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नायब सिंह सैनी ने की पहल: अब आमजन भी बन सकेंगे गौशाला आत्मनिर्भरता मिशन के सहभागी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गौ सेवा सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गायों को सड़कों पर न छोड़ें और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में सहभागी बनें। गोबर व गौमूत्र से बने उत्पादों का उपयोग करें। उन्होंने श्री कृष्ण गौशाला, करनाल को अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री गुरुवार को श्री कृष्ण गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने गौशाला में गायों की पूजा की, गायों को चारा खिलाया और यहां बने चिकित्सालय का दौरा कर गौवंश के लिए उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने गोपाष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय सनातन जीवन का पवित्र दिन है जो हमें संस्कृति, भाईचारे और प्रेम भाव से जोड़ता है। यह केवल पर्व नहीं बल्कि करूणा, सेवा और कर्तव्य बोध का प्रतीक है।  गौमाता का सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गौ माता का जहां सामाजिक और आध्यात्मिक महत्त्व है वहीं इसका संबंध गोधन से भी रहा है। प्राचीन समय में जिसके पास जितनी अधिक गायें होती थीं उसे उतना ही अधिक समृद्ध माना जाता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी-देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में एक कामधेनु गाय थी। एक कथा अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने गौ-गोपियों के लिए जब गोवर्धन पर्वत धारण किया तब आठवें दिन इंद्र देवता भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आए। उन्होंने कामधेनु श्रीकृष्ण का अभिषेक किया और उनका नाम गोविंद रखा। तभी से अष्टमी को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। गाय का दूध फायदेमंद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गाय को आध्यात्मिक और दिव्य गुणों का स्वामी भी कहा जाता है। गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उसका दूध अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से यह साबित हुआ है देसी गाय का दूध कई रोगों में काफी फायदेमंद है। यह मां के दूध के समान गुणकारी माना जाता है। संवर्धन व संरक्षण के लिए उठाए कई कदम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने गौशालाओं के विकास, गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। 11 साल पहले गौ सेवा आयोग को मात्र 2 करोड़ की ग्रांट दी जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसमें लगातार वृद्धि की। गायों के संरक्षण व उनके संवर्धन के लिए सरकार ने बजट 600 करोड़ कर दिया है। उन्होंने ने बताया कि प्रदेश में 2014 में 215 पंजीकृत गौशालाओं में 1.75 लाख गौवंश था लेकिन आज 686 गौशालाओं में 4 लाख से अधिक गौवंश है। गौशालाओं के लिए 800 ई-रिक्शा खरीदने की प्रक्रिया जारी है। गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गौशालाओं के लिए जमीन की रजिस्ट्री करवाने की स्टांप ड्यूटी खत्म कर दी गई है। गौशालाओं में शेड निर्माण जारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि गायों की जांच के लिए जिन गौशालाओं में 3 हजार से अधिक गौवंश हैं वहां सप्ताह में एक दिन पशु चिकित्सक और इससे कम संख्या वाली गौशालाओं में वीएलडीए की ड्यूटी लगाई गई है। इतना ही नहीं मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी गौशालाओं के लिए उपलब्ध कराई गई है। बेसहारा गौवंश के लिए प्रदेश में दो गौ अभयारण्य बनाए गए हैं। गौशालाओं में शेड बनाने के लिए प्रति गौशाला 10 लाख का अनुदान देने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। 51 गौशालाओं में शेड बनाए जा चुके हैं, बाकी में काम जारी है। चारे के लिए अनुदान उन्होंने बताया कि 605 गौशालाओं के लिए 88 करोड़ 50 लाख रुपये चारे के लिए अनुदान के रूप में दिए गए हैं। पंजीकृत गौशालाओं को 11 सालों में 388 करोड़ 60 लाख का अनुदान चारे के लिए दिया गया है। देसी नस्ल की गायों के संवर्धन व संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार गायों की नस्ल सुधारने और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है। गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक फिनाइल, जैविक खाद, गोबर के बर्तन, दीया, साबुन, उपले गमला, धूप, गौ अर्क जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं। पंचगव्य उत्पादन के लिए गौशालाओं को मांग अनुसार जरूरी मशीनरी की खरीद के लिए मदद दी जा रही है। प्रदेश की 101 गौशालाओं को 6 करोड़ 50 लाख रुपये की अनुदान राशि पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि गौ माता की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया गया है। गौ हत्या करने वाले को दस वर्ष और गौ तस्करी करने वाले को सात साल के कारावास का प्रावधान किया गया है। सैनी ने कहा कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गोपाष्टमी के महत्त्व पर डाला प्रकाश इससे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गोपाष्टमी के महत्व पर प्रकार डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता सामान्य प्राणी नहीं बल्कि सनातन परंपराओं का प्राण है। प्राण सुरक्षित रहेंगे तो निश्चित रूप से जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को गौ पालन करना चाहिए। गौ सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है ये रहे मौजूद इस मौके पर भानपुरा पीठ के शंकराचार्य, प्रेम मूर्ति महाराज, इंद्री के विधायक एवं चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, असंध के विधायक योगेंद्र राणा, मेयर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर, गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग, गौशाला के प्रधान सुनील गुप्ता आदि मौजूद रहे।

