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मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे ‘आनंद के आयाम – राष्ट्रीय संगोष्ठी’ का शुभारंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य आनंद संस्थान, आनंद विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘आनंद के आयाम – राष्ट्रीय संगोष्ठी’ का शुभारंभ करेंगे। संगोष्ठी स्वर्ण जयंती सभागार, आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी, भोपाल में 20 मार्च को सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगी। इसमें हार्टफुलनेस संस्थान, हैदराबाद के  कमलेश डी. पटेल (दाजी) मुख्य संबोधन देंगे। संगोष्ठी में आनंद और प्रसन्नता के विविध आयामों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। संगोष्ठी में ‘आनंद’ के विषय-विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि और समाजसेवी शामिल होंगे। राज्य आनंद संस्थान की स्थापना वर्ष 2016 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा नागरिकों के बीच आंतरिक कल्याण, भावनात्मक दृढ़ता और मूल्य-आधारित जीवन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। मध्यप्रदेश देश का पहला और एकमात्र राज्य है, जहां ‘आनंद विभाग’ कार्यरत है। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य नागरिकों में आनंद, आंतरिक कल्याण की भावना और मूल्य-आधारित जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन सुशासन और जनभागीदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।  

Agniveer Recruitment: मध्यप्रदेश में जबरदस्त क्रेज, 27 हजार से ज्यादा युवाओं ने किया आवेदन

ग्वालियर भारतीय सेना में अग्निवीर बनने का जुनून ग्वालियर और चंबल सहित प्रदेश के 10 जिलों के युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है कि इस साल अग्निवीर भर्ती के लिए होने वाले ऑनलाइन आवेदनों की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब तक ऑनलाइन आवेदन की संख्या 27 हजार 356 तक पहुंच गई है। एक अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन होंगे यानी अब भी 13 दिन शेष हैं। सेना भर्ती कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि इस बार ग्वालियर और चंबल अंचल के युवाओं में सेना की वर्दी के प्रति दीवानगी और बढ़ रही है। रिक्तियों की संख्या अधिक, सेना के अधिकारी भी उत्साहित अग्निवीर के प्रति बढ़ते रुझान से सेना के अधिकारी भी उत्साहित हैं। इस साल सेना में अधिक संख्या में सैनिक सेवानिवृत्त हुए, इससे सेना की हर यूनिट में रिक्तियाँ अधिक हैं। आकलन के मुताबिक अकेले ग्वालियर सेना भर्ती कार्यालय को ही करीब दो हजार अग्निवीरों की रिक्तियों पर भर्ती करनी है। सेना के अधिकारियों के मुताबिक, जब अभ्यर्थी अधिक होंगे तो मैदान से लेकर लिखित परीक्षा तक में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इससे कट-ऑफ ऊपर जाएगा और कुशल व ऊर्जावान अग्निवीर सेना को मिलेंगे, जो तकनीकी रूप से भी मजबूत होंगे। जिलावार आवेदनों का विवरण जिला – आवेदन संख्या     मुरैना – 8983     भिंड – 5520     शिवपुरी – 3303     ग्वालियर – 2970     सागर – 1826     टीकमगढ़ – 1612     दतिया – 1052     छतरपुर – 887     निवाड़ी – 854     श्योपुर – 349     कुल – 27356 तकनीक और ऑफिस असिस्टेंट पदों के लिए बढ़ा रुझान अग्निवीर तकनीक और ऑफिस असिस्टेंट पदों के लिए इस बार आवेदन बढ़े हैं। पहले 200 से 300 ही आवेदन 10 जिलों से आते थे, लेकिन इस बार संख्या अधिक है। अग्निवीर तकनीक के लिए 1892 अभ्यर्थी और अग्निवीर ऑफिस असिस्टेंट के लिए 891 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। अभ्यर्थी बढ़ने की तीन बड़ी वजहें अधिकतम उम्र 22 वर्ष: पिछले साल तक अग्निवीर भर्ती के लिए अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 21 वर्ष निर्धारित थी। इसे एक वर्ष बढ़ाकर 22 वर्ष कर दिया गया है। केंद्रीय बलों में आरक्षण: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीआईएसएफ (CISF), बीएसएफ (BSF) सहित अन्य सीएपीएफ (CAPF) में 50 प्रतिशत तक कोटा अग्निवीरों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। इससे अब अग्निवीर का कार्यकाल पूरा होने के बाद इनके अभ्यर्थियों के सामने भविष्य का संकट नहीं है। सीएपीएफ में ये आसानी से जा सकेंगे। ऑपरेशन सिंदूर में मिली सराहना: ऑपरेशन सिंदूर में अग्निवीरों ने बेहतर प्रदर्शन कर दुश्मन को धूल चटाने में किया। ड्रोन अटैक में भी अग्निवीरों का बेहतर प्रदर्शन रहा, जिसे देशभर में सराहना मिली। इसलिए अब युवा सेना में जाने के लिए बेताब हैं। अग्निवीर भर्ती के लिए एक अप्रैल तक आवेदन होंगे। अभी 27 हजार 356 अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। यह संख्या अभी और बढ़ेगी। इससे कुशल और ऊर्जावान अग्निवीर सेना को मिलेंगे। जो युवक सेना में जाना चाहते हैं, वे अभी भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। – कर्नल पंकज कुमार, सेना भर्ती कार्यालय, ग्वालियर

गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक 139 दिन तक प्रदेश में चलेगा जल गंगा संवर्धन अभियान 3.0

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारी सनातन संस्कृति की सबसे पवित्र धारा का अभियान है। जल की महत्ता ऐसी है कि इसके बिना कोई जीवित नहीं रह सकता है। शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना है। ये सभी तत्व कभी अकेले नहीं रह सकते हैं। पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुड़ी पड़वा, विक्रम संवत्, चेटीचंड, चैत्र नवरात्रि की बधाई देते हुए प्रदेश में तीसरे चरण के जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, जहां से 250 से अधिक नदियां निकलती हैं। मां नर्मदा के पवित्र जल से मध्यप्रदेश के साथ गुजरात में भी आनंद की धारा बह रही है। हमारी नदी जोड़ो परियोजनाओं का लाभ पड़ौसी राज्य राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जल संचय के अभियान में देशभर के जल स्त्रोतों के विकास कार्य करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के तीसरे जल गंगा संवर्धन अभियान में 3 महीने तक लगातार जल संचय की गतिविधियां संचालित होंगी, जिसमें 2500 करोड़ की राशि से सभी विधानसभा, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचय के कार्य किए जाएंगे। हमारी सरकार ने पहले वर्ष में 30 दिन, दूसरे वर्ष में 120 दिन चलाया और मौजूदा तीसरे वर्ष में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक 139 दिनों तक प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को इंदौर के इस्कॉन मंदिर में आयोजित तीसरे राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अमृत 2.0 परियोजना में सिंगल क्लिक से 12.72 करोड़ लागत से बिलावली तालाब, 4.89 करोड़ लागत से लिम्बोदी तालाब, 3.82 करोड़ लागत से छोटा सिरपुर तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों के भूमि-पूजन सहित 22 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जल के अपव्यय को रोकने और एक-एक बूंद संग्रहण के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि 'जल ही जीवन है, जल है तो कल है' के मूल मंत्र के साथ जागरूकता फैलाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक और पर्यावरणीय संदेशों से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों में भी शामिल हुए। उन्होंने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया और गौ माता की पूजा कर उन्हें गौ-ग्रास खिलाया। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण बन रहा है राष्ट्रीय अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान इसी का हिस्सा है। पिछले वर्षों में प्रदेश में लाखों जल संरचनाओं पर कार्य किया गया है। इंदौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के पहले वर्ष में इंदौर नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में पुरानी बावड़ियों और तालाबों के गहरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य किया गया। साथ ही सैकड़ों कुओं का भी जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान केवल सरकारी नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन होना चाहिए। हमारी नदियां शरीर की रक्त धमनियों की तरह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के जानापाव से निकली चंबल आगे बढ़कर यमुना में मिलकर गंगा जी की धारा को