samacharsecretary.com

नूंह में भीषण एक्सीडेंट, यूपी पुलिस के 5 जवानों की मौत

नूंह   हरियाणा के नूंह जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर  बड़ा हादसा हो गया, जिसमें यूपी पुलिस के पांच कर्मियों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले पांचों पुलिसकर्मी यूपी के जालौन जिले में तैनात थे। यह घटना धुलावत टोल प्लाजा के पास हुई। पुलिस ने बताया कि पलवल की तरफ से आ रही काली एसयूवी का चालक एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका नियंत्रण बिगड़ गया और वह आगे चल रहे दूसरे वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद एसयूवी पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें अंदर बैठे लोग फंस गए। ताऊरू सदर थाने के प्रभारी शीश राम यादव ने कहा, ''हादसे में मारे गए सभी लोग उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान थे, जो जालौन में तैनात थे। हमने जालौन के एसपी को सूचना दे दी है।''पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि टक्कर की तेज आवाज और धूल के गुबार से सड़क पर घबराहट फैल गई। दूसरे वाहनों ने तुरंत बचाव के लिए ब्रेक लगाए और कुछ समय के लिए ट्रैफिक रुक गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस को एसयूवी से शव निकालने में काफी दिक्कत हुई। पुलिस के अनुसार, वाहन से मिले पहचान पत्र के जरिए मृतकों की पहचान की गई।रेस्क्यू टीम को शव निकालते समय एक पुलिसकर्मी का आईडी कार्ड मिला, जिससे उनकी पहचान सब-इंस्पेक्टर मोहित कुमार यादव के रूप में हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया।पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त एसयूवी को एक्सप्रेसवे से हटाया गया, ताकि ट्रैफिक फिर से सामान्य हो सके।

जालौन में भीषण एक्सीडेंट, 7 की मौत, 3 की हालत नाज़ुक

जालौन जालौन जनपद के कालपी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या सात हो गई है।, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायलों का इलाज जारी है। उरई से गंभीर हालत में कानपुर रेफर किए गए शिवानंद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसा जोल्हुपुर मोड़ के पास हुआ, जहां अयोध्या से उरई लौट रही एक कार चालक को झपकी आने से अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से जा भिड़ी। इस दर्दनाक हादसे से क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, ललितपुर जनपद के महरौनी निवासी शशिकांत तिवारी अपने परिजनों के साथ अयोध्या दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद सभी लोग कार से वापस लौट रहे थे। सोमवार सुबह करीब 6 बजे जैसे ही उनकी कार कालपी क्षेत्र के जोल्हुपुर मोड़ के पास पहुंची, चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सामने चल रहे वाहन से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं शिवानंद की हालत नाजुक होने पर उन्हें कानपुर भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं, उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ घायल करीब एक घंटे तक कार के केबिन में फंसे रहे, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।   हादसे के बाद मची चीख-पुकार कार में कुल 10 लोग सवार थे, जिनमें शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी, अंशुल तिवारी, स्वामी प्रसाद तिवारी, मनोज और देशराज शामिल बताए जा रहे हैं। सभी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 10 मिनट तक मेडिकल कॉलेज के बाहर तड़पते रहे मरीज घायलों को लेकर एम्बुलेंस मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर पहुंची, लेकिन मरीज को उतारने के लिए वहां पर कोई भी वार्ड बॉय नहीं नहीं था। हालत यह रही कि मरीज 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही तड़पते रहे इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मरीजों को बाहर निकाला और इमरजेंसी के अंदर पहुंचा जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।  

तेज रफ्तार कार ने अंबेडकरनगर में मचाई तबाही, 8 लोगों की मौत

 अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर में मानवता दिखाने पहुंचे लोगों पर तेज रफ्तार कार काल बनकर टूटी. जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर घायल बाइक सवारों की मदद कर रहे ग्रामीणों को अनियंत्रित कार ने कुचल दिया. इस हादसे में कुल 8 लोगों की जान चली गई है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा है।  अशरफपुर भुआ गांव के पास  यूपी के अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना हुई. दो बाइकों की टक्कर में घायल हुए लोगों की मदद करने के लिए स्थानीय लोग मौके पर जमा हुए थे. तभी जलालपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने अनियंत्रित होकर भीड़ को रौंद दिया।  हादसे में मौके पर और इलाज के दौरान कुल 8 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।  मदद के दौरान बरपा काल जलालपुर में अकबरपुर मार्ग पर स्थित अशरफपुर भुआ भट्ठे के पास पहले दो मोटरसाइकिलों की आपस में भिड़ंत हुई थी. इस भिड़ंत में दो लोग गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े. आसपास के लोग तुरंत घायलों को अस्पताल भेजने और उनकी मदद करने के लिए सड़क पर इकट्ठा हुए. इसी मानवीय मदद के दौरान पीछे से आ रही कार ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।  अस्पताल में तोड़ा दम हादसे के बाद पुलिस ने घायलों को तत्काल सीएचसी नगपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया. वहीं, दो अन्य गंभीर घायलों को पहले जिला अस्पताल और फिर टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. हालांकि, इलाज के दौरान इन दोनों ने भी दम तोड़ दिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परिजनों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं। 

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार में आग, राजस्थान में एक ही परिवार के पांच लोग जिंदा जल गए

अलवर   राजस्थान के अलवर में कार में आलग लगने से एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा गए। यह घटना बुधवार रात अलवर जिले में लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई। बताया जा रहा है कि यह आग सीएनजी लीक होने की वजह से लगी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव के रहने वाले थे। यह परिवार वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन करके घर लौट रहा था और उन्होंने इस यात्रा के लिए एक टैक्सी किराए पर ली थी। जब गाड़ी मौजपुर पहुंची, तो अचानक सीएनजी गैस लीक होने की खबर मिली, जिससे तुरंत आग लग गई और पूरी कार लपटों की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बचने का कोई मौका ही नहीं मिला। इस भयानक घटना में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक छोटी बच्ची जिंदा जल गए। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शव जलकर राख हो गए। गाड़ी का ड्राइवर बड़ी मुश्किल से बच निकला, लेकिन उसे गंभीर रूप से जलने की चोटें आई हैं। उसे पहले स्थानीय स्तर पर इलाज दिया गया और बाद में जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका अभी इलाज चल रहा है। सूचना मिलते ही, लक्ष्मणगढ़ पुलिस दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। आग बुझाने वाली एक गाड़ी तैनात की गई और आग पर काबू पाने की कोशिशें की गईं। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक पांचों यात्री आग की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके थे। लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना प्रभारी नेकी राम ने पुष्टि की कि गाड़ी सीएनजी और पेट्रोल दोनों पर चल रही थी और आग लगने का कारण गैस लीक होना माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएनजी से लगी आग की तीव्रता बहुत ज्यादा होती है। आग से शव पूरी तरह से नष्ट हुए, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए जांच करने के लिए मौके पर एक मेडिकल टीम बुलाई गई। परिवार के सदस्यों को इस घटना के बारे में सूचित कर दिया गया।पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी भी देर रात स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।

डिवाइडर में टकराई तेज रफ्तार बोलेरो दो घायल, चार को आई गंभीर चोटें

डिवाइडर में टकराई तेज रफ्तार बोलेरो दो घायल, चार को आई गंभीर चोटें राजेंद्र ग्राम/छबिलाल  थाना क्षेत्र राजेंद्रग्राम के सल्हरो तिराहा के पास मंगलवार शाम करीब 9:00 बजे तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बोलोरो में सवार4 व्यक्तियों को चोटें आईं, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल है जिसमें एक ड्राइवर भी शामिल है।  कैसे हुआ हादसा। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार ग्राम जरही से बारातियों को लेकर ग्राम बेलगावा के लिए रवाना हुई थी लेकिन साल्हारो तिराहा के पास ड्राइवर को झपकी लग गई। इससे गाड़ी बेकाबू होकर सड़क के किनारे बने डिवाइडर पर चढ़ गई और बेकाबू होकर पलट गई टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।  घायलों की स्थिति  *गंभीर घायल: हुकुमचंद वर्ष पिता स्वर्गीय घनश्याम प्रसाद(28) वर्ष ग्राम जरही कब बताया जा रहा है और मनोज कुमार पिता लाला प्रसाद 25 वर्ष ग्राम सोनिया मार ग्राम पंचायत हर टोला का निवासी बताया जा रहा है।*समान्य घायल: पूरनलाल पिता ओमकार चंद्रवंशी ग्राम जरही और तीन अन्य को मामूली चोटें आई है। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है डॉक्टर के साथ इन दोनों को गंभीर गालों की हालत गंभीर बनी हुई है।

नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर, 5 की मौत, 7 घायल

नर्मदापुरम  मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में आधी रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. टवेरा कार और अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने टक्कर में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हो गए. हादसा नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर आंचलखेड़ा के पास हुआ, जहां टक्कर इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. यह घटना उस समय हुई जब कार सवार लोग एक शादी समारोह से लौट रहे थे. अचानक हुए इस हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।  रात करीब 1 बजे हुए इस हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जोरदार आवाज के साथ दोनों वाहन आपस में भिड़े और कुछ ही पलों में चीख-पुकार मच गई. आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया. हादसे के तुरंत बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ।  आमने-सामने की टक्कर बनी मौत की वजह प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच सीधी भिड़ंत हुई. ट्रॉली में अनाज भरा हुआ था, जिससे उसका वजन ज्यादा था और टक्कर का असर भीषण रहा. कार सवारों को संभलने का मौका नहीं मिला।  शादी से लौट रहे थे सभी लोग बताया जा रहा है कि कार में सवार सभी लोग एक शादी समारोह से लौट रहे थे. खुशी के माहौल में घर लौटते वक्त अचानक यह हादसा हुआ. परिवार और रिश्तेदारों के बीच खुशी का माहौल कुछ ही पलों में शोक में बदल गया।  घायलों का इलाज जारी, कुछ की हालत गंभीर हादसे में घायल हुए लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. प्रशासन की ओर से बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।  तेज रफ्तार और कम दृश्यता का असर पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह तेज रफ्तार और रात के समय कम दृश्यता हो सकती है. हाईवे पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण ड्राइवर को सामने से आ रहे वाहन का अंदाजा नहीं लग पाया।  जांच में जुटी पुलिस, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। 

मिर्जापुर हादसा: ट्रक की ब्रेक फेल, बोलेरो को टक्कर मारने के बाद 9 लोगों की जलकर मौत

मिर्जापुर  उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार रात हुआ एक भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म छोड़ गया। रीवा-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी की ढलान पर तेज रफ्तार और ब्रेक फेल ट्रक ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते चार वाहन आपस में टकरा गए और एक बोलेरो आग का गोला बन गई। इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 9 लोग बोलेरो में जिंदा जल गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी तेज थी कि किसी को बचाया नहीं जा सका। इस भीषण सड़क हादसे पर सीएम योगी ने दुख जताया है। ब्रेक फेल ट्रक बना हादसे की वजह पुलिस के मुताबिक हादसा ड्रमंडगंज घाटी के पास रात करीब 8:30 बजे हुआ। मध्य प्रदेश से चना लादकर आ रहा एक ट्रक ढलान पर अचानक ब्रेक फेल होने के कारण बेकाबू हो गया। तेज रफ्तार ट्रक ने सामने चल रही बोलेरो को टक्कर मार दी और उसे धकेलते हुए आगे चल रहे गिट्टी से भरे ट्रक में दे मारा। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने भी संतुलन खो दिया और वह आगे चल रही कार से टकरा गया। कुछ ही पलों में सड़क पर मलबा, आग और चीख-पुकार का भयावह दृश्य फैल गया। 9 लोग जिंदा जले टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसमें सवार लोग बाहर निकलने का मौका नहीं पा सके। बोलेरो में मौजूद 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा एक कार सवार व्यक्ति और एक ट्रक चालक ने भी इस हादसे में दम तोड़ दिया। कुल 11 मौतों ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। मैहर धाम से लौट रहे थे श्रद्धालु पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार बोलेरो सवार सभी लोग प्रयागराज के मांडा क्षेत्र के हाटा गांव के रहने वाले थे। ये लोग मैहर धाम से दर्शन कर वापस लौट रहे थे। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बोलेरो में कुल कितने लोग सवार थे, लेकिन मृतकों की संख्या और स्थिति ने पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना दिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी पुलिस और फायर टीम घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया, लेकिन आग की तीव्रता के चलते बोलेरो सवारों को बचाया नहीं जा सका। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस शवों की पहचान कराने और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आधे घंटे बाद बचाव टीम पहुंची स्थानीय लोगों के अनुसार, फायर ब्रिगेड को सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद टीम मौके पर पहुंची. तब तक आग पूरी तरह विकराल रूप ले चुकी थी और सभी लोग जलकर दम तोड़ चुके थे. घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।  हादसे में मरने वालों में बोलेरो सवार 9 लोग शामिल हैं, जो मैहर से दर्शन कर लौट रहे थे. इनमें एक ही परिवार के मां, बेटा और बेटी के अलावा दूसरे परिवार के मां-बेटे की भी मौत हुई है. इसके अलावा एक अन्य कार सवार व्यक्ति की भी जलकर मौत हो गई, जबकि ट्रक का खलासी केबिन में फंसने के कारण जान गंवा बैठा. इस तरह कुल 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।  शव बुरी तरह झुलस चुके थे मृतकों की पहचान में काफी दिक्कतें आईं, क्योंकि शव बुरी तरह झुलस चुके थे. बाद में परिजनों ने घटनास्थल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर अपने प्रियजनों की पहचान की. हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं परिजन अपने प्रियजनों के शव लेकर घर लौट रहे हैं. बोलेरो में सवार वीना सिंह, इनका बेटा पीयूष सिंह, बेटी सोनम की मौत हुई है. वहीं, पंकज सिंह, वंदना सिंह और शिव सिंह की भी मौत हुई है. ये सभी मिर्जापुर के रहने वाले थे। 

टूटी सांसें, थमा जीवन: मनेंद्रगढ़ सड़क हादसे में युवक की दर्दनाक मौत, मुआवजे के बाद हुआ अंतिम विदाई का फैसला

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी मनेंद्रगढ़ की सड़कों पर एक और ज़िंदगी अचानक थम गई, पीछे छोड़ गई रोता-बिलखता परिवार और गहरे दर्द की लकीरें। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक की पहचान होने के बाद जहां एक ओर परिजनों का दुख और गहरा हो गया, वहीं मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद भी अंततः समाप्त हो गया। भारी मन से परिजनों ने अब अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। इस बीच डीवी ग्रुप ने मृतक परिवार को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बंजी निवासी 37 वर्षीय राजभान सिंह अपने ससुराल ग्राम परसगढ़ी गए हुए थे। किसे पता था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा। परसगढ़ी में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य में लगे डीवी ग्रुप के पानी टैंकर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसा इतना भयावह था कि उनके सिर पर आई गंभीर चोटों के कारण शुरुआत में शव की पहचान तक मुश्किल हो गई। परिजनों की बेचैनी और अनिश्चितता के बीच मनेंद्रगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल के जरिए मृतक की पहचान की और परिवार को सूचना दी। जैसे ही घटना की खबर गांव पहुंची, माहौल गम और गुस्से से भर गया। परिजन और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए, न्याय और उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध शुरू हो गया। इस दुख की घड़ी में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। आखिरकार जनदबाव और विरोध के बाद डीवी ग्रुप ने मृतक के परिजनों को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। साथ ही बीमा की राशि दिलाने का आश्वासन भी दिया गया। मुआवजा मिलने के बाद परिजनों ने भारी मन से अंतिम संस्कार के लिए सहमति जताई। इस फैसले के साथ ही क्षेत्र में फैला तनाव कुछ हद तक कम हुआ, लेकिन एक परिवार की जिंदगी में जो खालीपन आया है, उसे कोई भी मुआवजा कभी भर नहीं पाएगा। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

बाइक स्टंट के दौरान हुई त्रासदी, ट्रेलर से टकराकर 3 युवकों की मौत

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में रील बनाने का खतरनाक शौक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ. मऊगंज के नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार में रील बनाते समय यह हादसा हुआ. घटना का खौफनाक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तीन युवक तेज रफ्तार बाइक पर नजर आ रहे हैं।  दरअसल, मऊगंज थाना क्षेत्र के पन्नी पथरिया स्थित नेशनल हाईवे पर यह हादसा हुआ. दो बाइकों में सवार कुल पांच लोग इसकी चपेट में आ गए. जानकारी के अनुसार, एक पल्सर बाइक पर सवार तीन युवक तेज रफ्तार में चलते हुए मोबाइल से रील बना रहे थे. इसी दौरान उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े ईंट से लोड ट्रेलर से जा टकराई।  टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक उछलकर दूर जा गिरे और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई. इसी बीच पीछे से आ रही दूसरी बाइक भी उसी खड़े ट्रेलर से भिड़ गई, जिससे उसमें सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।  पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया. सची पाठक ने बताया कि सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ. घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।  डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है. पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  मृतकों और घायलों की पहचान पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 17 वर्षीय उपलक्ष कोल, 22 वर्षीय अमरीश कोल और 17 वर्षीय हेमराज कोल के रूप में हुई है. तीनों बेला गांव के निवासी थे और लौर थाना क्षेत्र से संबंधित थे।  वहीं, हादसे में घायल हुए दो सगे भाइयों की पहचान प्रशांत द्विवेदी और प्रदीप द्विवेदी के रूप में हुई है, जो चितपुरवा गांव के रहने वाले हैं. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट के कारण तीन लोगों की मौत और दो के घायल होने की पुष्टि हुई है। 

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बस दुर्घटना, 15 की मौत; मृतकों की संख्या बढ़ सकती है

उधमपुर  जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में एक यात्री बस खाई में गिर गई है। इस भीषण हादसे में 15 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। यह घटना तब हुई, जब बस रामनगर से उधमनगर की ओर जा रही थी। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब बस रामनगर के पास ही एक गांव कगोर्ट से गुजर रही थी। जानकारी मिली है कि ऊंची पहाड़ी पर बने रोड से गुजरती हुई बस का एक तीखे मोड़ के पास नियंत्रण खो गया। यह हादसा सुबह 10 बजे के करीब ही हुआ। हादसे के बाद से बचाव अभियान जारी है। कई लोगों को इस घटना के बाद अस्पताल में एडमिट कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह बस उधमपुर जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ। इस घटना को लेकर एलजी मनोज सिन्हा ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद और दिल तोड़ने वाला है। मेरी संवेदनाएं मृतकों के साथ हैं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके अलावा घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इस घटना को लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि मेरी उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर मिंगा शेरपा से बात हुई है। उनका कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन समय रहते शुरू हो गया था और घायलों को उचित इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बारे में मुझे कुछ समय पहले ही जानकारी मिली थी और मैंने तुरंत उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर से बात की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई. घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है. उधमपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इमरजेंसी वार्ड को अलर्ट कर दिया गया है. डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है. जिला प्रशासन ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. रामनगर के एसडीएम ने बताया कि बचाव कार्य जारी है और घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।  उधमपुर-रामनगर मार्ग पर सड़क की स्थिति और मौसम को लेकर अक्सर हादसे होते रहते हैं. पहाड़ी इलाका होने के कारण मोड़ों पर सतर्कता बरतना जरूरी होता है. इस हादसे के कारण स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हुआ है. पुलिस ने आसपास के इलाके में यातायात को डायवर्ट कर दिया है. स्थानीय लोग बस हादसों को रोकने के लिए सड़क सुधार और बेहतर यातायात प्रबंधन की मांग कर रहे हैं।