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कबाड़ गोदाम में लगी आग से हड़कंप, हाईवे जाम; भारी आर्थिक नुकसान

अजमेर अजमेर जिले के बांदरसिंदरी से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर कल रात बड़ा हादसा टल गया, जब बड़गांव के समीप होटल सुप्रीमो के पीछे स्थित एक कबाड़ गोदाम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देर रात लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोदाम से उठती तेज लपटें और काला धुआं दूर हाईवे से भी साफ दिखाई दे रहा था, जिससे हाईवे पर गुजर रहे वाहन चालक भी दहशत में आ गए। स्थानीय लोगों ने आग और धुएं को देख तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना पर किशनगढ़ से दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। आग इतनी भीषण थी कि दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सिटी फायर टीम के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में कबाड़, प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। आग ने देखते ही देखते गोदाम में रखे हजारों रुपए के सामान को जलाकर राख कर दिया। आग बुझाने के दौरान छोटे-छोटे विस्फोट भी सुनाई दिए, जिनकी वजह गोदाम में रखी ज्वलनशील वस्तुएं बताई जा रही हैं। कड़ी मेहनत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया, जिससे आग आसपास के घरों और दुकानों तक फैलने से बच गई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों को कुछ समय के लिए बाहर निकलना पड़ा। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, हालांकि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य अनजाने कारण की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आगजनी के कारणों की विस्तृत जांच में जुटे हैं। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और गोदामों में ज्वलनशील सामग्री के उचित प्रबंधन की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

सड़क दुर्घटना में बड़ी जनहानि: श्रद्धालुओं से भरा टेंपो ट्रक से भिड़ा, छह की मौत

जोधपुर जोधपुर-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बालेसर थाना क्षेत्र में रामदेवरा दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरा टेंपो सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से जा भिड़ा। भीषण टक्कर में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार एमडीएम अस्पताल, जोधपुर में चल रहा है। मृतक और घायल सभी गुजरात के साबरकांठा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसा सुबह करीब 5:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-125 पर खारी बेरी गांव के पास हुआ। बालेसर थाना प्रभारी मूल सिंह भाटी ने बताया कि बाजरे की बोरियों से भरा ट्रक तेज गति में अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे टेंपो से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया, जबकि ट्रक भी आगे जाकर पलट गया। टेंपो में आगे बैठे महेंद्र ने बताया कि सभी श्रद्धालु गुजरात के साबरकांठा जिले से रामदेवरा के दर्शन के लिए निकले थे। हादसे के बाद तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो ने जोधपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दुर्घटना के तुरंत बाद हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने अपने वाहन रोककर घायलों की मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। बालेसर, आगोलाई और हाईवे सेवा की तीन एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को पहले बालेसर सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जोधपुर रेफर किया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को बालेसर सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया है और ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद स्थल पर चीख-पुकार मच गई थी, और आसपास के वाहन चालकों ने भी बचाव कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फिलहाल हादसे की जांच जारी है।  

राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज परीक्षा का बिगुल फूंका, 16 नवंबर को होगी परीक्षा

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एसटीएसई) 2025 का आयोजन 16 नंवबर रविवार को पूरे प्रदेश में किया जाएगा। इस परीक्षा को लेकर बोर्ड की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। प्रदेश के सभी 41 जिलों में परीक्षा केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं और संबंधित केंद्रों पर आवश्यक सामग्री एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। दो पारी में होगी परीक्षा बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि एसटीएसई परीक्षा कक्षा 10 और कक्षा 12 के मेधावी विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा कल रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही पारी में संपन्न होगी। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों के ऑनलाइन प्रवेश-पत्र तथा परीक्षा केंद्रों के लिए आवश्यक केंद्र सामग्री बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। सचिव राठौड़ के अनुसार, संस्था प्रधान अपने पूर्व प्रदत्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड की सहायता से प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराएंगे। वहीं, केंद्र अधीक्षक भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक केंद्र सामग्री डाउनलोड कर सकते हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में डाउनलोड की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नियंत्रण कक्ष से पैनी नजर परीक्षा की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु बोर्ड कार्यालय में नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया गया है, जो 15 और 16 नवंबर को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सक्रिय रहेगा। प्रवेश-पत्र या केंद्र सामग्री डाउनलोड से संबंधित किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए परीक्षा केंद्रों को विशेष दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं। ऑनलाइन सामग्री डाउनलोड संबंधी सहायता के लिए ए.सी.पी. से 0145-2632865 और 0145-2627454 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं अन्य परीक्षा-संबंधी सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0145-2632866, 2632867 और 2632868 उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा परीक्षार्थी एवं परीक्षा केंद्र उप निदेशक (परीक्षा-1) से 0145-2425770 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर राजस्थान बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों को समय पर परीक्षा सामग्री वितरण, सुरक्षा प्रबंध, निगरानी एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड का कहना है कि इस परीक्षा से राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।

बिहार चुनाव परिणाम पर शेखावत का बयान—‘जनता ने सच का साथ दिया’

जोधपुर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों, जम्मू-कश्मीर विस्फोट और अंता उपचुनाव सहित कई मुद्दों पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के सभी घटक दलों ने इस चुनाव में मजबूत एकजुटता का परिचय दिया और सामूहिक संगठन शक्ति का उपयोग करते हुए चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार के चुनाव में मुख्य मुकाबला ‘जंगल राज बनाम विकास’ के बीच था, और जनता ने जब चुनाव का समय आया, तो प्रचंड बहुमत देकर यह संदेश दिया कि अब देश की राजनीति का मुख्य आधार केवल और केवल विकास होगा। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि झूठे नैरेटिव गढ़कर, वोट चोरी जैसे अर्थहीन और आधारहीन आरोप लगाकर, संवैधानिक संस्थाओं पर लांछन लगाने वालों को जनता ने इस चुनाव में सख्त संदेश दिया है। शेखावत ने कहा कि देश में कई बार जनता ने सरकार बदलने के लिए घर से बाहर निकलकर अधिक मतदान किया, लेकिन इस बार जनता ने नकारात्मक और झूठ की राजनीति का जवाब देने के लिए लगभग 10% अधिक मतदान किया और एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद के नेताओं ने चुनाव को हल्के स्तर पर ले जाने की कोशिश की। माननीय प्रधानमंत्री की माता जी से लेकर छठ मैया तक को उन्होंने नहीं बख्शा। बिहार की जनता ने इनके मुंह पर तमाचा मारकर जवाब दिया है। उन्होंने दावा किया कि जो दल सरकार बनाने की बातें कर रहे थे, वे दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए। शेखावत ने आगे कहा कि एनडीए के सभी घटक दल भाजपा, जदयू, लोजपा और जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ ने एक-दूसरे का समर्थन करते हुए 80 से 90% स्ट्राइक रेट हासिल किया। आतंकवाद पर सरकार का जीरो टॉलरेंस जम्मू-कश्मीर में हुए विस्फोट पर प्रतिक्रिया देते हुए शेखावत ने कहा कि अभी तक पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दिल्ली हादसे से पहले ही सभी एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उससे पहले 2900 किलो विस्फोटक की बरामदगी ने एक बड़े नुकसान को टाल दिया। शेखावत ने कहा, “सरकार का संकल्प है कि आतंकवाद के प्रति हमारा जीरो टॉलरेंस है। ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाले, चाहे देश के भीतर हों या बाहर, उन्हें निश्तेनाबूत किया जाएगा।” अंता उपचुनाव पर कही ये बात अंता उपचुनाव पर शेखावत ने कहा कि उपचुनाव कई मुद्दों से जुड़े होते हैं और इन्हें सामान्य चुनाव की तरह नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि अंता सीट ज्यादातर समय भाजपा के पास रही है, लेकिन जो भी कारण रहे हैं, वह आत्म अवलोकन का विषय है। शेखावत ने कहा, “हम सभी इस पर विचार करेंगे और आगे इस बात पर काम करेंगे कि भाजपा सरकार की नीतियों का प्रभाव देश की जनता के हृदय तक पहुँचे।”  

डीएम–MLA विवाद: श्रीगंगानगर में बैठक दौरान नोकझोंक, तमीज और डेकोरम पर टकराव

  श्रीगंगानगर राजस्थान में श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहाणी और जिला कलेक्टर डॉ. मंजू के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विधायक बिहानी ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि आपको बोलने की तमीज़ नहीं है, डेकोरम समझिए। आपको पता नहीं है कि MLA क्या होता है। क्या आपको डेकोरम सिखाना पड़ेगा? दरअसल, बीते दिन पटेल जयंती कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पद यात्रा में डीएम के देरी से पहुंचने पर विधायक बिहाणी आक्रोशित हो गए और मंच पर ही कलेक्टर से बहस हो गई। चर्चा में छाई ये बहस नेताओं और अफसरों के बीच बहस की घटना श्रीगंगानगर में चर्चा में बनी हुई है।  विधायक  और कलेक्टर डॉ. मंजू के बीच तीखी नोकझोंक का पूरा मामला प्रोटोकॉल को लेकर था। विधायक का आरोप है कि उन्हें कार्यक्रम में सम्मान नहीं मिला। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई। आरोप: स्वागत के लिए कोई अफसर वहां मौजूद नहीं था दरअसल, सरदार पटेल जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय पद यात्रा कार्यक्रम श्रीगंगानगर में आयोजित किया गया था। इसमें DM देरी से पहुंचीं, इस पर विधायक बिहाणी नाराज हो गए। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मंच से समझाइश दी। विधायक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इतना ही नहीं, विधायक जयदीप बिहाणी का आरोप है कि प्रोटोकॉल के अनुसार उनके स्वागत के लिए कोई अफसर वहां मौजूद नहीं था। कार्यक्रम में उनके सम्मान के अनुरूप व्यवस्था नहीं की गई थी। उनकी जानबूझकर उपेक्षा की गई। इस पूरे मामले में विधायक जयदीप बिहाणी ने एडीएम सुभाष चंद्र और कलेक्टर डॉ. मंजू को डेकोरम बनाए रखने की बात भी कही। अब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

सर्द हवाओं से कांपा राजस्थान; रातें ठंडी, दिन में मिल रही सुहानी धूप

जयपुर राजस्थान में सर्दी का दौर लगातार बना हुआ है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हो रहा है, जिससे सुबह और शाम ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि दिन में खिली धूप से लोगों को राहत मिल रही है और मौसम सुहावना बना हुआ है।गुरुवार को प्रदेश में सबसे ठंडा दिन सिरोही में रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान 24°C से भी नीचे रहा। शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान लगातार 10°C से नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहेगा और न्यूनतम तापमान में करीब 2°C की और गिरावट होने की संभावना है। गुरुवार को सबसे ठंडी रात सीकर के फतेहपुर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 7°C रिकॉर्ड हुआ। बारां में 9.8°C, चूरू 9.7°C, सीकर 9.4°C, पिलानी 9.8°C और नागौर 8.1°C दर्ज हुआ। वहीं वनस्थली, अलवर, करौली, झुंझुनूं सहित कई शहरों में तापमान 10–15°C के बीच रहा। दोपहर के तापमान में भी उतार-चढ़ाव दिखा, लेकिन ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 27°C से 31°C के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान 33.3°C रहा, जबकि जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू और जयपुर में भी 28–31°C के आसपास तापमान रहा। राज्य में सुबह-शाम की ठिठुरन और दिन की धूप के बीच ठंड का यह मिश्रित मिज़ाज अगले कुछ दिन और देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों में प्रदेश का तापमान इस प्रकार रहा: अजमेर 28.6 / 11.8, भीलवाड़ा 29.8 / 12.4, वनस्थली (टोंक) 29.8 / 10.5, अलवर 27 / 10.8, जयपुर 29 / 14.4, पिलानी 28.5 / 9.8, सीकर 27 / 9.4, कोटा 29 / 14.6, उदयपुर 28 / 12.2, बाड़मेर 33.3 / 17.7, जैसलमेर 30.3 / 14.6, जोधपुर 30.8 / 12.7, बीकानेर 29.8 / 14.2, चूरू 29.3 / 9.7, गंगानगर 28.9 / 11.5 ,नागौर 30 / 8.1, बारां 28.8 / 9.8, जालौर 30.5 / 11.5 ,सिरोही 23.4 / 8.4,  फतेहपुर 28.1 / 7, करौली 27.9 / 10, दौसा 29.8 / 15.9, प्रतापगढ़ 28.1 / 13.6 व  झुंझुनूं में 27.9 / 10.4 रहा।

घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा ‘राह वीर’ अवॉर्ड, सरकार देगी 25 हजार व सम्मान पत्र

 सिरोही सिरोही जिला परिवहन अधिकारी रामेश्वर प्रसाद वैष्णव ने बताया कि योजना अंतर्गत राह वीर को 25 हजार रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। व्यक्तिगत मामलों में पुरस्कार के अतिरिक्त, सर्वाधिक योग्य राह वीरों (जिनका चयन पूरे वर्ष के दौरान सम्मानित किए गए लोगों में से किया जाएगा) के लिए हर साल 10 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार दिए जाएंगे और प्रत्येक को 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वैष्णव के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए आमजन को प्रेरित व प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही, इस माध्यम से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि गोल्डन ऑवर (गंभीर चोट के बाद एक घंटे की अवधि) के दौरान पीड़ितों की जान बचाई जा सके। उन्होंने आमजन से सड़क हादसों में घायलों को बचाने के लिए तत्परता से सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया है। कौन होगा राह वीर जिला परिवहन अधिकारी वैष्णव के अनुसार, राह वीर वह व्यक्ति है जो सद्भावपूर्वक, स्वेच्छा से तथा बिना किसी पुरस्कार या मुआवजे की अपेक्षा के दुर्घटना स्थल पर पीड़ित को आपातकालीन चिकित्सा देखभाल या सहायता प्रदान करता है तथा पीड़ित को अस्पताल पहुंचाता है। राह वीर मोटर वाहन से संबंधित दुर्घटना के पीड़ित को हुई किसी भी चोट या मृत्यु के लिए सिविल या आपराधिक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने रोडवेज भर्ती विस्तार को लेकर उप मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

बाड़मेर बाड़मेर जिले के शिव से निर्दलीय विधायक विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा को पत्र लिखाकर राजस्थान रोडवेज में चालक-परिचालक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग उठाई। बाड़मेर जिले शिव से विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) में परिचालक भर्ती के पदों में वृद्धि की मांग को लेकर उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा को पत्र लिखा है। विधायक भाटी ने पत्र में उल्लेख किया कि पिछले 12 वर्षों में राजस्थान रोडवेज में भर्ती प्रक्रियाएं लगभग ठप रहीं। जिससे विभाग की कार्यक्षमता और सेवा प्रणाली पर गहरा प्रभाव पड़ा है। भाटी ने लिखा है कि वर्ष 2013 के बाद से नियमित भर्ती न होने के कारण विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी हो चुकी है। वर्तमान में लगभग 11 हजार पद रिक्त हैं, जबकि हाल ही में घोषित भर्ती केवल 500 पदों तक सीमित हैं। इस स्थिति से यात्रियों की सुरक्षा, सेवा समयबद्धता और राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रोडवेज में चालक और परिचालकों की कमी के चलते बसों का संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है, जिससे निगम को प्रतिवर्ष लगभग 1.50 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर का नुकसान झेलना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार रोडवेज का घाटा अब 45 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। विधायक भाटी ने कहा कि विभाग ने पिछले पांच वर्षों में मात्र 722 नियुक्तियां की हैं, जो अपर्याप्त हैं। उन्होंने मांग की कि परिचालक भर्ती के पदों की संख्या 500 से बढ़ाकर उपयुक्त स्तर तक की जाए तथा भर्ती प्रक्रिया को हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित किया जाए। भाटी ने कहा कि यह कदम न केवल रोडवेज के घाटे को कम करेगा, बल्कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी लिखा कि नियमित भर्ती से सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

अंता में कांग्रेस का धमाकेदार जीत, भाजपा तीसरे स्थान पर खिसकी

जयपुर अंता के नतीजों ने सियासत की उस तस्वीर को बदल दिया है जिसमें बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन के प्रचार में सीएम भजनलाल शर्मा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे एक साथ चुनावी रथ पर नजर आ रहे थे क्योंकि अंता का गढ़ आखिरकार कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने जीत लिया। इन परिणामों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात रही निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा और भाजपा की जीत का अंतर, इसने भाजपा को लगभग तीसरे नंबर पर ही धकेल दिया था। बीजेपी के हाथ से न सिर्फ अंता सीट छिन गई बल्कि सत्ता और संगठन की पूरी ताकत झोंकने के बावजूद बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन 15 राउंड तक तीसरे नंबर पर रहे। विजयी प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने अंता से तीसरा चुनाव जीता है, इससे पहले वे 2008 और 2018 में भी अंता से विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। बीजेपी ने अंता सीट जीतने के लिए सीएम भजनलाल शर्मा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सहित अपनी पूरी टीम को मैदान में उतार दिया था। सीएम भजनलाल शर्मा ने यहां दो बार रोड शो भी किए थे लेकिन इसके बावजूद बीजेपी के प्रदर्शन ने यहां उसके समर्थकों निराश किया। प्रमोद जैन भाया ने पोस्टल बैलेट राउंट से ही अपनी बढ़त यहां बरकरार रखी थी। इसके बाद ईवीएम की गणना में शुरुआती दो राउंड को छोड़कर वे शेष सभी राउंड्स में लगभग बढ़त बनाए रहे। अंता में जीत-हार से विधानसभा में सियासी समीकरणों पर भले कोई अंतर नहीं आ रहा है लेकिन इसके सियासी असर बहुत गहरे होंगे। विधानसभावार आंकड़े देखें तो मौजूदा समय में राजस्थान विधानसभा में 199 विधायकों में से 118 बीजेपी के 66 कांग्रेस के व शेष अन्य दलों के हैं। अंता की सीट जीतने से कांग्रेस की संख्या बढ़कर 67 हो जाएगी। अंता विधानसभा सीट झालवाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र में आती है। यह क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गढ़ माना जाता है और यहां से उनके बेटे दुष्यंत सिंह सांसद हैं। इस कारण इस उपचुनाव का राजनीतिक महत्व काफी ज्यादा है। बीजेपी ने यहां वसुंधरा राजे को फ्रंट फुट पर रखा और उन्हें सीएम भजनलाल शर्मा के साथ प्रचार में लगाए रखा। एक मैसेज देने की कोशिश की गई कि बीजेपी ने अंता के लिए सभी तरह के मतभेद भुला लिए और पार्टी पूरी तरह एकजुट है लेकिन जिस तरह के नतीजे आए हैं उसने अब सरकार और संगठन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेपी सिर्फ हारी ही नहीं बल्कि निर्दलीय नरेश मीणा ने भी बीजेपी को कड़ी टक्कर दी है। नरेश शुरुआती 15 राउंड्स तक बीजेपी से आगे रहे और बीजेपी तीसरे पायदान पर रही, जबकि यहां प्रचार के लिए बीजेपी ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। नरेश ने क्या बदला अंता में अब तक हुए चार चुनावों में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही रहा। इसमें दो बार बीजेपी जीती और दो बार कांग्रेस। इस बार यहां 5वां चुनाव था। इन 5 मुकाबलों में बीजेपी ने अपने चेहरे 4 बार बदले लेकिन कांग्रेस ने हर बार यहां भाया पर ही दांव लगाया। इसकी वजह भी अब नतीजों से समझ आने लगी है। प्रमोद जैन भाया यहां अपने आप में एक क्षत्रप हैं, जिस तरह से उन्होंने इलेक्शन का मैनेजमेंट किया वह चौंकाने वाला रहा लेकिन नरेश मीणा ने यहां पहली बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। वोटों की गिनती शुरू होने से पहले यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला माना जा रहा था लेकिन नरेश ने सभी को चौंकाते हुए मुकाबले को रोचक बना दिया। नेताओं की प्रतिक्रिया पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत :  अंता उपचुनाव में कांग्रेस को विजय दिलाने के लिए मैं सभी मतदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और नवनिर्वाचित विधायक प्रमोद जैन भाया को हार्दिक बधाई देता हूं। अंता की जीत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आमजन का विश्वास एक बार फिर मजबूत किया है। भाजपा सरकार पिछले दो वर्षों की अपनी एक भी ठोस उपलब्धि बताने में नाकाम रही है। हमारी लोकप्रिय जनहितकारी योजनाओं को कमजोर करने के कारण आम आदमी बेहद परेशान है और यह परिणाम कांग्रेस सरकार द्वारा पूर्व में चलाई गई योजनाओं पर जनता की मुहर है।  इस परिणाम से लगता है कि मात्र दो वर्षों में ही सरकार पर एंटी-इंकंबेंसी हावी हो गई है और यह सरकार अपने लिटमस टेस्ट में फेल साबित हुई है। कांग्रेस के सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अंता में की गई मेहनत के लिए धन्यवाद देता हूं। अंता के नतीजों पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि वे जनता के आदेश को स्वीकार करते हैं। वहीं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भाया को जीत की बधाई दी। कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की पत्नी और बारां जिला प्रमुख उर्मिला जैन समर्थकों के बीच पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पूरा बारां उनका परिवार है और जहां परिवार होता है, वहां किसी तरह की प्रतिद्वंद्विता नहीं रहती। जनता ने इस चुनाव में कांग्रेस और भाया पर अपना भरोसा जताया है। उर्मिला जैन ने आगे कहा कि उन्होंने ऐसा चुनाव पहले कभी नहीं देखा। लोकतंत्र में चुनाव होते रहते हैं लेकिन इस बार उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत करने की पहल: सीएम ने फायर सेफ्टी के लिए 30 नए अधिकारी पद स्वीकृत किए

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के बड़े अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित 30 नए अग्नि सुरक्षा अधिकारी पदों को वित्त विभाग से स्वीकृति मिल गई है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में स्थायी फायर सेफ्टी अधिकारी तैनात रहेंगे, जिससे मरीजों और आमजन को अधिक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने इस निर्णय को सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर उन्नयन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी के तहत अस्पतालों में स्थायी अग्नि सुरक्षा ढाँचा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में हर वर्ष लगभग 4 करोड़ मरीज ओपीडी सेवाएँ प्राप्त करते हैं। इन अस्पतालों में करीब 42,000 इनडोर बेड, प्रतिदिन 12,500 मेडिकल गैस सिलेंडर का उपयोग और 60,000 से अधिक चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में फायर सेफ्टी विशेषज्ञों की नियुक्ति अत्यावश्यक है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार के इस फैसले के तहत 6 पद पे लेवल-11 और 24 पद पे लेवल-8 पर स्वीकृत किए गए हैं। ये अधिकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा की देखरेख, नियमित फायर ऑडिट, मासिक मॉक ड्रिल, आईसीयू और ऑक्सीजन सिस्टम की निगरानी, फायर अलार्म व स्प्रिंकलर सिस्टम के रखरखाव और आपात स्थिति में राहत कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगे। शासन सचिव ने यह भी बताया कि भर्ती प्रक्रिया 15 दिसंबर 2025 तक प्रारंभ की जाएगी। चयनित अधिकारियों को एनआईएफएसए (NIFSA) और एडीआरएफ (ADRF) जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं से विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल कर्मियों और मेडिकल छात्रों के लिए अग्नि सुरक्षा जागरूकता मॉड्यूल भी तैयार किया जाएगा, ताकि फायर सेफ्टी संस्कृति को संस्थागत रूप दिया जा सके। अतिरिक्त निदेशक नरेश गोयल ने इस कदम को राज्य में आपदा प्रबंधन की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इससे अस्पतालों में एक एकीकृत फायर सेफ्टी मॉडल विकसित होगा, जो न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि राजस्थान को ‘सुरक्षित अस्पताल एवं सुरक्षित जीवन’ की दिशा में देश का अग्रणी राज्य बनाएगा।