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भाजपा सरकार आते ही पंजाब को विकास के शिखर पर ले जाएंगे: नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में पंजाब में सरकार बनाकर भारतीय जनता पार्टी पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाएगी। मौजूदा पंजाब सरकार में शामिल लोगों ने झूठे वायदे करके सत्ता तो हथिया ली, चार साल बीतने के बावजूद लोगों के हित में काम करने की बजाए पंजाब का शोषण किया जा रहा है।  पंजाब को नशाखोरी, बेरोजगारी और वायदा खिलाफी ने बर्बाद कर दिया है। पंजाब में भाजपा सरकार बनने पर हरियाणा की तर्ज पर विकास करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को हरियाणा-पंजाब सीमा के निकट स्थित जिला पटियाला के घनौर की अनाजमंडी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन युवा विकास शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि एक समय में हरियाणा में भी कहा जाता था कि भारतीय जनता पार्टी का माहौल नहीं है। वर्ष 2014 के बाद ऐसा समय आया, आज वहां लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार है। इसी तर्ज पर पंजाब में भी भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब को नशामुक्त बनाने की बात कहकर यहां नशे को बढ़ा दिया है। युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया गया था। हालात ये हैं कि आज चार साल बाद भी आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक भी वायदा पूरा नहीं किया है। इन्होंने वायदा किया था कि महिलाओं को एक हजार रुपये देंगे। आज तक नहीं दिए गए। बुजुर्गां  को 2500 रुपये पेंशन देने की बात कही थी, आज तक भी 1500 रुपये दी जाती है, वह भी तीन से चार महीनों देरी से मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में भाजपा ने वायदा किया था कि सरकार बनने पर महिलाओं को पांच सौ रुपये में सिलेंडर और 2100 रुपये दिए जाएंगे। सरकार बनते ही हरियाणा में पांच सौ रुपये में सिलेंडर देने की योजना लागू कर दी गई और अब प्रदेश में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये देकर वायदा पूरा कर दिया है। हरियाणा में बुजुर्गों को 3200  रुपये पेंशन दी जा रही है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने भर्ती पर रोक लगवा दी थी। इसके बाद उन्होंने युवाओं से वायदा किया था कि वे शपथ बाद में लेंगे और  युवाओं को नियुक्ति पत्र  पहले देंगे। जैसे ही भाजपा की सरकार आई,  शपथ बाद में ली और 25000 युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर वायदा पूरा किया। हरियाणा में किसानों की सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन किया गया और उनके 350वें शहीदी साल को मनाते हुए एक माह तक लगातार प्रदेश में कार्यक्रम किए गए। स्कूलों, कॉलेजों में निबंध लेखन, सेमीनार सहित विभिन्न कार्यक्रमों से उनकी शहादत की जानकारी दी गई ताकि आने वाली पीढिय़ों को पता चल सके कि  श्री गुरु तेग बहादुर जी ने कितना बड़ा बलिदान दिया था।  उनकी शहादत की याद में 350 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। प्रत्येक शिविर मेें 350 युनिट रक्त एकत्रित किया गया।  हरियाणा सरकार गुरुओं के बलिदान की गाथा को जन-जन तक पहुंचा रही है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पिछले माह 25  तारीख को कुरुक्षेत्र में पहुंच कर श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन करते हुए उनकी याद में एक सिक्का, एक डाक  टिकट एवं एक कॉफी टेबल बुक जारी की। हरियाणा में विश्वविद्यालयों के नाम गुरुओं के नाम से रखे जा रहे हैं।   उन्होंने कहा कि पंजाब में सायं पांच बजे के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार के दरवाजे बंद हो जाते है। उन्होंने कुछ न देने वाले एक शंख की कहानी सुनाकर आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा और कहा कि इनसे वायदे कितने भी करवा लो, लेकिन करने कराने को कुछ नहीं। जिसका खामियाजा आज पंजाब के लोग भुगत रहे हैं।  हंसता खेलता विकसित पंजाब आम आदमी पार्टी की सरकार ने बर्बाद कर दिया है।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस ने गरीबों को प्लाट देने की बात तो कही थी, लेकिन उन्हें न तो कागज दिए और न ही कब्जा। आज प्रदेश सरकार ऐसे लोगों को प्लाट व उनका कब्जा दे रही  है।  मुख्यमंत्री  ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार और पूर्व में सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी बताए, उन्होंने आमजन के लिए क्या किया? फसल खराबे की बात की जाती है, हरियाणा में कांग्रेस ने दस साल के शासन में किसने को महज 1138 करोड़ रूपये का मुआवजा दिया। भाजपा सरकार ने अब तक 15 हजार 500 करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को दिया है। पिछले साल आई बाढ़ में पंजाब का काफी नुकसान हुआ। 

