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बिहार में औद्योगिक और तकनीकी विकास की तैयारी, नीतीश सरकार का बड़ा रोजगार योजना

पटना  बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़े लक्ष्य की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि सरकार ने अगले पांच वर्षों, यानी 2025 से 2030 के बीच, 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना शुरू से ही उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने दावा किया कि सात निश्चय-2 के तहत 2020-25 के बीच 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार दिया गया है। अब इस लक्ष्य को दोगुना करते हुए नई कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है। ‘नीतीश सरकार का प्लान विकसित बिहार’ अगले 5 साल में 1 करोड़ नौकरी, औद्योगिक विकास और टेक्नोलॉजी हब बनाने का खाका किया तैयार टेक्नोलॉजी और उद्योग पर फोकस नीतीश कुमार ने बताया कि राज्य में ‘न्यू ऐज इकोनॉमी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जो प्रौद्योगिकी और सेवा आधारित नवाचारों पर केंद्रित होगी। इस विजन को साकार करने के लिए बिहार को पूर्वी भारत के नए ‘टेक्नोलॉजी हब’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत राज्य में कई बड़ी परियोजनाओं की स्थापना की योजना है, जिनमें शामिल हैं:     डिफेंस कॉरिडोर     सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क     ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स     मेगा टेक सिटी     फिनटेक सिटी सरकार का लक्ष्य बिहार को एक ‘वैश्विक बैक-एंड हब’ और ‘ग्लोबल वर्क प्लेस’ के रूप में स्थापित करना है, जिसके लिए विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों की मदद से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।     “बिहार की जनसंख्या में युवाओं की भागीदारी काफी अधिक है। इसको सार्थक दिशा देने पर बिहार देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बन सकता है।” — नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति इन महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की भी जानकारी दी। यह समिति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में काम करेगी। समिति का मुख्य कार्य उद्योगों को बढ़ावा देने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करना होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, समिति योजनाओं को तेजी से लागू करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी। चीनी मिलों से लेकर AI मिशन तक औद्योगिक विकास के साथ-साथ सरकार ने पारंपरिक उद्योगों को भी पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है। इसके लिए राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और पुरानी बंद पड़ी मिलों को फिर से चालू करने के लिए एक नई नीति और कार्ययोजना बनाई गई है। इसके अलावा, राज्य के प्रमुख शहरों को सुंदर बनाने और नई तकनीकों का उपयोग कर बिहार को अग्रणी बनाने हेतु ‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ की भी स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, “बिहार की नवनिर्वाचित नई सरकार दुगुनी ताकत से राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाने हेतु कृतसंकल्पित है। जो काम हमलोग शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं।”     राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमलोगों की प्राथमिकता रही है। सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। अगले 5 वर्षों (2025-30) में हमलोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं…

