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हब एंड स्पोक मॉडल से प्रदेशभर में स्किल और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए ‘सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन्स के तहत 12 मेगा स्किल हब और 63 जिला स्किल केंद्र स्थापित करेगी। यह मेगा स्किल हब और जिला स्किल केंद्र प्रदेश की आर्थिक प्रगति के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को भी मजबूत आधार देंगे। इसके लिए योगी सरकार करीब 14,760 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके जरिये योगी सरकार ने हर साल 10 लाख से अधिक युवाओं को एडवांस स्किलिंग देने का लक्ष्य रखा है।  हब एंड स्पोक मॉडल से बदलेगी तस्वीर योगी सरकार की योजना ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर आधारित होगी। इसमें 12 बड़े शहरों क्रमश: लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, सहारनपुर, झांसी, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद में मेगा स्किल हब बनाए जाएंगे। इनके साथ जुड़े 63 जिला स्किल केंद्र ‘स्पोक’ के रूप में काम करेंगे। इस मॉडल के जरिए हर जिले तक कौशल विकास और उद्योगों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। मेगा स्किल हब जहां बड़े स्तर पर प्रशिक्षण और उद्योगों को आकर्षित करेंगे, वहीं जिला केंद्र स्थानीय युवाओं को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देंगे। इसकी विशेषता है कि इसमें स्किलिंग और औद्योगिक विकास को एक साथ जोड़ा गया है। योगी सरकार का उद्देश्य हर जिले में ऐसे औद्योगिक जोन विकसित करना है, जहां युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी मिलें। इन केंद्रों में तकनीकी कौशल के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल, भाषा प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा उद्योगों के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।   रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमशन का दिया जाएगा प्रशिक्षण स्किल हब और जिला केंद्रों में प्रशिक्षण की विविध श्रेणियां होंगी। इसमें पारंपरिक कौशल के साथ-साथ आधुनिक और भविष्य आधारित कौशल जैसे रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, डिजिटल मार्केटिंग आदि शामिल होंगे। स्थानीय जरूरतों के अनुसार कौशल चयन किया जाएगा, जिससे ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) जैसी योजनाओं को भी मजबूती मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। योजना में सरकार के साथ निजी क्षेत्र की भी अहम भूमिका होगी। सरकार बुनियादी ढांचा और प्रारंभिक निवेश उपलब्ध कराएगी जबकि संचालन और प्रशिक्षण का काम निजी साझेदारों के जरिए किया जाएगा। शुरुआती पांच वर्षों तक वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के जरिए इन संस्थानों को सहयोग दिया जाएगा। इससे स्किलिंग सेंटर और उद्योग इकाइयां आत्मनिर्भर बन सकेंगी और लंबे समय तक टिकाऊ विकास सुनिश्चित होगा। इन मेगा स्किल हब और जिला केंद्रों में आधुनिक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें बिजली, पानी, सड़क, इंटरनेट, सुरक्षा, आवास, खेल और मनोरंजन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही स्टार्टअप सपोर्ट सेंटर, प्लेसमेंट एजेंसियां, रिसर्च और डिजाइन सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।

कंट्रोल रूम में लगी आग ने जलाए अहम दस्तावेज, जांच में जुटी पुलिस

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के पुलिस महकमे से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के पुलिस लाइन स्थित कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड रूम में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में पुलिस विभाग के कई महत्वपूर्ण और बरसों पुराने दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं। रिकॉर्ड रूम से उठा धुआं और अफरा-तफरी रविवार की दोपहर जब पुलिस लाइन में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी रिकॉर्ड रूम से अचानक धुआं निकलता देख ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस लाइन में मौजूद पुलिस बल ने बिना देर किए आग बुझाने के संसाधनों का उपयोग शुरू किया।  

जबलपुर हादसा: दो दिन बाद खत्म हुआ सर्च ऑपरेशन, पिता-पुत्र के शव बरामद

जबलपुर  बरगी बांध में गुरुवार को डूबे क्रूज में सवार लापता पर्यटकों में से 48 घंटे बाद नौ वर्षीय मयूरन पिता परिमल और आर कामराज के शव आज रविवार की सुबह से शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में मिल गए हैं। हादसे के 48 घंटे बाद सर्च अभियान भी समाप्‍त हो गया। चार लोग लापता थे, एक एक तीन के शव मिल गए घटना के बाद से जबलपुर आयुध निर्माणी खमरिया निवासी आर कामराज, उनका भतीजा मयूरन (9) लापता थे। तलाश के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने शनिवार को सुबह छह बजे से रेस्क्यू अभियान चला रही है। विशेष विमान से तमिलनाडु ले जाया गया शव दुर्घटना में मृत दो महिला पर्यटकों के शव को शनिवार को विशेष विमान से तमिलनाडु ले जाए गए थे। आयुध निर्माणी खमरिया में कार्यरत कामरान अपनी पत्नी, बच्चों, तमिलनाडु से आए माता-पिता, भाई-भाभी एवं अन्य स्वजन के साथ घूमने पहुंचे थे। हादसे के दौरान 10 वर्षीय बेटा लहरों के सहारे किनारे आ गया था, जिसे सुरक्षित बचा लिया गया। लेकिन उसका छोटा बेटा श्रीतमिलवेंदन और भतीजा मयूरन सहित स्वयं आर कामराज डूब गए थे। रविवार की सुबह भतीजा मयूरन और आर कामराज के शव भी मिल गए।  

मंत्रालय वल्लभ भवन में हुआ अल्पविराम कार्यक्रम

मंत्रालय वल्लभ भवन में हुआ अल्पविराम कार्यक्रम निजी जीवन और कार्यस्थल पर सरल कार्य संस्कृति के टिप्स दिए भोपाल  पुलिस कर्मियों को बिना स्ट्रेस के आनंदपूर्वक अपनी सेवा देने के उद्देश्य से मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अल्पविराम प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयं की स्वयं से बात में विशेषज्ञों ने कई टिप्स दिए। निजी जीवन और कार्यस्थल पर सरल कार्य संस्कृति पर विशेष बल दिया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में प्रतिभागी अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी जीवन एवं कार्य स्थल पर आनंद के महत्व को बताया गया। जीवन में आंतरिक आनंद के महत्व को बताया गया सभी ने जीवन के विभिन्न पहलुओं में उत्साह और ऊर्जा के विभिन्न आयामों पर विमर्श किया और कार्य स्थल पर टिप्स को अपनाने पर बल दिया। इस अवसर पर मंत्रालय के रजिस्ट्रार श्री मनोज श्रीवास्तव, सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा अविनाश शर्मा, आनंद विभाग के मास्टर ट्रेनर श्रीमती अंजना श्रीवास्तव, मुकेश, अजीत एवं समन्वयक के रूप में आनंद विभाग के श्री मनु दीक्षित भी उपस्थित रहें।  

लक्ष्मी गामड़ की पोस्ट पर बवाल, ‘सामने वाले को थप्पड़ मारने वाला असिस्टेंट’ की मांग से हड़कंप

 भोपाल मध्य प्रदेश अजब है, सबसे गजब है ये बात एक बार फिर सही साबित हो रही है. इस बार गजब खबर राजधानी भोपाल से सामने आई है. भोपाल में पदस्थ मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा की लेडी अधिकारी लक्ष्मी गामड़ का एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहा है. जिसमें उनको एक ऐसे असिस्टेंट की तलाश है जो उनके इशारे पर जरूरत के हिसाब से सामने वाले को दो चमाट (थप्पड़) रसीद कर सके।  लक्ष्मी गामड़ ने सोशल मीडिया पर इसकी वैकेंसी ओपन बताते हुए संपर्क करने के लिए कहा है. उनकी इस पोस्ट पर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया जा रहा है. एक यूजर ने लिखा कि आप प्रशासनिक अधिकारी हैं. आपको ऐसे पोस्ट मीडिया में डालने से बचना चाहिए. हालांकि, वहीं कई यूजर्स बोले बताइए मैडम जी कब से ज्वाइन करना है नौकरी?  बाद में डिलीट कर दिया पोस्ट सोशल मीडिया पर जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई तो महिला अधिकारी ने चुपचाप इसे डिलीट कर दिया. आपको बता दें कि लक्ष्मी अलग-अलग रील बनाकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहती हैं. गामड़ की फेसबुक पोस्ट पर अलग-अलग रील देखने को मिलेगी. जिसमें कई पब्लिक स्पॉट पे रील बनी हैं. लेकिन अभी तक इस पोस्ट को लेकर उनकी सफाई सामने नहीं आई है।  वहीं 1 मई को मजदूर दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने पोस्ट किया था. जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. जिसमें उन्होंने लिखा था कि ऐसा बिल्कुल नहीं कि बीवियां सिर्फ खून पीती हैं. हम भी कभी-कभी मजदूरों पर तरस खाकर खून भी दान देते हैं।  कौन है लक्ष्मी गामड़ लक्ष्मी गामड़ राज्य सेवा प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. नीमच में अपर कलेक्टर रह चुकी हैं. फिलहाल उनकी तैनात भोपाल स्थित एमपी गवर्नमेंट प्रेस में अपर नियंत्रक पद पर है। 

सिस्टम फेल या दबाव ज्यादा? स्लॉट बुकिंग अटकी, 44 हजार किसान शेष, डेडलाइन 23 मई

सागर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में जैसे-जैसे तेजी आ रही है, वैसे ही किसानों की समस्याएं भी बढ़ रहीं हैं। पिछले 3 दिनों से किसान स्लॉट बुकिंग से परेशान हैं। पूरे दिन सर्वर समस्या से स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। कई किसान रात-रात भर जागकर मोबाइल से स्लॉट बुकिंग का प्रयास कर रहे हैं। जिले में अब तक मात्र 16590 किसान ही गेहूं बेच पाए हैं और 33272 के स्लॉट बुक हो पाए हैं। वहीं 44 हजार से अधिक किसान के स्लॉट बुक नहीं हुए हैं। स्लॉट बुकिंग की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इस बार 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य बीते साल जिले से 3 लाख 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, लेकिन इस बार सरकार ने जिले से 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है, जबकि अभी मात्र 66 हजार मीट्रिक टन ही खरीदी हो पाई है। बारदाना की कमी दूर करने 11 हजार बारदाना गठान होने का दावा प्रशासन कर रहा है, इससे करीब 2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सकेगा। मौसम ने बढ़ाई चिंता, खुले में रखा है अनाज गुरुवार को हुई बूंदाबांदी और बदलते मौसम के कारण जिला प्रशासन की चिंताएं बढ़ गईं हैं। खरीदी केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे है, इससे अनाज भीगने की आशंका बनी हुई है। हालांकि नागरिक आपूर्ति निगम का कहना है कि 176 केंद्रों में से 116 केंद्र गोदाम स्तरीय हैं, 11 केंद्र मंडी में बनाए गए हैं। सिर्फ 45 केंद्र समितियां चला रहीं हैं, वहां भी पानी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं। केंद्रों से 39001 मीट्रिक टन अनाज परिवहन कर लिया गया है, जबकि 52130 मीट्रिक टन रेडी टू ट्रांसपोर्ट कैटेगरी में रखा गया है। 175.18 में से 17.40 करोड़ रुपए किसानों को भुगतान हो गए। खरीदी केंद्रों पर गेहूं उपार्जन जारी है, एक-दो दिन से सर्वर की वजह से स्लॉट बुकिंग की जो समस्या आई है, लेकिन गुरुवार को ही 1500 से अधिक स्लॉट बुक हुए हैं। गुरुवार को भैंसवाही व रहली रोड के खरीदी केंद्र से बूंदाबांदी की सूचना आई थी, लेकिन वहां भी अनाज को बचाने के पर्याप्त इंतजाम थे। बारिश से नुकसान की कोई सूचना नही है।- ज्योति बघेल, अधिकारी जिला आपूर्ति निगम।

जंगल बचाने की मुहिम तेज, कई जगहों पर मिला अवैध कब्जा

नरसिंहपुर जिले के वन क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध बसाहट और वन भूमि के दुरुपयोग की मिल रही शिकायतों के बाद अब वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शासन के निर्देश पर जिले के सभी वन परिक्षेत्रों में वन सीमा रेखाओं का सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मानचित्र के साथ जंगलों में पहुंचकर सीमाओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान यह देखा जा रहा है कि किन-किन स्थानों पर वन भूमि का दुरुपयोग हो रहा है और कहां अतिक्रमण किया गया है। बताया जा रहा है कि करेली और गाडरवारा वन परिक्षेत्र में यह अभियान तेज गति से चल रहा है। सत्यापन के दौरान कई स्थानों पर वन भूमि के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं, जिनमें संबंधित लोगों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार जांच के दौरान कुछ स्थानों पर वन क्षेत्र के भीतर विद्युत ट्रांसफार्मर लगे होने की जानकारी भी सामने आई है। अब इसकी विस्तृत जांच कर विद्युत वितरण कंपनी से पत्राचार किया जाएगा कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि बिना अनुमति के स्थापना पाई जाती है तो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में सघन वन क्षेत्र होने के बावजूद कई स्थानों पर वन भूमि का उपयोग खेती सहित अन्य कार्यों में किया जा रहा है। वन विभाग समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी करता रहा है, लेकिन अब व्यापक स्तर पर सीमा सत्यापन के जरिए स्थिति स्पष्ट करने और सख्ती से नियंत्रण करने की तैयारी है। वनभूमि के दुरुपयोग से यह नुकसान वन क्षेत्र घटने से जैव विविधता पर सीधा असर वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित पर्यावरण संतुलन बिगडऩे का खतरा भूजल स्तर और जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका वनक्षेत्र की सीमा लाइन का सत्यापन कार्य निरंतर चल रहा है। जहां भी अतिक्रमण मिल रहा है उसे हटाने के पूर्व संबंधितों को नोटिस दिए जा रहे हैं। कुछ जगह वनभूमि में ट्रांसफार्मर मिलने की जानकारी सामने आई है, आगे नियमानुसार कार्रवाई होगी। सुनील वर्मा, एसडीओ गाडरवारा वन विभाग

कहीं ढांचे तो कहीं कब्जे: नाले-नालियों की सफाई में आ रहीं कई अड़चनें

नरसिंहपुर बारिश से पहले नगरीय क्षेत्र में नाले-नालियों की साफ-सफाई के लिए नगर पालिका का अमला सक्रिय हो गया है, लेकिन अतिक्रमण इस अभियान की सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहा है। शहर के कई वार्डों में नालियों पर कच्चे-पक्के कब्जों के कारण सफाई कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है। स्टेशनगंज क्षेत्र के कृष्ण वार्ड में हालात सबसे अधिक गंभीर हैं। यहां जगह-जगह नालियों पर अतिक्रमण होने से सफाई कर्मचारियों को कचरा निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नालियों के ऊपर पक्का फर्श, सीढिय़ा और चबूतरे तक बना दिए गए हैं, जिससे नालियां पूरी तरह ढंक गई हैं। इसी तरह निरंजन वार्ड और कामत वार्ड में भी नाले-नालियों पर कब्जे के कारण सफाई कार्य प्रभावित रहा है।  स्थिति यह है कि नालियों में लंबे समय से जमा कचरा और मलबा अब सफाई के दौरान बाहर निकल रहा है, जिससे पूर्व में सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कृष्णा वार्ड में नालियों के ऊपर अतिक्रमण की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। कई जगह नालियां पूरी तरह बंद हैं और लोगों ने उन पर स्थायी कब्जा कर लिया है। ऐसे में जब सफाई अमला मौके पर पहुंचता है, तो सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि सीमित संसाधनों में बेहतर तरीके से सफाई कैसे की जाए। कृष्णा वार्ड में नाले-नालियों के ऊपर अतिक्रमण है। वार्ड की अधिकांश सडक़ें संकीर्ण वार्ड की अधिकांश सडक़ें संकरी होने के कारण जलभराव की समस्या भी यहां अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक बनी रहती है। बारिश के दिनों में कमराय स्कूल से लगी सडक़ पर नालियों का गंदा पानी भर जाता है। यही पानी पास स्थित वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर तक पहुंचता है, जिससे हर साल नागरिकों के साथ-साथ कर्मचारी और छात्र-छात्राओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है। नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो बारिश के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं। नगर प्रशासन को ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी करना चाहिए जो जानबूझकर नाले-नालियों में कचरा डालकर पानी की निकासी बाधित करते हैं। कई स्थानों पर नालियों के ऊपर पक्का फर्श, सीढिय़ा और चबूतरे तक बना दिए गए हैं अतिक्रमण हटे बिना सफाई मुश्किल कई वार्डों में नालियों पर कच्चे-पक्के कब्जे पक्का फर्श, सीढिय़ां और चबूतरे बन रहे बाधा संकरी सडक़ों के कारण बढ़ता है जलभराव बारिश में स्कूल व शासकीय परिसरों तक पहुंचता गंदा पानी समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ेंगी समस्याएं नाले-नालियों की सफाई के लिए निरंतर कार्य चल रहा है। जेसीबी मशीन के साथ ही कर्मचारियों की टीम लगी है। कई जगह अतिक्रमण मिल रहा है उसे हटाने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जल्द ही कार्रवाई होगी।- इंजी. पुरुषोत्तम बाडबुद्धे, नगरपालिका नरसिंहपुर

उज्जैन में चमत्कारिक खोज! महाकाल मंदिर परिसर से निकला नया शिवलिंग, गुफानुमा संरचना भी मिली

उज्जैन उज्जैन में बाबा महाकाल के आंगन में एक बार फिर 'महादेव प्रकट हुए'। महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में चल रही खुदाई के दौरान यहां एक प्राचीन शिवलिंग मिला। इसके साथ ही एक गुफानुमा संरचना भी निकली। मंदिर परिसर में पूर्व में भी प्राचीन प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। मई 2020 में परमारकालीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां मिली थीं। महाकालेश्वर मंदिर परिसर की इस खुदाई ने छह वर्ष बाद फिर उज्जैन की प्राचीन विरासत को जीवंत करने के संकेत दिए हैं। टनल और वेटिंग हॉल निर्माण के दौरान खुदाई में ये शिवलिंग और गुफानुमा संरचना मिलीं। इस प्राचीन वैभव ने न सिर्फ आस्था में बढ़ोत्तरी की, बल्कि क्षेत्र की गहरी पुरातात्विक परतों की ओर भी ध्यान खींचा है। करीब 1000-1200 वर्ष पुराना बताया जा रहा संभावना जताई जा रही है कि यह शिवलिंग और गुफा परमार कालीन हो सकते हैं। इन्हें करीब 1000-1200 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। महाकालेश्वर मंदिर के प्रस्तावित गेट-4 के पास निर्माण कार्यों के लिए खुदाई का काम चल रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे पोकलेन ऑपरेटर को खुदाई के दौरान शिवलिंग दिखा तो तुरंत खुदाई रोक दी गई। इसके बाद पुजारियों ने विधि- विधान से पूजा-अर्चना कर शिवलिंग को सुरक्षित करवा दिया। शिवलिंग के साथ अन्य अवशेष जैसे नंदी प्रतिमा या प्राचीन स्थापत्य के हिस्से मिलने की संभावना इस क्षेत्र को संभावित पुरातात्विक स्थल के रूप में स्थापित करती है विशेषज्ञों के अनुसार, शिवलिंग के साथ अन्य अवशेष जैसे नंदी प्रतिमा या प्राचीन स्थापत्य के हिस्से मिलने की संभावना इस क्षेत्र को संभावित पुरातात्विक स्थल के रूप में स्थापित करती है। अब इस खोज का अहम पहलू इसकी प्राचीनता तय करना है। जल्द ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण या राज्य पुरातत्व विभाग की टीम वैज्ञानिक परीक्षण करेगी। महाकालेश्वर मंदिर परिसर में पूर्व में भी पुरानी प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। मई 2020 में महाकाल मंदिर विस्तार के दौरान 25- 30 फीट गहराई में परमारकालीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां मिली थीं। वर्तमान खोज उसी ऐतिहासिक श्रृंखला का विस्तार हो सकती है। प्रमुख बिंदु महाकालेश्वर मंदिर परिसर में चल रहा निर्माण कार्य खुदाई में निकला प्राचीन वैभव शिवलिंग और गुफा मिले बाबा महाकाल के आंगन में 'प्रकट हुए महादेव' खुदाई के दौरान मिले शिवलिंग की पुजारियों ने की पूजा-अर्चना गुफानुमा संरचना भी सहेजी

नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026 में श्री कल्याणी नृत्य कला समिति के 9 छात्रों ने जीते पुरस्कार, दीक्षा अस्थाना ने दी बधाई

भोपाल  2 अप्रैल को रविंद्र भवन के अंजलि सभागृह में राज्य सरकार की मिनिस्ट्री आफ कल्चर द्वारा हिंदुस्तान आर्ट एंड म्यूजिक समिति के माध्यम से, नेक्स्ट जेन टैलेंट समिट 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय संगीत और नृत्य कला की स्पर्धा में श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति के कथक नृत्य में पारंगत 9 छात्रों ने पुरस्कार प्राप्त किए हैं। इस उपलब्धि पर श्री कल्याणी नृत्य कला कौशल समिति की कत्थक शिक्षिका और संस्थापक श्रीमती दीक्षा अस्थाना ने सभी छात्रों को उनके इस प्रयास पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं तथा आशा व्यक्त की है भविष्य में और अधिक संख्या में यहां की छात्राएं ऐसी उपलब्धि प्राप्त करेंगी ।