कोहरे से पहले रेलवे की बड़ी तैयारी, इन लंबी दूरी की ट्रेनों में होगा बदलाव

अंबाला  सर्दियों की शुरुआत के साथ ही फॉग का मौसम करीब है। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर साल की तरह इस साल भी कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द की गई हैं, जो फरवरी तक रद्द रहेंगी। यात्रियों की परेशानी से बचने के लिए रद्द होने वाली गाड़ियों की सूची भी जारी कर दी गई है। रेलवे की तैयारी और सुरक्षा उपाय अंबाला रेलवे मंडल के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने मीडिया को बताया कि रेलवे ने दो तरह की तैयारियां की हैं:- फॉग सेफ्टी डिवाइस फॉग के दौरान लोको पायलट के पास फॉग सेफ डिवाइस अनिवार्य है। यह डिवाइस सिग्नलों की स्थिति बताता है। रेलवे ने सभी मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों में यह डिवाइस लगा दिया है। फॉग के कारण ट्रेनें रद्द नवीन कुमार ने बताया कि फॉग के चलते ट्रेनों की गति धीमी हो जाती है, जिससे कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ता है। खासकर उत्तर भारत में फॉग अधिक पड़ता है, इसलिए उत्तर की ओर जाने वाली ट्रेनें रद्द की गई हैं। रद्द ट्रेनों की सूची पहले ही जारी कर दी गई है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फॉग सेफ्टी डिवाइस का काम डीसीएम ने बताया कि रेलवे में सात-आठ साल से फॉग सेफ डिवाइस अनिवार्य है। यह GPS आधारित छोटा डिवाइस लोको में लगाया जाता है। प्रत्येक रूट की मैपिंग और डेटा पहले से इसमें दर्ज किया जाता है। डिवाइस लोको पायलट को लगभग 1 किलोमीटर पहले ही अलर्ट देता है कि आगे फाटक या स्टेशन है, ताकि ट्रेन सुरक्षित रूप से चल सके। यात्रियों के लिए संदेश नवीन कुमार ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेलवे की जारी सूची और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और यात्रा की योजना बनाते समय फॉग के कारण रद्द ट्रेनों की जानकारी अवश्य लें।  