सीएम नीतीश का विकास पैकेज: डिफेंस कॉरिडोर से लेकर मेगा टेक सिटी तक, कई बड़े ऐलान

पटना  बिहार में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कई बड़े ऐलान किए हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमलोगों की प्राथमिकता रही है। सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। अगले 5 वर्षों (2025-30) में हमलोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मंगलवार को एक्स पर यह जानकारी देते हुए कहा कि नई सरकार के गठन के पश्चात् राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने एवं अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करने के लिए हमलोगों ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। बदलते बिहार के विकास की गति को बल देने हेतु बिहार में प्रौद्योगिकी और सेवा आधारित नवाचारों की न्यू ऐज इकोनॉमी के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।   इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु इस क्षेत्र की बिहार से संबंध रखनेवाले अग्रणी उद्यमियों के सुझाव प्राप्त कर योजनाओं एवं नीतियों का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही बिहार को एक ‘वैश्विक- बैक एंड हब एवं ‘ग्लोबल वर्क प्लेस’ के रूप में विकसित एवं स्थापित करने हेतु महत्वपूर्ण विभागों तथा प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों एवं विशेषज्ञों के सहयोग से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि बिहार की जनसंख्या में युवाओं की भागीदारी काफी अधिक है। इसको सार्थक दिशा देने पर बिहार देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बन सकता है। बिहार के बड़ी संख्या में उपलब्ध युवा मानव संसाधन को ध्यान में रखते हुए बिहार को पूर्वी भारत के नए टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए बिहार में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी व फिनटेक सिटी की स्थापना की जाएगी एवं उद्योगों का जाल बिछाने हेतु वृहद कार्ययोजना तैयार कर योजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा। चालू होंगी बंद पड़ी चीनी मिलें सीएम नीतीश कुमार ने बताया है कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना एवं पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने हेतु नीति एवं कार्ययोजना बनाई गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी प्रमुख शहरों को बेहतर एवं सुंदर बनाने की योजना पर कार्य करने हेतु तैयारी एवं नई तकनीकों का उपयोग कर राज्य को अग्रणी बनाने हेतु बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की जाएगी। उक्त सभी बिन्दुओं पर कार्ययोजना तैयार करने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है। यह समिति राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने एवं युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अनुश्रवण का कार्य करेगी। आप सभी को पता है कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में औद्योगीकरण ने रफ्तार पकड़ी है। बिहार की नवनिर्वाचित नई सरकार दुगुनी ताकत से राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाने हेतु कृतसंकल्पित है। इसके लिए औद्योगिक कॉरिडोर, उच्च गुणवत्ता की आधारभूत संरचना, हाई क्वालिटी पावर सप्लाई, जल प्रबंधन एवं कुशल मानव संसाधन आवश्यक है, जो अब बिहार में उपलब्ध हैं। राज्य में औद्योगिक विकास एवं अगले 5 वर्षों में युवाओं को नौकरी एवं रोजगार के लिए हमलोगों ने तेजी से काम शुरू कर दिया है और जो काम हमलोग शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं।  

बच्चों के लिए खुशखबरी! इस राज्य में एक हफ्ते की स्कूल की छुट्टी, जानें वजह

पटना अक्टूबर के त्योहारों की छुट्टियों के बाद अब फिर से बच्चों की मौज लगने वाली है। दरअसल, नवंबर का महीना खत्म होने वाला है और ठंड भी तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों को लेकर चर्चा तेज हो गई। अब अभिभावकों और बच्चों को यह इंतजार है कि इस सर्दी में स्कूल कब बंद होंगे और कितने दिन तक छुट्टियां रहेंगी। बिहार में कब से शुरू होंगी सर्दी की छुट्टियां ? अगर बिहार की बात करें तो पिछले साल के अनुभव के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि सर्दी की छुट्टियां लगभग 7 दिन की होगी, जिसमें क्रिसमस और गुरु गोबिंद सिंह जयंती शामिल हो सकती है। पिछले वर्षों के अनुसार, छुट्टियों की संभावित तिथि 26 दिसंबर 2025 से 1 या 6 जनवरी 2026 तक हो सकती है। पूरे राज्य में तापमान में गिरावट के कारण छात्रों के लिए स्कूल जाना कठिन हो सकता है। ऐसे में सर्दियों की छुट्टियों का समय बच्चों और अभिभावकों के लिए राहत भरा रहेगा। 1 से 8वीं तक के स्कूल 7 दिनों के लिए बंद हालांकि, बिहार सरकार ने अभी तक अधिकृत शेड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन पिछले सालों के आधार पर अनुमान है कि क्लास 1 से 8वीं तक के स्कूल 7 दिनों के लिए बंद रहेंगे। बिहार सरकार कुछ दिनों तक विंटर वेकेशन 2025 की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। 

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बिगड़े बोल, SIR और BLO को लेकर चुनाव आयोग ने लिया नोटिस

