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सरकार का बड़ा फैसला: हरियाणा में TGT शिक्षकों की सेवा अवधि 30 नवंबर तक बढ़ी

चंडीगढ़  हरियाणा के TGT (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त सभी अनुबंधित TGT का कार्यकाल 30 नवंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही, शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बिना विभागीय अनुमति के किसी भी अध्यापक को कार्यमुक्त न किया जाए। मौलिक शिक्षा के महानिदेशक की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि यह निर्णय मुख्य सचिव की स्वीकृति से लिया गया है, ताकि विद्यालयों में शिक्षण कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहे। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आर्ट और फिजिकल एजुकेशन असिस्टेंट पदों पर कार्यरत शिक्षकों का कार्यकाल भी 30 नवंबर तक बढ़ाया है। इससे उन हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो पहले कार्यकाल समाप्त होने की स्थिति में अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। निदेशालय ने यह भी कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवाएं पहले बढ़ाई जा चुकी थीं, वे भी इसी अवधि तक कार्यरत रहेंगे। सभी स्कूल प्रधानाचार्यों व मुख्याध्यापकों को सख्त रूप से निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शिक्षक बिना अनुमति के कार्यमुक्त न किया जाए। कार्यमुक्त से पहले अनुमति जरूरी विभाग ने कहा है कि यदि किसी भी कारण से किसी शिक्षक को कार्यमुक्त करने की आवश्यकता महसूस होती है, तो संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव भेजा जाए और निदेशालय से पूर्व अनुमति प्राप्त की जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कौशल रोजगार निगम के माध्यम से लगे अध्यापकों के कार्यकाल बढ़ाने संबंधी यह आदेश पूर्व निर्धारित शर्तों और नियमों के तहत ही प्रभावी रहेगा।

मिड-डे-मील में देसी स्वाद का तड़का! हरियाणा के बच्चों की थाली में आएंगी खीर और पिन्नी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार अब स्कूलों के मिड-डे-मील में बच्चों के स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखने जा रही है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अब हफ्ते में एक दिन इंस्टेंट खीर और एक दिन पौष्टिक पिन्नी परोसी जाएगी। यह कदम बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करने और मिड-डे-मील को और आकर्षक बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य के शिक्षा विभाग ने इस पहल के लिए हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड, पंचकूला के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इसके तहत हरियाणा एग्रो पहली नवंबर से 31 मार्च, 2026 तक स्कूलों में इंस्टेंट खीर उपलब्ध करवाएगा। वहीं, पिन्नी की आपूर्ति की जिम्मेदारी पहले चरण में नूंह और भिवानी जिलों में वीटा द्वारा निभाई जा रही है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि अब स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत हफ्ते में एक दिन इंस्टेंट खीर और एक दिन पिन्नी परोसी जाए। यह नई व्यवस्था बालवाटिका-।।। से लेकर कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी। यह सिर्फ स्वाद बढ़ाने की कोशिश नहीं, बल्कि बच्चों के शरीर में आवश्यक ऊर्जा और पोषक तत्वों की पूर्ति करने का प्रयास भी है। खीर में मौजूद दूध और चावल से ऊर्जा मिलेगी, जबकि पिन्नी बच्चों को देगी प्रोटीन और आयरन का बूस्ट। राज्य सरकार का यह कदम बच्चों में कुपोषण को खत्म करने और उन्हें संतुलित आहार देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। मिड-डे-मील में स्वाद और पौष्टिकता के नए विकल्प जोड़ने से बच्चों की उपस्थिति और रुचि दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। हरियाणा एग्रो और शिक्षा विभाग का यह संयुक्त प्रयास आने वाले महीनों में राज्य के लाखों विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान और उनके शरीर में नई ऊर्जा भरने जा रहा है। दूध के साथ अब ‘आयरन डोज’ भी शिक्षा विभाग ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि जिस दिन विद्यार्थियों को दूध वितरित किया जाएगा, उसी दिन उन्हें आयरन फॉलिक एसिड टैबलेट्स भी दी जाएंगी। इससे बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) को रोकने में मदद मिलेगी और उनकी एकाग्रता व स्मरण शक्ति में सुधार आएगा। राज्य सरकार का मानना है कि स्वस्थ बच्चा ही अच्छा विद्यार्थी बन सकता है, इसलिए यह पहल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास दोनों को ध्यान में रखकर की गई है। नूंह और भिवानी से शुरू हुई ‘पिन्नी योजना’ केंद्र सरकार के पोषण सुधार दिशानिर्देशों के तहत हरियाणा ने पहले चरण में नूंह और भिवानी जिलों में पिन्नी वितरण शुरू किया है। वीटा की ओर से फिलहाल 90 दिनों के लिए पिन्नी की आपूर्ति की जा रही है। स्कूलों को अपने विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पिन्नी की डिमांड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह डिमांड जिला मौलिक शिक्षा कार्यालयों के माध्यम से निदेशालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर हरियाणा एग्रो पिन्नी की अगली खेप मुहैया कराएगा।

नायब सिंह सैनी ने की पहल: अब आमजन भी बन सकेंगे गौशाला आत्मनिर्भरता मिशन के सहभागी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गौ सेवा सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गायों को सड़कों पर न छोड़ें और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में सहभागी बनें। गोबर व गौमूत्र से बने उत्पादों का उपयोग करें। उन्होंने श्री कृष्ण गौशाला, करनाल को अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री गुरुवार को श्री कृष्ण गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने गौशाला में गायों की पूजा की, गायों को चारा खिलाया और यहां बने चिकित्सालय का दौरा कर गौवंश के लिए उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने गोपाष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय सनातन जीवन का पवित्र दिन है जो हमें संस्कृति, भाईचारे और प्रेम भाव से जोड़ता है। यह केवल पर्व नहीं बल्कि करूणा, सेवा और कर्तव्य बोध का प्रतीक है।  गौमाता का सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गौ माता का जहां सामाजिक और आध्यात्मिक महत्त्व है वहीं इसका संबंध गोधन से भी रहा है। प्राचीन समय में जिसके पास जितनी अधिक गायें होती थीं उसे उतना ही अधिक समृद्ध माना जाता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी-देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में एक कामधेनु गाय थी। एक कथा अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने गौ-गोपियों के लिए जब गोवर्धन पर्वत धारण किया तब आठवें दिन इंद्र देवता भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आए। उन्होंने कामधेनु श्रीकृष्ण का अभिषेक किया और उनका नाम गोविंद रखा। तभी से अष्टमी को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। गाय का दूध फायदेमंद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गाय को आध्यात्मिक और दिव्य गुणों का स्वामी भी कहा जाता है। गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उसका दूध अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से यह साबित हुआ है देसी गाय का दूध कई रोगों में काफी फायदेमंद है। यह मां के दूध के समान गुणकारी माना जाता है। संवर्धन व संरक्षण के लिए उठाए कई कदम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने गौशालाओं के विकास, गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। 11 साल पहले गौ सेवा आयोग को मात्र 2 करोड़ की ग्रांट दी जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसमें लगातार वृद्धि की। गायों के संरक्षण व उनके संवर्धन के लिए सरकार ने बजट 600 करोड़ कर दिया है। उन्होंने ने बताया कि प्रदेश में 2014 में 215 पंजीकृत गौशालाओं में 1.75 लाख गौवंश था लेकिन आज 686 गौशालाओं में 4 लाख से अधिक गौवंश है। गौशालाओं के लिए 800 ई-रिक्शा खरीदने की प्रक्रिया जारी है। गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गौशालाओं के लिए जमीन की रजिस्ट्री करवाने की स्टांप ड्यूटी खत्म कर दी गई है। गौशालाओं में शेड निर्माण जारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि गायों की जांच के लिए जिन गौशालाओं में 3 हजार से अधिक गौवंश हैं वहां सप्ताह में एक दिन पशु चिकित्सक और इससे कम संख्या वाली गौशालाओं में वीएलडीए की ड्यूटी लगाई गई है। इतना ही नहीं मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी गौशालाओं के लिए उपलब्ध कराई गई है। बेसहारा गौवंश के लिए प्रदेश में दो गौ अभयारण्य बनाए गए हैं। गौशालाओं में शेड बनाने के लिए प्रति गौशाला 10 लाख का अनुदान देने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। 51 गौशालाओं में शेड बनाए जा चुके हैं, बाकी में काम जारी है। चारे के लिए अनुदान उन्होंने बताया कि 605 गौशालाओं के लिए 88 करोड़ 50 लाख रुपये चारे के लिए अनुदान के रूप में दिए गए हैं। पंजीकृत गौशालाओं को 11 सालों में 388 करोड़ 60 लाख का अनुदान चारे के लिए दिया गया है। देसी नस्ल की गायों के संवर्धन व संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार गायों की नस्ल सुधारने और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है। गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक फिनाइल, जैविक खाद, गोबर के बर्तन, दीया, साबुन, उपले गमला, धूप, गौ अर्क जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं। पंचगव्य उत्पादन के लिए गौशालाओं को मांग अनुसार जरूरी मशीनरी की खरीद के लिए मदद दी जा रही है। प्रदेश की 101 गौशालाओं को 6 करोड़ 50 लाख रुपये की अनुदान राशि पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि गौ माता की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया गया है। गौ हत्या करने वाले को दस वर्ष और गौ तस्करी करने वाले को सात साल के कारावास का प्रावधान किया गया है। सैनी ने कहा कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गोपाष्टमी के महत्त्व पर डाला प्रकाश इससे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गोपाष्टमी के महत्व पर प्रकार डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता सामान्य प्राणी नहीं बल्कि सनातन परंपराओं का प्राण है। प्राण सुरक्षित रहेंगे तो निश्चित रूप से जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को गौ पालन करना चाहिए। गौ सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है ये रहे मौजूद इस मौके पर भानपुरा पीठ के शंकराचार्य, प्रेम मूर्ति महाराज, इंद्री के विधायक एवं चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, असंध के विधायक योगेंद्र राणा, मेयर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर, गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग, गौशाला के प्रधान सुनील गुप्ता आदि मौजूद रहे।

कोहरे से पहले रेलवे की बड़ी तैयारी, इन लंबी दूरी की ट्रेनों में होगा बदलाव

अंबाला  सर्दियों की शुरुआत के साथ ही फॉग का मौसम करीब है। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर साल की तरह इस साल भी कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द की गई हैं, जो फरवरी तक रद्द रहेंगी। यात्रियों की परेशानी से बचने के लिए रद्द होने वाली गाड़ियों की सूची भी जारी कर दी गई है। रेलवे की तैयारी और सुरक्षा उपाय अंबाला रेलवे मंडल के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने मीडिया को बताया कि रेलवे ने दो तरह की तैयारियां की हैं:- फॉग सेफ्टी डिवाइस फॉग के दौरान लोको पायलट के पास फॉग सेफ डिवाइस अनिवार्य है। यह डिवाइस सिग्नलों की स्थिति बताता है। रेलवे ने सभी मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों में यह डिवाइस लगा दिया है। फॉग के कारण ट्रेनें रद्द नवीन कुमार ने बताया कि फॉग के चलते ट्रेनों की गति धीमी हो जाती है, जिससे कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ता है। खासकर उत्तर भारत में फॉग अधिक पड़ता है, इसलिए उत्तर की ओर जाने वाली ट्रेनें रद्द की गई हैं। रद्द ट्रेनों की सूची पहले ही जारी कर दी गई है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फॉग सेफ्टी डिवाइस का काम डीसीएम ने बताया कि रेलवे में सात-आठ साल से फॉग सेफ डिवाइस अनिवार्य है। यह GPS आधारित छोटा डिवाइस लोको में लगाया जाता है। प्रत्येक रूट की मैपिंग और डेटा पहले से इसमें दर्ज किया जाता है। डिवाइस लोको पायलट को लगभग 1 किलोमीटर पहले ही अलर्ट देता है कि आगे फाटक या स्टेशन है, ताकि ट्रेन सुरक्षित रूप से चल सके। यात्रियों के लिए संदेश नवीन कुमार ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेलवे की जारी सूची और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और यात्रा की योजना बनाते समय फॉग के कारण रद्द ट्रेनों की जानकारी अवश्य लें।  

राजबीर फरटिया के बेटे की ग्रैंड वेडिंग बनी चर्चा का विषय! 5 एकड़ में पंडाल

चंडीगढ़  5 एकड़ पंडाल, 150 गांवों को भोज, कौन है दुल्हन?लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के बेटे की शादी की खासी चर्चा है. भिवानी. हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के बेटे की शादी की खासी चर्चा है. विधायक राजबीर फरटिया के इकलौते बेटे योगेश फरटिया की शादी की रस्में तीन दिन से चल रही हैं और 30 अक्टूबर 2025 रिशेप्शन होने जा रहा है. इस ग्रैंड शादी में बड़ी संख्या में लोगों को न्योता दिया गया. अहम बात है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर कई बड़े दिग्गज को शादी में बुलाया गया है. जानकारी के अनुसार, भिवानी में लोहारू मंडी में प्रीतिभोज कार्यक्रम में डेढ़ सौ गांवों के लोगों को निमंत्रण दिया गया है. गुरुवार को कांग्रेस के नेता चौधरी वीरेंद्र सिंह भी इस शादी में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि शादी के भोज के लिए लोहारू मंडी में पांच एकड़ में पंडाल बना गय़ा है और करीब 90 से एक लाख लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है. गौरतलब है कि विधायक राजबीर फरटिया के बेटे योगेश फरटिया की अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी है. विधायक राजबीर फरटिया के बेटे योगेश फरटिया की अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी है.   योगेश की शादी जींद से हो रही है और उनकी दुल्हन इंग्लैंड से पढ़ी है. जींद के डेयरी कारोबारी बलजीत सिंह रेढू की बेटी तमन्ना और योगेश की शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं.  बताय़ा जा रहा है कि तमन्ना ने इंग्लैंड से कॉमर्स की पढ़ाई की है और अब पिता के कारोबार में साथ दे रही हैं. जींद में लक्ष्य डेयरी एवं लक्ष्य फूड इंडिया के नाम से कंपनी चलाने वाले बलजीत की तमन्ना इकलौती बेटी है. भाई स्वीट्स एवं होटल का कारोबार देखता है. बेटे की शादी के लिए विधायक ने राहुल गांधी को भी बुलाया है. विधायक का इकलौता बेटा है योगेश पहली बार विधायक बने कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के दो बच्चे हैं. एक साल पहले बेटी की शादी आईएएस अफसर से हुई थी और अब बेटा दुल्हा बननने जा रह है. बीते तीन रोज से शादी का जश्न चल रहा है और इसमें रंग जमाने के लिए कलाकारों को भी बुलाया गया है. शादी में शामिल होने के लिए पहुंचे चौधरी बीरेंद्र सिंह. गुरुग्राम में यह शादी होगी, लेकिन लोहारू मंडी में गुरुवार को भोज दिया जा रहा है. विधायक राजबीर फरटिया ने कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी को भी शादी का निमंत्रण दिया है. वहीं, पार्टी के अन्य शीर्ष नेतृत्व तको भी बुलाया है. बताया जा रहा कि गुरुग्राम में यह शादी होगी, लेकिन लोहारू मंडी में गुरुवार को भोज दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि लोहारू अनाज मंडी में भोज के लिए विधायक पांच हजार वेटर्स और करीब 800 सिक्योरिटी गार्डों भी तैनात किए गए हैं. गौरतलब है कि लोहारू विधानसभा से जीते राजबीर फरटिया ने भाजपा सरकार में कृषिमंत्री रहे जेपी दलाल को हराया था.  

