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बीजेपी संगठन में बड़ा फेरबदल: राजस्थान में मोर्चों के नए अध्यक्ष घोषित

जयपुर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रदेश स्तर पर विभिन्न मोर्चों के नए अध्यक्षों की घोषणा की है। पार्टी ने संगठनात्मक विस्तार के तहत युवा, एससी, एसटी, ओबीसी, किसान और अल्पसंख्यक मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। इन नियुक्तियों से बीजेपी का उद्देश्य राज्य में विभिन्न वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना और संगठन को नई मजबूती देना है।  बीजेपी ने शंकरलाल गोरा को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पूर्व सांसद निहालचंद मेघवाल को एससी मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि विधायक गोपीचंद मीणा को एसटी मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ओबीसी मोर्चा की कमान महेंद्र कुमावत को सौंपी गई है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। हमीद खां मेवाती को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। भा.ज.पा. के सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों से पार्टी संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। विभिन्न वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ और प्रभाव को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। बीजेपी का मानना है कि इन मोर्चों के जरिए संगठन और पार्टी के कार्यकर्ता विभिन्न समुदायों और वर्गों के बीच अपना कार्य और संवाद बेहतर तरीके से बढ़ा सकेंगे, जो आगामी चुनावों में भी पार्टी के लिए फायदेमंद होगा।  इन नियुक्तियों को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस कदम से पार्टी में और भी गतिशीलता आएगी।  

कड़ाके की ठंड से कांपा राजस्थान, कई जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान में सर्दी का असर तेज हो गया है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरा। करौली में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। पाली में भी पारा 3.4 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने चूरू, सीकर, झुंझुनूं और अलवर में तेज शीतलहर की चेतावनी जारी की है। शेखावाटी और आसपास के इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। कई शहरों में सुबह के समय ओस की बूंदें जमने लगी हैं। सीकर में फसलों पर जमी ओस ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटों में करौली, पाली, भीलवाड़ा, टोंक, कोटा, उदयपुर, बारां और प्रतापगढ़ में सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई। दौसा में न्यूनतम तापमान 4.7, बारां में 4.5, अलवर में 5.2, सीकर में 5, फतेहपुर में 5.4 और अजमेर में 7.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। ठंडी हवाओं के कारण दिन में भी गलन बनी रही। जयपुर में अधिकतम तापमान 24.1 डिग्री रहा, जबकि सभी शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो से चार दिन तक इसी तरह कड़ाके की ठंड बने रहने की संभावना जताई है।

अरावली को लेकर कांग्रेस का एक्शन मोड, लापरवाह जिलाध्यक्षों पर गिरेगी गाज, BJP पर बढ़ाया दबाव

जयपुर अरावली क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर कांग्रेस ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया है कि अरावली में अवैध खनन में बीजेपी के मंत्री और विधायक हिस्सेदार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संवेदनशील क्षेत्र को खनन माफियाओं के हवाले कर दिया है। डोटासरा ने कहा कि जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, तब अवैध खनन के खिलाफ सात दिन का अभियान चलाया गया था, लेकिन उसके बाद यह कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई। उन्होंने चिंता जताई कि पिछले दो वर्षों में अरावली क्षेत्र के पहाड़ तेजी से गायब हो रहे हैं। 'अरावली क्षेत्र में 52 खनन टेंडर जारी कर दिए' डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और खनन मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी अधिकारी, बीजेपी के मंत्री और विधायक अवैध खनन में हिस्सेदारी रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहली सरकार है जिसने खनन माफियाओं को खुली छूट दी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने मात्र एक महीने में अरावली क्षेत्र में 52 खनन टेंडर जारी कर दिए। अवैध खनन स्थलों को किया जा रहा नियमित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हाल के महीनों में हजारों अवैध खनन स्थलों को नियमित किया जा रहा है, जो पहले कानून के तहत बंद थे। उन्होंने विधानसभा सत्र में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर सरकार को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन नहीं करने वाले 8 जिलाध्यक्षों को नोटिस डोटासरा ने बताया कि अरावली और अवैध खनन के खिलाफ कांग्रेस के आह्वान के बावजूद प्रदेश के आठ जिलों में अब तक प्रदर्शन नहीं हुए हैं। ऐसे में संबंधित जिला कांग्रेस अध्यक्षों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भाजपा का पलटवार भाजपा के प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि डोटासरा को अवैध खनन में हिस्सेदारी का अनुभव है, क्योंकि उनके कार्यकाल में भी यह समस्या मौजूद थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में पांच विभागों की संयुक्त टीमें अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। रामलाल शर्मा ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अरावली क्षेत्र में वृक्षारोपण के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है।

अरावली पर्वतमाला हमारी अमूल्य धरोहर: अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के लिए विशेष अभियान की घोषणा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अरावली पर्वतमाला प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है और राज्य सरकार इसके संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि अरावली के स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अरावली जिलों में वन एवं पर्यावरण, खान तथा पुलिस सहित संबंधित विभागों की ओर से संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करें। शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित वन एवं पर्यावरण और खान विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में केन्द्र सरकार की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं। ये निर्देश पूरे अरावली भू-भाग पर समान रूप से लागू होंगे। इससे पर्वत श्रंृखला के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जा सकेगा और अनियमित व अवैध खनन पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी।   मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खनन लीज जारी करने में सुप्रीम कोर्ट और सीईसी द्वारा समय-समय पर जारी की गई गाइडलाइंस के साथ ही सभी पर्यावरण सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला को हरा-भरा बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना बनाई गई है। परियोजना के तहत अरावली जिलों के 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण करवाया जा रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, वन एवं पर्यावरण तथा खान विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र के शोलापुर से 53 मजदूरों को आज़ादी दिलाई, प्रतापगढ़ पुलिस ने किया रेस्क्यू

प्रतापगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी मानवीय कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के शोलापुर जिले में बंधक बनाए गए 53 आदिवासी मजदूरों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत की गई, जिसका उद्देश्य आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित करना है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ बी. आदित्य के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गजेन्द्र सिंह जोधा के मार्गदर्शन में थाना घंटाली के उप निरीक्षक सोहनलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की। रेस्क्यू किए गए मजदूरों में 13 महिलाएं और 40 पुरुष शामिल हैं, जो जिले के विभिन्न आदिवासी बहुल गांवों से संबंधित हैं। मजदूरी का झांसा देकर बनाया गया बंधक : दिनांक 22 दिसंबर 2025 को जिला पुलिस अधीक्षक को सूचना प्राप्त हुई कि प्रतापगढ़ जिले के थाना घंटाली, पीपलखूंट एवं पारसोला क्षेत्र के ग्राम वरदा, जामली, मालिया, गोठड़ा, उमरिया पाड़ा, बड़ा काली घाटी, ठेसला, कुमारी सहित अन्य गांवों के महिला-पुरुषों को मजदूरी दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के अकलूज थाना क्षेत्र के जाबुड़ गांव ले जाया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दलाल सीताराम पाटिल (महाराष्ट्र निवासी) एवं खान निवासी अलवर (राजस्थान) ने स्थानीय व्यक्ति की मदद से मजदूरों को इंदौर में ₹500 प्रतिदिन मजदूरी, मुफ्त भोजन व आवास का झांसा दिया। इसके बाद लगभग 100 मजदूरों को शोलापुर ले जाकर अलग-अलग जमींदारों के यहां गन्ने के खेतों में काम पर लगा दिया गया। दलालों द्वारा लाखों की रकम हड़पी : जांच में यह भी सामने आया कि दलाल खान ने जमींदारों से मजदूरों की मजदूरी के रूप में करीब 9.50 लाख रुपये अग्रिम लेकर फरार हो गया, वहीं दलाल सीताराम पाटिल ने भी लगभग 18 लाख रुपये एडवांस के रूप में प्राप्त किए। इसके बाद मजदूरों को न तो मजदूरी दी गई और न ही वापस जाने दिया गया। अत्याचार और अमानवीय व्यवहार : मजदूरों द्वारा मजदूरी मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई तथा उन्हें जबरन खेतों के फार्म हाउसों और बाड़ों में बंद कर बंधक बनाकर रखा गया। महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने की जानकारी सामने आई है। कई मजदूर मौका पाकर किसी तरह वहां से भाग निकले, जबकि 53 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था।पुलिस की तत्परता से रेस्क्यू : सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उप निरीक्षक श्री सोहनलाल मय टीम मजदूरों के परिजनों के साथ महाराष्ट्र रवाना हुए। कठिन परिस्थितियों में सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से सभी 53 मजदूरों को सकुशल रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान मजदूरों के पास न भोजन था और न ही वापसी का किराया। ऐसे में थाना घंटाली क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से भोजन, यात्रा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कर सभी मजदूरों को सुरक्षित प्रतापगढ़ लाया गया। मामला दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी : इस प्रकरण में थाना घंटाली पर प्रकरण संख्या 128/2025 के तहत आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। सभी रेस्क्यू किए गए मजदूरों को उनके गांव सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। जिला पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से न केवल 53 परिवारों को राहत मिली है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि प्रतापगढ़ पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है और अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है।

