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सावन के पहले सोमवार पर भोजपुर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़, भक्ति में डूबा माहौल

भोपाल आज  सावन के पहले सोमवार पर हर-हर महादेव के जयकारों से राजधानी भोपाल गुंज रही हैं। शहर के मंदिरों में पूजा अर्चना करने भक्त पहुंच रहे हैं। भोपाल से 30 किलोमीटर दूर भोजपुर मंदिर में भक्तों की सुबह से ही भीड़ देखी जा रही है। भोजपुर में विराजमान महादेव की एक अलग ही प्रसिद्धी है कहा जाता है पांडवों द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। वही मंदिर को लेकर एक कथा यह भी है कि एक ही रात्रि में इस मंदिर का निर्माण किया गया था। दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं भक्त सावन के महीने में भोजपुर में भगवान महादेव के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। काफी संख्या में भीड़ यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने आती है तो वही आज सावन के पहले सोमवार को भोजपुर में काफी संख्या में भक्तों का आना-जाना रहा सुबह 4 बजे से ही भक्तों का भोजपुर आना-जाना शुरू हो गया तो वहीं बम-बम के नारों से भोजपुर का शिवालय गूंज उठा लोग बेलपत्र और शिव पूजा में लगने वाली अनेकों प्रकार की सामग्री लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने भोजपुर पहुंच रहे हैं और भगवान भोलेनाथ से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की अर्जी लगा रहे हैं। सावन के सोमवार की पूजन विधि  प्रातः काल स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर पर ही शिवलिंग स्थापित कर सकते हैं, या नजदीकी शिव मंदिर जाएं। शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, आक-धतूरा, सफेद फूल अर्पित करें। कम से कम 108 बार “ऊं नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। व्रतधारी दिनभर फलाहार कर सकते हैं और शाम को शिव आरती करें। सायंकाल भगवान के मंत्रों का फिर जाप करें, तथा उनकी आरती करें। अगले दिन पहले अन्न वस्त्र का दान करें तब जाकर व्रत का पारायण करें। सावन सोमवार पूजा का धार्मिक महत्व   भगवान शिव की पूजा खासतौर से सोमवार को की जाती है। मान्यता है कि वैवाहिक जीवन के लिए शिव जी की पूजा सोमवार को करने से परेशानियां दूर होती हैं। कुंवारी कन्याएं इस व्रत को विशेष श्रद्धा से करती हैं ताकि उन्हें मनचाहा वर प्राप्त हो। यह व्रत नकारात्मक ऊर्जा, रोग और दरिद्रता को दूर करने में सहायक माना जाता है।इसके अलावा स्वास्थ्य, संतान और आर्थिक समस्याएं भी दूर होती हैं। सावन के सोमवार को शिव जी की पूजा सर्वोत्तम होती है. इसमें मुख्य रूप से शिव लिंग की पूजा होती है और उस पर जल तथा बेल पत्र अर्पित किया जाता है।  

