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चुनावी सफलता के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई: भाजपा ने आरके सिंह को किया निलंबित

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की जीत के अगले दिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया है। भाजपा ने उन्हें नोटिस भेजकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर जवाब भी मांगा गया है। आरा से भाजपा के पूर्व सांसद और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रह चुके आरके सिंह बीते लंबे समय से पार्टी में सक्रिय नहीं हैं। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते यह कार्रवाई की गई। भाजपा ने शुक्रवार को MLC अशोक अग्रवाल और कटिहार की मेयर उषा अग्रवाल को भी कारण बताओ नोटिस भेजा। बिहार भाजपा की ओर से भेजे गए नोटिस में आरके सिंह से कहा गया कि उनकी गतिविधियां पार्टी के विरोध में है, इसे गंभीरता से लिया गया है। इसलिए उन्हें निलंबित करते हुए कारण पूछा जा रहा है, कि उन्हें पार्टी से निष्कासित क्यों न कर दिया जाए। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आरके सिंह ने भाजपा नेताओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सम्राट चौधरी को तारापुर से वोट नहीं देने की अपील भी की थी। आरके सिंह ने एनडीए द्वारा अनंत सिंह, विभा देवी समेत दागदार नेताओं को टिकट देने पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा शाहाबाद क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा की चुनावी रैलियों में आरके सिंह नहीं नजर आए थे। हालांकि, चुनाव के दौरान अपनी ही पार्टी और गठबंधन के नेताओं को घेरने वाले आरके सिंह पर भाजपा ने चुप्पी साधे रखी थी। चुनाव के दौरान उनपर कोई ऐक्शन नहीं लिया गया। जैसे ही इलेक्शन खत्म हुए और रिजल्ट आए, पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। फरवरी 2025 में आरके सिंह ने भोजपुर में एक कार्यक्रम के दौरान आरोप लगाया था कि भाजपा के कुछ नेताओं ने पैसा देकर भोजपुरी स्टार पवन सिंह काराकाट लोकसभा से निर्दलीय चुनाव लड़वाया था। उस चुनाव में काराकाट से एनडीए प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा की हार हुई थी। वहीं, आरा से अपनी हार की वजह भी आरके सिंह ने भाजपा के ही अंदर के नेताओं की साजिश बताई थी।  

ओवैसी की पार्टी का बड़ा दावा: पाँच सीटों के सहारे सरकार बनाने में मदद को तैयार, नीतीश–तेजस्वी से बातचीत के संकेत

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीतकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) बेहद उत्साहित है। सीमांचल में 5 सीटों को जीतने के बाद ओवैसी की पार्टी बिहार में सरकार बनाने का सपना भी देखने लगी है। इसके लिए उसने नया समीकरण गढ़ते हुए आरजेडी और जेडीयू को अपने साथ आने का ऑफर दिया है। इतना ही नहीं पार्टी ने मुख्यमंत्री पर पर भी दावेदारी पेश की है और बदले में नीतीश कुमार को 2029 में पीएम उम्मीदवार बनाने का वादा किया गया है। एआईएमआईएम बिहार के एक्स हैंडल पर यह पेशकश की गई है। एआईएमआईएम बिहार के आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा गया कि अभी भी सरकार बनाने का मौका है। पार्टी का कहना है कि जेडीयू, राजद, कांग्रेस, आईएमआईएम, सीपीआईएमएल, सीपीआईएम मिल जाएं तो सरकार बन सकती है। गौरतलब है कि जेडीयू के पास 85 तो आरजेडी के पास 25 सीटें हैं। वहीं कांग्रेस और एआईएमआईएम ने क्रमश: 6 और 5 सीटों पर कब्जा जमाया है। सीपीआई-एमएल और सीपीआई एम ने 3 सीटों पर जीत हासिल की है। इनका योग 124 होता है, जोकि बिहार में बहुमत के जादुई आंकड़े 122 से दो अधिक है। एआईएमआईम ने कल्पना के घोड़े इतने तेज दौड़ाए कि कैबिनेट की तस्वीर तक बना डाली। पार्टी ने कहा कि उसका मुख्यमंत्री होगा जबकि जेडीयू के कोटे से दो डिप्टी सीएम और 20 मंत्री बनाए जा सकते हैं। राजद को 6 मंत्री दिए जा सकते हैं तो कांग्रेस के पास दो मंत्री पद होगा। सीपीआईएमएल और सीपीआईएम से एक-एक मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा नीतीश कुमार को 2029 में प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाया जाएगा ओवैसी की पार्टी ने कहा, 'हम, हमेशा जोड़ने की राजनीति करते हैं, तोड़ने की नहीं। इसीलिए अभी भी मौका है।'