समृद्ध करती है। हमारी नदियां शरीर की रक्त धमनियों की तरह है, जो पृथ्वी माता को जीवन देती हैं। ब्रह्मांड में जल के महत्व से हम सभी परिचित हैं। उन्होंने कहा कि अगर जीवन को सफल करना है तो प्राचीन समय के उन कुएं, नदियां, तालाब, बावड़ी का जीर्णोद्धार करना होगा, जिनका सम्राट विक्रमादित्य, लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर, महाराज सिंधिया ने निर्माण कराया था। उन्होंने बताया कि इंदौर में 21 बावड़ियों का जीर्णोद्धार कराया गया है। जल है तो कल है वाक्य की गंभीरता को हर व्यक्ति को स्वीकार करना होगा। भारतीय संस्कृति पराक्रम, पुरुषार्थ, आनंद और उत्सव की संस्कृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विक्रम संवत् 2083 का शुभारंभ हो रहा है। आज का दिन सम्राट विक्रमादित्य का स्मरण करने का दिन है। सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी वीरता, गंभीरता, दानवीरता और लोकप्रियता के बल पर दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। भारतीय संस्कृति, पराक्रम, पुरुषार्थ, आनंद और उत्सव की संस्कृति है। प्रकृति में ऋतुओं का राजा बसंत है और भारतीय नववर्ष के मौके पर चारों ओर बसंत की आकर्षक छटा दिखाई देती है। सनातन संस्कृति में मौसम, ऋतुओं और मंगल तिथियों के आधार पर पर्व-त्यौहार मनाए जाते हैं। इन तिथियों पर मंगल कार्य संपन्न किए जाते हैं। इसलिए ऐसे त्योहारों की मंगलकामनाएं होनी चाहिए। जबकि शुभकामनाएं जन्मदिवस, यात्रा आरंभ, साक्षात्कार, परीक्षा जैसे अवसरों पर देनी चाहिए। नवरात्रि, रामनवमी, दशहरा जैसी मंगल तिथियां हैं, इसलिए मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान ही उचित है। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग में बरतें विशेष सावधानी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक संसाधन जीवन को सुखद और आनंदमय बनाने के लिए हैं। बिजली से ए.सी. चलाते समय खिड़की-दरवाजे बंद रहने से संकट की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए घरों में बिजली के सर्किट, कॉमर्शियल लाइनें और उपभोक्ताओं की लाइनों की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। इलेक्ट्रिक व्हीकल की चार्जिंग के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। रात में अपनी और परिवार की सुरक्षा की चिंता स्वयं करनी चाहिए। ऐसे सभी प्रयासों में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। बुधवार को इंदौर में हुई अत्यंत दु:खद घटना में नागरिकों की असामयिक मृत्यु हुई है। राज्य सरकार विशेषज्ञों से चर्चा कर समस्या का सामाधान निकालने पर कार्य करेगी। जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा कि राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की नगरी के इस्कॉन मंदिर से हो रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीसरी बार पानी की एक-एक बूंद सहेजने का निर्णय लिया है। इस अभियान में प्रदेश में नदियों, तालाब और नहरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। वर्षा जल का अधिक से अधिक संचय करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है। कृषक कल्याण वर्ष में अनेक जन हितैषी निर्णय लिए गए हैं। राज्य में पिछले 2 वर्षों में सिंचाई का रकबा लगभग 8 लाख हैक्टेयर … Read more

सम्राट विक्रमादित्य की गाथा केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत: मंत्री टेटवाल

