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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम रघुवंशी को SC से राहत, बहस में केतन और सिया पर क्या कहा गया?

इंदौर  इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि सोनम जमानत पर पहले ही रिहा हो चुकी है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मेघालय हाईकोर्ट से मिली जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर गंभीर सवाल उठते हैं, जिनकी आगे सुनवाई की आवश्यकता है। मेघालय सरकार का तर्क- सोनम के फरार होने का खतरा, सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सोनम पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। पहले भी उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं और यह मामला केवल गिरफ्तारी के दौरान हुई एक तकनीकी या क्लेरिकल गलती का नहीं है। मेघालय सरकार का तर्क है कि यदि सोनम बाहर रही तो उसके फरार होने का खतरा बना रहेगा। सोनम रघुवंशी की तरफ से पेश वकील ने कहा कि गिरफ्तारी के समय उन्हें न तो वकील मुहैया कराया गया और न ही गिरफ्तारी के स्पष्ट आधार बताए गए। उनका दावा था कि पुलिस ने सिर्फ एक खाली प्रोफॉर्मा दिया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर यह मुद्दा इतना अहम था तो इसे पहले क्यों नहीं उठाया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जमानत सिर्फ तकनीकी आधार पर दी गई है, तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी से रोकता है? मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मेघालय हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को सही ठहराया गया था। सोनम पर मई 2025 में अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है। हाईकोर्ट से भी राज्य सरकार की अपील खारिज वहीं, मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को शिलांग अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें राजा रघुवंशी मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। अदालत ने राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया था। जस्टिस डब्ल्यू. डिएंगडोह की एकल पीठ ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (न्यायिक) शिलांग के अप्रैल 2026 के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था। इस आदेश में गिरफ्तारी में गंभीर प्रक्रियात्मक खामियां पाए जाने के बाद सोनम को जमानत दी गई थी। हाईकोर्ट ने 10 जून को दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शिलांग कोर्ट ने सोनम को जमानत देते समय कहा था कि जांच अधिकारियों ने गिरफ्तारी के आधार सही तरीके से नहीं बताए, जिससे आरोपी के बचाव के अधिकार पर असर पड़ा। सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा? सोनम रघुवंशी की तरफ से पेश वकील ने कहा कि गिरफ्तारी के समय उन्हें न तो वकील मुहैया कराया गया और न ही गिरफ्तारी के स्पष्ट आधार बताए गए. उनका दावा था कि पुलिस ने सिर्फ एक खाली प्रोफॉर्मा दिया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर यह मुद्दा इतना अहम था तो इसे पहले क्यों नहीं उठाया गया. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जमानत सिर्फ तकनीकी आधार पर दी गई है, तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी से रोकता है? सोनम अगली सुनवाई तक जमानत पर रहेंगी सोनम के वकील ने यह भी दलील दी कि मामले में अब कोई बरामदगी बाकी नहीं है. उन पर पहले से ही सख्त शर्तें लागू हैं और वह शिलॉन्ग में रह रही हैं, इसलिए सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका नहीं है।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह दोनों पक्षों के हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है. अदालत ने यह भी माना कि सोनम लंबे समय से जेल में थीं और कानून का सिद्धांत है कि "जमानत नियम है और जेल अपवाद." हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि मेघालय सरकार की जमानत रद्द करने की मांग पर अंतिम फैसला सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा. फिलहाल सोनम की जमानत बरकरार रहेगी। 

सोनम रघुवंशी की जमानत पर नया मोड़, मेघालय हाईकोर्ट ने किया फैसला स्पष्ट; राजा रघुवंशी का परिवार करेगा चुनौती

 इंदौर मेघालय हाई कोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखने के एक दिन बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है. राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने मंगलवार को कहा कि परिवार जल्द ही सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा।  विपिन रघुवंशी ने कहा कि उन्हें अभियोजन पक्ष की पैरवी से संतुष्टि नहीं है. इसलिए अब उनका परिवार न्याय की लड़ाई अपने दम पर लड़ेगा और इसके लिए निजी वकील नियुक्त करेगा. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मेघालय पुलिस ने गिरफ्तारी के समय सोनम को गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी क्यों नहीं दी. उनके मुताबिक, इसी कानूनी चूक का फायदा सोनम को जमानत मिलने में मिला।  दरअसल, मेघालय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया और सोनम को प्रभावी तरीके से गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए. अदालत ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का उल्लंघन माना।  मेघालय हाईकोर्ट ने साफ की तस्वीर मेघालय हाई कोर्ट ने  ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें सोनम रघुवंशी को ज़मानत दी गई थी. सोनम पर 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या का मुख्य आरोपी होने का आरोप है. जस्टिस डब्ल्यू डिएंगडोह की सिंगल-जज बेंच ने राज्य सरकार की आपराधिक याचिका को खारिज कर दिया. सरकार ने 27 अप्रैल को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत को रद्द करने की मांग की थी।  जस्टिस डिएंगडोह ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार जिस तरह से तैयार किए गए थे, उससे पता चलता है कि उसमें "न्यायिक सोच का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया".  कोर्ट ने कहा कि यह साफ है कि ऐसी तैयारी बिना किसी सोच-विचार के की गई थी और कहीं भी कोई खास आरोप या जानकारी नहीं मिलती. पुलिस स्पष्ट भी नहीं कर सकी कि आखिर सोनम रघुवंशी के खिलाफ असल में क्या आरोप हैं? कोर्ट ने राज्य की याचिका खारिज की कोर्ट ने कहा कि अगर गिरफ्तारी के आधार की जानकारी इस तरह दी जाती है तो यह गिरफ्तारी करने वाली एजेंसी की ओर से न्यायिक सोच के पूरी तरह से इस्तेमाल न किए जाने को दिखाता है. कोर्ट ने राज्य की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उसके पास ज़मानत रद्द करने के लिए अपनी खास शक्तियों का इस्तेमाल करने का कोई आधार नहीं है।  क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को हनीमून मनाने मेघालय गए थे. 23 मई को सोनम के लापता होने की खबर सामने आई, जबकि 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) स्थित एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था।  किसे हई थी सजा? इस मामले में पुलिस ने सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उसके तीन दोस्तों को हत्या की साजिश और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. सोनम करीब 10 महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुई है। 

सोनम रघुवंशी ने तोड़ी चुप्पी, मीडिया से बातचीत में बताईं कई अहम बातें

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी और फिलहाल जमानत पर रिहा सोनम रघुवंशी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया है। मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में सोनम ने साफ कहा कि उसके नेपाल भागने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और लोगों को ऐसी अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय पत्रकारों ने जब उससे सवाल किए तो उसने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया का सम्मान कर रही है और अदालत द्वारा तय सभी शर्तों का पालन कर रही है। इंदौर लौटने को लेकर पूछे गए सवाल पर भी सोनम ने फिलहाल कोई संभावना नहीं जताई और कहा कि अभी उसका वहां जाने का कोई मन नहीं है। लोकेशन बताने से किया इनकार सोनम ने यह जरूर स्वीकार किया कि वह शिलांग में रह रही है, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने ठिकाने की जानकारी साझा करने से मना कर दिया। आर्थिक खर्च और जीवन-यापन से जुड़े सवालों को भी उसने निजी विषय बताते हुए टाल दिया। परिवार के आरोपों पर पलटवार गौरतलब है कि राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने हाल ही में आरोप लगाया था कि सोनम देश छोड़कर नेपाल जा सकती है और मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। अब सोनम ने सामने आकर इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। जमानत पर कानूनी लड़ाई जारी सोनम को निचली अदालत से राहत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। जमानत रद्द कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत का फैसला आना बाकी है। कैसे बना देशभर में चर्चा का विषय यह मामला? राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों मेघालय पहुंचे थे। इसके बाद उनके अचानक लापता होने से सनसनी फैल गई। बाद में राजा का शव मिलने और जांच में कई चौंकाने वाले खुलासों के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर सोनम को भी आरोपी बनाया गया था।

सोनम रघुवंशी को जमानत दिलाने वाली पुलिस की गलती, कोर्ट में सवाल उठे

इंदौर   राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder Case) को एक साल पूरे होने वाले है लेकिन इस हाईप्रोफाइल केस में अभी भी कई ट्विस्ट सामने आ रहे है। इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी और मृतक राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी को कोर्ट ने शर्तों के आधार और 50 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी है। सोनम रघुवंशी के पिता देवी सिंह ने उसकी जमानत कराई। सोनम की जमानत की खबर सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर लोग एक ही सवाल गूंज रहा है- 'आखिर सोनम को जमानत कैसे मिली? बताया जा रहा है कि सोनम रघुवंशी को जमानत शिलॉन्ग पुलिस की एक गलती के कारण मिली है। बता दें कि, इससे पहले सोनम की 3 बार जमानत रद्द हो चुकी है। पुलिस की एक गलती और सोनम को मिली जमानत मिली जानकारी के अनुसार, राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम शिलॉन्ग पुलिस की कमजोर विवेचना के चलते इतने कम समय में जेल से बाहर आने में सफल हुई है। पूर्वी खासी हिल्स जिला न्यायालय ने शिलॉन्ग पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने चालान में धाराएं अलग-अलग लिखी थीं। बताया जा रहा कि यह पुलिस की टाइपिंग मिस्टेक थी। इसके अलावा गिरफ्तारी की प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और ट्रायल में भी देरी की गई। शिलांग के सत्र न्यायालय ने जमानत देते हुए अपनी टिप्पणी में कहा- पुलिस ने गिरफ्तारी का कारण बताने वाला फार्म सही तरीके से नहीं भरा था। कई जगह अलग-अलग धाराएं लिखी गई थीं। ट्रायल में भी पुलिस ने देरी की है। पुलिस ने और कहा कि गलती? जिला कोर्ट ने ये भी पाया कि ,गिरफ्तारी के कारण स्पष्ट नहीं बताए गए हैं। कोर्ट ने पाया कि, आरोपी को गिरफ्तारी के समय जिन धाराओं और तथ्यों के आधार पर पकड़ा गया, उनकी सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। दस्तावेज़ों में भी ये साफ नहीं था कि, किन धाराओं के तहत गिरफ्तारी की गई है, जिससे आरोपी को अपने बचाव का पूरा मौका नहीं मिल गया। बता दें कि, गिरफ्तारी के कारण न बताना संविधान के अनुच्छेद 22 (1) का उल्लंघन माना गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार, ये आरोपी का मौलिक अधिकार है कि उसे तुरंत गिरफ्तारी का कारण बताया जाए। कोर्ट ने पकड़ी एक और बड़ी गलती इसके अलावा जिला कोर्ट ने एक और बड़ी गलती पकड़ी। कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी मौजूद नहीं है जिससे ये पता चल सके की जिस समय सोनम को गाजीपुर कोर्ट ने पेश किया गया तब उसकी तरफ से कोई वकील मौजूद था। कोर्ट ने कहा कि उस समय अगर वकील मौजूद होता तो ये आपत्ति पहले ही उठाई जा सकती थी। इन शर्तों के आधार पर मिली जमानत     सोनम किसी सबूत के साथ छेडख़ानी नहीं करेगी।     हर तारीख पर कोर्ट में उपलब्ध होगी।     कोर्ट के क्षेत्राधिकार (शिलांग से बाहर) से बिना कोर्ट की इजाजत नहीं जा सकेगी।     50 हजार रुपए के बांड कोर्ट में जमा करेगी। क्या है मामला इंदौर के सहकार नगर, कैट रोड निवासी राजा रघुवंशी की 23 मई 2025 को शिलांग के टूरिस्ट प्लेस में हत्या हुई थी। ऑपरेशन हनीमून के तहत स्थानीय पुलिस ने आरोपी सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह, उसके साथी विशाल चौहान, आकाश राजपूत, आनंद कुर्मी सभी निवासी नंदबाग को गिरफ्तार किया था। केस में कई माह से आरोपी जेल में हैं। 

शूर्पणखा पुतला दहन में सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा जोड़ा, इंदौर में लोगों का फूटा गुस्सा

इंदौर  इंदौर के महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दशहरे के अवसर पर आयोजित होने वाले शूर्पणखा पुतला दहन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. रघुवंशी समाज ने इस आयोजन का जोरदार विरोध करते हुए बुधवार को विजयनगर थाने और जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा. रघुवंशी समाज का आरोप है कि आयोजन में शूर्पणखा के पुतले पर सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा दर्शाना न केवल गलत है, बल्कि पूरे समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है. नाम और चेहरे के इस्तेमाल का विरोध समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुराई का प्रतीक दर्शाने के लिए किसी व्यक्ति विशेष या जाति का नाम जोड़ना समाज विरोधी है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस आयोजन से सोनम रघुवंशी का नाम नहीं हटाया गया, तो कार्यक्रम पूरी तरह से निरस्त किया जाए, अन्यथा समाज व्यापक आंदोलन करेगा. जिला अध्यक्ष पिंकी रघुवंशी ने कहा कि इस तरह का आयोजन महिला समाज का अपमान है और यह न केवल अवैधानिक बल्कि समाज विरोधी भी है. उनका कहना था कि जिन महिलाओं को इस आयोजन में शूर्पनखा के चेहरे के रूप में दर्शाया जा रहा है, वो केवल आरोपी हैं और उनके प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं. ऐसे में दोष सिद्ध किए बिना उनका नाम इस प्रकार से जोड़ना गलत है. रघुवंशी समाज को बदनाम करने की साजिश: प्रदर्शनकारी वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाशंकर रघुवंशी ने आरोप लगाया कि संस्था जानबूझकर केवल 11 हिंदू महिलाओं को निशाना बना रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब अपराध पुरुष और महिलाएं दोनों करते हैं, तो केवल महिलाओं को क्यों चुना जा रहा है. उनके अनुसार, अखबारों और सोशल मीडिया पर इस आयोजन का प्रचार कर समाज और अन्य समुदायों की छवि धूमिल की जा रही है. सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी ने भी इसे परिवार और समाज की प्रतिष्ठा पर हमला करार दिया. उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए. फिलहाल, जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है. रघुवंशी समाज के बढ़ते विरोध को देखते हुए यह आयोजन रद्द होगा या संशोधित, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं.  

शिलॉन्ग जेल की कैदी सोनम रघुवंशी ने की दो खास लोगों से मुलाकात की मांग

इंदौर  इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी इन दिनों शिलॉन्ग जेल में बंद हैं। मेघालय पुलिस ने उन्हें अपने पति राजा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में सनसनी मचा दी है। लेकिन अब जेल में सोनम की कुछ गतिविधियां सुर्खियां बटोर रही हैं। खबर है कि सोनम ने जेल में सिर्फ दो लोगों से मिलने की इच्छा जाहिर की है। आखिर कौन हैं ये दो लोग और क्या है इस मुलाकात के पीछे का राज? सिर्फ पिता और भाई से मिलने की इच्छा सूत्रों के मुताबिक, सोनम ने जेल में अपने परिवार के सिर्फ दो सदस्यों अपने पिता और भाई गोविंद रघुवंशी से मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने साफ तौर पर जेल प्रशासन से कहा है कि वह किसी और से नहीं, बल्कि इन दोनों से ही मुलाकात करना चाहती हैं। इतना ही नहीं, सोनम को जेल से सप्ताह में एक बार फोन करने की इजाजत मिली है और उन्होंने अब तक तीन बार अपने परिवार से बात की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि फोन पर उनकी बातचीत का विषय क्या था, लेकिन यह जरूर चर्चा में है कि सोनम ने सबसे दूरी बनाते हुए सिर्फ इन दो लोगों पर भरोसा जताया है। भाई गोविंद ने दी सफाई सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनकी बहन से अभी तक उनकी कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम का जेल से घर पर फोन करने की बात महज अफवाह है। गोविंद ने बताया कि वह और उनके पिता जल्द से जल्द सोनम से मिलना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने शिलॉन्ग पुलिस को आवेदन भी दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। गोविंद का कहना है कि वह अपनी बहन का पक्ष जानना चाहते हैं, लेकिन क्या यह मुलाकात कोई नया खुलासा करेगी? जेल में सोनम की जिंदगी शिलॉन्ग जेल में सोनम को अन्य 20 महिला कैदियों के साथ रखा गया है। वह इस जेल की दूसरी ऐसी महिला कैदी हैं, जिन्हें हत्या के मामले में बंद किया गया है। जेल में उनकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हैं, और उन्हें वार्डन की निगहबानी में रखा गया है। सप्ताह में तीन बार फोन करने की अनुमति के साथ सोनम ने अपने परिवार से संपर्क बनाए रखा है। लेकिन उनकी यह जिद कि वह सिर्फ पिता और भाई से ही मिलेंगी, कई सवाल खड़े कर रही है। क्या वह अपने परिवार के जरिए कोई रणनीति बना रही हैं, या यह सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव है? हत्याकांड में नए मोड़ राजा रघुवंशी हत्याकांड में हाल ही में कई अपडेट्स सामने आए हैं। सोनम के दो मददगारों लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को शिलॉन्ग की अदालत ने जमानत दे दी है। लोकेंद्र उस फ्लैट के मालिक हैं, जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी, जबकि बलबीर उसी बिल्डिंग का सिक्योरिटी गार्ड था। दोनों पर सबूतों से छेड़छाड़ और सोनम को छिपाने में मदद करने का आरोप था। लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली, क्योंकि उनके खिलाफ लगाए गए अपराध जमानती थे। क्या इन जमानतों से सोनम के केस पर कोई असर पड़ेगा?

भाई गोविंद ने सोनम के गहने राजा के परिवार को लौटाए

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलांग जेल में बंद सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे सभी हैरान हैं। गोविंद ने राजा के परिवार को करीब 16 लाख रुपये के गहने वापस लौटा दिए हैं जो उन्होंने शादी के दौरान सोनम को दिए थे। राजा के परिवार की ओर से सोनम को दिया गया मंगलसूत्र और एक अंगूठी अभी शिलांग पुलिस के पास ही है। उधर अंगूठी, चूडियां और सोने का हार राजा के परिवार को वापस कर दिया गया है, जो उन्होंने शादी के दौरान अलग-अलग रस्मों में सोनम को दिया था। राजा को गिफ्ट और कैश दिया था वो वापस नहीं लेंगे गोविंद रघुवंशी ने राजेंद्र नगर पुलिस थाने के जरिए यह सारे गहने राजा के परिवार को वापस सौंद दिए हैं। उसका कहना है कि इस पर उनका कोई हक नहीं है, ये राजा के परिवार द्वारा ही दिए गए थे, तो उन्हें ही वापस लौटा दिए। उधर सोनम के परिवार की ओर से राजा को जो गिफ्ट और कैश दिया गया था उसे उन्होंने वापस लेने से इन्कार कर दिया है। सोनम के पिता के अनुसार हमने कन्यादान किया है, इसलिए दी हुई चीजें वापस नहीं लेंगे। जानकारी के मुताबिक सोनम रघुवंशी शिलांग जाने से पहले सारे गहने मायके में ही रख गई थी। वह केवल मंगलसूत्र और अंगूठी को अपने साथ में ले गई थी। गोंविद घर में रखे सोनम के गहने लेकर राजेंद्र नगर थाने पहुंचा और उसने पुलिस के जरिए इसे राजा के परिवार को वापस लौटाने की बात कही। शिलांग पुलिस को सोनम के पास मिले थे दो मंगलसूत्र राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच के दौरान शिलांग पुलिस को सोनम रघुवंशी के पास से दो मंगलसूत्र मिले थे। इनमें से एक राजा के परिवार द्वारा दिया गया है। वहीं दूसरा मंगलसूत्र किसने दिया यह खुलासा नहीं हो पाया है। उधर इस मामले में राजा के परिवार को आशंका है कि सोनम ने हत्याकांड के बाद इंदौर में आकर राज कुशवाह के साथ शादी कर ली थी। राज ने ही सोनम को दूसरा मंगलसूत्र पहनाया होगा। सोनम से मिलने जाएगा भाई गोविंद गोविंद रघुवंशी का कहना है कि वह एक बार अपनी बहन से मिलना चाहता है। राजा हत्याकांड में जब जांच पूरी हो जाएगी तब वह शिलांग जाकर सोनम से जेल में मिलेगा। अगर उसे लगता है कि सोनम निर्दोष है तो वह अपनी बहन को बचाने के लिए वकील हायर करेगा। गोविंद का कहना है कि अगर सोनम दोषी है तो उसे सजा होनी चाहिए।

जेल में सोनम रघुवंशी को कॉल की छूट, तीन बार किसे किया फोन? जानिए पूरा मामला

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में शिलांग जेल में बंद सोनम रघुवंशी को हफ्ते में एक बार फोन करने की छूट मिली है। जानकारी के मुताबिक अब तक वो जेल से तीन बार कॉल कर चुकी हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उसने अपने परिवार से बात की। माना जा रहा है कि उसने माता-पिता से बात की है, लेकिन उसने भाई गोविंद के साथ बात की है या नहीं इसका खुलासा नहीं हो पाया है। गौरतलब है कि सोनम का भाई गोविंद ने पिछले दिनों कहा था कि जब पुलिस की जांच पूरी हो जाएगी तब वह अपनी बहन से मिलने शिलांग जाएगा। वह उससे बात करने के बाद ही यह फैसला लेगा कि उसे बहन को बचाने के लिए किसी वकील को हायर करना है या नहीं। गोविंद ने पहले कहा था कि उसे लगातार वकीलों के फोन आ रहे हैं, लेकिन अब तक उसने सभी से कुछ दिन और रुकने की बात कही है। सोनम ने अपने परिवार से कॉल पर क्या बात की, इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है। इस बारे में सोनम के परिवार वालों ने भी कोई जानकारी नहीं दी है। सोनम को हफ्ते में एक बार कॉल करने की अनुमति मिली है, इस दौरान वो तीन बार कॉल कर चुकी है। राजा रघुवंशी हत्याकांड के मामले में शिलांग जेल में सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत बंद हैं। उधर राजा के परिवार के लोग लगातार सोनम और उसके प्रेमी राज का नार्को टेस्ट करवाने की मांग कर रहे हैं। राजा के भाई विपिन ने कहा है कि वो वकीलों के जरिए मेघालय कोर्ट में अर्जी लगाकर आरोपियों के नार्को टेस्ट कराने की मांग करेंगे। उनका मानना है कि अभी तक राजा की हत्या की सही वजह सामने नहीं आई है। 23 मई को हुई थी हत्या आरोप के मुताबिक राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी शादी के बाद मेघालय के शिलांग घूमने पहुंचे थे। यहां पहले से सोनम के प्रेमी राज कुशवाह ने अपने तीन दोस्तों विशाल, आकाश और आनंद को शिलांग भेज दिया था। सोनम राजा को सुनसान पहाड़ी इलाके पर ले गई और वहां पर राज के दोस्तों ने राजा की हत्या कर दी और फिर लाश को खाई में फेंक दिया।