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इंदौर से जम्मू के लिए फिर से उड़ान का संचालन होने जा रहा, 26 अक्टूबर से उड़ान संचालित होगी

इंदौर माता वैष्णोदेवी दर्शन जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से जम्मू के लिए फिर से उड़ान का संचालन होने जा रहा है। बीते माह बंद की गई सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा एयरलाइंस कंपनी इंडिगो ने की है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि 26 अक्टूबर से उड़ान संचालित होगी। इसकी बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। इंदौर से बड़ी संख्या में लोग वैष्णोदेवी दर्शन के लिए जाते हैं। उड़ान बंद होने से यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ान से समय और पैसा ज्यादा लग रहा था। इंडिगो सप्ताह में मंगलवार, गुरुवार और रविवार को उड़ान का संचालन करेगी। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने बताया, इस उड़ान की डिमांड है। जानें क्या रहेगा उड़ान का शेड्यूल इंदौर से जम्मू फ्लाइट 6ई 959: इंदौर से सुबह 9.10 बजे रवाना होकर सुबह 11.20 बजे जम्मू पहुंचेगी। जम्मू से इंदौर फ्लाइट 6ई 6738: जम्मू से सुबह 11.50 बजे रवाना होगी और दोपहर 2.05 बजे इंदौर आएगी।

कूनो से निकल हाईवे पर पहुंची चीता फैमिली, राहगीरों ने रिकॉर्ड किया हैरान कर देने वाला वीडियो

 श्योपुर  श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क की सबसे सक्रिय और चर्चित मादा चीता 'ज्वाला' एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वह अपने तीन शावकों के साथ विजयपुर क्षेत्र के गसवानी के पास बारिश के बीच देखी गई. हैरान करने वाला दृश्य तब सामने आया जब उसका एक शावक ग्वालियर-विजयपुर हाइवे किनारे टहलता नजर आया, जबकि बाकी दो शाक्क जंगल में समानांतर चलते दिखे. यह दृश्य देखकर आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जुट गई. राहगीर रामचंद्र शर्मा द्वारा क्लिक की गईं तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और ट्रैकिंग टीम लगातार ज्वाला और उसके शावकों पर नजर रख रही है.यहां बता दें कि 'घुमक्कड़ रानी' कही जाने वाली ज्वाला कूनो, शिवपुरी, मुरैना और आसपास के जंगलों में बार-बार भ्रमण कर चुकी है. कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल ने बताया कि चीता जहां भी है, हमारी ट्रेकिंग टीम की निगरानी में है, ज्वाला और उसके तीनों शावक स्वस्थ हैं और सामूहिक शिकार सीख रहे हैं, जो उनके प्राकृतिक व्यवहार का संकेत है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया

दुबई प्रवास का दूसरा दिन भारतीय दूतावास स्तर पर स्थाई संपर्क तंत्र विकसित करने पर सहमति मध्यप्रदेश की छवि ब्रांड इंडिया के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर स्थापित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया एमपी डे से लेकर ईवी और पर्यटन तक कई सेक्टर्स पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कॉउन्सल जनरल ने की चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के तीन दिवसीय दुबई दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत भारतीय कॉउन्सल जनरल श्री सतीश कुमार सिवन द्वारा आयोजित ब्रेकफास्ट ब्रीफिंग से हुई। बैठक में भारतीय दूतावास स्तर पर एक स्थाई संपर्क तंत्र विकासित किये जाने पर  सहमति बनी जिससे मध्यप्रदेश और यूएई के बीच संस्थागत संवाद के निरंतरता बने रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की छवि ब्रांड इंडिया के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने में भारतीय मिशन की निर्णयाक भूमिका हो सकती है। ताज बिजनेस बे स्थित बॉम्बे ब्रैसरी में इस मुलाकात में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यूएई में भारत की विभिन्न गतिविधियों और संभावित सहयोग क्षेत्रों की जानकारी दी गई। बैठक के दौरान जिन विषयों पर प्रमुखता से चर्चा हुई, उनमें मध्यप्रदेश प्रवासी व्यवसायियों को निवेश के लिए प्रेरित करने के विशेष प्रयास, दुबई-मध्यप्रदेश के बीच सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं और दुबई में “एमपी डे” आयोजित करने के लिए भारतीय