राजबीर फरटिया के बेटे की ग्रैंड वेडिंग बनी चर्चा का विषय! 5 एकड़ में पंडाल

चंडीगढ़  5 एकड़ पंडाल, 150 गांवों को भोज, कौन है दुल्हन?लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के बेटे की शादी की खासी चर्चा है. भिवानी. हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के बेटे की शादी की खासी चर्चा है. विधायक राजबीर फरटिया के इकलौते बेटे योगेश फरटिया की शादी की रस्में तीन दिन से चल रही हैं और 30 अक्टूबर 2025 रिशेप्शन होने जा रहा है. इस ग्रैंड शादी में बड़ी संख्या में लोगों को न्योता दिया गया. अहम बात है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर कई बड़े दिग्गज को शादी में बुलाया गया है. जानकारी के अनुसार, भिवानी में लोहारू मंडी में प्रीतिभोज कार्यक्रम में डेढ़ सौ गांवों के लोगों को निमंत्रण दिया गया है. गुरुवार को कांग्रेस के नेता चौधरी वीरेंद्र सिंह भी इस शादी में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि शादी के भोज के लिए लोहारू मंडी में पांच एकड़ में पंडाल बना गय़ा है और करीब 90 से एक लाख लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है. गौरतलब है कि विधायक राजबीर फरटिया के बेटे योगेश फरटिया की अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी है. विधायक राजबीर फरटिया के बेटे योगेश फरटिया की अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी है.   योगेश की शादी जींद से हो रही है और उनकी दुल्हन इंग्लैंड से पढ़ी है. जींद के डेयरी कारोबारी बलजीत सिंह रेढू की बेटी तमन्ना और योगेश की शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं.  बताय़ा जा रहा है कि तमन्ना ने इंग्लैंड से कॉमर्स की पढ़ाई की है और अब पिता के कारोबार में साथ दे रही हैं. जींद में लक्ष्य डेयरी एवं लक्ष्य फूड इंडिया के नाम से कंपनी चलाने वाले बलजीत की तमन्ना इकलौती बेटी है. भाई स्वीट्स एवं होटल का कारोबार देखता है. बेटे की शादी के लिए विधायक ने राहुल गांधी को भी बुलाया है. विधायक का इकलौता बेटा है योगेश पहली बार विधायक बने कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के दो बच्चे हैं. एक साल पहले बेटी की शादी आईएएस अफसर से हुई थी और अब बेटा दुल्हा बननने जा रह है. बीते तीन रोज से शादी का जश्न चल रहा है और इसमें रंग जमाने के लिए कलाकारों को भी बुलाया गया है. शादी में शामिल होने के लिए पहुंचे चौधरी बीरेंद्र सिंह. गुरुग्राम में यह शादी होगी, लेकिन लोहारू मंडी में गुरुवार को भोज दिया जा रहा है. विधायक राजबीर फरटिया ने कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी को भी शादी का निमंत्रण दिया है. वहीं, पार्टी के अन्य शीर्ष नेतृत्व तको भी बुलाया है. बताया जा रहा कि गुरुग्राम में यह शादी होगी, लेकिन लोहारू मंडी में गुरुवार को भोज दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि लोहारू अनाज मंडी में भोज के लिए विधायक पांच हजार वेटर्स और करीब 800 सिक्योरिटी गार्डों भी तैनात किए गए हैं. गौरतलब है कि लोहारू विधानसभा से जीते राजबीर फरटिया ने भाजपा सरकार में कृषिमंत्री रहे जेपी दलाल को हराया था.  

