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एक ही परिवार के तीन बच्चे रहस्यमयी तरीके से गायब, पीछे छोड़ा हैरान करने वाला संदेश

जयपुर शहर के सांगानेर इलाके से एक ही परिवार के तीन बच्चे लापता होने से इलाके में खलबली मच गई है। तीनों बच्चे 14 अगस्त को स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। शाम को बच्चे जब वापस घर नहीं लौटे तो परिजनों ने स्कूल में जाकर पूछताछ की, जहां पता चला की बच्चे स्कूल पहुंचे ही नहीं थे। इसके बाद परिजनों ने सांगानेर सदर थाना और अशोक नगर थाने में बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। लापता हुए बच्चों में सांगानेर के रहने वाले विजयसिंह के दो बेटे मोहित सिंह (10) और नितिन सिंह (9) और एक उनकी बहन का बेटा अरमान (9) शामिल हैं। 14 अगस्त को मोहित और नितिन सुबह साढ़े सात बजे अपने स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। वहीं बहन का बेटा अरमान भी अपने घर से अशोक नगर स्थित स्कूल जाने के लिए निकला था। बच्चों के लापता होने के बाद परिवार को घर पर एक चिट्ठी भी मिली है जिसमें लिखा है कि हम घर छोड़कर जा रहे हैं। हमें ढूंढने की कोशिश न करें, पांच साल बाद आ जाएंगे। बहरहाल सांगानेर सदर पुलिस और अशोक नगर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर बच्चों की खोजबीन शुरू कर दी है लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसी बीच सांगानेर सदर थाना सीआई अनिल जैमन ने बताया- रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने कई लोकेशन पर सीसीटीवी फुटेज चेक किए, जिसमें तीनों बच्चे गांधी नगर रेलवे स्टेशन के आसपास दिखाई दिए थे, उन्होंने कपड़े चेंज कर लिए थे। इसके बाद बच्चे कहां गए, कोई जानकारी नहीं है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार मोहित और अरमान के पास मोबाइल फोन हैं लेकिन दोनों ने फोन बंद कर रखे हैं। पुलिस की साइबर टीम इस पर पूरी नजर रखे हुए है। करणी विहार से भी गायब हुए दो बच्चे इधर जयपुर के करणी विहार इलाके से भी दो बच्चों के लापता होने की खबर है। करणी विहार थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दो चचेरे भाई संजय सिंह और समीर सिंह 15 अगस्त को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। इन बच्चों के परिवार को बच्चों के गायब होने के बाद एक फोन भी आया था, जिसमें सामने वाले पक्ष ने परिजनों के साथ गाली-गलौज करते हुए बात की थी।

धीरेंद्र शास्त्री का ऐलान- सबसे पहले राजस्थान में फहरेगा हिंदू राष्ट्र का झंडा

सीकर सीकर के रैवासा धाम में चल रहे 9 दिवसीय ‘सियपिय मिलन महोत्सव’ में कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भावनात्मक और जोशीले संबोाधन में कहा कि राजस्थान की भूमि वीरों की भूमि है, यहां की मिट्टी ने महाराणा प्रताप जैसे योद्धाओं को जन्म दिया है। यही कारण है कि अगर कहीं हिंदू राष्ट्र का झंडा सबसे पहले फहराएगा तो वह राजस्थान ही होगा। उन्होंने राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर जोर देते हुए कहा कि यहां केवल लोग ही नहीं बल्कि घोड़े और हाथी भी हिंदू परंपराओं के प्रति कट्टर समर्पण रखते आए हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने रामप्रसाद हाथी का उल्लेख किया, जिसने दुश्मनों के घर का पानी और भोजन तक स्वीकार नहीं किया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रैवासा धाम को तीर्थ स्थल घोषित किया जाना चाहिए। यह भूमि केवल किशोरी जी और जानकी जी की ही नहीं बल्कि सालासर बालाजी और मेहंदीपुर बालाजी जैसे देवस्थलों की भी भूमि है। अब रैवासा धाम से यह भूमि रघुवीर की भी भूमि बन गई है। उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने घोषणा की कि 7 से 16 नवंबर तक इस मुद्दे पर एक बड़ी पदयात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि हर हिंदू रोजाना एक घंटा हिंदू राष्ट्र के लिए समर्पित करे। विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने युगांडा का उदाहरण दिया, जहां कन्यादान के समय दहेज में कन्या को गाय दी जाती है। उन्होंने कहा कि भारत को भी यह परंपरा अपनानी चाहिए। उनका कहना था कि भारत तभी हिंदू राष्ट्र बन पाएगा जब गौमाता सुरक्षित होगी और गौवध पर पूरी तरह प्रतिबंध लगेगा। पाकिस्तान पर तीखे शब्दों में निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत पर मिसाइल दागने की धमकी देता है, लेकिन भारत के पास उससे कहीं अधिक शक्तिशाली ताकत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब छेड़ोगे तो छोड़ा नहीं जाएगा। कश्मीर तो लेंगे ही और दहेज में पाकिस्तान भी उठाएंगे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि भारत 900 किलोमीटर अंदर तक जाकर वार करने की क्षमता रखता है। अपने संबोधन में उन्होंने जातिवाद के बजाय राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने, वेद और संत परंपरा पर विश्वास रखने और गौ-सेवक बनने का आह्वान किया। उनका कहना था कि जब गौमाता बचेगी तभी भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा और तभी हिंदू समाज सुरक्षित रहेगा।

लड़की की तलाश में ढिलाई से नाराज़ ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

झुंझनू जिले के जसरापुर गांव में अचानक एक लड़की के लापता होने से पूरे इलाके में चिंता और गुस्से का माहौल बन गया। वार्ड नंबर 13 की यह लड़की सुबह अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। अंततः उन्होंने खेतड़ी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने से ग्रामीण और परिजन नाराज हो गए। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जसरापुर-खेतड़ी मार्ग पर जाम लगाकर धरना दे दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आमजन और स्कूल जाने वाले बच्चे घंटों फंसे रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि जसरापुर के पास एक अज्ञात युवती का शव देखा गया था लेकिन मौके पर पहुंचने पर वह गायब था। इससे संदेह और बढ़ गया कि कहीं प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं कर रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की घटनाओं से बेटियां असुरक्षित हो गई हैं और पुलिस का रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना है। धरने की अगुवाई राजकुमार सिंह निर्वाण कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी है कि यदि पुलिस 72 घंटे में लड़की को सुरक्षित बरामद नहीं करती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरना और जाम की सूचना पर खेतड़ी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक तनावपूर्ण माहौल रहा। आखिरकार पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर जाम खोला गया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब केवल नतीजे चाहिए, महज आश्वासन से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही अपराधियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक बेटियां घर से सुरक्षित लौटने की गारंटी से वंचित रहेंगी। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि पुलिस हर घटना के बाद खानापूर्ति करके आश्वासन देकर शांत कराने की कोशिश करती है लेकिन हकीकत में न तो अपराध कम हो रहे हैं और न ही बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। करीब तीन घंटे तक चला यह विरोध झुंझुनू जिले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर गया। अब देखना होगा कि पुलिस 72 घंटे की इस समय सीमा में लड़की को खोज पाती है या फिर और बड़ा आंदोलन उभरकर सामने आता है।  