मिशन की भागीदारी जैसे अहम विषय शामिल रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि दुबई के प्रमुख औद्योगिक समूहों से मध्यप्रदेश उद्योग विभाग के सीधे संपर्क के लिए मिशन स्तर पर समन्वय किया जाएगा। साथ ही कृषि, टेक्सटाइल, ईवी, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में कॉन्सुलेट की अगुवाई में सेक्टर-विशेष राउंडटेबल आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी प्रस्तावों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लिया। कॉउन्सल जनरल श्री सिवन ने जानकारी दी कि दुबई में कार्यरत मध्यप्रदेश मूल के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम से जुड़े व्यवसायियों की पहचान कर उन्हें प्रदेश सरकार की अनुकूल नीतियों से जोड़ा जा सकता है। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं रेखांकित की गईं, जिसमें विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सौर ऊर्जा से जुड़ी संस्थाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन सभी प्रस्तावों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लिया और कहा कि मध्यप्रदेश की छवि को ब्रांड इंडिया के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने में भारतीय मिशन की भूमिका निर्णायक हो सकती है। ब्रीफिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भूतपूर्व मुख्यमंत्री जोशी का पुण्य स्मरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय स्वर्गीय कैलाश जोशी जी की 96वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि स्व. श्री कैलाश जोशी का व्यक्तित्व सादगी, कर्मठता और संकल्प की त्रिवेणी के समान है, जिससे सदैव लोककल्याण की प्रेरणा मिलती है। श्री जोशी ने देश-प्रदेश के अनेक युवाओं को मातृभूमि की सेवा साधना के संस्कार प्रदान किए। हम सभी इन्हें आत्मसात् करने के लिए संकल्पित हैं।  

राजधानी में 7 राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की बैठक, तोमर बोले- समितियों की अनुशंसाओं का पालन गंभीरता से होना चाहिए

भोपाल  मप्र विधानसभा में सात राज्यों की समिति की पहली बैठक हुई। इस बैठक में मप्र के विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, यूपी के स्पीकर सतीश महाना, राजस्थान के स्पीकर वासुदेव देवनानी, हिमाचल प्रदेश के स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया। पीएस बोले: जब विधानसभा नहीं चलती तब समितियां विधायिका का काम करती हैं मप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया- जब विधानसभा की बैठकें नहीं हो रही होती हैं तब विधानसभा की समितियां विधायिका का काम करती हैं। ये समितियां विधायी, वित्तीय और प्रशासनिक क्षेत्र में विधायिका के कार्यपालिका पर नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पीएस एपी सिंह ने कहा- समिति प्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुए अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के शताब्दी वर्ष सम्मेलन में एक संकल्प पारित कर विधायी एवं वित्तीय नियंत्रण की जिम्मेवारी में समितियों के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए समिति प्रणाली तंत्र पर पुर्नविचार के लिए पीठीसीन अधिकारियों की समिति का गठन की अपेक्षा की गई थी। लोकसभा अध्यक्ष और हमारे प्रदेश के स्पीकर की अध्यक्षता में यह समिति बनाई गई है। इसकी पहली बैठक आज बुलाई गई है। लोकसभा में समितियों के पास जाता है बजट बैठक में नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा- हमारे देश की लोकतांत्रिक प्रणाली में संसद और विधानसभाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। संसद का सत्र हो या विधानसभाओं के सत्र हों उन सत्रों में जितनी सूक्ष्म निगरानी की जरूरत होती है वह करना संभव नहीं होता। इसलिए हमारे पूर्वजों ने समितियों के गठन की प्रणाली को शुरु किया। लोकसभा की समितियों में तो बजट पर भी विचार-विमर्श होता है। जब बजट सत्र होता है तो बीच में छुट्‌टी करके सारा बजट समितियों के पास जाता है समितियां ही उस पर अध्ययन कर सुझाव देती हैं। उसके बाद वह बजट परिमार्जित होकर लोकसभा में आता है और फिर पारित किया जाता है। ठीक