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हरियाणा में राशन वितरण में बड़ा बदलाव, HPC बैठक में नई व्यवस्था को हरी झंडी

चंडीगढ़  हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की राशन वितरण प्रणाली नए साल से हाईटैक हो जाएगी। हाई पावर परचेज कमेटी (एच.पी.सी.सी.) ने नई प्वाइंट ऑफ सेल (पी.ओ.एस.) मशीनों की मंजूरी दे दी है। नई मशीनों में फेस रीडिंग और ई-तौल की सुविधा के नए सेगमेंट जोड़े गए हैं। हालांकि इस पूरे हाईटैक सिस्टम पर हर साल सरकार का 10 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। पहले राशन डिपो पर चलने वाली 2जी मशीनों का किराया महीने का 1250 रुपए था, जो अब प्रति मशीन के हिसाब से सरकार ने तय किया है। अब प्रति कार्ड धारक पर 3.25 रुपए किराया सरकार देगी। नई 5जी पी.ओ.एस. मशीनें फिंगरप्रिंट स्कैनर और आइरिस स्कैनर से लैस होंगी। इन मशीनों से राशन कार्ड धारकों का फिंगरप्रिंट, आंखों की पुतलियों और चेहरे की पहचान कर ई-के. वाई.सी. व राशन वितरण प्रक्रिया होगी। इस फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और लाभार्थियों को आसानी से उनका हक का राशन मिल सकेगा। इन मशीनों को सीधे इलैक्ट्रॉनिक वजन मापने से भी जोड़ा गया है। इससे जितना राशन कार्ड धारक को मिलेगा, उसका वजन खुद मशीन में दर्ज होगा, साथ ही उसकी रसीद तुरंत निकल आएगी। रसीद में दिए गए राशन का पूरा ब्यौरा छपा होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। राशन डिपो पर लगेंगे कैमरे, पंचकूला से शुरू हुआ पायलट प्रोजैक्ट खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन डिपो को हाईटैक करने के लिए हर राशन डिपो पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने का फैसला किया है। इसकी शुरूआत पंचकूला से की गई है, यहां 2 राशन डिपो पर अभी तक सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए जा चुके हैं। यदि यहां ये प्रोजैक्ट सफल रहता है तो पूरे प्रदेश में विभाग इसे शुरू करेगा। हरियाणा में अभी 41 लाख कार्ड धारक हैं। हालांकि इनमें 26 से 27 लाख लोग ही राशन लेते हैं। 9500 राशन डिपो हैं। नई पी.ओ.एस. मशीनों से डिपो धारक और उपभोक्ताओं को होगा फायदा : नागर हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर ने कहा कि नई पी.ओ.एस. मशीनों से डिपो धारकों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है और अगले महीने से सभी डिपो धारकों के पास मशीनें पहुंच जाएगी। विभाग में पारदर्शी सिस्टम लागू करना उनकी प्राथमिकता है, इसके लिए सभी राशन डिपो पर कैमरे भी लगाए जाएंगे।

स्वास्थ्य व्यवस्था में नई छलांग: हरियाणा सरकार ने रातों-रात खड़े किए ढाई हजार डॉक्टर

चंडीगढ़ हरियाणा में सरकारी डाक्टरों को अनिश्चितकालीन हड़ताल के पीछे प्रशासनिक कारणों से अधिक संगठनात्मक गुटबाजी और आगामी चुनाव को प्रमुख वजह माना जा रहा है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के भीतर दी गुटों के टकराव से यह आंदोलन तेज हुआ है। एक गुट हड़ताल पर अडिग है. जबकि दूसरा मरीजों को परेशान कर आंदोलन के पक्ष में नहीं है। फिर भी आठ व नौ दिसंबर की हड़ताल के बाद बुधबार से डाक्टरों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया, जिसकी शुरुआत पंचकूला में हुई। सरकार द्वारा बातचीत के लिए बुलाने और अधिकांश मांगें मान लेने के बाद भी हड़ताल जारी रहने से प्रदेश में हजारों मरीज प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा डाक्टरों की अधिकतर मांगें पहले ही स्वीकार कर ली गई हैं और सरकार अब भी संवाद को तैयार है। मरीजों की परेशानी देख सरकार ने लगभग ढाई हजार वैकल्पिक डाक्टरों की तैनाती की है। दस दिसंबर को 2531 वैकल्पिक डाक्टर तैनात हुए और 74 डाक्टरों ने ड्यूटी ज्वाइन की। मामला पहुंचा हाई कोर्ट प्रदेश में डाक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। इस पर हाई कोर्ट वीरवार को सुनवाई करेगा। याचिका दाखिल करते हुए पंचकूला निवासी अरविदर सेठ ने हाई कोर्ट को बताया कि सरकारी अस्पताल राज्य में मेडिकल सुविधाओं की रीढ़ है। अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के अक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। इस निर्णय के चलते प्रदेश में मेडिकल सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई है। भते व स्पेशलिस्ट कैडर बनाने की मांग भी मानी है। माडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम की अधिसूचना पर जल्द निर्णय का संकेत दिया है। 

हरियाणा HKRN स्टाफ ध्यान दें! तय समय में नहीं किया ये काम तो बढ़ सकती है परेशानी

हरियाणा  हरियाणा में HKRN कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर आई है। बताया जा रहा है कि HKRN कर्मचारी अपनी फैमिली ID अपडेट नहीं करवा रहे हैं। जिस कारण उन्हें दूसरे लाभ भी मिल रहे हैं जिनके वह पात्र नहीं है, जिसको लेकर अब चीफ सेक्रेटरी ने सभी विभागों को पत्र लिखकर डेटा अपडेट करवाने के बारे में निर्देश दिए हैं। हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी ने सभी विभागाध्यक्ष को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि HKRN के तहत नौकरी कर रहे कर्मचारी अपनी इनकम को अपडेट नहीं कर रहे हैं। खासकर 17 अगस्त 2019 से 31 दिसंबर 2021 के बीच विभिन्न विभागों में शामिल हुए लोगों ने ऐसा किया है। जिन्होंने HKRN के माध्यम से मजदूरी प्राप्त करने के बावजूद अपनी पारिवारिक आय की स्थिति को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) पोर्टल पर बदलाव नहीं करवाया है। कर्मचारियों को 20 दिनों के अंदर पीपीपी पोर्टल पर अपडेट किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मानवता शर्मसार: ठिठुरन भरी सर्दी में पेंशन के चक्कर लगा रहा दिव्यांग, दोनों पैर पहले ही कट चुके

फरीदाबाद फरीदाबाद के सेक्टर 12 लघु सचिवालय डीसी कार्यालय के नीचे दोनों पैरों से विकलांग व्यक्ति अपनी पेंशन बनवाने के लिए पिछले 6 महीने से कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। जब भी वह पेंशन बनवाने के लिए आता है तो उसे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय चक्कर कटवाए जा रहे हैं।  विकलांग राजकुमार ने बताया कि उसके दोनों पैर एक दुर्घटना के कारण कट गए थे जिसके चलते वह अब चलने में असमर्थ है लेकिन ऐसी भीषण ठंड में जब वह अपनी पेंशन के लिए कार्यालय में आता है तो उसके हाथ और शरीर भी नीचे चलने के कारण सुन हो जाते हैं लेकिन वह जब भी आता है तो उसे एक कार्यालय से दूसरे  कार्यालय भेज दिया जाता है। जो भी डॉक्यूमेंट उन्होंने मांगे थे वह सभी डाक्यूमेंट्स उन्होंने दे दिए लेकिन अभी तक भी उनकी पेंशन नहीं बनी है।

HC का कड़ा रुख: अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक, जांच पूरी होने तक स्टे

चंडीगढ़  हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) की भर्ती के लिए कराई गई स्क्रीनिंग परीक्षा पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रश्नपत्र में कई ऐसे सवाल शामिल थे, जिनका कृषि या भर्ती के उद्देश्य से कोई संबंध नहीं दिखता। इसी आधार पर कोर्ट ने चयन प्रक्रिया की आगे की कार्यवाही रोकने का आदेश दिया है। यह आदेश 14 नवंबर को घोषित हुए स्क्रीनिंग परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मौदगिल ने पारित किया। उम्मीदवारों का कहना था कि परीक्षा का प्रश्नपत्र उस विषय से भटका हुआ था, जिसके लिए भर्ती की जा रही थी। उन्होंने स्क्रीनिंग परिणाम रद करने और प्रासंगिक पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा दोबारा करवाने की मांग की। साथ ही, यह भी कहा कि नौ प्रश्न हटाए जाने के बाद नकारात्मक अंकन को ध्यान में रखते हुए आनुपातिक क्षतिपूर्ति अंक दिए जाने चाहिए थे।

सरकार की नई पहल: घर-घर किचन फार्मिंग से हरियाणा बनेगा हरा-भरा

चंडीगढ़  हरियाणा बीज विकास निगम द्वारा प्रदेश में जल्द ही अपनी सब्जी-अपना फल' योजना की शुरूआत की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सैनी के कर कमलों द्वारा किया जाएगा। यह निर्णय निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पंचकूला में आयोजित हरियाणा बीज विकास निगम की 51वीं वार्षिक आम बैठक में लिया गया। बैठक में निगम के प्रबंध निदेशक राज नारायण कौशिक, निदेशक मनोज बबली, निदेशक दारा सिंह, एन.एस.सी. से डायरैक्टर नानू राम यादव, कंपनी सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सबसे पहले बैठक में बड़ी संख्या में पहुंचे शेयर धारकों (किसान) का स्वागत किया गया। अपनी सब्जी-अपना फल योजना के तहत वे लोग भी अपने परिवार के लिए ताजी और शुद्ध सब्जियां व फल उगा सकेंगे, जिनके पास खेत या पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है।

हरियाणा को मिला बड़ा विकास पैकेज: शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹1700 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को बताया कि हमारी सरकार शहरी विकास को उच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के नागरिकों को विश्वस्तरीय शहरी अवसंरचना प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे. नायब सिंह सैनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अभिभाषण में बाहरी विकास कार्यों के लिए ईडीसी फंड से 3,000 करोड़ रुपये हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला और हिसार के विकास प्राधिकरणों को आवंटित किए जाने की घोषणा की थी. सीएम सैनी ने कहा कि बजट घोषणा को मूर्तरूप देते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने एडीसी फंड के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में तेजी आएगी. 1500 करोड़ रु. पहले ही जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में ईडीसी फंड से विभिन्न महानगरीय विकास प्राधिकरणों को 1500 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं. इसके अलावा, आज विभिन्न शहरी एस्टेट्स में विकास कार्यों के लिए कुल 1700 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. इनमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को 700 करोड़ रुपये, गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण को 700 करोड़ रुपये, फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण को 170 करोड़ रुपये, पंचकूला महानगरीय विकास प्राधिकरण को 30 करोड़ रुपये, सोनीपत महानगरीय विकास प्राधिकरण को 80 करोड़ रुपये और हिसार महानगरीय विकास प्राधिकरण को 20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. नायब सिंह सैनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि विभाग ने विभिन्न शहरी एस्टेट्स में विकास कार्यों के लिए राज्य के महानगरीय विकास प्राधिकरणों को 2188 करोड़ रुपये जारी किए. गणमान्य हस्तियां रहीं मौजूद इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव प्रभजोत सिंह, कृषि विभाग के निदेशक राजनारायण कौशिक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यश पाल, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक पार्थ गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे.  

कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई सिहरन: कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे, फरीदकोट रिकॉर्ड न्यूनतम पर

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा में बृहस्पतिवार को भी शीत लहर का प्रकोप जारी रहा। दोनों ही पड़ोसी राज्यों में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फरीदकोट पंजाब का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस जबकि लुधियाना में 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है। पटियाला में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। वहीं, पठानकोट में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस, बठिंडा में 6.2 डिग्री सेल्सियस और गुरदासपुर में सात डिग्री सेल्सियस रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में पारा 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। हरियाणा के अंबाला में न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस, हिसार में 6.4 डिग्री सेल्सियस, करनाल में 6.5 डिग्री सेल्सियस, नारनौल में छह डिग्री सेल्सियस, रोहतक में 7.8 डिग्री सेल्सियस, भिवानी में 7.5 डिग्री सेल्सियस और सिरसा में 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कश्मीर के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान में गिरावट कश्मीर के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान में गिरावट के कारण लोगों को रात के समय कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वहीं कई हिस्सों में हल्की धुंध छाई रही। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में बुधवार रात को तापमान मंगलवार रात के मुकाबले एक डिग्री गिरकर शून्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि रात का तापमान इस मौसम के सामान्य तापमान से 2.3 डिग्री कम था। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात की तुलना में 1.6 डिग्री कम था।   उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में तापमान शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि गुलमर्ग में तापमान में 1.5 डिग्री की वृद्धि हुई और यह शून्य डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और शोपियां शहर जम्मू-कश्मीर में सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां दोनों जगहों पर तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने कहा कि 12 दिसंबर तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि 13 से 15 दिसंबर के बीच उत्तरी और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में हल्की बर्फबारी होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा कि आने वाले दिनों में घाटी के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की धुंध छाई रहने का अनुमान है।

स्पाईिंग आरोपों में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा ने HC से मांगी राहत, सरकार को नोटिस जारी

हरियाणा  ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ज्योति 15 मई 2025 से जेल में बंद है। अब ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ज्योति के वकील ने बीएनएस की धारा 152 को दी चुनौती दी है। उन्होंने दलील दी कि ज्योति मल्होत्रा प्रोफेशनल ट्रैवल ब्लॉगर है। वह सार्वजनिक रूप से पोस्ट कंटेंट करती है। वहीं याचिका में ज्योति ने कहा कि वह एक महिला है और परिवार में अपने बुजुर्ग पिता और बीमार चाचा की एकमात्र सहारा हैं। उसके चाचा काफी बीमार हैं।  ज्योति मल्होत्रा पर आरोप है कि उन्होंने साल 2023 में पाकिस्तान उच्चायोग नई दिल्ली वीजा आवेदन के लिए गई थीं, जहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। ज्योति पर भारत से संबंधित संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान का आरोप है। 

रियल एस्टेट को राहत! हरियाणा में हाईराइज बिल्डिंग के नियम बदले, डेवलपर्स को बड़ी सहूलियत

चंडीगढ़ हरियाणा में मकान बनाने से लेकर ऊंची कमर्शियल बिल्डिंग खड़ी करने तक की प्रक्रिया अब पहले जैसी थकाऊ नहीं रहेगी। हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में किए गए बड़े बदलावों के बाद अब घर, दुकान, होटल, मॉल और फैक्टरी बनाने वालों को न तो महीनों सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही निरीक्षण की लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकार ने अब पूरे सिस्टम को आसान करते हुए दो श्रेणियों में बांटा है – कम जोखिम और उच्च जोखिम वाली बिल्डिंग। कम जोखिम वाले घरों और दुकानों का आक्युपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) अब आर्किटेक्ट खुद जारी कर सकेगा, जबकि बड़े प्रोजेक्ट का प्रमाणन थर्ड पार्टी तकनीकी विशेषज्ञ देंगे। इसके साथ ही, एफएआर बढ़ाया गया है। सुरक्षा नियम अपडेट हुए हैं और पहली बार गरीब वर्ग के मकानों में बाथरूम और टॉयलेट का न्यूनतम आकार तय कर दिया गया है।   यहां बता देंकि लंबे समय से आम नागरिक, डेवलपर्स और उद्योगपति शिकायत कर रहे थे कि कि बिल्डिंग परमिशन और ओसी लेने में महीनों लग जाते हैं। निरीक्षण प्रक्रिया धीमी और अपारदर्शी है। नियम अस्पष्ट हैं और हर अधिकारी अलग व्याख्या करता है। छोटे उद्योग और मकान निर्माण के मामले में सिस्टम जरूरत से ज्यादा जटिल है। सरकार ने माना कि इस प्रक्रिया में सुधार जरूरी है और अब संशोधन लागू कर दिए गए हैं। अब कौन सी बिल्डिंग कैसे मंजूर होगी नई प्रणाली में अब बिल्डिंग्स को दो श्रेणियों में रखा गया है ताकि अनुमोदन प्रक्रिया सरल और तेज हो। पहली श्रेणी मंे कम जोखिम वाली बिल्डिंग्स में छोटे और बड़े प्लॉटों पर बने आम मकान (16.5 मीटर तक ऊंचाई), दुकानें – एचसीएफ, एससीओ व डीएसएस शामिल होंगे। वहीं वे उद्योग भी इसी कैटेगरी में रहेंगे, जिनकी बिल्डिंग की ऊंचाई 30 मीटर तक होगी। इन पर सरकार ने भरोसा दिखाया है। अब इनका प्रमाणन आर्किटेक्ट द्वारा सेल्फ सर्टिफिकेटेशन मोड में किया जाएगा। वहीं दूसरी दूसरी श्रेणी में उच्च जोखिम वाली बिल्डिंग शामिल रहेंगी। इनमें मल्टीप्लेक्स, ऊंची आवासीय इमारतें, डेटा सेंटर, बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स तथा होटल और रिसॉर्ट शामिल हैं। इनका प्रमाणन अब सरकारी अधिकारी नहीं बल्कि थर्ड पार्टी एम्पेनल्ड इंजीनियर/आर्किटेक्ट करेंगे। सरकार केवल मॉनिटर करेगी।   बाथरूम और टॉयलेट की जगह तय नायब सरकार ने पहली बार राज्य ने ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के घरों के लिए स्पष्ट नियम तय किए हैं। अब इन घरों में अलग टॉयलेट 0.90 वर्गमीटर से छोटा नहीं होगा। बाथरूम कम से कम 1.20 वर्गमीटर का होगा। यदि दोनों एक साथ हैं तो वह 1.80 वर्गमीटर से छोटा नहीं बनाया जा सकेगा अब और ऊंची और चौड़ी बिल्डिंगें संभव एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेसो में भी सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। इसी से तय होता है कि किसी जमीन के प्लॉट पर कितनी मंजिलें या कितना निर्माण किया जा सकता है। पहले एफएआर सीमित था और बढ़ाने की गुंजाइश कम रहती थी। अब संशोधनों के बाद उद्योगों को 150 प्रतिशत से अधिक एफएआर खरीदने की सुविधा मिलेगी। डेटा सेंटरों के लिए एफएआर 500 प्रतिशत तक उपलब्ध होगा। वहीं कमर्शियल और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर के लिए एफएआर की सीमा बढ़ाई गई है। इससे उद्योगों, मॉल, होटल और डेटासेंटर जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निर्माण और निवेश की संभावना बढ़ेगी। होटल, रिसॉर्ट और बैंक्वेट हॉल्स को राहत हॉस्पिटेलिटी सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। पहले निर्माण सीमित था और एफएआर कम मिलता था। अब नये नियम लागू होने से रिसॉर्ट, होटल और मोटल अधिक एफएआर खरीद सकेंगे। ऊंचाई और कवरेज सीमा में ढील दी गई है। यह बदलाव केवल प्रक्रिया आसान करने का नहीं बल्कि सुरक्षा को मजबूत करने का भी है। अब बड़ी इमारतों में फायर एनओसी अनिवार्य होगी। सोलर पैनल इंस्टॉल करने का प्रमाण-पत्र लेना जरूरी होगा। एनर्जी इफिशिएंसी स्टैंडर्ड अपनाने होंगे। गलत जानकारी छिपाने पर एक्शन सरकार ने साफ किया है अगर कोई गलत रिपोर्ट जमा करता है, नियम तोड़कर निर्माण करता है या जानबूझकर जानकारी छुपाता है तो ओसी को रद्द किया जाएगा। संबंधित इंजीनियर या आर्किटेक्ट पर कार्यवाही होगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरा सिस्टम अब ऑनलाइन होगा। कुछ भी-दबाकर नहीं रखा जा सकेगा। पहले कई लोगों की फाइलें महीनों दबाई जाती थीं। अब ऐसा संभव नहीं होगा क्योंकि अब हर बिल्डिंग आवेदन, स्वीकृति, ओसी और निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन ई-रजिस्टर में सार्वजनिक रूप से दिखेगी।