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हिसार एयरपोर्ट से अब ज्यादा उड़ानें! विंटर शेड्यूल में बढ़ी फ्लाइट संख्या

हिसार हरियाणा के हिसार हवाई अड्डे को देश के हवाई नेटवर्क में और मजबूत बनाने की तैयारी चल रही है। इस साल 26 अक्टूबर 2025 से 28 मार्च 2026 तक चलने वाले विंटर सीजन में हिसार में उड़ानों की संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग 6% बढ़ाई जाएगी। हालांकि नया फ्लाइट शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हुआ है।  नए शेड्यूल के लागू होने से हिसार हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे यात्रियों को अन्य शहरों के लिए सीधी उड़ानें मिलेंगी और एयरलाइंस को नए रूट पर ऑपरेशन करने का अवसर मिलेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे शहरों को ग्लोबल एविएशन हब बनने में मदद मिलेगी।  महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट में नया विंटर शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हुआ है। इसके तहत हिसार-जयपुर, हिसार-अयोध्या और हिसार-दिल्ली फ्लाइट अब सप्ताह में दो बार संचालित होंगी। वहीं हिसार-चंडीगढ़ फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन उड़ान भरेगी। पहले हिसार-अयोध्या, हिसार-दिल्ली और हिसार-जयपुर फ्लाइट केवल सप्ताह में एक दिन ही उड़ान भरती थीं। चंडीगढ़ फ्लाइट सप्ताह में दो दिन यानी बुधवार और शनिवार उड़ान भरती थी। फिलहाल हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू करने की योजना नहीं बनाई गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, नया शेड्यूल एयरलाइंस के रीजनल कनेक्टिविटी विस्तार और टियर-2 व टियर-3 शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी पर केंद्रित है। हिसार, अमरावती, पूर्णिया और रूपसी के जुड़ने से स्थानीय और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। देशभर के 126 हवाई अड्डों से कुल 26,495 साप्ताहिक उड़ानों को मंजूरी दी गई है। ग्रीष्मकालीन अनुसूची 2025 में 129 हवाई अड्डों से 25,610 उड़ानों का संचालन हुआ था। हिसार और अमरावती जैसे नए हवाई अड्डे रीजनल कनेक्टिविटी के विस्तार को दर्शाते हैं। वहीं सर्दियों के मौसम में अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट, भावनगर, लुधियाना, पाकयोंग और श्रावस्ती हवाई अड्डों पर फ्लाइट संचालन स्थगित कर दिया गया है।

First Attempt में डबल सफलता! हरियाणा की मां-बेटे की जोड़ी ने साथ में कर दिखाया CET क्लियर

नारनौल महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल उपमंडल के कोजिन्दा गांव निवासी सेवानिवृत्त जेई हनुमान प्रसाद नारनौलिया के परिवार की यह कामयाबी शिक्षा के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड बना रही है। 40 वर्षीय लक्ष्मी और 22 वर्षीय उज्ज्वल ने अपनी लगन और मेहनत के दम पर यह सफलता हासिल की। जब उज्ज्वल ने सीईटी फॉर्म भरने की तैयारी की, तो उसकी मां ने भी इच्छा जताई कि वे भी परीक्षा दें। बेटे ने ही दोनों के ग्रुप-सी के फॉर्म पहली बार भरे और दोनों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा पास कर ली। लक्ष्मी की जीवन यात्रा भी प्रेरणादायक है। अटेली के पास स्थित गांव तोबड़ा में 1985 में जन्मी लक्ष्मी की शादी केवल 18 साल की उम्र में कोजिन्दा गांव के मेनपाल से हो गई थी। विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई कभी नहीं छोड़ी। शादी के बाद उन्होंने एएनएम का डिप्लोमा पूरा किया और अब सीईटी परीक्षा में भी सफलता हासिल की है। उनके पति मेनपाल धारुहेड़ा की एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं जिसके कारण पूरा परिवार वहीं रहता है। उज्ज्वल ने भी अपनी मां के साथ परिवार का नाम रोशन किया है। बीकॉम करने के बाद वह फिलहाल गुरुग्राम विश्वविद्यालय से एमबीए कर रहा है। उसकी मेहनत ने साबित किया है कि घर से मिलने वाली प्रेरणा व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। लक्ष्मी सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं। वे पूरे एनसीआर में ‘सीड ऑटो टेक’ नाम से एनजीओ चलाती हैं, जिसका उद्देश्य गरीबों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराना है।  

