samacharsecretary.com

काली कमाई का पर्दाफाश: बिहार के अधिकारी की करोड़ों की संपत्ति और महंगे गहनों की जांच में खुलासा

पटना  राज्य की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद के पटना, जहानाबाद और औरंगाबाद स्थित चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह पूरी कार्रवाई करीब सात घंटे तक चली. जिसमें टीम ने नोट गिनने की मशीन मंगवाई, दस्तावेज खंगाले और परिजनों से लंबी पूछताछ की. SVU की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनिल आजाद ने कथित रूप से 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की है. जबकि शिकायत आय से 1.58 करोड़ अधिक संपत्ति की थी. अब आगे की प्रक्रिया जब्त कागजातों और डिजिटल डेटा के मूल्यांकन के बाद तय होगी. छापेमारी में मिले करोड़ों के संपत्ति दस्तावेज SVU के अनुसार, तलाशी के दौरान अनिल आजाद और उनकी पत्नी माधुरी देवी के नाम पर कुल 10 प्लॉट, 28 लाख रुपये की एफडी, 1.54 करोड़ रुपये का बैंक व बीमा निवेश, 48 लाख रुपये का बैंक बैलेंस और करीब 35 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए. इसके अलावा परिवार के तीन बैंक लॉकर भी मिले हैं, जिन्हें अगली कार्रवाई में खोला जाएगा. SVU की टीम सुबह ही पटना के शिवपुरी स्थित आवास, जहानाबाद के पैतृक घर और औरंगाबाद के सरकारी कार्यालय व किराए के मकान पर पहुंची. कोर्ट से जारी तलाशी वारंट के आधार पर सभी जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई. टीम को बड़ी संख्या में जमीन के कागज, पासबुक, बीमा दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले, जिन्हें जब्त कर जांच में जोड़ा गया है. दो महीने बाद रिटायर होने वाले हैं आजाद अनिल आजाद मूल रूप से जहानाबाद जिले के सुमेरा गांव के निवासी हैं. 1991 में उत्पाद विभाग में दरोगा के रूप में नियुक्त हुए थे. 1999 से 2002 तक पटना में उनकी पोस्टिंग रही और इसी दौरान उन्होंने पटना के बड़े स्प्रिट कारोबारी असलम खान की पत्नी मुन्नी खातून की गिरफ्तारी की थी, जिससे वे काफी चर्चा में आए थे. बाद में इंस्पेक्टर और फिर अधीक्षक बने. पिछले 20 महीनों से वे औरंगाबाद के अधीक्षक पद पर तैनात थे. खास बात यह है कि आजाद मात्र दो महीने बाद रिटायर होने वाले हैं, ऐसे समय में हुई छापेमारी प्रशासनिक हलकों में सवाल खड़े कर रही है. पत्नी और परिवार के नाम जमीन-जायदाद SVU की रिपोर्ट के अनुसार, पटना शास्त्रीनगर में उनकी पत्नी के नाम 6 प्लॉट हैं, जबकि जहानाबाद में परिवार के नाम 4 प्लॉट मिले हैं. इनकी कुल अनुमानित कीमत ₹1.78 करोड़ बताई गई है. साथ ही पटना स्थित आवास से ₹28 लाख की एफडी भी मिली है. अलग-अलग इंसयोरेंस और बैंकिंग स्कीम में की गई 1.54 करोड़ की निवेश राशि भी जांच के घेरे में है. साथ ही 48 लाख रुपये के बैंक बैलेंस और 26 लाख रुपये के सोने व 8.6 लाख रुपये की चांदी के आभूषणों की रसीदें मिली हैं. अनिल आजाद का आरोप- स्प्रिट माफियाओं ने फंसाया छापेमारी के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में अनिल आजाद ने खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि यह कार्रवाई स्प्रिट माफियाओं की साजिश है. उनका कहना है कि उन्होंने औरंगाबाद में 25 अवैध स्प्रिट फैक्ट्रियां बंद कराईं, जिससे माफिया उनसे नाराज थे. उन्होंने कहा- नेताओं और स्प्रिट कारोबारियों की मिलीभगत के कारण मेरे खिलाफ बदले की कार्रवाई की गई है. मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं और सच सामने आएगा. भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत FIR दर्ज SVU ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b), 13(2) और IPC की धारा 61(2)(a) के तहत केस दर्ज किया है. केस में कहा गया है कि 2000 से अब तक Income Sources से अधिक संपत्ति जमा की गई है. 

