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मध्य क्षेत्र में अब तक 2 लाख 46 हजार 372 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन

भोपाल  विगत 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 का लाभ लाखों बकायादार उपभोक्‍ता उठा रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षि‍तिज सिंघल ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में ही अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके सौ फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 का प्रथम चरण चल रहा है, जो‍कि 31 दिसंबर 2025 को समाप्‍त होगा। इस दौरान बकायादार उपभोक्‍ताओं को सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ मिल रहा है। हालांकि 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक दूसरा चरण चलेगा, लेकिन उसमें सरचार्ज माफी का प्रतिशत कम हो जाएगा, इसलिए प्रथम चरण में ही योजना में शामिल होकर अधिकतम लाभ उठाएं। अब तक मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 2 लाख 46 हजार 372 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 255 करोड़ 53 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 133 करोड़ 40 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय एप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

शहर के बीचोंबीच फिर हादसा: भोपाल मार्केट में बारूद फटा, घंटों चला रेस्क्यू

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पुल पातरा इलाके में स्थित टिंबर मार्केट में शनिवार तड़के लगभग पौने 3 बजे भीषण आग लग गई। आग पहले एक फर्नीचर की दुकान में लगी और देखते ही देखते फैलकर आरा मशीन तक पहुंच गई। विकराल रुप से लगी आग ने फर्नीचर-आरा मशीन समेत तीन जगहों काे अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना के बाद माैके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने के प्रयास में जुट गई। राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में पात्रा नाले के पास स्थित भोपाल डेकोरेटर के शोरूम और गोदाम में देर रात देर रात 3:00 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से झलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दमकल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाना शुरू कर दिया। आज यानी शनिवार को सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका। टिंबर में (आरा मशीन) में यह दूसरी बार आग लगी है। इससे पहले भी यहां एक अन्य आरा मशीन में आग लग गई थी। पुलिस के अनुसार, आग सबसे पहले एक फर्नीचर दुकान में लगी, जो बढ़कर आरा मशीन तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने फर्नीचर-आरा मशीन समेत तीन जगहों अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के दौरान आरा मशीन की दीवार गिर गई। जिससे दो कर्मचारियों समेत समेत 4 लोग घायल हो गए। भोपाल डेकोरेशन और आरा मशीन अंजुम भाई की बताई जा रही है। जिस जगह आग लगी उसके ठीक पीछे रेलवे ट्रैक है। आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई भोपाल डेकोरेटर शोरूम मेन रोड पर ही है। इससे सटी हुई आरा मशीन है। तड़के 2.45 बजे सबसे पहले शोरूम में आग लगी और देखते ही देखते आरा मशीन को चपेट में ले लिया। शुरुआती एक घंटे तक आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई। धीरे-धीरे आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई। इस वजह से आग बुझाने में 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया। आग बुझाने में लगे कर्मचारी, अचानक गिर गई दीवार आरा मशीन के मुख्य गेट से आग बुझाने का काम चल रहा था। इसमें आरा मशीन के कर्मचारी और राहगीर भी जुटे हुए थे। तभी अचानक आरा मशीन के मुख्य गेट पर पक्की दीवार गिर गई। इस वजह से जावेद, जुनैद समेत चार लोग घायल हो गए। उन्हें तुरंत पहले प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। 50 फीट ऊपर उठी आग की लपटें, दूर तक दिखा धुआं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें 50 फीट तक ऊपर उठ गईं। धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की आरा मशीनें भी चपेट में आ सकती थीं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, वजह साफ नहीं आग लगने का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, इलाके के कुछ लोग आशंका जता रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी। आग के कारण पात्रा पुल की तरफ आने वाली मुख्य सड़क को भारत टॉकीज और बोगदा पुल के पास से बंद कर दिया गया था। साथ ही इलाके की बिजली भी बंद कर दी गई थी। दोनों ओर पुलिसकर्मी तैनात रहे। इधर आग लगी, उधर 50 मीटर दूर गुजरती रही ट्रेनें खास बात ये है कि जिस जगह आग लगी वो रेलवे ट्रैक से लगी है। रेलवे ट्रैक यहां के बमुश्किल 50 मीटर की दूरी पर ही है। ऐसे में आग लगने के दौरान यहां से कई ट्रेनें गुजरीं। हालांकि, इससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ। डेढ़ महीने पहले भी लगी थी आग…गुजरती रही ट्रेनें इससे पहले 9 नवंबर को भी इसी टिंबर मार्केट में आग लगी थी। एक टॉल में लगी इस आग ने 5 से 6 टाल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि काफी दूर से ही लपटें और धुएं के गुबार नजर आ रहे थे। दमकल की करीब 40 गाड़ियां मौके पर पहुंची। टीम ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इसके बाद भी आग धधकती रही। कई जगहों पर धुआं उठता नजर आया। जिसे दमकलकर्मियों ने देर रात तक पूरी तरह बुझा लिया। डेढ़ साल से कवायद, टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका भोपाल शहर के बीचों-बीच टिंबर मार्केट न सिर्फ मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए बड़ी अड़चन बना है, बल्कि 'बारूद' के ढेर जैसा है। इसकी शिफ्टिंग के लिए डेढ़ साल से कवायद हो रही है। 18 एकड़ जमीन और 5.85 करोड़ रुपए भी दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका है। पात्रा पुल इलाके में स्थित इसी 108 आरा मशीनों वाले टिंबर मार्केट में दो महीने बाद फिर शनिवार सुबह आग लगी। मौके पर पहुंचीं 22 दमकल नगर निगम के बैरागढ़, फतेहगढ़, कबाड़खाना, माता मंदिर, कोलार फायर स्टेशन के अलावा भेल, पुलिस के 22 दमकल वाहन आग बुझाने में जुटे रहे। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। लोहे की टिन तक पिघल गई भोपाल डेकोरेटर शोरूम मेन रोड पर ही है। इससे सटी हुई आरा मशीन है। तड़के सबसे पहले शोरूम में आग लगी और देखते ही देखते आरा मशीन को चपेट में ले लिया। शुरुआती एक घंटे तक आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई। धीरे-धीरे आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई। इस वजह से आग बुझाने में 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया। भरभरा कर गिर गई दीवार आरा मशीन के मुख्य गेट से आग बुझाने का काम चल रहा था। इसमें आरा मशीन के कर्मचारी और राहगीर भी जुटे हुए थे। तभी अचानक आरा मशीन के मुख्य गेट पर पक्की दीवार गिर गई। इस वजह से जावेद, जुनैद समेत चार लोग घायल हो गए। उन्हें तुरंत पहले हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। आग की लपटें दूर तक दिखीं आग की लपटें 50 फीट तक ऊपर उठ गईं। धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। अगर समय … Read more

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025: विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में हुआ सम्मान — मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025 में सम्मानित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में अभिनंदन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्योग, व्यवसाय सहित कला, साहित्य संगीत के क्षेत्र की विभूतियों का मध्यप्रदेश की धरती पर अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का समृद्ध अतीत है।भारत में विभिन्न शासन व्यवस्था में नवरत्न की परंपरा रही है और उन्हें सम्मानित करने की परम्परा भी रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राईड ऑफ मध्यप्रदेश : 2025 में विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति अर्जित करने वाली विभूतियों को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अभिनंदन समारोह में सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र की खुशबू है कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रशासन की सुव्यवस्था कायम है। जनता के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण प्रतिमान गढ़े हैं। दशकों से लंबित समस्याओं का निराकरण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में कार्य करने वालों के अलावा अन्य क्षेत्रों में कार्य करने वालों की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है। इन विभूतियों ने रोल मॉडल बनने के लिए अथक परिश्रम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रगति के लिए सरलीकृत व्यवस्था और सुशासन स्थापित कर कार्य रही है। पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के कारण राज्य में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2028 तक प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र में 100 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने का लक्ष्य है। डबल इंजन सरकार का यह संयोग विकास के क्षेत्र में अच्छी उपलब्धियां को सामने लाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान प्राप्त करने वाली विभूतियों को बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा खेल कमेंटेटर सुशील दोषी, क्रिकेटर जय प्रकाश यादव, फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव, मुकेश तिवारी सहित उद्योग, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों की हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संपादक सतीश सिंह और सीईओ सुमित मोदी ने भी संबोधित किया और अतिथियों का स्वागत किया।  

मध्यप्रदेश सरकार व्यापार व्यवसाय के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी के उपयोग को दिया बढ़ावा मध्यप्रदेश सरकार व्यापार व्यवसाय के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री, भोजपाल मेले में हुए शामिल, मालवा के व्यंजन गराडू का लिया स्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया है। मध्यप्रदेश सरकार भी भोजपाल मेले जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है। व्यापार और वाणिज्य क्षेत्र के उन्नयन के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल मेले 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले की श्रेष्ठ व्यवस्थाओं और उत्कृष्टआयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेला वो है जहां लोग परस्पर मिलते हैं। व्यक्तियों के मध्य मतभेद को समाप्त करवाने में भी मेले महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के मौसम का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटन विकास के लिए बड़ी झील में शिकारों का संचालन प्रारंभ किया गया है। भोपाल के नागरिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और इस तरह के मेलों का आनंद लेना पसंद करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले में उपस्थित नागरिकों से चर्चा की और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। साथ ही विभिन्न व्यंजन स्टॉल्स का अवलोकन किया। उन्होंने मालवा क्षेत्र में लोकप्रिय व्यंजन गराडू का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मेला समिति के पदाधिकारी सुनील यादव और विकास वीरानी ने स्वागत किया।  

खदान विवाद में संजय पाठक की मुश्किलें बढ़ीं, 443 करोड़ की वसूली मामले में बड़ी कार्रवाई तय

जबलपुर  कटनी के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी खनन कंपनियों के खिलाफ खनिज विभाग ने 443 करोड़ रुपये की रिकवरी को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील में संचालित तीन लौह अयस्क खदानों में निर्धारित सीमा से अधिक खनन के मामले में विभाग द्वारा जारी दो नोटिस और अंतिम चेतावनी के बावजूद कंपनियों ने न तो कोई जवाब दिया है और न ही राशि जमा की है। खनिज विभाग ने 4 दिसंबर को अंतिम नोटिस जारी किया था, जिसकी समय-सीमा 23 दिसंबर की शाम को समाप्त हो गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब रिकवरी आरोपित कर दी गई है और वसूली के लिए अधिकृत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तय राशि जमा नहीं होने पर नियमों के तहत खदान या उतनी ही कीमत की संपत्ति को सीज किया जा सकता है। यह मामला सिहोरा क्षेत्र की निर्मला मिनरल, आनंद मिनरल और पैसिफिक मिनरल नामक तीन लौह अयस्क खदानों से जुड़ा है। भले ही विधायक संजय पाठक इनके प्रत्यक्ष मालिक न हों, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में इन पर उनका आधिपत्य दर्ज है। जांच में अनुमति से अधिक खनन की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर 443 करोड़ रुपये की पेनल्टी तय की गई है। अब खनिज विभाग डिमांड नोटिस जारी करेगा। साथ ही, जियोमाइन बेनिफिकेशन प्लांट सहित अन्य खदानों को लेकर केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की जांच में भी कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।  अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा, लेकिन यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी। माइनिंग विभाग जल्द ही RRC जारी करने की भी तैयारी में है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर पाई गई अनियमितताओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इस कार्रवाई ने खनन कारोबार से जुड़े कई व्यापारियों में भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि पहली बार सत्तारूढ़ दल के किसी विधायक की कंपनियों पर इतना बड़ा दंड लगाया गया है। विधायक संजय पाठक ने अब तक इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं। सरकार द्वारा अपने ही पार्टी विधायक के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई करने से यह मामला और भी सुर्खियों में है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे की कार्रवाई कितनी तेजी और निष्पक्षता से करता है। यह मामला न सिर्फ राजनीतिक वाद-विवाद का केंद्र बना हुआ है बल्कि प्रदेश में खनन गतिविधियों की निगरानी और नियमन पर भी नए सवाल खड़े कर रहा है।

AERB लाइसेंस के बाद रीवा अस्पताल में शुरू होगी कैंसर यूनिट, इलाज होगा आसान और नजदीकी

रीवा  नए साल से पहले रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल को बड़ी राहत मिली है। अस्पताल में बनने वाली कैंसर यूनिट को चलाने की मंजूरी मिल गई है। अब AERB से लाइसेंस मिलने के बाद कैंसर के इलाज में काम आने वाली मशीनें चालू की जा सकेंगी।  अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि अब रेडिएशन थेरेपी जैसी नई और जरूरी मशीनें इस्तेमाल में लाई जा सकेंगी। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो मार्च या अप्रैल 2026 तक विंध्य इलाके में कैंसर का अच्छा इलाज शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल काफी समय से इस मंजूरी का इंतजार कर रहा था। मशीनें पहले ही लग चुकी थीं, लेकिन लाइसेंस न मिलने की वजह से उनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। अब यह परेशानी खत्म हो गई है और कैंसर मरीजों को बड़ा फायदा मिलेगा। संजय गांधी अस्पताल में कैंसर के इलाज के लिए अलग से एक नई और आधुनिक यूनिट बनाई जा रही है। इसके शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के लाखों लोगों को राहत मिलेगी। अब मरीजों को इलाज के लिए भोपाल, जबलपुर या दिल्ली जैसे दूर शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये अस्पताल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहे मरीजों के लिए यह उम्मीद की नई शुरुआत मानी जा रही है।  

देश का पहला ‘रेड कार्पेट’ रोड एमपी में, वाहनों की गति पर नियंत्रण और जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए तैयार

 जबलपुर  मध्य प्रदेश में भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे के जंगली इलाके से गुजरने वाले हिस्से पर एनएचएआई ने देश का पहला वाइल्डलाइफ-सुरक्षित रोड कॉरिडोर बनाया है। यह 12 किलोमीटर का खास हिस्सा वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से होकर निकलता है। यहां स्पीड कंट्रोल डिजाइन, फेंसिंग, एनिमल अंडरपास और इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग का पूरा इंतजाम है। इसका मकसद जानवरों की सड़क हादसों में मौत को कम करना है।  एनएचएआई ने भारत का पहला 'वाइल्डलाइफ-सेफ' रोड कॉरिडोर बनाया है। यह कॉरिडोर खास तौर पर जानवरों को सड़क पार करते समय होने वाली मौतों को रोकने के लिए बनाया गया है। यह NH-45 के 12 किलोमीटर लंबे हिस्से पर है, जो मध्य प्रदेश के एक महत्वपूर्ण बाघ अभयारण्य, वीरंगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है। इस कॉरिडोर में स्पीड कम करने वाले डिजाइन, फेंसिंग, जानवरों के लिए अंडरपास और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी जैसी कई चीजें शामिल हैं। इसका मकसद सिर्फ यह देखना नहीं है कि जानवर कहां से सड़क पार करते हैं, बल्कि यह भी देखना है कि गाड़ियां कैसे चलती हैं। गाड़ियों की स्पीड है अधिक इस सड़क पर गाड़ियों की संख्या और रफ्तार काफी बढ़ गई है। पहले यह दो-लेन वाली सड़क थी, जिसे अब चार-लेन का बना दिया गया है। इस पर तेज रफ्तार वाली गाड़ियां, भारी सामान ले जाने वाले ट्रक और ऐसे वाहन चलते हैं जो रास्ते में रुकना पसंद नहीं करते। इसी को ध्यान में रखते हुए एनएचआई ने इसे देश की पहली 'वाइल्डलाइफ-सेंसिटिव' 'रेड रोड' बताया है। दो किमी है रेड रोड इस नई डिजाइन के बीचों-बीच एक 2 किलोमीटर का जोन है, जो पहली नजर में सजावटी लगता है। इस जोन में सड़क के ऊपर लाल रंग की थर्मोप्लास्टिक मार्किंग की गई है। यह 5mm मोटी है और सड़क पर एक लगातार पट्टी की तरह बिछाई गई है। एनएचआई के क्षेत्रीय अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि इस खतरे को कम करने के लिए, NHAI ने टाइगर रिजर्व के अंदर खतरे वाले जोन में सड़क पर 5mm मोटी लाल सतह वाली परत 'टेबल-टॉप' बिछाई है। यह चमकीला लाल रंग ड्राइवरों को संकेत देता है कि वे एक ऐसे हिस्से में प्रवेश कर रहे हैं, जहां वन्यजीवों का ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही, इसकी थोड़ी उठी हुई सतह अपने आप ही गाड़ी की रफ्तार कम कर देती है। उन्होंने आगे कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, यह देश में लागू किया गया पहला ऐसा कॉन्सेप्ट है। मार्किंग के हैं दो फायदे इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इन मार्किंग के दो फायदे हैं। पहला, यह देखने में ड्राइवरों को यह बताता है कि वे जंगल वाले हिस्से में जा रहे हैं, जहां सड़क के नियम थोड़े बदल जाते हैं। दूसरा, यह सड़क पर एक हल्का कंपन पैदा करता है, जो ड्राइवरों को स्पीड ब्रेकर की तरह अचानक झटका दिए बिना, धीरे-धीरे अपनी गाड़ी की रफ्तार कम करने के लिए प्रेरित करता है। स्पीड ब्रेकर को तेज रफ्तार वाली हाईवे पर असुरक्षित माना जाता है। यह तरीका दूसरे देशों में काफी इस्तेमाल होता है, लेकिन भारत के नेशनल हाईवे पर, खासकर वन्यजीवों वाले इलाकों में, यह बहुत कम देखने को मिलता है। जानवरों के लिए है यह सुरक्षित वन्यजीव संरक्षण वैज्ञानिक लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि गाड़ी की रफ्तार ही यह तय करती है कि सड़क पार कर रहे जानवर को समय पर देखा जा सकेगा या नहीं, और ड्राइवर के पास रुकने या मुड़ने के लिए पर्याप्त दूरी होगी या नहीं। अंडरपास और फेंसिंग यह तय करते हैं कि जानवर कहां से सड़क पार करेंगे, लेकिन जब कुछ गलत होता है तो रफ्तार ही सब कुछ तय करती है. NH-45 पर, लाल रंग से चिह्नित यह हिस्सा गाड़ियों को उन जगहों पर पहुंचने से काफी पहले धीरे-धीरे धीमा करने के लिए बनाया गया है, जहां जानवरों के निकलने की सबसे ज्यादा संभावना होती है। लाल पट्टी का अनोखा आइडिया इस कॉरिडोर में सबसे खास है 2 किलोमीटर की लाल रंग वाली सड़क। यहां एस्फाल्ट पर 5 मिलीमीटर मोटी लाल थर्मोप्लास्टिक लेयर बिछाई गई है। यह पट्टी दूर से चमकती दिखती है और ड्राइवर को अलर्ट करती है कि वे वाइल्डलाइफ जोन में प्रवेश कर रहे हैं। एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर एस.के. सिंह कहते हैं, "यह लाल सरफेस हल्की ऊंचाई वाली है। इससे गाड़ी के टायरों में हल्का कंपन होता है, जिससे स्पीड अपने आप कम हो जाती है। स्पीड ब्रेकर जैसा झटका नहीं लगता, जो हाई-स्पीड हाईवे पर सुरक्षित नहीं होता।" उनका दावा है कि देश में यह पहला ऐसा प्रयोग है। विदेशों में यह तरीका काफी इस्तेमाल होता है। यह डिजाइन दो काम करता है। एक तो विजुअल अलर्ट देता है, दूसरा स्पीड को धीरे-धीरे कम करता है। इससे ड्राइवर को जानवर दिखने पर ब्रेक लगाने या स्वर्व करने का मौका मिल जाता है। दो किमी है रेड रोड इस नई डिजाइन के बीचों-बीच एक 2 किलोमीटर का जोन है, जो पहली नजर में सजावटी लगता है। इस जोन में सड़क के ऊपर लाल रंग की थर्मोप्लास्टिक मार्किंग की गई है। यह 5mm मोटी है और सड़क पर एक लगातार पट्टी की तरह बिछाई गई है। एनएचआई के क्षेत्रीय अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि इस खतरे को कम करने के लिए, NHAI ने टाइगर रिजर्व के अंदर खतरे वाले जोन में सड़क पर 5mm मोटी लाल सतह वाली परत 'टेबल-टॉप' बिछाई है। यह चमकीला लाल रंग ड्राइवरों को संकेत देता है कि वे एक ऐसे हिस्से में प्रवेश कर रहे हैं, जहां वन्यजीवों का ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही, इसकी थोड़ी उठी हुई सतह अपने आप ही गाड़ी की रफ्तार कम कर देती है। उन्होंने आगे कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, यह देश में लागू किया गया पहला ऐसा कॉन्सेप्ट है। मार्किंग के हैं दो फायदे इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इन मार्किंग के दो फायदे हैं। पहला, यह देखने में ड्राइवरों को यह बताता है कि वे जंगल वाले हिस्से में जा रहे हैं, जहां सड़क के नियम थोड़े बदल जाते हैं। दूसरा, यह सड़क पर एक हल्का कंपन पैदा करता है, जो ड्राइवरों को स्पीड ब्रेकर की तरह अचानक झटका दिए बिना, धीरे-धीरे अपनी गाड़ी की रफ्तार कम करने के … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल और क्रिकेट स्टेडियम का करेंगे लोकार्पण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 दिसम्बर को सतना जिले को 652 करोड 54 लाख रूपये लागत के विकास कार्यो की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना शहर में 31 करोड़ 15 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल और 8 करोड़ 39 लाख रूपये लागत के नवनिर्मित धवारी क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आई.एस.बी.टी. सतना में आयोजित कार्यक्रम में सतना शहर के 168 लाख 33 हजार रूपये लागत के 6 कार्यो का लोकार्पण और 484 करोड़ 21 लाख रूपये लागत के 6 विकास कार्यो का भूमिपूजन भी करेंगे। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे। 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय मेडीकल कॉलेज सतना में आयोजित कार्यक्रम में 383 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन के निर्माण का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना में आयोजित विंध्य व्यापार मेला के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। 

रामपुर बाघेलान में सर्राफा व्यापारी के ठिकानों पर GST रेड, जांच दूसरे दिन भी जारी

सतना मुख्य बाजार स्थित प्रसिद्ध श्री विदुर सर्राफा शो-रूम एवं सुखनंदन सराफा में शुक्रवार दोपहर राज्य जीएसटी विभाग की वृत्त-1 की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा। करीब 3 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में सतना से पहुंची 22 सदस्यीय जीएसटी टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों और स्टॉक की गहन जांच शुरू की, जो देर रात तक जारी रही। जीएसटी की इस कार्रवाई से स्थानीय सर्राफा बाजार में हड़कंप मच गया है। बाजार के अन्य व्यापारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जानकारी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई उपायुक्त उमेश तिवारी के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त मनोरम तिवारी के मार्गदर्शन में की जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक छापे के दौरान व्यापारियों से आवश्यक कर दस्तावेज, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और ट्रेडिंग एकाउंट प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन फिलहाल व्यापारी द्वारा ट्रेडिंग एकाउंट उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद टीम ने शो-रूम में उपलब्ध सोना-चांदी व अन्य आभूषणों का भौतिक सत्यापन शुरू किया।   टीम ने स्टॉक रजिस्टर, बिल-बुक, टैक्स इनवॉइस, जीएसटी रिटर्न और अन्य संबंधित कागजात की भी बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कुछ विसंगतियों की आशंका के चलते कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। इसी कारण देर रात तक टीम शो-रूम में मौजूद रही और हर पहलू की पड़ताल की गई। जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। शनिवार को दूसरे दिन भी जांच जारी रहेगी, जिसमें बचे हुए दस्तावेजों की समीक्षा और स्टॉक मिलान का कार्य किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कर चोरी या नियमों के उल्लंघन का मामला बनता है या नहीं।

अटल वयो अभ्युदय योजना अंतर्गत 31 हज़ार 590 वरिष्ठजन होंगे लाभान्वित

निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन सहित परिवहन के लिए 63 लाख से अधिक राशि का आवंटन भोपाल  उप संचालक राष्ट्रीय अंधत्व एवं दृष्टि बाधिता नियंत्रण कार्यक्रम (एनएचएम मध्यप्रदेश) ने बताया कि भारत सरकार की अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों में वरिष्ठजनों के मोतियाबिंद ऑपरेशन उपरांत उनके आवागमन के लिए प्रति हितग्राही 200 रुपए की दर से राशि आवंटित की गई है। यह राशि ई-वित्त प्रवाह के माध्यम से जिलों को सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के मद में प्रदाय की गई है। योजना से दिसम्बर माह में प्राप्त विवरण के आधार पर 31 हजार 590 वरिष्ठजनों को लाभ मिलेगा। इसके लिए कुल 63 लाख 18 हज़ार रुपये की राशि आवंटित की गई है। यह राशि केवल वरिष्ठ नेत्र रोगियों के लिए उपयोग की जाएगी। योजना का उद्देश्य वरिष्ठजनों को निःशुल्क मोतियाबिंद उपचार के साथ-साथ परिवहन सुविधा प्रदान कर स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी सुगम पहुंच सुनिश्चित करना है। योजना के अंतर्गत मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने वाले वरिष्ठजनों का विवरण एनपीसीबी एंड वीआई के एमआईएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और ऑपरेशन के 15 दिवस के भीतर परिवहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जाएगी। इसके लिए आधार, फोटोयुक्त पहचान पत्र, मोबाइल नंबर एवं बैंक विवरण अनिवार्य होगा।