अब घर बैठे कर सकेंगे जमीन की रजिस्ट्री, हरियाणा सरकार ने किया बड़ा बदलाव

चंडीगढ़  हरियाणा में जमीन की रजिस्ट्री अब ऑनलाइन होगी. इसके बाद अब पूरे प्रदेश में हरियाणा दिवस (एक नवंबर) से डीड पंजीकरण भी ऑनलाइन किया जाएगा. हरियाणा ने भूमि एवं राजस्व प्रशासन को पूर्ण रूप से डिजिटल करते हुए पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल शासन के नए युग की शुरुआत कर दी है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उच्च स्तरीय बैठक करते हुए डिजिटल सुधारों की प्रगति की समीक्षा की. हरियाणा की होम सेक्रेटरी, डॉ. सुनीता मिश्रा ने बताया, 1 नवंबर से हम हरियाणा में एक बड़ा बदलाव ला रहे हैं. मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, हम तहसीलों में जमीन रजिस्ट्रेशन डीड के सिस्टम को बदल रहे हैं और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन की तरफ बढ़ रहे हैं. हरियाणा ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा. 29 सितंबर को मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन में इसे लॉन्च किया था. अब, एक महीने की टेस्टिंग और सुधार के बाद, हम इसे 1 नवंबर से पूरे राज्य में लॉन्च कर रहे हैं, जो हरियाणा दिवस भी है. यह हमारी कोशिश है कि उन नागरिकों को राहत मिले जिन्हें पहले तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जहां उन्हें बिचौलियों और दलालों के बारे में सुनने को मिलता था और उनसे निपटना पड़ता था. अब, यह सब नागरिक के हाथ में होगा. जो भी रजिस्ट्रेशन करवाना चाहता है, वह अपनी ID बनाकर लॉगिन करेगा.   जमीन की डीड (जैसे सेल डीड) वह कानूनी दस्तावेज है जो संपत्ति के स्वामित्व को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित करता है. रजिस्ट्री उस दस्तावेज को सरकारी कार्यालय (उप-पंजीयक कार्यालय) में पंजीकृत करने की प्रक्रिया है ताकि यह कानूनी रूप से मान्य हो जाए और सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाए. कैसे करेंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? ऑनलाइन डीड रजिस्ट्रेशन के लिए https://eregistration.revenueharyana.gov.in/ पोर्टल पर लाग इन किया जा सकता है. नई व्यवस्था आरंभ होने के बाद मौजूदा प्रणाली स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी. इस सुविधा के बाद हरियाणा देश में शत-प्रतिशत कागज रहित संपत्ति पंजीकरण प्राप्त करने वाला पहला राज्य बन जाएगा. नागरिक सुरक्षित ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से अपनी पहचान पंजीकृत और सत्यापित कर सकते हैं.

हरियाणा की सीमाओं पर धान का ‘सैलाब’! यूपी-बिहार से ट्रकों की बढ़ी आमद

यमुनानगर जबसे हरियाणा में धान की खरीद शुरू हुई है उसके बाद से ही अन्य राज्यों से हरियाणा में धान की तस्करी हो रही है। 'दैनिक ट्रिब्यून' ने 20 अक्तूबर के अपने अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जब किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा-यूपी सीमा पर उत्तर प्रदेश, बिहार से आने वाले डेढ़ सौ से अधिक ट्रकों को रोक लिया था। उसी के बाद मुख्यमंत्री ने इस पर सख्ती बरतने के आदेश दिए और अब हरियाणा-यूपी सीमा पर 24 घंटे पहरा लगाया गया है, ताकि अन्य राज्यों का धान हरियाणा में न आ पाए। हरियाणा में एमएसपी पर 24 फसलें खरीदी जा रही हैं, उनमें धान भी एक प्रमुख फसल है। आजकल धान का सीजन जोरों पर है, ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक, ट्रालियां चावल और धान लेकर आ रहे हैं, ताकि उन्हें हरियाणा में एमएसपी पर बेचकर लाभ कमाया जाए। व्यापारी मोटे मुनाफे के चक्कर में यहां फसल भेज रहे हैं, क्योंकि वहां धान और चावल के रेट काफी कम हैं। इसीलिए हरियाणा सरकार ने अन्य राज्यों से हरियाणा में धान और चावल लाने पर प्रतिबंध लगाया है। यमुनानगर में कलानौर चौकी पर इंटर स्टेट नाका लगाया गया है, जिसमें पुलिस, फूड सप्लाई विभाग, मार्केट कमेटी, ग्राम पंचायत के अधिकारी तैनात किए गए हैं। 24 घंटे इस नाके पर सभी विभागों के कर्मचारी तैनात रहते हैं। लेकिन दूसरी तरफ भारी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार से वाहनों का लगातार आना भी जारी है। वह बात अलग है कि उन्हें नाके पर रोक कर वापस किया जा रहा है । फसल लाने वाले वाहन चालक परेशान वहीं बिहार, यूपी से धान और चावल लाने वाले वाहन चालक परेशान है। उनका कहना है कि वह पिछले कई दिनों से हरियाणा-यूपी सीमा पर ही बैठे है, न तो हरियाणा में उन्हें आने दिया जा रहा है, और न ही उन्हें भेजने वाले मालिक उनका फोन उठा रहे हैं, यहां खाने-पीने के भी लाले पड़ गए हैं, जिससे वे परेशान है।

