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कालाबन के तीखे मोड़ पर मौत का तांडव, डलहौजी घूमने आए दो परिवारों की यात्रा खत्म

हिमाचल चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र चुराह में साच पास मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में चालक और अन्य सात पर्यटकों की जान चली गई. हादसा साच पास से बैरागढ़ की ओर आते समय कालाबन के तीखा मोड़ के पास हुआ. जानकारी अनुसार बेंगलुरु से आए एक परिवार ने पर्यटन नगरी डलहौजी में एक टैक्सी वाहन बुक करवाई. दो परिवार साथ गए उन्होंने डलहौजी में दूसरे पर्यटक परिवार से टैक्सी शेयर कर पहाड़ों और बर्फ की सैर कर आनंद लेने की बात कही. जिस पर दूसरे परिवार ने भी हामी भरते हुए टैक्सी में सवार होकर शुक्रवार को बैरागढ़-किलाड़ मार्ग वाया साच जोत पर रवाना हो गए. इन पर्यटकों द्वारा बुक करवाई गई टैक्सी के वापस डलहौजी न लौटने पर टैक्सी मालिक को चिंता होने लगी. तीखा मोड़, खाई में गिरी गाड़ी उन्होंने जीपीएस के माध्यम से देखा कि कालावन के पास उनकी गाड़ी एक स्थान पर है और उसमें कोई हलचल नहीं हो रही थी. गाड़ी नंबर HP01C-2133 शुक्रवार, 29 मई को साच पास से बैरागढ़ की ओर आ रही थी. इसी दौरान कालाबन के तीखा मोड़ के समीप वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में जा गिरा. हादसे की सूचना शनिवार को ओसीपी बैरागढ़ द्वारा दूरभाष के माध्यम से पुलिस थाना तीसा को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया. लेकिन हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई. मृतकों में कौन लोग शामिल? मृतकों की पहचान चालक विश्वास सल्होता पुत्र थोमस, निवासी मोहल्ला ज्वाला, मावा बनीखेत तथा कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के पर्यटकों अरविंद चंद्राकर, प्राची, दर्श, अकशद, पी.जी. कार्तिघायन, मनीमाला और नंदन के रूप में हुई है. सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा गया. पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है. साच पास मार्ग पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है.

मां को अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में बनी मौत की गाड़ी: अजमेर हादसे से गांव में मातम

अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पूर्व सरपंच सहित एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब एक स्कॉर्पियो गाड़ी में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार लोग बाहर नहीं निकल सके। पूर्व सरपंच, मां, पत्नी और भांजी की मौत पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया कि हादसे में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां एवं पूर्व सरपंच पूसी देवी, पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई। सीने में दर्द होने पर मां को ले जा रहे थे अस्पताल जानकारी के मुताबिक पूसी देवी के सीने में दर्द की शिकायत होने पर परिवार उन्हें अस्पताल लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जिला परिषद सदस्य थीं सुरज्ञान देवी हादसे में जान गंवाने वाली सुरज्ञान देवी जिला परिषद सदस्य थीं। एक साथ परिवार के चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस कर रही हादसे की जांच पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। वाहन में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम की मदद ली जा रही है। शुरुआती जांच में मामला हादसा माना जा रहा है।

