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आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 2.50 लाख के 6 मोबाइल बरामद

मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की आरपीएफ टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर जंक्शन से यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है। रेल पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ अभियान के दौरान दो शातिरों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में एक अररिया और दूसरा पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। आरपीएफ टीम ने इनके पास से करीब 2.50 लाख रुपये कीमत के 6 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस दौरान मुख्य आरोपी रिंकू कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिसके खिलाफ कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हुई संयुक्त कार्रवाई दरअसल, यह कार्रवाई आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने मुजफ्फरपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर की। टीम ने एक शातिर अपराधी और उसके साथ एक किशोर को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें 5 महंगे टचस्क्रीन मोबाइल और 1 कीपैड फोन शामिल है। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये आंकी गई है। भीड़ का फायदा उठाकर उड़ाते थे मोबाइल पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जंक्शन पर भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के मोबाइल चोरी करते थे। पुलिस को आशंका है कि यह गैंग लंबे समय से रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सक्रिय था और यात्रियों को निशाना बना रहा था। कई जिलों में दर्ज हैं मुख्य आरोपी पर मामले पूरे मामले को लेकर आरपीएफ मुजफ्फरपुर के इंचार्ज मनीष कुमार ने बताया कि रेल पुलिस की टीम ने यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा है। जांच और पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार अररिया निवासी रिंकू कुमार एक शातिर पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ बेगूसराय, कटिहार और पटना जीआरपी में चोरी के अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी रेल पुलिस की टीम अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

BRABU हॉस्टल बना तस्करी का अड्डा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के हॉस्टल में रहकर कारतूसों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 200 जिंदा कारतूसों के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ दबोचा है। पकड़े गए तस्करों की पहचान सिवान के अभिषेक तिवारी और सीतामढ़ी के अनमोल कुमार के रूप में हुई है। यूनिवर्सिटी पीजी हॉस्टल में था डेरा पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है वह बेहद डराने वाला है। गिरफ्तार दोनों तस्कर यूनिवर्सिटी परिसर स्थित 'पीजी थर्ड' हॉस्टल के कमरा नंबर 54 और 55 में अवैध रूप से रह रहे थे। ये तस्कर विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। कार्रवाई के दौरान दोनों अपनी बुलेट बाइक से कारतूसों की बड़ी खेप लेकर वापस पीजी थर्ड हॉस्टल ही जा रहे थे, तभी काजी मोहम्मदपुर थानेदार नवलेश कुमार ने टीम के साथ कलमबाग-खबरा रोड पर घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। विश्वविद्यालय में तनाव हॉस्टल से कारतूसों की बरामदगी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में माहौल काफी तनावपूर्ण है। कुलपति (VC) के कुछ फैसलों के खिलाफ छात्र पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठे हैं। हाल ही में कुलपति आवास पर बम फेंकने की घटना भी हुई थी, जिसकी जांच अभी चल ही रही है। ऐसे में हॉस्टल से 200 गोलियों का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। थानेदार नवलेश कुमार ने बताया कि दोनों के पास से 200 गोलियां बरामद की गई हैं। फिलहाल पुलिस के बयान पर काजी मोहम्मदपुर थाने में एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस अब इन तस्करों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कारतूसों की यह खेप किसे सप्लाई की जानी थी। क्या इन गोलियों का इस्तेमाल विश्वविद्यालय में चल रहे विरोध प्रदर्शन या कुलपति आवास पर हुए हमले से जुड़ा है, पुलिस इस बिंदु पर भी गंभीरता से जांच कर रही है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के आम छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बाहरी लोग इतनी आसानी से हॉस्टल के कमरों में अवैध रूप से कैसे रह रहे थे और प्रशासन को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?