उद्योगों के लिए राहत: 5 नई सेवाएं ‘राइट टू सर्विस’ में शामिल, जल-सीवरेज कनेक्शन मिलेगा सिर्फ 15 दिन में

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगपतियों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की पांच प्रमुख सेवाएं हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के दायरे में आ गई हैं। इसके तहत जल एवं सीवरेज कनेक्शन की सुविधा 15 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, एचएसआईआईडीसी को जल और सीवरेज कनेक्शन की प्रक्रिया 15 कार्यदिवसों के भीतर पूरी करनी होगी। इस कदम से उद्योगपतियों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी आएगी। संशोधित जोनिंग प्लान की स्वीकृति प्रक्रिया को भी समयबद्ध करते हुए 45 दिनों की सीमा तय की गई है। एचएसआईआईडीसी को अब सार्वजनिक शौचालयों की दैनिक सफाई सुनिश्चित करनी होगी और मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य 15 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। यह कदम औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार लाएगा। इन सेवाओं की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी तय किए गए हैं। इंजीनियरिंग डिवीजन के क्षेत्रीय प्रभारी को पदनामित अधिकारी बनाया है। विभागाध्यक्ष (इंजीनियरिंग) अब प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। वहीं एचएसआईआईडीसी के एमडी (प्रबंध निदेशक) द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। जोनिंग प्लान से जुड़ी सेवाओं के लिए डिस्ट्रिक्ट/सीनियर टाउन प्लानर (मुख्यालय) को पदनामित अधिकारी बनाया है। प्रथम निवारण प्राधिकारी का जिम्मा चीफ टाउन प्लानर को सौंपा है। वहीं एमडी द्वितीय निवारण प्राधिकारी होंगे।

‘एकता में शक्ति’: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर हरियाणा में कल होगा भव्य यूनिटी मार्च

