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राजस्थान में ED ने ठगी की 15.97 करोड़ रुपए की संपत्ति की कुर्क

जयपुर. बहुचर्चित अपेक्षा समूह चिटफंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), जयपुर आंचलिक कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत 15.97 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। कुर्क की गई संपत्तियों में कुल 37 अचल संपत्तियां और 1.50 करोड़ रुपए की एक चल संपत्ति शामिल है। कुर्क की गई 37 अचल संपत्तियां कृषि और आवासीय भूमि के रूप में हैं, जो बूंदी, बारां और कोटा जिलों में स्थित हैं। ये संपत्तियां मुरली मनोहर नामदेव, दुर्गाशंकर मेरोठा, अनिल कुमार, गिरिराज नायक, शोभा रानी सहित अन्य आरोपियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा समूह से संबंधित 1.50 करोड़ रुपए के बैंक खाते को भी कुर्क किया गया है। यह कार्रवाई 22 जनवरी को की गई। ये था पूरा मामला यह पूरा मामला वर्ष 2012 से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया कि अपेक्षा समूह ने वर्ष 2012 से 2020 के बीच निवेशकों को असाधारण और अव्यावहारिक लाभ का लालच देकर करीब 194.76 करोड़ रुपए की राशि एकत्र की। समूह का मुख्य संचालन कोटा से किया जा रहा था और इसकी गतिविधियां राजस्थान के कई जिलों तक फैली हुई थीं। पुलिस की ओर से मुरली मनोहर नामदेव और अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने इस प्रकरण में जांच शुरू की। ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने आपराधिक और दुर्भावनापूर्ण इरादे से ऐसी योजनाएं तैयार कीं, जिनका उद्देश्य केवल भोले-भाले और आर्थिक रूप से कमजोर निवेशकों को फंसाना था। निवेश पर भारी मुनाफे का कोई वैध आधार या वित्तीय तंत्र मौजूद नहीं था। लाभ देकर पुन: करवाया निवेश जांच में यह भी सामने आया कि शुरुआती वर्षों में निवेशकों को नाममात्र का लाभ देकर भरोसा बनाया गया। यह राशि या तो नए निवेशकों से जुटाए गए पैसों से दी जाती थी या पुराने निवेशकों को मिले लाभ को दोबारा निवेश कराने के लिए प्रेरित किया जाता था। इससे योजनाओं के सफल होने का भ्रम पैदा किया गया, लेकिन वास्तविकता में यह पूरी व्यवस्था अस्थिर थी और इसका विफल होना तय था। कोविड-19 महामारी के दौरान स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई, जब बड़ी संख्या में निवेशकों ने अपनी जमा राशि और लाभ लौटाने की मांग की। उस समय समूह इन मांगों को पूरा करने में असमर्थ रहा और योजनाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। इसके बाद निवेशकों ने ठगी की शिकायतें दर्ज करानी शुरू कीं। आरोपी हो चुके है गिरफ्तार पुलिस जांच में अब तक इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी मुरली मनोहर नामदेव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा संजय कश्यप को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से लैपटॉप, बड़ी संख्या में चेक और नकद राशि बरामद हुई। अन्य सहयोगियों दुर्गा शंकर मेरोठा, अनिल कुमार और गिरिराज नायक की भूमिका भी जांच में सामने आई है। कोटा पुलिस ने इस मामले में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज किए हैं और अब तक 2300 से ज्यादा पीड़ित सामने आ चुके हैं। मामले की फैक्ट फाइल जांच की शुरुआत : 2019 में, कोटा और बूंदी जिलों में। पहली कार्रवाई : मुरली मनोहर नामदेव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज। मामले का खुलासा : एसआइटी और कोटा पुलिस ने निवेशकों से शिकायत मिलने के बाद शुरू किया। इतने वर्षों तक हुई चालित : 2012 से 2020 तक – मुख्यालय: कोटा प्रभावित जिले: कोटा, बूंदी, बारां कुर्क की गई संपत्तियां: 37 अचल संपत्तियां (कृषि और आवासीय भूमि) चल संपत्ति: समूह का बैंक खाता 1.50 करोड़ रुपए के साथ निवेशकों की संख्या: 2300 से अधिक पीड़ित सामने आए पुलिस और ईडी की कार्रवाई – 12 कंपनियों का रिकॉर्ड रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) जयपुर से प्राप्त 20 बैंक खातों को सीज लैपटॉप और 250 चेक बरामद 50 से अधिक मुकदमे दर्ज जांच जारी : अन्य डायरेक्टर और निवेशकों के बैंक खाते व संपत्ति नेटवर्क की पड़ताल