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर राहत, 40 दिन की पैरोल को हरियाणा सरकार की हरी झंडी

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर 15वीं बार दरियादिली दिखाई है। वह 40 दिनों के पौरोल पर बाहर आ रहा है। इससे पहले भी वह कई मौकों पर जेल से बाहर आ चुका है। आपको बता दें कि वह अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में 20 साल कारावास की सजा काट रहा है। अदालत ने उसे दोनों मामलों में अलग-अलग 10-10 साल की सजा सुनाई थी। इससे पहले वह पिछले साल अगस्त महीने में 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। इस दौरान उसने डेरा मुख्यालय में सत्संग और प्रवचन भी दिया। गुरमीत राम रहीम को 2017 में दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 2019 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उसे दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा, 2002 में अपने ही मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा मिली थी। हालांकि, इस साल मई 2024 में उसे और चार अन्य आरोपियों- अवतार सिंह, कृष्ण लाल, जसबीर सिंह और सबदिल सिंह को "दोषपूर्ण और संदिग्ध जांच" का हवाला देते हुए बरी कर दिया गया। पिछले साल जनवरी में भी राम रहीम को 20 दिन की पैरोल मिली थी, जबकि अप्रैल में 21 दिन की फरलो दी गई थी। अगस्त में उसे फिर 40 दिन की पैरोल दी गई थी। उसकी लगातार रिहाई पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले वर्षों में देखा गया है कि राम रहीम को चुनावी समय के आसपास जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। अक्टूबर 2020: हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान 40 दिन की पैरोल फरवरी 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 21 दिन की फरलो जून 2022: हरियाणा में निकाय चुनाव के दौरान एक महीने की पैरोल अक्टूबर 2022: हरियाणा उपचुनाव के दौरान 40 दिन की पैरोल  

हरियाणा में फसल खरीद में लापरवाही पर सैनी सरकार करेगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फसल खरीद व्यवस्था में आई अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक किसान की फसल का एक एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, वहीं गलत खरीद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी फसल खरीद प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल तथा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने संबंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आगामी खरीद सीजन के दौरान फील्ड में नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि किसान की सही उपज बिना किसी बाधा के एम.एस.पी. पर खरीदी जा सके। उन्होंने कहा कि फसल खरीद में पूर्व में उजागर हुई अनियमितताओं एजेंसियों और सिस्टम के साथ बड़ा धोखा है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। करनाल धान घोटाला न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश की खरीद को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी खरीद सीजन में इस प्रकार की कोई भी समस्या दोबारा नहीं आनी चाहिए। साथ ही, उन्होंन स्पष्ट किया कि फसल खरीद में संलिप्त पाए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई तुरंत अमल में लाई जाए। इससे फील्ड स्तर पर यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि गलत कार्य करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। शैलरों की जांच के लिए संबंधित विभाग की समिति ही जाए: मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी शेलर या आड़ती द्वारा मिलीभगत कर भारी अनियमितताएं पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ भारी पैनल्टी भी लगाई जाए। उन्होंने कहा कि शेलरों की जांच के लिए संबंधित विभाग की समिति ही जाए, कोई भी अधिकारी या कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से जांच पर न जाए। यदि ऐसा पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के अगले चरण में और कौन-कौन से बड़े चेहरे बेनकाब होते हैं।