अब घर बैठे कर सकेंगे जमीन की रजिस्ट्री, हरियाणा सरकार ने किया बड़ा बदलाव

चंडीगढ़  हरियाणा में जमीन की रजिस्ट्री अब ऑनलाइन होगी. इसके बाद अब पूरे प्रदेश में हरियाणा दिवस (एक नवंबर) से डीड पंजीकरण भी ऑनलाइन किया जाएगा. हरियाणा ने भूमि एवं राजस्व प्रशासन को पूर्ण रूप से डिजिटल करते हुए पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल शासन के नए युग की शुरुआत कर दी है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उच्च स्तरीय बैठक करते हुए डिजिटल सुधारों की प्रगति की समीक्षा की. हरियाणा की होम सेक्रेटरी, डॉ. सुनीता मिश्रा ने बताया, 1 नवंबर से हम हरियाणा में एक बड़ा बदलाव ला रहे हैं. मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, हम तहसीलों में जमीन रजिस्ट्रेशन डीड के सिस्टम को बदल रहे हैं और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन की तरफ बढ़ रहे हैं. हरियाणा ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा. 29 सितंबर को मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन में इसे लॉन्च किया था. अब, एक महीने की टेस्टिंग और सुधार के बाद, हम इसे 1 नवंबर से पूरे राज्य में लॉन्च कर रहे हैं, जो हरियाणा दिवस भी है. यह हमारी कोशिश है कि उन नागरिकों को राहत मिले जिन्हें पहले तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जहां उन्हें बिचौलियों और दलालों के बारे में सुनने को मिलता था और उनसे निपटना पड़ता था. अब, यह सब नागरिक के हाथ में होगा. जो भी रजिस्ट्रेशन करवाना चाहता है, वह अपनी ID बनाकर लॉगिन करेगा.   जमीन की डीड (जैसे सेल डीड) वह कानूनी दस्तावेज है जो संपत्ति के स्वामित्व को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित करता है. रजिस्ट्री उस दस्तावेज को सरकारी कार्यालय (उप-पंजीयक कार्यालय) में पंजीकृत करने की प्रक्रिया है ताकि यह कानूनी रूप से मान्य हो जाए और सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाए. कैसे करेंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन डीड रजिस्ट्रेशन के लिए https://eregistration.revenueharyana.gov.in/ पोर्टल पर लाग इन किया जा सकता है. नई व्यवस्था आरंभ होने के बाद मौजूदा प्रणाली स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी. इस सुविधा के बाद हरियाणा देश में शत-प्रतिशत कागज रहित संपत्ति पंजीकरण प्राप्त करने वाला पहला राज्य बन जाएगा. नागरिक सुरक्षित ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से अपनी पहचान पंजीकृत और सत्यापित कर सकते हैं.

हरियाणा की सीमाओं पर धान का ‘सैलाब’! यूपी-बिहार से ट्रकों की बढ़ी आमद

यमुनानगर जबसे हरियाणा में धान की खरीद शुरू हुई है उसके बाद से ही अन्य राज्यों से हरियाणा में धान की तस्करी हो रही है। 'दैनिक ट्रिब्यून' ने 20 अक्तूबर के अपने अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जब किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा-यूपी सीमा पर उत्तर प्रदेश, बिहार से आने वाले डेढ़ सौ से अधिक ट्रकों को रोक लिया था। उसी के बाद मुख्यमंत्री ने इस पर सख्ती बरतने के आदेश दिए और अब हरियाणा-यूपी सीमा पर 24 घंटे पहरा लगाया गया है, ताकि अन्य राज्यों का धान हरियाणा में न आ पाए। हरियाणा में एमएसपी पर 24 फसलें खरीदी जा रही हैं, उनमें धान भी एक प्रमुख फसल है। आजकल धान का सीजन जोरों पर है, ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक, ट्रालियां चावल और धान लेकर आ रहे हैं, ताकि उन्हें हरियाणा में एमएसपी पर बेचकर लाभ कमाया जाए। व्यापारी मोटे मुनाफे के चक्कर में यहां फसल भेज रहे हैं, क्योंकि वहां धान और चावल के रेट काफी कम हैं। इसीलिए हरियाणा सरकार ने अन्य राज्यों से हरियाणा में धान और चावल लाने पर प्रतिबंध लगाया है। यमुनानगर में कलानौर चौकी पर इंटर स्टेट नाका लगाया गया है, जिसमें पुलिस, फूड सप्लाई विभाग, मार्केट कमेटी, ग्राम पंचायत के अधिकारी तैनात किए गए हैं। 24 घंटे इस नाके पर सभी विभागों के कर्मचारी तैनात रहते हैं। लेकिन दूसरी तरफ भारी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार से वाहनों का लगातार आना भी जारी है। वह बात अलग है कि उन्हें नाके पर रोक कर वापस किया जा रहा है । फसल लाने वाले वाहन चालक परेशान वहीं बिहार, यूपी से धान और चावल लाने वाले वाहन चालक परेशान है। उनका कहना है कि वह पिछले कई दिनों से हरियाणा-यूपी सीमा पर ही बैठे है, न तो हरियाणा में उन्हें आने दिया जा रहा है, और न ही उन्हें भेजने वाले मालिक उनका फोन उठा रहे हैं, यहां खाने-पीने के भी लाले पड़ गए हैं, जिससे वे परेशान है।