चंडीगढ़  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर हरियाणा सरकार ने राज्यभर में ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के आयोजन को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देशों के तहत राज्य के सभी 22 जिला मुख्यालयों और 90 विधानसभा क्षेत्रों में शुक्रवार से पदयात्राओं की शुरूआत होगी। ये कार्यक्रम 25 नवंबर तक चलेंगे। बता दें कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुरुक्षेत्र में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। पटेल जयंती पर होने वाले आयोजन का मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी फतेहाबाद में नेतृत्व करेंगे। उनके कैबिनेट सहयोगियों, सांसदों, विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को भी इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक जिले में तीन दिन की ‘सरदार पटेल एकता पदयात्रा’ आयोजित होगी। इन पदयात्राओं का उद्देश्य राज्य में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना है। पदयात्रा की शुरुआत हर जिले में सरदार पटेल की प्रतिमा या चौक से होगी और समापन जिला सचिवालय, सार्वजनिक पार्क या प्रमुख स्थल पर किया जाएगा।   ‘माय भारत’ मिलकर करेंगे आयोजन राज्य के सभी उपायुक्तों (डीसी) को जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, नगर निकाय, एनएसएस-एनसीसी और ‘माय भारत’ संगठन की टीमें शामिल होंगी। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जिले की जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से डीसी और स्थानीय विधायक की होगी। साथ ही, हर जिले में ‘स्वच्छता टोली’ और ‘युवा टोली’ बनाई जाएगी, जो यात्रा मार्ग की सफाई, पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रबंधन करेगी। हलकों में नेतृत्व करेंगे मंत्री, सांसद और प्रत्याशी राज्य सरकार ने इस आयोजन को ‘जन आंदोलन’ के रूप में देखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने निर्देशों में कहा है कि यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हरियाणा के लोगों की भागीदारी से चलने वाला राष्ट्रीय एकता का उत्सव है। सरकार ने तय किया है कि हर विधानसभा क्षेत्र की पदयात्रा में संबंधित मंत्री, सांसद, विधायक और उस क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी शामिल रहेंगे। सभी को क्षेत्रवार नोडल जिम्मेदारी दी गई है ताकि आयोजन की तैयारी, जनसंपर्क और भीड़ प्रबंधन में सक्रिय योगदान सुनिश्चित हो सके। महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, नगर प्रशासन, युवा कार्यक्रम विभाग और पुलिस को लॉजिस्टिक सपोर्ट की जिम्मेदारी दी गई है। स्वच्छता से एकता तक का संदेश इन पदयात्राओं को केवल स्मरण समारोह तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इन्हें ‘जन-जन की यात्रा’ बनाया जा रहा है। हर जिले में स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति शपथ, ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण, ‘स्वदेशी भारत’ संकल्प कार्यक्रम और स्कूल-कॉलेज प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। साथ ही, हर यात्रा के मार्ग पर पोस्टर, झंडे और ‘एक भारत, विकसित भारत’ के बैनर लगाए जाएंगे। स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थी सरदार पटेल के विचारों पर निबंध, चित्रकला और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करेंगे।   हर ठहराव पर संस्कृति और जोश का संगम पदयात्रा मार्ग पर हर 1.5 से 2 किलोमीटर पर ‘हॉल्टिंग प्वाइंट्स’ बनाए जाएंगे, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, देशभक्ति गीत, लोक कलाकारों के प्रदर्शन और ‘स्वदेशी मेले’ आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन की ओर से पानी, छाछ, फल और प्राथमिक उपचार केंद्रों की व्यवस्था रहेगी। मुख्य सचिव ने कहा है कि हर यात्रा में युवाओं, महिलाओं और समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह आयोजन समावेशी और प्रेरक बने। सोशल मीडिया पर चलेगी ‘एकता की लहर’ मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ‘सरदार@150’ और ‘एक भारत-आत्मनिर्भर भारत’ हैशटैग के साथ रियल टाइम सोशल मीडिया कवरेज सुनिश्चित करेंगे। हर जिले में सेल्फी स्टैंड, एकता वॉल और लाइव स्ट्रीमिंग बूथ लगाए जाएंगे। साथ ही, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को अभियान से जोड़ने के लिए विशेष ब्रीफिंग सत्र होंगे।

वो 50% हुए तो ब्रज में वही टोपी वाले होंगे’: भविष्यवाणी में बोले धीरेंद्र शास्त्री

