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Road Accident Report 2024: देश में 4.87 लाख सड़क हादसे, 1.77 लाख लोगों की मौत; चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने

 नई दिल्ली भारत में साल 2024 के दौरान हुए सड़क हादसों को लेकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है. इसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 1.77 लाख से अधिक हो गई. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देश में पिछले साल करीब 4.87 लाख दुर्घटनाएं दर्ज की गईं. ये संख्या 2023 के मुकाबले 1.48 प्रतिशत अधिक है।  न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रोड एक्सीडेंट इन इंडिया 2024 की रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2024 में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 4,87,707 सड़क हादसे हुए. ये सभी मामले पुलिस विभागों द्वारा दर्ज किए गए हैं।  इन हादसों में 1,77,175 लोगों की मौत हुई और 4,71,441 लोग घायल हुए हैं. इसका मतलब है कि देश में हर घंटे औसतन 56 एक्सीडेंट हुए और 20 लोगों ने अपनी जान गंवाई।  तमिलनाडु में सबसे ज्यादा हादसे, यूपी में सबसे ज्यादा मौतें इस रिपोर्ट से पता चलता है कि देश के अलग-अलग राज्यों में हादसों की स्थिति कितनी गंभीर है. साल 2024 में तमिलनाडु सड़क हादसों के मामले में सबसे ऊपर रहा. यहां साल भर के भीतर सबसे ज्यादा 67,526 सड़क हादसे दर्ज किए गए. वहीं उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 24,118 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई।  रिपोर्टस के अनुसार, एक्सप्रेसवे को मिलाकर सिर्फ नेशनल हाईवे (NH) पर ही साल भर में कुल 1,50,958 हादसे (31.0%) हुए. राज्य राजमार्गों पर 1,03,538 हादसे दर्ज किए गए. जबकि 2,33,211 दुर्घटनाएं अन्य सड़कों पर हुईं।  इसमें से नेशनल हाईवे पर 64,772 (36.6%) मौतें हुईं, स्टेट हाईवे पर 39,277 (22.2%) मौतें और अन्य सड़कों पर 73,126 (41.3%) मौतें दर्ज की गईं. साल के दौरान हुई कुल 1,64,378 जानलेवा दुर्घटनाओं में से 59,043 (35.9%) नेशनल हाईवे पर, 36,392 (22.1%) स्टेट हाईवे पर और 68,943 (41.9%) अन्य सड़कों पर हुईं है।  दोपहिया वाहन सवार सबसे ज्यादा शिकार मंत्रालय की रिपोर्ट में ये बात भी पूरी तरह स्पष्ट की गई है कि सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों की जिंदगी सबसे ज्यादा खतरे में है. हादसों में जान गंवाने वालों में सबसे बड़ा हिस्सा (46.2%) बाइक और स्कूटी चलाने वालों का था. दुर्घटनाओं में शामिल गाड़ियों की बात करें तो भी दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा रही।  इसके बाद सड़क पार करने वाले या फुटपाथ पर चलने वाले पैदल लोग इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है. इनकी कुल मौतों में हिस्सेदारी 20.6 प्रतिशत दर्ज की गई. वहीं कार, टैक्सी, वैन और हल्के मोटर वाहनों (LMVs) का इस्तेमाल करने वालों की हिस्सेदारी कुल मौतों में 12.4 प्रतिशत रही. कुल मिलाकर, दोपहिया वाहनों के बाद सबसे ज्यादा मौतें हल्की गाड़ियों और फिर भारी ट्रकों या लॉरियों की चपेट में आने की वजह से हुईं। 