ठिठुरन भरी सर्दी के लिए रहें तैयार—मौसम वैज्ञानिकों ने जताई कड़ी आशंका, जानें पूरा अपडेट

हिसार प्रदेश में पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा ठंड पड़ने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले दिसंबर की तुलना में इस बार दिसंबर में ठंड ज्यादा पड़ने वाली है। पिछले साल दिसबंर के पहले सप्ताह में तापमान औसतन ने न्यूनतम तापमान 11 डिग्री से लेकर पांच डिग्री के आसपास रहा। इस दौरान 14 दिसंबर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा, जिसका केंद्र पाकिस्तान में होगा। हालांकि इसका अधिक असर हरियाणा में नहीं पड़ेगा। अलबत्ता कुछ हिस्सों में बादल छाएंगे, लेकिन बारिश नहीं होगी। 10 और 11 दिसंबर को तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी, जिसके चलते ठंड बढ़ेगी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने कहा कि हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील संभावित है। वहीं आज से उत्तर व उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से विशेषकर रात्रि तापमान में फिर से गिरावट की संभावना है, जिससे ठंड भी बढ़ सकती है। लेकिन 12 दिसंबर से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस दस्तक देगा जिससे अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी।   अनुमान है कि न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे यह 6 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं औसतन 24 डिग्री बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान भी करीब 1 डिग्री तक कम हो सकता है। 

चुनाव से पहले पंजाब में बड़ी कार्रवाई! सरकार ने किया हाई-प्रोफाइल अधिकारी का तबादला

नाभा पंजाब में ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों से पहले एक और बड़ा एक्शन हुआ है। चुनाव आयोग के आदेशों के बाद पंजाब सरकार ने नाभा की बीडीपीओ बलजीत कौर का तबादला कर दिया है। इस संबंध में लिखित आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। पंजाब सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, नाभा की बीडीपीओ बलजीत कौर को चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्हें एस.ए.एस. नगर मुख्य कार्यालय में हाजिरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।  

पर्यटन वाहनों पर नई पॉलिसी: NCR में 10 वर्ष से ज्यादा पुराने डीज़ल वाहन होंगे बैन

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में चलने वाले पर्यटन और परिवहन वाहनों की अधिकतम संचालन आयु तय कर दी गई। इसके लिए हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 में संशोधन करते हुए हरियाणा मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2025 को मंजूरी प्रदान की गई। नए नियम लागू होने के बाद एनसीआर और गैर-एनसीआर क्षेत्रों में सभी प्रकार के परमिट वाले वाहनों को निर्धारित आयु सीमा के भीतर ही चलाया जा सकेगा। मंत्रिमंडल के अनुसार, एनसीआर क्षेत्र में अखिल भारतीय पर्यटन परमिट पर चलने वाले वाहनों की अधिकतम आयु निर्धारित कर दी गई है। पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले वाहन अधिकतम 12 वर्ष चलेंगे। वहीं डीजल वाहनों को अधिकतम 10 वर्ष तक चलाया जा सकेगा। सरकार ने एनसीआर के बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए डीजल वाहनों पर कड़ी सीमा लागू की है, जबकि स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले वाहनों को कुछ अतिरिक्त वर्षों की राहत दी गई है। एनसीआर से बाहर, अखिल भारतीय पर्यटन परमिट वाले वाहनों की संचालन आयु समान रहेगी। पेट्रोल, सीएनजी या डीजल के सभी वाहनों की अधिकतम आयु 12 वर्ष तय की गई है। इस निर्णय से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े वाहन मालिकों को संचालन अवधि में स्थिरता मिलेगी। इसी तरह कैबिनेट ने स्टेज कैरिज, अनुबंधित कैरिज, मालवाहक वाहन और स्कूल बसों की आयु भी तय की है। एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल, सीएनजी, विद्युत (इलेक्ट्रिक) और अन्य स्वच्छ ईंधन वाले वाहन 15 वर्ष तक चल पाएंगे। वहीं डीजल वाहन 10 वर्ष तक ही दौड़ सकेंगे। इसी तरह गैर-एनसीआर क्षेत्रों में स्टेज कैरिज, अनुबंधित कैरिज, मालवाहक वाहन और स्कूल बसों (ईंधन कोई भी हो) की की अधिकतम आयु 15 वर्ष निर्धारित की गई है। सरकार का कहना है कि वाहनों की उम्र तय करने का यह कदम एनसीआर में प्रदूषण कम करने और पूरे प्रदेश में सुरक्षित व व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। नए नियम लागू होने के बाद परिवहन विभाग इनका कड़ाई से पालन करवाएगा।