राज्यपाल बागडे बोले- “एक भारत श्रेष्ठ भारत की आत्मा है कश्मीर”

जयपुर. राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से गुरुवार को लोकभवन में भारत दर्शन के अंतर्गत कश्मीर के छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। राज्यपाल ने इस दौरान प्रतिनिधिमंडल से संवाद करते हुए कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की आत्मा है कश्मीर। विविधता में एकता लिए भारत की संस्कृति प्रांतों की परम्पराओं, वहां के ऐतिहासिक स्थलों और प्रकृति से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि "भारत दर्शन" का अर्थ ही है, एक भारत श्रेष्ठ भारत से साकार होना। उन्होंने कश्मीर के इतिहास, संस्कृति और वहां की परम्पराओं को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह भारत की आत्मा है। हम सभी मां भारती के लिए सोच रखते हुए कार्य करें। दसवीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, श्रीनगर के साथ आए इस "भारत दर्शन"  प्रतिनिधिमंडल में कश्मीर के श्रीनगर, पुलवामा, बारामुला, कुपवाड़ा आदि क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने राज्यपाल बागडे से यात्रा और भारतीय संस्कृति को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए। राज्यपाल ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राजस्थान में आबकारी नीति 2025-29 में बड़े बदलाव की तैयारी

जयपुर. राजस्थान में शराब को लेकर सरकार ने चुपचाप ऐसा फैसला कर दिया है, जो प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सामाजिक ताने-बाने और अपराध नियंत्रण की नीति पर सीधा असर डाल सकता है। आबकारी एवं मद्य-संयम नीति 2025–29 में संशोधन करते हुए सरकार ने शराब दुकानों के खुलने और बंद होने का समय तय करने का अधिकार सीधे आबकारी आयुक्त को सौंप दिया गया है। यह बदलाव सोची-समझी रणनीति के तहत देर रात तक शराब बिक्री का रास्ता खोलने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। यह नया प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। आबकारी महकमा लंबे समय से शराब दुकानों का समय रात 8 बजे से बढ़ाकर रात 10 या 11 बजे तक बढ़ाने की पैरवी करता रहा है। अब जब समय निर्धारण का पूरा अधिकार उनके हाथ में है, तो सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार भविष्य में राजनीतिक जवाबदेही से बचते हुए अफसरों के जरिए शराब बिक्री का समय बढ़वाना चाहती है? जबकि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने बढ़ते अपराध, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए शराब दुकानों का समय रात 11 बजे से घटाकर रात 8 बजे कर दिया था। तब पुलिस और प्रशासन का तर्क था कि देर रात शराब बिक्री अपराधों को बढ़ावा देती है। अब उसी फैसले को अप्रत्यक्ष रूप से पलटने की जमीन तैयार की जा रही है। कुंभलगढ़-रणकपुर में बार लाइसेंस शुल्क तीन गुना कुंभलगढ़ और रणकपुर जैसे सीमित पर्यटक आवागमन वाले क्षेत्रों में बार लाइसेंस शुल्क तीन गुना बढ़ा दिया गया है। स्थानीय होटल व्यवसायियों का कहना है कि यहां पर्यटन साप्ताहिक और सीजनल है, ऐसे में इतनी अधिक फीस अव्यावहारिक है और इससे व्यवसाय प्रभावित होगा। पार्टी के लिए देना होगा ज्यादा शुल्क नीति में किया गया एक और बदलाव सीधे तौर पर आम परिवारों पर प्रहार माना जा रहा है। विभाग से रजिस्टर्ड स्थानों पर शादी, रिसेप्शन या अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने के लिए लिए जाने वाले एक दिवसीय लाइसेंस की फीस को 12 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं घर पर पार्टी के लिए भी अब लाइसेंस लेने पर ज्यादा शुल्क देना होगी। वार्षिक गारंटी राशि में 12.5 प्रतिशत वृद्धि नीति संशोधन का दूसरा बड़ा फैसला शराब दुकानों के नवीनीकरण से जुड़ा है। वर्ष 2025–26 की वार्षिक गारंटी राशि को 12.5 प्रतिशत बढ़ाकर वर्ष 2026–27 के लिए तय किया गया है। दुकान पूरे वर्ष चली हो या आंशिक अवधि के लिए, हर स्थिति में बढ़ी हुई गारंटी राशि लागू होगी। क्लस्टर सिस्टम में भी यही व्यवस्था रहेगी। सरकार भले ही इसे राजस्व बढ़ाने का कदम बता रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इसका बोझ अंततः आम उपभोक्ता पर पड़ेगा, क्योंकि कारोबारी बढ़ी हुई लागत की भरपाई शराब के दामों से करेंगे। अन्य प्रमुख प्रावधान देशी मदिरा और राजस्थान निर्मित मदिरा की न्यूनतम 3 प्रतिशत आपूर्ति एसेप्टिक ब्रिक पैक में अनिवार्य की गई है, जिसे भविष्य में 5 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकेगा। होटल, रेस्टोरेंट, क्लब बार में सूक्ष्म मदिरा निर्माण इकाई पर पहले दो माह 50 प्रतिशत आबकारी शुल्क में छूट। हेरिटेज व अन्य होटलों के लाइसेंस शुल्क का पुनर्निर्धारण क्षेत्रफल, कमरों की संख्या के आधार पर किया गया। अवसर विशेष लाइसेंस के दुरुपयोग पर लाइसेंस निरस्तीकरण और 50 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