इसी प्रकार से विधानसभाओं में भी समितियों की प्रणाली है। समितियां निरीक्षण और भ्रमण करतीं हैं नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा- हमारे मप्र में चार वित्तीय समितियां हैं जिनका निर्वाचन होता है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए दो समितियां हैं जिनका निर्वाचन होता है। बाकी 15-16 समितियां हैं जिनमें पक्ष-विपक्ष मिलकर अध्यक्ष की ओर से नाम निर्देशित किए जाते हैं। वो समितियां भ्रमण करतीं हैं अध्ययन, निरीक्षण करतीं हैं जरूरत पड़ने पर शासन को बुलाकर विमर्श करतीं हैं। जिसमें और काम करने की जरूरत है या विधानसभा के निर्देश या सदन में दिए गए आश्वासन, अपूर्ण उत्तर, या मंत्रालयों के जनोपयोगी विषयों पर काम करती हैं। आबादी और तकनीक के उपयोग के साथ काम भी बढ़ रहा है तोमर ने कहा- समय समय पर जैसे-जैसे देश की आबादी बढ़ रही है टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ रहा है उसी प्रकार संसद और विधानसभाओं में काम भी बढ़ रहा है। उस काम की समीक्षा हो सके, काम में दक्षता आ सके इसलिए समिति प्रणाली को और ज्यादा दक्ष और प्रभावी बनाने के लिए पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश में हुई पीठासीन अधिकारियों की बैठक में छोटे ग्रुप बनाने की बात आई थी। ये छोटे ग्रुप बने हैं और वो समय-समय पर अपने यहां की बेस्ट प्रेक्टिस एक दूसरे से साझा करें। सदस्य क्या महसूस करते हैं काम करते वक्त आने वाली कठनाईयों पर चर्चा करें तो आने वाले समय में उनका निराकरण हो सकेगा। समितियों की अनुशंसाओं का पालन भी गंभीरता से होना चाहिए विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा-एक बात चलती है समितियों को और काम करने की स्वायत्तता मिलनी चाहिए। कामकाज सबके सामने आना चाहिए। समितियों की अनुशंसाओं का समय सीमा में पालन होना चाहिए। ऐसे कई प्रकार के विषय आते हैं तो समिति काम करती है तो अनुशंसा का पालन भी उतनी गंभीरता से होना चाहिए। इसमें कहीं न कोई कमी होती है तो हमारी कोशिश होनी चाहिए कि इन बैठकों के माध्यम से हम राज्य और केन्द्र सरकार के ध्यान में ये बातें लाएं। आज की प्रारंभिक बैठक के बाद ये बैठकें निरंतर होती रहेंगी।

महाकाल की चांदी की पालकी यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, 1 लाख से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल

उज्जैन  सावन के पहले सोमवार पर उज्जैन में भगवान महाकाल नई पालकी में प्रजा का हाल जानने निकले। ये पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर निकाली जा रही है। सवारी शिप्रा नदी तक जाएगी। यहां महाकाल का पूजन किया जाएगा। इसके बाद रात करीब 7 बजे पालकी मंदिर वापस आएगी। सवारी में भजन मंडलियों नाचते-गाते आगे बढ़ रही हैं। इससे पहले तड़के 2:30 बजे महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए थे। कपाट रात 10 बजे शयन आरती तक खुले रहेंगे। दाेपहर 3 बजे तक 1 लाख 15 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। इधर, खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। महाकाल को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर सभा मंडप में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन मनमहेश स्वरूप में होने के बाद सवारी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची। यहां पर पुलिस द्वारा श्री महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।  सीएम मोहन यादव ने महाकाल के श्री चरणों में किया नमन सीएम मोहन यादव विदेश यात्रा पर हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सावन के पहले सोमवार के पावन अवसर पर आज उज्जैन में अपने भक्तों का कुशलक्षेम जानने हेतु बाबा महाकाल भ्रमण पर धूमधाम से निकलने वाले हैं। उनके श्री चरणों में नमन एवं वंदन।  चांदी की नई पालकी में सवारी महाकाल चांदी की नई पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, करीब 10 साल बाद सवारी में नई पालकी को शामिल किया गया है। नवंबर में छत्तीसगढ़ के एक भक्त ने गुप्तदान के रूप में मंदिर समिति को यह पालकी भेंट की थी।  कई नृत्यदलों की प्रस्तुति बाबा महाकाल की सवारी में सीधी के घसिया बाजा, हरदा के ढांडल नृत्य दल,सिवनी के गुन्नूरसाई नृत्यदल आगे-आगे चलेंगे। विभिन्न जनजातियों के समुहों द्वारा भगवान श्री महाकाल की सवारी में मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी का भव्य रूप   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप सवारी में नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रथम सवारी वैदिक उद्घोष थीम पर है।  बाबा महाकाल की सवारी के दौरान रामघाट पर वैदिक उद्घोष के लिए दत्ता अखाड़ा क्षेत्र में बटुकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सभा मंडप में शुरू हुआ पूजन अर्चन  महाकालेश्वर मंदिर के सभागृह में बाबा महाकाल के मनमहेश स्वरूप का पूजन अर्चन शुरू हो चुका है। मंदिर के शासकीय पुजारी पंडित घनश्याम गुरु के द्वारा यह पूजन अर्चन किया जा रहा है। इस दौरान मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक महेश परमार के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि भगवान का पूजन अर्चन कर रहे हैं।  12 स्थानों से होते हुए गुजरेगी महाकाल की सवारी बाबा महाकाल की सवारी महाकाल चौराहे से शुरू होगी। इसके बाद गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी, रामघाट, मोड़  की धर्मशाला, कार्तिक चौक से होते हुए सत्यनारायण मंदिर पहुंचेगी। बाद में सवारी छत्रीचौंक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए महाकाल मंदिर वापस आएगी। यहीं पर सवारी यात्रा का समापन होगा। बाबा महाकाल के छह स्वरूप  महाकाल सवारी 2025 में बाबा महाकाल के छह स्वरूप होंगे। आज पहली सवारी निकलेगी। इसके बाद  18 अगस्त को अंतिम राजसी सवारी श्री सप्तधान मुखारविंद स्वरूप में निकाली जाएगी, जिसमें बाबा का राजसी शृंगार किया जाएगा। सभी सवारियां श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएंगी।  सवारी में शामिल होंगे मंत्री  महाकाल की पहली सवारी में उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और पंचायत  एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल शामिल होंगे। वे महाकाल मंदिर के सभा मंडप में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन करेंगे। पालकी को कंधा देकर नगर भ्रमण के लिए रवाना करेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचे 11 लाख श्रद्धालु  श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। 7 से 13 जुलाई 2025 के बीच 11 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए।  अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। रायसेन के भोजपुर में 11 बजे तक करीब 40 हजार भक्त भोजेश्वर महादेव का दर्शन-पूजन कर चुके थे। भोपाल के बड़वाले महादेव, गुफा मंदिर, छतरपुर के जटाशंकर धाम में भी भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जा रही है। खजुराहो में भक्त 18 फीट ऊंचे मतंगेश्वर महादेव का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। नर्मदापुरम में सेठानी घाट से कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़िए नर्मदा जल लेकर पचमढ़ी जाएंगे, जहां जटाशंकर महादेव का अभिषेक करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा MP में एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दुबई में शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम से भेंट मध्यप्रदेश बनेगा एविएशन और लॉजिस्टिक हब, क्षेत्रीय कार्गो हब के प्रस्ताव पर बनी सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा MP में एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना भोपाल  दुबई यात्रा का दूसरा दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई यात्रा के दौरान एमिरेट्स एयरलाइंस और दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक मध्यप्रदेश और यूएई के बीच उड्डयन संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन में मध्यप्रदेश एविएशन में जो काम कर रहा है उसमें भी दुबई सहयोग देने को तैयार है। क्षेत्रीय कार्गो हब के प्रस्ताव पर बनी सहमति बैठक में मुख्य रूप से इंदौर और भोपाल शहरों से दुबई के लिए सीधी विमान सेवाएं शुरू करने पर चर्चा हुई। मध्य भारत में एक क्षेत्रीय कार्गो हब