25 नवंबर के बाद झारखंड में ठंड का जोर, सनसनाती हवाएं करेंगी कंपकंपा

रांची झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। 25 नवंबर से राज्य में कनकनी बढ़ेगी जिससे लोगों को हाल बेहाल होगा। मौसम विभाग के मुताबिक 25 नवंबर से तापमान में गिरावट होगी। मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड में कई इलाकों में आंशिक बादल और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी है। हालांकि इसकी संभावना बहुत कम है। अगले 2-3 दिनों तक यही स्थिति बनी रहने की उम्मीद है। इसके बाद 25 नवंबर से तापमान में गिरावट होगी जिससे ठंड बढ़ेगी। तापमान गिरने के साथ ही सनसनाती हवाएं एक बार फिर ठिठुरन बढ़ाएंगी। इस अचानक आने वाले ठंड के अटैक को देखते हुए खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। मौसम विभाग ने अपील की है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए तैयार रहें। फिलहाल, राज्य में किसी बड़े अलर्ट की आवश्यकता नहीं बताई गई है।  

बिहार BJP में हलचल: दिलीप जायसवाल के मंत्री बनते ही नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज

 पटना  बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के मंत्री बनने के बाद से ही सोशल मीडिया पर अगले यानी नए प्रदेश के नाम पर अटकलें शुरू हो गई हैं। एक आदमी, एक पद पर आम तौर पर अमल करने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लगभग तीन साल से टल रहा है। 2024 के जनवरी में मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा हो रहा था, लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें मिला कार्यकाल विस्तार ऐन-केन-प्रकारेण बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में भाजपा बिहार में आनन-फानन में या जल्दबाजी में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाएगी, इसकी संभावना ना के बराबर हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद बदलाव हो सकता है।   फिर भी भाजपा के बारे में सोशल मीडिया पर लिखने वाले दावे और समीकरण के साथ नए नामों की चर्चा कर रहे हैं। चल रहे नाम में एक नाम तो पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा का है, जिनको इस बार मंत्री नहीं बनाया गया है। नीतीश कैबिनेट के 26 मंत्रियों में मंगल पांडेय ब्राह्मण से इकलौते मंत्री हैं। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से पहली बार मंत्री बने नीतीश मिश्रा 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे। पिछली सरकार में वो उद्योग मंत्री रहे थे, जो विभाग अब दिलीप जायसवाल को दिया गया है। ब्राह्मण जाति से नीतीश मिश्रा का नाम चर्चा में, मंत्री नहीं बने हैं इस बार अपने पिता जगन्नाथ मिश्रा की सीट झंझारपुर से पांचवीं बार जीते नीतीश मिश्रा की चिंता करने वाले कह रहे हैं कि पार्टी ने उनके बारे में कुछ बड़ा सोचा है, इसलिए अभी मंत्रिमंडल से ड्रॉप कर दिया गया है। मिथिला की 37 सीटों में 31 सीटें एनडीए के पास आई हैं। दरभंगा-मधुबनी की 20 में 19 सीटों पर महागठबंधन को हार मिला है। महागठबंधन ने जो 6 सीटें जीती है, उसमें समस्तीपुर की 3 और बेगूसराय की 2 सीटें शामिल हैं। दलित जाति से चल रहा जनक राम का नाम, बसपा से भाजपा में आए थे पूर्व मंत्री नीतीश की पिछली कैबिनेट से इस मंत्रिमंडल तक नहीं पहुंच पाए बीजेपी के मंत्रियों में जनक राम भी शामिल हैं। कैबिनेट में इस बार 5 दलित मंत्री हैं, जिनमें बीजेपी से सिर्फ लखेंद्र रौशन का नाम है। बाकी 4 दलित मंत्रियों में जेडीयू के अशोक चौधरी व सुनील कुमार, लोजपा के संजय पासवान और हम के संतोष सुमन मांझी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर 2013 में बसपा से भाजपा में आए जनक राम 2014 में गोपालगंज से भाजपा सांसद बने थे। 2019 में सीट जेडीयू को गई तो बाद में उनको एमएलसी बनाया गया और फिर वो नीतीश सरकार में दो बार मंत्री बने। चर्चा करने वाले कह रहे हैं कि उनको इसलिए ड्रॉप किया गया है, क्योंकि बीजेपी अगला अध्यक्ष दलित जाति से बना सकती है। ओबीसी से संजीव चौरसिया का नाम, जनसंघ से जुड़े पिता गंगा प्रसाद राज्यपाल भी रहे भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष के लिए पटना जिले की दीघा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने संजीव चौरसिया का नाम भी लिया जा रहा है। संजीव चौरसिया का परिवार संघ से जुड़ा रहा है और उनके पिता जनसंघ के जमाने से भाजपा के साथ हैं। उनका कारोबारी परिवार पार्टी के संघर्ष के दिनों का साथी है। संजीव के पिता गंगा प्रसाद 1980 में भाजपा के गठन के बाद बिहार में पार्टी के कोष प्रमुख बना गए थे। गंगा प्रसाद को 1994 में पार्टी ने एमएलसी बनाया और अगले तीन टर्म तक वो विधान पार्षद रहे। बाद में गंगा प्रसाद को मेघालय और सिक्किम का राज्यपाल भी बनाया गया। संजीव चौरसिया 2015 से लगातार दीघा से जीत रहे हैं। संघ और पार्टी में काम के नाम पर उनके मंत्री बनने की चर्चा थी, लेकिन अब जब उनका नंबर सरकार में नहीं आया है तो यह चर्चा है कि उनका नंबर संगठन में लगने वाला है। भूमिहार जाति से विवेक ठाकुर का भी नाम, पिता सीपी ठाकुर भाजपा में कई पदों पर रहे बिहार बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए भूमिहार जाति से नवादा के लोकसभा सांसद विवेक ठाकुर का नाम भी चल रहा है। विवेक के पिता सीपी ठाकुर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्र में मंत्री रहे हैं। नीतीश की मौजूदा कैबिनेट में कुल दो भूमिहार मंत्री बनाए गए हैं। बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा और जेडीयू से विजय कुमार चौधरी। एनडीए के 202 विधायकों में भूमिहार जाति के 22 एमएलए जीते हैं। ऐसे में 3-4 भूमिहार मंत्री बनने की अटकलें थीं। 32 विधायकों वाले राजपूत जाति को 4 मंत्री पद मिला है। विवेक ठाकुर का नाम लेने वाले बता रहे हैं कि पार्टी नया अध्यक्ष भूमिहार जाति से बना सकती है, क्योंकि ब्रह्मर्षि समाज को समर्थन और विधायक के हिसाब से नीतीश मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है।  