होडल बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, आज वो 20 परसेंट हैं, आप 9 राज्यों में अल्पसंख्यक हो गए। जिस दिन वो 50 परसेंट पहुंच जाएंगे, तो आपके ब्रज में भी वही टोपी वाले दिखाई पड़ेंगे।हालांकि, उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि उन्होंने यह नहीं कहा कि कौनसी टोपी वाले, क्योंकि वह खुद भी टोपी लगाते हैं। भारत को बचाना है, अपनी संस्कृति को बचाना है, तो जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठकर हमको सनातनी बनना है।  हरियाणा के होडल में थे। यहां उन्होंने गोपाष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी पदयात्रा को रोकने की धमकी देने वालों को चेतावनी दी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा… लोग यात्रा रोकने के लिए कोर्ट जाने की धमकी दे रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि हम बहुत टेढ़े आदमी हैं। उन्हें छेड़ना नहीं चाहिए था, छेड़ा है तो हम छोड़ेंगे भी नहीं। अगले 15 से 20 सालों में भारत की जियोग्राफी' बदल जाएगी और भारतीय लोग अपनी संस्कृति बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई पड़ेंगे। कोसीकलां दंगे की याद दिलाई धीरेंद्र शास्त्री ने हरियाणा के लोगों को 2012 के कोसीकलां दंगे की याद दिलाते हुए कहा- तुम्हारे ही कोसीकलां में हिंदुओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर दौड़ाया था। हम तो अपनी जान की बाज़ी हथेली पर लेकर निकले हैं, तुम्हारे लिए। क्या है मामला आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक दामोदर यादव ने मंगलवार को ग्वालियर में धीरेंद्र शास्त्री पर 'आडंबर और पाखंड' फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि शास्त्री ने जिस यात्रा की घोषणा की है, उसका उद्देश्य 'हिंदू राष्ट्र' बनाना है, जो भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान के विरुद्ध है। इसे 'राष्ट्रद्रोही' कृत्य की श्रेणी में रखा जा सकता है। यादव ने अपनी बात दोहराते हुए यात्रा को रोकने की मांग की थी और इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखने तथा भोपाल में एक बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी।

नायब सिंह सैनी का दावा – जीएसटी सुधार मोदी सरकार की वादे निभाने की मिसाल

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिस गति से आज भारत प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्र सरकार की क्रांतिकारी आर्थिक नीतियाँ प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने “एक राष्ट्र, एक टैक्स” की अवधारणा को साकार करते हुए जी.एस.टी. लागू किया, जिससे पूरा भारत एक एकीकृत बाजार में परिवर्तित हो गया है। जी.एस.टी. सुधारों से न केवल अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है, बल्कि राज्यों के बीच व्यापार आसान हुआ है और व्यापारियों को अनावश्यक करों के जाल से मुक्ति मिली है। हाल ही में किए गए जी.एस.टी. सुधार इस बात का प्रमाण हैं कि प्रधानमंत्री मोदी की “गारंटी” सदैव पूरी होती है। ये सुधार आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को बिहार के पटना में बिहार चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए “स्वदेशी” और “मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड” के आह्वान ने देश में विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा दी है। हाल ही में जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत यह विजन आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत यूपीआई से लेकर डीबीटी तक डिजिटल लेन-देन की क्रांति ने पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है। आज भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन चुका है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विनिर्माण और उत्पादन पर बल देकर आयात पर निर्भरता घटाई है तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत केंद्र बनकर उभरा है। केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों और सुधारों के परिणामस्वरूप आज भारत न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक सशक्त साझेदार के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में, सड़क, रेल, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश हुआ है। ये सुविधाएं बेहतरीन कनेक्टिविटी, उद्योगपतियों के लिए व्यापार और लॉजिस्टिक्स की लागत को कम कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए अनावश्यक कानूनों को खत्म करना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना, और लाइसेंस राज से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें 'विकसित भारत-2047' का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, हमें अपने राज्यों को विकसित करना होगा। हरियाणा और बिहार को मिलकर देश की प्रगति की गति को तेज करना होगा। उन्होंने कहा कि आज यहां आकर उन्हें बिहार की मिट्टी की महक और हरियाणा की उद्यमशीलता की भावना का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यह संगम, वास्तव में, हमारे देश की प्रगति और 'विकसित भारत' के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिहार और हरियाणा का रिश्ता केवल राज्यों की भौगोलिक सीमा तक सीमित नहीं है। यह रिश्ता प्रेम, श्रम और विश्वास का है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज बिहार में डबल इंजन की सरकार के कारण यह पूरे देश में यह प्रदेश दूसरे सबसे तेजी से बढ़ने वाले राज्य के रूप में जाना जा रहा है। आज बिहार की जीडीपी वृद्धि दर 14 प्रतिशत से भी अधिक है। अब बिहार की जीडीपी में औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा 23 प्रतिशत है, जो कृषि के हिस्से से भी अधिक है। यह सिद्ध करता है कि बिहार में उद्योगों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल माहौल बना है। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को उद्योग की जरूरतों संबंधी ट्रेनिंग के लिए भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्किल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया गया है। यह युवाओं को उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम प्रदान कर रही है। सरकार की 'एक जिला-एक उद्योग' योजना ने इस दिशा में क्रांति ला दी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण कटिहार का मखाना है, जो अब विश्व बाजार में अपनी चमक बिखेर रहा है। केंद्र सरकार ने इसे 'सुपर फूड' के रूप में स्थापित करने के लिए मखाना बोर्ड की घोषणा की है, जिससे किसानों और स्थानीय उद्योगों को नई शक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिए बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। राज्य में निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए नीतिगत सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की गई है। सरकार ने निवेशकों को नि:शुल्क भूमि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में चमड़ा उद्योग, कपड़ा उद्योग सहित अन्य उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए नई नीति बनाई गई है। आगामी समय में बिहार की अर्थव्यवस्था में न केवल गुणात्मक सुधार होगा बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस मौके पर बिहार चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। 

