूसरे के लंबे समय तक साथी रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बीच दूरियां और बढ़ गई हैं। दोनों की राजनीतिक दूरियां पिछले 20 साल में समय-काल के हिसाब से बदलती रही हैं, लेकिन दोनों एक सड़क के आर-पार रहते थे। नई सरकार में नीतीश और लालू के आवास के बीच की दूरी अब लगभग 200 मीटर पार कर जाएगी। भवन निर्माण विभाग ने पूर्व सीएम राबड़ी देवी को विधान परिषद में विपक्ष की नेता की हैसियत से मिले 10, सर्कुलर रोड वाले बंगले का आवंटन रद्द कर दिया है और उन्हें 39, हार्डिंग रोड पर नया सरकारी आवास दिया गया है। राबड़ी के सीएम पद से हटने के बाद से परिवार दो दशक से इसी बंगले में रहा रहा था।   लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने राबड़ी देवी का बंगला बदलने को लालू यादव के अपमान की कोशिश बताया है। रोहिणी का इसी आवास पर चुनावी हार के कारण तेजस्वी यादव से झगड़ा हुआ था। लड़ाई के बाद घर से निकली रोहिणी ने कहा था कि उनका कोई परिवार नहीं है, उनको परिवार से निकाल दिया गया है। रोहिणी ने ट्वीट करके कहा है- ‘सुशासन बाबू का विकास मॉडल। करोड़ों लोगों के मसीहा लालू प्रसाद यादव का अपमान करना पहली प्राथमिकता। घर से तो निकाल देंगे, बिहार की जनता के दिल से कैसे निकालिएगा। सेहत नहीं तो कम से कम लालू के राजनीतिक कद का ही सम्मान रखते।’ लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने आवास बदलने को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई कहा है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि यह कदम नीतीश सरकार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बढ़ते दखल का प्रमाण है। बता दें कि सरकार ने कैबिनेट में शामिल 26 मंत्रियों के लिए आवास आवंटित कर दिया है। इसमें 13 पुराने मंत्रियों का बंगला नहीं बदला गया है। लेकिन 13 नए मंत्रियों को जो आवास आवंटित हुए हैं, उसमें तेज प्रताप यादव का 26 एम स्ट्रैंड रोड वाला आवास भी शामिल है। अब यह आवास बीजेपी कोटे के मंत्री लखेंद्र रौशन को मिल गया है। नीतीश कैबिनेट के 13 नए मंत्रियों के आवास का पता दिलीप कुमार जायसवाल, उद्योग मंत्री- 2, स्ट्रैंड रोड सुरेंद्र मेहता, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री- 33, हार्डिंग रोड श्रेयसी सिंह, आईटी एवं खेल मंत्री- 4, स्ट्रैंड रोड संजय सिंह टाइगर, श्रम संसाधन मंत्री- 41, हार्डिंग रोड अरुण शंकर प्रसाद, पर्यटन तथा कला संस्कृति मंत्री- 25, हार्डिंग रोड रामकृपाल यादव, कृषि मंत्री- 43, हार्डिंग रोड नारायण प्रसाद, आपदा प्रबंधन मंत्री- 12, हार्डिंग रोड रमा निषाद, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री- 3, सर्कुलर रोड लखेंद्र कुमार रौशन, एससी एवं एसटी कल्याण मंत्री- 26 एम, स्ट्रैंड रोड प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, सहकारिता एवं पर्यावरण मंत्री- 27, हार्डिंग रोड संजय पासवान, गन्ना उद्योग मंत्री- 21, हार्डिंग रोड संजय सिंह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री- 13, हार्डिंग रोड दीपक प्रकाश, पंचायती राज मंत्री- 24 एम, स्ट्रैंड रोड  

राजनीति और सरकारी सुविधाएं अस्थायी: तेज प्रताप यादव के बाद राबड़ी देवी को बंगला छोड़ना पड़ेगा

पटना बिहार में सत्ता परिवर्तन का असर अब नेताओं के सरकारी आवासों पर दिखने लगा है. नई सरकार के गठन के बाद भवन निर्माण विभाग ने पुराने आवंटन की समीक्षा शुरू कर दी है और कई नेताओं को अपने सरकारी घर खाली करने पड़ रहे हैं. इस सूची में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बेटे तेज प्रताप यादव का नाम भी शामिल हो गया है. बता दें कि तेज प्रताप यादव बिहार सरकार में पूर्व मंत्री भी रहे हैं और फिलहाल पटना के 26 M स्ट्रैंड रोड वाले आवास में रह रहे थे. यह बंगला उन्हें हसनपुर से जीत के बाद 2020 में आवंटित किया गया था. लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सीट बदली और महुआ से चुनाव लड़ा. परिणाम उनके पक्ष में नहीं गया और उन्हें हार का सामना करना पड़ा. विधायक पद समाप्त होने के साथ अब उनका आवास भी उनसे वापस ले लिया गया है और इसे नई सरकार में मंत्री बने लखिन्दर कुमार रौशन को आवंटित कर दिया गया है. राबड़ी देवी को भी बदलना होगा आवास तेज प्रताप के बाद उनकी मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर भी आवास बदलाव का निर्देश लागू हुआ है. वे लगभग दो दशकों से 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले में रह रही थीं. हालांकि अब बतौर नेता प्रतिपक्ष उन्हें नया आवास दिया जा रहा है. भवन निर्माण विभाग के आदेश के अनुसार उन्हें हार्डिंग रोड स्थित केंद्रीय पूल आवास में बंगला नंबर 39 नए आधिकारिक निवास के रूप में आवंटित किया गया है. नीतिगत नियमों के तहत हो रही कार्रवाई भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियम आधारित है. पद और दायित्व बदलने पर आवास पुनः आवंटित करना अनिवार्य होता है. हाल ही में जारी सूची में मंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और विपक्ष के नेताओं के लिए नए आवास तय किए गए हैं. साफ है कि बिहार की राजनीति में सत्ता परिवर्तन का प्रभाव अब मिलने वाली सरकारी सुविधाओं तक पहुंच चुका है. राबड़ी देवी को बंगला खाली करना पड़ेगा  . सत्ता परिवर्तन के बाद बिहार में केवल मंत्रिपरिषद ही नहीं बदला, बल्कि अब नेताओं के सरकारी ठिकानों का पता भी बदलने लगा है. राज्य सरकार के भवन निर्माण विभाग ने फैसला लिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला छोड़ना पड़ेगा. प्रशासन की ओर से इसके निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं और उनके लिए नया बंगला भी आवंटित कर दिया गया है. बता दें कि राबड़ी देवी विधान परिषद् में विपक्ष की नेता हैं और करीब 16 जनवरी 2006 से 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में रह रही थीं. अब सरकारी आदेश के तहत उन्हें हार्डिंग रोड स्थित केंद्रीय पूल आवास बंगला नंबर 39 में स्थानांतरित किए जाने का निर्णय हुआ है. भवन निर्माण विभाग ने कहा है कि विधान परिषद् में विपक्ष के नेता के लिए यह बंगला निर्धारित किया गया है. ऐसे में सवाल है कि जब वह पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं और वर्तमान में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी तो उन्हें बंगला क्यों खाली करना पड़ा. दरअसल, इसके पीछे की वजह तेजस्वी यादव का आठ साल पहले उठाया गया वह कदम है जो इस फैसले का कारण बना है. जो लड़ाई शुरू की थी, वही भारी पड़ी राबड़ी देवी के बंगले को लेकर राजद समर्थकों में यह चर्चा है कि राबड़ी देवी के पता में बदला होना सत्ता में बदलाव का असर है, लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी आदेश की जड़ अदालत का वह फैसला है जिसे तेजस्वी यादव ने खुद आगे बढ़ाया था. वास्तविकता तो यह है कि जिस ‘सिस्टम सुधार’ की लड़ाई तेजस्वी यादव ने लड़ी आज वही सिस्टम उनके परिवार के लिए कड़ा साबित हो गया है. दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड का सरकारी बंगला खाली करना पड़ेगा तो इसकी वजह मौजूदा नीतीश सरकार नहीं, बल्कि उनके बेटे तेजस्वी यादव द्वारा दायर वह याचिका है जिसके आधार पर पटना हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास देने की व्यवस्था खत्म कर दी थी. कब और कैसे मिला था 10, सर्कुलर रोड? राबड़ी देवी जिस बंगले में वर्तमान में रह रही हैं, वह उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते आवंटित किया गया था. बता दें कि वर्ष 2005 में नीतीश कुमार के सत्ता में लौटने के बाद एक बड़ा निर्णय लिया गया था, वह यह कि बिहार के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास, सुरक्षा और अन्य सुविधाएं मिलेंगी. इसी व्यवस्था के तहत यह आवास राबड़ी देवी को मिला और वे 16 जनवरी 2006 से यहां रह रही हैं. लेकिन, जब बिहार की सियासत आगे बढ़ी तो तेजस्वी यादव के एक कदम ने इसके नियम बदल दिए. तेजस्वी का केस जिसने परंपरा बदल दी मामला 2017 का है. तेजस्वी यादव उस समय बिहार के उपमुख्यमंत्री थे और 5, देशरत्न मार्ग स्थित आधिकारिक आवास में रहते थे. लेकिन जब नीतीश कुमार ने आरजेडी से अलग होकर बीजेपी के साथ फिर से सरकार बनाई, तब तेजस्वी यादव को बंगला खाली करने का आदेश दिया गया. सरकार की ओर से कहा गया कि वह बंगला उपमुख्यमंत्री के पद का है, न कि किसी व्यक्ति का. सरकारी नोटिस के बाद तेजस्वी यादव हाईकोर्ट पहुंचे और दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों और उच्च पदों से जुड़े लोगों के आवास और सुविधाओं में नियमों का स्पष्ट निर्धारण होना चाहिए. हाईकोर्ट की जांच और बड़ा खुलासा हाईकोर्ट की डबल बेंच में मुख्य न्यायाधीश एपी शाही और जस्टिस अंजना मिश्रा ने मामले की सुनवाई के दौरान भवन निर्माण विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी. दस्तावेजों में खुलासा हुआ कि- 2010 में सरकारी नियमों में बदलाव किया गया था और उसके बाद राबड़ी देवी, लालू यादव, जीतन राम मांझी, डॉ. जगन्नाथ मिश्रा और सतीश प्रसाद सिंह को आजीवन सरकारी आवास, सुरक्षा और स्टाफ की सुविधा दी गई थी. यही वह बिंदु था जिससे अदालत असहमत हुई. 2019 का वो फैसला जिसका असर अब दिख रहा 19 फरवरी 2019 को पटना हाईकोर्ट ने तेजस्वी यादव की याचिका खारिज करते हुए उनका आवास खाली कराने का आदेश दिया. लेकिन इसके साथ ही अदालत ने एक बड़ा बदलाव लागू किया- पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला और … Read more