स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। एविएशन ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) इन्फ्रास्ट्रक्चर में संयुक्त निवेश एवं प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश में इनबाउंड टूरिज्म को बढ़ावा देने और एमिरेट्स एविएशन अकादमी के कैंपस की स्थापना की संभावना पर भी गंभीर चर्चा की हुई। मध्यप्रदेश को भारत का एक प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास में नई उड़ान भरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मीडिया से संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक के बाद दुबई में मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि आज सुबह से निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ अलग-अलग चर्चाओं का दौर शुरू हुआ है। सबसे पहले हमारे महावाणिज्यदूत और एंबेसी के लोगों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभानाएँ है। मध्यप्रदेश एविएशन में जो काम कर रहा है दुबई उसमें सहयोग करने के लिए तैयार है। हमारी सरकार विदेश में कैसे आसानी से व्यापार करे, सरकार किन-किन क्षेत्रों में व्यापार कर सकती है, उस पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मध्यप्रदेश में खदानें भी हैं, उद्योग भी हैं, फूड पार्क भी हैं। निवेशकों से अलग-अलग सेक्टर को लेकर चर्चा की। वन-टू-वन बैठक में भी निवेशकों से अच्छी और सकारात्मक बात की है। बैठकों के दौरान वेलनेस, हेल्थ, एनर्जी, सर्विस सेक्टर में अच्छे सुझाव मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई के निवेशकों ने मध्यप्रदेश में गोल्ड एवं डायमंड माइनिंग सहित कई सेक्टर में निवेश करने की रुचि दिखाई।  

शहडोल में वन्य संकट: हाथियों के झुंड की दस्तक, डीएफओ ने लोगों को किया सतर्क

शहडोल  इन दिनों बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ से हाथियों का झुंड शहडोल संभाग में आया है. जो सोमवार तड़के सुबह विचारपुर से ग्राम ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गया. स्थानीय ग्रामीणों की माने तो झुंड में 4 हाथी देखे गए हैं. इन हाथियों की निगरानी में वन विभाग की टीम जुटी हुई है. शहडोल संभाग में हाथियों का मूवमेंट पिछले कुछ समय से शहडोल संभाग में लगातार हाथियों का मूवमेंट देखने को मिल रहा है. यह हाथी कभी अनूपपुर में धमाचौकड़ी मचाते हैं, तो कभी शहडोल में चहलकदमी करते नजर आते हैं. वर्तमान में छत्तीसगढ़ से आए हुए ये हाथी अनूपपुर के रास्ते उमरिया होते हुए शहडोल पहुंचे हैं. जो कि शहडोल जिला मुख्यालय से लगे ग्राम ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गए हैं. ऐन्ताझर जंगल में चहलकदमी करते दिखे हाथी ऐन्ताझर के फॉरेस्ट गार्ड राजनाथ बैगा ने बताया कि ''4 हाथी सोमवार तड़के सुबह ऐन्ताझर पहुंचे हैं, सभी हाथी अभी जंगल में हैं. उनकी हम लगातार निगरानी कर रहे हैं." जानकारी के अनुसार, हाथियों ने शहडोल जिले के बैगिन टोला निवासी चंद्रवती बैगा के घर को नुकसान पहुंचाया है. साथ ही कुछ जगहों पर पेड़ पौधे को भी नुकसान पहुंचाया है. हाथियों ने विचारपुर में बिताई छुट्टी बता दें कि, हाथी छत्तीसगढ़ से पहले अनूपपुर जिले में आए, जहां कुछ गांवों में जमकर धमाचौकड़ी मचाने के बाद अहिरगमा रेंज से होते हुए उमरिया जिले के घुनघुटी रेंज में पहुंच गए. यहां से शहडोल के विचारपुर गांव पहुंचे. जहां बीते रविवार को पूरे दिन रहे. फिर यहां से सोमवार तड़के सुबह ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गए हैं. छत्तीसगढ़ वापस लौटने की राह चारों हाथी व्यस्क और दंतैल बताए जा रहे हैं. फिलहाल ये सभी पतखई घाट के रास्ते छत्तीसगढ़ वापस लौटने की राह पर नजर आ रहे हैं. हालांकि वन विभाग की टीम एक्टिव हो गई है. साउथ डीएफओ श्रद्धा प्रेंद्रे ने कहा, "छत्तीसगढ़ से 4 हाथी ऐन्ताझर जंगल में पहुंच गए हैं. ये सभी अनूपपुर के रास्ते उमरिया होते हुए यहां तक पहुंचे हैं." उन्होंने आगे बताया कि "वन विभाग की टीम लगातार इन हाथियों पर नजर बनाए हुए हैं, उनकी निगरानी में वन विभाग की टीम को तैनात किया गया है. लोगों को इनसे डरने की बजाए सतर्क रहना चाहिए. जंगल की ओर जाने से लोग बचें और हाथियों को देखने पर उनके साथ छेड़छाड़ न करें."

MP के निवाड़ी में 102%, टीकमगढ़ में 90% हुई बरसात, श्योपुर में क्वारी नदी उफान पर, विजयपुर-आगरा मार्ग बंद

भोपाल स्ट्रॉन्ग सिस्टम की बदौलत मध्यप्रदेश में 1 महीने के अंदर ही कोटे की 45% यानी, औसत 17.4 इंच बारिश हो गई है। निवाड़ी में कोटा फुल हो चुका है। यहां 102% पानी गिर चुका है। टीकमगढ़ में 90 फीसदी बारिश हुई है।मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कई जिलों में आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। सबसे ज्यादा बारिश रतलाम और गुना जिलों में हुई। श्योपुर में 2.8 इंच और गुना में 2.7 इंच पानी गिर गया। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी बारिश का दौर जारी रहा। प्रदेश में मानसून के एंटर हुए 16 जुलाई को 1 महीना हो जाएगा। हालांकि, मानसूनी सीजन 1 जून से ही शुरू हो गया था। यानी, डेढ़ महीने में करीब आधी बारिश हो चुकी है। इस बार लगातार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। इस कारण पूर्वी हिस्से में बाढ़ आ गई। छतरपुर, मंडला, सिवनी, शिवपुरी, उमरिया समेत कई जिलों में एक सप्ताह से बाढ़ के हालात है। नदियां उफान पर हैं। नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस वजह से बारिश का आंकड़ा भी बढ़ा है। मध्य प्रदेश के 20 जिलों में आज अति भारी बारिश की चेतावनी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुककर बारिश का दौर अभी जारी है। प्रदेश के भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम मंदसौर और नीमच जिलों में आज अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इंदौर और आस-पास के इलाकों में सुबह से फुहारों का दौर जारी है। टीकमगढ़ 24 घंटे में 167 मिमी बारिश से मुख्य मार्गों पर जलभराव हो गया। इससे जिले का झांसी, ललितपुर, छतरपुर, सागर से संपर्क टूट गया है। सबसे ज्यादा बारिश टीकमगढ़ तहसील क्षेत्र में 215.0 मिमी बारिश दर्ज हुई है। बाढ़ जैसे हालात बनने से हर कोई परेशान है। बान सुजारा बांध के गेट खुलने से धसान नदी भी काफी उफान पर रही, जिसमें 10 से 12 फीट तक जलस्तर बढ़ गया। प्रशासन ने अगले 24 घंटों में टीकमगढ़ के अधिकांश स्थानों पर गरज के साथ बहुत भारी बारिश 115.0 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई है। निवाड़ी के बछोंड़ा-पृथ्वीपुर मार्ग पर पड़ने वाले बरुआ नाले में रविवार को एक पिकअप वाहन गिर गया। जेसीबी की मदद से उसे निकला गया। शिवपुरी में नाले में बहे युवक, पेड़ पकड़कर बची जान शिवपुरी में आधी रात के बाद से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछोर के ग्राम मनका में नाला उफान पर आ गया। गांव के सुरदीप यादव, राजदीप यादव सहित एक अन्य युवक ने बाइक पर सवार होकर उफनते नाले को पार करने का स्टंट दिखाना चाहा। बीच नाले में पहुंचते ही पानी के तेज बहाव में चालक बाइक पर से नियंत्रण खो बैठा। मौसम विभाग के अनुसार, अभी भी मानसून सीजन के ढाई महीने बाकी है। ऐसे में मौसम विभाग ने 125 प्रतिशत यानी, 45 इंच से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। बता दें कि मौसम विभाग ने इस बार प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। मंडला में 33 इंच से ज्यादा पानी गिरा मंडला की औसत बारिश 47 इंच है। जिसके मुकाबले 33.17 इंच पानी गिर चुका है। इंच में यह सबसे ज्यादा बारिश है। निवाड़ी में साढ़े 30 इंच की जगह 31.27 इंच बारिश हो चुकी है। यानी, इस जिले में कोटा पूरा हो गया। टीकमगढ़ की औसत 35.89 इंच बारिश के मुकाबले 32 इंच पानी गिर चुका है। कई डैम ओवरफ्लो हुए अब तक हुई बारिश की वजह से कई डैम  ओवरफ्लो हो गए हैं। भोपाल के बड़ा तालाब, केरवा-कलियासोत डैम में भी पानी आया है। हालांकि, पिछले साल जुलाई में ही कई डैमों के सभी गेट खुल गए थे। इस बार भी जौहिला, बरगी डैम के गेट खुल चुके हैं।   30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     मंडला, टीकमगढ़, निवाड़ी। 20 से 30 इंच तक बारिश वाले जिले     रायसेन, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, श्योपुर, सीधी, नर्मदापुरम। 10 से 19 इंच बारिश वाले जिले     भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, हरदा, बैतूल, सतना, सिंगरौली, रीवा, मुरैना, भिंड, नीमच, रतलाम, ग्वालियर, गुना, छिंदवाड़ा। इन जिलों में हुई 10 इंच से कम बारिश     इंदौर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, दतिया, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, खरगोन, टीकमगढ़, रायसेन, मंडला, सागर, उमरिया, दतिया, छिंदवाड़ा, बैतूल, बालाघाट, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, आगर-मालवा, राजगढ़ समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। सोमवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल में मानसून टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) का असर देखने को मिलेगा। कुल 35 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। इनमें से 9 जिलों में अति भारी बारिश होने की संभावना है।

कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी पर जमकर हुआ हंगामा

भास्कर मिश्रा को नही मिली जमानत, आज सोमवार को होगी सुनवाई, पहुंचे जेल, समर्थको ने जमकर की नारेबाजी, कांग्रेस पार्टी दो गुटों में दिखी सिंगरौली   जिले में बरगवां से लेकर  रजमिलान-गड़ाखाड़ के बीच कोल वाहनों से आये दिन हो रहे सड़क हादसे को लेकर इस पर रोक लगाने के लिए कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा के नेतृत्व में परसौना तिराहा पर आज दिन रविवार  की सुबह चक्काजाम शुरू किया। इसी दौरान भास्कर मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर पहले सिविल लाईन ले गई। इसके बाद उनके समर्थको ने जगह-जगह हंगामा शुरू कर दिये और यह दौर देर शाम तक चलता रहा। गौरतलब है कि बरगवां से लेकर परसौना, रजमिलान, गड़ाखाड़, सरई-गन्नई मार्ग में आये दिन कोल समेत अन्य बड़े वाहनों से अनायास लोग काल के गाल में समा रहे हैं। आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण एवं फोरलेन न होने के कारण सड़क हादसा थमने का नाम नही ले रहा है। आये दिन किसी न किसी के घर का चिराग बूझ जा रहे हैं। इन्हें ज्वलंत समस्या को लेकर कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा ने आज अपने समर्थको के साथ पूर्व  सूचना के आधार पर परसौना-तिराहा पहुंच माल वाहको को जाने पर रोक-टोक करते हुये चक्काजाम शुरू कर दिये। जबकि सवारी वाहनो को आने-जाने पर रोक नही लगाया था। इसी दौरान सीएसपी विंध्यनगर के नेतृत्व में पुलिस पहुंची और भास्कर मिश्रा तथा पार्षद रामगोपाल पाल समेत आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार करते हुये पुलिस सिविल लाईन ले गई। भास्कर मिश्रा की गिरफ्तारी को सून ग्रामीण सड़क पर उतर आये। जगह-जगह नारेबाजी करने लगे। यहां तक कि सैकड़ों लोग के अलावा जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह राजू, अतुल शुक्ला भी अपने समर्थको के साथ सिविल लाईन पहुंच भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी का विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी एवं तूतू-मैंमैं शुरू हो गई। हालांकि पुलिस के पास कोई ठोस जवाब नही आ रहा था। बाद में उन्हें बैढ़न न्यायालय में पेश की। जहां से विचाराधीन मानते हुये जेल भेज दिया था। चर्चा है कि कल दिन सोमवार को सुनवाई होगी। भास्कर मिश्रा के समर्थक ने कांग्रेस पार्टी सिंगरौली ग्रामीण जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र द्विवेदी, पूर्व जिला अध्यक्ष सूर्या द्विवेदी, कांग्रेस नेता अमित द्विवेदी, रामशिरोमणि शाहवाल, अशोक सिंह पैगाम, राजेश सिंह राजू, अनिल सिंह, रूपेश पाण्डेय  अखिलेश सिंह सहित भारी संख्या में कांग्रेसी व ग्रामीणजन भी पहुंचे थे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह पुलिस लोकतंत्र की हत्या कर रही है। आगे कहा कि भास्कर मिश्रा की गिरफ्तार पूरी तरह से गलत है। दिन भर परसौना से लेकर न्यायालय परिसर के बाहर रहा गहमा-गहमी आज रविवार पूरे दिन हंगामा से भरा रहा है। परसौना से लेकर सिविल लाईन, कचनी एवं न्यायालय परिसर के बाहर भारी संख्या में लोग पहुंच कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी कह रहे थे कि यहां की पुलिस डण्डे के बल पर लोगों के आवाज को दबाना चाहती है। भास्कर मिश्रा के साथ भी ऐसा ही हुआ है। पुलिस ने लोकतंत्र की हत्या करते हुये मौलिक अधिकारो को छिनने का प्रयास की है। जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह राजू, अशोक सिंह पैगाम, सीपीएम नेता संजय नामदेव ने भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी कर जमकर विरोध किया है और कहा कि बैढ़न पुलिस बाबा साहेब अम्बेडकर के संविदान को नही मानती। इसीलिए भास्कर की गिरफ्तारी की गई है। इस दौरान पुलिस को काफी पापड़ बेलने पड़े। दिनमान भी आसमान में तारे नजर आने लगे थे। वही पुलिस के इस कार्रवाई का चौतरफा विरोध हो रहा है। आरआई ने की महिला के साथ धक्कामुक्की, हुआ जमकर हंगामा भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी के बाद आक्रोषित ग्रामीणों एवं उनके समर्थक जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह राजू सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस लाईन पहुंच  नारेबाजी शुरू कर दी है। इसी दौरान भारी संख्या में पुलिस भी मौजूद थी। तभी भीड़ आगे बढ़ रही थी कि पुलिस लाईन के रक्षित निरीक्षक केशव सिंह चौहान ने एक महिला को हाथ से जोर का छटका दिया। जहां महिला गिरते-गिरते बची। इसी बात से गुस्साए लोगों ने आरआई से उलझ गये। मामला इतना गरमाया कि तनाव की स्थिति निर्मित होने लगी। लेकिन कुछ समझदार पुलिस कर्मी भाप गये कि आरआई ने बड़ी गलती कर दी है। तत्काल आरआई को पीछे जाने के लिए इशारा किये। तब कहीं जाकर कुछ स्थिति संभल पाई। आरआई को अंतत: बैकफूट पर आना पड़ा। लेकिन इस बीच पुलिस एवं ग्रामीणों के बीच जमकर तूतू-मैंमैं हुआ है। इनका कहना:- मुझे सुबह 7:30 बजे सूचना मिली कि परसौना में कुछ लोक एकत्रित होकर छोटे व बड़े वाहनों के साथ स्कूल बसों को रोका गया था। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद बैढ़न समेत आसपास के पुलिस के साथ पहुंच मनाने एवं समझाने का प्रयास किया गया। वही स्कूली छोटे-छोटे बच्चे परेशान हो रहे थे। न मानने पर अभिरक्षा में ले लिया गया है। पीएस परस्ते सीएसपी, विंध्यनगर