दर्दनाक सड़क हादसा: कैंची धाम जा रही कार पलटी, 4 दोस्तों ने गंवाई जान

 बाराबंकी बाराबंकी में सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने कुछ ही सेकंड में खुशियों से भरी यात्रा को मातम में बदल दिया. कैंची धाम जा रहे सात दोस्तों की इनोवा कार तेज रफ्तार ट्रेलर से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे लोग चीख तक नहीं पाए. हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।  यह हादसा हैदरगढृ कोतवाली क्षेत्र के भिखरा गांव के पास देर रात करीब 2:50 बजे हुआ. रात के सन्नाटे में अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी तो आसपास के लोग घबराकर बाहर निकल आए. हाईवे पर पहुंचते ही सामने का मंजर देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार इनोवा कार सुल्तानपुर से लखनऊ की तरफ जा रही थी. उसी दौरान आगे चल रहे ट्रेलर से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी भयानक थी कि इनोवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया और अंदर बैठे लोग उसमें फंस गए. हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।  कैंची धाम जा रहे थे सभी दोस्त बताया जा रहा है कि इनोवा में सवार सभी लोग कैंची धाम दर्शन के लिए जा रहे थे. सफर हंसी-मजाक और उत्साह के साथ शुरू हुआ था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी. हादसे में जिन चार युवकों की मौत हुई, उनकी पहचान हादसे में मृतकों की पहचान राहुल कुमार पुत्र संजय कुमार निवासी मुगलसराय, जनपद चंदौली, राहुल सिंह पुत्र अजय प्रताप निवासी गैबीपुर, जनपद गाजीपुर, सत्यम सिंह पुत्र स्वर्गीय तेज प्रताप सिंह निवासी रामपुर रसड़ा, जनपद बलिया तथा सूरज यादव निवासी गाजीपुर के रूप में हुई है. चारों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया. कई घरों में रातभर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं।  घायल युवकों की हालत गंभीर हादसे में घायल हुए पंकज, प्रशांत और चंदन सिंह को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि घायलों में कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।  पुलिस ने काटकर निकाले शव हादसा इतना भयावह था कि कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो चुका था. कई लोगों को लोहे को काटकर बाहर निकाला गया. मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि हादसा देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कार सीधे किसी दीवार से टकरा गई हो।  रात 3 बजे पहुंची पुलिस हैदरगढ़ कोतवाली प्रभारी अनिल पांडे ने बताया कि रात करीब 3 बजे हादसे की सूचना मिली थी. पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया. उन्होंने बताया कि चार लोगों की मौके पर मौत हो गई थी जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल थे. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि हादसे की बड़ी वजह तेज रफ्तार हो सकती है. देर रात हाईवे लगभग खाली था और संभवतः इनोवा की स्पीड काफी ज्यादा थी. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. ट्रेलर चालक से भी पूछताछ की जा रही है।  हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम भीषण टक्कर के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया. पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका. कुछ देर तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए थे. हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, परिवारों में चीख-पुकार मच गई. किसी घर का बेटा चला गया तो कहीं दोस्त हमेशा के लिए बिछड़ गए. जिन परिवारों ने अपने बच्चों को धार्मिक यात्रा पर भेजा था, उन्हें क्या पता था कि सुबह उनके घर मातम की खबर पहुंचेगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय इनोवा की स्पीड कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई. वहीं घायलों का इलाज जारी है और परिवार के लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। 

चीखों से गूंजा महाबलेश्वर… खाई में समाई स्कॉर्पियो, रस्सियों से निकाले गए शव

 महाबलेश्वर महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में रविवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने आठ लोगों की जिंदगी छीन ली. पोलादपुर-आंबेनळी घाट मार्ग पर एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी लोगों की मौत की आशंका ताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।  बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ. रात का अंधेरा और घाट क्षेत्र का दुर्गम रास्ता बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन गया. सूचना मिलते ही महाबलेश्वर ट्रैकर्स की टीम, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे. गहरी खाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ चलाना पड़ा।  मृतकों की पहचान सातारा जिले के कोरेगांव तहसील के आसगांव गांव के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है. इनमें 25 वर्षीय महेश अनिल पवार, 21 वर्षीय आदित्य अशोक सालुंखे, 25 साल के रितेश राजेंद्र लोखंडे, 20 साल के सुहास जितेंद्र लोखंडे, 18 साल के अंश समीर चव्हाण, 21 साल के उत्कर्ष आनंद शिंगटे, 25 साल के अनिल अभिमन्यू शिंगटे और 35 वर्षीय नितीन किसन नायकोंडे शामिल हैं।  कोंकण से लौटते समय तड़के हुआ हादसा यह दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले के कोरेगांव तालुका के आसगांव की है. यह हादसा तब हुआ जब ये सभी लोग कोंकण से वापस सतारा की ओर लौट रहे थे. आंबेनली घाट में तड़के करीब 2:45 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ. यह घटना उसी क्षेत्र में हुई है, जहां साल 2018 में दापोली कृषि विश्वविद्यालय की बस खाई में गिरी थी।  खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण बचाव दल ने शुरुआत में दूरबीन की मदद से तलाश शुरू की, जिसमें पहला शव दिखाई दिया. बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू टीम को करीब 500 से 700 फीट की गहराई पर 2 शवों को ढूंढने में सफलता मिल चुकी है. पोलादपुर पुलिस और बचाव दल द्वारा दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी और बाकी शवों को बाहर निकालने के लिए खोजी अभियान लगातार जारी है।  सभी मृतक सतारा के रहने वाले शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले की है. गाड़ी में सवार पर्यटक सतारा, आसगांव और कोरेगांव इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं. बचाव दल द्वारा स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार अन्य यात्रियों के शवों को ढूंढने का काम लगातार जारी है।  पोलादपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी आनंद रावड़े ने बताया कि मृतक सतारा के आसगांव के थे. 24 तारीख को तड़के वे हरणे बीच से वापस सतारा की ओर जा रहे थे, तब पोलादपुर मार्ग से आंबेनळी घाट में दाबेली गांव की सीमा में उनकी गाड़ी पर से नियंत्रण छूट गया और गाड़ी गहरी खाई में गिर गई।  सुबह करीब छह बजे से चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. अब तक दो शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी शवों को खाई से बाहर लाने की प्रक्रिया जारी है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।  फिलहाल दुर्घटना की असली वजह सामने नहीं आई है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि घाट मार्ग के खतरनाक मोड़, रात का समय या वाहन के नियंत्रण खोने जैसी परिस्थितियां हादसे की वजह बन सकती हैं. इस हादसे के बाद मृतकों के गांव में शोक की लहर है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

सिवाह नहर पुल हादसा: महिला का शव बरामद, पति की तलाश जारी

पानीपत  सिवाह नहर पुल पर सोमवार सुबह पूजा सामग्री प्रवाहित करते वक्त असंध निवासी दंपती का पैर फिसल गया और वह बह गए। महिला का शव करीब 20 किलोमीटर दूर सोनीपत के खूबड़ू झाल से बरामद किया, पति की देर शाम तक तलाश जारी रही। मृतक कमलेश (56) बेटे गौरव के बयान में सामने आया कि दंपती पूजा सामग्री प्रवाहित करने के दौरान हादसे का शिकार हुए। असंध निवासी 60 वर्षीय मुरारी लाल गोयल राइस मिलर थे। उनकी आढ़त की दुकान और फैक्ट्री भी है। सोमवार तड़के वह पत्नी कमलेश के साथ स्कूटी पर पानीपत पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ने सिवाह नहर पुल के पास स्कूटी खड़ी की, चप्पलें उतारकर स्कूटी पर रखीं और नहर किनारे पहुंचे। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में बह गए। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। इसराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू कराया। पंडित ने पूजा सामग्री प्रवाहित करने के लिए कहा था पुलिस को दिए बयान में गौरव ने बताया कि उनके माता-पिता को एक पंडित ने पूजा सामग्री पानीपत के पास नहर में प्रवाहित करने के लिए कहा था। इसी कारण दोनों सुबह घर से निकले थे। पूजा सामग्री प्रवाहित करते समय उनका पैर फिसल गया और वे नहर के तेज बहाव में बह गए। गौरव ने बताया कि परिवार में किसी प्रकार का विवाद या आर्थिक परेशानी नहीं थी। कारोबार भी सही चल रहा था। गौरव के अनुसार सोमवार सुबह जब बच्चे सैर के लिए उठे तो घर के बाहर स्कूटी नहीं थी। माता-पिता भी घर पर नहीं मिले। तलाश शुरू की और बाद में सूचना मिली कि उनकी स्कूटी पानीपत में नहर किनारे खड़ी है। इसराना के थाना प्रभारी हरिराम ने कहा कि लोगों को लगा था कि बुजुर्ग दंपती नहर में नहाने के लिए उतरे हैं, लेकिन बाद में परिवार की ओर से पूजा सामग्री प्रवाहित करने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। कमलेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। मुरारी लाल की तलाश जारी है।