आयुक्त का निर्देश: सफाई कार्य सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, जनसेवा का मिशन है

गुड़गांव गुरुग्राम मंडल के आयुक्त आर.सी. बिढान ने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कार्यों को केवल औपचारिकता न समझते हुए इसे एक जनसेवा और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मिशन मानकर करें। आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में सफाई की निरंतर निगरानी, संसाधनों का समुचित उपयोग और जिम्मेदारीपूर्वक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि शहर को स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखने के लिए टीम वर्क और समन्वय अत्यंत आवश्यक है।  मंडलायुक्त ने स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए सभी स्तर पर जिम्मेदारी और सतर्कता से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक गार्बेज वर्नेबल प्वाइंट से प्रतिदिन सुबह समय पर कचरा उठाया जाए और कोई भी प्वाइंट बिना गार्बेज ट्रॉली के न रहे। सभी ट्रॉलियां दिन में कम से कम दो बार खाली की जाए तथा सेकेंडरी कचरा संग्रहण स्थलों से भी नियमित रूप से कचरा उठान हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक गार्बेज ट्रॉली के पास कर्मचारी तैनात रहें ताकि आसपास कचरा न फैले और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके। बिढान ने कहा कि सफाई व्यवस्था की स्थिति ऐसी सुनिश्चित की जाए कि कोई भी, कहीं भी और कभी भी निरीक्षण करे, तो उसे गंदगी ना मिले। अगर निरीक्षण के दौरान कहीं पर गंदगी मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  मंडलायुक्त ने निगम अधिकारियों कहा कि वे सभी वार्ड इंचार्ज एचसीएस अधिकारियों को अतिरिक्त टीम उपलब्ध करवाएं, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों की सफाई करवा सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले तीन दिन में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेहतर होनी चाहिए। इसके तहत सभी सड़कें, गलियां, ग्रीन बैल्ट, जीवीपी व सेकेंडरी प्वाइंटों की सफाई सुनिश्चित हो, ताकि हमारा शहर स्वच्छ दिखाई दे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं पर भी कूड़ा, पॉलीथीन, सीएंडडी वेस्ट, इंडस्ट्रियल वेस्ट, मेडिकल वेस्ट आदि दिखाई नहीं देना चाहिए।   बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध रूप से कचरा व मलबा डंपिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके तहत नगर निगम, आरटीए व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम कार्रवाई करेगी। यह टीम अवैध कचरा व मलबा डंपिंग करने वाले वाहनों को जब्त करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि वाहन कोर्ट के माध्यम से सुपरदारी पर ही छोड़ा जाए। बैठक में उपायुक्त अजय कुमार, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, एएलसी कुशल कटारिया, जीएम रोडवेज भारत भूषण गोगिया, सीटीएम सपना यादव, हिपा की संयुक्त निदेशक ज्योति नागपाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।