शिक्षा सुधार पर मंथन: मंत्री मदन दिलावर ने NCERT की राज्य स्तरीय बैठक का किया शुभारंभ

जयपुर  शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विद्यालयों मे तनाव मुक्त शिक्षा पर जोर देते हुए स्कूलों को सीखने के आनंद का केंद्र बनने का आह्वान किया है! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी, सीकर मे आयोजित मानसिक स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम संबंधित राज्य स्तरीय विमर्श बैठक के उद्घाटन सत्र को मुख्यअथिति के रूप मे संबोधित कर रहे थे! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने वीडिओ कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपना सम्बोधन देते हुए कहा कि शिक्षा को तनाव मुक्त बनाने के लिए हमें ग्रेड्स और अंको की दौड़ से बाहर निकलकर "सीखने के आनंद" पर ध्यान देना होगा! मनोदर्पण पहल भारत सरकार की इसी दिशा मे एक बड़ा कदम है, जो छात्रों को उनके कठिन समय मे संबल प्रदान करती है! शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला माध्यम नहीं, बल्कि वह छात्र के मानसिक स्वास्थ्य का प्रथम सजग प्रहरी है! मंत्री दिलावर ने कहा कि शिक्षकों को छात्रों के व्यवहार मे आने वाले शुक्ष्म बदलावो को पहचानना होगा! यदि कोई छात्र अचानक चुप रहने लगे या उसके व्यवहार मे चिड़चिड़ापन आये, तो उसे डांटने के बजाय सहानुभूति के साथ सुनने की अवश्यकता है! एक मानसिक रूप से स्वस्थ शिक्षक ही एक स्वस्थ कक्षा का निर्माण कर सकता है! इसलिए शिक्षकों को भी अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा! हम सब मिलकर ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करें जहाँ हमारे बच्चे न केवल अच्छे डॉक्टर या इंजीनियर बने, बल्कि एक स्वस्थ और संस्कारवान व्यक्तित्व वाले इंसान भी बने! शिक्षा मंत्री कहा कि एक समृद्धि राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब उसके नागरिक मानसिक रूप से सशक्त और खुशहाल हो!  उन्होंने आशा व्यक्त कि की प्रदेश मे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की दिशा मे यह बैठक महत्वपूर्ण साबित होंगी! बैठक मे एन सी ई आर टी, दिल्ली के निदेशक प्रोफ़ेसर दिनेश प्रसाद सकलानी, मनोदर्पण प्रकोष्ठ, एन सी ई आर टी दिल्ली के प्रोफ़ेसर विनोद कुमार सानवाल, शिक्षा विभाग राजस्थान के निदेशक सीताराम जाट, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय बीकानेर के समन्वयक डी पी सिंह उपस्थित थे! सीकर मे आयोजित हो रही इस दो दिवसीय बैठक मे कुल 210 प्रतिभागी भाग ले रहे है! जिनमे से 50% शिक्षक माध्यमिक /उच्च माध्यमिक के! 25% स्कूल कॉउंसलर /विशेष शिक्षक तथा 25% शैक्षिक प्रशासकीय अधिकारी शामिल है! कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों वह हित धारकों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना! प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान वह अंत: क्षेप हेतु आवश्यक कौशलों से परिचित कराना! प्रतिभागियों को मनोदर्पण टेली- हेल्पलाइन व टेली – मानस जैसी राष्ट्रीय पहलो से परिचित करना तथा श्रेष्ठ प्रार्थओ का आदान-प्रदान बढ़ाना व मास्टर ट्रेन तैयार करना है!  

बर्थडे पार्टी के बाद आफ्टर पार्टी का झांसा: उदयपुर मामले में महिला मैनेजर के साथ गंभीर अपराध का आरोप

 उदयपुर  पहले होटल में सीईओ का जन्मदिन मनाया गया. केक कटा, जश्न हुआ और देर रात तक पार्टी चली. इसी जश्न के बीच ‘आफ्टर पार्टी’ का न्योता भी दिया गया, जिसे सामान्य औपचारिकता माना गया. किसी को अंदाजा नहीं था कि यही आफ्टर पार्टी एक महिला मैनेजर की जिंदगी का सबसे भयावह कहानी बन जाएगी. पार्टी खत्म होने के बाद जब महिला मैनेजर को घर छोड़ने की बात आई, तो उसे कार में बैठाया गया. उस कार में पहले से कंपनी का सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति मौजूद थे. भरोसे और पद की आड़ में यह सफर आगे बढ़ा. आफ्टर पार्टी के नाम पर रास्ते में स्मोक खरीदा गया, कार में सभी ने स्मोक किया और इसके बाद ऐसी घटनाएं हुईं, उसे जिसने भी सुना वह दंग रह गया. अब इसी मामले में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हो चुका है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है. उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला ‘आफ्टर पार्टी’ जैसे शब्दों के पीछे छिपे खतरनाक सच को उजागर करता है. FIR में क्या-क्या दर्ज? एफआईआर के मुताबिक, पीड़िता एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है. 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी का आयोजन शोभागपुरा स्थित एक होटल में किया गया था. पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची. पार्टी देर रात तक चली और करीब 1:30 बजे कार्यक्रम औपचारिक रूप से समाप्त हुआ. पार्टी में कंपनी के सीईओ के साथ महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसका पति भी मौजूद थे. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पार्टी के दौरान देर रात उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेहोशी जैसी हालत में आ गई. इसी बीच कुछ लोग उसे घर छोड़ने की बात करने लगे, लेकिन तभी महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने ‘आफ्टर पार्टी’ का प्रस्ताव रखा और उसे उसमें शामिल होने के लिए कहा. ‘आफ्टर पार्टी’ का न्योता और आगे की कहानी एफआईआर के अनुसार, रात करीब 1:45 बजे पीड़िता को कार में बिठाया गया. कार में पहले से ही सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति मौजूद था. तीनों ने उसे घर छोड़ने का भरोसा दिलाया. रास्ते में एक दुकान से स्मोकिंग सामग्री खरीदी गई और पीड़िता को भी स्मोक करने के लिए कहा गया. स्मोकिंग के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई और वह पूरी तरह बेसुध हो गई. कुछ देर बाद जब पीड़िता को होश आया तो उसने आरोप लगाया कि सीईओ उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था. इसके बाद सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता के मुताबिक, वह लगातार खुद को बचाने और घर छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी. सुबह तक चला सिलसिला पीड़िता ने पुलिस को बताया कि तड़के करीब 5 बजे उसे घर छोड़ा गया. घर पहुंचने पर भी वह पूरी तरह सामान्य नहीं थी. जब उसे पूरी तरह होश आया तो उसने पाया कि उसका एक इयरिंग, मोजे और अंडर गारमेंट्स गायब थे. उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई. मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने बाद में हिम्मत जुटाकर पुलिस का रुख किया. कार के डैशकैम ने खोले राज इस मामले में एक अहम मोड़ तब आया, जब पीड़िता और जांच एजेंसियों ने कार के डैशकैम के ऑडियो-वीडियो फुटेज की जांच की. एफआईआर के अनुसार, जांच में सामने आया कि कार में हुई पूरी घटना डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई थी. फुटेज में सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति की गतिविधियां कैद होने का दावा किया गया है. यही फुटेज जांच के लिए अहम सबूत माने जा रहे हैं. पुलिस की कार्रवाई सुखेर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद त्वरित कार्रवाई की. पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. अदालत ने आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना के हर पहलू की गहन जांच कर रही है, जिसमें होटल पार्टी, आफ्टर पार्टी, कार की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्य शामिल हैं. आफ्टर पार्टी क्या होती है? इस पूरे मामले के बाद ‘आफ्टर पार्टी’ शब्द चर्चा के केंद्र में आ गया है. आम तौर पर आफ्टर पार्टी का मतलब किसी मुख्य कार्यक्रम या इवेंट के खत्म होने के बाद होने वाली दूसरी, अनौपचारिक पार्टी से होता है. आसान भाषा में समझें तो जन्मदिन, कॉन्सर्ट या किसी बड़े शो  के बाद जब कुछ करीबी लोग आपस में आराम से मिलते हैं. यहां भी खाना-पीना, संगीत, बातचीत या हल्की-फुल्की मस्ती होती है. लेकिन इस मामले में आरोप है कि इसी आफ्टर पार्टी के बहाने पीड़िता को एक ऐसी स्थिति में ले जाया गया, जहां उसके साथ गंभीर अपराध किया गया.

प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संदेश— गुरु गोबिंद सिंह का जीवन साहस और त्याग की प्रेरणा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिखों के दसवें गुरु व खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व (27 दिसम्बर) पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने धर्म और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने अन्याय के विरूद्ध लोगों को संगठित किया। उनका जीवन त्याग, तपस्या और बलिदान का अनुपम उदाहरण है। शर्मा ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे गुरु गोबिंद सिंह की शिक्षाओं को आत्मसात कर देश और प्रदेश के विकास मेें भागीदारी निभाएं।

जब भ्रम टूटा और सच्चाई जीती: राजस्थान पुलिस ने कायम की भरोसे की मिसाल

जयपुर राजस्थान की वीर धरा पर 'खाकी' केवल एक वर्दी नहीं, बल्कि लाखों युवाओं का स्वाभिमान और प्रदेश की सेवा का संकल्प है। जब एक युवा पुलिस मुख्यालय की सीढ़ियां चढ़ने का सपना देखता है, तो उसके पीछे सालों की तपस्या, माता-पिता की उम्मीदें और एक निष्पक्ष व्यवस्था का भरोसा होता है। हाल ही में राजस्थान पुलिस दूरसंचार विभाग द्वारा कांस्टेबल (ऑपरेटर/चालक) भर्ती-2025 के जो परिणाम जारी किए गए हैं, वे इसी अटूट विश्वास और अटूट पारदर्शिता की एक जीवंत मिसाल बनकर उभरे हैं। ​ भ्रामक खबरों का अंत: केवल योग्यता को सलाम ​अक्सर देखा गया है कि जब भी कोई बड़ी भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम चरणों में होती है, तो कुछ स्वार्थी तत्व और अफवाहों के सौदागर प्रक्रिया को धूमिल करने की कोशिश करते हैं। लेकिन राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि "न्याय केवल तथ्यों और योग्यता के आधार पर होगा, न कि धारणाओं के आधार पर।" ​ पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि विभाग हर एक पहलू पर पैनी नज़र बनाए हुए है। विभाग ने उन चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिणाम 'अस्थाई' (Tentative) है। इसका अर्थ यह है कि अभी केवल लिखित और शारीरिक दक्षता के अंकों के आधार पर एक सूची तैयार हुई है, लेकिन अंतिम चयन की अग्निपरीक्षा अभी बाकी है। ​ दस्तावेज़ सत्यापन: जहां दूध का दूध और पानी का पानी होगा ​राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया (Multi-layered verification) है। विभाग ने यह साफ कर दिया है कि 26 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 तक चलने वाले दस्तावेज सत्यापन (DV) में एक-एक कागज़ की बारीकी से जांच की जाएगी। ​विशेष संज्ञान: विभाग के ध्यान में यह बात आई है कि कुछ अभ्यर्थियों ने अपनी मूल कैटेगरी के अलावा अन्य कैटेगरी (जैसे OBC से MBC) में फॉर्म भरे हैं। यहां पुलिस का रुख बेहद सख्त और स्पष्ट है—"मात्र सूची में नाम आने से नियुक्ति नहीं मिलेगी।" ​ यह कदम उन मेहनती अभ्यर्थियों के लिए एक सुरक्षा कवच है, जिन्हें डर था कि गलत जानकारी देकर कोई उनकी सीट छीन लेगा। राजस्थान पुलिस ने वचन दिया है कि मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही श्रेणी का अंतिम निर्धारण होगा। यदि कोई अभ्यर्थी गलत पाया जाता है, तो उसे तुरंत अयोग्य घोषित कर मेरिट के आधार पर अगले पात्र उम्मीदवार को अवसर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया दर्शाती है कि यहाँ "सिफारिश नहीं, केवल सर्टिफिकेट और सच्चाई" चलती है। ​ एक भावुक कहानी: पसीने की बूंद और खाकी का सम्मान ​कल्पना कीजिए शेखावाटी की तपती रेत में सुबह 4 बजे दौड़ने वाले उस युवा की, जिसके पिता मजदूरी करते हैं ताकि बेटा पुलिस में भर्ती हो सके। या उस बेटी की, जिसने गृहस्थी संभालते हुए रातों को जागकर ऑपरेटर परीक्षा की तैयारी की। इन युवाओं के लिए पुलिस विभाग केवल एक नियोक्ता नहीं, बल्कि एक 'अभिभावक' है। राजस्थान पुलिस ने इन भावनाओं को समझा है। इसीलिए प्रेस नोट में यह संवेदना झलकती है कि विभाग अभ्यर्थियों की 'कड़ी मेहनत और प्रयास' का सम्मान करता है। पुलिस विभाग जानता है कि एक भी गलत चयन हज़ारों मेहनती युवाओं का मनोबल तोड़ सकता है। इसीलिए, मेडिकल परीक्षण, चरित्र सत्यापन और शैक्षणिक योग्यता की जांच को इतना कठोर बनाया गया है कि कोई भी 'अपात्र' व्यक्ति सिस्टम में सेंध न लगा सके। ​ कानूनी और नैतिक पक्ष: क्यों निराधार हैं सवाल? ​किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सवाल उठाना आसान है, लेकिन व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखना चुनौतीपूर्ण। राजस्थान पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार किया है। कानूनी दृष्टि से देखें तो विभाग ने अपनी हर कार्रवाई को नियमों के दायरे में रखा है। ​अस्थाई सूची: यह फाइनल सिलेक्शन नहीं है, अतः किसी के अधिकारों का हनन नहीं हुआ। ​सत्यापन का अवसर: सभी को अपने दस्तावेज पेश करने का समान अवसर दिया गया है। ​पारदर्शिता: आधिकारिक वेबसाइट पर सूचनाएं साझा कर विभाग ने 'सूचना के अधिकार' और 'न्यायिक सुचिता' का पालन किया है। आमजन को संदेश: अफवाहों से बचें, खाकी पर भरोसा रखें ​इस डिजिटल युग में 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी' के दावों पर यकीन करने से बेहतर है कि हम उस विभाग पर भरोसा करें जो दिन-रात हमारी सुरक्षा में तैनात है। राजस्थान पुलिस की भर्ती सेल ने आधुनिक तकनीक और निष्पक्ष जांच के तालमेल से यह सुनिश्चित किया है कि "मेहनत करने वाला कभी हारेगा नहीं, और धोखाधड़ी करने वाला कभी जीतेगा नहीं।" यह परीक्षा केवल अंकों की नहीं थी, बल्कि राजस्थान पुलिस की ईमानदारी की भी थी, जिसमें वह शत-प्रतिशत सफल रही है। विभाग का यह कहना कि "हम आपकी मेहनत और भरोसे के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे," हर अभ्यर्थी के दिल में सुरक्षा का भाव पैदा करता है। सुशासन और पारदर्शिता का नया अध्याय ​अंत में, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि राजस्थान पुलिस ने इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सुशासन (Good Governance) का एक नया मानक स्थापित किया है। चयन प्रक्रिया के हर पड़ाव पर पारदर्शिता का पहरा है। यह उन सभी के लिए करारा जवाब है जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह करते थे। ​राजस्थान के युवाओं को अब निश्चिंत होकर अपने अगले पड़ाव की तैयारी करनी चाहिए, क्योंकि उनकी खाकी, उनकी मेहनत और उनकी ईमानदारी का रक्षक स्वयं राजस्थान पुलिस मुख्यालय है।  

विश्व कप विजेता कपिल देव पहुंचे चित्तौड़गढ़, युवाओं में भरा जोश और आत्मविश्वास

चित्तौड़गढ़ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता टीम के महानायक कपिल देव गुरुवार को चित्तौड़गढ़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित सांसद खेलकूद महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह को संबोधित करते हुए कपिल देव ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए कई मंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सांसद खेलकूद प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलता है और यही खिलाड़ी आगे चलकर देश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके खेल के समय आज जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों को उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन अब सरकार और विभिन्न संस्थाएं खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। इससे भारत में खेलों का भविष्य उज्ज्वल नजर आता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए कपिल देव ने कहा, “खून-पसीने की कमाई का मजा ही अलग होता है। अगर पूरी लगन और मेहनत से प्रयास किया जाए, तो उसका परिणाम अवश्य अच्छा आता है।” उन्होंने युवाओं से कहा कि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति चैंपियन ही बने, लेकिन निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। कई बार अगली पीढ़ी वही सपना साकार करती है, जिसके लिए आज मेहनत की जाती है। कपिल देव ने कहा कि मेहनत का परिणाम हमारे हाथ में नहीं होता, लेकिन प्रयास पूरी तरह हमारे नियंत्रण में होता है। इसलिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए, सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जिस तरह आज युवा खिलाड़ी धूप में कड़ी मेहनत कर रहे हैं, कभी वह स्वयं भी इसी तरह मैदान में बैठकर सीखते थे। आज उन्होंने जो कुछ हासिल किया है, वह उसी मेहनत और सीख का परिणाम है। इससे पूर्व इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचने पर कपिल देव का भव्य स्वागत किया गया। सांसद सीपी जोशी, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद्र कृपलानी, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह, कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर एवं बेगूं विधायक सुरेश धाकड़ ने उन्हें उपरणा ओढ़ाकर तथा विजय स्तंभ का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।