UP से गिरफ्तार JSSC पेपर लीक मास्टरमाइंड, रांची में हुई पेशी और भेजा गया जेल

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) पेपर लीक मामले में सीआईडी को बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीआईडी) ने इस प्रकरण के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड विनय शाह को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर रांची लाया है। आरोपी को सीआईडी की विशेष अदालत (स्पेशल कोर्ट) में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, विनय शाह रेलवे में सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत है और मूल रूप से झारखंड की राजधानी रांची का निवासी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह यूपी के शाहपुर स्थित हनुमंत नगर कॉलोनी में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए नेपाली सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने रांची के जेड स्क्वायर होटल में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पेपर लीक की पूरी योजना तैयार की थी। सीआईडी ने बताया कि विनय शाह ने मनोज कुमार, शशिभूषण दीक्षित और संदीप त्रिपाठी के साथ मिलकर साजिश रची थी। इस मामले में इससे पहले आईआरबी के करीब एक दर्जन जवानों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।  

तेज रफ़्तार बनी काल: राष्ट्रीय राजमार्ग पर भयानक सड़क दुर्घटना, 3 की मौके पर मौत

दरभंगा बिहार के दरभंगा जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रुप से घायल हो गए। वहीं मौके पर चीख-पुकार मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, घटना रविवार तड़के NH 27 दिल्ली मोड़ के पास ओवरब्रिज की है। कार पटना से मधेपुरा आ रही थी। इस दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 की हालत नाजुक बनी हुई। गाड़ी भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी में 7 लोग सवार थे। फिलहाल घायलों का इलाज अस्पताल जारी है। मौके पर पहुंची पुलिस  ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।    

हाथी के हमले में किसान की जान गई, ग्रामीण बोले—समय पर नहीं पहुंचा वन विभाग

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र के सियाटांड के बाघेडी गांव में झुंड से बिछड़ा एक हाथी ने शनिवार को एक किसान को कुचल कर मार डाला। मृतक का नाम जागो महतो बताया जा रहा है। किसान की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रोड जाम कर वन प्रमंडल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि देवरी में दो दिन से जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है, लेकिन वन विभाग भगाने को लेकर कोई पहल नहीं कर रहा। इसी कारण सुबह में जागो महतो की मौत हुई। रोड जाम किए जाने से दोनों और गाड़ियों का कतार लग गया। हालांकि मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलने के बाद रोड जाम हटा दिया गया। जानकारी के अनुसार जागो महतो पर दल से बिछड़े हाथी ने उस समय हमला किया, जब वो अकेले घर के बाहर घूम रहा था और अपने खेत जा रहा था। इसी दौरान हाथी ने उसे अपने चपेट में ले लिया और जागो को पांव से कुचल कर मार दिया।  

