samacharsecretary.com

चंबा में मौत बनकर आई खाई, बोलेरो दुर्घटना में एक ही परिवार के 3 भाइयों सहित 7 लोगों की जान गई

चंबा  हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से बड़ा हादसा हुआ है. चंबा जिले में हुए इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई है. इसमें तीन सगे भाई भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, चंबा जिले के चुराह के पुखरी-मसरूंड मार्ग पर रात को यह घटना पेश आई है. जिले के माणी जीरो के पास एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा और सात लोगों की जान चली गई. हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और सभी सवार सात लोगों की मौके पर ही प्राण त्याग दिए. बताया जा रहा है कि रात 2 बजे यह हादसा पेश आया है, जिसमें चार पुरुष और तीन महिलाओं की मौत हुई है. कुठेड़ गांव से ये सभी लोग थे और गांव में अब मातम परसा हुआ है।  बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई बोलेरो पंचायत कुठेड़ के महल गांव की थी और महल गांव के लोग काकड़ोथा गांव में मुंडन संस्कार की धाम में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे. घटना की सूचना मिलने के बाद लोगों ने शवों को खाई से निकाला और फिर मामले में पुलिस भी मौके पर पहुंची. बताया जा रहा है कि सड़क किनारे क्रैश बैरियर भी नहीं थे, वर्ना हादसा बच सकता था.  एसपी चंबा विजय सकलानी ने बताया कि सभी शवों को खाई से निकाल लिया गया है और मृतकों की पहचान की जा रही है।  विधायक ने जताया दुख चंबा के चुराह के विधायक हंस राज ने कहा कि उन्हें सुबह मामले की जानकारी मिली थी. फौजी परिवार था और उनकी मित्रता थी. उन्होंने कहा कि क्रैश बैरियर इस इलाके में नहीं है और इस वजह से हादसे हो रहे हैं और यह बड़ी समस्या है. एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हुई है. विधायक ने कहा कि हादसे की वजह का तो पता नहीं चला है, लेकिन उन्होंने पुलिस और अस्पताल को अलर्ट किया है।  गौर रहे कि चंबा में हाल ही में बड़े हादसे हुए हैं. इससे पहले, चंबा के बैरागढ़-सच पास-किलाड़ मार्ग पर भी 31 मई को एक इनोवा गाड़ी हादसे का शिकार हो गई थी और इसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी. 17 जून को भी चंबा में कार हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। 

मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का डरावना सच, 1.3 लाख घायल; 61% हादसों में युवा शामिल

भोपाल  राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से रोजाना सड़क हादसों की खबरें सामने आती हैं. तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है. अब सड़क दुर्घटनाओं को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में प्रदेश में 1 लाख 3 हजार से ज्यादा लोग सड़क हादसों का शिकार हुए हैं।  प्रदेश भर में हर दिन औसतन 283 लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए. सबसे चिंता की बात यह है कि इन हादसों का सबसे बड़ा शिकार युवा वर्ग बन रहा है. करीब 61 प्रतिशत युवा सड़क दुर्घटनाओं के शिकार बन रहे हैं।  सड़क दुर्घटना की भेंट चढ़ रहे एमपी के युवा मध्य प्रदेश में सड़कों पर बढ़ती रफ्तार अब लोगों की जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है. यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही सड़क दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई है. 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा द्वारा जारी रिपोर्ट से पता चला है कि मई 2025 से 2026 तक में 1 लाख 3 हजार 294 सड़क दुर्घटना हुई हैं, जिनमें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और इनमें शामिल युवाओं की तादाद सबसे ज्यादा है।  हादसों में किस उम्र वर्ग के कितने प्रतिशत लोग     16 से 30 वर्ष आयु – 61 प्रतिशत     31 से 45 वर्ष आयु – 24 प्रतिशत     46 से 60 वर्ष आयु – 9 प्रतिशत     अन्य आयु वर्ग – 6 प्रतिशत 108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने कहा, "मेरी टीम हर आपात स्थिति में गोल्डन ऑवर के भीतर पहुंचकर लोगों की जान बचाने का प्रयास करती है. हर कॉल मेरे लिए किसी की जिंदगी बचाने का अवसर होती है. टीम का प्रयास रहता है कि कम से कम समय में घटनास्थल पर पहुंचकर मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।  108 सेवा उपयोग करने की अपील उन्होंने आगे लोगों से अपील करते हुए कहा, "किसी भी दुर्घटना या स्वास्थ्य आपात स्थिति में निजी वाहन के बजाय 108 एंबुलेंस सेवा का उपयोग करें, क्योंकि एंबुलेंस में जीवन रक्षक उपकरण और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहता है, जो अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज को आवश्यक उपचार देना शुरू कर देता है।  108 एंबुलेंस सेवा के आंकड़ों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रफ्तार की सनक लोगों पर कितनी भारी पड़ रही है. हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले एक साल में एक लाख तीन हजार से अधिक घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल सकती है. ऐसे में जरूरी है कि रफ्तार नहीं, जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जाए. क्योंकि मंजिल तक पहुंचना जरूरी है, लेकिन सुरक्षित पहुंचना उससे भी ज्यादा जरूरी है। 

