samacharsecretary.com

ऑटो मार्केट में फैला था 1.40 लाख टन मलबा, MCG ने एक झटके में कराया सफाया!

गुड़गांव गुड़गांव में सी एंड डी वेस्ट के मलबे में तब्दील हुई एक दशक से प्रस्तावित ऑटो मार्केट में लोगों ने करीब 1.40 लाख टन मलबा डाल दिया था। इस मलबे को नगर निगम ने एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद साफ कराया है। नगर निगम अधिकारियों की मानें तो अब यह प्रस्तावित ऑटो मार्केट पूरी तरह से मलबा मुक्त हो गई है। यहां पर जमा पूरे मलबे को उठाकर बसई स्थित सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में भेजा गया। सेक्टर-10 ऑटो मार्केट क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से भारी मात्रा में मलबा जमा था, जिससे स्थानीय निवासियों, को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। क्षेत्र की सुंदरता और स्वच्छता पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। नगर निगम गुरुग्राम की स्वच्छता टीमों ने विशेष अभियान चलाकर मात्र एक माह की अवधि में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 1.40 टन मलबा हटाया है। अभियान को मिशन मोड में चलाया जा रहा है, जिसमें भारी मशीनरी, डंपर ट्रक और जेसीबी मशीनों का उपयोग हो रहा है। सफाई के दौरान उठाए गए सभी मलबे को पर्यावरण अनुकूल तरीके से निस्तारित करने के लिए बसई स्थित सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में भेजा गया है, जहां इसको पुन: उपयोग योग्य निर्माण सामग्री में परिवर्तित किया जाता है। नगर निगम गुरुग्राम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थलों पर मलबा या निर्माण सामग्री न फेंके और शहर को स्वच्छ रखने में निगम का सहयोग करें। निगम का लक्ष्य गुरुग्राम को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और सुंदर शहर के रूप में स्थापित करना है। नगर निगम द्वारा अवैध मलबा व कचरा डंपिंग की कड़ी निगरानी की जा रही है। अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान, ग्रीन बेल्ट, खाली जमीन, नालों या सड़कों के किनारे मलबा या कचरा फेंका तो उस पर भारी जुर्माना लगाने के साथ ही उसका वाहन जब्त करके थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। 

कृषि मंत्री को मंच पर जगह नहीं मिली, नीचे बैठकर जीत लिया जनता का दिल — देखें पूरा मामला

कैथल  कैथल में प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के कार्यक्रम में जमकर प्रोटोकॉल टूटे। मंत्री को बैठने के लिए मंच पर कुर्सी तक नहीं मिली। मंत्री से पहले अन्य पदाधिकारियों को मंच पर उपस्थित होना चाहिए था, लेकिन वे खुद ही मंत्री के पहुंचने के बाद लगभग 15- 20 मिनट बाद पहुंचे। जब पार्टी के पदाधिकारी लेट पहुंचे और उन्हें मंच पर कुर्सी नहीं मिली तो पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर के कहने पर मंत्री भी मंच से नीचे आकर दर्शकों में बैठ गए। उनके साथ-साथ सभी अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मंच से नीचे उतर गए।  इसके बाद जिन पदाधिकारियों का नाम बोला गया, केवल वही लोग ही मंच पर बैठे। बाद में कृषि एवं कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अवस्था को हंसी मजाक में टाल दिया और बोले की स्टेज लकड़ी की थी और हमारे कार्यकर्ता हैं भारी-भारी, कहीं टूट ना जाए इसीलिए नीचे आकर बैठ गए. उन्होंने ये भी कहा की हमारी पार्टी अनुशासन का पालन करती है और इसीलिए हम नीचे आकर बैठ गए तो सभी ने अनुशरण किया। बता दें कृषि मंत्री मंगलवार को पुरानी अनाज मंडी चीका में स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में नवनियुक्त मार्केट कमेटी चीका के चेयरमैन जगमाल सिंह राणा व वाइस चेयरमैन मांगे राम जिंदल को पदग्रहण करवाने पहुंचे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नव नियुक्त चेयरमैनों को कुर्सी पर बैठाने की जिम्मेदारी दी थी, इसके लिए यहां उपस्थित हुए हैं। हरियाणा में किसानों, मजदूरों व आढ़तियों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाता है। नव नियुक्त चेयरमैन व उप चेयरमैन भी मंडियों का पूरा ख्याल रखेंगे और सड़क, पानी, बिजली आदि व्यवस्था पर पूरी निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश व प्रदेश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भारत को विकसित देश बनाने के लिए हम सभी की भागीदारी जरूरी है। सरकार हर वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए नित नई-नई योजनाएं क्रियान्वित कर रही है और यह जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान हित हमेशा से सरकार की प्राथमिकता रही है और उनके जीवन में समृद्धि लाना हमारा संकल्प है। सरकार किसानों की फसलों को एमएसपी पर खरीद रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर उन्हें खुशहाल बनाना सरकार का लक्ष्य है। किसानों, मजदूरों व आढ़तियों की सुनी समस्याएं इस अवसर पर कृषि मंत्री श्याम सिंह ने किसानों, मजदूरों व आढ़तियों की समस्याएं सुनी। जिसमें आढ़त बढ़ाने की मांग पर उन्होंने केंद्र और मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। अन्य शिकायत में पुरानी अनाज मंडी में पानी निकासी के कार्य को पूरा करवाया जाएगा। पंजाब की तर्ज पर स्थाई लाइसेंस करना, नई अनाज मंडी में सुविधाएं प्रदान करना, पुरानी अतिरिक्त अनाज मंडी में किसान भवन बनाना, भागल मंडी में शेड, पानी, बिजली आदि संबंधित समस्याएं सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।    