शिलॉन्ग जेल की कैदी सोनम रघुवंशी ने की दो खास लोगों से मुलाकात की मांग

इंदौर  इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी इन दिनों शिलॉन्ग जेल में बंद हैं। मेघालय पुलिस ने उन्हें अपने पति राजा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में सनसनी मचा दी है। लेकिन अब जेल में सोनम की कुछ गतिविधियां सुर्खियां बटोर रही हैं। खबर है कि सोनम ने जेल में सिर्फ दो लोगों से मिलने की इच्छा जाहिर की है। आखिर कौन हैं ये दो लोग और क्या है इस मुलाकात के पीछे का राज? सिर्फ पिता और भाई से मिलने की इच्छा सूत्रों के मुताबिक, सोनम ने जेल में अपने परिवार के सिर्फ दो सदस्यों अपने पिता और भाई गोविंद रघुवंशी से मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने साफ तौर पर जेल प्रशासन से कहा है कि वह किसी और से नहीं, बल्कि इन दोनों से ही मुलाकात करना चाहती हैं। इतना ही नहीं, सोनम को जेल से सप्ताह में एक बार फोन करने की इजाजत मिली है और उन्होंने अब तक तीन बार अपने परिवार से बात की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि फोन पर उनकी बातचीत का विषय क्या था, लेकिन यह जरूर चर्चा में है कि सोनम ने सबसे दूरी बनाते हुए सिर्फ इन दो लोगों पर भरोसा जताया है। भाई गोविंद ने दी सफाई सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनकी बहन से अभी तक उनकी कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम का जेल से घर पर फोन करने की बात महज अफवाह है। गोविंद ने बताया कि वह और उनके पिता जल्द से जल्द सोनम से मिलना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने शिलॉन्ग पुलिस को आवेदन भी दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। गोविंद का कहना है कि वह अपनी बहन का पक्ष जानना चाहते हैं, लेकिन क्या यह मुलाकात कोई नया खुलासा करेगी? जेल में सोनम की जिंदगी शिलॉन्ग जेल में सोनम को अन्य 20 महिला कैदियों के साथ रखा गया है। वह इस जेल की दूसरी ऐसी महिला कैदी हैं, जिन्हें हत्या के मामले में बंद किया गया है। जेल में उनकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हैं, और उन्हें वार्डन की निगहबानी में रखा गया है। सप्ताह में तीन बार फोन करने की अनुमति के साथ सोनम ने अपने परिवार से संपर्क बनाए रखा है। लेकिन उनकी यह जिद कि वह सिर्फ पिता और भाई से ही मिलेंगी, कई सवाल खड़े कर रही है। क्या वह अपने परिवार के जरिए कोई रणनीति बना रही हैं, या यह सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव है? हत्याकांड में नए मोड़ राजा रघुवंशी हत्याकांड में हाल ही में कई अपडेट्स सामने आए हैं। सोनम के दो मददगारों लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को शिलॉन्ग की अदालत ने जमानत दे दी है। लोकेंद्र उस फ्लैट के मालिक हैं, जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी, जबकि बलबीर उसी बिल्डिंग का सिक्योरिटी गार्ड था। दोनों पर सबूतों से छेड़छाड़ और सोनम को छिपाने में मदद करने का आरोप था। लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली, क्योंकि उनके खिलाफ लगाए गए अपराध जमानती थे। क्या इन जमानतों से सोनम के केस पर कोई असर पड़ेगा?

पहले सावन सोमवार को महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़, उमड़ा जनसैलाब

उज्जैन सावन मास की शुरुआत होते ही देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सावन माह के पहले सोमवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), मुंबई, मेरठ और देहरादून सहित कई शहरों में श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी रहीं। भक्त भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही कतार में लग गए थे। वहीं पुसिल-प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था कर रही है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों से बराबार निगरानी भी की जा रही है। दरअसल, श्रावण मास के पहले सोमवार पर उज्जैन में रात 2:30 बजे महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए।  इसके बाद सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन किया गया। फिर भगवान से आज्ञा लेकर चांदी का पट खोला गया। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषण के साथ भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया। इसके बाद भस्म चढ़ाई गई। महाकाल ने शेषनाग का मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगंधित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया। ओंकारेश्वर में मंगला आरती खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। वहीं ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4 बजे से ही भक्त यहां भोले को अभिषेक करने पहुंच गए। छतरपुर के जटाशंकर धाम को फूलों से सजाया गया है। यहां आसपास से आए श्रद्धालुओं की भीड़ कुंड में स्नान के बाद भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच गई। शिवलिंग का किया जलाभिषेक राजस्थान के जयपुर में झारखंड महादेव मंदिर बहुत प्रशिद्ध है। यहां पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार को भक्तों की भीड़ उम पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त शिवलिंग का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करते नजर आए। वहीं दिल्ली के छतरपुर मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचे। यहां सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। काशी में श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सावन माह के पहले सोमवार को नागेश्वर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर जिला प्रशासन ने पुष्प वर्षा की। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा, विशेष कार्यपालक अधिकारी पवन प्रकाश पाठक, नायब तहसीलदार मिनी एल शेखर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं की सेवा की। हरिद्वार में उमड़ी भारी भीड़ उत्तराखंड के हरिद्वार में सावन माह के पहले सोमवार को दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक कर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त कर किए। इस दौरान पूर अंचल भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा।

सतना में दर्दनाक बोरवेल हादसा: दो सहेलियों की मौत, 6 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सतना   सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र अंतर्गत रेरुआ कला गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में बने एक पुराने और खुले बोरवेल के गड्ढे में डूबकर दो मासूम सहेलियों की मौत हो गई। मृतकों में 16 वर्षीय सोमवती और 12 वर्षीय दुर्गा शामिल हैं। दोनों बच्चियां खेलते-खेलते खेत की ओर चली गई थीं, जहां यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे की है। खेत में बना पुराना बोरवेल बारिश के कारण खुल गया था और उसमें पानी भर गया था। इसी में दोनों सहेलियां डूब गईं। ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया, और पुलिस को सूचित किया गया। पहले सोमवती का शव मिला, दुर्गा का शव 20 फीट गहराई में फंसा था एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले जेसीबी की मदद से मेड़ को खुदवाकर पानी निकालना शुरू किया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद शाम 5 बजे सोमवती का शव बाहर निकाल लिया गया। लेकिन दुर्गा का शव बोरवेल के गड्ढे में करीब 20 फीट अंदर फंसा हुआ था। इसके लिए देर रात एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। गड्ढे में उतरकर टीम ने रात 12:45 बजे दुर्गा का शव बरामद किया। खेत में रोपा लगा रहे थे माता-पिता सोमवती के पिता चक्कू अहिरवार ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ खेत में रोपा (धान की रोपाई) लगाने गए थे। उनकी बेटी सोमवती और उसकी सहेली दुर्गा भी साथ थीं, लेकिन वे दोनों खेलते-खेलते पास के रमेश मिश्रा के खेत तक पहुंच गईं। वहां पानी से भरे गड्ढे में दोनों डूब गईं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले एक बच्ची का पैर फिसला और वह डूबने लगी। दूसरी ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी गड्ढे की गहराई और पानी के दबाव के कारण बाहर नहीं निकल सकी। बारिश से बंद बोरवेल खुल गया था ग्रामीणों ने बताया कि खेत में एक पुराना बोरवेल मौजूद था, जो काफी समय से बंद था। लेकिन लगातार हुई बारिश के कारण उसकी मिट्टी धंस गई और गड्ढा खुल गया। यह गड्ढा लगभग बोरवेल जैसा ही था, जिसमें पानी जमा हो गया था। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने कहा कि सोमवार को जांच की जाएगी कि यह सामान्य गड्ढा था या फिर बोरवेल। यदि यह बोरवेल पाया गया तो संबंधित किसान पर कार्रवाई की जा सकती है। रेस्क्यू में आई कई बाधाएं, कीचड़ और अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें घटनास्थल तक पहुंचना प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम के लिए आसान नहीं था। हिलौंधा गांव से घटनास्थल तक करीब 3.5 किलोमीटर का कच्चा रास्ता था, जो बारिश और कीचड़ के कारण बेहद खराब हालत में था। रात के अंधेरे में ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने ट्रैक्टर की मदद से घटनास्थल तक पहुंचकर राहत कार्य किया। कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलना तक मुश्किल था। भारी बारिश से बंद बोरवेल भी खुल गया ग्रामीणों के अनुसार, खेत में एक बोरवेल था। इसके धंसने से गहरा गड्ढा बन गया था। इसमें पानी भरा था।। भारी बारिश के कारण बंद किया गया बोरवेल भी खुल गया था। बताया जा रहा है कि एक बच्ची का पैर फिसला तो वह डूबने लगी। यह देखकर दूसरी बच्ची उसे बचाने पहुंची थी। केसिंग निकालकर बोर खुला छोड़ा था नागौद एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि विफल होने पर केसिंग निकालकर बोर यूं ही छोड़ दिया गया था। घटना की सूचना पर पूर्व विधायक कल्पना वर्मा, जनपद सीईओ अशोक मिश्रा और टीआई अशोक पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। रात करीब एक बजे दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नागौद अस्पताल ले जाया गया। साढ़े 3 किलोमीटर रास्ते पर पैदल चलना मुश्किल घटनास्थल तक पहुंचने में प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हिलौंदा गांव से लगभग साढ़े 3 किलोमीटर का रास्ता ऐसा था, जिस पर पैदल तक नहीं चला जा रहा था। खेतों के बीच से होकर गुजरने वाले कच्चे रास्ते पर मिट्टी और कीचड़ था।

यामाहि ने मध्यप्रदेश को निवेश के लिये हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहम्मद यामाहि को दिया मध्यप्रदेश आने का न्यौता मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि से मुलाकात यामाहि ने मध्यप्रदेश को निवेश के लिये हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया द्विपक्षीय साझेदारियों में मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण भागीदार बनने की जताई आशा मध्‍यप्रदेश में औद्योगिक पार्क-फार्मास्यूटिकल्स-पर्यटन में निवेश के उत्कृष्ट अवसर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दुबई में अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की उद्योग हितैषी, सरल एवं सुगम नीतियों और निवेश को प्रोत्साहन देने वाली सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने अल यामाहि को प्रदेश में आयोजित होने वाली एनर्जी समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रण भी दिया। संयुक्त अरब अमीरात के साथ बढ़ते रणनीतिक संबंधों के संदर्भ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सक्रिय और रचनात्मक भूमिका का उल्लेख करते हुए ऊर्जा, खनिज, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और हरित निवेश के क्षेत्र में सहयोग की मंशा दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की सराहना करते हुए आशा जताई कि प्रदेश इन द्विपक्षीय साझेदारियों में सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदार बनेगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि का अभिनंदन किया और हाल ही में अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अरब के 22 खाड़ी देशों की लोकतांत्रिक संस्था का नेतृत्व करना बड़ी उपलब्धि है और नए अध्यक्ष के नेतृत्व में यह संस्था निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों को छुएगी। अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मुलाकात मैत्रीपूर्ण रही। उन्होंने भारत, विशेष रूप से मध्यप्रदेश के साथ दीर्घकालिक संबंधों को लेकर अपनी गहरी रुचि और प्रतिबद्धता व्यक्त की। यामाहि ने कहा कि वे मध्यप्रदेश को निवेश के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे एवं अरब के 22 देशों में मध्यप्रदेश की मदद करेंगे। उन्होंने राज्य के साथ व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने की इच्छा भी जताई। यामाहि ने मुख्यमंत्री को “उम्म-ए-अली” दिया आत्मीय संबोधन यामाहि ने यूएई में बसे प्रवासी भारतीयों द्वारा देश के निर्माण में सहयोग के बारे में चर्चा की और उनके योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया। इस विशेष मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आत्मीयता से “उम्म-ए-अली” कहकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्मीय संबोधन से अभिभूत हुए। उन्होंने डॉ. यादव और उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से अपने घर आमंत्रित भी किया। उन्होंने दोनों देशों के लोगों और उत्पादों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सहमति दी, जिससे मध्यप्रदेश और यूएई के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहम्मद अल यामाहि को बताया कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय है, इसकी जनसंख्या 8 करोड़ से अधिक है। मध्यप्रदेश अपने समृद्ध वन क्षेत्र के लिए जाना जाता है। यह वन क्षेत्र वन्यजीवों का आदर्श घर भी है। हमें गर्व है कि मध्यप्रदेश "विश्व की टाइगर राजधानी" है और राज्य बाघों के संरक्षण में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हमने टाइगर रिजर्व की संख्या में वृ‌द्धि भी की है। मध्यप्रदेश भारत और एशिया का एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां अब चीता पाए जाते हैं। विभिन्न देशों से लाए गए चीतों का राष्ट्रीय उ‌द्यान में सफल पुनर्वास किया गया है। हर संभव सहयोग के लिए तैयार : मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को 'मोस्ट वेलकमिंग स्टेट' के रूप में जाना जाता है, जो हमारे आतिथ्य सत्कार को दर्शाता है। हमारे राज्य में खजुराहो, सांची और भीमबेठका जैसे तीन यूनेस्को विश्व विरासत स्थल हैं। ये हमारी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। भौगोलिक रूप से "भारत का हृदय" होने से यह निवेश-व्यापार के लिए एक रणनीतिक केंद्र है। साथ ही, यह कृषि समृद्धि में भी अग्रणी है, विशेषकर दालों, सोयाबीन और गेहूं के उत्पादन में कई कीर्तिमान स्थापित किए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की हृदय से सराहना करते हैं। हमारी यह आकांक्षा है कि मध्यप्रदेश इन द्विपक्षीय साझेदारियों में एक सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदार बने। हम हर संभव सहयोग के लिए तत्पर हैं। खनिज संसाधनों की खान है मध्यप्रदेश मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विज्ञान, प्रौ‌द्योगिकी और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात ने अभूतपूर्व प्रगति की है। हम आपके अनुभवों से सीखने और इन क्षेत्रों में संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट्स में सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं। मध्यप्रदेश में सौर, पवन और जल ऊर्जा जैसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में बड़ी क्षमता है। प्रदेश को भारत का अन्न भंडार भी कहा जाता है। हम सोयाबीन, गेहूं और बाजरा सहित कई फसलों के सबसे बड़े उत्पादक हैं। यहां खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशाल अवसर मौजूद हैं। हमारे पास प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध हैं, जो विभिन्न उद्योगों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं। मध्यप्रदेश में कई क्षेत्रों में निवेश के बेहतर अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सौर, पवन और जल ऊर्जा जैसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े निवेश और सहयोग के लिए तत्पर हैं। हमारे पास गहरे कोयला भंडार हैं और हम कोल बेस्ड मीथेन के निष्कर्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम खोलता है। मध्यप्रदेश की हस्तशिल्प, कला और कारीगर परंपरा हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। हम इन कुशल कारीगरों को वैश्विक मंच प्रदान करना चाहते हैं और उनके शिल्प को दुनिया भर में पहुंचाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश में औ‌द्योगिक पार्क, फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी निवेश के उत्कृष्ट अवसर हैं।  

नगर निगम द्वारा सार्वजनिक सड़क पर खड़ी निजी बसों को हटाने का चला अभियान

नगर निगम द्वारा सार्वजनिक सड़क पर खड़ी निजी बसों को हटाने का चला अभियान   शासकीय भूमि  पर निजी बसों की अवैध पार्किंग हटेगी : ननि आयुक्त  सिंगरौली   नगर निगम  आयुक्त  की उपस्थिति में नवजीवन विहार जोन अंतर्गत खड़ी सूत्र सेवा की बसों को हटाया गया।  साथ ही अन्य खराब वाहन  जो दुकानदारों के द्वारा कई दिनों से मेंन् रोड पर खड़े किये थे उन्हें भी हटाया गया  एवं भविष्य में इस प्रकार से खराब वाहनों को मेंन रोड पर खड़ा करने पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए | ज्ञात हो कि कई दिनों से मुख्य मार्ग पर शासकीय भूमि पर निजी बस ऑपरेटर द्वारा बसों को खड़ा किया जा रहा था जिससे सार्वजनिक आवागम में बाधा पहुंच रही थी। आमजन के हित में की गई कार्यवाही से सड़क यातायात को फायदा पहुंचेगा एवं दुर्घटना की संभावना भी कम रहेगी। ननि आयुक्त द्वारा यह बताया गया कि खराब वाहनों को हटाने की कार्यवाही लगातार बैढ़न एवं ग्रामीण जोन से भी की जावेगी ताकि रोड पर ट्रैफिक बहाल हो सके।  कार्यवाही के दौरान नगर निगम के आयुक्त डीके शर्मा ,उपायुक्त आरपी बेस , अतिक्रमण अधिकारी डीके सिंह ,सहायक यंत्री प्रवीण गोस्वामी ,उप यंत्री विशाल खत्री, स्वच्छता निरीक्षक पवन बरोदे,  स्वच्छता पर्यवेक्षक राजू गोरेलाल, असिस्टेंट मैनेजर रोहित चौरसिया,  अनिल सिंह एवं  पूरे नगर निगम अमले के साथ  यातायात थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह एवं उनकी पूरी टीम  मौके पर उपस्थित।

एसडीईआरएफ तथा होमगार्ड की टीम ने सोन नदी में फसे गोवंश को सुरक्षित नदी पार कराया

सीधी   एसडीईआरएफ और होमगार्ड सीधी के द्वारा कड़ी मेहनत और सूझबूझ के साथ सोन नदी के जोगदहा घाट में लगभग 25 की संख्या में फसे समस्त गौवंशों को नदी पार करवा दिया गया। गौवंशों को पार करवाने के पश्चात पूरी टीम को रोप लेडर के माध्यम से दोबारा पुल के ऊपर खींचने के बाद ,सोन घड़ियाल अभ्यारण्य से होकर पुल तक पूरा एरिया सर्च किया गया। इस दौरान कुछ गौवंश नदी किनारे पर चरते पाए गए, कुछ ऊपर पहाड़ में चढ़ कर अन्य कही चले गए। इस दौरान एक बछड़ा नदी में फंसा मिला जिसे उचित तरीके से रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।    सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उन्हें और अधिक समय तक रोके जाने पर उनकी जान को खतरा हो सकता था, इसलिए थोड़ा जोखिम लेते हुए उन्हें नदी पार करवाना ही एकमात्र विकल्प था। नदी में काफी नुकीली चट्टानें हैं जहां बोट चलाने में मुश्किल होती है बाढ़ के दौरान साथ ही पूरा इलाका मगरमच्छों एवं घड़ियालों के लिए संरक्षित होने एवं उनकी मौजूदगी के कारण वहां जवानों की जान का जोखिम सदैव ही बना रहता है। बावजूद इसके दूसरे किनारे पर सर्च करने पर उस पूरे क्षेत्र में में किसी गौवंश की हताहत होने की खबर नहीं मिली और न ही प्रत्यक्ष तौर पर हताहत गौवंश देखे गए।    इस दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम द्वारा उपस्थित रहकर आवश्यक मदद की गई।

नवजात माताओं के लिए खुशखबरी: रीवा में मेटरनिटी विंग शुरू, उप मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

उप मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय रीवा में नवीन मेटरनिटी विंग कक्ष का किया शुभारंभ भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय रीवा के नवीन मेटरनिटीविंग कक्ष का शुभारंभ किया। उन्होंने मेटरनिटी विंग के बन जाने से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर बताया गया कि नवीन मेटरनिटीविंग में प्रसूति एवं स्त्री रोग से संबंधित मरीजों को पृथक से ओपीडी की सुविधा के साथ जांच के लिए सेम्पल प्राप्त करने के लिये व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला चिकित्सालय के 100 बिस्तर के अतिरिक्त भवन के बन जाने से मरीजों को और सुविधा मिलेगी साथ ही इसमें मेटरनिटीविंग के लिए भी स्थान आरक्षित रहेगा। उप मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय के विस्तार भवन का अवलोकन किया तथा शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ल सहित चिकित्सक उपस्थित रहे। ग्राम शाहपुर में माँ भगवती हेल्थ केयर सेंटर का किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्राम शाहपुर हिनौता में माँ भगवती हेल्थ केयर सेंटर का उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हम स्वस्थ्य रहेंगे तभी हर तरह का विकास सार्थक होगा। हेल्थ केयर सेंटर आसपास के पूरे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य की जांच और उपचार की अच्छी सुविधा देगा। कई बार समय पर जांच होने से रोग का उपचार तत्काल शुरू हो जाता है। समय पर उपचार से कैंसर का रोग भी साध्य हो जाता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कई गंभीर रोगों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है। टेलीमेडिसीन के माध्यम से उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा प्राथमिकत स्वास्थ्य केन्द्र मेडिकल कालेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपचार की सुविधा मिल रही है। इस अवसर पर विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक श्री के.पी. त्रिपाठी तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे BAPS मंदिर, आध्यात्मिक वातावरण में बिताया समय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दुबई प्रवास के दौरान बीएपीएस हिन्दू मंदिर में दर्शन किये। इस दौरान मंदिर के प्रमुख महंत पूज्य ब्रहृविहारी स्वामी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और मंदिर की विशेषताओं से अवगत कराया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के अधिकारियों की टीम भी उपस्थित रही। भारत और यूएई के बीच मित्रता का प्रमाण है मंदिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 फरवरी 2024 को बीएपीएस हिन्दू मंदिर का उद्घाटन किया था। बीएपीएस हिंदू मंदिर मिडिल ईस्ट का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर है। यह भारत और यूएई के बीच मित्रता का प्रमाण है, जो सांस्कृतिक समावेशिता, अंतर-धार्मिक सद्भाव और सामुदायिक सहयोग की भावना को दर्शाता है। यह मंदिर अबू मुरेइखा क्षेत्र में 27 एकड़ भूमि पर स्थित है और पारंपरिक भारतीय वास्तुकला के अनुसार बिना लोहे या स्टील के निर्मित किया गया है। इसमें भारत और अन्य देशों से लाए गए पत्थरों और संगमरमर का उपयोग किया गया है। इस भव्य मंदिर की दीवारों पर वैदिक कथाओं, भारतीय देवी-देवताओं और वनस्पति-जीवों की अत्यंत सूक्ष्म और आकर्षक नक्काशी की गई है। जो हिन्दू धर्म के शांति, सहिष्णुता और सह-अस्तित्व जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को दर्शाती है। 

CM यादव की बड़ी पहल: निवेश और सहयोग के लिए शुरू होगा संवाद कार्यक्रम

दुबई यात्रा का दूसरा दिन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुबई यात्रा के दूसरे दिन मध्यप्रदेश में निवेश के व्यापक अवसरों को लेकर उद्योग जगत, वैश्विक कंपनियों और नीति निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे। उद्योग, तकनीक, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे। 14 जुलाई की प्रमुख गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस दिन भारतीय कोंसुल जनरल से शिष्टाचार भेंट होगी, जहां वे यूएई में भारत के व्यापारिक हितों और सहयोग की दिशा में चर्चा करेंगे। इसके बाद वे द इंडस एंटरप्रेन्योर्स के चेयरमैन पी.के. गुलाटी से मुलाकात कर स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में संभावनाओं पर संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमिरेट्स एयरलाइंस के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक में एयर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर विचार करेंगे। मुख्यमंत्री बाद में ग्रू एनर्जी जैसी अग्रणी ग्रीन एनर्जी कंपनी तथा जैन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन (JITO) प्रतिनिधियों से मिलेंगे और सतत विकास से जुड़े विषयों पर मध्यप्रदेश की प्राथमिकताएं साझा करेंगे। दोपहर बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूएई के विदेश व्यापार मामलों के मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ियोदी से मुलाकात करेंगे। यह बैठक भारत-यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार सहयोग को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टेक्समस एसोसिएशन परिसर का दौरा करेंगे और दुबई टेक्सटाइल सिटी में टेक्सटाइल उत्पादन व निर्यात गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। इस दौरान वे एक इंटरेक्टिव सत्र और नेटवर्किंग लंच में हिस्सा लेंगे, जहां मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर की क्षमताएं और पीएम मित्रा पार्क जैसी योजनाएं प्रस्तुत की जाएंगी। लुलु ग्रुप, सराफ डीजी, ईसा एआई से मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुलु ग्रुप, सराफ डीजी, ईसा एआई अल गुरैर ग्रुप, गल्फ इस्लामिक इन्वेस्टमेंट्स, जी42 इण्डिया और टाटा संस मिडिल ईस्ट जैसी बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मिलेंगे और प्रदेश में निवेश के क्षेत्र तय करेंगे। गल्फ महाराष्ट्र बिजनेस फोरम और एमआईडीसी के साथ होने वाली चर्चा में आपसी सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा होगी। समापन इन्वेस्ट मध्यप्रदेश दुबई बिजनेस फोरम एंड नेटवर्किंग डिनर के साथ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को संबोधित करेंगे और उन्हें मध्यप्रदेश के उद्योग परिदृश्य के साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करेंगे। इस कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में निवेश को केंद्र में रखकर एक विशेष राउंडटेबल मीटिंग भी आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता प्रमुख सचिव पर्यटन करेंगे।