राजस्थान विधानसभा के ऑनर किलिंग सहित 10 विधेयक राज्यपाल ने लौटाए

जयपुर. राज्यपाल ने 10 विधयेकों के कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए उन्हें अलग-अलग कारणों से पुनर्विचार के लिए विधानसभा को लौटा दिया है, जिनमें से नौ अशोक गहलोत सरकार के समय विधानसभा से पारित हुए और एक वसुंधरा राजे सरकार के पहले कार्यकाल में 2008 में पारित किया गया था। इसका खुलासा बुधवार को किया गया। विधानसभा में पेश जानकारी के अनुसार, ऑनर किलिंग संबंधी 2019 का विधेयक लौटाते हुए राज्यपाल की ओर से कहा है कि इसमें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 व दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), 1973 का संदर्भ है, जो अब अस्तित्व में नहीं है और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103 में ऑनर किलिंग के अपराध से निपटने के लिए पर्याप्त प्रावधान हैं। इन विधेयक को मिली मंजूरी विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा ने बुधवार को सदन में यह भी बताया कि पिछले विधानसभा सत्र में पारित राजस्थान भू-जल (संरक्षण और प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक-2024, राजस्थान भू-राजस्व (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक-2025, राजस्थान कोचिंग सेंटर (नियंत्रण और विनियमन) विधेयक-2025, राजस्थान विनियोग विधेयक-2025, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2025, राजस्थान माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025, राजस्थान मत्स्य क्षेत्र (संशोधन) विधेयक, 2025, राजस्थान आयुर्विज्ञान संस्थान, जयपुर विधेयक, 2025 और राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक, 2025 को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। सदन को दी दो अध्यादेशों की जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने जहां सरकार की ओर से पिछले दिनों लाए गए राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश, 2025 की जानकारी देने के लिए सदन में इसकी प्रति रखी। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश, 2025 को सदन में रखा। उल्लेखनीय है कि इन दोनों अध्यादेशों के स्थान पर इसी सत्र में विधेयक लाए जाएंगे, अन्यथा ये अध्यादेश अस्तित्व खो देंगे। राज्यपाल पहले भी लौटाते रहे हैं विधेयक राज्यपाल पहले भी विधानसभा से पारित विधेयक लौटाते रहे हैं। विधेयकों को राज्यपाल उन परिस्थितियों में लौटा देता है, जब राज्य के विधेयक के प्रावधान केंद्रीय कानूनों के प्रावधानों के विपरीत हों। कानूनों को लेकर स्पष्ट प्रावधान है कि राज्य केवल राज्य सूची के विषयों पर ही कानून ला सकते हैं। समवर्ती सूची में केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, लेकिन केंद्रीय कानून ही प्राथमिकता के साथ मान्य होगा। राज्य का कोई कानून केंद्रीय प्रावधानों को नहीं पलट सकता। वसुंधरा राजे सरकार के समय पारित धर्म स्वातंत्रय विधेयक को तत्कालीन राज्यपाल प्रतिभा पाटिल ने लौटा दिया था। बाद में यह विधेयक नए सिरे से लाया गया, जिसे तत्कालीन राज्यपाल ने राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया और वहां वर्षों तक अटका रहा। गहलोत राज 9 विधेयक, जो लौटे हैं 0- राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक, 2019 : 5 अगस्त 2019 को पारित 0- राजस्थान सम्मान और परम्परा के नाम पर वैवाहिक संबंधों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का प्रतिषेध विधेयक,2019 : 5 अगस्त 2019 को पारित 0- कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020 : 2 नवंबर 2020 को पारित 0- कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020 : 2 नवंबर 2020 को पारित 0- आवश्यक वस्तु (विशेष उपबंध और राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020 : 2 नवंबर 2020 को पारित 0- व्यास विद्या पीठ विश्वविद्यालय, जोधपुर विधेयक, 2022 : 4 मार्च 2022 को पारित 0- सौरभ विश्वविद्यालय, हिण्डौन सिटी (करौली) विधेयक, 2022 : 22 मार्च 2022 को पारित 0- राजस्थान विद्युत (शुल्क) विधेयक, 2023 : 2 अगस्त 2023 को पारित 0- नाथद्वारा मंदिर (संशोधन) विधेयक, 2023 : 2 अगस्त 2023 को पारित

किन्नर समाज का बड़ा ऐलान: न्याय की मांग पूरी न हुई तो राजस्थान की सड़कें जाम

जयपुर  राजस्थान की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा हमेशा से आपसी भाईचारे, समरसता और विविधता के सम्मान की रही है। इसी परंपरा की रक्षा के लिए बुधवार को राजधानी जयपुर में सर्व किन्नर समाज ने एकजुट होकर आवाज़ बुलंद की। विवादित और भड़काऊ बयानबाज़ी के खिलाफ सर्व किन्नर समाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न केवल कड़ा विरोध दर्ज कराया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि नफरत और उकसावे की राजनीति का किन्नर समाज से कोई लेना-देना नहीं है। जयपुर में आयोजित इस प्रेस वार्ता में समाज के प्रतिनिधियों ने हाल ही में शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा द्वारा दिए गए विवादित बयानों को राजस्थान की गंगा-जमुनी तहज़ीब के खिलाफ बताया। समाज ने कहा कि ऐसे बयान न सिर्फ किन्नर समाज की छवि को धूमिल कर रहे हैं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का भी प्रयास हैं, जो प्रदेश की शांति व्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सर्व किन्नर समाज ने स्पष्ट आरोप लगाया कि शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा कुछ असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार आपत्तिजनक और उकसाऊ बयान दे रहा है। “किन्नर जिहाद” जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर समाज ने तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि पूरे किन्नर समाज को कटघरे में खड़ा करने की साजिश भी है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजस्थान में किन्नर समाज सदियों से सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के साथ सौहार्द के साथ रहता आया है। चाहे त्योहार हों, सामाजिक कार्यक्रम हों या आम जनजीवन—किन्नर समाज ने हमेशा प्रेम और आशीर्वाद की परंपरा को आगे बढ़ाया है। ऐसे में किसी एक व्यक्ति के बयान को पूरे समाज से जोड़ना पूरी तरह अनुचित और दुर्भावनापूर्ण है। प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा ने मार्च 2023 में लिंग परिवर्तन कराया था। इस संबंध में समाज की ओर से दस्तावेज़, प्रमाण पत्र, एफिडेविट और वीडियो साक्ष्य प्रेस के सामने प्रस्तुत किए गए। समाज ने सवाल उठाया कि यदि तनिषा स्वयं को “सनातनी किन्नर” बताता है, तो इसके ठोस और वैध प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। सर्व किन्नर समाज ने यह भी बताया कि “किन्नर जिहाद” प्रकरण को लेकर तनिषा के खिलाफ अब तक प्रदेश के अलग-अलग पांच पुलिस थानों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है। समाज का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो ऐसे बयान प्रदेश में सामाजिक तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित समाज के प्रतिनिधियों ने राजस्थान सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किन्नर समाज किसी भी तरह की सांप्रदायिक राजनीति या उकसावे का हिस्सा नहीं बनेगा और प्रदेश में शांति, सौहार्द और भाईचारे की