Bihar News: तेजस्वी यादव के सामने करारी हार ने खड़ी की बड़ी चुनौती

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की भारी हार ने पार्टी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राघोपुर से तेजस्वी यादव खुद भी कई राउंड की कड़ी टक्कर के बाद जीत दर्ज कर सके, जबकि पार्टी की सीटें घटकर केवल 25 पर सिमट गईं। इस लड़ाई ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपको बता दूं कि विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव को अपने परिवार में भी आपसी लड़ाई का सामना करना पड़ा था। 2020 में तेजस्वी ‘परिवर्तन का चेहरा’ बनकर उभरे थे। 10 लाख सरकारी नौकरियों का उनका वादा चुनावी माहौल पर पूरी तरह हावी था और इसका परिणाम यह हुआ कि आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन इस बार 'हर परिवार को एक सरकारी नौकरी' का उनका वादा युवाओं ने खोखला माना, खासकर तब जब नौकरी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सड़क पर उतरे युवाओं के बीच तेजस्वी कई मौकों पर नदारद रहे। परिवार में दरार और शुरुआती झटका लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। चुनाव अभियान की शुरुआत में ही परिवार के भीतर विवाद उभर आया और बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने अलग पार्टी बना ली। इससे आरजेडी को शुरुआती चरण में ही नुकसान झेलना पड़ा। नीतीश कुमार की एनडीए रणनीति का मुख्य आधार महिलाएं थीं, वहीं आरजेडी इस वर्ग को आकर्षित करने में असफल रही। तेजस्वी की रैलियों में महिलाओं की उपस्थिति लगभग नगण्य रही। इसके विपरीत, नीतीश कुमार की रैलियों में करीब 60% भीड़ महिलाओं की थी। एनडीए ने महिलाओं को चुनाव पूर्व 10,000 नकद सहायता की घोषणा का प्रभावी प्रचार किया। तेजस्वी ने इसका जवाब 30,000 देने की घोषणा से देने की कोशिश की, पर यह देर से और अप्रभावी साबित हुई। अंतिम समय में सामाजिक समीकरण बनाने का प्रयास भी असफल रहा। सीट बंटवारे को लेकर स्थिति आखिरी दिन तक स्पष्ट नहीं हो सकी और 10 सीटों पर INDIA गठबंधन के दल ही एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते दिखे। आरजेडी ने वीआईपी (मुकेश सहनी) और आईआईपी (आईपी गुप्ता) को शामिल किया। सहनी को डिप्टी सीएम चेहरा घोषित करने के बावजूद निषाद समुदाय उनसे दूर रहा। वीआईपी एक भी सीट नहीं जीत सकी। कांग्रेस 61 में से केवल 6 सीटों पर जीती। मुस्लिम-यादव (MY) वोटों में भी सेंध दिखी। सीमांचल में AIMIM ने बेहतर प्रदर्शन किया और कई महत्वपूर्ण सीटें हाथ से निकल गईं। 6 अक्टूबर को चुनाव की घोषणा के बाद तेजस्वी ने 7 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, लेकिन 22 अक्टूबर तक प्रचार से दूर रहे। 22 अक्टूबर तक बनी यह ‘गायब रहने’ की छवि उनके खिलाफ गई। 23 अक्टूबर को INDIA गठबंधन द्वारा उन्हें सीएम फेस घोषित करने के बाद उन्होंने एक दिन में 15 से अधिक रैलियों के जरिए गति पकड़ने की कोशिश की, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार तब तक बहुमूल्य समय हाथ से निकल चुका था। ‘जंगल राज’ नैरेटिव का जवाब देने में असफलता एनडीए ने आरजेडी के खिलाफ 21 साल से चले आ रहे ‘जंगल राज’ के नैरेटिव को और मजबूत किया। तेजस्वी इसे प्रभावी ढंग से काट नहीं सके।

Bihar News: बिहार में सरकार गठन करने नीतीश के आवास पर बढ़ी हलचल

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीते के बाद अब नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। भाजपा, जेडीयू समेत अन्य घटक दलों में विमर्श का दौर शुरू हो गया है। चुनाव नतीजों की घोषणा के अगले दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर हलचल तेज है। जनता दल यूनाइडेट (जेडीयू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह सुबह ही सीएम आवास पहुंच गए। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी नीतीश से मिलने पहुंचे। बताया जा रहा है कि नई सरकार के शपथग्रहण, कैबिनेट गठन समेत अन्य मुद्दों पर एनडीए में मंथन चल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जेडीयू के वरीय नेता विजय चौधरी, श्याम रजक समेत अन्य नेताओं ने भी पटना के एक अणे मार्ग पहुंचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। नीतीश से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में लोजपा-रामविलास के मुखिया चिराग पासवान ने कहा कि वह एनडीए की जीत को लेकर सीएम का आभार जताने आए थे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इसलिए उनसे मुलाकात करने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। चिराग ने कहा कि नीतीश ने एनडीए के सभी घटक दलों की भूमिका को सराहा है। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग (महागठबंधन) लोजपा और जदयू के बीच तकरार की झूठी अफवाह फैला रहे थे। इस चुनाव में दोनों ही दलों ने एकजुटता दिखाते हुए एक-दूसरे के उम्मीदवारों को जिताने में मदद की। नीतीश ही अगले मुख्यमंत्री बनेंगे- जेडीयू नेता जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने सीएम आवास के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा, “पूरा एनडीए एकजुट है। सभी लोग नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़े, नीतीश ही हमारे नेता हैं और वी अगले मुख्यमंत्री भी बनेंगे।” एनडीए से किसकी कितनी सीटें-     भाजपा- 89     जदयू- 85     लोजपा आर- 19     हम- 5     रोलोमो- 4

Bihar News: मुजफ्फरपुर में शॉट सर्किट से हादसे में परिवार के पांच लोग जिंदा जले

मुजफ्फरपुर/पटना. बिहार के मुजफ्फरपुर में शॉट सर्किट से लगी आग में एक ही परिवार के पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई वहीं पांच अन्य झुलस गए। जख्मी एसकेएमसीएच में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। घटना जिले के मोतीपुर वार्ड 13 की बीती रात की है। जानकारी के मुताबिक स्थानीय गेना साह के घर में आग लगी थी जिसमें पूरा परिवार जल गया। जो घायल हैं उन्हें एसकेएमसीएच में रात में भर्ती कराया गया। मामले की पुष्टि डीएसपी वेस्ट सुचित्रा कुमारी ने की है। जानकारी के मुताबिक मरने वालों में दो बच्चे, उनके माता पिता और एक अन्य शामिल हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर कैंप कर रही है। बताया गया है कि रात में सभी घर में सोए थे। आग लगी तो किसी को पता नहीं चला। आग बढ़ती चली गई जिसमें सभी लोग घिर गए। जानकारी के मुताबिक मोतीपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 13 में गेना साह के घर में बिजली के शॉट सर्किट से आग लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक घटना देर रात तब हुई जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे। उन्हें आग लगने का पता ही नहीं चला। धुआं और लपटें उठते देखकर पड़ोसियों ने शोर मचाया। परिवार को जगाने की कोशिश की गई लेकिन तबतक देर हो चुकी थी। अंदर फंसे सदस्य बाहर नहीं निकल सके। सूचना मिलते ही मोतीपुर पुलिस और फायर ब्रगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और जले हुए लोगों को अस्पताल भेजा गया। पांच लोग तबतक जलकर मर चुके थे। झुलसे हुए पांच लोगों को एसकेएमसीएच भेजा गया जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने घायलों का समुचित इलाज करने का निर्देश दिया है।

Bihar News: बिहार में 2 नेताओं को ‘बड़ा आदमी’ बनाएगी भाजपा

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election) के दौरान भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार भाजपा के दो नेताओं के लिए जब चुनाव प्रचार में पहुंचे तो उन्होंने प्रचंड बहुमत से जीत दिलाने की अपील उन क्षत्रों की जनता से की थी। इसके बदले में उन्होंने इन दोनों नेताओं के 'बड़ा आदमी' बनाने का वादा उन विधानसभा क्षेत्रों की जनता से किया था। इनमें पहला नाम बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है। वहीं, दूसरा नाम सीतमढ़ी से चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू का है। तारापुर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे सम्राट चौधरी के पक्ष में जब मुंगेर पहुंचे थे तो उन्होंने लोगों से भाजपा के पक्ष में वोट डालने की अपील की थी। इस दौरान उन्होंने कहा, 'आप भरोसा रखिए। सम्राट चौधरी को प्रचंड बहुमत से जिताइए। मोदी जी सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाएं।' इसके अलावा उन्होंने मुंगेर के लिए किए गए विकास कार्यों का भी हिसाब किताब दिया। साथ ही बताया कि कैसे डबल इंजन की सरकार का फायदा बिहार को मिल रहा है। वहीं, सीतामढ़ी से चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंचे अमित शाह ने उन्हें अपना दोस्त बताया था। लोगों से अपील करते हुए कहा था, "सुनील कुमार पिंटू मेरा दोस्त है। आप इसे प्रचंड बहुमत से जिताओ। हम इसे बड़ा आदमी बनाएंगे।' आपको बता दें कि तारापुर में सम्राट चौधरी ने आरजेडी के अरुण कुमार को 45843 मतों से चुनाव हराया। भाजपा को यहां 122480 मत मिले थे। वहीं, अरुण कुमार के खाते में 76637 मत गए। सीतामढ़ी की बात करें तो यहां भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू को 104226 मत मिले। उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी सुनील कुमार को 5562 मतों से हराया।

NDA की जीत के बाद जनता की नजर इन 10 बड़े वादों पर, जिन्हें पूरा करना जरूरी

पटना /नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव के दो चरणों में हुए मतदान के बाद अब मतगणना हो रही है. अभी तक के रुझानों में एनडीए ने बढ़त बनाए रखते हुए 199 सीटें बरकरार रखी हैं. वहीं विरोधी महागठबंधन 38 सीटों पर ही सिमटी हुई है. एनडीए ने बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर लिया. बीजेपी 90 सीटों पर आगे है, जेडीयू 81, एलजेपी 21 और अन्य ने 7 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है. अभी तक के रुझानों में एनडीए ही जीत की तरफ बढ़ती नजर आ रही है.  अब जब एनडीए की जीत साफ-साफ दिखने लगी है तो इस पर भी बात होना लाजिमी है कि गठबंधन यानी नीतीश-मोदी की जोड़ी ने ऐसे कौन से वादे किए थे जिसने जनता को लुभाया और उसने अपने विश्वास को वोट के जरिए जीत में बदला. नजर डालते हैं उन 10 वादों पर जिन्हें बंपर जीत के बाद नीतीश-मोदी को पूरा करना होगा.  बता दें कि पहले चरण की वोटिंग से करीब हफ्तेभर पहले सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपना घोषणा पत्र जारी किया था. एनडीए के घोषणा पत्र में शिक्षा और रोजगार से लेकर महिलाओं और गरीब-किसान, सामाजिक न्याय तक, हर वर्ग के लिए लुभावने वादे शामिल किए गए थे. 1. पंचामृत गारंटी: सत्ताधारी एनडीए ने अपने घोषणा पत्र में गरीबों के लिए 'पंचामृत गारंटी' का वादा किया है. इसके तहत वादा किया गया है कि गरीबों को मुफ्त राशन, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देंगे.  2. 50 लाख नए पक्के मकान और सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी दी जाएगी. 3. एक करोड़ से अधिक नौकरी और रोजगार का वादा किया है. यह वादा किया गया है कि हर युवा को नौकरी और रोजगार देंगे.  4. हर जिले में अत्याधुनिक मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने, 10 नए औद्योगिक पार्क विकसित करने, कौशल जनगणना कराकर कौशल आधारित रोजगार देने का वादा भी एनडीए ने किया है.  5. हर जिले में मेगा स्किल सेंटर से बिहार को ग्लोबल स्किलिंग सेंटर के रूप में स्थापित किया जाएगा. 6. कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 3000 रुपये वार्षिक दिया जाएगा. सभी प्रमुख फसलों की पंचायत स्तर पर एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाएगी और प्रखंड स्तर पर फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के साथ ही एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर में एक लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा. दुग्ध मिशन शुरू कर चिलिंग और प्रोसेसिंग सेंटर प्रखंड स्तर पर स्थापित किए जाएंगे. 7. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को दो लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी. एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य लेकर काम करेंगे. मिशन करोड़पति के जरिये चिह्नित उद्यमियों को करोड़पति बनाने की दिशा में काम करेंगे. 8. केजी से पीजी तक मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे. स्कूलों में मिड-डे-मिल के साथ पौष्टिक नाश्ता और स्कूलों में आधुनिक स्किल लैब की व्यवस्था करेंगे. गरीबों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देंगे. 9. सात एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे. 3600 किलोमीटर रेल ट्रैक का आधुनिकीकरण किया जाएगा. चार नए शहरों में मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी. अमृत भारत एक्सप्रेस और नमो रैपिड रेल सेवा का विस्तार करेंगे.  10. 10 नए शहरों से घरेलू उड़ानें भी शुरू की जाएंगी. पटना के करीब ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के साथ ही दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा.

जदयू ऑफिस के बाहर महिलाओं की खुशी का धमाका, कहा– अब बदलाव नहीं, विकास का दौर शुरू

पटना पटना में शुक्रवार को जदयू कार्यालय के बाहर माहौल बेहद रंगीन और उत्साह भरा रहा। ढोल की थाप पर महिला कार्यकर्ता नाचती-गाती दिखीं। चुनावी रुझानों में एनडीए को जबरदस्त बढ़त से खुश महिलाओं ने नतीजे घोषित होने से पहले ही जश्न मानना शुरू कर दिया। चुनाव आयोग ने जैसे ही मतगणना के रुझान देने शुरू किए, वैसे ही महिला समर्थक बड़ी संख्या में पार्टी कार्यालय पहुंचने लगीं। उन्होंने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी। महिला समर्थकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब राजनीति में समीकरण बदल चुके हैं। एक महिला ने आईएएनएस से कहा, "लालू राज में 'एमवाई' का मतलब मुस्लिम और यादव था, लेकिन अब बिहार में 'महिला और युवा' फैक्टर चलता है। आज ये जीत इसी बदले हुए माहौल की पहचान है।" एक अन्य महिला समर्थक ने कहा, "आज की जीत विकास की जीत है। यह जीत हर उस महिला की है जिसे नीतीश कुमार ने सशक्त बनाया।" जदयू कार्यालय में मौजूद एक महिला ने कहा, "हम सभी यहां एक-दूसरे को बधाई देने आए हैं। आज हमारे लिए होली भी है और दीपावली भी। यह पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता का परिणाम है।" एक महिला ने कहा, "नीतीश कुमार रोजमर्रा के जीवन को छूने वाली योजनाएं लेकर आए। महिलाओं को सम्मान मिला, उन्हें सशक्त बनाया गया। युवाओं को रोजगार मिला। बिहार का जो भी विकास हुआ है, वह नीतीश कुमार के कारण हुआ है।" उन्होंने आगे कहा, "नीतीश कुमार वोट की चिंता नहीं करते, वे वोटर्स की चिंता करते हैं। वह सच में विकास पुरुष हैं।" एक महिला समर्थक ने कहा, "हम इसलिए ज्यादा खुश हैं क्योंकि बिहार से जंगल राज का अंत हो चुका है।" वहीं एक महिला समर्थक ने कहा, "बिहार की बहनों ने जंगल राज को खत्म किया है। अब बिहार में सिर्फ विकास की गंगा बहेगी। यह जीत एनडीए की एकता का प्रतीक है।" इस दौरान कई महिलाएं जीत के गीत गाती नजर आईं।

कैद में रहते अनंत सिंह का राजनीतिक दबदबा कायम, इतने वोटों से मिली जीत

मोकामा बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बीच मोकामा विधानसभा सीट ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं। पांच बार के विधायक और JDU (NDA) उम्मीदवार अनंत सिंह ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करते हुए 28 हजार से अधिक वोटों से शानदार जीत दर्ज की है। अनंत सिंह ने RJD उम्मीदवार और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को बड़े अंतर से हराया। मोकामा की लड़ाई शुरू से ही हाई-प्रोफाइल और टक्कर वाली मानी जा रही थी, क्योंकि दोनों ओर बाहुबली परिवार थे।  इतने वोटों से जीते अनंत सिंह इलेक्शन डेटा के अनुसार:     अनंत सिंह (JDU) → 91,416 वोट     वीणा देवी (RJD) → 63,210 वोट     प्रियदर्शी पियूष (जन सुराज) → 19,365 वोट इस तरह अनंत सिंह ने 28,206 वोटों की विशाल बढ़त के साथ विजय हासिल की। जेल में रहते हुए भी ‘छोटे सरकार’ का जलवा कायम मोकामा की सबसे बड़ी चर्चा यही रही कि अनंत सिंह इस समय पटना बेऊर जेल में बंद हैं। वे दुलार चाँद यादव मर्डर केस में न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता और संगठन की मजबूती ने चुनावी समीकरण को पूरी तरह उनके पक्ष में कर दिया। मोकामा की ये जंग सिर्फ दो उम्मीदवारों की नहीं थी, बल्कि साख, सत्ता और प्रभाव की लड़ाई मानी जा रही थी। मोकामा सीट—हमेशा से रहा है राजनीतिक हॉटस्पॉट मोकामा विधानसभा को बिहार की सबसे चर्चित सीटों में गिना जाता है। यहां मुकाबला हमेशा हाई-प्रोफाइल रहता है, और इस बार भी दो बाहुबलियों के बीच टक्कर ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।  

बीजेपी का झंडा ऊँचा: नगरोटा में राणा ने झटका दिया, डम्पा में मिजो फ्रंट ने बाजी, बाकी सीटों पर ताज़ा हाल

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव के साथ-साथ देश के 7 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की 8 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की गिनती भी आज परवान चढ़ रही है। भाजपा ने जम्मू-कश्मीर की नगरोटा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की है। यहां भाजपा की दिव्यरानी राणा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के उम्मीदवार हर्ष देव सिंह को 24647 मतों से पराजित किया। श्रीमती राणा को कुल 42350 मिले, जबकि श्री सिंह ने कुल 17703 मत हासिल किये। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस यहां पर तीसरे नवंबर पर रही है और उसकी उम्मीदवार शमीम बेगम ने कुल 10872 मत प्राप्त किये। गौरतलब है कि 11 नवंबर को नगरोटा में शांतिपूर्ण ढंग तरीके से मतदान हुआ था। पिछले साल 31 अक्टूबर को भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद नगरोटा में उपचुनाव कराया गया है।  मिजोरम – डम्पा से डॉ. ललथंगलियाना बड़ी बढ़त से जीते डम्पा में सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला, जहां 82.34% मतदान दर्ज किया गया। डॉ. आर. ललथंगलियाना ने 6,981 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जो उनके पिछले प्रदर्शन से 562 वोट अधिक है। वे मिज़ो नेशनल फ्रंट (MNF) के प्रत्याशी थे। इनके नतीजे आना अभी बाकी है:-  झारखंड उपचुनाव : घाटशिला सीट पर झामुमो के सोमेश सोरेन आगे  : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को मतगणना के रुझानों में झामुमो उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन भाजपा के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बाबूलाल सोरेन से 20,807 मतों से आगे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दसवें चरण की मतगणना के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) उम्मीदवार को 53,096 वोट मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को 32,289 वोट मिले। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू 7,811 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।   पंजाब – तरनतारन से AAP के हरमीत संधू जीते तरनतारन उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने धमाकेदार जीत दर्ज की। AAP के हरमीत सिंह संधू ने शिरोमणि अकाली दल की सुखविंदर कौर रंधावा को शिकस्त दी, जबकि सांसद अमृतपाल की पार्टी वारिस पंजाब के उम्मीदवार मनदीप सिंह तीसरे स्थान पर रहे। राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस विजयी  राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने उपचुनाव में जीत हासिल की है। कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने भाजपा के मोरपाल सुमन को 15,612 मतों के बड़े अंतर से हराया। इस चुनाव में प्रमोद जैन भाया को कुल 69,571 वोट मिले, जबकि मोरपाल सुमन ने 53,959 वोट प्राप्त किए। ओडिशा – नुआपाड़ा नुआपाड़ा में  बीजेपी के जय ढोलकिया 93 हज़ार से ज्यादा वोट हासिल कर रहे है और 62 हज़ार वोटों से लीड बनाए हुए। तेलंगाना – जुबली हिल्स  जुबली हिल्स से कांग्रेस के नवीन यादव 24 हज़ार वोटों से लीड कर रहे है।  जम्मू-कश्मीर –   बड़गाम बडगाम विधानसभा क्षेत्र में पीडीपी उम्मीदवार आगा मेहदी 5200 वोटों से आगे चल रहे है।