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मुख्यमंत्री डॉ. यादव तामोट, रायसेन में रक्षाबंधन महोत्सव में हुए शामिल, बोले – स्वदेशी अपनाने के संकल्प के साथ हैं प्रदेशवासी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योग हमारे लिए मंदिर और देवालय के समान हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश का परिदृश्य बदला है, भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ते हुए 15वें से चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है। मध्यप्रदेश का जैविक कपास, चीन, जापान और वियतनाम से लेकर स्पेन तक एक्सपोर्ट हो रहा है। राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश प्रोत्साहित करने के लिए भी हरसंभव प्रयास कर रही है। दस अगस्त को रायसेन में ही रेल कोच बनाने के लिए कारखाने का भूमिपूजन होने जा रहा है। धार में प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को टेक्सटाइल उद्योग के लिए पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। इससे मालवा और आसपास के जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में जारी औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी के भाव को चरितार्थ करने का माध्यम हैं। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र तामोट, जिला रायसेन में सागर मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड की इकाई में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टैक्सटाइल यूनिट का भ्रमण कर यहां टैक्सटाइल प्रोडक्शन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में सागर ग्रुप की महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधकर पवित्र रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों के बीच जाकर पुष्प वर्षा की और बहनों को उपहार भेंटकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत सरकार की लड़ाई किसानों की मेहनत के लिए है। किसान कपास, सब्जी और फसलें उगाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी देश के किसान, गरीब, मजदूरों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है, सभी प्रदेशवासी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों की खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1500 रुपए का विशेष तोहफा दिया गया है। रोजगार परक उद्योगों में कार्य करने वाली बहनों को प्रतिमाह 6000 रुपए की वेतन सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर ग्रुप ने आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार से जोड़ा है। इकाई में काम करने वाले लोगों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था करने पर उन्होंने सागर ग्रुप को बधाई दी। सागर ग्रुप में कुल 8000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 5000 महिलाकर्मी हैं।  

सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं में शामिल करने पर मंत्री सिंह का जोर

लोक निर्माण से लोक कल्याण: पर्यावरण से समन्वय विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला 11 अगस्त को भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा है कि विभाग अपने ध्येय वाक्य “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को केवल सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण तक सीमित न रखते हुए अब पर्यावरण-संरक्षण और सतत विकास को भी विभागीय कार्यों का अभिन्न हिस्सा बना रहा है। इसी सोच को साकार करने और अभियंताओं में पर्यावरणीय जागरूकता को और गहरा करने के उद्देश्य से 11 अगस्त को रवींद्र भवन भोपाल में “पर्यावरण से समन्वय” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक ही मंच पर एकत्र करेगा, जिसमें वे न केवल पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों का अध्ययन करेंगे बल्कि टिकाऊ विकास के नए आयाम भी सीखेंगे। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पर्यावरणविद् श्री गोपाल आर्य, भास्करायचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह शामिल होंगे और अभियंताओं को प्रेरक संदेश देंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी-सत्र और विशेष प्रशिक्षण-सत्र शामिल हैं। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाली नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि वास्तविक लोक कल्याण तभी संभव है जब हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण छोड़कर जाएं। उन्होंने कहा कि अभियंताओं की जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके हर प्रोजेक्ट में पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मिलित करना भी आवश्यक है। कार्यशाला में अभियंताओं को आधुनिक हरित निर्माण सामग्री, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने वाली तकनीक, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन से जुड़ी पद्धतियों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। तकनीकी सत्र में भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान गांधीनगर, गुजरात के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की विधि पर विशेष प्रस्तुतीकरण देंगे। साथ ही जीआईएस पोर्टल पर सड़कों एवं पुलों की भौगोलिक मैपिंग की प्रक्रिया और उसके लाभों पर भी अभियंताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ा सकें। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला न केवल अभियंताओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में वृद्धि करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का भी एक ठोस प्रयास है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना साकार रूप ले सकेगी। पर्यावरण-संरक्षण के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा उठाये गये कदम     ट्री शिफ्टिंग – पर्यावरण हितैषी तकनीकों के तहत पेड़ काटने के बजाय उन्हें स्थानांतरित करने की व्यवस्था लागू, पौधरोपण एवं ट्री-शिफ्टिंग के लिए निविदा दस्तावेज में प्रावधान।     वॉटर रिचार्ज बोर – वर्षा जल को जमीन में समाहित करने के लिये सड़क किनारे प्रत्येक किलोमीटर पर ग्राउंड वाटर रिचार्ज बोर की स्थापना। वर्तमान में 850 किमी सड़कों पर लगभग 1000 रिचार्ज बोर के लिए प्रावधान। वर्ष 2025-26 में 10 हजार रिचार्ज बोर निर्माण का लक्ष्य।     लोक कल्याण सरोवर – सड़क निर्माण में मुरम/कोपरा खुदाई को व्यवस्थित कर छोटे-छोटे तालाबों का निर्माण कर इन तालाबों को “लोक कल्याण सरोवर” नाम दिया गया।इस वर्ष 500 लोक कल्याण सरोवर निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।     पौधरोपण अभियान – सड़क किनारे पौधरोपण को एसओआर में शामिल कर मुख्यधारा में लाया गया। जुलाई माह में विशेष अभियान के तहत 2 लाख 50 हजार पौधों का रोपण किया गया। विभागीय इंजीनियर्स और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी। भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से पौधरोपण स्थलों की जियो मैपिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग की व्यवस्था।  