केंद्र की मंजूरी के बाद दिल्ली–बीकानेर वंदे भारत सेवा शुरू होने को तैयार

जयपुर बीकानेरवासियों के लिए दिल्ली से बड़ी खुशखबरी आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित दिल्ली–बीकानेर वंदे भारत रेल सेवा को आखिरकार केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। बीकानेर के सांसद एवं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के लगातार प्रयासों और मांग के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन के परिचालन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्री वैष्णव ने केंद्रीय मंत्री मेघवाल को पत्र लिखकर जानकारी दी। पत्र में कहा गया है कि यात्रियों की सुविधा, तेज गति और आधुनिक सुविधाओं से युक्त ट्रेन सेवा के रूप में दिल्ली से बीकानेर वंदे भारत एक्सप्रेस को स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्नदृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास यात्रा में गति लाने के साथ-साथ आमजन की सुविधा को भी प्राथमिकता देती हैं। मेघवाल ने कहा कि बीकानेरवासियों के लिए यह सौगात अभूतपूर्व है। अब आम नागरिक से लेकर व्यापारी वर्ग तक सभी को दिल्ली तक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर बीकानेर वासियों को हार्दिक बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। नई वंदे भारत ट्रेन की स्वीकृति पर बीकानेर भाजपा नेताओं ने भी केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। आभार व्यक्त करने वालों में भाजपा नेता सत्यप्रकाश आचार्य, जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, सुमन छाजेड़, विजय आचार्य, मोहन सुराणा, अशोक प्रजापत, मनीष सोनी, पंकज अग्रवाल और दौलत सारण शामिल रहे। बीकानेरवासियों का कहना है कि यह ट्रेन सेवा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल बीकानेर और दिल्ली के बीच यात्रा का समय घटेगा बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

NH-27 हादसा: तेज रफ्तार वैन ट्रक से भिड़ी, चार लोगों ने गंवाई जान

बूंदी जिले के डाबी थाना इलाके में नेशनल हाईवे नंबर 27 पर अल सुबह भीषण सड़क हादसे में एक महिला समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। ये सभी बारां और मध्यप्रदेश के ब्यावरा से मजदूरी करने वैन में सवार होकर राजसमंद जा रहे थे कि रास्ते में वैन किसी अन्य भारी वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन सवार चार लोगों के शवों के टुकड़े हो गए, जिन्हें समेटकर अस्पताल लाना पड़ा। थाना अधिकारी हेमराज शर्मा ने बताया कि दुर्घटना बुधवार सुबह 4 बजे के आसपास हुई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से डाबी अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटा रैफर कर दिया गया। ये भी पढ़ें: Rajasthan News: खुला नीले ड्रम का राज; बेवफा पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसे रचा खूनी खेल, जानें पूरी कहानी हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। ये लोग राजस्थान के बारां और मध्यप्रदेश के ब्यावरा के बताए गए हैं। मृतकों में एक अनिल की जानकारी मिली है, शेष तीन के बारे में पता नहीं चल पाया। इनमें एक महिला और दो पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा पांच लोग घायल हैं, जिनमें दो बच्चे और एक महिला है। दुर्घटना में मृतक अनिल की पत्नी मीनाक्षी और बच्चा भी घायल है। सूचना के बाद मृतक अनिल के परिजन कोटा आ गए। डाबी पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। थानाधिकारी शर्मा ने बताया कि दुर्घटना में वैन आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। घटनास्थल देखकर अंदाजा लगाया जा रहा हे कि वैन काफी तेज गति में थी और किसी भारी वाहन से इसकी टक्कर हुई है। फिलहाल दूसरे वाहन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये दूसरा वाहन कौनसा था। इसके साथ ही मृतकों की शिनाख्तगी के प्रयास किए जा रहे हैं।  

राजस्थान ने पूरा किया 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, CM शर्मा ने ‘हरियालो राजस्थान’ पोस्टर जारी किया

