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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश  संजीव कुमार झा ने शनिवार को निर्वाचन सदन, भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के अंतर्गत प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी  झा ने बताया कि शनिवार को पूरे प्रदेश में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 है। इनमें पुरुष मतदाता 2 करोड़ 79 लाख 4 हजार 975, महिला मतदाता 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार 186 तथा थर्ड जेंडर मतदाता 904 हैं। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अंतिम मतदाता सूची की सॉफ्ट कॉपी सौंपी गई। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची में छूट गए हैं अथवा किसी प्रकार का संशोधन है, वे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। साथ ही जिन युवाओं ने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, वे भी अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।  झा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मती सुरभि तिवारी,  संजय वास्तव एवं  राजेश यादव उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों में आम आदमी पार्टी से  शैलेन्द्र नागले, बहुजन समाज पार्टी से  पूर्णेन्द्र अहिरवार एवं  नरेश बनपुरिया, भारतीय जनता पार्टी से विधायक  भगवान दास सबनानी,  रजनीश अग्रवाल एवं  एस.एस. उप्पल, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से  पी.वी. रविचंद्रन तथा कांग्रेस पार्टी से  जे.पी. धनोपिया उपस्थित रहे। 

गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करें – डिप्टी CM शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रीवा से मरीजों को अन्यत्र रेफर न किए जाने के प्रयास हों, तृतीयक स्तर की उन्नत चिकित्सा सेवाएं यही उपलब्ध हों। यह प्रयास हो कि बाहर के मरीज भी यहाँ इलाज के लिए आएं। रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के लिए चार सीटों की स्वीकृति हो गई है। अब यहाँ डीएम की भी पढ़ाई होगी। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सा सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह अस्पताल विन्ध्य क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ है। यहाँ के चिकित्सकों व चिकित्सकीय स्टाफ द्वारा पूरी लगन व मेहनत से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रदेश भर में इस अस्पताल द्वारा किए गए चिकित्सा इलाज की चर्चा है। यह अस्पताल प्रदेश के अन्य सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की तुलना में सबसे ज्यादा मरीजों को इलाज की सुविधा देने वाला अस्पताल बना है। अब इस अस्पताल में डीएम कॉर्डियोलॉजी के पद स्वीकृत हुए हैं। शीघ्र ही यहाँ अन्य विभागों में एमसीएच की सीटें भी स्वीकृत होंगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं तथा कार्यरत चिकित्सकों की पदोन्नति व उनको मिलने वाले इंसेन्टिव के विषय में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि नियत समयावधि पूर्ण करने पर चिकित्सकों को अगले पद पर तत्काल पदोन्नति दें। उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों व स्टाफ से अपेक्षा की कि इसी तरह मनोयोग से मरीजों का इलाज करते रहें। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में वर्ष 2020 में 155, वर्ष 2021 में 1749, वर्ष 2022 में 2501, वर्ष 2023 में 2846, वर्ष 2024 में 2254 एवं वर्ष 2025 में 2327 एंजियोग्राफी की गईं। जबकि वर्ष 2020 में 80, वर्ष 2021 में 832, वर्ष 2022 में 1595, वर्ष 2023 में 1685, वर्ष 2024 में 1500 व 2025 में 1371 मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अब तक 29 मरीजों की ओपेन हार्ट सर्जरी की जा चुकी है। इसी प्रकार अस्पताल में 8 मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मती नीता कोल, डॉ. मनोज इंदुलकर, अधीक्षक संजय गांधी डॉ. राहुल मिश्रा, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी डॉ. अक्षय वास्तव सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक उपस्थित रहे।  

