samacharsecretary.com

राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर अपर संचालक रवीन्द्र कुमार सिंह को अपने वर्तमान दायित्व के साथ संचालक राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड और निदेशक महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान का प्रभार सौंपा है। सिंह वर्तमान में सांदिपनी विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भी कार्य देख रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित

संकट की घड़ी में सरकार आपके साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाढ़ प्रभावितों से चर्चा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आश्वस्त 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से की वर्चुअली चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से प्रदेश के 28 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावितों को 30 करोड़ की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण कर प्रभावितों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। शिवपुरी के भागचंद, मऊगंज के राधेश्याम साकेत, दमोह के हेमराज, रायसेन के गोविंद सिंह सेन, छिंदवाड़ा के चंद्रमोहन सहित गुना और अन्य जिले के बाढ़ प्रभावितों ने बताया कि इस वर्षाकाल में जैसी बाढ़ आयी, वैसी पहले कभी नहीं आयी थी। प्रशासन के द्वारा बाढ़ के दौरान हम प्रभावित परिवारों को कैम्प लगाकर रहने की व्यवस्था के साथ भोजन आदि की व्यवस्था भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे संस्कार ही हैं कि कष्ट की इस घड़ी में भी ग्रामीणजन अपनी बात विनम्रता के साथ कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून काल में अब तक 37 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है, जिससे प्रदेश के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी। उन्होंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने वर्षाकाल में बाढ़ से निपटने के पहले से इंतजाम कर रखे थे। राज्य के मंत्रीगण और केन्द्रीय मंत्रीगण सभी से सम्पर्क बनाकर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के प्रबंधन की व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ के संकट से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के जवानों की जहां आवश्यकता पड़ी, वहां सक्रिय किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावितों को मदद करने में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने इन संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान मिले अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि शिवपुरी में दो व्यक्ति बाढ़ में 36 घंटे घिरे रहे और उन्हें प्रशासन ने बाढ़ से बाहर निकाला। इन व्यक्तियों का कहना था कि वे प्रशासन के प्रयासों से ही से बाढ़ से बाहर निकल सकें। इसी प्रकार गुना में बाढ़ प्रभावित महिलाओं से मिलने के दौरान सबसे पहले बहनों ने उन्हें राखी भेंट की। इसके बाद उन्होंने बाढ़ की बात कही। उन्होंने कहा कि बहनों ने अपने कष्ट की बात कहने से पहले राखी भेंट की, यह हमारी संस्कृति है। अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत हमें रहना है सावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षा ऋतु अभी समाप्त नहीं हुई है। हमें अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत सावधान रहना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावितों को 28 करोड़ रूपए की राशि पहले दी जा चुकी है, 30 करोड़ की राशि आज दी गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि फसल की क्षति को छोड़कर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025-26 में राहत के विभिन्न मदों में अब तक 123 करोड़ की राहत राशि प्रभावितों को वितरित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए सभी जिलों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उपस्थित थे। बाढ़ की स्थिति में सहायता के लिए टोल फ्री नं-1079 पर सम्पर्क करें उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक 729.1 एमएम वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 37 प्रतिशत ज्यादा है, जो बहुत कम समय में तेजी से हुई। गुना, निवाड़ी, टीकमगढ़, मंडला एवं अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई। इस मानसून में अभी तक कुल 296 जनहानि तथा लगभग 1685 पशुहानि हुई है। साथ ही 299 मकानों पूर्ण रूप से क्षति होने की सूचना प्राप्त हुई है। लगभग 4114 मकानों में आंशिक क्षति भी हुई है। प्रदेश में अब तक 61 राहत कैम्प चलाये गये है, जिनमें 7345 लोगों को रखा गया। वर्तमान में मऊगंज में 02 राहत शिविर चालू है, जिसमें 175 लोग रह रहे हैं। प्रदेश में ज्यादातर सिंचाई डेम अभी 40 से 90 प्रतिशत के आस-पास भरे हैं एवं 04 डेम 100 प्रतिशत भरे हैं। साथ ही शासन द्वारा जनसामान्य को बाढ़ की स्थिति में 24X7 सहायता प्रदान की जाने के लिये टोल फ्री नं-1079 की व्यवस्था की गई है। 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को दीं रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि राखी का पर्व, भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का त्यौहार है। यह हमारी गौरवशाली संस्कृति के गरिमामय उत्कर्ष का प्रतीक है। भाई-बहन के पवित्र प्रेम, पारिवारिक समरसता और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राखी के पर्व पर हमें मातृ शक्ति के सम्मान, सहयोग और सशक्तिकरण में सहभागिता का संकल्प लेना चाहिए।  

विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए एसीएस को बड़ी जिम्मेदारी, संभागों का करेंगे दौरा

भोपाल  प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की प्रभावी समीक्षा और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश शासन ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 अपर मुख्य सचिव (ACS) और 2 प्रमुख सचिवों (PS) को विभिन्न संभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी कर दिए गए। इन्हें अब संबंधित संभागों की सभी बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा और विकास योजनाओं की सख्ती से निगरानी करनी होगी। इन वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने संभाग में मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करें और योजनाओं की प्रगति पर नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके साथ ही, जिलों से संबंधित कोई विषय यदि राज्य स्तरीय समन्वय की मांग करता हो, तो वे संबंधित विभागों से मिलकर उसका समाधान निकालें और इसकी जानकारी मुख्य सचिव को दें। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल योजनाओं की जमीनी निगरानी मजबूत होगी, बल्कि संबंधित अधिकारियों की प्रत्यक्ष भागीदारी से कार्यों की गुणवत्ता और गति में भी सुधार आएगा।   जिम्मेदारी पाने वाले अधिकारी और उनके संभाग अधिकारी का नाम             पद                         संभाग डॉ. राजेश राजौरा       अपर मुख्य सचिव            उज्जैन अशोक बर्णवाल         अपर मुख्य सचिव           ग्वालियर मनु श्रीवास्तव              अपर मुख्य सचिव           चंबल संजय दुबे                     अपर मुख्य सचिव         जबलपुर नीरज मंडलोई             अपर मुख्य सचिव          नर्मदापुरम अनुपम राजन             अपर मुख्य सचिव             इंदौर संजय कुमार शुक्ल     अपर मुख्य सचिव            भोपाल रश्मि अरुण शमी          अपर मुख्य सचिव           रीवा दीपाली रस्तोगी                प्रमुख सचिव             सागर 

स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और व्यापारियों की समृद्धि का मार्ग करें प्रशस्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रक्षाबंधन पर स्वदेशी अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राखी के पवित्र धागे से लेकर उपहारों तक सभी स्वदेशी लाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और व्यापारियों की समृद्धि का मार्ग करें प्रशस्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पवित्र रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशवासियों से स्वदेशी वस्तुएं अपनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि रक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र से लेकर उपहार तक सभी स्वदेशी ही लाएं। ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र से छोटे-छोटे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और व्यापारियों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं अपनाने से गरीबों के चेहरे पर खुशियां आएंगी।  

फंडिंग केस में फरार अनवर कादरी को पकड़वाने पर मिलेगा 2 लाख रुपये का इनाम

इंदौर  लव जिहाद मामले में फरार चल रहे कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर इनाम की रकम बढ़ा दी गई है। पहले कादरी पर 20 हजार रुपये का इनाम था, लेकिन अब एमआईसी मेंबर और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कट्टर समर्थक मनीष शर्मा उर्फ मनीष मामा ने 2 लाख रुपये का इनाम रखने का ऐलान किया है। उसके घर पर बुलडोजर चलना चाहिए पुलिस ने कादरी के कई बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए हैं और उसके घर के बाहर उद्घोषणा नोटिस भी चिपका दिया है। इसके बावजूद वह अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। मनीष मामा ने कड़े शब्दों में कहा कि अनवर कादरी जैसे नालायक पार्षद ने इंदौर को बदनाम किया है। सिर्फ संपत्ति कुर्क करने से बात खत्म नहीं होगी, उसके घर पर बुलडोजर चलना चाहिए और मोहल्लों में उसका जुलूस निकाला जाना चाहिए। यह उनकी मानसिकता को दर्शाता उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वह नगर निगम में दिखाई दिया, तो वहीं उसका जुलूस निकालेंगे। मनीष मामा का आरोप है कि अनवर कादरी हिंदू लड़कियों को टारगेट करने की गैंग चला रहा था और उन्हें मुस्लिम बनाने के लिए 2 लाख रुपये तक देता था। उनका कहना है कि कांग्रेस के लोग कादरी का साथ दे रहे हैं और यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है।

खंडवा में बदमाशों का आतंक, महिला की गर्दन पर हथियार रखकर की लूट

खंडवा  ओंकारेश्वर के मांधाता थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात नकाबपोश बदमाशों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। सुबह करीब 3:30 बजे तीन नकाबपोश बदमाश एक महिला के घर में घुसे और लूट करने लगे। महिला की नींद खुली तो बदमाशों ने उसके कंधे पर धारदार हथियार रखकर बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। डर के माहौल में महिला चुप रही और बदमाश घर में रखी नगदी, सोने-चांदी के जेवर तथा बच्चों की गुल्लकों में जमा करीब 50 हजार रुपये की रकम भी लूट ले गए। बदमाशों ने सिर्फ एक ही घर नहीं, बल्कि अपार्टमेंट के 4–5 अन्य घरों के ताले तोड़ने की भी कोशिश की। वारदात के दौरान उन्होंने बाकी घरों के दरवाजे बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिए, ताकि कोई बाहर निकलकर मदद न कर सके। जानकारी के अनुसार घटना एनएचडीसी कालोनी में हुई। यहां इंदिरा सागर परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार रहते हैं। कालोनी में कमिश्नर स्तर तक के अधिकारी भी रहते हैं। पहले भी कई हो चुकी चोरी की घटनाएं कालोनीवासियों का कहना है कि पहले भी यहां कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। इससे नाराज लोग शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में मांधाता थाना पहुंचे और हंगामा किया।पीड़ित महिला के अनुसार, उनके पति धर्मेंद्र तंवर रात करीब दो बजे ड्यूटी पर गए थे। उन्होंने परिवार को नींद से न जगाते हुए बाहर जाते समय दरवाजे की कुंडी बाहर से लगा दी थी। करीब 3:30 बजे अलमारी और लाकर टूटने की आवाज से महिला की नींद खुली तो देखा कि तीन नकाबपोश बदमाश घर में मौजूद थे। उन्हें देखते ही एक बदमाश ने उनके कंधे पर चाकू रखकर बच्चों को मारने की धमकी दी। डर के कारण उन्होंने शोर नहीं मचाया। बदमाश करीब 25 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर और बच्चों की गुल्लक में रखी रकम लेकर फरार हो गए।

श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा ने दी रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं

भोपाल  श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा जी ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा: "रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति की आत्मा में समाहित एक ऐसा पर्व है, जो भाई-बहन के पवित्र संबंध को आदर, समर्पण और सुरक्षा के सूत्र में बाँधता है। यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी पारिवारिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है।" राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्वकर्मा ने इस अवसर पर देशवासियों से आह्वान किया कि वे इस शुभ दिन पर समाज में समरसता, सौहार्द और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करें। उन्होंने कहा कि "आज जब देश विविध चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को समझे और उसके पालन के लिए सजग रहे।" उन्होंने विश्वकर्मा समाज के समस्त बंधुओं को भी विशेष रूप से शुभकामनाएं दीं और समाज की एकता, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। इस संदेश के अंत में उन्होंने सभी देशवासियों से आग्रह किया कि वे इस पावन पर्व को न केवल पारिवारिक उत्सव के रूप में मनाएँ, बल्कि इसे एक राष्ट्रीय संकल्प दिवस के रूप में भी देखें — जहाँ हम एक-दूसरे की रक्षा, सम्मान और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हों।

सिवनी सड़क हादसा: काशी से लौटते समय कांवड़ियों पर टूटा डंपर का कहर

 सिवनी मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एनएच 44 पर गुरुवार रात करीब 11 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। बंडोल थाना क्षेत्र के चोरगरठिया गांव के पास यह हादसा तब हुआ जब महाराष्ट्र के अकोला जिले के करीब 30-35 कांवड़िये बनारस (काशी) से पैदल यात्रा कर लौट रहे थे। क्या थी पूरी घटना? रात लगभग 10 बजे कांवड़ियों का दल सेंटर प्वाइंट होटल के पास रुका और खाना खाने के बाद वे अपने गंतव्य की ओर बढ़ने लगे। कुछ कांवड़िये पैदल आगे चल रहे थे, जबकि उनके पीछे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली थी, जिसमें उनका सामान रखा था। इसी दौरान, एक तेज रफ़्तार डंपर ने पीछे से ट्रैक्टर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि ट्रैक्टर आगे चल रहे कांवड़ियों के ऊपर चढ़ गया। मौके पर मची चीख-पुकार इस हादसे में दो कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 9 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। बाकी श्रद्धालुओं ने किसी तरह खुद को बचाया और तुरंत मदद के लिए शोर मचाया। हादसे के बाद एनएच 44 पर ट्रैफिक रुक गया और माहौल गमगीन हो गया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) दीपक मिश्रा, एसडीओपी पूजा पांडे, सोनी एसडीएम मेघा शर्मा समेत पुलिस बल और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। शुरुआत में डॉक्टरों की कमी के कारण उपचार में थोड़ी देरी हुई, लेकिन प्रशासन की सक्रियता से अतिरिक्त डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बुलाए गए और घायलों का इलाज शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा? अस्पताल में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हम सभी काशी से जल लेकर अकोला जा रहे थे। खाना खाने के बाद जैसे ही यात्रा शुरू की, पीछे से डंपर ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी और ट्रैक्टर आगे पैदल चल रहे लोगों के ऊपर चढ़ गया। इस बयान से हादसे की भयावहता साफ झलकती है। एएसपी दीपक मिश्रा ने बताया कि डंपर ने ट्रैक्टर को टक्कर मारी, जिसके चलते आगे चल रहे 11 लोग घायल हुए, जिनमें से 2 की मौत हो गई। बाकी घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है।

खंडवा-बुरहानपुर को इंदौर हाईकोर्ट से जोड़ने के प्रस्ताव को नेताओं का मिला समर्थन

इंदौर पंधाना विधायक छाया मोरे ने गुरुवार शाम राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात कर खंडवा और बुरहानपुर जिले को जबलपुर की बजाय इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ से जोड़ने की मांग की।  विधायक मोरे ने कहा कि इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ से जुड़ने पर दोनों जिलों की दूरी मात्र 130 से 200 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे आम नागरिकों को सस्ता और त्वरित न्याय मिल सकेगा। इससे पहले 29 जुलाई को उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया था, जहां पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, मंत्री प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस मांग का समर्थन किया था। राज्यपाल ने आश्वस्त किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में इस मामले को राष्ट्रपति स्तर का बताते हुए आश्वासन दिया था। राज्यपाल ने भी विधायक मोरे को आश्वस्त किया कि वे इस विषय में राष्ट्रपति और जबलपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। अधिवक्ताओं ने की इस पहल की सराहना क्षेत्र के अधिवक्ताओं ने विधायक मोरे की इस पहल की सराहना की है। अधिवक्ता संघ पहले भी इस मुद्दे पर सरकार को कई बार ज्ञापन दे चुका है, लेकिन पहली बार यह मामला विधानसभा में उठा और अब प्रक्रियाधीन है। प्रदेश में न्यायिक क्षेत्र में होगा बड़ा बदलाव, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट के इलाके बदलेंगे, सीएम का आश्वासन मध्यप्रदेश में जल्द ही न्यायिक क्षेत्राधिकारों में बड़ा बदलाव होगा। जबलपुर और इंदौर हाइकोर्ट के न्यायिक क्षेत्र में यह परिवर्तन किया जाएगा। विधानसभा में खंडवा को जबलपुर की बजाय इंदौर हाईकोर्ट से जोड़ने की मांग उठी। पंधाना विधानसभा सीट की विधायक छाया मोरे ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने जबलपुर की अत्यधिक दूरी और इंदौर से करीबी का हवाला देते हुए खंडवा को इंदौर हाइकोर्ट से जोड़ने की मांग की। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधायक की इस मांग का समर्थन किया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस मुद्दे पर विधायक की मांग पर अपनी सहमति व्यक्त की। इसपर सीएम डॉ. मोहन यादव ने उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया। मध्यप्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। सत्र के दूसरे दिन प्रदेश के न्यायिक क्षेत्राधिकारों में बदलाव की बात उठी। इस मुद्दे पर विधायकों और सरकार के वरिष्ठ मंत्री में सहमति दिखाई दी जिसपर सीएम डॉ मोहन यादव ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। पंधाना की विधायक छाया मोरे ने मुद्दा उठाया विधानसभा में खंडवा जिले की पंधाना की विधायक छाया मोरे ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंनेे खंडवा को जबलपुर हाइकोर्ट के क्षेत्राधिकार से हटाकर इंदौर हाईकोर्ट से जोड़ने की मांग की। इसके लिए दोनों शहरों की दूरी का हवाला दिया। खंडवा से जबलपुर 477 किमी दूर है जबकि इंदौर की दूरी महज 130 किमी है। संसदीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी सहमति जताई विधायक छाया मोरे के मुताबिक इंदौर हाईकोर्ट से जोड़ दिए जाने पर खंडवा के लोगों को सुविधा होगी। यहां के लोगों के पैसों और समय की बर्बादी रुकेगी। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनकी इस बात का समर्थन किया। प्रदेश के संसदीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस पर सहमति जताई। परिसीमन आयोग का जिक्र विधायकों और संसदीय कार्यमंत्री की सहमति देख सीएम डॉ. मोहन यादव ने उचित कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने इसके लिए सरकार द्वारा बनाए गए परिसीमन आयोग का जिक्र भी किया। बता दें कि खंडवा के साथ ही बुरहानपुर जिले को भी जबलपुर हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार से हटाकर इंदौर से जोड़ने की लंबे अर्से से मांग की जा रही है। बीजेपी सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल इसके लिए दिल्ली में केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से भी आग्रह कर चुके हैं।