जयपुर राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश ने 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके निवास पर मुलाकात कर बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने "हरियालो राजस्थान" अभियान के तहत पोस्टर का विमोचन किया। वहीं, वन मंत्री ने उन्हें प्रतीक स्वरूप पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस सफलता को प्रदेशवासियों की सहभागिता और सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण से ही राजस्थान को हराभरा बनाया जा सकता है। वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है और आने वाले समय में हरित प्रदेश के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, शहरी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को मिलेगा सुधार—CM भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को गति मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स को समय से पूरा करें। साथ ही, अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य पर फोकस करें जिससे जनता को समय से इनका लाभ मिले। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहरों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए। इसी क्रम में उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं आवास संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। हाउसिंग बोर्ड अपनी योजनाओं का करें व्यापक प्रचार-प्रसार मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं की जरूरत एवं वर्तमान प्रचलन को ध्यान में रखते हुए कार्य करें ताकि बोर्ड की राजस्व में वृद्धि हो सके। साथ ही, हाउसिंग बोर्ड निजी विकासकर्ता से प्रतिस्पर्धा करते हुए आमजन को गुणवत्तायुक्त आवास उचित मूल्य में उपलब्ध करवाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार करे, परियोजनाओं में नवाचार लाए और इनके विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी शामिल करे, ताकि आमजन को ज्यादा से ज्यादा इनका लाभ मिल सके। द्रव्यवती नदी का करें सौंदर्यीकरण शर्मा ने कहा कि जयपुर में द्रव्यवती नदी के दोनों ओर से अतिक्रमण को प्राथमिकता के साथ हटाया जाए, इस क्षेत्र का पर्यटन की दृष्टि से उन्नयन किया जाए, ताकि आमजन के साथ ही पर्यटक भी इसका लाभ उठा सकें। उन्हांने कहा कि द्रव्यवती नदी पर पौधारोपण के कार्य में भी गति लाई जाए। बैठक में बताया गया कि जयपुर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए आमजन की सुगम आवाजाही के लिए रिद्धि-सिद्धि चौराहे पर एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी किया जा चुका है। साथ ही, अपेक्स सर्किल पर एलिवेटेड रोड़ के निर्माण की डीपीआर के लिए भी कार्यादेश जारी किया जा चुका है। शहरी विकास से जुडे़ प्रोजेक्टस को चरणबद्व करें पूरा मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बेहतर नागरिक सुविधाएं जैसे सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क, लोक परिवहन हेतु कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना शुरु की जाएगी जिससे प्रदेष के सभी नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या के बढ़ते दबाव का प्रबंधन हो सके। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में नियमित बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न लंबित बजटीय घोषणाओं के एनआईटी, टेण्डर, वर्कऑर्डर तथा डीपीआर बनाने सहित विभिन्न कार्यों को तय समय में पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टस को चरणबद्व पूरा करें। साथ ही, हर चरण पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए। बजट घोषणाओं के भूमि आवंटन में लाएं तेजी शर्मा ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से अम्बाबाडी एवं विद्याधर नगर (टोडी मोड़ तक) मेट्रो संचालित की जाएगी। अधिकारी इसके काम में गति लाएं, ताकि निर्धारित समय में कार्य पूरा हो। उन्होंने जोधपुर के बड़ली में आवासीय योजना लाने तथा भिवाड़ी विकास प्राधिकरण के गठन के संबंध में तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 की सभी बजट घोषणाओं में जल्द से जल्द भूमि आवंटित कर कार्य शुरू किया जाए। साथ ही, अधिकारी योजनाओं की अनुमानित लागत के आधार पर योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने बजट की विभिन्न घोषणाओं के अंतर्गत बाड़मेर, धौलपुर, फुलेरा सहित अन्य शहरों की विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में भीम-राजसमंद ड्रेनेज सिस्टम, सूरजगढ़-झुंझुंनू में सीवरेज लाईन, दौसा शहर मे सीवरेज मास्टर प्लान तारानगर-चुरु, नगर व सीकरी-डीग में ड्रेनेज के प्रस्तावित कार्यां की समीक्षा भी की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सीवरेज कार्य भी समयबद्ध रूप से करवाए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर यातायात एवं स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अलवर, पाली, भीलवाड़ा, दौसा, हनुमानगढ़, झुंझुनूं में निर्मित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन शीघ्र प्रारम्भ किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही, किसानों की सहभागिता से इस संबंध में एक सेमिनार भी आयोजित किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि बैठक में शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक सेवा को मजबूती देने के लिए तथा ई-बसों के सुगम संचालन हेतु मॉडर्न शेल्टर कम चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। बैठक में बजट 2024-25 एवं 2025-26 की नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग से संबंधित घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा एवं मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

माँ की हिम्मत: बच्चे पर टूटे तीन कुत्ते, पर मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना बचाया बेटे

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के न्यू आरटीओ रोड स्थित गौतम विहार कॉलोनी में रविवार शाम 5 वर्षीय गौरांश पर तीन कुत्तों ने हमला कर दिया। बच्चा घर के बाहर स्कूटर चला रहा था, तभी अचानक कुत्तों का झुंड दौड़ता हुआ आया और उसे जमीन पर गिराकर नोचने लगा। बच्चे की चीख सुनकर उसकी मां प्रीति दौड़ी और किसी तरह कुत्तों को भगाया। परिजन तुरंत बच्चे को अस्पताल ले गए। सीसीटीवी फुटेज में पूरा घटनाक्रम साफ नजर आ रहा है, जिसमें तीनों कुत्ते मासूम को गिराकर काटते दिखते हैं। घटना के बाद मोहल्ले में दहशत का माहौल है। लोगों ने एनिमल एड संस्था और नगर निगम को मदद के लिए कॉल किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आए दिन कॉलोनी में आवारा कुत्तों का झुंड घूमता रहता है, लेकिन शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।   दरअसल, यह कोई पहली घटना नहीं है। 2 महीने पहले शहर की एक कॉलोनी में 8 साल के बच्चे पर कुत्तों के झुंड ने हमला किया था। वहीं, करीब एक साल पहले मस्तान बाबा दरगाह क्षेत्र में 5 साल की बच्ची की कुत्तों के हमले में मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने लोगों को भयभीत कर दिया है। माता-पिता बच्चों को बाहर खेलने तक नहीं भेज पा रहे है। घटना के बाद मोहल्ले में दहशत का माहौल है। लोगों ने एनिमल एड संस्था और नगर निगम को मदद के लिए कॉल किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आए दिन कॉलोनी में आवारा कुत्तों का झुंड घूमता रहता है, लेकिन शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।   चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य स्तर पर भी डॉग बाइट के आंकड़े गंभीर स्थिति दर्शाते हैं। साल 2024 में ही राजस्थान में 3 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। 2025 में भी यह सिलसिला जारी है। वहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि समस्या का समाधान केवल पकड़कर शेल्टर भेजने में नहीं है। नसबंदी कार्यक्रम को तेज़ करना, शहरी कूड़ा प्रबंधन सुधारना और पशु कल्याण संस्थाओं को जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। वहीं, स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि कोर्ट के आदेशों की सख्ती से पालना हो और निगम की टीमें तुरंत कॉलोनियों में पहुंचकर कार्रवाई करें। फिलहाल, गौरांश के परिवार ने राहत की सांस ली है कि समय रहते मां ने बेटे की जान बचा ली।

पीड़ित अभिभावक आरटीई में बच्चों के दाखिले के लिए अशोक गहलोत और खाचरियावास से मिले

जयपुर राजस्थान में आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला नहीं मिलने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। पिछले एक माह से अभिभावक सड़कों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई न होने पर अब उन्होंने विपक्षी नेताओं का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है। सोमवार को संयुक्त अभिभावक संघ के बैनर तले 50 से अधिक अभिभावक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास से मिले। अभिभावकों ने बताया कि चार महीने से लगातार शिक्षा विभाग और सरकार के चक्कर काटने के बावजूद बच्चों का दाखिला नहीं हो पा रहा है, जिससे वे अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौके पर शिक्षा निदेशक सीताराम जाट से फोन पर बात कर पूरे मामले का संज्ञान लेने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने अभिभावकों की पीड़ा समझते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दी। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि 10 अगस्त को शिक्षा उपसचिव ने स्पष्ट किया था कि कोर्ट ने दाखिले पर कोई रोक नहीं लगाई है, केवल पुनर्भरण राशि को लेकर स्टे है। इसके बावजूद निजी स्कूल कोर्ट के आदेश का हवाला देकर अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि चयनित विद्यार्थियों का दाखिला सुनिश्चित करे अन्यथा नियमपूर्वक कार्रवाई की जाए। जैन ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शिक्षा निदेशक ने तुरंत उन सभी स्कूलों की जानकारी मांगी है, जो दाखिले से इंकार कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश देने की बात भी कही। संघ के पदाधिकारी मंगलवार को विपक्ष के नेता टीकाराम जूली से मुलाकात करेंगे और इसके बाद उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से मिलने की भी संभावना है।

यूपी के बाद अब राजस्थान में ड्रम से मिली लाश, हत्या के बाद पत्नी प्रेमी संग हुई गायब

जयपुर  राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति की लाश घर की छत पर रखे प्लास्टिक ड्रम  में बरामद हुई। शव पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक की पत्नी और तीनों बच्चे वारदात के बाद से लापता हैं। इसके साथ ही जिस मकान में मृतक किराए से रह रहा था, उस मकान मालिक का बेटा भी गायब है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गले पर धारदार हथियार से वार डीएसपी राजेंद्र सिंह निर्वाण के अनुसार, मृतक की पहचान हंसराम उर्फ सूरज (निवासी शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह पिछले डेढ़ महीने से किशनगढ़बास के आदर्श कॉलोनी में पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए पर रह रहा था। पास ही की एक ईंट-भट्टी पर मजदूरी कर अपना गुजारा करता था। रविवार को मोहल्ले में दुर्गंध फैलने के बाद जब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी तो छत पर रखे ड्रम की तलाशी ली गई। उसमें हंसराम का शव बरामद हुआ। पुलिस जांच में पाया गया कि शव पर नमक डाला गया था, ताकि तेजी से सड़न हो और बदबू कम हो। मृतक के गले पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान मिले। पत्नी, बच्चे लापता पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद से हंसराम की पत्नी सुनीता और उनके तीनों बच्चे लापता हैं। इतना ही नहीं, मकान मालिक का बेटा जितेंद्र भी शनिवार शाम से गायब है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हंसराम शराब का आदी था और अक्सर जितेंद्र के साथ बैठकर शराब पीता था। डीएसपी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिस घर में हंसराम किराए पर रह रहा था, वह मकान प्रॉपर्टी कारोबारी राजेश शर्मा का है। घटना के वक्त घर में केवल राजेश की पत्नी मिथिलेश और 14 वर्षीय पोता मौजूद थे। मिथिलेश ने पूछताछ में बताया कि जितेंद्र की पत्नी की 12 साल पहले मौत हो चुकी है और वह लंबे समय से यहीं रह रहा था। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के दिन जब वह बाजार गई थीं, तब तक सुनीता और उसके बच्चे घर पर थे। लेकिन शाम को लौटने के बाद वे नजर नहीं आए। उसी दिन से जितेंद्र भी घर नहीं लौटा। अगली सुबह जब घर में बदबू आने लगी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। हत्या की वजह पर कई शक फिलहाल हत्या की असल वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि यह मामला शराब पीने के दौरान हुए विवाद, पारिवारिक कलह या किसी गहरी साजिश से जुड़ा हो सकता है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और लापता परिवार की तलाश जारी है। पहले भी मिले हैं ड्रम से शव गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जब शव को ड्रम में छिपाया गया हो। इसी साल मार्च में उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। आरोप है कि दोनों ने शव के टुकड़े कर उसे ड्रम में भरकर छिपा दिया था। मामला तब उजागर हुआ जब बेटी बार-बार पड़ोसियों से कहती रही – "पापा ड्रम में हैं।" इसके अलावा जून में पंजाब के लुधियाना के शेरपुर क्षेत्र में भी ड्रम से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। राजस्थान पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मृतक के परिजनों को सूचित किया गया है और लापता पत्नी-बच्चों व मकान मालिक के बेटे की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस रहस्यमयी हत्या की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।