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नीतीश कुमार पर उपेंद्र कुशवाहा का बयान: ‘CM थे, हैं और रहेंगे’

 पटना बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों और मुलाकातों का दौर जारी है। रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री आवास से बाहर आने के बाद मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। इसमें कहां कोई दुविधा है। पहले से ही बिल्कुल क्लियर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थे, हैं और आगे भी रहेंगे। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को सोमवार को पटना बुलाया है। ऐसी संभावना है कि कल शाम विधायत दल की बैठक के बाद शपथ की तारीख तय की जा सकती है तो वहीं मंत्रियों के नामों पर भी चर्चा संभव है। इधर सीएम से मिलने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा कि सब बहुत जल्द ही तय हो जाएगा और 2-4 दिन के अंदर ही सरकार गठन हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एकदम ठीक हैं और वो सभी चीजों को खुद ही देख रहे हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) अब सरकार गठन की तैयारियों में जुट गया है। इससे पहे शनिवार को गठबंधन दलों के नेता मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात के लिए एक-एक कर यहां उनके सरकारी आवास पहुंचे। इनमें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी शामिल रहे, जो इस संभावना से उत्साहित हैं कि उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) भी राज्य सरकार का हिस्सा हो सकती है। चिराग पासवान ने पत्रकारों से कहा, “मैंने नीतीश कुमार जी को विजय की बधाई दी। राजग की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि हमारे बीच किसी तरह का मतभेद नहीं था। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ने उन सीट पर भी प्रचार किया जहां हमारे प्रत्याशी थे। हमने भी में जदयू प्रत्याशी का समर्थन किया, जो हमारा गृह क्षेत्र माना जाता है।” राजग के अन्य सहयोगी, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के नेता संतोष कुमार सुमन ने भी कहा कि नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए। संतोष कुमार सुमन केंद्रीय मंत्री और गया से सांसद जीतन राम मांझी के पुत्र हैं। जदयू प्रमुख से मुलाकात के बाद सुमन ने कहा, “मेरा मानना है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। अगले दो-तीन दिनों में सब तय हो जाएगा।” मुख्यमंत्री निवास पहुंचने वालों में भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव भी शामिल थे, जिनकी राजनीतिक वापसी इस बार दानापुर विधानसभा सीट से जीत के साथ हुई है।  