रांची अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के एक और वायरल वीडियो से सियासी माहौल गरमा गया है। इस वीडियो में इरफान अंसारी चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR पर विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं। वह एक सभा में कहते नजर आ रहे हैं कि यदि कोई बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ आपके इलाके में एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए आए तो उसे घर में बंद कर दें। इस पर भाजपा ने पलटवार किया है तो चुनाव आयोग ने भी झारखंड सरकार से रिपोर्ट तलब की है। BLO नाम काटने आए तो घर में बंद कर दो वायरल वीडियो जामताड़ा जिले में आयोजित सेवा के अधिकार सप्ताह कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इसमें झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी कहते नजर आ रहे हैं कि यदि कोई बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) आपके इलाके में एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए घर आए तो उसे घर में बंद कर दें। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि एसआईआर के नाम पर आने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर नाम काटने न दें और उनकी जानकारी सीधे उनसे साझा करें। हालांकि इस बयान पर इरफान अंसारी का स्पष्टिकरण भी आ गया है। BJP का सवाल- संविधान खतरे में है या नहीं? इस बयान के बाद भाजपा ने इरफान अंसारी की तीखी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन और अराजकता को बढ़ावा देने वाला करार दिया। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी सार्वजनिक तौर पर बोल रहे हैं कि यदि चुनाव आयोग का कोई बूथ स्तर का अधिकारी आपके पास जानकारी लेने आए तो उसे बंधक बना लो। मैं इंडी गठबंधन से पूछना चाहता हूं कि यह लोकतंत्र को बंधक बनाने की निंदनीय कोशिश है या नहीं? क्या संविधान खतरे में है या नहीं? भाजपा ने इंडिया गठबंधन को घेरा भाजपा सांसद सुधाशु त्रिवेदी ने आगे आरोप लगाया कि जहां इंडी गठबंधन के लोग सत्ता में आते हैं, वहां संविधान की भावना दरकिनार कर दी जाती है। किस के लिए? कुछ संदिग्ध स्रोतों से वोट प्राप्त करके सत्ता पर काबिज होने के लिए। चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट वहीं इस पूरे प्रकरण पर चुनाव आयोग ने झारखंड सरकार से रिपोर्ट मांग ली है। चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है जिसका मकसद मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाना है। झारखंड में इस प्रक्रिया का अभी पूर्वाभ्यास चल रहा है लेकिन राजनीतिक दल इसे चुनावी हथियार बना रहे हैं। एसआईआर की प्रक्रिया में मतदाता सूची से मृत, फर्जी या अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाने और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने का काम होता है। सफाई दी, कहा- नकली BLO के बारे में कही थी बात सियासी माहौल गरमाने के बीच इरफान अंसारी की ओर से सफाई भी आ गई है। उन्होंने एक्स पर अपने एक पोस्ट में लिखा- कुछ मीडिया संस्थानों ने मेरी बातों को गलत संदर्भ में पेश किया है जिसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं। मैंने केवल इतना कहा था कि हमारे क्षेत्र में कुछ फर्जी लोग नकली BLO बनकर गरीबों को डराने और पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति नाम काटने या कोई अवैध कार्य करने आए तो उसकी सूचना तुरंत हमें और प्रशासन को दें। बदले सुर अब कहा- BLO हमारे सम्मानित पदाधिकारी झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने आगे कहा है कि BLO चुनाव आयोग के अंग और हमारे सम्मानित पदाधिकारी हैं। उनकी जगह कोई फर्जी व्यक्ति नहीं ले सकता है। मैंने केवल यह मांग की है कि चुनाव आयोग सही तरीके से प्रक्रिया चलाए ताकि किसी गरीब, वंचित या आम नागरिक का नाम गलत तरीके से न कटने पाए। मैं हमेशा लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूं।

इमरजेंसी में डॉक्टर गायब! घायल मरीज तड़पते रहे, अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल

गढ़वा वैसे तो झारखंड सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। ताजा मामला गढ़वा से आया है जहां बीते रविवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक गायब रहे। मरीज के परिजनों ने किया हंगामा गढ़वा सदर अस्पताल के ड्यूटी रोस्टर के अनुसार बीते रविवार को दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक इमरजेंसी में डॉक्टर सरफराज की ड्यूटी थी, लेकिन जानकारी के मुताबिक डॉक्टर सरफराज शाम 4:45 बजे के बाद इमरजेंसी ड्यूटी में पहुंचे। इस दौरान गंभीर रूप से घायल दो मरीजों को इलाज करने के लिए लाया गया था, लेकिन उन्हें इमरजेंसी में चिकित्सक के आने का घंटों इंतजार करना पड़ा जिसके बाद मरीज के परिजनों ने हंगामा भी किया। यहां पर चिकित्सक ही बराबर गायब रहते हैं सदर अस्पताल आए लोगों का कहना है कि लोग बड़ी उम्मीद के साथ सदर अस्पताल में अपने मरीज को लेकर आते हैं कि वहां पर अच्छा इलाज होगा, लेकिन यहां पर चिकित्सक ही बराबर गायब रहते हैं। लोगों का ये भी कहना है कि डॉक्टर ओपीडी में भी देर से आते हैं और पहले ही चले जाते हैं। गायनी विभाग का भी यही हाल है। वहीं, इमरजेंसी में चिकित्सक का न होना सवाल पैदा करता है।  

फर्जी नौकरी घोटाला बेनकाब: चिट फंड ठगी में पुलिस ने पकड़े चार आरोपी

मुज्जफरपुर मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित कोल्हुआ पैगंबरपुर इलाके में फर्जी चिट फंड कंपनी के नाम पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने कई बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया है। ठगी का खुलासा तब हुआ जब नेपाल के मोरतहरी जिला के गोसल्ला थाना क्षेत्र के औरोही निवासी रंजीत कापड़ ने अहियापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि सुजन दुनगाना, हेमराज मल्ला, यशराम तमांड और भरत अधिकारी ने नौकरी दिलाने का लालच दिया। इसके बाद उसे कोल्हुआ पैगंबरपुर स्थित राहुल कुमार के मकान पर बुलाया गया और बैरिया में संतोष कुमार के एक मकान में प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) की व्यवस्था की गई। आरोपियों ने नौकरी पक्की कराने के नाम पर पीड़ित से नकद और बैंक खाते के माध्यम से कुल 2 लाख 20 हजार रुपये ऐंठ लिए। सप्ताहभर तक ट्रेनिंग देने के बाद उनसे यह भी कहा गया कि यदि वे तीन–चार अन्य लोगों को अपने साथ जोड़ेंगे तो उनकी नौकरी स्थायी कर दी जाएगी और उन्हें वेतन भी मिलना शुरू हो जाएगा। अन्य पीड़ितों ने भी लगभग साढ़े चार लाख रुपये ठगे जाने की बात बताई है। अहियापुर थाना पुलिस का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने युवाओं से ठगी की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