उद्योगों के लिए राहत: 5 नई सेवाएं ‘राइट टू सर्विस’ में शामिल, जल-सीवरेज कनेक्शन मिलेगा सिर्फ 15 दिन में

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगपतियों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की पांच प्रमुख सेवाएं हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के दायरे में आ गई हैं। इसके तहत जल एवं सीवरेज कनेक्शन की सुविधा 15 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, एचएसआईआईडीसी को जल और सीवरेज कनेक्शन की प्रक्रिया 15 कार्यदिवसों के भीतर पूरी करनी होगी। इस कदम से उद्योगपतियों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी आएगी। संशोधित जोनिंग प्लान की स्वीकृति प्रक्रिया को भी समयबद्ध करते हुए 45 दिनों की सीमा तय की गई है। एचएसआईआईडीसी को अब सार्वजनिक शौचालयों की दैनिक सफाई सुनिश्चित करनी होगी और मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य 15 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। यह कदम औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार लाएगा। इन सेवाओं की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी तय किए गए हैं। इंजीनियरिंग डिवीजन के क्षेत्रीय प्रभारी को पदनामित अधिकारी बनाया है। विभागाध्यक्ष (इंजीनियरिंग) अब प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। वहीं एचएसआईआईडीसी के एमडी (प्रबंध निदेशक) द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। जोनिंग प्लान से जुड़ी सेवाओं के लिए डिस्ट्रिक्ट/सीनियर टाउन प्लानर (मुख्यालय) को पदनामित अधिकारी बनाया है। प्रथम निवारण प्राधिकारी का जिम्मा चीफ टाउन प्लानर को सौंपा है। वहीं एमडी द्वितीय निवारण प्राधिकारी होंगे।

‘एकता में शक्ति’: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर हरियाणा में कल होगा भव्य यूनिटी मार्च

चंडीगढ़  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर हरियाणा सरकार ने राज्यभर में ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के आयोजन को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देशों के तहत राज्य के सभी 22 जिला मुख्यालयों और 90 विधानसभा क्षेत्रों में शुक्रवार से पदयात्राओं की शुरूआत होगी। ये कार्यक्रम 25 नवंबर तक चलेंगे। बता दें कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुरुक्षेत्र में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। पटेल जयंती पर होने वाले आयोजन का मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी फतेहाबाद में नेतृत्व करेंगे। उनके कैबिनेट सहयोगियों, सांसदों, विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को भी इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक जिले में तीन दिन की ‘सरदार पटेल एकता पदयात्रा’ आयोजित होगी। इन पदयात्राओं का उद्देश्य राज्य में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना है। पदयात्रा की शुरुआत हर जिले में सरदार पटेल की प्रतिमा या चौक से होगी और समापन जिला सचिवालय, सार्वजनिक पार्क या प्रमुख स्थल पर किया जाएगा।   ‘माय भारत’ मिलकर करेंगे आयोजन राज्य के सभी उपायुक्तों (डीसी) को जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, नगर निकाय, एनएसएस-एनसीसी और ‘माय भारत’ संगठन की टीमें शामिल होंगी। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जिले की जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से डीसी और स्थानीय विधायक की होगी। साथ ही, हर जिले में ‘स्वच्छता टोली’ और ‘युवा टोली’ बनाई जाएगी, जो यात्रा मार्ग की सफाई, पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रबंधन करेगी। हलकों में नेतृत्व करेंगे मंत्री, सांसद और प्रत्याशी राज्य सरकार ने इस आयोजन को ‘जन आंदोलन’ के रूप में देखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने निर्देशों में कहा है कि यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हरियाणा के लोगों की भागीदारी से चलने वाला राष्ट्रीय एकता का उत्सव है। सरकार ने तय किया है कि हर विधानसभा क्षेत्र की पदयात्रा में संबंधित मंत्री, सांसद, विधायक और उस क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी शामिल रहेंगे। सभी को क्षेत्रवार नोडल जिम्मेदारी दी गई है ताकि आयोजन की तैयारी, जनसंपर्क और भीड़ प्रबंधन में सक्रिय योगदान सुनिश्चित हो सके। महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, नगर प्रशासन, युवा कार्यक्रम विभाग और पुलिस को लॉजिस्टिक सपोर्ट की जिम्मेदारी दी गई है। स्वच्छता से एकता तक का संदेश इन पदयात्राओं को केवल स्मरण समारोह तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इन्हें ‘जन-जन की यात्रा’ बनाया जा रहा है। हर जिले में स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति शपथ, ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण, ‘स्वदेशी भारत’ संकल्प कार्यक्रम और स्कूल-कॉलेज प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। साथ ही, हर यात्रा के मार्ग पर पोस्टर, झंडे और ‘एक भारत, विकसित भारत’ के बैनर लगाए जाएंगे। स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थी सरदार पटेल के विचारों पर निबंध, चित्रकला और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करेंगे।   हर ठहराव पर संस्कृति और जोश का संगम पदयात्रा मार्ग पर हर 1.5 से 2 किलोमीटर पर ‘हॉल्टिंग प्वाइंट्स’ बनाए जाएंगे, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, देशभक्ति गीत, लोक कलाकारों के प्रदर्शन और ‘स्वदेशी मेले’ आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन की ओर से पानी, छाछ, फल और प्राथमिक उपचार केंद्रों की व्यवस्था रहेगी। मुख्य सचिव ने कहा है कि हर यात्रा में युवाओं, महिलाओं और समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह आयोजन समावेशी और प्रेरक बने। सोशल मीडिया पर चलेगी ‘एकता की लहर’ मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ‘सरदार@150’ और ‘एक भारत-आत्मनिर्भर भारत’ हैशटैग के साथ रियल टाइम सोशल मीडिया कवरेज सुनिश्चित करेंगे। हर जिले में सेल्फी स्टैंड, एकता वॉल और लाइव स्ट्रीमिंग बूथ लगाए जाएंगे। साथ ही, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को अभियान से जोड़ने के लिए विशेष ब्रीफिंग सत्र होंगे।

वो 50% हुए तो ब्रज में वही टोपी वाले होंगे’: भविष्यवाणी में बोले धीरेंद्र शास्त्री

होडल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, आज वो 20 परसेंट हैं, आप 9 राज्यों में अल्पसंख्यक हो गए। जिस दिन वो 50 परसेंट पहुंच जाएंगे, तो आपके ब्रज में भी वही टोपी वाले दिखाई पड़ेंगे।हालांकि, उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि उन्होंने यह नहीं कहा कि कौनसी टोपी वाले, क्योंकि वह खुद भी टोपी लगाते हैं। भारत को बचाना है, अपनी संस्कृति को बचाना है, तो जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठकर हमको सनातनी बनना है।  हरियाणा के होडल में थे। यहां उन्होंने गोपाष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी पदयात्रा को रोकने की धमकी देने वालों को चेतावनी दी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा… लोग यात्रा रोकने के लिए कोर्ट जाने की धमकी दे रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि हम बहुत टेढ़े आदमी हैं। उन्हें छेड़ना नहीं चाहिए था, छेड़ा है तो हम छोड़ेंगे भी नहीं। अगले 15 से 20 सालों में भारत की जियोग्राफी' बदल जाएगी और भारतीय लोग अपनी संस्कृति बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई पड़ेंगे। कोसीकलां दंगे की याद दिलाई धीरेंद्र शास्त्री ने हरियाणा के लोगों को 2012 के कोसीकलां दंगे की याद दिलाते हुए कहा- तुम्हारे ही कोसीकलां में हिंदुओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर दौड़ाया था। हम तो अपनी जान की बाज़ी हथेली पर लेकर निकले हैं, तुम्हारे लिए। क्या है मामला आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक दामोदर यादव ने मंगलवार को ग्वालियर में धीरेंद्र शास्त्री पर 'आडंबर और पाखंड' फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि शास्त्री ने जिस यात्रा की घोषणा की है, उसका उद्देश्य 'हिंदू राष्ट्र' बनाना है, जो भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान के विरुद्ध है। इसे 'राष्ट्रद्रोही' कृत्य की श्रेणी में रखा जा सकता है। यादव ने अपनी बात दोहराते हुए यात्रा को रोकने की मांग की थी और इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखने तथा भोपाल में एक बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी।