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मीसाबंदियों का त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है – हेमंत खण्डेलवाल

भोपाल.  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को बड़वानी, खरगोन एवं खण्डवा प्रवास के दौरान जिला कोर कमेटी, जिला बैठक एवं बूथ समिति की बैठक को संबोधित कर मीसाबंदियों का सम्मान किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने बैठकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। सरकार गरीबों और जनजातीय परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भाजपा में कोई पद महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि कार्यकर्ता और विचारधारा संगठन की असली ताकत हैं। मीसाबंदियों का त्याग, संघर्ष और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, मेहनत और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, प्रत्येक बूथ को सशक्त बनाएं और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य करें। कार्यकर्ता आगामी चुनावों में जिले की सभी विधानसभा सीटों पर विजय प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ एकजुट होकर जुटें तथा केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं। मीसाबंदियों का त्याग और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मां नर्मदा के पावन अंचल में बसा बड़वानी अपनी सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय समाज के स्वाभिमान और गौरवशाली संगठनात्मक इतिहास के लिए जाना जाता है। वर्ष 1952 में जनसंघ की जीत यहां के कार्यकर्ताओं के परिश्रम और संगठन की ताकत का प्रमाण है। आपातकाल के दौरान बड़वानी जिले के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मीसा के तहत जेल जाना स्वीकार किया, लेकिन विचारधारा और लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं किया। मीसाबंदियों का त्याग और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें अपने गौरवशाली इतिहास को याद रखते हुए उनसे प्रेरणा लेकर संगठन को मजबूत बनाने और आने वाली पीढ़ी तक संघर्ष व समर्पण के संस्कार पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। संगठन की असली ताकत समर्पित कार्यकर्ता हैं। प्रत्येक कार्यकर्ता अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए हर बूथ को मजबूत बनाने में जुटंे। उन्होंने आगामी चुनावों में अपने-अपने जिलों में सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर एकजुटता से कार्य करने का आह्वान किया। कांग्रेस शासन के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए अनेक कार्यकर्ताओं ने 19 महीने तक जेल में रहना स्वीकार किया, लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। सभी लोकतंत्र सेनानियों ने उस समय संगठन के लिए संघर्ष किया, जब सत्ता में आने की कोई उम्मीद नहीं थी। ऐसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान करना और उनके त्याग और बलिदान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। जब हम लोकतंत्र सेनानियों के घर जाते हैं, तो हमारा सिर सम्मान से झुकता है, क्योंकि उनके परिवारों ने देश और विचारधारा के लिए कठिन परिस्थितियों में त्याग किया है। मालवा और निमाड़ वह क्षेत्र है जहां वर्ष 1962 और 1971 के दौर में जब जनसंघ के लिए राजनीतिक परिस्थितियां बेहद कठिन थीं, तब भी कार्यकर्ताओं ने विचारधारा की लौ जलाए रखी। वर्ष 1962 में प्रदेश में जनसंघ को मिली चार सीटें उस समय एक बड़ी उपलब्धि थीं। यदि हम अपनी पुरानी शक्ति, समर्पण और संगठनात्मक परंपरा को पहचानकर आगे बढ़ेंगे, तो निश्चित रूप से और अधिक मजबूती प्राप्त करेंगे।   सुरक्षित, समृद्ध और विकसित भारत बनाने के लिए भाजपा संगठन को मजबूत बनाएं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से पार्टी ने सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राष्ट्र सौंपने के लिए भाजपा संगठन को मजबूत बनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बहुत तेजी से विकास कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी आर्थिक और सामरिक पहचान मजबूत की है। देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, आधारभूत संरचना, बिजली, निर्यात और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आने वाले वर्षों में और अधिक प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गरीबों और आदिवासी परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का संकल्प लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है। महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत करोड़ों गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। किसानों की फसल प्राकृतिक आपदाओं से खराब होने पर उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई। गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई, जिससे पात्र परिवारों को अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिल रही है। स्वच्छ भारत अभियान, जनधन योजना और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी योजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है। आज सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। यह पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को बताएं कि कांग्रेस के शासनकाल के समय मध्यप्रदेश की क्या स्थिति थी और भाजपा की सरकार बनने के बाद मध्यप्रदेश विकास और प्रगति के किस तरह प्रगति कर रहा है। हमें देश की आर्थिक प्रगति, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में प्रमाणिक तथ्यों के साथ लोगों के साथ संवाद करना चाहिए। कार्यकर्ताओं को इन विषयों की जानकारी लेकर जनता के बीच जाना चाहिए और देश की विकास यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए। संगठन की असली ताकत उसका कार्यकर्ता और उसकी विचारधारा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा में कोई भी व्यक्ति केवल सत्ता या पद … Read more