राज्यमंत्री गौर ने किया करीब 2 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने बताया कि लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिनमें मालीखेड़ी विसर्जन घाट का उन्नयन प्रमुख है। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि मालीखेड़ी विसर्जन घाट को 1 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से आधुनिक एवं सुविधायुक्त बनाया जाएगा। घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पक्का प्लेटफॉर्म, सुरक्षा रेलिंग, समुचित प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था तथा स्वच्छता संबंधी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गोविन्दपुरा में वार्ड 72 के मालीखेड़ी में सीसी रोड एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्य तथा मेन रोड स्थित दुर्गा मंदिर के चबूतरे के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 7 लाख 18 हजार रुपये है। वार्ड 72 की लीलाधर कॉलोनी में आरसीसी नाली निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 2 लाख 86 हजार रुपये है। वार्ड 72 के गीता नगर में शंकर जी मंदिर के पास रिटेनिंग वॉल निर्माण, गीता नगर पार्श्व धाम स्थित कम्युनिटी हॉल में शेड निर्माण तथा बिहारी कॉलोनी में रोड एवं आंगनवाड़ी के पास आरसीसी नाली निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया गया, जिनकी कुल लागत 15 लाख रुपये है। वार्ड 72 के अटल नेहरू नगर में बालाजी मंदिर से आंगनवाड़ी तक, श्री महावीर हनुमान मंदिर के पास सड़क निर्माण तथा अप्रोच रोड से मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 13 लाख रुपये है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला का किया भ्रमण

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला रीवा का भ्रमण किया तथा वहाँ की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गौमाताओं को गौग्रास खिलाया। उन्होंने गौशाला के संचालन और चल रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने लक्ष्मणबाग स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान जी के दर्शन किए तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।  

सिंचाई परियोजना से खेती को मिलेगा संबल, मंत्री राजपूत ने गिनाए फायदे

भोपाल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत के अथक प्रयासों से बहुप्रतीक्षित मिडवासा सिंचाई परियोजना को शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कुल 300 करोड़ की लागत आएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। परियोजना के पूर्ण होने पर सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करैया जारो, मोकलपुर, हनौताखुर्द, नारायणपुर, बंसिया, बेरसला, बैरसिया, हफसिली, बिहारीखेड़ा,तालग्वारी, गुआरी, बदरचुआ, घाटमपुर, सगोरिया, अर्जना, एवं बरोदा रहली के अलावा नरयावली विधानसभा के ग्राम बरखुआ तिवारी, उदयपुरा तिवारी, समनापुर, किशनपुर, रहली विधानसभा के ग्राम सेमरा अंगद, सिमरिया बेलई, सेजपुरा, देवरी,खांड़,रेवझा, हिलगन, मोहनपुरा एवं ढाना के लगभग 7200 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे न केवल फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से क्षेत्रवासी इस परियोजना की मांग कर रहे थे, जिसे अब मूर्त रूप मिलने जा रहा है। मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाया जा रहा है। ताकि हमारे क्षेत्र के किसान भी पंजाब, हरियाणा जैसे, कृषि में उन्नति करके कृषि लाभ कमाएं। सरकार का उद्देश्य है कि किसान भाईयेां को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जायें, जिसको लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस परियोजना से हजारों किसानों को लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र में पानी की समस्या भी खत्म होगी। यह केवल परियोजना नहीं किसानों और क्षेत्र वासियों के लिए पानी का वह स्रोत है, जिससे अब खुशहाली ही खुशहाली होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र के किसानों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस स्वीकृति पर हर्ष व्यक्त करते हुए मंत्री  राजपूत का आभार जताया। उन्होंने कहा है कि यह परियोजना सुरखी क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी।  