भोपाल  गुड़ी पड़वा एवं वर्ष प्रतिपदा विक्रम संवत 2083 के शुभ अवसर पर प्रदेश में विक्रमोत्सव का आयोजन किया गया। इसी क्रम में कौशल विकास एवं रोजगार तथा उज्जैन के प्रभारी मंत्री  गौतम टेटवाल ने उज्जैन के पावन रामघाट पर विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत सृष्टि आरंभ दिवस के शुभ अवसर पर कोटि सूर्योपासना कार्यक्रम में सहभागिता की। साथ ही माँ शिप्रा का पूजन-अर्चन कर प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि कि कामना की। विक्रम संवत केवल एक काल गणना नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रमाण मंत्री  टेटवाल ने कहा कि यह पावन अवसर हमें हमारी महान परंपरा और गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है। चैत्र नववर्ष (विक्रम संवत) का प्रारंभ उज्जैन के महान सम्राट  विक्रमादित्य महाराज द्वारा किया गया था, जो भारतीय संस्कृति, ज्ञान और स्वाभिमान का प्रतीक है। विक्रम संवत केवल एक काल गणना नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सभ्यता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रमाण है। उज्जैन नगरी उसी गौरव को आगे बढ़ाते हुए निरंतर विकास की ओर अग्रसर है, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है। सम्राट विक्रम की गाथा केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्त्रोत भी है मंत्री  टेटवाल ने कहा कि विक्रम संवत, आज भी हमारे पर्व-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों का आधार है, यह केवल एक कैलेंडर नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। इसकी स्थापना लगभग 57 ईसा पूर्व महान सम्राट विक्रमादित्य द्वारा की गई थी। सम्राट विक्रमादित्य का नाम आते ही हमारे मन में वीरता, पराक्रम और अद्भुत नेतृत्व की छवि उभरती है। उनका शासनकाल भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग माना जाता है। उनकी गाथा केवल इतिहास नहीं बल्कि हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। महाकाल लोक हमारी विरासत और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम मंत्री  टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश की पावन धरती, विशेष रूप से उज्जैन, सम्राट विक्रमादित्य की कर्मभूमि रही है। उज्जैन को उस समय भारत की सांस्कृतिक और खगोलीय राजधानी माना जाता था। आज भी यह नगरी हमारे लिए आस्था, इतिहास और गौरव का केंद्र है। उज्जैन विश्व के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है। यहां स्थित  महाकालेश्वर मंदिर और विकसित होता हुआ महाकाल लोक न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि हमारी विरासत और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम भी है। इस अवसर पर सांसद  अनिल फिरोजिया, विधायक  अनिल जैन कालुहेड़ा, महापौर  मुकेश टेटवाल, सभापति मती कलावती यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।  

सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य और सनातन संस्कृति के नव-आरंभ का पर्व है नव संवत्सर

भोपाल  मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार ने गुरुवार को राजगढ़ में गुड़ी पड़वा और नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) के पावन अवसर पर आयोजित "विक्रमोत्सव" कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला स्तरीय भव्य कोटि सूर्योपासना एवं सम्राट विक्रमादित्य केंद्रित नाट्य मंचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री श्री पंवार ने उपस्थित नागरिकों को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। राज्यमंत्री श्री पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि गुड़ी पड़वा केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध कालगणना, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास का प्रस्थान बिंदु है। उन्होंने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि इसी दिन सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना का शुभारंभ किया था, इसीलिए यह दिवस संपूर्ण सृष्टि के प्रथम दिन के रूप में भी पूजनीय है। उन्होंने कहा कि इसी कालखंड में महान सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत का शुभारंभ किया था। यह संवत हमारे प्राचीन भारतीय ज्ञान, विज्ञान और समय की सटीक गणना की समृद्ध परंपरा का जीवंत प्रतीक है। राज्यमंत्री श्री पंवार ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का शासन न्याय और लोक-कल्याण का आदर्श रहा है, जिससे प्रेरणा लेकर आज हम समृद्ध राष्ट्र के निर्माण की ओर अग्रसर हैं। राज्यमंत्री श्री पंवार ने कहा कि गुड़ी पड़वा विजय, आशा और नव-आरंभ का संदेश देता है। घरों पर स्थापित किया जाने वाला 'गुड़ी' यानी विजय ध्वज हमें सदैव यह प्रेरणा देता है कि सत्य और धर्म की ही अंततः विजय होती है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर हम सभी अपनी समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने, समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लें। कार्यक्रम के दौरान सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाट्य का मंचन भी हुआ। राज्यमंत्री श्री पंवार ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली अतीत को समझने का अवसर मिलता है।  

दमोह अस्पताल में हंगामा, जेल प्रहरी से बदसलूकी का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी

 दमोह  दमोह जिला अस्पताल में एक बंदी की सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरी के साथ बदमाश द्वारा झूमा-झटकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जो गुरुवार को सामने आई। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में एक बदमाश जेल प्रहरी के साथ हाथापाई करता नजर आ रहा है और उसकी वर्दी फाड़ने का प्रयास कर रहा है। दूसरे वीडियो में आरोपी गालियां देते हुए खुद को जहीर खान बताते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा है। अस्पताल में भर्ती बंदी की सुरक्षा में था प्रहरी जेल उप अधीक्षक एमएल पटेल ने बताया कि एक बंदी के बीमार होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार रात 10 बजे से 2 बजे तक प्रहरी छोटेलाल अहिरवार की ड्यूटी थी। इसी दौरान बदमाश ने उसके साथ झूमा-झटकी की और मारपीट करने की कोशिश की। बाइक लेने गया तो घेरकर किया हमला प्रहरी ने बताया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद जब वह अपनी बाइक लेने साइकिल स्टैंड पर गया, तभी दो बदमाशों ने उसे घेर लिया। इनमें से एक आरोपी पहले जेल में बंद रह चुका है। पहचान होने पर वह आक्रोशित हो गया और हाथापाई करने लगा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।  

ग्वालियर हाईकोर्ट सख्त: शिवपुरी की डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती निरस्त, अधिकारियों पर जुर्माना

ग्वालियर  MP हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शिवपुरी में निकाली गई डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता पाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। आनंद सिंह बहारावत की एकलपीठ ने योगेश कुमार कुशवाह की याचिका पर सुनवाई करते हुए 26 सितंबर 2014 को जारी भर्ती विज्ञापन को रद कर दिया। उसके आधार पर हुई सभी नियुक्तियों को भी निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से क्या दी गई दलील याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जय प्रकाश कुशवाह ने दलील दी कि यह विज्ञापन राज्य सरकार के 11 सितंबर 2014 के आदेश के आधार पर जारी किया गया था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को 14 जुलाई 2011 के लोक सेवा प्रबंधन विभाग के सर्कुलर के अनुसार होना था। इस सर्कुलर में केवल स्नातक योग्यता और मेरिट के आधार पर चयन का प्रविधान था, जबकि शिवपुरी प्रशासन ने नियमों के खिलाफ जाकर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक की शर्त जोड़ दी और विषय संबंधी शर्तों का भी सही पालन नहीं किया, जिससे कई योग्य उम्मीदवार आवेदन से वंचित हो गए। तीन महीने के भीतर नया विज्ञापन जारी करने का आदेश राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता रिंकेश गोयल ने विज्ञापन का समर्थन किया, लेकिन कोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि अतिरिक्त कलेक्टर, शिवपुरी ने निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया और गलत तरीके से विज्ञापन जारी किया। इस आधार पर कोर्ट ने कलेक्टर, शिवपुरी को निर्देश दिए कि वे तीन महीने के भीतर नियमों के अनुसार नया विज्ञापन जारी करें और संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई भी करें। आयु सीमा के आधार पर खारिज नहीं होग आवेदन कोर्ट ने यह भी माना कि प्रशासन की गलती के कारण याचिकाकर्ता योगेश कुमार कुशवाह भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके, इसलिए जब नई भर्ती निकलेगी तो उनके आवेदन को आयु सीमा के आधार पर खारिज नहीं किया जाएगा। साथ ही, हाई कोर्ट ने प्रशासन की लापरवाही को गंभीर मानते हुए याचिकाकर्ता को 1.50 लाख रुपये का मुआवजा देने और 25 हजार रुपये नगर निगम ग्वालियर के स्वच्छता फंड में जमा कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कुल 1.75 लाख रुपये की राशि बाद में संबंधित दोषी अधिकारी से वसूली जा सकती है।  

सीएम डॉ. मोहन यादव इंदौर अग्निकांड पीड़ितों से मिले, कहा- दुख की घड़ी में हम आपके साथ हैं

इंदौर  सीएम डॉ. मोहन यादव आज शहर में हुए अग्निकांड में 8 मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ हैं। इसके पहले कल ही सीएम घटना की जांच के निर्देश दे चुके हैं। इसके लिए आईआईटी के विशेषज्ञों को बुलाया गया है, साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल के डीलरों से भी बात की जाएगी। बुधवार अल सुबह तिलक नगर थाना इलाके के बृजेश्वरी (एनएक्स) सुख शांति नगर में मनोज पुगलिया परिवार के घर में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में चार लोग घायल हो गए थे। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक रात में इलेक्ट्रिक कार को चार्ज पर लगाया गया था, सुबह उसमें शार्ट सर्किट हुआ और एक चिंगारी ने आग का रूप ले लिया। आग तेजी से पूरे घर में फैल गई और घर में रखे एलपीली सिलिंडरों को भी चपेट में ले लिया। इस दौरान एलपीजी सिलिंडर भी फट पड़े। सीएम मोहन यादव के सामने छलका पीड़ितों का दर्द इंदौर के प्रीति नगर में हुए हृदयविदारक अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार दोपहर इंदौर पहुंचे। सीएम सीधे जंजीरवाला चौराहा स्थित जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभागृह पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त पुगलिया परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढ़स बँधाया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने हादसे की भयावहता और प्रशासनिक कमियों को लेकर मुख्यमंत्री के सामने अपना दर्द साझा किया। शॉर्ट सर्किट या ईवी? बेटे ने उठाए सवाल मुलाकात के दौरान मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ पुगलिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि आग इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग से नहीं, बल्कि घर के बाहर बिजली के पोल पर हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। सौरभ के अनुसार, "पोल से निकली चिंगारी की वजह से पहले कार में आग लगी, जिसने बाद में घर के भीतर खड़ी बाइक और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।" फायर ब्रिगेड की लापरवाही पर नाराजगी पीड़ित परिवार ने रेस्क्यू ऑपरेशन में हुई देरी पर भी गंभीर आरोप लगाए। सौरभ ने सीएम से कहा, "फायर ब्रिगेड की गाड़ियां एक से डेढ़ घंटा देरी से पहुंचीं। यदि वे समय पर आ जातीं, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। टैंकरों में पानी की कमी थी और एक चालक तो रास्ता भटक कर दूसरी गली में घुस गया। रेस्क्यू टीम के पास पर्याप्त सीढ़ियाँ तक नहीं थीं।" हादसे की त्रासदी: एक साथ उठीं 8 अर्थियां बुधवार को हुए इस भीषण अग्निकांड में मनोज पुगलिया सहित उनके परिवार के 8 सदस्यों की मौत हो गई थी, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल थे। मृतकों में मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय सेठिया, विजय की पत्नी सुमन, बेटी रुचिका, और नाती कार्तिक, राशि व तनय शामिल हैं। हादसे के समय मनोज की पत्नी सुनीता और उनके दो बेटे सौरभ व बाबू किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। अग्निकांड में पुगलिया परिवार का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हादसे में बचे सदस्य फिलहाल रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए हैं। मुख्यमंत्री ओल्ड पलासिया स्थित 13 पंथी जैन समाज धर्मशाला में परिजनों से मिलने पहुंचे और करीब 20 मिनट तक उनके साथ रहे। परिजनों के अनुसार आग कल सुबह करीब 4 बजे लगी थी। परिवार के चार सदस्य ऊपरी मंजिल पर पहुंच गए थे और पड़ोसियों की मदद से उन्हें बचा लिया गया, जबकि आठ लोगों की मौत हो गई। धर्मशाला में मौजूद लोगों ने बताया कि सूचना देने के काफी समय बाद फायर ब्रिगेड पहुंची और उनके पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे। यदि समय पर आग पर काबू पाया जाता तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। मृतक के बेटे सौरभ ने दावा किया कि आग गाड़ी की चार्जिंग से नहीं, बल्कि बिजली पोल में हुए शॉर्ट सर्किट से लगी। पहले कार में आग लगी और फिर वह घर के अंदर खड़ी बाइकों तक फैल गई।   

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज की स्थापना की

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया “सम्राट विक्रमादित्य” पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति का हुआ मंचन मंदसौर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ के अवसर पर मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर (आराधना हॉल) में प्कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सूर्य उपासना कर विधिवत ब्रह्मध्वज की स्थापना की। भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर , जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, संत महेशमणि चैतन्य महाराज, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने वर्ष प्रतिपदा की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से आमजन को भारतीय संस्कृति एवं इतिहास की समृद्ध विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी के लिए नववर्ष को मंगलमय, सुखद एवं प्रदेश व देश के लिए कल्याणकारी होने की कामना की। कार्यक्रम की शुरुआत सूर्य उपासना से हुई, जिसके पश्चात ब्रह्मध्वज स्थापित किया गया। यह आयोजन भारतीय नववर्ष वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग एवं मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के सहयोग से “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर भव्य नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया, जिसे उज्जैन की परिष्कृती सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा प्रस्तुत किया गया। नाट्य प्रस्तुति में विक्रमादित्य के जीवन, बेताल पच्चीसी, 32 पुतली सिंहासन, शकों पर विजय, नवरत्न, उनकी वीरता एवं न्यायप्रियता का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस दौरान “भारत का नववर्ष विक्रम संवत्” विषयक पुस्तिका का वितरण भी किया गया, जिससे आमजन भारतीय परंपराओं एवं नववर्ष के ऐतिहासिक महत्व को समझ सकें।

खेत में घुसा तेंदुआ हुआ बेकाबू, दौड़ते हुए पुलिसकर्मी पर हमला, मचा हड़कंप

धार ग्राम तोरनोद में शुक्रवार सुबह खेत में तेंदुआ दिखाई देने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। गेहूं की कटाई के दौरान अचानक तेंदुआ नजर आने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इ समें तेंदुआ खेतों में दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है, वहीं कुछ ग्रामीण वाहन से उसका पीछा करते नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही नौगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को जानकारी दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम भी पहुंची और तेंदुए की तलाश शुरू की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे हार्वेस्टर चालक को सबसे पहले तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद आसपास के किसानों और ग्रामीणों को सूचना दी गई, जिससे मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस दौरान नौगांव थाने के पुलिस जवान अनिल बीसी खेत में मौजूद थे। अचानक सामने से तेंदुए ने छलांग लगाई और उनके हाथ पर पंजा मार दिया। इससे उनके हाथ पर नाखून के निशान आ गए। हालांकि जवान ने डंडा लहराया तो तेंदुआ वहां से भाग गया। इसके बाद जवान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया है और आगे भी डोज दिए जाएंगे। जल्द पकड़ा जाए तेंदुए को ग्रामीण प्रवीण चौहान, जितेंद्र, केशव आदि किसानों ने बताया कि गेहूं की कटाई के दौरान तेंदुआ खेत में छिपकर बैठा था। जब लोगों की भीड़ बढ़ी तो वह खेतों में इधर-उधर दौड़ने लगा। तेंदुआ काफी बड़ा और वयस्क था तथा संभवतः कालूखेड़ी या तिरला क्षेत्र के जंगल से यहां पहुंचा होगा। इससे पहले भी कुछ साल पहले क्षेत्र में तेंदुए के आने से दहशत फैल चुकी है।   ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।     उनका कहना है कि जब तक तेंदुआ नहीं पकड़ा जाएगा।     तब तक किसान खेतों में जाने से डरेंगे और गेहूं की कटाई प्रभावित होगी।     किसान अकेले खेत पर जाने से बच रहे हैं, जिससे काम में देरी हो सकती है। दो घंटे सर्चिंग के बाद भी नहीं मिला, बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण के नजर आए वनकर्मी वन विभाग की टीम पिंजरा लेकर मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक तेंदुए की तलाश करती रही। ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया और भाग निकला। सर्चिंग के दौरान कुछ वनकर्मी बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण के नजर आए। ऐसे में यदि तेंदुआ हमला करता तो सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ सकता था, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।