बस की छत पर रखी साइकिल बनी जानलेवा, 11 हजार वोल्ट करंट से नालंदा में दर्दनाक हादसा

 नालंदा बिहार के नालंदा जिले में बड़ा हादसा हो गया है। यहां पावापुरी थाना क्षेत्र के शमवशरण मंदिर के समीप बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में मजदूरों से भरी एक यात्री बस 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई। हादसे में करंट लगने से एक दंपती की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पांच लोगों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। बस पर करीब 60 मजदूर सवार थे। सभी नरकटिया से ईंट-भट्ठे पर काम करने के बाद अपने गांव घोसरावां लौट रहे थे। बस की छत पर एक साइकिल भी रखी गई थी। शमवशरण मंदिर के पास पहुंचते ही साइकिल ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आ गई। साइकिल के तार से छूते ही पूरी बस में करंट दौड़ गया, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। करंट की चपेट में आने से रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलो देवी की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों रिश्ते में पति-पत्नी थे और मजदूरी कर अपने घर लौट रहे थे। वहीं आठ अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बस से बाहर निकाला और इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। घायलों में , पुटूस कुमारी , रिंकू देवी, करु मांझी, संतोष मांझी, पवन मांझी, सरोज देवी, धर्मेंद्र मांझी और राजकुमार मांझी शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पावापुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बस की छत पर रखा साइकिल हाईटेंशन तार के संपर्क में आने से हादसा होने की बात सामने आई है। बस में सवार सभी लोग ईंट-भट्ठे में मजदूरी का कार्य कर अपने गांव लौट रहे थे।

PAF में हादसों की श्रृंखला जारी, महीनेभर में पांचवां विमान दुर्घटनाग्रस्त; सड़क पर मचा हड़कंप

 खैबर पख्तूनख्वा  पाकिस्तान की सेना को एक बार फिर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. खैबर पख्तूनख्वा के मरदान जिले में रविवार को एक सैन्य प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसा कटलंग रोड के पास जाबर नहर क्षेत्र में हुआ, जहां विमान गिरते ही आग का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया. यह हादसा एक CCTV फुटेज में रिकॉर्ड हो गया. विमान के क्रैश होने के बाद धुआं और आग की लपटें देखी गईं. फुटेज में देखा जा सकता है कि रोड पर लगातार गाड़ियां गुजर रही हैं. जब दो मोटरसाइकिल सवार गुजर रहे थे, तभी यह जेट सीधे आकर रोड के बीच में गिरा और देखते ही रोड के बीच में आग की एक सीधी रेखा बन गई. विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई. राहत एवं बचाव दल और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं. पाकिस्तानी अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. इस हादसे के बाद मौके पर लोग जमा हो गए. बाइकसवार लोगों का हाल पता नहीं है. लेकिन बाद में दोनों गाड़ियां सड़क पर ही पड़ी दिखाई दी हैं।  एक महीने में पांचवां सैन्य विमान हादसा यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान के सैन्य विमानों की सुरक्षा पर पहले से सवाल उठ रहे हैं. पिछले एक महीने के भीतर यह पांचवीं बड़ी दुर्घटना मानी जा रही है. सबसे बड़ा झटका 10 जून को लगा था, जब पाकिस्तान आर्मी एविएशन का Mi-17 हेलिकॉप्टर POK में टेकऑफ के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उस हादसे में 22 सैन्यकर्मियों की मौत हुई थी. पाकिस्तानी सेना ने बाद में सभी के मारे जाने की पुष्टि की थी।  उससे पहले 20 मई को मियांवाली के पास पाकिस्तान एयर फोर्स का FT-7PG ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. एक दिन पहले 19 मई को कामरा के पास JF-17 थंडर लड़ाकू विमान भी ट्रेनिंग मिशन के दौरान क्रैश हो गया था. दोनों मामलों में पायलटों ने इजेक्ट कर जान बचा ली थी।  आबादी को बचाने की कोशिश में हादसा स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार मरदान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान Super Mushshak (MFI-17) ट्रेनर एयरक्राफ्ट था. बताया जा रहा है कि पायलटों ने विमान को घनी आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की ताकि जमीन पर बड़े पैमाने पर नुकसान न हो. हालांकि इस कोशिश में दोनों पायलट अपनी जान नहीं बचा सके।  लगातार हादसों से बढ़े सवाल जनवरी से जून 2026 के बीच पाकिस्तान को कम से कम पांच बड़े हवाई हादसे सामने आ चुके हैं. इनमें लड़ाकू विमान, ट्रेनर एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर शामिल हैं. ज्यादातर मामलों में शुरुआती वजह तकनीकी खराबी बताई गई है, लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने पाकिस्तान के एयरक्राफ्ट्स के रखरखा की कमी को दिखाया है. POK में Mi-17 हेलिकॉप्टर हादसे के कुछ ही दिन बाद हुआ यह नया क्रैश पाकिस्तान के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। 

खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी में मची भगदड़, मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह के बीच 4 लोगों ने गंवाई जान