हरियाणा में मंडी में कागजों में बिका 46.04 करोड़ रुपये का संदिग्ध धान

चंडीगढ़. धान सीजन खत्म होने के बाद अब असंध और कुंजपुरा की अनाज मंडी में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां 46.04 करोड़ रुपये के धान की कागजों में ही बिक्री कर गबन की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि दोनों मंडियों के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक और कुंजपुरा के हैफेड प्रबंधक ने मंडी में 743 फर्जी गेटपास काटकर फर्जीवाड़ा किया। दोनों मंडियों में 150 गाड़ियों के कटे इन फर्जी गेटपास ने 47 राइस मिलों में कुल 5,61,401 बैग धान पहुंचाया। हकीकत में ये गाड़ियां कहीं गई ही नहीं। क्योंकि ई-खरीद पोर्टल पर इन गाड़ियों के जीपीएस लोकेशन और तय की गई दूरी शून्य दर्ज की गई है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, उपायुक्त और एसपी के पास शिकायत पहुंची है। डीसी के निर्देश पर एडीसी और दोनों एजेंसियों के जिला अधिकारियों व एसपी के निर्देश पर असंध और इंद्री के डीएसपी ने जांच शुरू कर दी है। असंध के डीएसपी गौरखपाल राणा और इंद्री के डीएसपी सतीश गौतम का कहना है कि अभी हमारे पास शिकायत पहुंची है। गेटपास और गाड़ियों की लोकेशन व रिकाॅर्ड की जांच की जाएगी। इसी जांच के आधार पर ही पता चलेगा कि आरोप सही हैं या गलत। इधर, जिन निरीक्षकों व प्रबंधक पर आरोप लगा है, उन्होंने आरोपों को निराधार और जीपीएस लोकेशन न होने को तकनीकी खामी बताया है। असंध और कुंजपुरा मंडी में फर्जीवाड़े की शिकायत गांव खराजपुर निवासी विकास शर्मा ने की है। उनका आरोप है कि अक्तूबर और नवंबर माह में धान खरीद के दौरान दोनों मंडियों में विभागों के निरीक्षकों व अन्य अधिकारियों ने मिलीभगत करके कई गाड़ियों के फर्जी गेटपास तैयार किए। इसकी उच्च स्तरीय जांच होगी तो बड़ा घोटाला सामने आएगा। उनका कहना है कि अभी तो केवल दो मंडियों में फर्जीवाड़े की शिकायत उन्होंने की है, ऐसे ही हालात अन्य अनाज मंडियों में भी हैं, इनकी भी जांच होनी चाहिए। यदि सरकार की ओर से इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी तो निरीक्षक के अलावा कई अधिकारियों की मिलीभगत सामने आएगी। असंध मंडी में गड़बड़ी की 72 पेजों में है शिकायत असंध की अनाज मंडी में गड़बड़ी की तथ्यों के साथ 72 पेजों की शिकायत की गई है। शिकायत के अनुसार, मंडी से डीएफएससी द्वारा 32 मिलों को 17 लाख 15 हजार 555 कट्टे धान भेजा गया था। इसके लिए कुल 2217 एग्जिट गेट पास जारी हुए। धान ढुलाई के लिए कुल 175 गाड़ियों का विभाग की ओर से इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि ई-खरीद पोर्टल के रिकार्ड के अनुसार 112 गाड़ियों के 570 चक्कर लगे ही नहीं। अधिकारियों ने इनके फर्जी गेटपास जारी किए। क्योंकि पोर्टल के रिकार्ड में इन गाड़ियों की जीपीएस लोकेशन और तय की गई दूरी शून्य दिखाई गई है। दिखाए गए फर्जी 570 चक्करों में कुल 4,41,781 बैगों का गबन हुआ है यानी साढ़े 37 किलोग्राम प्रति बैग के हिसाब से 1,65,677 क्विंटल धान की गड़बड़ी हुई है। जिसकी एमएसपी 2370 रुपये के हिसाब से 39.24 करोड़ रुपये के बनती है। कुंजपुरा मंडी : डीएफएससी की 18 गाड़ियों के 119 फर्जी चक्कर शिकायत के अनुसार, कुंजपुरा की अनाज मंडी में डीएफएससी की ओर से कुल 18 गाड़ियों के 119 फर्जी गेटपास काटे गए। इन गेटपासों से 83,633 कट्टे धान को आठ राइस मिलों में पहुंचाया गया। भेजे गए इस धान की साढ़े 3,700 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से 3.43 करोड़ रुपये कीमत बनती है। इन 18 गाड़ियों में से किसी ने 17 तो तो किसी ने एक या चार चक्कर लगाए हैं। कुंजपुरा मंडी : 54 गेटपासों में हैफेड की गाड़ियां भी नहीं पहुंची मिल शिकायत के अनुसार, कुंजपुरा की अनाज मंडी में हैफेड द्वारा भी खरीद की गई। इस एजेंसी के प्रबंधक पर 3.37 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। हैफेड की ओर से काटे गए 54 गेट पासों में 20 गाड़ियों के फर्जी चक्कर दिखाए गए हैं। इन गाड़ियों ने कुल 35,982 बैग सात राइस मिलों तक पहुंचाए। जबकि यह पहुंचे ही नहीं। यहां एक गाड़ी के एक से लेकर 12 तक फर्जी गेटपास काटे गए।

हरियाणा में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में एक लाख नई महिलाओं को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे का विस्तार कर दिया है। इस विस्तार के साथ ही राज्य की एक लाख से अधिक नई महिलाओं को योजना का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम प्राप्त होगा। सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के मानदंड अनुसार एक लाख रुपये सालाना पारिवारिक आय वाली महिलाओं को पहले की तरह योजना का लाभ मिलता रहेगा। किसी भी पात्र महिला का मौजूदा लाभ न तो रोका गया है और न ही समाप्त किया गया है। 2100 रुपये की सहायता पहले की तरह मिलती रहेगी। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार करते हुए तीन नई श्रेणियों को जोड़ा है। इन श्रेणियों के लिए पारिवारिक आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम होनी चाहिए और यह लाभ केवल 3 बच्चों तक ही मिलेगा।  पहली श्रेणी जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे जो सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, वे 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर आते है, ऐसी माताओं को भी अब 2100 रुपये प्रति माह का लाभ मिलेगा।  दूसरी श्रेणी जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे भारत सरकार के निपुण मिशन के तहत कक्षा- 1 से 4 तक ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी प्राप्त करते हैं, तो ऐसी माताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।  तीसरी श्रेणी पोषण ट्रैकर में कोई बच्चा जो कुपोषित या एनीमिया से ग्रस्त था और माताओं के अथक प्रयास के बाद वह पोषित और स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है, तो ऐसी माताओं को भी 2100 रुपए का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस श्रेणी के लिए परिवारिक सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम होनी चाहिए। परिवार को वित्तीय सशक्त बनाने भी नई पहल हरियाणा सरकार ने महिला सशक्तिकरण को और अधिक मजबूत आधार देने के उद्देश्य से एक नई दूरदर्शी पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत महिलाओं और उनके परिवारों को न केवल तत्काल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि भविष्य के लिए सुरक्षित वित्तीय संबल भी सुनिश्चित होगा।  इस पहल के तहत, दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत वर्तमान में जो 2100 रुपए की राशि महिलाओं के खातों में जा रही है, अब इस राशि में से 1100 रुपये सीधे महिलाओं के खातों में जमा होंगे। जबकि शेष 1,000 रुपये राज्य सरकार रेकरिंग डिपॉजिट/फिक्स्ड डिपॉजिट करवाएगी। इस डिपॉजिट का पैसा ब्याज सहित लाभार्थी महिला को मिलेगा। इतना ही नहीं, लाभार्थी की असामयिक मृत्यु पर उसके नॉमिनी को यह राशि तुरंत प्रदान की जाएगी, यह भी प्रावधान किया गया है।

हरियाणा में दवा के अधिक दाम वसूलने पर होगी कार्रवाई

चंडीगढ़. हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग ने दवा के अधिक दाम वसूलने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग ने ऐसे मामलों की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-2413 जारी किया है। लोग इस पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा दवा की सही कीमत पता करने के लिए विभाग ने सही दाम मोबाइल एप भी शुरू किया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा में दवा की अधिक कीमत वसूलने के एक साल में 33 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एनपीपीए (राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण) को पत्र लिखा है। इसके अलावा तीन ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें पैकेट पर अंकित एमआरपी निर्धारित कीमत से अधिक पाई गई। इन मामलों में संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, राज्य सरकार आम जनता को सस्ती और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से हरियाणा में दवाओं की कीमतों की निगरानी की जा रही है। एनपीपीए के दिशा-निर्देशों के तहत हरियाणा में प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट व खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इन इकाइयों की जिम्मेदारी है कि आम नागरिकों को दवाएं सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध हों। फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन हरियाणा के आयुक्त मनोज कुमार ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं दवा की अधिक कीमत वसूली जाती है तो उसकी शिकायत दें।

हरियाणा के मानेसर भूमि घोटाले में सीबीआई कोर्ट ने तय किए आरोप

चंडीगढ़. पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष न्यायालय ने मानेसर भूमि घोटाले में आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। आरोप तय होने के बाद अब इस बहुचर्चित घोटाले में 2 मार्च से नियमित सुनवाई शुरू होने की संभावना है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में स्टे होने के कारण पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व आईएएस राजीव अरोड़ा, एसएस ढिल्लों, छत्तर सिंह और एमएल तायल समेत कई अधिकारियों पर आरोप तय नहीं हो सके। 27 अगस्त 2004 में मानेसर, लखनौला और नौरंगपुर गांवों में भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हुई थी। आरोप है कि बिल्डरों ने भूमि अधिग्रहण का डर दिखाकर किसानों को अपनी जमीन 20 से 25 लाख रुपये प्रति एकड़ के बेहद कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर कर दिया गया था। इस मामले में सीबीआई ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई बिल्डर कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। किसानों को हुआ था इतने का नुकसान साल 2007 में हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते हुए ही सरकार ने उक्त 400 एकड़ जमीन अधिग्रहण से मुक्त कर दी थी. इससे किसानों को उस समय करीब 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सीबीआई ने साल 2015 में जांच शुरू की और सितंबर 2018 में हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ 80 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की. अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप तय करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत मामले की सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने मानेसर लैंड स्कैम में सीबीआई जांच का निर्देश दिया था. अदालत ने पाया कि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करने का तत्कालीन हुड्डा सरकार का 2007 का फैसला दुर्भावनापूर्ण था और इसे धोखाधड़ी माना. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को बिचौलियों द्वारा कमाए गए अनुचित लाभ की जांच करने और राज्य सरकार को “एक-एक पाई वसूलने” का निर्देश दिया था. 

हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: 5,500 पदों पर नोटिफिकेशन जारी, 11 जनवरी से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

रोहतक  हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने हरियाणा पुलिस में कॉन्स्टेबल के 5,500 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 11 जनवरी से ऑफिशियल वेबसाइट hssc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग का नाम: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग पद का नाम: कॉन्स्टेबल पदों की संख्या: 5,500 पदों का विवरण : पुरुष कॉन्स्टेबल (सामान्य ड्यूटी) 4,500 महिला कॉन्स्टेबल (सामान्य ड्यूटी) 600 पुरुष कॉन्स्टेबल (सरकारी रेलवे पुलिस) 400 योग्यता : 12वीं पास आयु सीमा : 18 वर्ष शारीरिक योग्यता : पुरुष – हाइट : 170 सेंटीमीटर चेस्ट : 83 सेंटीमीटर महिला – हाइट: मिनिमम 158 सेमी दौड़ : पुरुष : 12 मिनट में 2.5 किलोमीटर महिला : 6 मिनट में 1 किलोमीटर वेतन: 69़ृ,100 रुपए प्रतिमाह चयन प्रक्रिया: फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट नॉलेज टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन एग्जाम पैटर्न : जनरल नालेज : 20 प्रश्न कंप्यूटर नॉलेज : 10 प्रश्न क्वालिफाइंग मार्क्स : जनरल : 50% अन्य : 40% आवेदन प्रक्रिया: ऑफिशियल वेबसाइट hssc.gov.in पर जाकर आवेदन करें।

हरियाणा की सैनी सरकार में 8 साल बाद बेटियों का लिंगानुपात हुआ 923

चंडीगढ़. हरियाणा ने लिंगानुपात में एक लंबी छलांग लगाई है। 30 दिसंबर 2025 तक जन्म के समय लिंगानुपात 923 दर्ज किया गया है, जो पिछले साल 2024 के मुकाबले 13 अंकों की बढ़त है। साल 2024 में लिंगानुपात 910 दर्ज किया गया था। संकेत इस बात का भी है कि 31 दिसंबर तक लिंगानुपात 923 से पार भी कर जाए। यदि ऐसा होता है तो यह हरियाणा का अब तक का सर्वाधिक लिंगानुपात होगा। साल 2019 में जन्म के समय लिंगानुपात 923 रिकॉर्ड हुआ था। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग इस बारे में जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। 2024 में जन्म के समय लिंगानुपात आठ वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया था। पिछले साल प्रति एक हजार लड़कों के जन्म पर 910 लड़कियों का जन्म हुआ था। हालांकि यह गिरावट 2020 से शुरू हो गई थी। 2020 में 922, 2021 में 914, 2022 में 917, 2023 में 916 और 2024 में 910 रिकॉर्ड किया गया था। लिंगानुपात में लगातार गिरावट से हरियाणा सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को काफी बड़ा झटका लगा। विपक्ष ने भी हरियाणा सरकार को निशाने पर लिया और सरकार की कार्यप्रणाली को निशाने पर लिया। उसके बाद सरकार ने मार्च महीने में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया और लिंगानुपात में गिरावट के लिए जिम्मेदार कारकों पर कड़ा संज्ञान लिया। एसटीएफ ने पाया है कि बेटों की चाह में अवैध गर्भपात ज्यादा किए जा रहे हैं। ऐसे क्लीनिकों व दलालों पर कड़ी नजर रखी गई और कार्रवाई को अंजाम दिया गया। स्पेशल टास्क फोर्स ने क्या कदम उठाए? 1.अवैध गर्भपात सेंटरों पर शिकंजा कसा। 600 से ज्यादा अवैध गर्भपात सेंटर बंद कर दिए गए या खुद से लाइसेंस सरेंडर कर दिया। 2.धड़ल्ले से बिकने वाली गर्भपात किट (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) की बिक्री पर रोक लगाई गई। कड़े कानून की वजह से अब कोई आम व्यक्ति इस किट को नहीं खरीद सकता। 3.एसटीएफ ने माइक्रोलेवल पर निगरानी की। उन गांवों की भी सूची बनाई, जिनका लिंगानुपात 600 से भी कम था। ऐसे गांव की संख्या 450 से ज्यादा थी। एसटीएफ टीम ने इन गांवों में जागरूकता अभियान के साथ दलालों पर भी नजर रखी। 4.जिन गांव व जिलों के लिंगानुपात में सुधार नहीं मिला तो वहां के सिविल सर्जन व एसएमओ को नोटिस जारी कर कड़ा संज्ञान लिया गया।   5. जांच में यह भी पता चला है कि सख्ती होने की वजह से लोग पड़ोसी राज्यों में गर्भपात के लिए जाने लगे। इस पर एसटीएफ ने पड़ोसी राज्यों से संपर्क कर छापे भी मारे और कई संचालकों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का भंडाफोड़ किया। 6. जिन महिलाओं की पहले से ही एक से ज्यादा बेटियां थी और वे गर्भवती भी थी, उन पर नजर रखने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम को नियुक्त किया गया। ऐसी 62 हजार महिलाओं की निगरानी की गई। 7. एसटीएफ ने 12 हफ्ते से ऊपर गर्भपात के मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग भी की। इससे 40 से ज्यादा ऐसे मामले पकड़े गए, जहां बेटियां होने पर गर्भपात कराया गया था, उन पर एफआईआर भी दर्ज की गई। किस साल कितना रहा लिंगानुपात साल              लिंगानुपात 2012             832 2013             868 2014             871 2015             876 2016             900 2017             914 2018             914 2019             923 2020             922 2021            914 2022            917 2023            916 2024            910

Hariyana News: तीन लाख में जयपुर से हाथी मंगवाकर कारपेंटर को दी अनोखी विदाई

हिसार. हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) में कारपेंटर के पद पर कार्यरत दीनानाथ की सेवानिवृत्ति विदाई पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई। 2025 के आखिरी दिन उनकी विदाई हाथी पर सवार होकर की गई, जो न केवल अनोखी थी बल्कि यादगार भी। दीनानाथ को कार्यालय से उनके मॉडल टाउन स्थित घर तक भव्य जुलूस के साथ ले जाया गया। इसके लिए जयपुर से विशेष रूप से तीन लाख रुपये खर्च कर एक हाथी मंगवाया गया था। हाथी को सोने जैसे चमकते नेटीपट्टम (मुकुट) से सजाया गया था। जुलूस के आगे-आगे एक लाख रुपये के पटाखे फोड़े गए, जबकि बैंड-बाजे और नाच-गाने का माहौल पूरे रास्ते बना रहा। एचएसआईआईडीसी के अर्बन एस्टेट स्थित कार्यालय में जैसे ही हाथी पहुंचा, आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। दीनानाथ ने बताया कि करीब तीन साल पहले उन्होंने अपने सहकर्मियों से मजाक में कहा था कि रिटायरमेंट पर वे हाथी पर घर जाएंगे। सहकर्मियों ने उनके इस सपने को साकार करने में पूरा सहयोग किया। जयपुर की एक कंपनी से संपर्क कर स्पेशल कैंटर में हाथी को हिसार लाया गया। दीनानाथ के परिजन संजय सिंह ने बताया कि यह विदाई न केवल परिवार बल्कि पूरे कार्यालय और शहर के लिए यादगार बन गई। ढोल-नगाड़ों और बैंड पार्टी की धुनों पर जुलूस मॉडल टाउन तक पहुंचा, जहां लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।