सुश्री भूरिया ने रक्षाबंधन को बताया प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का पवित्र बंधन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने रक्षाबंधन पर्व पर सभी लाड़ली बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई–बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और संरक्षण का अद्भुत प्रतीक है, जो रिश्तों में अटूट विश्वास और स्नेह का संचार करता है। सुश्री भूरिया ने कहा कि रक्षाबंधन का यह अवसर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के संकल्प को पुनः दृढ़ करने का समय है। हमें महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और बच्चों के स्वस्थ व सशक्त भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेशवासियों का आहवान किया कि इस दिन हम सभी अपनी बहनों, माताओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली के लिए हर संभव प्रयास करने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन न केवल भाई–बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है, बल्कि हमें एक सुरक्षित, सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रेम और सौहार्द के इस पर्व पर हम सभी मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान दें।  

उज्जैन की सड़कों पर ‘लव जिहाद’ के खिलाफ जबरदस्त हल्ला बोल

उज्जैन मध्य प्रदेश में 'लव जिहाद' की बढ़ती घटनाओं को लेकर हिंदू पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें हजारों हिंदू परिवार शामिल हुए। ऐसी घटनाओं के खिलाफ पूरे शहर में रैली निकाली गई। पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिहादी समर्थक समाज का आर्थिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान भारी संख्या में महिलाएं भी सड़क पर उतरीं। हिंदू समाज द्वारा खाचरोद नगर बंद का आह्वान किया गया। उज्जैन जिले के खाचरोद नागदा ओर आसपास के ग्रामीण क्षेत्र सहित मध्य प्रदेश में 'लव जिहाद'के बढ़ते मामले को देखते हुए गुरुवार को हिंदू पंचायत का आयोजन हुआ। इसमें हज़ारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष सहित हिंदू जागरण मंच के लोगों के साथ साधु संत और हिंदू संगठनों के लोग शामिल हुए। इस दौरान सकल हिंदू समाज के लोगों ने एकत्रित होकर रैली निकाली। रैली उज्जैन गेट से शुक्रवारिया बाजार तक निकाली गई। इस दौरान खाचरोद का पूरा मार्केट बंद रहा। पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिहादी समर्थक समाज का आर्थिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ उज्जैन जिले के कई ग्रामीण क्षेत्र तराना,घटिया ओर खाचरोद में हाल ही में 'लव जिहाद' की घटनाएं बढ़ी हैं। खाचरोद में आयोजित पंचायत में साधु संत, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के साथ संपूर्ण हिंदू समाज के लोग एकत्र हुए थे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आनंद गिरि महाराज, नरेंद्र गिरी महाराज, हिंदू जागरण मंच के प्रांत संगठक मोहित सेंगर, हिंदू जागरण मंच के प्राण संयोजक नेपाल सिंह डोडिया थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में हिंदू जागरण वंश के प्रांत संयोजक भेरुलाल जी टाक, विश्व हिंदू परिषद के मोहन सिंह जी राठौड़ थे। हिंदू जागरण मंच मालवा प्रांत के संगठन मंत्री मोहित सेंगर ने बताया कि बताया कि देशभर में हिंदू लड़कियों को झूठे जाल में फंसाकर अपनी जनसंख्या बढ़ाकर जनसख्या असंतुलित करने वाले विधर्मी खाचरोद में लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इसमें शादीशुदा लड़कियों को भी जाल में फंसाया गया। इसके बाद थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया गया था। हिन्दुओं को जाग्रत करने के लिए रैली का आयोजन किया गया। लड़कियों की सुरक्षित कर घर-घर सन्देश देने देने के लिए विशाल संख्या में लोग जुटे थे।

विजयवर्गीय का बयान – बेटियों पर विधर्मियों की बुरी नजर, सावधान रहने की जरूरत

 इंदौर इंदौर में हिन्दू त्यौहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर संतो ने चेतावनी दी है। महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने हिंदू बहन बेटियों को सिर्फ हिंदुओं को ही राखी बांधने की अपील की है।  हिंदू त्योहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर साधु संतों ने चेतावनी दी है। महामंडलेश्वर संत रामदास महाराज ने कहा कि- संत समाज इस तरह की रील को लेकर रोष में है। हिंदू बहन बेटियों को कहना चाहूंगा कि सिर्फ हिंदुओं को ही राखी बांधे। मूला मौलवी या मुसलमान के घर जाकर या उन्हें अपने घर बुलाकर राखी मत बांधना। यह आपसे राखी बंधवाते हैं और फिर घात लगाकर आपसे और आपके परिवार से लव जिहाद करते हैं। दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे कहा- हर पवित्र त्यौहार पर इस तरह की रील बनाकर सनातन को बदनाम किया जा रहा है। पूजा की थाली में मदिरा की बोतल रख कर रील बनाने वालो का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को ऐसे लोगों की रील पर प्रतिबंधित लगाकर केस दर्ज किया जाना चाहिए। किसी को दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे। सरकार को चिन्हित कर कार्रवाई करना चाहिए महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने हिन्दू त्यौहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर कहा कि हर पवित्र त्योहार पर इस तरह की रील बनाकर सनातन को बदनाम किया जा रहा है। पूजा की थाली में मदिरा की बोतल रख कर रील बनाने वालों का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को ऐसे लोगों की रील पर प्रतिबंधित लगाकर केस दर्ज करना चाहिए। किसी को दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे। ईद पर जब भूमि रक्त रंजीत किया जाता है, तब इस प्रकार के कोई सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते है। सनातन को बदनाम करने के लिए मौलवियों के द्वारा इस तरह देश विदेश में फंडिंग की जाती है ताकि सनातन को बदनाम किया जा सके। केंद्र सरकार को इन्हे चिह्नित करके सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट पर नजर रख इन्हे दण्डित किया जाए। राखी पर बहन ने भाई को दी शराब, वीडियो वायरल इंदौर में सोशल मीडिया पर रक्षाबंधन त्यौहार का मजाक उड़ाए जाने का मामला गुरुवार को सामने आया था। इंदौर के युवक-युवती की एक रील सोशल मीडिया पर सामने आई थी। जिसमें बहन भाई को राखी बांधने के बाद शराब की बोतल देते दिखाई दे रही है। इस रील को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था और पुलिस से मांग की थी कि रील बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बजरंग दल का कहना है कि भारतीय त्यौहारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जो रील वायरल हुई है उसमें बहन अपने भाई को राखी बांधने के लिए आती दिखती है जिसके हाथ में पूजा की थाली होती है और उसमें शराब की बोतल रखी है। वो भाई को टीका लगाती है और शराब की बोतल रखी थाली से आरती उतारती है और इसके बाद राखी बांधती है और फिर भाई को शराब पिलाती है। हिंदू संगठनों ने दी चेतावनी वायरल वीडियो को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। बजरंग दल का कहना था कि अगर हिंदू संस्कृति के साथ छेड़छाड़ की तो जवाब देंगे। वहीं हिंदू जागरण मंच के समरसता विभाग के संयोजक तन्नू शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज के त्यौहार आते ही कुछ विशेष लोग कई त्यौहारों को लेकर गलत जानकारी वायरल करने लगते हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते ईद पर जब भूमि रक्त रंजीत किया जाता है, तब इस प्रकार के कोई सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते है। सनातन को बदनाम करने के लिए मौलवियों के द्वारा इस तरह देश विदेश में फंडिंग की जाती है ताकि सनातन को बदनाम किया जा सके। केंद्र सरकारों को इन्हे चिन्हित करके सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट पर नजर रख इन्हे दण्डित किया जाए। धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड आ रहा केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भी बड़ा बयान सामने आया है। कहा- हिंदू बेटियों पर विधर्मियों की बुरी नजर है। धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड आ रहा है। रक्षाबंधन कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि- बच्चों को अच्छे संस्कार देने की जरूरत है। इंदौर में भी धर्मांतरण का बड़ा गिरोह पकड़ाया है। गिरोह को हिंदू लड़कियों से शादी के लिए लाखों रुपए मिल रहे है। ऐसे गिरोह पर हमारी सरकार शिकंजा कस रही है। हम तो मुस्लिम बेटियों को भी देवी ही मानते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार

बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पहुंची राखियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखी बंधवाकर की बहनों के सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना बहनों के हर सुख-दु:ख में साथ है राज्य सरकार- मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की बहनों ने बड़ी संख्या में डाक से राखियां और स्नेहिल पत्र भेजे। लगभग पांच हजार पत्रों व राखियों में से प्रतीक स्वरूप राखियां सुयशा पटेल, सुशिवा बाथरी, सुदीपल रघुवंशी और सुप्राची पंवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तिलक कर उनकी कलाई पर बांधी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को नेग प्रदान कर उनके सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। यह आत्मीय आयोजन मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुआ। इस अवसर पर प्राप्त पत्रों में बहनों ने लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना है। पत्रों में बहनों ने अपने स्नेहिल भाव को अभिव्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को दिए संदेश में कहा कि राज्य सरकार परिवार की तरह बहनों के हर सुख-दुख में उनके साथ है। प्रदेश की बहनों को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्यौहार संस्कृति और संस्कार का आधार हैं, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनों की ओर से आए आत्मीयता से परिपूर्ण पत्र प्राप्त कर मैं अभिभूत हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखियां भेजने के लिए बहनों का आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने हर घर तिरंगा अभियान 2025 को व्यापक जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश अपनी स्वतंत्रता के 'अमृत काल' में प्रवेश कर रहा है। अमृत काल में 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025, राष्ट्रीय ध्वज को हर भारतीय के घर तक पहुंचाने वाला एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है। यह हमारी साझा पहचान, स्वतंत्रता और एकता का एक भव्य उत्सव है, जो तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। यह केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के सामूहिक गौरव और आकांक्षाओं का जीवंत प्रतिनिधित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025 में पूरे उत्साह, गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। यह अभियान 2 अगस्त से शुरू हुआ है जो 15 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह देश की स्वतंत्रता और एकता का एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है, जो हमारे गौरवशाली राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अहम भाग के रूप में शुरू हुआ। यह अभियान अब एक शक्तिशाली जन आंदोलन बन चुका है, जिसमें पूरे भारत और दुनिया भर के भारतीय ले रहे हैं। इसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक में देशभक्ति की भावना को जागृत करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को प्रगाढ़ करना है। तिरंगा, एक अद्वितीय और सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में, एक शक्तिशाली एकीकृत शक्ति के रूप में कार्य करता है। यह अभियान प्रभावी ढंग से देशवासियों में अपनेपन की सामूहिक भावना को बढ़ावा देगा। 'हर घर तिरंगा' अभियान के इस वर्ष के 3 शक्तिशाली चरण इस वर्ष 'हर घर तिरंगा' अभियान 2 अगस्त से शुरू होकर तीन शक्तिशाली चरणों में चलेगा, जिसमें जागरूकता निर्माण और जन जुड़ाव पर जोर दिया जाएगा। इस वर्ष के अभियान का विषय स्वैच्छिक कार्यों, नागरिक गौरव, स्वच्छता अभियान और हमारे सशस्त्र बलों तथा पुलिस कर्मियों के प्रति कृतज्ञता पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। यह झंडा फहराने से आगे बढ़कर सक्रिय नागरिकता को बढ़ावा देता है। अभियान में तिरंगा-प्रेरित कला, संगीत समारोह, प्रदर्शनियाँ, रैलियाँ, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, क्विज़ और देशभक्ति फिल्मों की स्क्रीनिंग सहित कई प्रेरक कार्यक्रम और गतिविधियाँ शामिल हैं। अभियान के चरण और प्रमुख गतिविधियाँ अभियान में पहले चरण 8 अगस्त तक जागरूकता बढ़ाने और तिरंगे की भावना को जन-जन तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा पर केंद्रित रंगोली निर्माण, प्रमुख स्थानों पर तिरंगे के इतिहास और महत्व पर आधारित प्रदर्शनी, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, शासकीय भवनों पर तिरंगा रौशनी से प्रकाशित करना आदि गतिविधियां हुईं। दूसरे चरण में 9 अगस्त से 12 अगस्त तक लोगों के बीच सामुदायिक जुड़ाव और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें तिरंगा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और तिरंगा रैलियाँ प्रमुख रूप से आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तिरंगा क्विज का आयोजन किया जाएगा। अंतिम और तीसरा चरण, 13 से 15 अगस्त तक, व्यक्तिगत स्तर पर देशभक्ति के प्रदर्शन पर केंद्रित रहेगा। इसमें घरों पर झंडा फहराना और तिरंगे के साथ सैल्फी अपलोड करना शामिल है। अभियान में भाग लेने के सरल तरीके 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेना सरल और सभी के लिए खुला है। प्रदेशवासी तीन मुख्य तरीकों से इस राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं :      स्वयंसेवक बनें: harghartiranga.com पर पंजीकरण करें और तिरंगे का संदेश अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय तक पहुंचाएं। दूसरों को सही ढंग से झंडा फहराने में मदद करें और तिरंगा सैल्फी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें।      राष्ट्रीय ध्वज फहराएं: अपने घर, दुकान, कार्यालय और अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज खरीदें और प्रदर्शित करें। ध्वज संहिता का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।      तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड करें: राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी सेल्फी क्लिक करें और इसे harghartiranga.com पर अपलोड करें। अपने पलों को ऑनलाइन #HarGharTiranga और #HarGharTiranga2025 का उपयोग करके साझा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, हमारे देश की आत्मा, हमारे बलिदानों का प्रतीक और हमारी साझा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय पर्व में पूरे उत्साह और गौरव के साथ शामिल हों, अपने घरों पर तिरंगा फहराएं, स्वयंसेवक बनें, और तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी साझा कर इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनें। हर तिरंगा, हर हाथ जो इसे उठाएगा, भारत के विचार को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी सामूहिक देशभक्ति का प्रतीक है। आइए, हम सब मिलकर 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाएं।  

हर स्त्री और व्यक्ति बुरा नहीं – धीरेंद्र शास्त्री का संत प्रेमानंद विवाद पर बयान

छतरपुर स्त्री और पुरुषों को चरित्रवान बनने का उपदेश देने के बाद वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ट्रोलर्स के निशाने पर हैं। कई लोग उनके विरोध में सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहे हैं। बागेश्वर धाम पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनका समर्थन कर ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने यह तक कह दिया कि इस देश में सत्य बोलना बहुत कठिन है। ‘कुछ लोग डर-डर कर हिंदू-हिंदू चिल्लाते हैं’ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, ‘कुछ लोगों को उनसे समस्या थी। जिससे उन्हें लगा कि वे उपद्रवी व्यक्ति हैं। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोग अब तक डर-डर कर हिंदू-हिंदू चिल्लाते हैं। जबकि वे मंचों से खुलकर बोलते हैं। कुछ राजनेता जातियों के नाम पर राजनीति करते हैं। जबकि वे जातिवाद के खिलाफ और राष्ट्रवाद के पक्ष में हैं। इसलिए लोगों को बुरा लगता है।’ ‘माला के साथ भाला रखें’ पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा, ‘इस देश में हवस के पुजारी हैं तो हमने कहा हवस का मौलवी या पास्टर भी तो हो सकता। शायद इसलिए लोगों को बुरा लगता है। उन्होंने देश में माला के साथ भाला रखने की बात भी की जबकि लोग मंचों से गंगा-जमुनी की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी क्यों नहीं हो सकती? शायद इसी वजह से उनका विरोध होता है और उन्हें गालियां मिलती हैं।’ ‘प्रेमानंद महाराज के विरोध से समझ आ गया, देश में सत्य बोलना कठिन है’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर कुछ लोग हमारे विरुद्ध षडयंत्र रचते हैं तो हमें लगा कि हममें ही दोष हैं। लेकिन जब लोगों ने बाबा प्रेमानंद जी का विरोध किया, तो यह स्पष्ट हो गया कि कुछ लोगों के पेट में समस्या है। महात्मा प्रेमानंद जी, जो उपदेशक और भजन प्रेमी हैं, उनका विरोध करना इस बात का प्रमाण है कि कई लोगों के पेट में आंतरिक समस्याएँ हैं। उस दिन के बाद मुझे यह भी लगा कि इस देश में सत्य बोलना बहुत कठिन है। यह भी सत्य है कि हर स्त्री और व्यक्ति बुरा नहीं होता और हर किसी का अपने समाज को देखने का तरीका होता है। हर मज़हब में सभी व्यक्ति बुरे नहीं होते, लेकिन कुछ तो होते हैं। भले ही बुरे लोगों की भीड़ हो, यदि उसमें एक भी सत्यवादी व्यक्ति पहुंच जाता है तो सबकी नज़र उसी पर जाएगी।’

राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर अपर संचालक रवीन्द्र कुमार सिंह को अपने वर्तमान दायित्व के साथ संचालक राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड और निदेशक महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान का प्रभार सौंपा है। सिंह वर्तमान में सांदिपनी विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भी कार्य देख रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित

संकट की घड़ी में सरकार आपके साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाढ़ प्रभावितों से चर्चा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आश्वस्त 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से की वर्चुअली चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से प्रदेश के 28 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावितों को 30 करोड़ की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण कर प्रभावितों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। शिवपुरी के भागचंद, मऊगंज के राधेश्याम साकेत, दमोह के हेमराज, रायसेन के गोविंद सिंह सेन, छिंदवाड़ा के चंद्रमोहन सहित गुना और अन्य जिले के बाढ़ प्रभावितों ने बताया कि इस वर्षाकाल में जैसी बाढ़ आयी, वैसी पहले कभी नहीं आयी थी। प्रशासन के द्वारा बाढ़ के दौरान हम प्रभावित परिवारों को कैम्प लगाकर रहने की व्यवस्था के साथ भोजन आदि की व्यवस्था भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे संस्कार ही हैं कि कष्ट की इस घड़ी में भी ग्रामीणजन अपनी बात विनम्रता के साथ कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून काल में अब तक 37 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है, जिससे प्रदेश के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी। उन्होंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने वर्षाकाल में बाढ़ से निपटने के पहले से इंतजाम कर रखे थे। राज्य के मंत्रीगण और केन्द्रीय मंत्रीगण सभी से सम्पर्क बनाकर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के प्रबंधन की व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ के संकट से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के जवानों की जहां आवश्यकता पड़ी, वहां सक्रिय किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावितों को मदद करने में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने इन संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान मिले अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि शिवपुरी में दो व्यक्ति बाढ़ में 36 घंटे घिरे रहे और उन्हें प्रशासन ने बाढ़ से बाहर निकाला। इन व्यक्तियों का कहना था कि वे प्रशासन के प्रयासों से ही से बाढ़ से बाहर निकल सकें। इसी प्रकार गुना में बाढ़ प्रभावित महिलाओं से मिलने के दौरान सबसे पहले बहनों ने उन्हें राखी भेंट की। इसके बाद उन्होंने बाढ़ की बात कही। उन्होंने कहा कि बहनों ने अपने कष्ट की बात कहने से पहले राखी भेंट की, यह हमारी संस्कृति है। अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत हमें रहना है सावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षा ऋतु अभी समाप्त नहीं हुई है। हमें अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत सावधान रहना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावितों को 28 करोड़ रूपए की राशि पहले दी जा चुकी है, 30 करोड़ की राशि आज दी गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि फसल की क्षति को छोड़कर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025-26 में राहत के विभिन्न मदों में अब तक 123 करोड़ की राहत राशि प्रभावितों को वितरित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए सभी जिलों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उपस्थित थे। बाढ़ की स्थिति में सहायता के लिए टोल फ्री नं-1079 पर सम्पर्क करें उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक 729.1 एमएम वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 37 प्रतिशत ज्यादा है, जो बहुत कम समय में तेजी से हुई। गुना, निवाड़ी, टीकमगढ़, मंडला एवं अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई। इस मानसून में अभी तक कुल 296 जनहानि तथा लगभग 1685 पशुहानि हुई है। साथ ही 299 मकानों पूर्ण रूप से क्षति होने की सूचना प्राप्त हुई है। लगभग 4114 मकानों में आंशिक क्षति भी हुई है। प्रदेश में अब तक 61 राहत कैम्प चलाये गये है, जिनमें 7345 लोगों को रखा गया। वर्तमान में मऊगंज में 02 राहत शिविर चालू है, जिसमें 175 लोग रह रहे हैं। प्रदेश में ज्यादातर सिंचाई डेम अभी 40 से 90 प्रतिशत के आस-पास भरे हैं एवं 04 डेम 100 प्रतिशत भरे हैं। साथ ही शासन द्वारा जनसामान्य को बाढ़ की स्थिति में 24X7 सहायता प्रदान की जाने के लिये टोल फ्री नं-1079 की व्यवस्था की गई है।