हरियाणा सरकार की कैबिनेट मीटिंग 3 नवंबर को, कई महत्वपूर्ण एजेंडे पर होगी चर्चा

चंडीगढ़  हरियाणा कैबिनेट की बैठक को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। 3 नवंबर को नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा कैबिनेट की बैठक होगी। ये बैठक हरियाणा सिविल सचिवालय की चौथी मंजिल में स्थित मुख्य समिति कक्ष में सुबह 11 बजे होगी। इस बैठक में  सीएम सैनी कई मुद्दों और विषयों पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी के अलावा अन्य मंत्री शामिल रहेंगे। 

सांस लेना हुआ मुश्किल… हरियाणा का ये शहर प्रदूषण में नंबर-1, NHAI पर गिरी गाज

बहादुरगढ़ औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ की हवा अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। मंगलवार को एक्यूआई (AQI) 347 दर्ज किया गया, जिसके साथ ही बहादुरगढ़ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। अक्तूबर के 28 दिनों में लोगों को सिर्फ पांच दिन ही साफ हवा नसीब हुई, जबकि बाकी दिन शहर रेड, ऑरेंज या यलो जोन में रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थिति को देखते हुए एनएचएआई को नोटिस जारी किया है और शहर में पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। दिवाली के बाद लगातार बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता पर्यावरण मॉनिटरिंग रिपोर्ट के अनुसार, अक्तूबर महीने में बहादुरगढ़ में हवा की गुणवत्ता के तहत बनाए इतने जोन….     6 दिन यलो जोन      8 दिन ऑरेंज जोन      8 दिन रेड जोन  दिवाली के बाद से प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। सोमवार को शहर का AQI 381 तक पहुंच गया था, जो मंगलवार को घटकर 347 रहा। हालांकि यह अब भी गंभीर श्रेणी में शामिल है। सुबह से शाम तक शहर स्मॉग की चादर में ढका रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि छठ पर्व पर हुई आतिशबाजी और कम हवा की गति के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया।   स्वास्थ्य पर असर, मरीजों की संख्या में वृद्धि नागरिक अस्पताल में आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और थकावट जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सीएक्यूएम (CAQM) की ओर से ग्रैप-3 (GRAP-III) लागू किया जा सकता है। सोमवार रात हवा की गति 10 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जिससे थोड़ी राहत मिली, लेकिन मंगलवार दोपहर बाद यह घटकर 4 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई, जिससे AQI फिर बढ़ने लगा। एनएचएआई को नोटिस, कार्रवाई के निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ अमित दहिया ने बताया कि शहर में टैंकरों और एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन फिलहाल प्रदूषण में कमी की संभावना कम है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाईपास और सर्विस लेन पर उड़ने वाली धूल प्रदूषण का प्रमुख कारण है। इस पर कार्रवाई के लिए एनएचएआई को नोटिस जारी किया गया है। बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि इन क्षेत्रों में नियमित पानी का छिड़काव किया जाए, अन्यथा नियमों की अवहेलना पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

करोड़ों का टैक्स नहीं चुकाया तो निगम का डंडा चला, गुरुग्राम में कई इमारतें सील

गुरुग्राम  गुरुग्राम नगर निगम गुरुग्राम ने टैक्स बकायेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को निगम की टैक्सेशन टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए पालम विहार स्थित वासुदेव ग्रेनाइट्स की बिल्डिंग को सील कर दिया। इस संपत्ति पर 1 करोड़ 19 लाख 86 हजार 642 रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था, जिसे बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद चुकाया नहीं गया। नगर निगम ने बताया कि संपत्ति मालिक को समय-समय पर कई बार टैक्स भुगतान के नोटिस जारी किए गए, लेकिन भुगतान न होने पर सीलिंग का अंतिम कदम उठाना पड़ा। कार्रवाई की अगुवाई जोनल टैक्सेशन अधिकारी राजेश यादव ने की। उन्होंने बताया कि सभी जोनों में बकायेदारों की सूची तैयार कर ली गई है और जिन संपत्तियों पर लंबे समय से टैक्स बकाया है, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के कार्रवाई जारी रहेगी। ‘भुगतान करें, वरना संपत्ति सील होगी’ नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टैक्स वसूली में अब किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जिन्होंने अब तक टैक्स नहीं जमा कराया है, उन्हें तुरंत भुगतान करने की सलाह दी गई है, अन्यथा उनकी संपत्तियां भी सील या कुर्क की जा सकती हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह सख्ती सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन स्थापित करने और टैक्स भुगतान की संस्कृति मजबूत करने के लिए की जा रही है। टैक्स से ही बनते हैं शहर के रास्ते निगम के अनुसार, शहर के विकास, सड़क, जल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और आधारभूत ढांचे के रखरखाव के लिए टैक्स की रकम जरूरी है। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे टैक्स को बोझ नहीं, बल्कि शहर के विकास में अपना योगदान समझें।

बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी! 30 अक्टूबर को मिल सकती है सरकारी नौकरी

गुड़गांव जिले के युवा बेरोजगारों की मौज होने वाली है। मंडल रोजगार कार्यालय की तरफ से युवाओं को नौकरी के लिए सुनहरा अवसर दिया जा रहा है। मंडल रोजागार कार्यालय की तरफ से अपने कार्यालय में विभिन्न कंपनियों के माध्यम से एक रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट युवाओं को नौकरी प्राप्त करने का सुनहरा अवसर दिया जाएगा। मंडल रोजगार अधिकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर को प्रातः 9.30 बजे लघु सचिवालय स्थित पांचवी मंजिल पर कमरा नम्बर 513-514 में रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां भाग ले रही है, जिनमें 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट पास बेरोजगार प्रार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।   मेले में लाभ लेने के इच्छुक प्रार्थी रोजगार कार्यालय का पहचान पत्र, योग्यता के दस्तावेज तथा बायोडाटा साथ लेकर आएं। जिन प्रार्थियो का पंजीकरण रोजगार कार्यालय में नहीं है वह भी रोजगार विभाग के पोर्टल HREX.GOV.IN पर पंजीकरण करने उपरांत भाग ले सकते है। पंजीकरण कार्य रोजगार कार्यालय में भी किया जा रहा है।  

दिल्ली जाने वालों के लिए बड़ा अलर्ट: इन वाहनों की एंट्री पर लगा बैन, 1 नवंबर से लागू नियम

चंडीगढ़  हरियाणा से दिल्ली जाने वाले पहले ही अलर्ट हो जाएं। दरअसल दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता की सरकार ने 1 नवंबर से नया नियम लागू किया है, जिसके तहत दिल्ली में अब BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही आ सकेंगी। इसके अलावा अन्य गाड़ियों पर बैन रहेगा।  इसको लेकर दिल्ली के ट्रांसपोर्ट विभाग ने एक नोटिस जारी किया है। नोटिस में लिखा गया है कि 1 नवंबर से दिल्ली के अंदर और बाहर BS-6 इंजन की रजिस्टर्ड गाड़िया नहीं आ सकेंगी। दिल्ली में केवल BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही आ सकती हैं । वहीं, 31 अक्टूबर 2026 तक BS-4 इंजन की गाड़ियों की एंट्री हो सकती हैं। वहीं, दिल्ली में रजिस्टर्ड कॉमर्शियल गाड़ियां ही दिल्ली में चल सकती हैं। बता दें CAQM की बैठक में 1 नवंबर से प्रदूषण फैलाने वाले कॉमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर व्यापक प्रतिबंध लगाने को मंजूरी दी गई थी। ये है बैन वाली गाड़ियों की लिस्ट दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI डीजल मालवाहक वाहन BS-4 श्रेणी के वाहन पुरानी EoL श्रेणी के वाहन, जिनका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है।   इन वाहनों को मिलेगी छूट  BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वहीं, BS-IV श्रेणी के हल्के मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक संचालन की अनुमति दी गई है। इसके बाद इन पर भी रोक लगा दी जाएगी।   गौर रहे कि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। हर साल अक्टूबर-नवंबर में राजधानी की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच जाती है। इसी के चलते सरकार की कदम उठाया गया है जो दिल्ली के साथ एनसीआर के 5 बड़े जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और सोनीपत में भी लागू किया जाएगा।  

राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ढाल: सीआईएसएफ ने संभाली भाखड़ा बांध परियोजना की जिम्मेदारी

चंडीगढ़ भारत की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) करेगी। सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल का भाखड़ा बांध परियोजना (बीडीपी), नंगल में एक आधिकारिक अधिष्ठापन समारोह हुआ। इस अवसर पर नवज्योति गोगोई, महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी खंड), एम. के. यादव, उप महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी क्षेत्र-II) तथा मनोज त्रिपाठी, अध्यक्ष, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) सहित सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल के कमांडेंट प्रतीक रघुवंशी उपस्थित रहे। यह समारोह बांध की सुरक्षा को राज्य पुलिस से औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को हस्तांतरित करने का प्रतीक बना। भाखड़ा बांध, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित एक विशाल कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण बांध है, जिसकी ऊंचाई 226 मीटर और लंबाई 518 मीटर है। यह बांध गोबिंद सागर जलाशय का निर्माण करता है, जो 168 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और 9.34 बिलियन क्यूबिक मीटर जल संग्रहण क्षमता रखता है। सीआईएसएफ के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक भाखड़ा बांध की सुरक्षा संबंधित राज्य पुलिस बलों द्वारा बीबीएमबी की देखरेख में की जा रही थी। किन्तु तोड़फोड़ और आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ते खतरों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने मई 2025 में 296 सशस्त्र कर्मियों वाली सीआईएसएफ की एक समर्पित इकाई की तैनाती को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ अब भाखड़ा बांध के मुख्य दीवारों, जलद्वारों, बिजलीघरों, नियंत्रण कक्षों तथा प्रवेश द्वारों की निगरानी एवं सुरक्षा का दायित्व संभालेगी। राज्य पुलिस बलों को बीबीएमबी की समग्र सुरक्षा व्यवस्था में सहायक भूमिका में रखा गया है ताकि समन्वित सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ की तैनाती से भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है और यह कदम भारत की जल, ऊर्जा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

लाडो लक्ष्मी योजना में महिलाओं की घटती भागीदारी पर CM सैनी सख्त, कहा- जागरूकता की कमी चिंता का विषय

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने गरीब महिलाओं के कल्याण के लिए लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की थी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 2100 रुपए मासिक दिए जाने हैं लेकिन महिलाएं गुलाबी और पीला राशनकार्ड कट जाने के डर से इस योजना में रुचि नहीं दिखा रही। इसके चलते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष नाराजगी और चिंता जाहिर की। हरियाणा दिवस पर एक नवम्बर को इन महिलाओं को मासिक भत्ते की पहली किस्त दी जानी है। प्रदेश सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक एक लाख रुपए वार्षिक तक आय वाली 23 से 60 साल की उम्र की महिलाओं की संख्या 19 लाख 62 हजार है, मगर 25 अक्तूबर तक सिर्फ 6 लाख 20 हजार महिलाओं ने भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है।  अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट दी है कि महिलाओं में इस बात का डर है कि उनके खातों में 2100-2100 रुपए मासिक आते ही परिवारों की वार्षिक आय 25-25 हजार रुपए बढ़ जाएगी, जिससे वह अंत्योदय परिवारों की सूची से बाहर हो सकते हैं। ऐसे परिवारों की महिलाएं जागरूकता के अभाव में और डर की वजह से लाडो लक्ष्मी योजना का भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं कर रही हैं।  समाज कल्याण विभाग, पंचायत विभाग और क्रिड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचना दी कि महिलाओं में गुलाबी व पीले राशनकार्ड कट जाने का डर है। 25 से 50 हजार रुपए वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों के गुलाबी कार्ड बनाए जाते हैं, जबकि 50 हजार से 1.80 लाख रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों के पीले बी.पी.एल. कार्ड बनाने का प्रावधान है। 1.80 लाख रुपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों के हरे (ए.पी.एल.) कार्ड बनते हैं। गुलाबी कार्डधारकों की सरकार 35 किलो गेहूं हर माह प्रदान करती है। गुलाबी व पीले राशनकार्ड धारकों को मिलने वाली सुविधाएं भी काफी हैं।   women are not showing interest in Lado Laxmi Yojana, haryana hindi news, Haryana news, Hindi news, अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.40 लाख रुपए वार्षिक तक है, उनकी महिलाओं को भी लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100-2100 रुपए प्राप्त करने के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए। अब पंचायत सचिवों और क्रिड में कार्यरत सी.पी.एल.ओ. को लिस्ट देकर गांवों में भेजा जा रहा है, ताकि वे पात्र महिलाओं को चिन्हित कर उनके मौके पर ही लाडो लक्ष्मी योजना के तहत आवेदन करा सकें। हरियाणा के समाज कल्याण विभाग ने अभी तक जो सीमा निर्धारित की है, उसके मुताबिक जिन महिलाओं ने 25 अक्तूबर तक आवेदन कर दिया है, उन्हें ही एक नवम्बर को 2100-2100 रुपए मिल पाएंगे लेकिन मुख्यमंत्री ने 25 अक्तूबर की इस सीमा को हटाने के लिए कहा है, ताकि 31 अक्तूबर तक भी आवेदन करने वाली महिलाओं को शगुन की राशि प्रदान की जा सके। 31 अक्तूबर तक आवेदन करने वालों को यदि सरकार ने भते की राशि प्रदान की तो यह संख्या आठ से 10 लाख भी हो सकती।    

सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं पर हरियाणा सरकार की एडवाइजरी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

चंडीगढ़ हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं को रिस्की-सॉल्वेंट्स बारे एडवाइजरी जारी की गई है। लगातार जांच की जा रही है और निर्धारित मानकों में कमी पाए जाने पर दवा निर्माताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव चंडीगढ़ से वर्चुअली मीटिंग के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दे रही थी। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव डा. आर. एस. ढिल्लो, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के आयुक्त डा. मनोज कुमार , स्टेट ड्रग कंट्रोलर ललित कुमार गोयल और असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर श्री राकेश दहिया भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं को रिस्की-सॉल्वेंट्स (प्रोपीलीन ग्लाइकोल, ग्लाइकोल और ग्लिसरीन आदि) की खरीद, स्टॉक और उपयोग के संबंध में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संबंधित सॉल्वेंट्स के सत्यापन के लिए पहले ही निरीक्षण शुरू कर दिए गए थे। अब तक 37 निरीक्षण किए गए हैं और 54 नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए