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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल भवन और क्रिटिकल केयर यूनिट का किया भूमि-पूजन

650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन की मिली सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना में शासकीय मेडीकल कॉलेज में 383 करोड रूपये की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन का भूमि-पूजन किया। चिकित्सालय भवन का निर्माण हो जाने से मेडिकल कॉलेज के समीप ही 650 बिस्तर के आधुनिक अस्पताल की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को उपचार की प्रेक्टिस के लिए अब दूर नहीं जाना पडेगा। सतना शहर में ही आधुनिक अस्पताल की सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अस्पताल सतना में बनने वाले 100 बिस्तरीय आधुनिक वार्ड और 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ वार्ड का शिलान्यास भी किया। इसकी लागत 32 करोड 54 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 100 सीटर श्रमिक विश्राम गृह का भी शिलान्यास किया। इसकी लागत 6 करोड 16 लाख रूपये है। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मंत्री, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद श्री गणेश सिंह, विधायक चित्रकूट श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार, जनप्रतिनिधि, मेडीकल कॅलेज के डीन डॉ. एस.पी. गर्ग, चिकित्सक और नर्सिग स्टॉफ उपस्थित रहा।  

सतना का नया बस स्टेण्ड अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा के नाम से जाना जाएगा

चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम मध्यप्रदेश में नए साल से चलेंगी सरकारी बसें बरगी नहर परियोजना से सतना जिले की 1.5 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशती वर्ष मना रहे हैं। अटल जी के जन्मशती वर्ष में ही मध्यप्रदेश का रीयलस्टिक डेवलपमेंट (अभ्युदय) हो रहा है। हम मध्यप्रदेश में सरकार नहीं, परिवार चलाते हैं। प्रदेश के हर घर को परिवार मानकर जनहित के निर्णय ले रहे हैं। हमारे निर्णयों में अंत्योदय भी है और ग्रामोदय भी। सतना जिला भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रहा है। इसलिए हमारी सरकार चित्रकूट को भव्य और दिव्य धाम के रूप में विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सतना को स्मार्ट सिटी योजना की सौगात देकर विकास कार्यों की गंगा बहा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना के आईएसबीटी परिसर में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित आईएसबीटी का लोकार्पण किया और इसका नामकरण 'अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा' करने की घोषणा की। अटल जी राजनीति में शुचिता और राष्ट्रीयता के प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और जनकल्याण के लक्ष्यों को लेकर सरकार चलाई। भारतीय संसद में 50 वर्षो तक अटल जी की निर्भीक वाणी गूंजती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में आईएसबीटी बन चुका है। राज्य सरकार की भी पूरी तैयारी है कि नए साल से प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से प्रदेश के गांव-गांव तक सस्ती और सुविधाजनक बस परिवहन सेवा प्रारंभ कर दी जाएंगी। शहरों में लग्जरी बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की वर्तमान लंबाई बढ़ाकर अब 1800 मीटर तक की जाएगी, जिससे यहां जेट विमान भी उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले का कोना-कोना सिंचित किया जाएगा। बरगी नहर परियोजना का पूरा लाभ सतना जिले को मिलेगा। इससे यहां की डेढ़ लाख हैक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें नवीन आधुनिक आईएसबीटी एवं धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य के लोकार्पण सहित करीब 383 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन अस्पताल का भूमिपूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों सौगातें सतना के विकास में चार चांद लगाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पूरा सप्ताह मध्यप्रदेश के विकास का ऐतिहासिक सप्ताह रहा है। धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन हुआ। ग्वालियर में "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन हुआ। कुल 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। भोपाल मेट्रो शुरू हुई और आज विन्ध्य के विकास को भी नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम ने सतना के पास चित्रकूट धाम में 11 वर्ष गुजारे थे। राज्य सरकार चित्रकूट धाम सहित सतना जिले के विकास के लिए संकल्पित है। यहां भगवान कामता नाथ विराजे हैं। देश-दुनिया के पर्यटक मंदाकनी नदी के किनारे चित्रकूट आ रहे हैं। अयोध्या के बाद चित्रकूट का अलग ही महत्व है। भगवान श्रीराम के जीवन से रिश्तों की मर्यादा समझी जा सकती है। उन्होंने सुग्रीव से मित्रता करके आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से मित्रता का महत्व सीखने की आवश्यकता है। राज्य सरकार सनातन संस्कृति और राष्ट्र के कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए विरासत का संरक्षण कर रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से हर माह 1500 रुपए की राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना में दिल्ली-मुंबई से भव्य बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। राज्य में पहले परिवहन विभाग की लाल बसें चलती थीं। अब गांव-गांव तक प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सड़कें बनवा दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात मिल रही है। अटलजी एक आदर्श राजनेता थे। उन्होंने देश में 24 दलों को मिलाकर सरकार चलाई, लेकिन एक वोट कम होने पर पद भी त्याग दिया। अटलजी की 101वीं जयंती के मौके पर ग्वालियर और लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में 650 बेडेड नए अस्पताल भवन का शिलान्यास हो गया है। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से सतना को अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। यहां 7 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण भी हुआ है। इसमें डे-नाईट क्रिकेट मैच हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए सदैव जनता के साथ खड़ी है। नए साल में बरगी नहर से सतना जिले की डेढ़ लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से चित्रकूट को भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी तीर्थों को भी हम पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे।  

MP Board Exam 2026: 5वीं और 8वीं की डेटशीट घोषित, जानें परीक्षा की तारीखें

भोपाल मध्य प्रदेश में 5वीं और 8वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी गई है। एमपी 5वीं 8वीं बोर्ड परीक्षा 26 फरवरी 2026 से शुरू होगी। परीक्षाएं सिंगल शिफ्ट में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच होंगी। स्कूल 10 फरवरी और 10 मार्च, 2026 के बीच प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित करेंगे। प्रथम भाषा के रूप में हिन्दी/उर्दू/मराठी का चयन करने पर द्वितीय भाषा अंग्रेजी और प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी का चयन करना अनिवार्य होगा। 8वीं की परीक्षा फर्स्ट लैंग्वेज के पेपर के साथ शुरू होगी। मैथ्स का पेपर 25 फरवरी को होगा। 26 फरवरी को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। एमपी 5वीं बोर्ड परीक्षा टाइम टेबल तारीख विषय 20 फरवरी, 2026 हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT), उर्दू, मराठी 21 फरवरी, 2026 गणित, संस्कृत (SCERT, NCERT) 23 फरवरी, 2026 हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT) 25 फरवरी, 2026 पर्यावरण अध्ययन 26 फरवरी, 2026 सामाजिक विज्ञान – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), हिंदी/ उर्दू/ पंजाबी, संस्कृत (SCERT, NCERT) एमपी बोर्ड 8वीं का टाइम टेबल तारीख दिन विषय 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार पहली भाषा – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT), मराठी (SCERT, NCERT) 21 फरवरी, 2026 शनिवार दूसरी भाषा – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), संस्कृत (SCERT, NCERT), हिंदी (SCERT, NCERT), अंग्रेजी (SCERT, NCERT) 23 फरवरी, 2026 सोमवार तीसरी भाषा – (अंग्रेजी / क्षेत्रीय भाषा), अंग्रेजी (SCERT, NCERT), हिंदी / मराठी (SCERT, NCERT) 26 फरवरी, 2026 गुरुवार सामाजिक विज्ञान – (संस्कृत/ क्षेत्रीय भाषा), संस्कृत (SCERT, NCERT), हिंदी / मराठी (SCERT, NCERT) 28 फरवरी, 2026 शनिवार विज्ञान (SCERT, NCERT) एमपी में 5वीं और 8वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में करीब 24 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो सकते हैं।  

सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए किये जा रहे हैं नवाचार- राज्यमंत्री पटेल

दुग्ध संकलन के साथ किसानों की आय बढ़ाने हो रहे हैं समन्वित प्रयास : पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री पटेल सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए किये जा रहे हैं नवाचार गौवंश के अवैध परिवहन पर वाहन किये जायेंगे राजसात पशुओं की नस्ल सुधार के लिए संचालित है हिरण्यगर्भा अभियान दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 9 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य दो वर्ष की उपलब्धि और आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना की दी जानकारी भोपाल  पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये निरंतर प्रयास कर रही है। हमारा यह सतत प्रयास रहा है कि पशुपालन को आजीविका का मजबूत आधार बनाया जाए। पटेल ने बताया कि पिछले 02 वर्षों में प्रदेश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के पथ पर निरंतर प्रगति की है। हमने शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यकमों के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का संकल्प दृढ़ता से निभाया है। हमारी सरकार ने गौवंश के संरक्षण और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में निराश्रित पशुओं के लिए नवीन गौशाला नीति बनाई है। राज्यमंत्री पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभा हॉल में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों से साझा कर रहे थे। गौसंवर्धन राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि गौवंश की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। प्रदेश के 1.87 करोड़ गौवंश में से लगभग 70 प्रतिशत गौवंश अवर्णित नस्ल के हैं। शासन द्वारा निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 2500 से अधिक गौशालाओं में 4 लाख 75 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को आश्रय दिया गया है। इसके अतिरिक्त गौशालाओं में निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन हेतु दिए जाने वाले अनुदान की राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रूपये प्रतिदिन/गौवंश की गई है। राज्य शासन द्वारा गौशालाओं के अनुदान के बजट को 250 करोड प्रति वर्ष से बढ़ाकर 505 करोड़ कर दिया गया है, जिसमे से 369.02 करोड़ की राशि गौशालाओ को वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और संकल्पशक्ति के प्रतिफल से हमारी सरकार ने 'स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनु निवास) की स्थापना नीति 2025' लागू की है। निवेशकों को परियोजनाओं की स्थापना के लिए 5 हजार गौवंश के लिये अधिकतम 130 एकड़ भूमि उपयोग हेतु दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ दी जा सकेगी। इस योजना में 20 स्वावलम्बी गौशाला की स्थापना हेतु निविदा जारी की गयी, जिसकी अंतिम दिनांक 29 दिसम्बर है। दुग्ध उत्पादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुसार देश के दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 09 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के उददेश्य से अभिनव योजना "डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना" प्रारंभ की गई है। एक हितग्राही को एक आवेदन पर एक इकाई (25 दुधारू पशु) या एक से अधिक इकाई (अधिकतम 08 इकाईयों, 200 दुधारू पशु) लेने की पात्रता होगी। योजना अंतर्गत देशी नस्ल की गाय की इकाई की लागत 36 रूपये लाख तथा संकर नस्ल की गाय तथा भैंस की इकाई की लागत 42 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के अंतर्गत पशुपालकों के भैसपालन की रूचि के अनुरूप दो दुधारू भैंस उपलब्ध करायी जाती है। पहले इस योजना को मात्र 3 जिलों सीहोर, विदिशा एवं रायसेन जिलों में थी, जिसे वर्ष 2024-25 से पूरे प्रदेश में लागू किया गया है। सहकारिता के माध्यम से दुग्ध संकलन व प्रसंस्करण सरकार द्वारा सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड को उन्नयन करने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड तथा संबद्ध दुग्ध संघों के संचालन एवं प्रबंधन के लिए मध्यप्रदेश शासन, एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मध्य होने वाले सहकार्यता अनुबंध पर सहमति दी गई तथा सहकार्यता अनुबंध किया गया। हमारा लक्ष्य राज्य में औसत दुग्ध संकलन तीन वर्षों में 33 लाख लीटर प्रतिदिन से अधिक करना। सहकारिता अंतर्गत ग्रामों का कवरेज आगामी 3 वर्षों में बढ़ाकर 15 हजार से अधिक ग्रामों को कवर करना तथा दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों की संख्या बढ़ाकर कुल 470 हजार करना। इस हेतु राज्य में 4000 करोड से अधिक का निवेश होगा। दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में 2.50 रूपये से 8.50 रूपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। हिरण्यगर्भा अभियान प्रदेश में पशुपालकों को समृद्ध करने हेतु पशुओं का नस्ल सुधार एक महत्वपूर्ण साधन है, इस हेतु "हिरण्यगर्भा अभियान" संचालित किया जा रहा है। परम्परागत सीमन डोज की जगह सॉर्टेड सेक्सड सीमन के ज्यादा से ज्यादा उपयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर लगभग 11500 हजार कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता (मैत्री) को प्रशिक्षित किया गया है। इन प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं में से अक्रियाशील कार्यकर्ता की पहचान कर उन्हें क्रियाशील तथा क्रियाशील कार्यकर्ताओं को रिफेंशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दुग्ध संपर्क समृद्धि अभियान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दो गुना करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूर्ती हेतु आयोजित इस अभियान में पशुपालकों को पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार से होने वाले आर्थिक लाभ के विषय पर गृह भेंट कर उन्नत पशुपालन हेतु प्रेरित किया जा रहा है। अभियान तीन चरणों में संचालित होना है। प्रथम चरण में 10 या अधिक गाय भैंस के पशुपालक, द्वितीय में 5 या अधिक के पशुपालक तथा तृतीय चरण में 5 से कम पशुसंख्या वाले पशुपालक सम्मिलित होंगे। दुग्ध समृध्दि सम्पर्क अभियान" का प्रथम चरण 3 से 9 अक्टूबर के मध्य संचालित हुआ, जिसमें 3.76 लाख पशुपालको के यहां 8752 प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा गृह भेटं दी गई। अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसम्बर 2025 से प्रारम्भ हुआ है। "क्षीर धारा ग्राम योजना" यह अवधारणा ऐसे ग्रामों को विकसित करने की है जिसमें पशुपालकों द्वारा उन्नत तरीके से पशुपालन किया जाता है। उन्नत पशुपालन अंतर्गत उन्नत नस्ल के पशु, उनका रखरखाव, पशु पोषण, पशु उपचार, पशु टीकाकरण और गोबर व गौमूत्र का समुचित निष्पादन (मूल्य संवर्धन) गतिविधियां सम्मिलित हैं। जिले के अन्य ग्रामों को इन ग्रामों से प्रेरणा और प्रतिस्पर्धा उत्पन्न करने तथा उदाहरणीय आदर्श स्वरुप में प्रस्तुत करने हेतु योजना … Read more

राजनीति में बदला सुर? दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा— संगठन की शक्ति दिखी

भोपाल  कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर शेयर की और अपने स्वभाव के उलट राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) उसके संगठन और पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने जो फोटो शेयर किया उसमें भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, प्रमोद महाजन, आनंदी बेन पटेल दिखाई दे रहे हैं, जबकि मोदी जमीन पर बैठे हुए दिख रहे हैं। इस फोटो को उन्होंने बहुत ही प्रभावशाली बताया और कहा कि यह संगठन की ही शक्ति है कि पार्टी का एक कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकता है।   इस फोटो को शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा, 'Quora site पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयं सेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सिया राम।' सबसे खास बात यह है कि अपनी इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस पार्टी, मध्य प्रदेश कांग्रेस, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और खुद पीएम मोदी को भी टैग किया। यूजर्स ने निकाले सिंह की पोस्ट के अलग-अलग मायने दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट को लेकर यूजर्स ने अलग-अलग मायने निकाले। एक यूजर ने उनकी पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, 'सीधे मुंह क्यों नहीं कहते कि कांग्रेस में सिर्फ एक परिवार को राज करने का अधिकार हैं। बाकी कार्यकर्ताओं को तो राज परिवार और उसका युवराज अपना गुलाम समझता हैं। समझदार कांग्रेसी कार्यकर्ता को गुलामी छोड़कर देश सेवा के लिए दूसरी पार्टी में अपना भविष्य तलाशना चाहिए।' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'आप जिनको बता रहे है उन्होंने अपने कान बंद कर लिए है, जिन्हें दिखा रहे है उन्होंने आखें बंद कर रखी है और जिनको समझाने की कोशिश कर रहे है वो धृतराष्ट्र बने हुए हैं। सच को कब तक झुठलायेंगे कभी तो सच में जलना पड़ेगा, तपना पड़ेगा तब कहीं सम्मान मिलेगा राजनीति का।' एक यूजर ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बुरी हालत के लिए दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार बताते हुए लिखा, 'जितना फायदा आपने उन्हें दिलाया है MP में,उतना कोई नहीं दिला सकता। जय सिया राम' जबकि एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘कांग्रेस मैं यह असंभव हैं। काश दिग्गीराजा या सचिन पायलट एक दिन ऐसे बन जाते। 

चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अटल जी के जन्मशती वर्ष में मध्यप्रदेश का हो रहा अभ्युदय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम सतना का नया बस स्टेण्ड अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा के नाम से जाना जाएगा सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की लंबाई बढ़ाकर 1800 मीटर तक की जाएगी मध्यप्रदेश में नए साल से चलेंगी सरकारी बसें बरगी नहर परियोजना से सतना जिले की 1.5 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन सतना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशती वर्ष मना रहे हैं। अटल जी के जन्मशती वर्ष में ही मध्यप्रदेश का रीयलस्टिक डेवलपमेंट (अभ्युदय) हो रहा है। हम मध्यप्रदेश में सरकार नहीं, परिवार चलाते हैं। प्रदेश के हर घर को परिवार मानकर जनहित के निर्णय ले रहे हैं। हमारे निर्णयों में अंत्योदय भी है और ग्रामोदय भी। सतना जिला भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रहा है। इसलिए हमारी सरकार चित्रकूट को भव्य और दिव्य धाम के रूप में विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सतना को स्मार्ट सिटी योजना की सौगात देकर विकास कार्यों की गंगा बहा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना के आईएसबीटी परिसर में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित आईएसबीटी का लोकार्पण किया और इसका नामकरण 'अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा' करने की घोषणा की। अटल जी राजनीति में शुचिता और राष्ट्रीयता के प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और जनकल्याण के लक्ष्यों को लेकर सरकार चलाई। भारतीय संसद में 50 वर्षो तक अटल जी की निर्भीक वाणी गूंजती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में आईएसबीटी बन चुका है। राज्य सरकार की भी पूरी तैयारी है कि नए साल से प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से प्रदेश के गांव-गांव तक सस्ती और सुविधाजनक बस परिवहन सेवा प्रारंभ कर दी जाएंगी। शहरों में लग्जरी बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की वर्तमान लंबाई बढ़ाकर अब 1800 मीटर तक की जाएगी, जिससे यहां जेट विमान भी उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले का कोना-कोना सिंचित किया जाएगा। बरगी नहर परियोजना का पूरा लाभ सतना जिले को मिलेगा। इससे यहां की डेढ़ लाख हैक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें नवीन आधुनिक आईएसबीटी एवं धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य के लोकार्पण सहित करीब 383 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन अस्पताल का भूमिपूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों सौगातें सतना के विकास में चार चांद लगाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पूरा सप्ताह मध्यप्रदेश के विकास का ऐतिहासिक सप्ताह रहा है। धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन हुआ। ग्वालियर में "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन हुआ। कुल 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। भोपाल मेट्रो शुरू हुई और आज विन्ध्य के विकास को भी नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम ने सतना के पास चित्रकूट धाम में 11 वर्ष गुजारे थे। राज्य सरकार चित्रकूट धाम सहित सतना जिले के विकास के लिए संकल्पित है। यहां भगवान कामता नाथ विराजे हैं। देश-दुनिया के पर्यटक मंदाकनी नदी के किनारे चित्रकूट आ रहे हैं। अयोध्या के बाद चित्रकूट का अलग ही महत्व है। भगवान श्रीराम के जीवन से रिश्तों की मर्यादा समझी जा सकती है। उन्होंने सुग्रीव से मित्रता करके आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से मित्रता का महत्व सीखने की आवश्यकता है। राज्य सरकार सनातन संस्कृति और राष्ट्र के कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए विरासत का संरक्षण कर रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से हर माह 1500 रुपए की राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना में दिल्ली-मुंबई से भव्य बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। राज्य में पहले परिवहन विभाग की लाल बसें चलती थीं। अब गांव-गांव तक प्रधानमंत्री मोदी ने सड़कें बनवा दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात मिल रही है। अटलजी एक आदर्श राजनेता थे। उन्होंने देश में 24 दलों को मिलाकर सरकार चलाई, लेकिन एक वोट कम होने पर पद भी त्याग दिया। अटलजी की 101वीं जयंती के मौके पर ग्वालियर और लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में 650 बेडेड नए अस्पताल भवन का शिलान्यास हो गया है। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से सतना को अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। यहां 7 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण भी हुआ है। इसमें डे-नाईट क्रिकेट मैच हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए सदैव जनता के साथ खड़ी है। नए साल में बरगी नहर से सतना जिले की डेढ़ लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से चित्रकूट को भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी तीर्थों को भी हम पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार में सतना स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री हैं, इसलिए सतना जिले के नगरीय विकास में वे कोई कमी नहीं रहने देंगे। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में सतना जिला विकास के हर मामले में अव्वल है। उन्होंने सतना … Read more

लीगल एड डिफेंस काउंसिल में चयन प्रक्रिया निरस्त, नए निर्देशों का इंतजार

लीगल एड डिफेस काउंसिल के नवीन चयन प्रक्रिया निरस्त भोपाल       मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा जारी नवीन एस.ओ.पी.एंव  अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भोपाल में लीगल एड डिफेंस काउंसिल मोडिफाईड स्कीम 2022 के अंतर्गत स्थापित कार्यालय-लीगल एड डिफेंस काउंसिल में 01 चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, 03 डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल एवं 06 असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल के पदो पर संविदा के आधार पर नियुक्ति किये जाने के सम्बंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल द्वारा 17 दिसम्बर 2025 जारी किया गया था।     माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट पिटिशन कमांक 36687/2025, रामकिशन सोनी एवं अन्य विरूद्व यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य संबंधित याचिकाओं में 18 दिसम्बर 2025 को आदेश पारित किया गया है। उक्त भर्ती विज्ञप्ति मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लीगल एड डिफेंस काउंसिल की भर्ती के संबंध में बनायी गई नवीन एस.ओ.पी. के अनुपालन में जारी की गयी थी जिस एसओपी को माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के द्वारा निरस्त कर दिया गया है।        उक्त आदेश के अनुपालन में लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना के अंतर्गत संविदा आधार पर चीफ डिप्टी चीफ / असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चयन हेतु 17 दिसम्बर 2025 को जारी विज्ञप्ति को निरस्त किया गया है।  

पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को राहत, हाईकोर्ट के आदेश से घर का सपना हो सकता है पूरा

छिन्दवाड़ा   प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छिन्दवाड़ा में 6 साल पहले मकान बनाकर देने और फिर प्रोजेक्ट कैंसिल करने के मामले में बड़ा अपडेट है. 6 साल पहले हितग्राहियों से लाखों रुपए लेने के बाद अचानक प्रोजेक्ट कैंसिल कर देने के मामले में हाईकोर्ट के फैसले से हितग्राहियों को बड़ी राहत मिली है. 15 दिन में हितग्राही को मकान करें हैंड ओवर : हाईकोर्ट नगर निगम के पीएम हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआत से मामला सुर्खियों में रहा है. आनंद एसोसिएटस द्वारा बरती गई अनियमितता, खजरी प्रोजेक्ट में पजेशन न मिलने, ईमलीखेड़ा प्रोजेक्ट में साढ़े तीन लाख रु बढ़ाने और परतला प्रोजेक्ट को 6 साल तक काम बंद रखने के बाद अचानक प्रोजेक्ट निरस्त करने के मामले ने तूल पकड़ा था. इधर निगम प्रबंधन परतला प्रोजेक्ट को निजी या अर्धशासकीय एजेंसी को हैंडओवर करने की प्लानिंग कर रहा था, इसी बीच हाईकोर्ट द्वारा खजरी टाउनशिप में एक हितग्राही की याचिका पर अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने निगम द्वारा जारी किए आवंटन निरस्त के आदेश को रद्द करते हुए हितग्राही को 15 दिनों के अंदर शेष राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद मकान हैंड ओवर करने के आदेश दिए हैं. रेरा नियमों के विरुद्ध आवंटन निरस्त याचिकाकर्ता आरती बघेल ने बताया कि उन्होंने 24 अप्रैल 2023 को याचिका दायर की थी, जिसमें उल्लेख किया था, कि उन्हें आवंटित मकान एमआईजी 31 का आवंटन रदद कर दिया गया है. इसे चुनौती दी गई थी, जिस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि रेरा समझौते के तहत बुकिंग के समय पहली किश्त 10 प्रतिशत व कब्जे के समय दूसरी किश्त जमा करना थी. आरती ने निविदा निकलने पर आवेदन दिया व पहली किश्त के रूप में 4 लाख 30 हजार रूपए जमा किए, जिस पर उन्हें एमआईजी 31 आवंटित किया गया. इसके बाद 2 सितंबर 2022 को उन्हें डिमांड नोटिस जारी किया गया, जिसमें शेष राशि 38 लाख 70 हजार जमा करने के लिए कहा गया, जो कि रेरा समझौते के विपरीत है. राशि जमा नहीं करने पर आवंटन रदद करने की धमकी दी गई थी. इसके विपरीत मकान का निर्माण भी पूरा नहीं किया गया, इस वजह से याचिकाकर्ता ने बाकी राशि जमा नहीं की, तो उनका आवंटन 24 अप्रैल 2023 को मनमाने तरीके से रद्द कर दिया गया. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने रेरा के समझौते के तहत पूर्व में निर्धारित शर्तों को बदलने पर सवाल उठाए, जिसके बाद याचिकाकर्ता को निर्देश दिए गए कि वह शेष राशि को इस आदेश से 15 दिनों की अवधि के अंदर जमा करे और नगर निगम 15 दिनों में उसे मकान दे. इस मामले में नगर निगम कमिश्नर चंद्रप्रकाश राय ने बताया, ''अभी कोर्ट के ऐसे किसी भी आदेश की जानकारी नहीं मिली है. कोर्ट ने अगर फैसला सुनाया है और हमें आदेशित किया जाता है तो कोर्ट के फैसले के अनुसार नगर निगम के एडवोकेट से सलाह लेंगे और उसके बाद ही आगे कुछ कह सकेंगे.'' परतला हितग्राहियों को भी मिला आधार हाईकोर्ट का फैसला पूरे प्रदेश में स्वाभाविक रूप से लागू होता है. ऐसे में परतला हितग्राहियों द्वारा भी शुरुआत में बुकिंग राशि जमा की थी, ऐसे में प्रोजेक्ट पूरा नहीं होने पर व मकान का आवंटन किए जाने के बाद हैंडओवर नहीं किए जाने पर यह फैसला एक बड़ा आधार बन सकता है, जिससे एक बार फिर परतला प्रोजेक्ट में हितग्राहियों को अपना मकान मिलने की उम्मीद नजर आ रही है इमलीखेड़ा,परतला और खजरी में पीएम आवास योजना 2019 में नगर निगम छिंदवाड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अफॉर्डेबल हाउस सरकारी जमीन पर बनाकर बेचने के लिए टेंडर निकाले थे, जिसमें इमलीखेड़ा में 78 खजरी में 43 और परतला में 23 ड्यूप्लेक्स मकान बनाकर पहले आओ पहले पाओ की योजना के तहत बेच दिए गए थे. इमलीखेड़ा और खजरी प्रोजेक्ट अभी भी अधूरे पड़े हैं लेकिन परतला प्रोजेक्ट को नगर निगम की अनुशंसा पर सरकार ने निरस्त कर दिया है.

सागर का ऐतिहासिक नगर बदलने को तैयार, देवरी 200 साल बाद बनेगा देवपुरी

सागर  मध्य प्रदेश के सागर की सबसे पुरानी नगरपालिका में शुमार देवरी नगरपालिका का जल्द ही नाम बदलने जा रहा है. देवरी नगर का नाम वहां के लोगों की इच्छा के चलते देवपुरी किया जा रहा है. मध्य प्रदेश की सबसे पुरानी नगरपालिका में देवरी का नाम शामिल है. यहां पर मध्य प्रदेश का इकलौता खंडेराव (खंडोबा) मंदिर है, जो महाराष्ट्र के जैजुरी की तर्ज पर मराठाओं द्वारा स्थापित कराया गया था. अब इस ऐतिहासिक नगर का नाम इसी वजह से देवपुरी किया जा रहा है. 1813 तक देवपुरी देवरी के नाम से पहचाना जाता था. दूसरा बड़ा कारण ये भी है कि यहां के लोग और जनप्रतिनिधि देवरी का नाम बदलना चाहते हैं. क्योंकि स्थानीय बातचीत में महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी इसी नाम के साथ किया जाता है. फिलहाल की स्थिति में स्थानीय स्तर और प्रदेश स्तर पर नाम बदलने की होने वाली तमाम औपचारिकताएं हो चुकी हैं और प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया है. जिस पर केंद्र की मुहर का इंतजार किया जा रहा है. स्थानीय बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटैरिया इस सिलसिले में मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं. क्यों आया देवरी को देवपुरी करने का विचार स्थानीय विधायक बृजबिहारी पटैरिया का कहना है कि, ''देवरी का ऐतिहासिक नाम देवपुरी है. यहां करीब 400 साल पुराना ऐतिहासिक खंडेराव मंदिर है. जो महाराष्ट्र के जैजुरी के बाद सिर्फ देवरी में स्थित है. खंडेराव भगवान शिव के अवतार है, जहां सिर्फ देवरी या बुंदेलखंड नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के कई जिलों और महाराष्ट्र तक के श्रृद्धालु आते हैं. यहां विशाल अग्निकुंड मेला भरता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं. दूसरा कारण ये है कि देवपुरी का नाम धीरे-धीरे देवरी हो गया और बुंदेली भाषा में इस शब्द का उपयोग लोग महिलाओं को छेड़ने और उनके साथ अभद्र बाषा में बातचीत के लिए करने लगे. देवरी की पुरानी पहचान और यहां के प्रसिद्ध मंदिर से नाम को जोड़ने के लिए स्थानीय लोगों के बीच में विचार आया, तो हमने इसकी पहल की. इसके लिए मैंने विधानसभा में अशासकीय संकल्प भी पेश किया और नाम बदलने के लिए होने वाली तमाम औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गयी हैं. राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार की एनओसी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है.'' अब तक ये औपचारिकताएं हो चुकी हैं पूरी स्थानीय विधायक बृजबिहारी पटैरिया बताते हैं कि, ''देवरी का नाम देवपुरी किए जाने की स्थानीय स्तर की औपचारिकताएं सिलसिलेवार पूरी कर ली गयी हैं. 14 फरवरी को देवरी नगरपालिका में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कराया गया था. इसके बाद सागर जिला कलेक्टर ने प्रस्ताव के आधार पर नाम बदलने के लिए 28 जुलाई 2025 को राज्य शासन को पत्र लिखा था. राज्य शासन के राजस्व विभाग ने एक हफ्ते के भीतर ही 4 अगस्त 2025 को केंद्र सरकार को पत्र लिखा था. इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मेरे द्वारा 5 दिसंबर 2025 को विधानसभा सत्र में अशासकीय संकल्प पारित किया गया.'' केंद्र की एनओसी का इंतजार राज्य सरकार की तरफ 4 अगस्त 2025 में केंद्र सरकार को एनओसी के लिए लिखे गए पत्र का अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. इस मामले में विधायक बृजबिहारी पटैरिया कहते हैं कि, ''इस मामले में मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने मुझे व्यक्तिगत रूप से और सदन में केंद्र को फिर से पत्र लिखकर एनओसी की बात कही है. जैसे ही केंद्र की एनओसी मिलेगी, देवरी को अपनी पुरानी पहचान मिलेगी.'' क्या कहते हैं स्थानीय लोग और विपक्ष देवरी के पूर्व विधायक भानु राणा कहते हैं कि, ''ये एक अच्छी पहल है और देवपुरी नाम होने से हमारे नगर की ऐतिहासिक पहचान फिर वापिस लौटेगी.'' वहीं पूर्व विधायक और कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे हर्ष यादव कहते हैं कि, ''स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं, सरकार ने इसकी पहल की है, ये स्वागत योग्य है. लेकिन देवरी के विकास पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए. नेशनल हाइवे 44 पर बसे नगर में उद्योग और रोजगार पर भी ध्यान देना चाहिए. क्योंकि नाम बदलने के साथ-साथ विकास भी जरूरी है.''

आदि योगी थीम पर कार्निवाल परेड, पचमढ़ी 26-29 दिसंबर तक जश्न में डूबी रहेगी

नर्मदापुरम   मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में कार्निवाल के साथ पचमढ़ी महोत्सव की शुरुआत हो गई है. शुक्रवार को आदि योगी थीम पर कार्निवाल परेड शहर में निकाली गई, जिसमें भगवान शिव की बारात, उनके गण और कार्निवाल जुलूस में शामिल कैरेक्टर आकर्षण का केंद्र रहे. इसके साथ ही आदिवासी समूह ने अपने मनमोहक नृत्य से समा बांधा. देश विदेश से आए हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग कार्निवाल परेड के साथ पचमढ़ी महोत्सव के शुभारंभ में शामिल हुए. हिल स्टेशन पचमढ़ी में 29 दिसंबर तक पचमढ़ी महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें देशभर से आए कई कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे. पचमढ़ी कार्निवाल में हुईं जोरदार प्रस्तुतियां पचमढ़ी महोत्सव के शुभारंभ पर दोपहर 3 बजे से कार्निवाल परेड सीएमराइस स्कूल ग्राउंड से प्रारंभ हुई, जिसमें शिव बारात, क्रिसमस, आदिवासी नृत्य व अन्य कार्यक्रम शामिल थे. महाराष्ट्र से आए विशेष धमाल बैंड न जमकर समा बांधा, जिसकी ताल पर आदिवासी व स्थानीय कलाकारों ने अपने नृत्य प्रस्तुत किए. कार्निवाल परेड का पचमढ़ी महोत्सव ग्राउंड पर महा आरती के बाद समापन हुआ. उम्मीद की जा रही है कि पचमढ़ी उत्सव के दौरान यहां एक लाख से अधिक पर्यटक पहुंच सकते हैं. आगे फिल्म और टीवी कलाकार देंगे प्रस्तुति पचमढ़ी महोत्सव 2025 में मनोरंजन के कई कार्यक्रम होंगे. अलग-अलग दिन फिल्म और टीवी जगत से जुड़े कलाकार स्टेज परफॉर्मेंस देंगे. कार्यक्रम में बॉलीवुड सिंगर, टीवी एक्टर्स, सारेगामा, इंडियन आइडियल के कलाकार, हास्य/मिमिक्री कलाकार, मैजिशियन, डांस ग्रुप के कलाकार प्रस्तुति देंगे. इसके अलावा जोश से भरा आर्मी बैंड भी पचमढ़ी में आकर्षक प्रस्तुति देगा. पचमढ़ी महोत्सव में होंगे ये कार्यक्रम     27 दिसंबर : समकालीन शास्त्रीय नृत्यांगना हृतंभरा कुशवाहा, राजा रेंचो स्टैंड अप कॉमेडियन, मैजिशियन एंड माइंड रीडर, गायक कलाकार जतिन श्रॉफ, लक्ष्मी सिंह द्वारा प्रस्तुति. प्रसिद्ध गायक अतुल पंडित द्वारा सह-गायकों के साथ प्रस्तुति और बॉलीवुड डांस परफॉर्मेंस     28 दिसंबर : आर्मी बैंड की शानदार प्रस्तुति, वीवा डांस ग्रुप का प्रदर्शन, वर्सेटाइल सिंगर अनिल नगरूरकर, विनती सिंह और दिव्यांश वर्मा द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी.     29 दिसंबर : बॉलीवुड डांस प्रस्तुति, सारेगामा की फाइनलिस्ट इशिता विश्वकर्मा सदाबहार गानों की प्रस्तुतियां देंगी, वॉइस ऑफ़ इंडिया फेम दीपांशी सुमधुर गानों की प्रस्तुति देंगी. 26 से 29 दिसंबर तक होगा भव्य आयोजन जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन बताया, '' पचमढ़ी महोत्सव के कार्यक्रम को एक भव्य रूप देने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है. इस आयोजन में बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल होते हैं और पचमढ़ी की एक सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करते हैं. हमारा आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड, जिला प्रशासन, जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद ओर साडा द्वारा आयोजित किया जा रहा है. यह आयोजन 26 से 29 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है.