सड़क हादसे में स्विमिंग कोच की दर्दनाक मौत, आरोपी मौके से भागा

बहादुरगढ़  बहादुरगढ़ में एक बार फिर से रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार स्विमिंग कोच की मौत का मामला सामने आया है। बहादुरगढ़ के बालौर बाईपास फ्लाईओवर के पास बीती रात यह हादसा हुआ। जहां एक तेज रफ्तार रेनॉल्ट ट्राइबर कार ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी, जिसके चलते स्कूटी सवार स्विमिंग कोच नवनीत खत्री की मौके पर ही मौत हो गई। नवनीत खत्री मूल रूप से बहादुरगढ़ के कुलासी गांव का रहने वाला था।  फिलहाल वह अपने परिवार सहित दिल्ली में रहता था। नवनीत दिल्ली के शिक्षा विभाग में बतौर तैराकी कोच काम करता था। नवनीत खत्री  बहादुरगढ़ की एच एल सिटी में भी तैराकों को अभ्यास करवा चुका है। सोमवार की देर रात वह  सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसा दिल्ली रोहतक मार्ग पर देर रात का बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल भिजवाया गया।  पुलिस ने मृतक स्विमिंग कोच के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। वहीं आरोपी कार चालक कार मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया था। उसकी तलाश भी पुलिस ने शुरू कर दी है। परिजनों के बहादुरगढ़ पहुंचने के बाद स्विमिंग कोच नवनीत खत्री के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। बताया जाता है कि नवनीत खत्री घर से बजघेड़ा तैराकी कोचिंग देने और वँहा से एचएल सिटी जाने और फिर वापिस घर आने की कहकर घर से गया था। लेकिन नवनीत की जगह उसकी मौत की खबर ही उसके घर पहुंची। नवनीत की मौत से तैराकों और परिजनों में शोक की लहर है। नवनीत के तैयार किये हुए कई तैराक नेशनल स्तर पर उम्दा प्रदर्शन कर चुके हैं।

कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स की नौकरी पर संकट! 1400 शिक्षकों ने सीएम नायब सैनी से लगाई गुहार

चंडीगढ़  हरियाणा के विश्वविद्यालयों में वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्थाई सुरक्षा देने की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ गई है। मंगलवार को हरियाणा विश्वविद्यालय अनुबंधित शिक्षक संघ (हकूटा) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से उनके निवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि शीतकालीन विधानसभा सत्र में सेवा-सुरक्षा अधिनियम पारित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में लगभग 1400 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर वर्षों से कार्यरत हैं, लेकिन अब तक उन्हें वैसी रोजगार-गारंटी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कॉलेजों के लगभग 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर और एक लाख 20 हजार कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को अधिनियम-2024 के तहत रिटायरमेंट उम्र यानी 58 वर्ष तक की जॉब सिक्योरिटी दी जा चुकी है। सीएम से मिलने के बाद संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने बताया कि बीते शीतकालीन सत्र में सरकार द्वारा सेवा-सुरक्षा का आश्वासन दिया गया था और मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक समिति भी बनाई गई थी, जिसने अपना कार्य पूरा कर लिया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी विश्वविद्यालयों से आवश्यक डेटा एकत्र किया जा चुका है और प्रस्ताव अब अंतिम मंज़ूरी के चरण में है। डॉ. विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का यह निर्णय प्रदेश की ट्रिपल इंजन सरकार की ओर से नए साल पर एक ऐतिहासिक उपहार होगा। मुलाकात के दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डॉ. अश्वनी व डॉ. सतपाल और बीपीएस महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां से डॉ. अमित व डॉ. विजय मौजूद रहे। संघ को अब उम्मीद है कि इस सत्र में अधिनियम पारित होकर अनुबंधित शिक्षकों को 60 वर्ष की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अगर ऐसा होता है तो यह निर्णय शिक्षक समुदाय के लिए ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालयों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों और कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चररों की योग्यता, वेतनमान और कार्यप्रणाली लगभग समान है। इसलिए इस श्रेणी को सेवा-सुरक्षा से बाहर रखना न्यायसंगत नहीं। शिक्षा स्तर पर प्रभाव की बात करते हुए डॉ. विजय ने कहा कि रोजगार सुरक्षा से शिक्षकों में स्थिरता आएगी, जिससे अध्यापन की गुणवत्ता बेहतर होगी और युवा वर्ग को लाभ मिलेगा।