परंपरा को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। इस प्रेस वार्ता में सर्व किन्नर समाज से नूरी बाई बगरू, गोरीरेखा चांदपोल, काजोल बाई (किन्नर अखाड़ा, कोटा), सिमरन बाई शाहपुरा, राजकुमारी बाई मेड़ता सिटी, प्रीति बाई सांगानेर, अन्नू बाई चोमू, हिना बाई टोंक, सलोनी बाई अजमेर, हिना बाई करौली, पूनम नायक रतलाम, हलीमा झालावाड़ पाटन, मौसम बाई, विजया बाई, चकोरी बाई जयपुर, मंजू बाई सुमेरपुर, फयाज नायक तोड़ी मोड़, नूर शेखावत और रितिका सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के माध्यम से सर्व किन्नर समाज ने राजस्थान की जनता को यह संदेश दिया कि प्रदेश की असली ताकत उसकी सामाजिक एकता और भाईचारा है, और इसे तोड़ने की किसी भी कोशिश का डटकर विरोध किया जाएगा।

खड़े ट्रेलर में स्लीपर बस घुसने से 4 लोगों की दर्दनाक मौत

भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर जिले में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार अलसुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। सेवर थाना क्षेत्र में लुधावई पुलिया के पास कासगंज से जयपुर जा रही एक स्लीपर बस बीच हाईवे पर खड़े ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रेलर खराब था जो बीच हाईवे पर खड़ा था। ट्रेलर चालक ने कोई खराब का संकेत नहीं लगा रखा था। बस चालक को लगा ट्रेलर चल रहा है, इसी के चलते हादसा हुआ। मौके पर भरतपुर जिला कलेक्टर कमर चौधरी एसपी दिगंत आनन्द मौके पर पहुंचे। घायलों को भिजवाया अस्पताल सेवर थाना प्रभारी सतीश शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल जिला आरबीएम अस्पताल भिजवाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, चारों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है, उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जाएगी। मृतकों की हुई पहचान मृतकों की पहचान कान्हा (8 वर्ष) पुत्र रामवीर निवासी सतोवा मथुरा (उत्तर प्रदेश), गीता (38 वर्ष) पत्नी रामवीर निवासी सतोवा मथुरा (उत्तर प्रदेश), मुक्खन सिंह (28 वर्ष) पुत्र खेम सिंह निवासी कठूमर अलवर (राजस्थान) और मुस्लिम (40 वर्ष) पुत्र इस्माइल, निवासी कासगंज (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। रामवीर की पत्नी और बेटे की मौत इस हादसे की सबसे मार्मिक कहानी मथुरा के सतोवा निवासी रामवीर की है. रामवीर अपनी पत्नी गीता और 8 वर्षीय बेटे कान्हा के साथ खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए जा रहे थे। रामवीर भगवान की मूर्तियों के लिए कागज की पगड़ियां बनाते हैं और हर महीने माल सप्लाई करने खाटूश्याम जी जाते थे। इस बार वो पत्नी और बेटे को भी साथ लेकर गए थे। हादसे में रामवीर की पत्नी और बेटे की मौत हो गई, जबकि रामवीर खुद गंभीर रूप से घायल हो गए। घने कोहरे के चलते हुए हादसा हादसा गुरुवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। घना कोहरा हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। टक्कर के बाद बस में फंसे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल, उनका इलाज चल रहा है।