सम्राट चौधरी की नई पहल: पिंक पुलिस करेगी छेड़खानी पर त्वरित कार्रवाई

पटना  पुलिस मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ जैसे ही सम्राट चौधरी ने गृह विभाग संभाला, बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक नया दौर शुरू होता दिखा. 1972 के बाद पहली बार किसी गैर-मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय की कमान ली है और सम्राट चौधरी ने आते ही घोषणा कर दी. छेड़खानी हुई तो आरोपी ही नहीं, जिम्मेदार पुलिसकर्मी भी कार्रवाई होगी. अपराधियों-कुख्यातों की संपत्ति जब्ती से लेकर साइबर अपराध पर ‘सफाई अभियान’ पर सख्त फैसला लिया. पदभार ग्रहण करते ही सम्राट चौधरी शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने साफ कर दिया कि अब बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एंटी रोमियो स्क्वॉड और पिंक पुलिस तैनात होगी सम्राट चौधरी ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि एंटी रोमियो स्क्वॉड यूपी मॉडल पर तैयार किया जाएगा. हर स्कूल-कॉलेज के छुट्टी समय के आसपास पिंक पुलिस तैनात रहेगी और किसी भी तरह की छेड़खानी पर सीधे कार्रवाई होगी. उन्होंने साफ कहा -अगर किसी युवती, छात्रा या महिला से छेड़खानी हुई, तो आरोपी तो गिरफ्तार होगा ही, लेकिन लापरवाही करने वाली पुलिस पर भी कार्रवाई होगी. डिजिटल अपराध के खिलाफ सफाई अभियान साइबर क्राइम और डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए गृहमंत्री ने बड़ा अभियान चलाने का एलान किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर अपशब्द, भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो डालने वालों की पहचान तत्काल की जाए और कार्रवाई में देरी न हो. जेल प्रशासन को भी कड़ी चेतावनी दी गई है. जेल में मोबाइल मिलने पर जेल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी. डॉक्टर की अनुमति के बिना कैदियों को बाहर से भोजन भेजने पर रोक होगी. 400 माफियाओं की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू सम्राट चौधरी ने कहा कि संगठित अपराध का नेटवर्क तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हो गई है. राज्य में बालू, शराब और जमीन से जुड़े करीब 400 कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए सूची तैयार है. दो माफियाओं की संपत्ति जब्ती की अनुमति कोर्ट से मिल चुकी है. गृहमंत्री ने कहा— बिहार में अपराध करके करोड़ों की संपत्ति खड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. स्पीडी ट्रायल चलेगा और सजा सुनिश्चित की जाएगी. कानून-व्यवस्था सुधारने की तैयारी पदभार संभालने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने पांच पूर्व डीजीपी और निगरानी ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. बैठक में अपराध नियंत्रण, जेल मॉनिटरिंग, स्पेशल कोर्ट बढ़ाने और आर्म्स एक्ट मामलों में समयबद्ध सजा सुनिश्चित करने पर सुझाव मिले. उन्होंने कहा कि सभी सुझावों को लागू किया जाएगा और पुलिस प्रशासन को और मजबूत किया जाएगा. बिहार में सुशासन कायम रहेगा अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का राज और सुशासन को और मजबूत किया जाएगा. यूपी मॉडल की चर्चा पर उन्होंने कहा कि बिहार अपना मॉडल भी प्रभावी तरीके से लागू करेगा.

बिहार मंत्रिमंडल में ताज़ा अपडेट: नए 26 मंत्रियों को आवास, 13 मिनिस्टर्स को मिला नया एड्रेस

पटना बिहार सरकार के सभी नए 26 मंत्रियों को सरकारी बंगले आवंटित कर दिए हए हैं। जिसमें 13 पुराने और 13 नये मंत्री शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, नितिन नवीन, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार और मो जमा खान को पुराना बंगला ही आवंटित हुआ है। 13 नये बने मंत्रियों में उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल को 2 स्ट्रैंड रोड का बंगला मिला है। यह बंगला बिहार विधानसभा अध्यक्ष के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को आवंटित था। पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता को 33 हार्डिंग रोड, आईटी एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह को चार स्ट्रैंड रोड, श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर को 41 हार्डिंग रोड, पर्यटन तथा कला संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद को 25 हार्डिंग रोड बंगला मिला है। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव को 43 हार्डिंग रोड, आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद को 12 हार्डिंग रोड, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद को तीन सर्कुलर रोड, एससी एवं एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन को 26 एम स्ट्रैंड रोड, सहकारिता एवं पर्यावरण मंत्री डॉ प्रमोद कुमार को 27 हार्डिंग रोड, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार को 21 हार्डिंग रोड, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह को 13 हार्डिंग रोड और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को 24 एम स्ट्रैंड रोड का बंगला आवंटित हुआ है।  

तेज रफ्तार ने ली पाँच जानें: बिहार में ट्रक-ऑटो भीषण भिड़ंत

पटना  बिहार के शेखपुरा जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। ऑटो-रिक्शा और ट्रक के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में कम से कम पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा शेखपुरा-सिकंदरा रोड पर मनिंडा गांव के पास हुआ, जो नेशनल हाईवे 33ए का हिस्सा है। शेखपुरा जिले के एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने हादसे की पुष्टि की और कहा कि शवों को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसपी ने कहा कि टक्कर इतनी भयानक थी कि ऑटो-रिक्शा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे बचाव दल को अंदर फंसे शवों को निकालने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ऑटो-रिक्शा शेखपुरा शहर की ओर जा रहा था, तभी कथित तौर पर गलत दिशा से तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने नियंत्रण खो दिया और यात्री वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण, तिपहिया वाहन सड़क से कई फीट दूर जा गिरा। ऑटो-रिक्शा में कुल सात यात्री सवार थे। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, घायलों को बाहर निकाला और अधिकारियों को सूचित किया। बरबीघा और शेखपुरा पुलिस स्टेशनों से पुलिस टीमें तुरंत पहुंचीं, इलाके की घेराबंदी की और ट्रैफिक के लिए रास्ता साफ किया। गंभीर रूप से घायल सभी लोगों को सदर हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन बाद में उनकी गंभीर हालत की वजह से उन्हें पावापुरी के हायर मेडिकल सेंटर में रेफर कर दिया गया। इस दुखद घटना से इलाके में बहुत गुस्सा फैल गया। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया, कहा कि तेज रफ्तार, गलत लेन में गाड़ी चलाने, ओवरलोड गाड़ियों और सड़क की खराब मॉनिटरिंग की वजह से ऐसे हादसे अक्सर होते हैं। उन्होंने कड़ी कार्रवाई और हाईवे पर भारी गाड़ियों के बेहतर रेगुलेशन की मांग की। अचानक हुए नुकसान की खबर सुनकर मृतकों के परिवार वाले स्तब्ध हैं। जिला प्रशासन ने इस बात की डिटेल में जांच शुरू कर दी है कि ट्रक ड्राइवर तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा था या उसकी लापरवाही की वजह से हादसा हुआ। अधिकारी मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने पर भी विचार कर रहे हैं। आगे की जांच चल रही है।

सरकारी आदेश से हलचल: राबड़ी देवी को छोड़ना पड़ेगा 10 सर्कुलर रोड बंगला, नया ठिकाना क्या होगा?

पटना बिहार की नई एनडीए सरकार में अब नई व्यवस्था बन रही है। इसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड का आधिकारिक आवास खाली करना होगा। राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता विपक्ष की हैसियत में नई सरकार ने नया आवास आवंटित किया है। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें अब 39 हार्डिंग रोड का आवास आवंटित किया है। इसको लेकर भवन निर्माण विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। यह बदलाव लालू परिवार के लिए एक झटका है क्योंकि लालू परिवार लंबे समय से इस आवास में रह रहा था। 2005 में राज्य में नीतीश कुमार की सरकार बनने के बाद 16 जनवरी 2006 को इस आवास में लालू परिवार की एंट्री हुई थी, जो आज तक नहीं बदल पाया था। लेकिन इस बार नई सरकार में लालू परिवार का यह ठिकाना अब बदलने जा रहा है। दरअसल, नई सरकार में भाजपा का दबदबा दिख रहा है और यह उसी का संकेत लगता है। हालांकि, भवन निर्माण विभाग का जिम्मा जेडीयू कोटे से मंत्री बने विजय चौधरी के पास है। औपचारिक पत्र जारी मंगलवार को मंत्रियों और बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के लिए भवन निर्माण विभाग ने आवास का आवंटित किया है। इसी के तहत राबड़ी देवी को अब 39 हार्डिंग रोड का आवास आवंटित किया गया है। भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव-सह-भू-सम्पदा पदाधिकारी शिव रंजन ने इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी कर दिया है। भाजपा ने ली चुटकी, रहेगी पैनी नजर इस बदलाव पर भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि अगर राबड़ी देवी जी को 10 सर्कुलर रोड का आवास खाली करने का आदेश हुआ है तो उन्हें तुरंत वह आवास खाली कर देना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने ये भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बार वह अपने परिवार के ट्रैक रिकार्ड की तरह किसी सरकारी संपत्ति की चोरी वहां से नहीं करेंगीं और ना ही नुकसान पहुंचाएंगी। बाथरूम से टोटी भी नहीं खोलेंगे क्योंकि हम लोगों की पैनी नजर रहेगी।  

युवाओं के लिए सुनहरा मौका: बिहार के एक विभाग में 33,000+ पदों पर भर्ती की तैयारी तेज

पटना  बिहार के नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पदभार ग्रहण करते ही कहा कि स्वास्थ्य विभाग में 33 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया आने वाले दिनों में पूरी की जाएगी। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक निर्णयों के लेने की गति तेज हो गई है।  26 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में पांडेय ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़े कदमों की घोषणा की। पांडेय ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि विभाग में 26 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 7,600 अतिरिक्त पदों पर नियुक्ति की योजना भी शीघ्र लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई सरकार की प्राथमिकता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाना है। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के युवाओं के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि अगले वर्ष वैशाली, सीवान और भोजपुर में तैयार हो रहे तीन नए मेडिकल कॉलेज काम करना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के शुरू होने से राज्य में चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य शिक्षा एवं चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।  पांडेय ने कहा कि सरकार अब स्वास्थ्य ढांचे के उन्नयन, चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने बताया कि अस्पतालों के आधुनिकीकरण, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य तेज किया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं में सुस्ती की वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नियुक्ति पाने की प्रतीक्षा में थे। पांडेय के अनुसार, नई घोषणाओं से स्वास्थ्य विभाग की कार्य क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।