जयप्रकाश नारायण जयंती: CM मोहन यादव ने किया नमन, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष को किया याद

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को लोकनायक एवं ‘भारत रत्न’ से सम्मानित स्वर्गीय जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में जयप्रकाश नारायण के लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने अपना पूरा जीवन लोकतंत्र की मजबूती, सामाजिक न्याय और जनता के कल्याण के लिए समर्पित किया। उन्होंने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए समर्पित रहा जीवन जयप्रकाश नारायण भारतीय राजनीति और सामाजिक आंदोलनों के प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल रहे। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में जनभागीदारी, सामाजिक बदलाव और लोकतांत्रिक आदर्शों को महत्व दिया। उनका मानना था कि देश की प्रगति के लिए जनता की सक्रिय भागीदारी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती जरूरी है। जयप्रकाश नारायण ने अपने विचारों और आंदोलनों के माध्यम से सामाजिक एवं राजनीतिक व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उनके जीवन का एक प्रमुख उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और जनहित को बढ़ावा देना था। इसी कारण उन्हें लोकनायक के नाम से जाना जाता है। आपातकाल के दौरान किया देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व जयप्रकाश नारायण का नाम भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में विशेष रूप से आपातकाल के दौरान उनके संघर्ष के लिए याद किया जाता है। वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लागू होने के बाद उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं के पक्ष में आवाज उठाई। उन्होंने देशव्यापी जनआंदोलन का नेतृत्व किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश की राजनीति पर व्यापक प्रभाव डाला। इस दौर में उनका संघर्ष भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया। नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं जयप्रकाश नारायण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में जयप्रकाश नारायण के त्याग, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद किया। उनके विचार आज भी लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के महत्व को समझने की प्रेरणा देते हैं। जयप्रकाश नारायण का जीवन सार्वजनिक सेवा और जनहित के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश देता है। उनकी जयंती पर उन्हें याद करना लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों और सामाजिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर भी है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण का योगदान भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को देश, समाज और जनता के हित में कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

अलीराजपुर में नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 20 क्विंटल से ज्यादा गांजे के पौधे जब्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी एवं विक्रय के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अलीराजपुर एवं नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अवैध गांजे की खेती का पर्दाफाश किया तथा स्मैक सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया है। दोनों ही जिलों कार्यवाही कर पुलिस ने अवैध गांजे के पोधे एवं स्मैक सहित लगभग 1 करोड़ 52 लाख रुपए की संपति जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अलीराजपुर में दो खेतों से 2,040 गांजे के पौधे जब्त जिले में थाना आंबुआ क्षेत्र में चार थानों की पुलिस एवं साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर दो खेतों से गांजे के 2,040 पौधे जब्त किए। इनका कुल वजन 20 क्विंटल 79 किलोग्राम तथा अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है। दोनों प्रकरणों में दो आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किए गए हैं। नरसिंहपुर में ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत स्मैक सप्लाई नेटवर्क का खुलासा नरसिंहपुर में संचालित ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत पुलिस ने स्मैक की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सांकल रोड क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों से क्रमशः 270 ग्राम एवं 230 ग्राम, कुल 500 ग्राम अवैध स्मैक जब्त की। पूछताछ में प्राप्त जानकारी के आधार पर राजस्थान सीमा से लगे क्षेत्र से कथित मुख्य सप्लायर को भी गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में दो मोटरसाइकिल एवं दो मोबाइल फोन सहित लगभग 52 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर सप्लाई नेटवर्क, आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति एवं वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए मादक पदार्थों की बरामदगी, आरोपियों की गिरफ्तारी, सप्लाई नेटवर्क के पर्दाफाश तथा अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।  