मुरैना  प्रदेश के मुरैना जिले के हेतमपुर और राजस्थान के  धौलपुर रेल खंड के बीच रविवार शाम खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने के बाद फैली आग की अफवाह से घबराए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद कुछ यात्री ट्रेन से कूदकर समीप की दूसरी रेल लाइन पर आ गए। इसी बीच आई पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक मासूम बच्चे समेत कुल चार की दर्दनाक मौत हो गई।   मृतकों में तीनों महिलाएं आगरा की  मृतकों में आफरीन पत्नी नदीम खान (35) निवासी सुल्तानगंज की पुलिया, आगरा, उनका चार वर्षीय बेटा असद खान, शकुंतला पत्नी भूरी सिंह परमार (60) निवासी कचहरा थोक, रुनकता, आगरा तथा विरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरि (60) निवासी गेसोरा, थाना महाजन, जिला बीकानेर (राजस्थान) शामिल हैं। जनरल कोच से हुई अलार्म चेन पूलिंग प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन के एक कोच में किसी यात्री का चार्जिंग पर लगा मोबाइल फट गया था। इस कारण आग की अफवाह फैली। हादस रविवार शाम 4:15 बजे उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच (इंजन से दूसरा कोच) में किसी ने अलार्म चेन पूलिंग किया था। इस कारण ट्रेन सेक्शन में रुक गई थी। ट्रेन रुकने के दौरान कुछ यात्री नीचे उतरकर समीपवर्ती रेलवे लाइन पर चले गए। इसी दौरान अप दिशा से आ रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से यात्रियों के हताहत होने की सूचना मिली।  चीख पुकार मच गई घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और मुरैना पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया तथा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।  मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा से फैली दहशत घटना उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड की है. गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब 4:15 बजे हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच चल रही थी. इसी दौरान एक कोच में मोबाइल फटने जैसी घटना की चर्चा फैल गई. देखते ही देखते यात्रियों में डर का माहौल बन गया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन बीच रास्ते में रुक गई. ट्रेन रुकते ही कई यात्री जल्दबाजी में नीचे उतर गए।  दूसरी लाइन पर पहुंच गए यात्री प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन से उतरने के बाद कुछ यात्री पास की दूसरी रेलवे लाइन की ओर चले गए. उसी समय दूसरी तरफ से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज गति से वहां से गुजर रही थी. ट्रैक पर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे ट्रेन की चपेट में आ गए. इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।  राहत और बचाव कार्य शुरू घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना दी.  रेलवे अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच र रहा है।  दिल्ली-मुंबई मार्ग पर यातायात प्रभावित इस हादसे के चलते दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। कई ट्रेनों को रास्ते में रोका गया, जबकि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गईं। बाद में ट्रैक को क्लियर कर रेल यातायात सामान्य किया गया। मोड़ होने से सामने से आ रही ट्रेन नहीं दिखी : डीआरएम झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनुरुद्ध कुमार के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां रेलवे ट्रैक पर मोड़ होने के कारण यात्रियों को सामने से आ रही ट्रेन दिखाई नहीं दी। प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह आग लगने की अफवाह के बाद हुई चेन पुलिंग और यात्रियों का ट्रैक पर उतरना सामने आया है। यह हादसा केवल एक रेल दुर्घटना नहीं, बल्कि अफवाह, दहशत और जल्दबाजी का दर्दनाक परिणाम है, जिसने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रेन में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का मानना है कि अफवाह के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस और रेलवे की टीमें सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

Road Accident Report 2024: देश में 4.87 लाख सड़क हादसे, 1.77 लाख लोगों की मौत; चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने

 नई दिल्ली भारत में साल 2024 के दौरान हुए सड़क हादसों को लेकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है. इसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 1.77 लाख से अधिक हो गई. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देश में पिछले साल करीब 4.87 लाख दुर्घटनाएं दर्ज की गईं. ये संख्या 2023 के मुकाबले 1.48 प्रतिशत अधिक है।  न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रोड एक्सीडेंट इन इंडिया 2024 की रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2024 में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 4,87,707 सड़क हादसे हुए. ये सभी मामले पुलिस विभागों द्वारा दर्ज किए गए हैं।  इन हादसों में 1,77,175 लोगों की मौत हुई और 4,71,441 लोग घायल हुए हैं. इसका मतलब है कि देश में हर घंटे औसतन 56 एक्सीडेंट हुए और 20 लोगों ने अपनी जान गंवाई।  तमिलनाडु में सबसे ज्यादा हादसे, यूपी में सबसे ज्यादा मौतें इस रिपोर्ट से पता चलता है कि देश के अलग-अलग राज्यों में हादसों की स्थिति कितनी गंभीर है. साल 2024 में तमिलनाडु सड़क हादसों के मामले में सबसे ऊपर रहा. यहां साल भर के भीतर सबसे ज्यादा 67,526 सड़क हादसे दर्ज किए गए. वहीं उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 24,118 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई।  रिपोर्टस के अनुसार, एक्सप्रेसवे को मिलाकर सिर्फ नेशनल हाईवे (NH) पर ही साल भर में कुल 1,50,958 हादसे (31.0%) हुए. राज्य राजमार्गों पर 1,03,538 हादसे दर्ज किए गए. जबकि 2,33,211 दुर्घटनाएं अन्य सड़कों पर हुईं।  इसमें से नेशनल हाईवे पर 64,772 (36.6%) मौतें हुईं, स्टेट हाईवे पर 39,277 (22.2%) मौतें और अन्य सड़कों पर 73,126 (41.3%) मौतें दर्ज की गईं. साल के दौरान हुई कुल 1,64,378 जानलेवा दुर्घटनाओं में से 59,043 (35.9%) नेशनल हाईवे पर, 36,392 (22.1%) स्टेट हाईवे पर और 68,943 (41.9%) अन्य सड़कों पर हुईं है।  दोपहिया वाहन सवार सबसे ज्यादा शिकार मंत्रालय की रिपोर्ट में ये बात भी पूरी तरह स्पष्ट की गई है कि सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों की जिंदगी सबसे ज्यादा खतरे में है. हादसों में जान गंवाने वालों में सबसे बड़ा हिस्सा (46.2%) बाइक और स्कूटी चलाने वालों का था. दुर्घटनाओं में शामिल गाड़ियों की बात करें तो भी दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा रही।  इसके बाद सड़क पार करने वाले या फुटपाथ पर चलने वाले पैदल लोग इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है. इनकी कुल मौतों में हिस्सेदारी 20.6 प्रतिशत दर्ज की गई. वहीं कार, टैक्सी, वैन और हल्के मोटर वाहनों (LMVs) का इस्तेमाल करने वालों की हिस्सेदारी कुल मौतों में 12.4 प्रतिशत रही. कुल मिलाकर, दोपहिया वाहनों के बाद सबसे ज्यादा मौतें हल्की गाड़ियों और फिर भारी ट्रकों या लॉरियों की चपेट में आने की वजह से हुईं। 

बेगूसराय हादसे से पुलिस महकमे में शोक, तीन थानेदारों सहित 4 लोगों ने गंवाई जान

बेगूसराय बिहार के बेगूसराय जिले से एक बडे़ हादसे की खबर सामने आई है. यहां साहेबपुर कमाल में हुए एक हादसे में मधेपुरा पुलिस के तीन अधिकारी सहित 4 लोगों की मौत हो गई. ये सभी लोग पटना से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे थे. बीती रात साहेबपुर कमाल के बखड्डा के पास एनएच 31 पर पुलिस अधिकारियों की कार ने एक ट्रक को पीछे से तेज टक्कर मार दी. इससे कार में सवार मधेपुरा पुलिस के तीन अलग-अलग थानों के SHO और गाड़ी के ड्राइवर की मौत हो गई. बीती रात तेज रफ्तार कार ने ट्रक में जबरदस्त टक्कर मार दी. हादसा इतना तेज था कि कार के अगले हिस्से के परखच्चा निकल गया. इस हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल हो गया. सूचना मिलते ही बेगूसराय की एसपी मनीष कुमार एवं सदर डीएसपी आनंद पांडेय सहित भारी संख्या में पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे।  रतवारा, बेलारी और आरर थाना प्रभारी की मौत मृतकों की पहचान साजन पासवान रतवारा थाना प्रभारी, नीरज कुमार बेलारी थाना प्रभारी, ज्ञानेंद्र अमरेंद्र आरर थाना प्रभारी एवं ज्योतिष कुमार प्राइवेट कार चालक के रूप में की गई है. बताया जा रहा है कि पटना से एकदिवसीय प्रशिक्षण लेकर एक ही गाड़ी पर सवार होकर मधेपुरा जिला लौट रहे थे. तभी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गया और ट्रक से पीछे से टकरा गया।  दो की मौके पर ही मौत, दो ने हॉस्पिटल में तोड़ा दम हादसा इतना जबरदस्त था कि दो थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र अमर एवं नीरज कुमार और ड्राइवर नीरज कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. जबकि एक थाना प्रभारी साजन पासवान को स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में उसे जगह से उठाकर आनन-फानन में सदर अस्पताल बेगूसराय लाया जहां इलाज के दौरान कुछ ही देर के बाद मौत हो गई।  इस तीन पुलिस अधिकारी समेत चार कि मौत की खबर लगते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई. हालांकि इस घटना की सूचना मिलते ही बेगूसराय के एसपी मनीष कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी।  SP ने बताया कि मृतकों में तीन सर्विंग SHO, एक प्राइवेट ड्राइवर  घटना के संबंध में बेगूसराय एसपी मनीष कुमार ने बताया कि देर रात ये एक्सीडेंट हुआ है. इसमें चार लोगों की मौत हो गई है. जिसमें तीन पुलिस मधेपुरा पुलिस के सर्विंग SHO हैं और एक जो ड्राइवर जो गाड़ी से लौटते एक्सीडेंट हुआ है. इन्वेस्टिगेशन जारी है. पोस्टमार्टम के बाद जो भी वैधानिक प्रक्रिया है, उसे फॉलो किया जा रहा है। 

गुजरात के मोरबी में तेज रफ्तार का कहर, भीषण टक्कर में पांच की गई जान

 मोरबी मोरबी में हलवद क्षेत्र के चराडवा गांव के पास एक दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना उस समय हुई, जब एक कार वाहन से टकरा गई. हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार, कार में कुल सात लोग सवार थे, जो सभी हलवद के रणछोड़गढ़ गांव के रहने वाले थे. यह सभी किसी काम से जा रहे थे, तभी चराडवा गांव के पास उनकी कार आगे चल रही एक अज्ञात गाड़ी के पिछले हिस्से से जा टकराई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।  इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है. सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. वहीं मामले की जांच शुरू कर दी है।  इसी बीच एक और दर्दनाक घटना भी सामने आई, जिसमें परेश नाम का एक युवक बाइक से हलवद की ओर जा रहा था. मानसर गांव के पास उसकी बाइक फिसल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी वही कार, जो पहले से हादसे में शामिल थी, एक अज्ञात वाहन के पीछे से टकरा गई। लगातार हुए इन हादसों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना अक्सर ऐसे हादसों की वजह बनता है. पुलिस ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. गांव में मातम का माहौल है और हर तरफ गम का सन्नाटा पसरा हुआ है। 

श्रद्धालुओं से भरी पिकअप हादसे का शिकार, पंजाब में 8 लोगों की गई जान, कई घायल

फिरोजपुर पंजाब में फिरोजपुर के ब्लाक ममदोट के जंगा वाला मोड़ पर एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की माैत हो गई। सभी श्रद्धालु डेरा ब्यास जा रहे थे। शनिवार सुबह हुए हादसे के बाद माैके पर चीख पुकार मच गई। मृतकों में पांच महिलाएं और दस साल का एक बच्चा शामिल है।  डेरा ब्यास जा रहे थे श्रद्धालु जानकारी के अनुसार, जलालाबाद से एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी मे कई श्रद्धालु डेरा ब्यास दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दाैरान सुबह करीब साढ़े छह बजे जंगा वाला मोड़ पर पिकअप की ट्राले से जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि लोगों को संभलने का माैका ही नहीं मिला। लोग उछलकर आगे के शीशे से टकराए और सड़क पर गिरते गए। एक के बाद एक आठ लाशें बिछ गई। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्राले वाले की आंख लग गई थी और गाड़ी रांग साइड थी। पिकअप वाले को लगा कि ट्राला रांग साइड आ रहा है तो उसने गाड़ी हल्की मोड़ ली। इसी दाैरान अचानक ट्राले वाले की आंख खुल गई और उसने तुरंत अपनी गाड़ी सीधी कर ली। इसी दाैरान दोनों वाहन आपस में टकरा गए।  माैके पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी लोगों के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग माैके पर पहुंचे और लोगों को गाड़ी से बाहर निकाला। सूचना के बाद पुलिस भी माैके पर पहुंची और वाहनों को हटाकर रास्ता साफ करवाया। माैके पर माैत हादसे में महिंद्रा पिकअप में सवार आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि 20 के करीब जख्मी हो गए। तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। जख्मियों को फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिंद्रा पिकअप गाड़ी में खचाखच लोग भरे हुए थे। ये सभी डेरा ब्यास जा रहे थे। बड़ी लापरवाही वहीं हादसे के बाद सामने आया कि पिकअप में लगभग 30 लोग बैठे थे। गाड़ी की छत और फर्श के बीच में एक विभाजन कर लोगों को भरा गया था। इसके अलावा गाड़ी के पीछे भी लकड़ी के फट्टे लगाकर उसे बढ़ाया गया था और एक सीढ़ी लगा दी गई थी।   

तेज रफ्तार बनी काल: रायसेन-भोपाल रोड पर बसों की आमने-सामने भिड़ंत, कई यात्री घायल

रायसेन रायसेन-भोपाल नेशनल हाईवे शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे का गवाह बना। सेहतगंज फैक्ट्री के पास पेट्रोल पंप के नजदीक सागर से भोपाल जा रही शक्ति ट्रैवल्स और भोपाल से सागर लौट रही कल्पना ट्रैवल्स की बसें आमने-सामने टकरा गईं। पलभर में हाईवे चीख-पुकार से गूंज उठा। हादसे में एक मासूम समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 यात्री घायल हुए हैं। कई की हालत नाजुक होने से मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।    दोनों बसें तेज रफ्तार में थीं। सिंगल लेन सड़क पर ओवरटेक के प्रयास में चालकों का नियंत्रण बिगड़ गया और बसें सीधी भिड़ गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बसों के केबिन पिचक गए। खिड़की के पास बैठे यात्री सबसे ज्यादा चोटिल हुए। बता दें कि पहले पांच लोगों के मौत की सूचना आई थी, पर बाद में तीन मौतों की पुष्टि की गई।  शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और पेट्रोल पंप कर्मचारी दौड़े। शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही गैरतगंज थाना पुलिस, डायल-100 और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा और पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने खुद मोर्चा संभाला। घायलों को गैरतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। 12 गंभीर घायलों को भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है। डेढ़ घंटे तक हाईवे जाम कलेक्टर विश्वकर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आई है। सिंगल लेन पर हैवी ट्रैफिक के बीच बसें 80 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से दौड़ रही थीं। हादसे के बाद करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे जाम रहा। क्रेन से क्षतिग्रस्त बसें हटाने के बाद यातायात सामान्य हुआ। एक साल में 17 लोगों की मौत प्रत्यक्षदर्शी रमेश अहिरवार ने कहा, “हम चाय पी रहे थे। अचानक जोर की आवाज आई। देखा तो दोनों बसें एक-दूसरे में घुसी थीं। लोग खिड़की से गिर रहे थे। बच्चे की रोने की आवाज अब भी कानों में गूंज रही है।” हादसे ने एक बार फिर एनएच-146 की बदहाल तस्वीर उजागर कर दी। रायसेन से गैरतगंज तक 40 किमी का हिस्सा अब भी सिंगल लेन है। रोजाना सैकड़ों ट्रक और बसें यहां से गुजरती हैं। पिछले एक साल में इस खंड पर 17 लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय लोगों ने कई बार फोरलेन और डिवाइडर की मांग की, पर निर्माण अधर में है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख और गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता घोषित की है। एसपी आशुतोष गुप्ता ने कहा कि दोनों बस चालकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों को नोटिस जारी कर स्पीड गवर्नर की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही हाईवे पर इंटरसेप्टर वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। एनएचएआई को ब्लैक स्पॉट सुधारने और क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है। अस्पताल के बाहर परिजनों की भीड़ और अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।