बेगूसराय हादसे से पुलिस महकमे में शोक, तीन थानेदारों सहित 4 लोगों ने गंवाई जान

बेगूसराय बिहार के बेगूसराय जिले से एक बडे़ हादसे की खबर सामने आई है. यहां साहेबपुर कमाल में हुए एक हादसे में मधेपुरा पुलिस के तीन अधिकारी सहित 4 लोगों की मौत हो गई. ये सभी लोग पटना से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे थे. बीती रात साहेबपुर कमाल के बखड्डा के पास एनएच 31 पर पुलिस अधिकारियों की कार ने एक ट्रक को पीछे से तेज टक्कर मार दी. इससे कार में सवार मधेपुरा पुलिस के तीन अलग-अलग थानों के SHO और गाड़ी के ड्राइवर की मौत हो गई. बीती रात तेज रफ्तार कार ने ट्रक में जबरदस्त टक्कर मार दी. हादसा इतना तेज था कि कार के अगले हिस्से के परखच्चा निकल गया. इस हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल हो गया. सूचना मिलते ही बेगूसराय की एसपी मनीष कुमार एवं सदर डीएसपी आनंद पांडेय सहित भारी संख्या में पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे।  रतवारा, बेलारी और आरर थाना प्रभारी की मौत मृतकों की पहचान साजन पासवान रतवारा थाना प्रभारी, नीरज कुमार बेलारी थाना प्रभारी, ज्ञानेंद्र अमरेंद्र आरर थाना प्रभारी एवं ज्योतिष कुमार प्राइवेट कार चालक के रूप में की गई है. बताया जा रहा है कि पटना से एकदिवसीय प्रशिक्षण लेकर एक ही गाड़ी पर सवार होकर मधेपुरा जिला लौट रहे थे. तभी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गया और ट्रक से पीछे से टकरा गया।  दो की मौके पर ही मौत, दो ने हॉस्पिटल में तोड़ा दम हादसा इतना जबरदस्त था कि दो थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र अमर एवं नीरज कुमार और ड्राइवर नीरज कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. जबकि एक थाना प्रभारी साजन पासवान को स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में उसे जगह से उठाकर आनन-फानन में सदर अस्पताल बेगूसराय लाया जहां इलाज के दौरान कुछ ही देर के बाद मौत हो गई।  इस तीन पुलिस अधिकारी समेत चार कि मौत की खबर लगते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई. हालांकि इस घटना की सूचना मिलते ही बेगूसराय के एसपी मनीष कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी।  SP ने बताया कि मृतकों में तीन सर्विंग SHO, एक प्राइवेट ड्राइवर  घटना के संबंध में बेगूसराय एसपी मनीष कुमार ने बताया कि देर रात ये एक्सीडेंट हुआ है. इसमें चार लोगों की मौत हो गई है. जिसमें तीन पुलिस मधेपुरा पुलिस के सर्विंग SHO हैं और एक जो ड्राइवर जो गाड़ी से लौटते एक्सीडेंट हुआ है. इन्वेस्टिगेशन जारी है. पोस्टमार्टम के बाद जो भी वैधानिक प्रक्रिया है, उसे फॉलो किया जा रहा है। 

गुजरात के मोरबी में तेज रफ्तार का कहर, भीषण टक्कर में पांच की गई जान

 मोरबी मोरबी में हलवद क्षेत्र के चराडवा गांव के पास एक दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना उस समय हुई, जब एक कार वाहन से टकरा गई. हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार, कार में कुल सात लोग सवार थे, जो सभी हलवद के रणछोड़गढ़ गांव के रहने वाले थे. यह सभी किसी काम से जा रहे थे, तभी चराडवा गांव के पास उनकी कार आगे चल रही एक अज्ञात गाड़ी के पिछले हिस्से से जा टकराई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।  इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है. सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. वहीं मामले की जांच शुरू कर दी है।  इसी बीच एक और दर्दनाक घटना भी सामने आई, जिसमें परेश नाम का एक युवक बाइक से हलवद की ओर जा रहा था. मानसर गांव के पास उसकी बाइक फिसल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी वही कार, जो पहले से हादसे में शामिल थी, एक अज्ञात वाहन के पीछे से टकरा गई। लगातार हुए इन हादसों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना अक्सर ऐसे हादसों की वजह बनता है. पुलिस ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. गांव में मातम का माहौल है और हर तरफ गम का सन्नाटा पसरा हुआ है। 

श्रद्धालुओं से भरी पिकअप हादसे का शिकार, पंजाब में 8 लोगों की गई जान, कई घायल

फिरोजपुर पंजाब में फिरोजपुर के ब्लाक ममदोट के जंगा वाला मोड़ पर एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की माैत हो गई। सभी श्रद्धालु डेरा ब्यास जा रहे थे। शनिवार सुबह हुए हादसे के बाद माैके पर चीख पुकार मच गई। मृतकों में पांच महिलाएं और दस साल का एक बच्चा शामिल है।  डेरा ब्यास जा रहे थे श्रद्धालु जानकारी के अनुसार, जलालाबाद से एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी मे कई श्रद्धालु डेरा ब्यास दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दाैरान सुबह करीब साढ़े छह बजे जंगा वाला मोड़ पर पिकअप की ट्राले से जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि लोगों को संभलने का माैका ही नहीं मिला। लोग उछलकर आगे के शीशे से टकराए और सड़क पर गिरते गए। एक के बाद एक आठ लाशें बिछ गई। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्राले वाले की आंख लग गई थी और गाड़ी रांग साइड थी। पिकअप वाले को लगा कि ट्राला रांग साइड आ रहा है तो उसने गाड़ी हल्की मोड़ ली। इसी दाैरान अचानक ट्राले वाले की आंख खुल गई और उसने तुरंत अपनी गाड़ी सीधी कर ली। इसी दाैरान दोनों वाहन आपस में टकरा गए।  माैके पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी लोगों के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग माैके पर पहुंचे और लोगों को गाड़ी से बाहर निकाला। सूचना के बाद पुलिस भी माैके पर पहुंची और वाहनों को हटाकर रास्ता साफ करवाया। माैके पर माैत हादसे में महिंद्रा पिकअप में सवार आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि 20 के करीब जख्मी हो गए। तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। जख्मियों को फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिंद्रा पिकअप गाड़ी में खचाखच लोग भरे हुए थे। ये सभी डेरा ब्यास जा रहे थे। बड़ी लापरवाही वहीं हादसे के बाद सामने आया कि पिकअप में लगभग 30 लोग बैठे थे। गाड़ी की छत और फर्श के बीच में एक विभाजन कर लोगों को भरा गया था। इसके अलावा गाड़ी के पीछे भी लकड़ी के फट्टे लगाकर उसे बढ़ाया गया था और एक सीढ़ी लगा दी गई थी।   

तेज रफ्तार बनी काल: रायसेन-भोपाल रोड पर बसों की आमने-सामने भिड़ंत, कई यात्री घायल

रायसेन रायसेन-भोपाल नेशनल हाईवे शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे का गवाह बना। सेहतगंज फैक्ट्री के पास पेट्रोल पंप के नजदीक सागर से भोपाल जा रही शक्ति ट्रैवल्स और भोपाल से सागर लौट रही कल्पना ट्रैवल्स की बसें आमने-सामने टकरा गईं। पलभर में हाईवे चीख-पुकार से गूंज उठा। हादसे में एक मासूम समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 यात्री घायल हुए हैं। कई की हालत नाजुक होने से मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।    दोनों बसें तेज रफ्तार में थीं। सिंगल लेन सड़क पर ओवरटेक के प्रयास में चालकों का नियंत्रण बिगड़ गया और बसें सीधी भिड़ गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बसों के केबिन पिचक गए। खिड़की के पास बैठे यात्री सबसे ज्यादा चोटिल हुए। बता दें कि पहले पांच लोगों के मौत की सूचना आई थी, पर बाद में तीन मौतों की पुष्टि की गई।  शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और पेट्रोल पंप कर्मचारी दौड़े। शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही गैरतगंज थाना पुलिस, डायल-100 और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा और पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने खुद मोर्चा संभाला। घायलों को गैरतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। 12 गंभीर घायलों को भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है। डेढ़ घंटे तक हाईवे जाम कलेक्टर विश्वकर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आई है। सिंगल लेन पर हैवी ट्रैफिक के बीच बसें 80 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से दौड़ रही थीं। हादसे के बाद करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे जाम रहा। क्रेन से क्षतिग्रस्त बसें हटाने के बाद यातायात सामान्य हुआ। एक साल में 17 लोगों की मौत प्रत्यक्षदर्शी रमेश अहिरवार ने कहा, “हम चाय पी रहे थे। अचानक जोर की आवाज आई। देखा तो दोनों बसें एक-दूसरे में घुसी थीं। लोग खिड़की से गिर रहे थे। बच्चे की रोने की आवाज अब भी कानों में गूंज रही है।” हादसे ने एक बार फिर एनएच-146 की बदहाल तस्वीर उजागर कर दी। रायसेन से गैरतगंज तक 40 किमी का हिस्सा अब भी सिंगल लेन है। रोजाना सैकड़ों ट्रक और बसें यहां से गुजरती हैं। पिछले एक साल में इस खंड पर 17 लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय लोगों ने कई बार फोरलेन और डिवाइडर की मांग की, पर निर्माण अधर में है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख और गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता घोषित की है। एसपी आशुतोष गुप्ता ने कहा कि दोनों बस चालकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों को नोटिस जारी कर स्पीड गवर्नर की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही हाईवे पर इंटरसेप्टर वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। एनएचएआई को ब्लैक स्पॉट सुधारने और क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है। अस्पताल के बाहर परिजनों की भीड़ और अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।  

कालाबन के तीखे मोड़ पर मौत का तांडव, डलहौजी घूमने आए दो परिवारों की यात्रा खत्म

हिमाचल चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र चुराह में साच पास मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में चालक और अन्य सात पर्यटकों की जान चली गई. हादसा साच पास से बैरागढ़ की ओर आते समय कालाबन के तीखा मोड़ के पास हुआ. जानकारी अनुसार बेंगलुरु से आए एक परिवार ने पर्यटन नगरी डलहौजी में एक टैक्सी वाहन बुक करवाई. दो परिवार साथ गए उन्होंने डलहौजी में दूसरे पर्यटक परिवार से टैक्सी शेयर कर पहाड़ों और बर्फ की सैर कर आनंद लेने की बात कही. जिस पर दूसरे परिवार ने भी हामी भरते हुए टैक्सी में सवार होकर शुक्रवार को बैरागढ़-किलाड़ मार्ग वाया साच जोत पर रवाना हो गए. इन पर्यटकों द्वारा बुक करवाई गई टैक्सी के वापस डलहौजी न लौटने पर टैक्सी मालिक को चिंता होने लगी. तीखा मोड़, खाई में गिरी गाड़ी उन्होंने जीपीएस के माध्यम से देखा कि कालावन के पास उनकी गाड़ी एक स्थान पर है और उसमें कोई हलचल नहीं हो रही थी. गाड़ी नंबर HP01C-2133 शुक्रवार, 29 मई को साच पास से बैरागढ़ की ओर आ रही थी. इसी दौरान कालाबन के तीखा मोड़ के समीप वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में जा गिरा. हादसे की सूचना शनिवार को ओसीपी बैरागढ़ द्वारा दूरभाष के माध्यम से पुलिस थाना तीसा को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया. लेकिन हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई. मृतकों में कौन लोग शामिल? मृतकों की पहचान चालक विश्वास सल्होता पुत्र थोमस, निवासी मोहल्ला ज्वाला, मावा बनीखेत तथा कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के पर्यटकों अरविंद चंद्राकर, प्राची, दर्श, अकशद, पी.जी. कार्तिघायन, मनीमाला और नंदन के रूप में हुई है. सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा गया. पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है. साच पास मार्ग पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है.

मां को अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में बनी मौत की गाड़ी: अजमेर हादसे से गांव में मातम

अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पूर्व सरपंच सहित एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब एक स्कॉर्पियो गाड़ी में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार लोग बाहर नहीं निकल सके। पूर्व सरपंच, मां, पत्नी और भांजी की मौत पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया कि हादसे में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां एवं पूर्व सरपंच पूसी देवी, पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई। सीने में दर्द होने पर मां को ले जा रहे थे अस्पताल जानकारी के मुताबिक पूसी देवी के सीने में दर्द की शिकायत होने पर परिवार उन्हें अस्पताल लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जिला परिषद सदस्य थीं सुरज्ञान देवी हादसे में जान गंवाने वाली सुरज्ञान देवी जिला परिषद सदस्य थीं। एक साथ परिवार के चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस कर रही हादसे की जांच पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। वाहन में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम की मदद ली जा रही है। शुरुआती जांच में मामला हादसा माना जा रहा है।

दर्दनाक सड़क हादसा: कैंची धाम जा रही कार पलटी, 4 दोस्तों ने गंवाई जान

 बाराबंकी बाराबंकी में सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने कुछ ही सेकंड में खुशियों से भरी यात्रा को मातम में बदल दिया. कैंची धाम जा रहे सात दोस्तों की इनोवा कार तेज रफ्तार ट्रेलर से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे लोग चीख तक नहीं पाए. हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।  यह हादसा हैदरगढृ कोतवाली क्षेत्र के भिखरा गांव के पास देर रात करीब 2:50 बजे हुआ. रात के सन्नाटे में अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी तो आसपास के लोग घबराकर बाहर निकल आए. हाईवे पर पहुंचते ही सामने का मंजर देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार इनोवा कार सुल्तानपुर से लखनऊ की तरफ जा रही थी. उसी दौरान आगे चल रहे ट्रेलर से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी भयानक थी कि इनोवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया और अंदर बैठे लोग उसमें फंस गए. हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।  कैंची धाम जा रहे थे सभी दोस्त बताया जा रहा है कि इनोवा में सवार सभी लोग कैंची धाम दर्शन के लिए जा रहे थे. सफर हंसी-मजाक और उत्साह के साथ शुरू हुआ था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी. हादसे में जिन चार युवकों की मौत हुई, उनकी पहचान हादसे में मृतकों की पहचान राहुल कुमार पुत्र संजय कुमार निवासी मुगलसराय, जनपद चंदौली, राहुल सिंह पुत्र अजय प्रताप निवासी गैबीपुर, जनपद गाजीपुर, सत्यम सिंह पुत्र स्वर्गीय तेज प्रताप सिंह निवासी रामपुर रसड़ा, जनपद बलिया तथा सूरज यादव निवासी गाजीपुर के रूप में हुई है. चारों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया. कई घरों में रातभर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं।  घायल युवकों की हालत गंभीर हादसे में घायल हुए पंकज, प्रशांत और चंदन सिंह को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि घायलों में कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।  पुलिस ने काटकर निकाले शव हादसा इतना भयावह था कि कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो चुका था. कई लोगों को लोहे को काटकर बाहर निकाला गया. मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि हादसा देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कार सीधे किसी दीवार से टकरा गई हो।  रात 3 बजे पहुंची पुलिस हैदरगढ़ कोतवाली प्रभारी अनिल पांडे ने बताया कि रात करीब 3 बजे हादसे की सूचना मिली थी. पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया. उन्होंने बताया कि चार लोगों की मौके पर मौत हो गई थी जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल थे. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि हादसे की बड़ी वजह तेज रफ्तार हो सकती है. देर रात हाईवे लगभग खाली था और संभवतः इनोवा की स्पीड काफी ज्यादा थी. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. ट्रेलर चालक से भी पूछताछ की जा रही है।  हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम भीषण टक्कर के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया. पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका. कुछ देर तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए थे. हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, परिवारों में चीख-पुकार मच गई. किसी घर का बेटा चला गया तो कहीं दोस्त हमेशा के लिए बिछड़ गए. जिन परिवारों ने अपने बच्चों को धार्मिक यात्रा पर भेजा था, उन्हें क्या पता था कि सुबह उनके घर मातम की खबर पहुंचेगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय इनोवा की स्पीड कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई. वहीं घायलों का इलाज जारी है और परिवार के लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। 

चीखों से गूंजा महाबलेश्वर… खाई में समाई स्कॉर्पियो, रस्सियों से निकाले गए शव

 महाबलेश्वर महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में रविवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने आठ लोगों की जिंदगी छीन ली. पोलादपुर-आंबेनळी घाट मार्ग पर एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी लोगों की मौत की आशंका ताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।  बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ. रात का अंधेरा और घाट क्षेत्र का दुर्गम रास्ता बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन गया. सूचना मिलते ही महाबलेश्वर ट्रैकर्स की टीम, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे. गहरी खाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ चलाना पड़ा।  मृतकों की पहचान सातारा जिले के कोरेगांव तहसील के आसगांव गांव के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है. इनमें 25 वर्षीय महेश अनिल पवार, 21 वर्षीय आदित्य अशोक सालुंखे, 25 साल के रितेश राजेंद्र लोखंडे, 20 साल के सुहास जितेंद्र लोखंडे, 18 साल के अंश समीर चव्हाण, 21 साल के उत्कर्ष आनंद शिंगटे, 25 साल के अनिल अभिमन्यू शिंगटे और 35 वर्षीय नितीन किसन नायकोंडे शामिल हैं।  कोंकण से लौटते समय तड़के हुआ हादसा यह दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले के कोरेगांव तालुका के आसगांव की है. यह हादसा तब हुआ जब ये सभी लोग कोंकण से वापस सतारा की ओर लौट रहे थे. आंबेनली घाट में तड़के करीब 2:45 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ. यह घटना उसी क्षेत्र में हुई है, जहां साल 2018 में दापोली कृषि विश्वविद्यालय की बस खाई में गिरी थी।  खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण बचाव दल ने शुरुआत में दूरबीन की मदद से तलाश शुरू की, जिसमें पहला शव दिखाई दिया. बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू टीम को करीब 500 से 700 फीट की गहराई पर 2 शवों को ढूंढने में सफलता मिल चुकी है. पोलादपुर पुलिस और बचाव दल द्वारा दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी और बाकी शवों को बाहर निकालने के लिए खोजी अभियान लगातार जारी है।  सभी मृतक सतारा के रहने वाले शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले की है. गाड़ी में सवार पर्यटक सतारा, आसगांव और कोरेगांव इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं. बचाव दल द्वारा स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार अन्य यात्रियों के शवों को ढूंढने का काम लगातार जारी है।  पोलादपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी आनंद रावड़े ने बताया कि मृतक सतारा के आसगांव के थे. 24 तारीख को तड़के वे हरणे बीच से वापस सतारा की ओर जा रहे थे, तब पोलादपुर मार्ग से आंबेनळी घाट में दाबेली गांव की सीमा में उनकी गाड़ी पर से नियंत्रण छूट गया और गाड़ी गहरी खाई में गिर गई।  सुबह करीब छह बजे से चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. अब तक दो शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी शवों को खाई से बाहर लाने की प्रक्रिया जारी है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।  फिलहाल दुर्घटना की असली वजह सामने नहीं आई है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि घाट मार्ग के खतरनाक मोड़, रात का समय या वाहन के नियंत्रण खोने जैसी परिस्थितियां हादसे की वजह बन सकती हैं. इस हादसे के बाद मृतकों के गांव में शोक की लहर है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

सिवाह नहर पुल हादसा: महिला का शव बरामद, पति की तलाश जारी

पानीपत  सिवाह नहर पुल पर सोमवार सुबह पूजा सामग्री प्रवाहित करते वक्त असंध निवासी दंपती का पैर फिसल गया और वह बह गए। महिला का शव करीब 20 किलोमीटर दूर सोनीपत के खूबड़ू झाल से बरामद किया, पति की देर शाम तक तलाश जारी रही। मृतक कमलेश (56) बेटे गौरव के बयान में सामने आया कि दंपती पूजा सामग्री प्रवाहित करने के दौरान हादसे का शिकार हुए। असंध निवासी 60 वर्षीय मुरारी लाल गोयल राइस मिलर थे। उनकी आढ़त की दुकान और फैक्ट्री भी है। सोमवार तड़के वह पत्नी कमलेश के साथ स्कूटी पर पानीपत पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ने सिवाह नहर पुल के पास स्कूटी खड़ी की, चप्पलें उतारकर स्कूटी पर रखीं और नहर किनारे पहुंचे। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में बह गए। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। इसराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू कराया। पंडित ने पूजा सामग्री प्रवाहित करने के लिए कहा था पुलिस को दिए बयान में गौरव ने बताया कि उनके माता-पिता को एक पंडित ने पूजा सामग्री पानीपत के पास नहर में प्रवाहित करने के लिए कहा था। इसी कारण दोनों सुबह घर से निकले थे। पूजा सामग्री प्रवाहित करते समय उनका पैर फिसल गया और वे नहर के तेज बहाव में बह गए। गौरव ने बताया कि परिवार में किसी प्रकार का विवाद या आर्थिक परेशानी नहीं थी। कारोबार भी सही चल रहा था। गौरव के अनुसार सोमवार सुबह जब बच्चे सैर के लिए उठे तो घर के बाहर स्कूटी नहीं थी। माता-पिता भी घर पर नहीं मिले। तलाश शुरू की और बाद में सूचना मिली कि उनकी स्कूटी पानीपत में नहर किनारे खड़ी है। इसराना के थाना प्रभारी हरिराम ने कहा कि लोगों को लगा था कि बुजुर्ग दंपती नहर में नहाने के लिए उतरे हैं, लेकिन बाद में परिवार की ओर से पूजा सामग्री प्रवाहित करने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। कमलेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। मुरारी लाल की तलाश जारी है।