लालू परिवार में उथल-पुथल: तेजप्रताप को बाहर किया, अब रोहिणी पर फेंकी चप्पल

पटना बिहार चुनाव में राजद की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। परिवार और पार्टी से निकाले जाने के बाद लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अलग पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में कूदे। वहीं अब उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति से संन्यास लेकर परिवार से दूरी की घोषणा कर दी है। दोनों घटनाओं में एक बात समानता है। लालू-राबड़ी के दोनों संतानों ने तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर इसका ठीकरा फोड़ा है। तेजप्रताप यादव ने तो तेजस्वी के इन करीबियों को जयचंद तक कहा और धोखा देने का आरोप लगाया। बिहार में चुनाव अभियान शुरू होते ही तेजप्रताप यादव ने पारिवारिक और सियाली मतभेदों के बीच अपनी अलग पार्टी बना ली। यह फैसला राजद की एकजुटता पर बड़ा सवाल था। हालांकि राजद ने इसे व्यक्तिगत निर्णय बताया, लेकिन यह स्पष्ट था कि पार्टी नेतृत्व खासकर तेजस्वी यादव अपने बड़े भाई को साथ रखने में असफल रहे। रोहिणी की विदाई, नए संकट की दस्तक चुनाव परिणाम आने के 24 घंटे के भीतर रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार दोनों से दूरी की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने पोस्ट में तेजस्वी के करीब माने जाने वाले संजय यादव और रमीज नेमत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हीं दोनों की वजह से वह परिवार से बाहर कर दी गईं। रोहिणी ने तो यहां तक कहा कि अगर इनसे राजद की हार पर सवाल पूछे जाएंगे तो उन्हें चप्पल से पीटा जा सकता है। पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी ने मीडिया से कहा, “अब मेरा कोई परिवार नहीं है। तेजस्वी, संजय यादव और रमीज से पूछिए। उन्होंने ही मुझे अपमानित कर घर से निकाला।” रोहिणी पर फेंकी चप्पल आज भी उन्होंने एक पोस्ट कर हमला किया है। रोहिणी लिखती हैं, 'कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला और एक मां को जलील किया गया। गंदी गालियां दी गईं। मारने के लिए चप्पल उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी। कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए माँ-बाप और बहनों को छोड़ आयी। मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें। किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी या बहन पैदा ना हो।' तेजस्वी यादव पिछले एक दशक से राजद की मुख्य नेतृत्व शक्ति बने हुए हैं। लेकिन जैसे-जैसे उनका राजनीतिक कद बढ़ा, परिवार के भीतर असहमति भी बढ़ती दिखी। तेज प्रताप अलग रास्ते पर निकल पड़े हैं। लालू यादव भी सक्रिय राजनीति में नहीं हैं। मीसा भारती पहले ही सक्रिय राजनीति में चुनौतियों का सामना कर रही हैं। अब रोहिणी ने भी परिवार और पार्टी का साथ छोड़ दिया है। आपको बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में राजद का काफी खराब प्रदर्शन रहा। लालू यादव की पार्टी की सीटें 75 से घटकर 25 रह गईं। हार के बाद तेजस्वी पर सवाल बढ़ रहे हैं। हालांकि वह अब तक मीडिया के सामने नहीं आए हैं। ऐसे माहौल में रोहिणी की नाराजगी परिवार की अंदरूनी दरारों को और उजागर कर देती है।  

झारखंड में ठंड का प्रकोप तेज: 11 जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट

रांची  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को झारखंड के रांची समेत 11 जिलों के लिए 17 नवंबर तक शीतलहर(Cold Wave Alert) की चेतावनी जारी की। आईएमडी ने गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रामगढ़, रांची और हजारीबाग के लिए 17 नवंबर सुबह 8:30 बजे तक ‘येलो अलर्ट' जारी किया। खूंटी सबसे ठंडा आईएमडी के रांची स्थित कार्यालय के उप-निदेशक और मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया, “इन 11 जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।” उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में चतरा, लातेहार, पलामू और गढ़वा जैसे उत्तर-पश्चिमी भागों के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। खूंटी में तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और इसके साथ ही राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। घना कोहरा छाए रहने की संभावना,  दृश्यता होगी प्रभावित वहीं डाल्टनगंज में 9.3 डिग्री सेल्सियस और रांची में 9.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बुलेटिन में बताया गया कि जमशेदपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस, लोहरदगा में 9.7 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में दृश्यता प्रभावित होगी। आईएमडी ने साथ ही लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।

25वां झारखंड स्थापना दिवस: CM और राज्यपाल ने दी बधाई, बिरसा मुंडा के योगदान को किया नमन

रांची  झारखंड स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुभकामनाएं दी। बता दें कि झारखंड 2000 में बिहार से अलग करके बनाया गया था। 15 नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस होने के साथ ही आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती भी है। झारखंड स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, 'समस्त झारखण्ड वासी अपने वीर सपूत उलगुलान के महानायक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को उनकी 150वीं जयंती पर नमन करते हैं। धरती आबा के आदर्शों पर चलकर ही वीर शहीदों ने अलग झारखण्ड राज्य की परिकल्पना को साकार किया, जिसका प्रतिफल है आज 25 वर्ष का युवा झारखण्ड धरती आबा को जोहार कर रहा है।' राज्यपाल गंगवार ने भी दीं शुभकामनाएं झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर राज भवन में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और झारखण्ड स्थापना दिवस पर सभी राज्यवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। श्री गंगवार ने लिखा 'महान स्वतंत्रता सेनानी धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। भगवान बिरसा मुंडा ने अल्पायु में ही मातृभूमि और जनजातीय अस्मिता की रक्षा के लिए जो अछ्वुत संघर्ष किया, वह सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। समस्त देशवासियों को‘जनजातीय गौरव दिवस'की हार्दिक शुभकामनाएँ। झारखण्ड आज अपने स्थापना के 25 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर रहा है, यह विभिन्न क्षेत्रों में हमारी प्रेरणादायक प्रगति का प्रतीक है। मैं आप सभी की सुख-समृद्धि और राज्य की निरंतर उन्नति की कामना करता हूँ।   

चिराग और नीतीश की बैठक ने बढ़ाई हलचल: सत्ता संरचना को लेकर चर्चाएँ तेज

पटना बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को प्रचंड बहुमत के बाद नीतीश कुमार का दसवीं बार मुख्यमंत्री बनना परिणाम आने के साथ ही स्पष्ट हो गया था। शुक्रवार दोपहर जैसे ही रुझान आना शुरू हुआ, एनडीए में खुशी की लहर दौड़ गई। शाम होते-होते सीएम आवास में चहलकदमी बढ़ गई। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर के अलावा भारतीय जनता पार्टी के भी कई नेताओं ने सीएम आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी। दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। इसके बाद भाजपा सहित एनडीए के बाकी दलों ने भी एक-एक कर सीएम नीतीश को बधाई दी और नई पारी की शुभकामनाएं भी। आज, यानी शनिवार सुबह से ही गहमागहमी है। चिराग पासवान सीएम नीतीश कुमार को बधाई देने पहुंचे। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लिखा कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के पश्चात आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर उन्हें एनडीए के प्रचंड बहुमत की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इसलिए, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की और उन्हें बधाई दी। पटना में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बताया कि लोजपा (रा.) के प्रतिनिधियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर सरकार गठन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2020 में लोजपा (रा.) की चुनावी हार के लिए कई लोग ज़िम्मेदार थे और पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए उन्होंने संघर्ष किया। चिराग पासवान ने यह भी कहा कि बिहार चुनाव अभियान के दौरान यह झूठा नैरेटिव तैयार किया गया था कि जदयू और लोजपा (रा.)) के बीच मतभेद हैं। कुछ लोग जदयू और लोजपा (रा.) के बारे में भ्रम फैला रहे थे, वे सिर्फ एक गलत कहानी सेट कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए में शामिल हर गठबंधन सहयोगी की भूमिका की सराहना की है, और उन्होंने जदयू और लोजपा (रा.) के बीच "गलत कहानी" बनाने वाले विपक्ष पर निशाना साधा। मैं बहुत खुश हूं कि मुख्यमंत्री ने एनडीए में शामिल हर गठबंधन सहयोगी की भूमिका की सराहना की। जब वह वोट देने गए तो उन्होंने लोजपा (रा.)  उम्मीदवार का समर्थन किया। आलाउली, जहां मैं वोट देता हूं, मैंने जदयू उम्मीदवार का समर्थन किया।   प्रचंड बहुमत के बाद अब होगा नई सरकार का गठन बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में 125 सीटें लाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का आंकड़ा इस चुनाव में 202 पहुंच गया। शुक्रवार को आए चुनाव परिणाम में एनडीए के घटक दल- भारतीय जनता पार्टी ने 89, जनता दल यूनाईटेड ने 85, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने चार सीटें जीतीं। दूसरी तरफ, विपक्ष का नेता बनाने लायक परिस्थिति भी महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय जनता दल को नहीं मिल सका। महागठबंधन में राजद ने 25, कांग्रेस ने छह, भाकपा माले ने दो, इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने एक-एक सीटें जीतीं। मतलब, कुल 35 सीटें महागठबंधन के पास आईं। अन्य में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन, यानी AIMIM ने पांच और बहुजन समाज पार्टी ने एक सीट हासिल की है। बहुमत के आंकड़े से 80 अधिक सीटें जीतने के साथ ही एनडीए सरकार की वापसी हो गई। मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण की तैयारी तेज हो गई। मांझी-कुशवाहा-प्रधान से बात करने के बाद आगे की तैयारी भाजपा के बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के साथ ही आज केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा आदि के साथ भी आगे की बात होनी है। इस बातचीत में संजय झा के अलावा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के मौजूद रहने की बातें सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि आज ही शपथ ग्रहण की तारीख तय होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अगली सरकार के मंत्रियों का कोटा भी आज तय होगा। इसमें विधायकों के हिसाब से प्रतिनिधित्व तय करने की सहमति बाहर-बाहर हो चुकी है।

झारखंड के 25वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने दी बधाई

रांची मोदी ने जनजातीय अधिकार नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की विरासत को याद करते हुए कहा, ‘‘जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।'' झारखंड 2000 में बिहार से अलग करके बनाया गया था। 15 नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस होने के साथ ही आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती भी है। 

नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की अटकलें: नया शपथ ग्रहण कब होगा?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने तीन चौथाई से भी बड़े बहुमत के साथ राज्य के चुनावी इतिहास में अभूतपूर्व तथा अप्रत्याशित जीत दर्ज की है और विपक्षी महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है। कुल 243 सदस्यीय विधान सभा के चुनाव की शुक्रवार को हुई मतगणना में अब तक प्राप्त नतीजों और रुझानों में राजग को 202 और महागठबंधन को 35 सीटें मिली हैं जबकि छह सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजय हुए हैं। वहीं अब बिहार के सियासी गलियारों में नई सरकार का गठन कब होगा, इस विषय पर चर्चा चल रही है। नीतीश कुमार 10वीं बार लेंगे CM पद की शपथ? बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि सीएम नीतीश कुमार आज राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप सकते है। साथ ही शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी चर्चा कर सकते है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक 18वीं विधानसभा का गठन हो सकता है। NDA ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 202 सीटों पर कब्जा करते हुए प्रचंड जीत हासिल की। इसी रिकार्ड तोड़ जीत के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने को तैयार हैं। हालांकि, अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। गौरतलब हो कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सबसे अधिक वोट प्रतिशत हासिल किया है। Election Commission Data के अनुसार RJD को 23% वोट शेयर मिला, जबकि BJP को 20.08% और JDU को 19.25% वोट मिले। इसके बावजूद दोनों एनडीए दलों ने आरजेडी से कहीं ज्यादा सीटें जीत लीं। RJD का वोट प्रतिशत ज्यादा होना उसकी सत्ता तक की दूरी को कम नहीं कर सका क्योंकि— उसने सबसे ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारे। कई सीटों पर बड़ा मार्जिन मिला पर सीटें नहीं बढ़ीं। महागठबंधन का कुल वोट शेयर NDA के मुकाबले काफी कम था। BJP-JDU का रणनीतिक सीट प्रबंधन ज्यादा कारगर रहा। यही वजह है कि RJD Highest Vote Share Winner होने के बावजूद Seat Tally में कमजोर साबित हुई।

पुलिस विभाग में खुशखबरी: 54 सब-इंस्पेक्टर्स को मिला प्रमोशन

रांची  झारखंड पुलिस के 54 सब इंस्पेक्टरों को इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति दी गई है। यह प्रोन्नति पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा जारी आदेश के तहत दी गई है। इस आदेश में साफ कहा गया है कि प्रोन्नति केवल उन्हीं सब इंस्पेक्टर्स को मिलेगी जिनके खिलाफ न्यायालय में कोई मामला विचाराधीन नहीं है। अगर किसी नवप्रोन्नत इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई आपराधिक मामला चल रहा हो, विभागीय कार्यवाही लंबित हो या पिछले तीन वर्षों के अंदर उन्हें कोई बड़ा दंड मिला हो, तो उनकी प्रोन्नति रोक दी जाएगी। ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित नियंत्री पदाधिकारी डीआईजी को देंगे ताकि उचित कारर्वाई की जा सके।       इन 54 आईआरबी सब इंस्पेक्टर (स) को इंस्पेक्टर(स) रैंक में मिली प्रोन्नति उनमें से विजय पासवान, जूनू हेंब्रम, बांडा उरांव, विद्यासागर पाल, महावीर सिंह, ध्रुव कुमार मिश्रा, रस्सीलाल मुर्मू, मनोज कुमार, सहदेव सोरेन, गोबिंद मरांडी, योगानंद झा, जगदेव मोची, बालेश्वर उरांव, वेंकट रमन, गणेश मुर्मू, सुशील बेसरा, महावीर किस्कू, राजदेव भैया, राजेश कुमार सिंह, फलेश्वर महतो, गोपाल शरण, सनातन हेंब्रम, राघवेंद्र कुमार, अमोद कुमार, प्रभाष कर्मकार, सदानंद झा, श्रीकांत दुबे, मनोज हरिजन, निरंजन चौधरी, सुरेंद्र सिंह, राजेश यादव, अजय कुमार, अक्षय झा, विभूति हांसदा, सुशील मरांडी, डेविड विल्सन लकड़ा, सुनीराम मरांडी, नुनूराम महरा, दामोदर सिंह, जोहन मरांडी, जयमंगल मुर्मू, कमलेश्वर राम, हेंगल बास्की, हरेन हेंब्रम, प्रकाश बैठा, लडडू गोपाल मरांडी, बलेकिशोर टुडू, सुखानी जमुदा, गौर चन्द कोल, रोहित रंजन और मधुसूदन प्रसाद शामिल है।  

बीजेपी के धमाकेदार प्रदर्शन पर कांग्रेस हैरान: ‘हमारा 1984 भी फीका पड़ गया’

नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए 243 में से 202 सीटें अपने नाम की हैं। इसने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन को करारी हार दी। इस बीच, कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए परिणामों की जांच की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में यह बयान दिया। कांग्रेस के 61 प्रत्याशियों में सिर्फ छह ही एनडीए की लहर में अपनी जीत बचा पाए। अजय माकन ने कहा कि 'शुरुआत से ही पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा हुआ था। जब ऐसा है, तो परिणाम भी इस तरह अप्रत्याशित आएंगे। कभी ऐसा स्ट्राइक रेट नहीं रहा। 1984 में भी कांग्रेस का स्ट्राइक रेट ऐसा नहीं था, जैसा इन चुनावों में बीजेपी का है। बीजेपी का 90 परसेंट से भी ऊपर का स्ट्राइक रेट.. किसी को भी उम्मीद नहीं थी और इसमें दाल में काला नजर आता है। हमने अपने गठबंधन सहयोगियों से बात की है। सभी का मानना है कि ये अप्रत्याशित परिणाम हैं और इनकी जांच होनी चाहिए, डेटा का विश्लेषण होना चाहिए। बिहार भर से हमारे कार्यकर्ताओं के फोन आ रहे हैं कि अनियमितताएं हुई हैं और इसकी जांच होनी चाहिए। हमारे लोग डेटा इकट्ठा कर रहे हैं, हम फॉर्म 17 सी, मतदाता सूची देखेंगे और फिर तथ्यों और डेटा के साथ आपके सामने आएंगे।' कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एनडीए की इस ऐतिहासिक जीत को ‘ब्रैंड मोदी नीतीश’ के रूप में देखा जा रहा है। इसके उलट, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन 34 सीट पर सिमट गया। बैठक के बाद खरगे के आवास से निकलते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बिहार से जो नतीजे आए हैं, वे हम सभी के लिए अविश्वसनीय हैं… हमारे गठबंधन दल इस पर विश्वास नहीं कर रहे हैं… हम आंकड़े इकट्ठा कर रहे हैं और गहन विश्लेषण कर रहे हैं, और 1-2 हफ्ते के भीतर हम ठोस सबूत पेश करेंगे… चुनाव आयोग पूरी तरह से एकतरफा है… यह प्रक्रिया संदिग्ध है…" बिहार के चुनाव नतीजों पर राहुल, खरगे ने किया मंथन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर चर्चा की। बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और महगठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस सिर्फ छह सीट पर सिमट गई है। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल, पार्टी कोषाध्यक्ष अजय माकन और पार्टी के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेताओं ने बिहार में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर चर्चा की। पार्टी ने बिहार में 61 सीट पर चुनाव लड़ा था और केवल छह सीट ही जीत पाई। वर्ष 2010 के बाद बिहार में पार्टी का यह दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन था। उसने 2010 में केवल चार सीट जीती थीं। स के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे को चौंकाने वाला करार दिया था और कहा था कि विपक्षी गठबंधन एक ऐसे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सका, जो शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस पार्टी और 'इंडिया' गठबंधन इस परिणाम की गहराई से समीक्षा करेंगे।

तेजस्वी की RJD को सबसे ज्यादा वोट, लेकिन NDA ने जीतीं ज्यादा सीटें

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) केवल 25 सीटें जीत सका। राजद ने कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन की अगुवाई की और 143 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे। सीटों की संख्या के लिहाज से शर्मनाक प्रदर्शन के बावजूद तेजस्वी यादव के लिए एक अच्छा संकेत रहा। आरजेडी ने इन चुनाव में किसी भी दूसरी पार्टी की तुलना में सबसे अधिक वोट शेयर हासिल किए। राजद के खाते में 23 प्रतिशत वोट शेयर आए। पिछले विधानसभा चुनाव के 23.11 प्रतिशत से यह थोड़ा कम रहा, जब पार्टी ने 144 उम्मीदवार उतारे थे। भारतीय जनता पार्टी का वोट शेयर 19.46% से बढ़कर इस बार 20.07% हो गया। बीजेपी ने इस बार 101 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि पिछले चुनाव में 110 निर्वाचन क्षेत्रों पर उम्मीदवार उतारे थे। वोट शेयर कुल डाले गए वोटों से किसी राजनीतिक पार्टी या उम्मीदवार को मिलने वाले मत का प्रतिशत होता है। वोट शेयर मतदाताओं के बीच पार्टी की लोकप्रियता या समर्थन के बारे में बहुत कुछ बताता है। तेजस्वी यादव की आरजेडी का वोट शेयर सबसे अधिक रहा तो फिर पार्टी ज्यादा सीटें क्यों नहीं जीत पाई? चलिए समझते हैं। कई सीटों पर रही टक्कर राजद का वोट शेयर दर्शाता है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी दूसरे या तीसरे स्थान पर रही होगी, जहां उसने काफी वोट तो इकट्ठे किए लेकिन जीत की रेखा पार करने के लिए काफी नहीं था। इससे उसके कुल वोट शेयर में इजाफा होता है, लेकिन सीटों की संख्या में नहीं बढ़ती। इससे यह भी पता चलता है कि भले ही कुल मिलाकर उसे बहुत वोट मिले हों, लेकिन वे वोट उन निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे। तेजस्वी की पार्टी कई सीटों पर टक्कर देते हुए पीछे रह गई। सहयोगी दलों का खराब प्रदर्शन महागठबंधन में RJD के सहयोगियों का प्रदर्शन भी फ्लॉप रहा। कांग्रेस ने 61 सीटों में से सिर्फ 6 पर जीत दर्ज की। सीपीआई(एमएल)एल ने 2 सीटें और सीपीआई(एम) ने एक सीट पर जीत हासिल की। सीपीआई तो अपना खाता भी नहीं खोल पाई। मुकेश सहनी की वीआईपी का हाल भी ऐसा ही रहा। VIP ने 15 सीटों पर कैंडिडेट खड़े किए थे लेकिन एक पर भी विजय नहीं मिली। ऐसे में महागठबंधन को कुल 35 सीटों से संतोष करना पड़ा। वहीं, एनडीए ने 202 सीटें हासिल कीं, जिसमें भाजपा का योगदान 89 सबसे बड़ा रहा। इसके बाद जदयू को 85, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 19, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) को 5 और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें मिलीं।