सवा 2 हजार करोड़ रूपए की रतनगढ़ परियोजना से 40 हजार किसानों को मिलेगा सिंचाई सुविधाओं का लाभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दतिया वीरता और भक्ति का अद्भुत संगम है। यहां आस्था और प्रगति का उत्कृष्ट संगम है। हमारी सरकार दतिया के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। विगत वर्ष बुंदेला काल के दतिया महल और गुज्जरा लघु शिलालेख को यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में स्थान मिल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले की विकास यात्रा अब रूकने वाली नहीं है। आज दतिया विकास, नवाचार, महिला सशक्तिकरण और किसान समृद्धि का एक रोल मॉडल बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया में एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ दतिया से भोपाल फ्लाईट भी शुरू हो गई है। खजुराहो से नई दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन के जरिए दिल्ली अब दतिया से चंद घंटों की दूरी पर आ गया है। उन्होंने कहा कि दतिया में मां पीताम्बरा लोक का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। इससे जिले के पर्यटन को नए पंख लगेंगे और दतिया को एक नई धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान भी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को दतिया जिले के सेवढ़ा तहसील मुख्यालय में 529 करोड़ लागत के 71 विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि करीब सवा 2 हजार करोड़ रूपए की लागत वाली रतनगढ़ सिंचाई परियोजना से इस क्षेत्र के 40 हजार से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले के नशामुक्ति कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य के लिए जिलेवासियों को बधाई दी। केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का दतिया के किसानों को मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कभी पेयजल संकट से जूझने वाला दतिया में आज हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर काम चल रहा है। इसका भरपूर लाभ दतिया जिले के किसानों को भी मिलेगा। अब किसानों को सिंचाई के लिए पानी की चिंता करने की जरूरत नहीं है। दतिया जिले में 1.48 लाख हैक्टेयर से अधिक भू-रकबे में सिंचाई सुविधा का विस्तार होने से यहां कृषि उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। विगत दो सालों में यहां 7 लघु सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ जिले के 1.37 लाख से अधिक किसानों को मिल रहा है। फसल बीमा योजना यहां के 1.26 लाख से अधिक किसानों का सुरक्षा कवच बनी है। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाना हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और सम्मान के लिए दृढ़-संकल्पित है। प्रधानमंत्री  मोदी ने किसान भाइयों के खाते में सम्मान निधि भेजने की शुरुआत की है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। दोनों समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहकर हर मौसम में काम करते हैं। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई की सुविधा मिल रही है। किसानों को सोलर पंप देकर बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में सिंचित रकबा मात्र 7 लाख हैक्टेयर था जो हमारी सरकार आने पर बढ़कर 44 लाख हैक्टेयर हुआ और पिछले डेढ़-दो साल में यह बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासकीय गौ-शालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया है। पात्र हितग्राहियों को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना में 25 गाय पालने पर 10 लाख रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले में पीताम्बरा माई का पुण्य प्रताप भी है और रतनगढ़ वाली मैया का आशीर्वाद भी। उनाव वाले बालाजी महाराज की कृपा इस धरती पर हमेशा बरसती है। दतिया को द ग्रेट गामा पहलवान और शहीद चंद्रशेखर आजाद की कर्मस्थली होने का गौरव भी प्राप्त है। उन्होंने कहा कि हम दतिया को विकास का केन्द्र बनाकर रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के हितलाभ भी वितरित किए। लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया जिले के लिए कुल 529 करोड़ रूपए के 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इसमें 299 करोड़ 32 लाख रूपए की लागत से 50 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 230 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से 21 नए विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये सभी सौगातें जिले की अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और ग्रामीण विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी। प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 475 करोड़ रूपए से नई सड़क बनाने की घोषणा की। उन्होंने इंदरगढ़ में नवीन बस स्टैंड की घोषणा करते हुए कहा कि सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए भी राशि दी जाएगी। सेवढ़ा में नया इंडोर स्टेडियम बनाया जाएगा। इंदरगढ़ में 8.5 किलोमीटर लंबा बायपास बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वारका योजना के अंतर्गत नगर परिषद सेवढ़ा को विभिन्न विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। पात्र हितग्राहियों को मिलेगें पक्के मकान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार संबल योजना के माध्यम से मुश्किल वक्त में गरीब भाई-बहनों के परिवार के साथ खड़ी है। प्रदेश की बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात दी जा रही है। प्रदेश में नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही स्कूलों में नि:शुल्क दूध वितरित की योजना शुरू की जाएगी। इससे बच्चों को उत्तम स्वास्थ्य और पोषण का लाभ मिलेगा। हमारी सरकार शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबें, साइकिल और लैपटॉप प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क हादसों में घायल जरूरतमंदों की मदद के लिए राज्य सरकार ने … Read more

विलुप्त हुए फर्राटों को प्रदेश में मिली रफ्तार, देश में जन्मे चीतों की भी होने लगी वंश-वृद्धि बोत्स्वाना से 28 फरवरी को आएंगे 8 चीते

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापन के ‘प्रोजेक्ट चीता’ को 'विश्व का सबसे सफल' अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो में चीतों की सफल बसाहट पर खुशी जताते हुए कहा कि 28 फरवरी 2026 तक बोत्सवाना से 8 और चीते लाये जायेंगे। यह परियोजना ‘प्रकृति से प्रगति’ का संदेश है। भारत में विलुप्त हो चुके चीते के पुनर्स्थापन का ऐतिहासिक प्रयास, ‘प्रोजेक्ट चीता’, ने अपने तीन वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। सितंबर 2022 में शुरू हुई यह वन्य जीव संरक्षण यात्रा सफलता के स्वर्णिम सोपान चढ़ चुकी है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों ने भारतीय धरती पर खुद को अनुकूलित कर लिया है। कूनो और गांधी सागर अभयारण्य में उनकी दूसरी पीढ़ी के शावकों के निर्भय फर्राटों ने सिद्ध कर दिया है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की कल्पना को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हुए प्रयासों ने साकार कर दिया है। भारत के अभयारण्यों में फर्राटे भरते चीतों की रफ्तार भविष्य में जैव-विविधता संरक्षण की एक प्रेरक मिसाल बन रही है। ऐतिहासिक शुभारंभ से सशक्त स्थापना नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8 चीतों का आगमन हुआ और प्रधानमंत्री  मोदी ने उन्हें कूनो अभयारण्य के संरक्षित बाड़ों में छोड़ कर पुनर्स्थापना परियोजना का शुभारंभ किया। दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते 18 फरवरी 2023 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गये। गामिनी, आशा, वीरा और निर्वा के साथ भारत में जन्मी मुखी ने भी दिया शावकों को जन्म दक्षिण अफ्रीका से आये 12 में से 8 चीते वर्तमान में कूनो अभयारण्य में पूर्णतः स्थापित होकर स्वयं को वर्तमान आवास की परिस्थितियों में ढाल चुके हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। इनमें से3 चीते गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित किए गए हैं। दक्षिण अफ्रीकी माताओं से जन्मे 10 शावक वर्तमान में जीवित और स्वस्थ हैं। भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा चीता ‘मुखी’ ने भी 5 शावकों को जन्म दिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना अब शैशवास्था से आगे बढ़कर स्थायी स्थापना और प्रजनन के चरण में प्रवेश कर युवा हो चुकी है। ‘गामिनी’ दूसरी बार माँ बनी है। उसकी पहली खेप में 3 स्वस्थ सब-एडल्ट शावक हैं और हाल ही में उसने 3 नए शावकों को जन्म दिया है। वीरा अपने 13 माह के शावक के साथ खुले जंगल में विचरण कर रही है, जबकि निर्वा अपने 10 माह के तीन शावकों के साथ संरक्षित बाड़े में है। नामीबियाई से आये 8 में से 3 चीते वर्तमान में कूनो में स्थापित हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। नामीबियाई माताओं से जन्मे 12 शावक वर्तमान में जीवित हैं। कूनो में वर्ष2023 से 2026 के बीच कुल 39 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 27 शावक वर्तमान में कूनो में स्वस्थ और जीवित हैं। कूनो से गांधी सागर पहुंची पुनर्स्थापना यात्रा कूनो राष्ट्रीय उद्यान के साथ अब गांधी सागर अभयारण्य को भी चीतों के दूसरे घर के रूप में विकसित किया जा चुका है। तीन दक्षिण अफ्रीकी चीतों का वहाँ सफल स्थानांतरण हो चुका है। ‘प्रोजेक्ट चीता’ ने वन्य जीव संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ा है। इस परियोजना में सहयोग के लिये 450 से अधिक ‘चीता मित्र’ तैयार हुए, साथ ही सैकड़ों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए। इससे वन-आधारित आजीविका और सामुदायिक सहभागिता को नई दिशा मिली है। लक्ष्यः वर्ष- 2032 तक आत्मनिर्भर चीता आबादी परियोजना के तीन वर्ष में प्राकृतिक कारणों और अनुकूलन संबंधी चुनौतियों के चलते कुछ चीतों की मृत्यु भी हुई। परंतु, जीवित चीतों ने भारतीय जलवायु, शिकार प्रजातियों और पारिस्थितिकी के अनुरूप स्वयं को ढालकर यह सिद्ध किया कि यह परियोजना दीर्घकालिक सफलता की ओर अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य वर्ष-2032 तक लगभग 17 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 60–70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है। इसके लिए गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में एक संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किया जायेगा। लुप्त हो चुके चीतों का मात्र तीन वर्ष में देश में सफल पुनर्स्थापन भारत के वन्य जीव संरक्षण का सशक्त उदाहरण है। प्रजनन करती मादा चीतों, दूसरी पीढ़ी के शावकों का जीवित एवं स्वस्थ बने रहना और नए आवासों में विस्तार करना इस बात का संकेत है कि चीता प्रजाति अब भारत की वन पारिस्थितिकी का अविभाज्य अंग बन चुकी है।  

मजदूर की खुदकुशी से हड़कंप: सुसाइड नोट में सरपंच को ठहराया जिम्मेदार, ग्रामीणों का चक्काजाम

रतलाम जावरा के औद्योगिक थाना अंतर्गत ग्राम हरियाखेड़ा में एक मजदूर युवक द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज एकत्रित हो गया और जाम लगा दिया। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा भी मौके पर पहुंचे और स्वजनों से चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। लापरवाही बरतने पर एसपी ने थाने के एएसआई आशीष मांगरिया को लाइन अटैच किया है। जानकारी के अनुसार मृतक लक्ष्मीचंद्र पुत्र कनीराम भील गांव की पानी की टंकी पर रस्सी का फंदा बनाकर झूल गया। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। सूचना पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम हेतु जावरा के शासकीय अस्पताल भिजवाया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों के अनुसार मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें ग्राम सरपंच जितेंद्र पाटीदार सहित तीन लोगों के नाम लिखे बताए जा रहे हैं। आरोप है कि फांसी लगाने से पहले युवक ने टंकी की सीढ़ियों पर आरोपितों के नाम तथा पुलिस नहीं सुनती लिख दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि बाद में सरपंच या पुलिस के कहने पर गांव के चौकीदार द्वारा वहां लिखे नाम मिटा दिए गए, जिससे मामला संदेह के घेरे में आ गया है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मीचंद्र गांव के सरपंच जितेंद्र पाटीदार के खेत पर मजदूरी करता था। स्वजन का आरोप है कि 11 फरवरी की रात करीब 1 बजे वह खेत में फसल को पानी दे रहा था, तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उल्टा मृतक पर ही चोरी का आरोप लगाकर उसे थाने में बंद करा दिया गया। जमानत पर छूटने के बाद युवक ने सरपंच एवं उनके परिवार के तीन लोगों के विरुद्ध औद्योगिक क्षेत्र थाने में आवेदन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। एएसपी विवेक कुमार लाल ने बताया कि तीन आरोपितों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज किया है। इनमें सरपंच जितेन्द्र पाटीदार, लोकेश पाटीदार तथा पुरुषोत्तम पाटीदार है। जीतेंद्र को राउंडअप कर लिया गया है। शेष की तलाश कर रहे है। एसपी के पास भी पहुंचा था मृतक स्वजन के अनुसार मृतक ने रतलाम एसपी कार्यालय में भी शिकायत भेजी थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने से वह लगातार तनाव में था। 12 फरवरी को दिए गए लिखित आवेदन में लक्ष्मीचंद्र ने आरोप लगाया था कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया, सरपंच पक्ष एवं पुलिस द्वारा मारपीट की गई तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया था कि थाने में रातभर मारपीट कर उस पर दबाव बनाया गया कि वह किसी अन्य का नाम ले ले। उसने गंभीर धमकियां मिलने की भी बात लिखी थी। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी के चढ़ाव पर सरपंच तथा ऊपर पुलिस नहीं सुनती स्पष्ट लिखा हुआ दिखाई दे रहा था, जिससे गांव में आक्रोश व्याप्त हो गया। उल्लेखनीय है कि हरियाखेड़ा के सरपंच जितेंद्र को पूर्व में ईओडब्ल्यू द्वारा

गांव में बैठकर चला रहे थे साइबर ब्लैकमेल गैंग, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

 शिवपुरी शिवपुरी के करैरा और पिछोर के गांवों में बैठे अनपढ़ व सामान्य पढ़े लिखे लोग देश भर में ऑनलाइन चैटिंग और वीडियो कॉलिंग कर लोगों की अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग कर रहे थे। भोपाल से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने 32 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 20 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक महिला शामिल है, एक आरोपित उत्तर प्रदेश के झांसी का है। गिरोह शिवपुरी के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक सहित कई राज्यों के लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने कुल 80 बैंक खाते ट्रेस किए पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपितों में दीपक प्रजापति पुत्र सियाराम निवासी झांसी, अंगद लोधी पुत्र पेज सिंह लोधी निवासी कुंडलपुर, सुखदेव पुत्र नंदकिशोर लोधी उम्र 30 साल निवासी ग्राम तिंधारी गिरोह के सरगना और हैंडलर हैं। शेष सभी आरोपित दलाल हैं। ब्लैकमेलिंग का पैसा दलालों के खाते में आता था और इसके बाद उस पैसे में से 80 से 90 प्रतिशत पैसा हैंडलर के खातों में चला जाता था। साइबर पुलिस की टीम ने कुल 80 बैंक खाते ट्रेस किए हैं, जिनमें संदिग्ध लेनदेन हुआ है। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के अनुसार पुलिस अभी तक आधे खातों की पड़ताल कर चुकी है, जिनमें करीब दो से ढाई करोड़ रुपये का लेनदेन बताया जा रहा है। ऐसे करता था ब्लैकमेल व डिजिटल अरेस्ट महिलाओं के नाम से फर्जी वाट्सएप अकाउंट बनाकर अश्लील चैट और वीडियो कॉल गिरोह कराता था। कॉल और चैट की रिकॉर्डिंग कर बाद में पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ितों को ब्लैकमेल करता था। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवा लेता था। गिरोह द्वारा HIIU, TOKKI, MIKA, ELOELO, GAGA, HANI, SUGO, COMMECTO, HITSU, HONEY और COMET जैसे एप का उपयोग किया जा रहा था। ये एप एपीके फाइल के जरिए मोबाइल में आसानी से डाउनलोड हो जाते हैं। आमतौर पर ऑनलाइन चैटिंग की तलाश करने वाले लोग इन्हें सर्च कर इंस्टाल कर लेते हैं, जिसका फायदा आरोपित उठाते थे।  

भोपाल में सियासी टकराव: पथराव में भाजयुमो नेता घायल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ICU में

  भोपालमध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का सियासी माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब कांग्रेस प्रदेश कार्यालय (PCC) रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। शिवाजी नगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं के घुसने और तोड़फोड़ करने के बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह राजनीतिक विरोध देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। भाजयुमो जिला मंत्री मोहित अग्निहोत्री की नाक की हड्डी टूटी दोनों ओर से हुए पथराव में भारी नुकसान हुआ है। इस हिंसा में भाजयुमो के जिला मंत्री मोहित अग्निहोत्री की नाक की हड्डी टूट गई है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) गोपिल कोतवाल के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिसके चलते उन्हें आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। घटना में दोनों दलों के लगभग आधा दर्जन अन्य कार्यकर्ता भी घायल हुए हैं।   कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़ कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने दफ्तर में घुसकर खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और बाहर लगे पोस्टरों को फाड़ दिया। मौके पर जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राजधानी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताया है। बीजेपी का पूरे प्रदेश में प्रदर्शन दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा का पूरे प्रदेश में प्रदर्शन है।