सोनपुर मेले में एक करोड़ के भैसे ‘प्रधान बाबू’ की चर्चा

सारण हरिहर क्षेत्र सोनपुर का यह ऐतिहासिक पशु मेला कभी पूरी दुनियां में पशुओं की खरीद- बिक्री का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करता था। यहां घोड़े, ऊंट, हाथी, बैल, गाय और भैंसों की भारी तादाद में बिक्री होती थी। लेकिन समय के साथ नियमों, आधुनिकता और बदलते व्यापारिक तरीकों के कारण मेला अब अपनी पुरानी पहचान खोता नजर आ रहा है। अब मेला अधिकतर मनोरंजन, व्यापारिक स्टॉल, झूले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यटन आकर्षण का केंद्र बन कर रह गया है। पशुओं की बिक्री नाम मात्र को रह गई है। फिर भी "प्रधान बाबू" जैसे आकर्षक पशु मेला की पुरानी विरासत की याद दिलाते हैं और इस उम्मीद को जिंदा रखते हैं कि एक दिन सोनपुर मेला फिर अपने पुराने गौरव को वापस हासिल करेगा। मालिक ने भैसे की कीमत एक बड़े बैनर पर लिखकर स्टॉल के पास लगा दिया है, जिसे देखने और फोटो खींचने के लिए लोगों की कतार लगी रहती है। एशिया प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला- 2025 इस बार एक अनोखे आकर्षण को लेकर सुर्खियों में है। रोहतास जिले से लाया गया लगभग एक करोड़ रुपए कीमत वाला भैसा उर्फ़ "प्रधान बाबू" मेला घूमने वालों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया साइट्स पर भी इस भैसे की तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रही है, जिससे इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। तो हर कोई एक सेल्फी लेना भी नहीं भूलता है। भैंसा के मालिक बीरबल कुमार सिंह ने बताया कि यह भैंसा जाफराबादी नस्ल का है, केवल 38 महीने के इस भैसे की लंबाई लगभग 8 फीट और ऊंचाई करीब 5 फीट है। पूरा शरीर चमकदार काले रंग का होने के कारण यह दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। मालिक ने यह भी बताया कि इसे तैयार करने में काफी मेहनत और खर्च हुआ है। प्रतिदिन इसके चारे पर लगभग 2 हजार रुपये खर्च होते हैं। फिलहाल भैसे को खरीदने के लिए कोई खरीदार प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंचा है, लेकिन कई लोग फोन पर संपर्क कर कीमत की चर्चा कर रहे हैं।

डांस के दौरान किन्नरों से अभद्रता, मारपीट के बाद बार में हिंसा; पुलिस पर भड़का गुस्सा

रांची झारखंड के रांची में उस वक्त हड़कंप मच गया जब यहां बर्थडे पार्टी मना रहे किन्नरों के साथ छेड़खानी की गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने किन्नर पर डंडे से किया वार मामला जिले के अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित लीकर बार का है। बताया जा रहा है कि बार में लगभग बीस किन्नर बर्थडे पार्टी मनाने पहुंचे थे। पार्टी के दौरान किन्नर बार में डांस कर रहे थे। इस दौरान बार में बैठे कुछ युवकों ने किन्नरों के साथ छेड़खानी कर दी जिसके बाद किन्नरों और युवकों में मारपीट हो गई। मारपीट की घटना के बाद सभी किन्नर बार से बाहर निकले तो पुलिस ने एक किन्नर पर डंडे से वार कर दिया। इस बात से किन्नर आक्रोशित हो गए और सड़क पर हंगामा करने लगे। "पुलिस को उन पर हाथ उठाने का अधिकार किसने दिया" किन्नरों ने तीन घंटे तक मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। कई किन्नर कार के सामने लेटकर विरोध कर रहे थे। कई किन्नरों ने पत्थर भी उठा लिए थे। किन्नरों का कहना था कि बार में उनके साथ गलत हुआ, लेकिन पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन पर हमला कर रही है। पुलिस को उन पर हाथ उठाने का अधिकार किसने दिया है। वहीं, पुलिस ने किन्नरों को शांत कराया।

दुमका को मिली नई पहचान: झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का सीएम सोरेन ने किया उद्घाटन

दुमका  दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया उद्घाटन। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सदर प्रखंड के आसनसोल पंचायत में आयोजित सेवा अधिकार सप्ताह यानी 'सरकार आपके द्वारा' कार्यक्रम में भी शिरकत की । बताया जा रहा है कि दुमका हवाई अड्डा परिसर में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां से हेमंत सोरेन झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया । दोपहर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद सीएम हेमंत ने विभिन्न योजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन और शिलान्यास किया । इसके अलावा सीएम हेमंत युवाओं को नियुक्ति पत्र, व अन्य लाभुकों के बीच परिसंपत्ति, ऋण एवं अनुदान का वितरण किया। कार्यक्रम के समापन के बाद दोपहर 2:30 बजे  वे वापस रांची के लिए रवाना हो गए ।

12.43 करोड़ की कथित अवैध संपत्ति जब्त, उत्पाद अधीक्षक ने कहा– मुझे साजिश के तहत फंसाया गया

पटना/ औरंगाबाद औरंगाबाद के उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद को बेहतर काम के लिए विभाग से तीन-तीन मेडल दिया गया था। किसी से सोचा नहीं होगा कि उन्होंने अपने पास इतनी संपत्ति रखी होगी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने जब उत्पाद अधीक्षक के पटना, जहानाबाद, औरंगाबाद समेत चार ठिकानों पर छापेमारी की तो सब लोग दंग रह गए। कैश इतना मिला कि टीम को नोट गिनने के लिए मशीन मंगानी पड़ी। सभी ठिकानों पर मिली संपत्तियों को जोड़ा गया तो 12.43 की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ। दो माह बाद होना था रिटायर उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद की 20 माह पहले औरंगाबाद में इसी पद पर हुई थी और दो माह बाद ही उन्हे रिटायर होना था। इसके पहले ही एसवीयू ने एक साथ उनके चार ठिकानों पर छापेमारी कर दी। अनिल कुमार आजाद ने फोन पर बताया कि यह सब स्प्रिट माफियाओं की साजिश है। उनलोगों ने साजिश कर निगरानी में शिकायत की है। उनके ऊपर जो भी आरोप लगाया जा रहा है, वह सरासर गलत और बेबुनियाद है। उन्होने खुद निगरानी की टीम को छापेमारी में सहयोग किया है।                बेहतर काम के लिए मिलें हैं तीन-तीन मेडल अनिल कुमार आजाद ने कहा कि उत्पाद विभाग में बेहतर काम की बदौलत तीन-तीन मेडल मिले है। बदले की भावना से छापेमारी की गई है। कल उनके भतीजे की शादी थी और आज ही बारात से लौट कर पटना पहुंचा हूं। इसके बाद छापेमारी टीम पहुंची। जांच में मैं सहयोग कर रहा हूं।' इन स्थानों पर एसवीयू की टीम ने की छापेमारी       औरंगाबाद में उत्पाद अधीक्षक का कार्यालय, मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग, बड़वा मोड़ से पश्चिम, हनुमान बिगहा के पास               औरंगाबाद शहर के सत्येंद्रनगर मुहल्ले में अनिल कुमार आजाद के किराए के आवास, डॉ. केके. सिंह अस्पताल के पास       जहानाबाद में अनिल कुमार आजाद के घर, एक निजी स्कूल (शिव मंदिर) के पास, सुमेरा, थाना-टेहटा            पटना के शिवपुरी में अनिल कुमार आजाद का आवासीय भवन, श्रीराम निकुंज, 3 मानस मार्ग, पश्चिमी शिवपुरी -23                जानिए क्या आरोप लगे हैं औरंगाबाद के उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद पर आरोप है कि उन्होंने विभिन्न सरकारी पदों पर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर एक करोड़ 58 लाख, 45 हजार 888 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। इसी आरोप के आलोक में पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने अनिल कुमार आजाद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जन के साथ अन्य कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद कोर्ट से इनके परिसरों की तालाशी का वारंट प्राप्त किया। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद रविवार को विशेष निगरानी इकाई की अलग-अलग टीमों ने अनिल कुमार आजाद के औरंगाबाद, जहानाबाद और पटना में उनके आफिस और आवास में एक साथ छापेमारी की। छापेमारी में यह सब मिला सूत्रों की यदि माने तो छापेमारी में अनिल कुमार आजाद के ठिकानों से जमीन में निवेश के कुछ दस्तावेज, कुछ बैंक पासबुक के साथ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। साथ ही रुपयों की गिनती के लिए नोट गिनने की मशीन भी मंगाई गई है। फिलहाल औरंगाबाद, जहानाबाद और पटना में एसवीयू की कार्रवाई जारी है। सूत्र जानकारी दे रहे है कि अनिल कुमार आजाद के ठिकानों से और भी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल होने की उम्मीद हैं। विस्तृत समाचार की प्रतीक्षा है।