पूरा परिवार खत्म: पति ने गला घोंटकर पत्नी-बच्चों की ली जान, फिर खुद भी फांसी लगाई

दुमका झारखंड के दुमका जिले में रविवार सुबह एक दंपति और उनके दो बच्चे घर में मृत पाए गए। सभी शवों के गले पर गहरा निशान मिला है, जो हत्या की ओर संकेत करता है। यह घटना हंसडीहा पुलिस थाना क्षेत्र के बरदाही गांव में हुई। बताया जा रहा है कि यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की हत्या कर खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। हंसडीहा पुलिस थाने के प्रभारी ताराचंद ने कहा, “हमने घर से चार शव बरामद किये हैं। शुरुआती जांच से पता चलता है कि व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों का कथित तौर पर गला घोंट दिया और फिर खुद फंदे से लटककर जान दे दी। जांच जारी है।” उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान वीरेंद्र मांझी (30), उनकी पत्नी आरती कुमारी (26), उनकी बेटी रूही कुमारी (4) और बेटे विराज कुमार (2) के रूप में हुई है। मृतक के पिता मनोज मांझी ने बताया कि सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो संदेह हुआ। अंदर जाकर देखा तो बहू और दोनों बच्चे मृत पड़े थे। इसके बाद बेटे की तलाश की गई और वह घर से दूर एक पेड़ से लटका मिला। उन्होंने बताया कि जीवित होने की उम्मीद में उन्होंने बेटे का शव नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के पिता ने बताया कि मृतक के बेटे विराज की तबीयत काफी समय से खराब थी और उसका इलाज चल रहा था। बेटे के इलाज और आर्थिक बोझ को लेकर दंपती के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। शनिवार दोपहर ही वीरेंद्र अपनी पत्नी और बच्चों को मायके से वापस लेकर आया था। रात में किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच बहस हुई और देर रात यह घटना घटित हो गई।  

परिवारिक त्रासदी: पत्नी-बच्चों की गला दबाकर हत्या, आरोपी पति ने भी दी जान; दुमका में सनसनी

दुमका  झारखंड के दुमका में खौफनाक घटना सामने आई है। यहां के हंसडीहा थाना क्षेत्र के बरदेही गांव में दम्पति और दो बच्चों सहित चार का शव पुलिस ने बरामद किया है। महिला और दोनों बच्चों का शव घर के भीतर मिला है, जबकि पुरूष का शव घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित धान के खेत से मिला है। सभी के गले में काला दाग पड़ गया है। जानकारी के मुताबिक मृतक के पिता जब सुबह उठा तो घर में किसी को जगा हुआ नहीं पाया। जब उठाने के लिए गया तो सभी को मृत अवस्था मे देखा। थोड़ी देर बाद पुत्र का भी शव खेत में पड़े होने की सूचना मिली। जिसके बाद घटना की सूचना हंसडीहा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है।   पुलिस के शुरुआती जांच में पति के द्वारा ही पत्नी और दोनों बच्चों की गला दबाकर हत्या करने, फिर घर से कुछ दूरी पर धान के खेत स्थित नीम का पेड़ से फांसी लगा आत्महत्या करने की आशंका जताई है। पुलिस के मुताबिक 6 साल पहले मृतक की शादी देवघर के पालाजोरी में हुई थी। शनिवार की शाम को ही पति ने अपनी पत्नी और दोनों बच्चे को ससुराल से लेकर घर आया था। पुलिस ने मृतक के घर से रस्सी का टुकड़ा भी बरामद किया है। बताया जाता है कि घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के पिता मनोज मांझी ने अपने पुत्र के शव को नीम का पेड़ से उतार कर जमीन पर रखा था और मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस सभी बिंदुओं पर अभी जांच कर रही है। सभी मृतक की पहचान हंसडीहा थाना क्षेत्र के बरदेही निवासी पति बीरेंद्र मांझी (30), पत्नी आरती कुमारी (24), बेटी रोहि (4) औ बेटा विराज कुमार (2) के रूप में हुई है। अभी घटना को लेकर कारण कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है। एक साथ एक ही परिवार के चार लोगों की शव मिलने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।  

तेज़ रफ्तार ने छीनी 7 ज़िंदगियाँ: बिहार के तीन जिलों में दर्दनाक हादसे

पटना  बिहार में रविवार को रफ्तार का कहर बरपा। अबतक 7 मौत की खबर आ चुकी है। छपरा और दरभंगा में हुए हादसों में 6 लोग जख्मी हुए हैं। सभी घायलों का इलाज विभिन्न अस्तालों में चल रहा है जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। छपरा में हादसे के बाद बवाल मचाया गया और लोगों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस मौके पर मौजूद है। जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच 722 पर गड़खा थाना क्षेत्र के जासोसती के पास रविवार की सुबह अज्ञात वाहन ने ऑटो में टक्कर मार दी जिसमें दो लोगों की मौत। ऑटो पर सवार अन्य चार लोग जख्मी। वहीं मकेर के फुलवरिया एन एच 722 पर रविवार की ही सुबह ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा दिया। उसके बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया। रामनगर में हसड़क दुघर्टना में एक की मौत बेतिया के रामनगर – लौरिया मुख्य पथ पर शनिवार की देर रात हुए सड़क दुर्घटना में कार सवार एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान चरघरवा – बिशुनपुरवा गांव निवासी मुख्तार शाह के 22 वर्षीय पुत्र मो इरशाद के रूप में हुई हैं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेज दिया हैं। गाड़ी में चार लोग सवार थे। जिसमें गाड़ी चला रहे युवक की मौत हो चुकी थी। उसमें सवार तीन अन्य लोगों को भी चोटें आई थी। जो बाद में वहां से निकल गये। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच में जुट गई। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम में बगहा अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया हैं। पुलिस उस पर सवार अन्य लोगों की पहचान में जुटी हुई है। लेकिन संवाद प्रेषण तक इसमें सफलता नही मिल सकी हैं। उधर परिजनों की माने तो वह अपने किसी मित्र के साथ बेतिया की तरफ किसी गांव में न्योता में गया हुआ था। जहां से लौटने के दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। बांका में एक्सीडेंट इधर बांका के भरको पेट्रोल पंप के समीप सोमवार देर शाम दो वाहनों की जोरदार टक्कर में बारात जा रहा एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। तेज रफ्तार में हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। ऑटो और बाइक के बीच टक्कर में तीन जख्मी अररिया-फारबिसगंज फोरलेन मार्ग स्थित टोल प्लाजा के समीप ऑटो और बाइक के बीच हुई टक्कर में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये। इसे स्थानीय लोगों व परिजनों की मदद से सदर अस्पताल अररिया लाया गया। जहां चिकित्सकों की देखरेख में तीनों जख्मी व्यक्ति का इलाज किया जा रहा है। जख्मी व्यक्ति नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के पुलहा निवासी मैना देवी, द्रोपती देवी और विद्यानंद सादा बताया जा रहा है। बाइक असंतुलित होकर गिरने से युवक घायल अररिया-पूर्णिया फोरलेन मार्ग स्थित गैयारी के समीप बाइक असंतुलित होकर गिरने से बाइक सवार एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गये। इसे स्थानीय लोगों व परिजनों की मदद से सदर अस्पताल अररिया लाया गया। जहां चिकित्सकों की देखरेख में जख्मी युवक का इलाज किया जा रहा है। जख्मी युवक खुर्शीद बताया जा रहा है।  

झारखंड में 48 घंटे की छुट्टी का ऐलान, सभी शिक्षण संस्थान व दफ्तर बंद

रांची  झारखंड में 27 और 28 नवंबर को दो दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस घोषणा के बाद स्कूल, कॉलेज और सरकारी-निजी दफ्तर बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला मुख्य रूप से मौसम की बदलती स्थिति और त्योहारों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया है। इन दो दिनों में सभी शिक्षण संस्थान और कई कार्यालय बंद रहेंगे ताकि त्योहारों के दौरान भीड़ और ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके। यह छुट्टी सामान्य अवकाशों से अलग होती है क्योंकि इसे विशेष परिस्थितियों जैसे मौसम या त्योहार के कारण जल्दी घोषित किया जाता है। स्कूल–कॉलेज बंद का मतलब यह है कि शिक्षण संस्थान इन दो दिनों में पढ़ाई नहीं करेंगे और सभी शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी जाएंगी। हालांकि कई जगहों पर ऑनलाइन कक्षाओं और वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी जारी रहेगी ताकि कामकाज प्रभावित न हो। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से इस छुट्टी का लाभ उठाएं। जरूरत न होने पर बाहर न निकलें और सामाजिक दूरी का पालन करें ताकि यह अवकाश सभी के लिए सुरक्षित रहे।