बिहार में प्रदूषण का कहर: इस शहर का AQI 400 पार, लोग बेहाल

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर शहर में प्रदूषण ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फरवरी महीने में शहर की हवा सबसे ज्यादा खराब दर्ज की गई है। प्रदूषण का स्तर अति खराब श्रेणी में पहुंच गया है और शहर का AQI 439 से अधिक दर्ज किया गया, जो इस महीने का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। प्रदूषण से लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है और शहर की हवा एक बार फिर बेहद दमघोंटू हो गई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम प्रशासन अब इसकी रोकथाम में जुट गया है। दूसरी बार इस साल दर्ज हुआ इतना खराब AQI बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में प्रदूषण का स्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि इस साल दूसरी बार शहर का AQI सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों ने एक बार फिर नगर निगम प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ये आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट पर आधारित हैं। इनके अनुसार मुजफ्फरपुर जिले में प्रदूषण का स्तर 439 दर्ज किया गया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में भी स्थिति बेहद खराब रही। मिठनपुरा में AQI 416, ब्रह्मपुरा-दाउदपुर में AQI 406, बुद्ध कॉलोनी में AQI 409 और अरारदह में AQI 413 दर्ज किया गया है। सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ा ठंड से कुछ राहत मिलने के बाद प्रदूषण की यह मार लोगों के लिए एक नई परेशानी बन गई है। इसके चलते सांस से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी काफी बढ़ गई है। शहर के कई इलाकों में धूल, मिट्टी और अन्य कणों की वजह से हालात और बिगड़ गए हैं और मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। नगर निगम की कोशिशें बेअसर प्रदूषण पर काबू पाने में नगर निगम प्रशासन फिलहाल बेबस नजर आ रहा है। नगर निगम की ओर से शहर के अंदर स्प्रिंकल वैन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन यह उपाय अब बेअसर साबित हो रहा है। प्रदूषण के इस खतरनाक आंकड़े के सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और एक बार फिर इसे रोकने के लिए ठोस योजना के साथ कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए नगर निगम की टीम बड़ी तैयारी में जुट गई है।  

मुजफ्फरपुर के नए निगम आयुक्त ऋतुराज ने स्वच्छ गंगा मिशन और एआइ से निगरानी को बताया प्राथमिकता

मुजफ्फरपुर. ऋतुराज प्रताप सिंह ने नगर आयुक्त का पदभार संभाल लिया। उपनगर आयुक्त अमीत कुमार ने उनको प्रभार सौंपा। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि शहर का स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुंदर बनाना उनका लक्ष्य होगा। शहर की विकास योजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को संज्ञान में लेकर तत्काल दूर किया जाएगा। पदभार संभालने के बाद महापौर निर्मला देवी से औपचारिक मुलाकात की। महापौर ने भी बुके देकर उनका स्वागत किया। वहीं, एक दर्जन पार्षदों ने भी नगर आयुक्त को बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद नगर आयुक्त ने कार्यालय के सभी शाखा का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। बताते चलें कि विक्रम विरकर के तबादले के बाद एक माह तक नगर आयुक्त का पद खाली था। निगम कार्यालय से निकलने के बाद नगर आयुक्त ने कंपनीबाग स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर पहुंच मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी कंपनी के प्रबंध निदेशक का कार्यभार भी संभाला। उन्होंने कमांड सेंटर का निरीक्षण किया। नए नगर आयुक्त के सामने होंगी कई चुनौतियां पदभार संभालने के बाद नए नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह के सामने कई चुनौतियां होंगी। सबसे बड़ी चुनाैती नगर निगम बोर्ड एवं सशक्त स्थायी समिति की बैठकों में लिए गए लंबे समय से लंबित निर्णयों के अनुपालन की होगी। उनके सामने नगर निगम आडिटोरियम के विकास के लिए 13.67 करोड़ एवं घिरनी पोखर के विकास के लिए 2.62 करोड़ रुपये की योजना को जमीन पर उतारने की होगी। पूर्व नगर आयुक्त ने शहरवासियों को नये साल पर एआइ आधारित स्मार्ट निगरानी व्यवस्था देने की घोषणा की थी जिसे पूरा करने की कवायद करनी होगी। मुजफ्फरपुर में स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 3.86 करोड़ रुपये से शौचालय का निर्माण कार्य में पूरा करना होगा। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन-2 के अंतर्गत 77.40 करोड़ रुपये से फरदो नाला के पानी का उपचार कर व्यवसायिक उपयोग के लिए किए जा रहे प्रयास को पूरा कराना होगा। शहरवासियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन की दिशा में 50 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी के निर्माण की कवायद करनी होगी। स्मार्ट सिटी की बची योजनाओं को तेजी से पूरा कराने के लिए उनको प्रयास करना होगा। सिटीज-2.0 योजना को जमीन उतारने की बड़ी चुनौती उनके सामने होगी।

मुजफ्फरपुर जाम से बेहाल: सड़क पर 14 किमी तक वाहनों की कतार, एंबुलेंस भी न निकल सकी

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले में बुधवार देर शाम लगा भीषण जाम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। दरभंगा एनएच 57 और मोतिहारी एनएच 27 फोरलेन पर अचानक शुरू हुआ जाम देर रात तक 12 से 14 किलोमीटर तक फैल गया। स्थिति यह रही कि मुजफ्फरपुर के मेडिकल ओवरब्रिज से लेकर कांटी थाना क्षेत्र के लालू मोड़ तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और दोनों लेन पूरी तरह पैक हो गईं। देर शाम शुरू हुआ ये महाजाम रात 12 बजे तक जारी रहा। सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियां घंटों रेंगती रहीं। हालात इतने खराब हो गए कि आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे का समय लग रहा था। जाम की भयावह स्थिति के बीच कहीं भी पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी। अहियापुर और कांटी थाना की गश्ती गाड़ियां जाम देखकर पीछे लौट गईं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। महाजाम में आधा दर्जन एंबुलेंस, बारातियों की गाड़ियां और दर्जनों मरीजों के परिजन फंसे रहे। एम्बुलेंस में मौजूद मरीज गंभीर असुविधा झेलते रहे, जबकि शादी में शामिल होने जा रहे बाराती भी घंटों जाम में अटके रहे। जाम की शुरुआत कांटी थाना क्षेत्र के शनिचरा स्थान मोड़ से हुई, जहां शहर से लौटने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने पर अचानक गाड़ियां रुकनी शुरू हो गईं। इसके बाद धीरे-धीरे जाम गहराता गया। हालात और बिगड़ गए जब मेडिकल ओवरब्रिज और एनएच 57 मोड़ की ओर से दूसरी लेन में भी उल्टी दिशा से वाहन घुसने लगे। इससे शनिचरा स्थान से मेडिकल ओवरब्रिज तक दोनों लेन पूरी तरह ठप हो गईं। दोनों लेन जाम होने का असर आगे तक पड़ा और सदातपुर मोड़ से लेकर कांटी के लालू मोड़ और चांदनी चौक तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम लगातार बढ़ता गया और देर रात तक लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना रहा।

मुजफ्फरपुर में सनसनी: सरपंच के घर पर अंधाधुंध फायरिंग, इलाके में दहशत

. मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर से एक सनसनीखेज वारदात की खबर सामने आ रही है। दरअसल यहां बदमाशों ने ग्राम सरपंच के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई। मिली जानकारी के अनुसार, वारदात हरिनारायणपुर वार्ड संख्या 9 में ग्राम पंचायत के सरपंच सतीश कुमार सिंह के घर की है। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर शाम कुछ बदमाश उनके आवास स्थान पर पहुंचे। इसके बाद वहां आकर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरु कर दी। वहीं गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा। पर गनीमत रही कि इस हमले में सरपंच और उनके परिवार को कोई हानि नहीं पहुंची। हालांकि वारदात के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ। इधर घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से 6 खोखे भी बरामद किए हैं। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुट गई है।

नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर हादसे पर शोक जताया, मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना की प्रकट

मुजफ्फरपुर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र में भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि यह दुर्घटना काफी दु:खद है। उन्होंने इस दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दु:ख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

बागमती के बाद अब बूढ़ी गंडक: मुजफ्फरपुर में मंडराया बाढ़ का खतरा

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी के बाद अब बूढ़ी गंडक नदी भी उफान पर आ गई है। बागमती नदी जहां पहले से ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और तटवर्ती इलाकों में कटाव मचा रही है, वहीं अब शहर के बीच से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक के जलस्तर में भी तेजी से इजाफा देखा जा रहा है। नेपाल और तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण जिले की नदियों में पानी बढ़ गया है, जिससे बाढ़ का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है। बताया जा रहा है कि बागमती नदी ने औराई, कटरा और गायघाट में रौद्र रूप धारण कर लिया है, जबकि अब बूढ़ी गंडक भी उफान पर है और आसपास के इलाकों में पानी फैलने लगा है। स्थिति को देखते हुए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों में दहशत का माहौल है। विशेषकर मुजफ्फरपुर शहर क्षेत्र के शेखपुर ढाब, अखाड़ा घाट, नाजीरपुर, लकड़ी ढाई, चंदवारा, आश्रम घाट और सिकंदरपुर जैसे इलाकों में खतरा बढ़ गया है, क्योंकि ये क्षेत्र बूढ़ी गंडक नदी के किनारे बसे हैं। अगर जलस्तर में और वृद्धि हुई, तो शहर के निचले इलाकों में पानी घुसने की संभावना है। जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड अपनाया है। संबंधित विभागों को तटबंधों की निगरानी और मरम्मत का निर्देश दिया गया है। जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को लगातार मॉनिटरिंग के आदेश दिए गए हैं। इधर, बागमती नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिले के तीन प्रखंडों के कई गांवों में नदी का पानी घुस चुका है। कई स्कूलों में जलभराव होने से पठन-पाठन कार्य बाधित है, जबकि सड़कों पर पानी बहने से आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने संबंधित प्रखंडों के अंचल अधिकारियों और जल संसाधन विभाग को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

बिहार में हवाई सफर का विस्तार: मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट के लिए शुरू हुई प्रक्रिया

रांची बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बताया कि मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डे के विकास और उन्नयन की एक महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी है। सम्राट चौधरी ने बयान जारी कर बताया कि इस परियोजना के तहत मौजूदा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन योग्य बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत प्री-फैब स्टील संरचना आधारित टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियडर् एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियडर् अग्निशमन केंद्र तथा अन्य सहायक भवन और सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। यह संपूर्ण कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर संपन्न किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 28.58 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य की अवधि 11 माह तय की गई है, एयरपोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने इस परियोजना के लिए ऑनलाइन ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्रीय संपर्क, निवेश और पर्यटन को मिलेगी नई गति उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डे का उन्नयन उत्तर बिहार में हवाई सेवा का विस्तार है। इससे क्षेत्रीय संपर्क, निवेश और पर्यटन को नई गति मिलेगी। साथ ही उत्तर बिहार के लोगों को आधुनिक और बेहतर हवाई सेवा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम बिहार को विमानन क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करेगा और राज्य के आर्थिक तथा सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी और प्रदेश में नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार, बिहार में हवाई सेवा को विश्वस्तरीय बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल में ही पटना के लोक नायक जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डा का जहां कायाकल्प हुआ है, वहीं गया हवाई अड्डा को भी अपग्रेड किया गया है। सूबे में उड़ान योजना के तहत दरभंगा और पूर्णिया हवाई अड्डा से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए हवाई सेवा का लाभ बिहार के लोगों को मिल रहा है। और अब इसी कड़ी में मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डा का विकास इसे नई उंचाई पर पहुंचाएगा।

मुजफ्फरपुर में आज विशेष आगमन: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का माता चामुंडा देवी मंदिर दर्शन

मुज्जफरपुर भारत के नवनियुक्त उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में माता चामुंडा देवी के दर्शन और पूजन के लिए आएंगे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने दो दिन पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं, जो पूरी कर ली गई हैं। उपराष्ट्रपति कटरा प्रखंड स्थित शक्तिपीठ माता चामुंडा देवी में विशेष आस्था के साथ दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। यह उनकी दूसरी बार इस मंदिर में आने की जानकारी है। इससे पहले 15 जून 2010 को वे मुजफ्फरपुर आए थे और माता चामुंडा देवी के दर्शन कर चुके हैं। उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह उनका पहली बार बिहार का दौरा है। उन्होंने नवरात्रि पर्व के दौरान इस क्षेत्र आने की इच्छा जताई थी, क्योंकि माता चामुंडा देवी के प्रति उनकी विशेष आस्था है। उपराष्ट्रपति दिल्ली से सीधे पटना पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से मुजफ्फरपुर आएंगे। दर्शन और पूजन के बाद वे वहीं से वापस लौट जाएंगे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरे कर लिए हैं। देर रात तक प्रशासन के आला अधिकारी स्थल का जायजा लेते रहे और हर बिंदु पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। माता चामुंडा देवी का मंदिर कटरा गढ़ में बागमती और लखनदेई नदियों के संगम पर करीब 85 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी स्थान पर माता दुर्गा ने राक्षस चंड और मुंड का वध किया था। नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजन और दर्शन होते हैं, जिसके कारण यहां भक्तों की भीड़ हमेशा रहती है। उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट पर है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।