पुस्तक सिर्फ शब्द नहीं, संवेदनाओं का संगम है: नायब सैनी — मुख्यमंत्री ने किया भव्य विमोचन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ‘हैंडबुक फॉर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स’ का विमोचन किया। यह पुस्तक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. केके खंडेलवाल और हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह द्वारा लिखी गई है। हरियाणा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर हरियाणा आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था के लिए सार्थक बताते हुए कहा कि यह साधारण समारोह नहीं है, बल्कि यह विचारों का उत्सव है। जब एक पुस्तक लिखी जाती है तो वह केवल शब्दों का संगम नहीं होती, बल्कि वह लेखक की सोच, उसकी साधना और उसकी संवेदनाओं का संगम होती है। पुस्तक केवल लाइब्रेरी की शोभा ही नहीं बनती, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों का एक मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पवित्र संविधान को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का यह विमोचन इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि यह पुस्तक ऐसे समय में प्रकाशित हो रही है, जब देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता- 2023 ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड, 1973 का स्थान लिया है। यह परिवर्तन न्याय प्रक्रिया को तेज, सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हरियाणा में इन तीनों आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू कर दिया है। ऐसे परिवर्तन के दौर में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि, वे प्रशासनिक प्रणाली का वह स्तंभ हैं, जिनके कंधों पर कानून-व्यवस्था, जन सुरक्षा, शांति और निष्पक्ष न्याय की सीधी जिम्मेदारी होती है। 10 भाग और 45 अध्याय सीएम ने कहा कि इस पुस्तक की विशेषता यह है कि यह कानूनों का संकलन मात्र नहीं है। यह एक ऐसा व्यापक मार्गदर्शक है, जो कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका से लेकर उनकी शक्तियों, व्यावहारिक प्रक्रियाओं, कानूनी आवश्यकताओं और जमीनी परिस्थितियों में उनके प्रयोग तक, हर पहलू को अत्यंत सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करती है। 10 भागों और 45 अध्यायों में लिखी गई यह पुस्तक अपने आप में एक संपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है। यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में विभिन्न पहलुओं का विस्तृत, विवेचनात्मक और अत्यंत व्यावहारिक विवरण दिया गया है। इनमें निवारक न्याय, सुरक्षा कार्यवाही, मजिस्ट्रियल जांच, मृत्यु घोषणाओं, पहचान परेड, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, दंगा नियंत्रण, मानहानि, अवमानना, अनुशासनिक अधिकार आदि शामिल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली, स्पष्टता प्रदान करने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी।   मुख्यमंत्री ने दोनों लेखकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. के.के. खंडेलवाल का इंजीनियर, विधि विशेषज्ञ, प्रशासक, लेखक और सार्वजनिक सेवक के रूप में व्यापक अनुभव प्रशासनिक प्रणाली के लिए अमूल्य रहा है। वर्तमान में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के चीफ नेशनल कमिश्नर के रूप में उनका मार्गदर्शन युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रहा है। इसी प्रकार अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह ने ऊर्जा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, शहरी एस्टेट, खनन, सिंचाई एवं जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपने नेतृत्व से राज्य को नई दिशा प्रदान की है। यह पुस्तक दोनों के अनुभव और दृष्टि का उत्कृष्ट समन्वय है। संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अक्सर ऐसी स्थिति का भी सामना करना पड़ता है, जहां कुछ मिनटों में बड़े निर्णय लेने होते हैं। ऐसे समय में अनुभव और कानून दोनों का संतुलन ही अधिकारी को सक्षम और प्रभावी बनाता है। यह पुस्तक उसी संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सदैव सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्वपूर्ण प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी। हमारा लक्ष्य है कि प्रशासन का हर स्तर आम नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण बनाए। फील्ड अधिकारियों के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ : सुधीर राजपाल अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि नये अधिकारियों को जब अचानक फील्ड में या कार्यालय में जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, तब उन्हें एक ऐसी पुस्तक की आवश्यकता होती है, जो उनके लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ का कार्य करे। यह पुस्तक उसी सोच का परिणाम है कि वरिष्ठ अधिकारी अपनी टीम को मजबूत बनाने और हर कदम पर मार्गदर्शन देने के लिए कैसे साथ खड़े रहें।  

HKRN के लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित, सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया लागू की

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने एक कड़ी मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है, जिसमें सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हरियाणा कौशल रोज़गार निगम लिमिटेड को देय एकमुश्त राशि का भुगतान समय पर और एकरूपता के साथ करें। इस प्रक्रिया में विशेष रूप से एक सरल व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारी भविष्य निधि के समयबद्ध और सुचारू अनुपालन पर बल दिया गया है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्डों के प्रबंध निदेशकों को भेजे गए पत्र में कहा है कि नई प्रक्रिया का उद्देश्य निगम के माध्यम से तैनात संविदा कर्मचारियों के लिए भुगतान में समानता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी दायित्व—विशेषकर कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित—विभागों द्वारा भविष्य निधि खातों को सीधे संचालित किए बिना समय पर पूरे हो सकें।मानक संचालन प्रक्रिया में भुगतान प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं। कार्यालय प्रमुख को अभिलेख सत्यापित करने और वेतन वितरण में देरी रोकने के लिए समय पर प्रशासनिक स्वीकृति जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है। आहरण तथा संवितरण अधिकारी को इस प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका दी गई है। उन्हें बिल, उपस्थिति और तैनाती अभिलेखों की जांच करनी होगी। निगम को देय राशि का भुगतान प्रत्येक माह की 7 तारीख से पहले सुनिश्चित करना होगा; निगम के पोर्टल पर कर्मचारी भविष्य निधि तथा कर्मचारी राज्य बीमा से संबंधित सही जानकारियाँ दर्ज करनी होंगी और कार्यमुक्ति या मातृत्व अवकाश से जुड़ी सूचनाएँ अद्यतन करनी होंगी। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी राज्य बीमा के अंतर्गत आने वाले किसी कर्मचारी की दुर्घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर निगम को भेज दी जाए और भुगतान केवल निगम के बिल में उल्लिखित निर्धारित बैंक खाते में ही जमा किया जाए।लेखा शाखा को सभी गणनाओं की जांच कर निगम के निर्धारित बैंक खाते में राशि भेजने का दायित्व सौंपा गया है। समन्वय अधिकारी को तैनात मानवबल से संबंधित अभिलेखों, आवश्यक स्पष्टीकरणों और विवाद निपटान के मामलों में निगम से तालमेल करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रक्रिया में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निगम द्वारा भेजे गए समेकित मासिक बिल में कर्मचारी विवरण, वेतन, वैधानिक अंशदान तथा सेवा शुल्क शामिल होंगे। आहरण तथा संवितरण अधिकारी को इन अभिलेखों की पुष्टि कर इन्हें कार्यालय प्रमुख को स्वीकृति हेतु भेजना होगा। स्वीकृति मिलने के बाद विभाग को केवल निगम के निर्धारित बैंक खाते में ही भुगतान करना होगा। विभागों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित राशि भविष्य निधि संगठन में सीधे जमा न करें। सभी विभागों को एक मासिक भुगतान अभिलेख पंजी बनाए रखने तथा बिलों, उपस्थिति पत्रकों, भुगतान प्रमाणों और अन्य अभिलेखों को लेखा परीक्षा हेतु सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। संविदा कर्मचारियों की भविष्य निधि संबंधी शिकायतों का निपटान निगम के माध्यम से ही किया जाएगा।मानक संचालन प्रक्रिया में यह भी कहा गया है कि समय पर सत्यापन और भुगतान जारी करना निगम द्वारा वेतन वितरण तथा कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। किसी भी बिल में विसंगति पाए जाने पर इसे तीन कार्य दिवसों के भीतर निगम को सूचित करना अनिवार्य होगा। विभागों, बोर्डों और निगमों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे निगम के माध्यम से तैनात कर्मचारियों के साथ वेतन या भविष्य निधि से संबंधित किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष अनुबंध न करें। सभी आहरण तथा संवितरण अधिकारियों को इन नई प्रक्रियाओं का तत्काल और कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अल फलाह यूनिवर्सिटी में फैकल्टी की कमी से छात्रों को परेशानी, 10 प्रोफेसर छोड़कर गए, MBBS फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स को छुट्टी

फरीदाबाद दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल का सेंटर पॉइंट बनी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी इन दिनों फैकल्टी की कमी का सामना कर रही है। इसके चलते MBBS फर्स्ट ईयर के छात्रों को एक सप्ताह की लीव पर घर भेजा जा रहा है। यूनिवर्सिटी के अंदर आतंकी नेटवर्क खड़ा कर रहे लेडी आतंकी डॉ. शाहीन सईद और डॉ. मुजम्मिल शकील के गिरफ्तार होने के बाद से लगातार स्टाफ यहां से जॉब छोड़कर जा रहा है। वहीं, यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही यूनिवर्सिटी पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही यूनिवर्सिटी सेटल नहीं हो पा रही है। अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी और डॉक्टरों की गिरफ्तारी ने यहां प्रोफेसरों के अंदर डर बैठा दिया है। इन गिरफ्तारियों के बाद यहां से करीब 10 मेडिकल प्रोफेसर अपनी जॉब छोड़कर जा चुके हैं। मेडिकल प्रोफेसरों के अलावा दूसरे विभागों में काम करने वाला स्टाफ भी धीरे-धीरे यहां से निकल रहा है, जिसके चलते मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों की प्रॉपर क्लास नहीं लग पा रही है। यूनिवर्सिटी की तरफ से MBBS फर्स्ट ईयर के छात्रों को एक सप्ताह की अचानक से लीव देकर घर भेजा जा रहा है। हालांकि एक सप्ताह बाद उन्हें वापस यूनिवर्सिटी में जॉइन करने की बात भी कही जा रही है। यूनिवर्सिटी सूत्रों के अनुसार, इस बात से कोई पैनिक न हो, इसलिए सभी को बोला गया है कि वे बाहर जाकर इसे सर्दी की छुट्टी बताएं। दिल्ली ब्लास्ट के बाद से हालात बिगड़े दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही अल-फलाह यूनिवर्सिटी में अफरा-तफरी का माहौल बना है। जांच एजेंसी लगातार यूनिवर्सिटी के चक्कर लगा रही है। लेडी आतंकी शाहीन और मुजम्मिल को यूनिवर्सिटी में लाकर निशानदेही कराई गई। इन दोनों के संपर्क में यूनिवर्सिटी के जितने भी डॉक्टर और दूसरा स्टाफ था, सभी से जांच एजेंसी पूछताछ कर चुकी है। सेफ रहने की कोशिश में छोड़ रहे जॉब यूनिवर्सिटी सूत्रों ने बताया कि 10 के करीब मेडिकल प्रोफेसर अपना रिजाइन देकर जा चुके हैं। जो केवल इसलिए गए है ताकि भविष्य में उन पर कोई आंच ना आ सके। स्टाफ में कई सारे लोग ऐसे हैं, जो पहले परिवार के साथ यहां पर रह रहे थे, लेकिन पहले उन्होंने अपने परिवार को यहां से निकाला और बाद में खुद रिजाइन देकर चले गए। इनमें से अधिकतर लोग ऐसे है, जो छुट्‌टी लेकर घर गए थे और लौटने की बजाय इमेल के माध्यम से अपना रिजाइन भेज दिया।