मैहर में नवरात्रि की धूम, पहले दिन 97 हजार से ज्यादा भक्तों ने किए मां शारदा के दर्शन

मैहर. शारदीय नवरात्रि मेले का शुभारंभ रविवार को मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। मां शारदा मंदिर के पट सुबह तीन बजे खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पहले दिन देश के विभिन्न जिलों और राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मैहर पहुंचे। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं ने सुगमता से दर्शन किए। मंदिर में मां शारदा का लाल परिधान में मनमोहक श्रृंगार किया गया। प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 11 अक्टूबर को सुबह से दोपहर एक बजे तक कुल 97,786 श्रद्धालुओं ने मां शारदा के दर्शन किए। इनमें पैदल मार्ग से 94,272, वैन मार्ग से 1,014 और रोपवे के माध्यम से 2,500 श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। इससे पहले सुबह चार से 11 बजे के बीच ही 75 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी दी गई थी।

भोपाल में ध्वनि प्रदूषण का बढ़ता खतरा, 69 में से 47 चौराहों पर शोर तय मानक से ज्यादा

भोपाल. भोपाल के चौराहों पर ट्रैफिक और हॉर्न का शोर तय सीमा पार कर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की जांच में 69 प्रमुख चौराहों में से 47 पर ध्वनि प्रदूषण निर्धारित मानक से ज्यादा मिला, जबकि 22 पर सीमा के भीतर रहा। सबसे ज्यादा औसत शोर काली मंदिर तिराहे पर 89.90 डेसिबल और अल्पना तिराहे पर 88.56 डेसिबल दर्ज हुआ। व्यावसायिक क्षेत्रों में दिन के समय निर्धारित सीमा 65 डेसिबल है। इस लिहाज से दोनों जगह क्रमशः 24.90 और 23.56 डेसिबल ज्यादा शोर मिला। पीसीबी ने 21 से 24 सितंबर 2026 के बीच सुबह 10 से शाम 6 बजे तक जांच की। नियम 5(4) के अलग आकलन में 21 चौराहों पर सीमा पार हुई। आम आदमी पर क्या असर यदि कोई यातायात पुलिसकर्मी, वाहन चालक, ठेला संचालक या दुकानदार रोज कई घंटे ऐसे शोर के बीच रहता है, तो उसका तनाव एक-दो मिनट वहां से गुजरने वाले व्यक्ति की तुलना में ज्यादा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रीय व्यावसायिक सुरक्षा संस्थान ने काम के दौरान 85 डेसिबल के शोर पर 8 घंटे की सीमा सुझाई है। लंबे समय तक ऐसे शोर में खड़े रहने से कान, आंख में खराबी और मानसिक पीड़ा भी हो सकती है। रिहायशी इलाकों में भी राहत नहीं तय सीमा 55 डेसिबल है, लेकिन कोहेफिजा में 76.34 और त्रिलंगा में 75.02 डेसिबल शोर लाउडस्पीकर बंद, फिर भी शोर ज्यादा मामला ट्रैफिक सिग्नलों पर लगे सार्वजनिक लाउडस्पीकर की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राशिद नूर खान की याचिका पर एनजीटी ने 21 मई 2026 को पीसीबी को ध्वनि स्तर की व्यापक जांच, ध्वनि मानचित्रण और उद्घोषणा तंत्र के नियमों की समीक्षा के निर्देश दिए थे। इसके बाद पीसीबी ने 21 से 24 सितंबर 2026 तक सुबह 10 से शाम 6 बजे के बीच चौराहों पर शोर मापा। याचिकाकर्ता के वकील हर्षवर्धन तिवारी के मुताबिक, जांच में 69 में से 68 चौराहों पर लाउडस्पीकर बंद थे। केवल कोलार तिराहे पर चालू मिला। ज्यादा शोर का कारण केवल लाउडस्पीकर होना साबित नहीं होता। वाहनों की आवाजाही आसपास शोर बढ़ाती हैं। जांच में 22 चौराहों पर शोर तय सीमा के भीतर मिला। वहीं, नियम 5(4) के अलग आकलन में 21 चौराहों पर निर्धारित सीमा पार हुई।

MP Crime: सतना में किसान पर जानलेवा हमला, गला रेतकर लूटे जेवर, हमले में पांच लोग गंभीर

सतना. जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनवारी गांव में शनिवार-रविवार की दरम्यानी देर रात नकाबपोश बदमाशों ने एक घर में घुसकर खूनी वारदात को अंजाम दिया। खेत में बने घर के बरामदे में सो रहे 40 वर्षीय किसान रज्जन सिंह पटेल की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उनकी पत्नी, दो बच्चों और बुजुर्ग दादी पर भी हमला कर घायल कर दिया। वारदात के बाद बदमाश घर से गहने और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। एक ही परिवार के पांच सदस्यों पर हमले और किसान की हत्या से गांव में दहशत फैल गई। बरामदे में सो रहे किसान पर हमला प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 12:30 बजे रज्जन सिंह पटेल अपने खेत में बने घर के बरामदे में खाट पर सो रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। इसी दौरान करीब आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे और रज्जन पर कुल्हाड़ी सहित अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चीख-पुकार सुनकर बाहर निकला परिवार मृतक की पत्नी अंजना सिंह पटेल के मुताबिक, पति पर हमला होने के दौरान चीख-पुकार सुनकर वह अपनी आठ वर्षीय बेटी रागनी सिंह पटेल, 12 वर्षीय बेटे अनिकेत पटेल और बुजुर्ग दादी लल्ली सिंह पटेल के साथ बाहर निकलीं। इस दौरान हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया। अंजना के सिर और लल्ली सिंह के सिर व आंख में चोट आई है। बेटी रागनी के सिर में भी चोट लगी, जबकि बेटे अनिकेत को मामूली चोट आई है। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डायल 112 की सहायता से सभी घायलों को सिविल अस्पताल मैहर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल पर फोरेंसिक अधिकारी डॉ. महेंद्र पटेल अपनी टीम के साथ पहुंचे और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मामले में गांव के कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हत्या और लूट की इस वारदात को लेकर पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

कान्हा टाइगर रिजर्व में आज खास पहल, मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे 8 जंगली भैंसों को रिलीज

बालाघाट. लगभग 150 साल बाद मध्य प्रदेश के जंगलों में जंगली भैंसों (एशियाई जंगली जल भैंस) की ऐतिहासिक वापसी की अगली कड़ी में आज रविवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार रेंज में जंगल भैंसों को प्राकृतिक आवास में विमुक्त करेंगे। लगभग 165 दिन पहले 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने पुनर्स्थापन योजना के तहत चार जंगली भैंसों को सुपखार रेंज में विमुक्त किया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव नरसिंहपुर से निकलकर शाम चार बजे सुपखार पहुंचेंगे। 4.30 से पांच बजे के बीच वह करीब आठ जंगली भैंसों को प्राकृतिक आवास में विमुक्त करेंगे। वह सुपखार के गेस्ट हाउस में ही रात्रि विश्राम करेंगे। बाघ राज्य के बाद ‘व्हाइट बफेलो स्टेट’ बनने का लक्ष्य गौरतलब है कि पुनर्स्थापन अभियान 28 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब मुख्यमंत्री ने शुरुआत में असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाए चार जंगली भैंसों (एक नर और तीन मादा) को बाड़े में छोड़ा। मप्र सरकार का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश को बाघ राज्य के बाद ‘व्हाइट बफेलो स्टेट’ के रूप में भी पहचान मिले। इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण पहल जानकारी के अनुसार, 1960 और 1970 के दशक में बालाघाट के जंगलों में जंगली भैंसे पाए जाते थे, लेकिन समय के साथ वे विलुप्त हो गए। सरकार की यह पुनर्स्थापन मुहिम जिले के पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह कार्य वन विभाग की ‘कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसा पुनर्स्थापन योजना' के तहत किया जा रहा है।

कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व MP प्रभारी दीपक बाबरिया नहीं रहे; दिल्ली AIIMS में हुआ निधन

भोपाल. कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश में पार्टी प्रभारी रहे दीपक बाबरिया का शनिवार को निधन हो गया। वह दिल्ली और हरियाणा में भी संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। उनके निधन पर पार्टी के नेताओं ने दुख जताते हुए उनके राजनीतिक योगदान को याद किया। नौ सितंबर को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें एम्स दिल्ली में भर्ती किया गया था। मध्य प्रदेश में उनके कार्यकाल में पार्टी ने 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। कांग्रेस नेताओं ने जताया दुख उनके देहांत पर रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित कई दिग्गजों ने दुख जाता है। रणदीप सुरजेवाला ने एक्स पर लिखा, श्री दीपक बाबरिया जी के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि। दुख की इस घड़ी में हम सभी शोक-संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं। सुरजेवाला ने एक्स पर लिखा, दीपक बाबरिया के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि. दुख की इस घड़ी में हम सभी शोक-संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं. वहीं, रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लिखा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता व हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रभारीदीपक बाबरिया के आकस्मिक निधन की खबर बेहद पीड़ादायक है. बेहद मेहनती और कुशल राजनेता दीपक बाबरिया के हरियाणा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रहने के दौरान उनके साथ करीब से काम करने का अवसर मिला. दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि और परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. ईश्वर से प्रार्थना है कि परिवारजनों को यह कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें.

Navratri Special: मध्य प्रदेश में विराजित हैं मां दुर्गा की प्राचीन द्वादशभुजी प्रतिमा, जानें उदयगिरी गुफाओं का इतिहास

भोपाल. भोपाल से करीब 60-65 किमी दूर विदिशा जिले की ऐतिहासिक उदयगिरी गुफाओं में शक्ति पूजा के सबसे पुराने पुरातात्विक साक्ष्य मौजूद हैं। यहां महिषासुर का वध करती देवी दुर्गा यानी "महिषासुरमर्दिनी" की ऐसी प्रतिमा है, जिसके 12 हाथ हैं। गुप्तकाल के दौरान चौथी-पांचवी शताब्दी में बनी यह प्रतिमा मध्य भारत में मिली देवी की सबसे प्राचीन प्रतिमा है। उकेरा गया देवी का स्पष्ट स्वरूप देश के चुनिंदा हिस्सों से जो प्रतिमाएं इससे पहले मिली हैं, उनमें देवी का यह स्वरूप इतना स्पष्ट नहीं है। उदयगिरी में गुफा की उत्तरी दीवार पर बनी इस प्रतिमा में उन्होंने महिषासुर की गर्दन दबोच रखी है। दाहिना पैर राक्षस की पीठ पर है और बायां पैर एक आधार पर टिका है, जिसे कुछ लोग उनके वाहन शेर के तौर पर पहचानते हैं। 1700 साल प्राचीन होने का दावा दाहिनी ओर के एक हाथ में त्रिशूल है, जिससे उन्होंने राक्षस को बींध रखा है। दूसरे हाथों में तलवार, ढाल, धनुश-बाण, गदा, पानपात्र, खप्पर जैसे अस्त्र-शस्त्र दिखाए गए हैं। करीब 1700 साल पहले उकेरी गई यह प्रतिमा इस क्षेत्र में शक्ति पूजा की सबसे समृद्ध परंपरा की पुष्टि है। गुफाओं का गुप्त काल में निर्माण – मंदिर रूपी गुफाओं का निर्माण गुप्त काल में चौथी शताब्दी के उत्तरार्द्ध और पांचवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में मालवा विजय के उपलक्ष्य में हुआ था। यहां बनी महिषासुरमर्दिनी की प्रतिमा मध्य भारत में मिली सबसे प्राचीन देवी प्रतिमा है। देश में भी ऐसी गिनी-चुनी प्रतिमाएं ही हैं। दूसरी प्रतिमाओं में देवी के आठ, 10 या कहीं कहीं 20 हाथ दिखाए गए हैं, लेकिन यहां देवी के 12 हाथ हैं। – डॉ. नारायण व्यास, पुरातत्वविद्

नवरात्रि से दीपावली तक भोपाल के बाजारों में रहेगी रौनक, कारोबारियों ने की बंपर तैयारियां

भोपाल शारदीय नवरात्रि के साथ भोपाल के बाजारों में त्योहारी खरीदारी का दौर शुरू हो गया है। न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बिट्टन मार्केट, चौक बाजार, करोंद और बैरागढ़ सहित शहर के प्रमुख बाजारों में कारोबारियों ने त्योहारों की मांग को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पूजा सामग्री, फूल-फल और चुनरी से शुरू होने वाली खरीदारी गरबा के पारंपरिक परिधानों, दशहरा, करवा चौथ और दीपावली के सामान तक पहुंचेगी। इसके बाद छठ तक कई श्रेणियों में मांग बनी रहने की उम्मीद है। ऐसे में व्यापारियों के लिए अगले डेढ़ महीने बिक्री बढ़ाने के साथ छोटे कारोबारियों और स्थानीय कारीगरों को काम देने का अवसर भी होंगे।नवरात्रि के दौरान कलश, नारियल, चुनरी, मौली, रोली, कपूर, धूप-अगरबत्ती और पूजा पात्रों की मांग बढ़ती है। नौ दिनों तक घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना होने से इन वस्तुओं की बिक्री बनी रहती है। प्रमुख बाजारों के अलावा कालोनियों और चौराहों पर अस्थायी दुकानें लगाने वाले छोटे दुकानदारों को भी इस दौरान अतिरिक्त कमाई की उम्मीद रहती है। गरबा-डांडिया से कपड़ा और एक्सेसरीज बाजार को मिलेगा सहारा नवरात्रि में गरबा और डांडिया आयोजनों के कारण पारंपरिक परिधानों की मांग बढ़ती है। चनिया-चोली, लहंगा, कुर्ते, पगड़ी और पारंपरिक आभूषणों के साथ मैचिंग ज्वेलरी, चूड़ियां, जूती और अन्य एक्सेसरीज की खरीदारी होती है। इसका फायदा कपड़ा कारोबारियों के साथ दर्जियों, कढ़ाई करने वालों और छोटे विक्रेताओं को भी मिलता है। दशहरा-दीपावली में बढ़ेगा खरीदारी का दायरा नवरात्रि के बाद दशहरा और फिर करवा चौथ के लिए खरीदारी होगी। दीपावली के दौरान कपड़ों, जूते-चप्पल, मोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स, घरेलू उपकरण, फर्नीचर, सजावटी सामान, मिठाई, उपहार और ज्वेलरी की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। कई परिवार त्योहारों के लिए पहले से खरीदारी करते हैं, जबकि कुछ लोग बजट और आफर देखकर खरीदारी का समय तय करते हैं। इससे अलग-अलग बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बनी रह सकती है। फूल, मिठाई और सजावट से जुड़े कारोबार को भी मिलेगा काम मंगलम इलेक्ट्रोनिक के डायरेक्टर श्याम बंसल ने बताया कि त्योहारों के दौरान फूल-मालाओं, फलों, मिठाइयों और पूजा सामग्री की मांग बढ़ती है। दुर्गा पूजा पंडालों और धार्मिक आयोजनों के लिए बांस, कपड़े, रंग, लाइट, बिजली की झालर और साउंड सिस्टम की जरूरत होती है। इससे सजावट कारोबारियों, कारीगरों, मजदूरों और इलेक्ट्रिशियन को भी काम मिलता है। चौक बाजार में पारंपरिक खरीदारी और ज्वेलरी, जबकि न्यू मार्केट, 10 नंबर और बैरागढ़ में कपड़े, फुटवियर और घरेलू जरूरत के सामान का कारोबार महत्वपूर्ण रहता है। छोटे दुकानदारों को भी सीजन से उम्मीद किराना व्यापारी महासंघ महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि त्योहारी कारोबार का लाभ बड़े शोरूम तक सीमित नहीं रहता। फूल और फल विक्रेता, मिठाई दुकानदार, दर्जी, कारीगर और अस्थायी स्टाल लगाने वाले भी इस सीजन पर निर्भर रहते हैं। नवरात्रि से शुरू होने वाली खरीदारी यदि दशहरा और दीपावली तक गति बनाए रखती है, तो बाजार में बिक्री के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। कारोबारियों की नजर अब इसी बात पर है कि शुरुआती रौनक दीपावली तक कितनी मजबूत बनी रहती है। छठ तक जारी रहने वाली मांग इस कारोबारी सीजन को और विस्तार दे सकती है।