जीरकपुर में दर्दनाक हादसा, मनाली-दिल्ली बस अनियंत्रित होकर पलटी; कई यात्री घायल

 जीरकपुर  जीरकपुर। जीरकपुर के छत लाइट चौक के पास वीरवार रेट देर रात 3:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। मनाली से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी एक निजी बस ट्रक की टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। इस दुर्घटना में करीब 20 से 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य को भी चोटें आई हैं। ऐसा हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जब छत लाइट चौक के पास पहुंची तो उसी दौरान जीरकपुर से पटियाला की ओर जा रहे एक ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद बस चालक संतुलन खो बैठा और बस सड़क पर पलट गई। हादसा इतना तेज था कि कई यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जबकि कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए। दुर्घटना का सबसे दर्दनाक पहलू एक युवक के साथ सामने आया, जो बस पलटने के दौरान नीचे दब गया। बताया जा रहा है कि युवक की बाजू बस के नीचे आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और गंभीर रूप से कट गई। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। सड़क सुरक्षा के छह कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत की। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल एंबुलेंस और अन्य वाहनों के जरिए डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। हादसे के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। बस सड़क के बीचों-बीच पलटी होने के कारण करीब दो घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मौके पर पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में हाइड्रा मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सीधा किया गया और सड़क किनारे हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हादसे में बस के अलावा दो ट्रकों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है और जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसा, चंबा में खाई में गिरी कार, 6 की मौत

 चंबा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया. जिसमें छह पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा चंबा जिले के ककीरा क्षेत्र में उस वक्त हुआ, जब गुजरात से आए पर्यटकों का वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा. हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे।  जानकारी के मुताबिक पर्यटक हिमाचल प्रदेश घूमने आए थे और ककीरा क्षेत्र से गुजर रहे थे. इसी दौरान पहाड़ी रास्ते पर एक मोड़ के पास चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा. देखते ही देखते गाड़ी सड़क से नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए।  कुछ घायलों की हालत है गंभीर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंच गई. स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. काफी मशक्कत के बाद घायलों और मृतकों को खाई से बाहर निकाला गया. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है. प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि पहाड़ी रास्ते पर तेज रफ्तार और मोड़ पर संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क मार्ग भी बाधित रहा।  हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है. वहीं, पुलिस ने लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की अपील की है। 

नूंह में भीषण एक्सीडेंट, यूपी पुलिस के 5 जवानों की मौत

नूंह   हरियाणा के नूंह जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर  बड़ा हादसा हो गया, जिसमें यूपी पुलिस के पांच कर्मियों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले पांचों पुलिसकर्मी यूपी के जालौन जिले में तैनात थे। यह घटना धुलावत टोल प्लाजा के पास हुई। पुलिस ने बताया कि पलवल की तरफ से आ रही काली एसयूवी का चालक एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका नियंत्रण बिगड़ गया और वह आगे चल रहे दूसरे वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद एसयूवी पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें अंदर बैठे लोग फंस गए। ताऊरू सदर थाने के प्रभारी शीश राम यादव ने कहा, ''हादसे में मारे गए सभी लोग उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान थे, जो जालौन में तैनात थे। हमने जालौन के एसपी को सूचना दे दी है।''पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि टक्कर की तेज आवाज और धूल के गुबार से सड़क पर घबराहट फैल गई। दूसरे वाहनों ने तुरंत बचाव के लिए ब्रेक लगाए और कुछ समय के लिए ट्रैफिक रुक गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस को एसयूवी से शव निकालने में काफी दिक्कत हुई। पुलिस के अनुसार, वाहन से मिले पहचान पत्र के जरिए मृतकों की पहचान की गई।रेस्क्यू टीम को शव निकालते समय एक पुलिसकर्मी का आईडी कार्ड मिला, जिससे उनकी पहचान सब-इंस्पेक्टर मोहित कुमार यादव के रूप में हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया।पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त एसयूवी को एक्सप्रेसवे से हटाया गया, ताकि ट्रैफिक फिर से सामान्य हो सके।