जयपुर में नई मेट्रो लाइन के लिए जमीन आवंटन को JDA ने दी मंजूरी

जयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने जयपुर के लिए अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रस्तावों में जयपुर में नई मेट्रो लाइन के लिए जमीन का आवंटन भी शामिल है। जेडीए की भूमि एवं संपत्ति निपटान समिति की बैठक आयोजित हुई। समिति ने जयपुर मेट्रो फेज-1सी के लिए 7700 वर्ग मीटर भूमि के उपयोग को मंजूरी दी। मेट्रो फेज-1सी के अलाइनमेंट के तहत वन विभाग की जमीन का उपयोग किया जाएगा।वन विभाग को बदले में जेडीए की समतुल्य भूमि आमेर तहसील के दौलतपुरा राजस्व गांव में (2.01 हेक्टेयर भूमि) आवंटित की जाएगी। इसके अलावा समिति ने चाकसू गांव में सरकारी प्राथमिक विद्यालय भवन के लिए 2000 वर्ग मीटर भूमि को भी मंजूरी दी है। जयपुर मेट्रो फेज-1सी के बारे में जानें जयपुर मेट्रो परियोजना के चरण 1-सी में मौजूदा 11.97 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन (मानसरोवर से बड़ी चौपड़) का विस्तार बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक किया जाना है। गहलोत सरकार ने मेट्रो रूट का विस्तार करते हुए बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक का 2.85 किलोमीटर का रूट फाइनल किया था। 21 सितंबर 2023 को तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत ने इसका शिलान्यास किया था। काम भी शुरू हो गया था। 2.85 किमी के रूट में 2.26 किलोमीटर भूमिगत और शेष 0.59 किलोमीटर कॉरिडोर रूट प्रस्तावित है। इसमें रामगंज चौपड़ अंडरग्राउंड स्टेशन और ट्रांसपोर्ट नगर में एलिवेटेड स्टेशन बनना है। जयपुर में मेट्रो कब शुरू हुई जयपुर में पहली बार मेट्रो का संचालन 3 जून 2015 को मानसरोवर से चांदपोल (9.63 किमी) तक शुरू हुआ। 23 सितंबर 2020 को परकोटे में चांदपोल से दायरा बढ़कर छोटी चौपड़ होते हुए बड़ी चौपड़ ( 2.4 किलोमीटर) तक पहुंच गया। 21 सितंबर 2023 को बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक का शिलान्यास हुआ। अप्रेल 2027 तक यह काम पूरा होने का अनुमान है।

ब्यावर में माइनिंग टीम के ड्रोन तोड़कर महिला फोरमैन-इंजीनियर को पीटा

जयपुर/ब्यावर. जिले में माइन धारकों का सर्वे करने पहुंची खान विभाग की टीम को निवर्तमान सरपंच और ग्रामीणों ने घेरकर पीटा। सर्वे शुरू होते ही पूर्व सरपंच ने टीम के सदस्यों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। वहीं पूर्व सरपंच ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ इंजीनियर और महिला फोरमैन से भी मारपीट की। टीम की गाड़ियों और ड्रोन भी पथराव में टूट गया। मिली सूचना के अनुसार मंगलवार दोपहर में जिले के अतीतमंड गांव में खान विभाग की एक टीम माइन धारकों का सर्वे करने पहुंची थी। मौके पर पूर्व सरपंच दुष्यंत सिंह समेत कुछ ग्रामीणों ने टीम की ओर से शुरू किए सर्वे का विरोध करना शुरू कर दिया। विभाग की टीम ने समझाइश भी की लेकिन पूर्व सरपंच ने सर्वे का विरोध करते हुए ग्रामीणों की मिलीभगत से सर्वे टीम को घेर लिय और मारपीट शुरू कर दी। सर्वे टीम की गाड़ियों पर पथराव सर्वे टीम जब घटनास्थल से बचकर कार से भागने लगी तो ग्रामीणों ने कार पर पथराव कर दिया। जोधपुर से गए इंजीनियर की गाड़ी भी टूट गई। घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। वीडियो में पूर्व सरपंच और माइनिंग टीम के साथ झगड़ते और गालीगलौच करते हुए नजर आ रहे हैं। माइन धारकों का ड्रोन सर्वे करने पहुंची थी टीम सूचना मिलने पर साकेत नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात काबू में किए। थाना प्रभारी जितेंद्र फौजदार ने बताया- माइनिंग विभाग की टीम अतीतमंड गांव में माइन धारकों का ड्रोन सर्वे करने पहुंची थी। सर्वे शुरू होते ही निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह सहित कुछ लोगों ने गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी। वरिष्ठ माइनिंग फोरमैन अनिता वीर चंदानी और इंजीनियर प्रितेश के साथ मारपीट की। प्रितेश के कान और कनपटी पर गंभीर चोटें आई हैं। पथराव कर दो वाहनों को किया क्षतिग्रस्त थानाधिकारी ने बताया कि हमलावरों ने पथराव कर सरकारी वाहन और जोधपुर से आए इंजीनियर प्रितेश की कार भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव शुरू होते ही टीम कार में बैठकर किसी तरह जान बचाकर भागी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही सभी हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस ने दोनों घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ड्रोन सर्वे का कर रहे थे विरोध पुलिस की जांच में सामने आया है कि अवैध खनन से जुड़े लोग ड्रोन सर्वे नहीं होने देना चाहते थे। इसी कारण ग्रामीणों को उकसाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस ने निवर्तमान सरपंच को किया डिटेन पुलिस ने मारपीट के आरोपी निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह डिटेन किया है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है।

न‍िर्दलीय व‍िधायक ऋतु की ‘सीबीआई जांच’ वाली स्लोगन साड़ी बनी आकर्षण

जयपुर. राजस्‍थान व‍िधानसभा बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। बयाना से निर्दलीय व‍िधायक ऋतु बनावत भी बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए व‍िधानसभा पहुंचीं। तो हर कोई उनको देखकर चौंक रहा था। ऋतु बनावत की साड़ी आकर्षण का केंद्र बन गई। हर कोई उस साड़ी की चर्चा करने लगा। जब लोगों ने साड़ी को ध्यान से देखा तो उन पर सरकार के खिलाफ कई रोचक लाइनें लिखी हुईं थी। एक लाइन थी कि विधायक निधि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। राजस्‍थान व‍िधानसभा बजट सत्र में पहुंची बयाना से निर्दलीय व‍िधायक ऋतु बनावत ने कहा, भ्रष्टाचार का मुझ पर जो आरोप लगा, उसकी जांच सीबीआई से कराई जाए। अगर सीबीआई से जांच नहीं कराई जाती है तो हाईकोर्ट के सिटिंग जज इस प्रकरण की जांच करें। ऋतु बनावत पर व‍िधायक न‍िधि में भ्रष्‍टाचार के आरोप लगे हैं। सीबीआई जांच के बाद होगा इस मामले का सही खुलासा ऋतु बनावत ने कहा, जब सीबीआई से जांच होगी, तब ही इस मामले का सही खुलासा हो सकेगा। नहीं तो ब्लैकमेलिंग का यह खेल चलता रहेगा। मैं इस मामले को जनता के समक्ष रखना चाहती हूं। जनता भी जानती है कि किस तरह का खेल उनके जनप्रतिनिधियों के साथ किया जा रहा है। आज इसीलिए मैं यह कपड़े पहन कर आई हूं। जब तक मुझे न्याय नहीं मिलेगा, मैं यह मामला उठाती रहूंगी। मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास ऋतु बनावत ने आगे कहा, मामले में कहीं कोई एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ न कोई लेटर, न कोई पैसा दिया गया, लेकिन कुछ लोग लगातार मेरी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। 6 माह से पीछे लगा था ऋतु बनावत ने कहा, जो व्यक्ति मिलने आया था, उसने खुद कहा कि वह तो 6 माह से पीछे लगा था, जब वह मेरे पास आया और उसने वीडियो रिकॉर्डिंग की बात कही तो मैं यह जानना चाहती हूं कि वह कितने लोगों के पास गया? कितने लोगों की रिकॉर्डिंग थी और उस रिकॉर्डिंग में क्या था?

गूगल ने फ्रांसीसी दंपति को पाली के गाँव पहुंचाकर पूरी की ख्वाहिश

पाली. निवासी गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज साल 1995 में राजस्थान के पाली जिले के सोड़ावास गांव में गए थे। सोड़ावास गांव की यादें वो दम्पति कभी भूला नहीं सके। उनका मन एक बार फिर सोड़ावास गांव आने को कर रहा था। पर अब वह उसका रास्ता व पता दोनों भूल गए थे। इस मौके पर गूगल ने उनकी मदद की। गिरार्ड की बेटी ने अपने पिता की इच्छा को पूरा करने का बीड़ा उठाया। उनकी बेटी ने गूगल की मदद से गांव को ढूंढ निकाला। बेटी पहले वर्ष 2025 में अपने पति के साथ राजस्थान के पाली जिले के सोड़ावास गांव आई। पता मिलने के बाद गिरार्ड को 4700 किमी दूर बसे इस सोड़ावास गांव की यादें बुलाने लगी। 15 जनवरी को गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज सोड़ावास गांव आए, जहां एक बार फिर वो अपने गुजरे पलों को फिर से जी सके। गिरार्ड दंपति 30 वर्ष बाद दोबारा सोड़ावास पहुंचे। तो गांव की बदली तस्वीर देखकर वे चौंक गए। अब गांव में कच्चे घर की जगह पक्की इमारते और आधुनिक सुविधाएं थी। हालांकि समय के साथ विकास हुआ था, लेकिन गांव की संस्कृति और लोगों का अपनापन आज भी वैसा ही था जैसा 30 साल पहले, जिसने दंपति को भावुक कर दिया। चाय के लिए अपने घर आने का ग्रामीण ने दिया न्योता कहानी कुछ ऐसे शुरू हुई। साल 1995 में फ्रांस निवासी गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज अपने तीन बच्चों के साथ भारत घूमने आए थे। उन्होंने एक रिक्शा खरीदी। पूरा परिवार इसी रिक्शे से राजस्थान भ्रमण करने लगा। रणकपुर दर्शन के बाद पाली लौटते समय उनका सफर सोड़ावास गांव से होकर गुजरा, जहां भोपाल सिंह नामक ग्रामीण ने उन सब को चाय के लिए अपने घर आने का न्योता दिया। अपना रिक्शा गांव को कर दिया गिफ्ट इस आग्रह को दंपति टाल नहीं सके और गांव पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उनका जमकर स्वागत किया। पूरा परिवार एक महीने तक सोड़ावास गांव में रुका। उन्होंने इस दौरान गांव की संस्कृति, परम्पराएं, खान-पान और जीवनशैली को बहुत करीब से देखा। जब जाने का वक्त आया तो उन्होंने अपना रिक्शा गांव को ही गिफ्ट कर दिया। उनके दिल में बसता है भारत-गिरार्ड मौजूदा वक्त में गिरार्ड 85 वर्ष तो उनकी पत्नी शोलेज 73 वर्ष की हैं। गिरार्ड कहते हैं कि भारत उनके दिल में बसता है। यहां की संस्कृति में सच्चा अपनापन झलकता है। गांव का शांत वातावरण मानसिक सुकून देता है। अब उनकी इच्छा है कि जीवन की शेष सांसें भी भारत में ही लें। गिरार्ड ने फ्रांस में बनवाया मंदिर सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि गिरार्ड ने सोड़ावास के मंदिर और लोगों की धार्मिक आस्था से प्रेरित होकर फ्रांस में एक मंदिर बनवाया है, जहां वे प्रतिदिन पूजा करते हैं। गिरार्ड पेशे से आर्टिस्ट हैं।