जालौन में भीषण एक्सीडेंट, 7 की मौत, 3 की हालत नाज़ुक

जालौन जालौन जनपद के कालपी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या सात हो गई है।, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायलों का इलाज जारी है। उरई से गंभीर हालत में कानपुर रेफर किए गए शिवानंद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसा जोल्हुपुर मोड़ के पास हुआ, जहां अयोध्या से उरई लौट रही एक कार चालक को झपकी आने से अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से जा भिड़ी। इस दर्दनाक हादसे से क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, ललितपुर जनपद के महरौनी निवासी शशिकांत तिवारी अपने परिजनों के साथ अयोध्या दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद सभी लोग कार से वापस लौट रहे थे। सोमवार सुबह करीब 6 बजे जैसे ही उनकी कार कालपी क्षेत्र के जोल्हुपुर मोड़ के पास पहुंची, चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सामने चल रहे वाहन से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं शिवानंद की हालत नाजुक होने पर उन्हें कानपुर भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं, उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ घायल करीब एक घंटे तक कार के केबिन में फंसे रहे, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।   हादसे के बाद मची चीख-पुकार कार में कुल 10 लोग सवार थे, जिनमें शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी, अंशुल तिवारी, स्वामी प्रसाद तिवारी, मनोज और देशराज शामिल बताए जा रहे हैं। सभी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 10 मिनट तक मेडिकल कॉलेज के बाहर तड़पते रहे मरीज घायलों को लेकर एम्बुलेंस मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर पहुंची, लेकिन मरीज को उतारने के लिए वहां पर कोई भी वार्ड बॉय नहीं नहीं था। हालत यह रही कि मरीज 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही तड़पते रहे इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मरीजों को बाहर निकाला और इमरजेंसी के अंदर पहुंचा जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।  

तेज रफ्तार कार ने अंबेडकरनगर में मचाई तबाही, 8 लोगों की मौत

 अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर में मानवता दिखाने पहुंचे लोगों पर तेज रफ्तार कार काल बनकर टूटी. जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर घायल बाइक सवारों की मदद कर रहे ग्रामीणों को अनियंत्रित कार ने कुचल दिया. इस हादसे में कुल 8 लोगों की जान चली गई है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा है।  अशरफपुर भुआ गांव के पास  यूपी के अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना हुई. दो बाइकों की टक्कर में घायल हुए लोगों की मदद करने के लिए स्थानीय लोग मौके पर जमा हुए थे. तभी जलालपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने अनियंत्रित होकर भीड़ को रौंद दिया।  हादसे में मौके पर और इलाज के दौरान कुल 8 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।  मदद के दौरान बरपा काल जलालपुर में अकबरपुर मार्ग पर स्थित अशरफपुर भुआ भट्ठे के पास पहले दो मोटरसाइकिलों की आपस में भिड़ंत हुई थी. इस भिड़ंत में दो लोग गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े. आसपास के लोग तुरंत घायलों को अस्पताल भेजने और उनकी मदद करने के लिए सड़क पर इकट्ठा हुए. इसी मानवीय मदद के दौरान पीछे से आ रही कार ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।  अस्पताल में तोड़ा दम हादसे के बाद पुलिस ने घायलों को तत्काल सीएचसी नगपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया. वहीं, दो अन्य गंभीर घायलों को पहले जिला अस्पताल और फिर टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. हालांकि, इलाज के दौरान इन दोनों ने भी दम तोड़ दिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परिजनों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं।