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फरीदाबाद में सुरक्षा जांच तेज, दिल्ली ब्लास्ट के संदर्भ में NIA ने कई लोगों को हिरासत में लिया

 फरीदाबाद फरीदाबाद जिले के धौज गांव में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीमों ने अचानक से सर्च अभियान चलाकर, मस्जिद, दुकानों, होटलों, घरों, गोदाम की चैकिंग की। दिल्ली ब्लास्ट को लेकर ये सर्च अभियान चलाया गया। पुलिस द्वारा अचानक से चलाए गए सर्च आपरेशन से लोगो में अफरातफरी।  NIA की टीम ने इसी गांव के एक मकान से यूरिया को पीसने वाली चक्की और रिफाइन करके अमोनिया नाइट्रेट को अलग करने वाली इलेक्ट्रानिक मशीन को बरामद किया था। इसके अलावा पल्ला, सराय ख्वाजा, शहर बल्लभगढ़ व सूरजकुंड अंतर्गत क्षेत्र में चैकिंग की गई है। यूनिवर्सिटी से जुड़े आंतक के तार अल फलाह यूनिवर्सिटी के तार आंतक के नेटवर्क से सीधे जुड़े हुए है। यहां से डॉ मुजम्मिल, डॉ शाहीन , लैब टेक्नीशियन बाशिद, वार्ड बाय शोएब, को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा गांव धौज से मोबाइल की दुकान करने वाले साबिर, गांव फतेहपुर तगा की मस्जिद के इमाम इश्तियाक, गांव सिरोही से इमाम इमामुद्दीन, गांव धौज से टैक्सी ड्राइवर सब्बीर को पकड़ा गया है। ये सभी लोग किसी ना किसी तरीके से आतंकी डाक्टरों के संपर्क में थे और उनकी मदद कर रहे थे। गांव धौज से कई लोगों को पकड़ा नेशनल जांच एजेंसी NIA ने गांव धौज से लैब टेक्नीशियन बाशिद, वार्ड बाय शोएब, टैक्सी चालक सब्बीर , मोबाइल की दुकान करने वाले साबिर, को हिरासत मे लिया है। इन सभी से अभी NIA पूछताछ कर रही है। बीते बुधवार की रात को जांच एजेंसी ने गांव धौज मस्जिद के पास एक टैक्सी ड्राइवर के घर पर छापेमारी कर वहां से आटा पीसने वाली चक्की और अन्य सामान बरामद किया है। बताया जा रहा है कि मुजम्मिल और उमर खाद की पिसाई करके उसे इस मशीन में बारीक बनाकर रॉ मटीरियल तैयार करता था। मकान, होटल, कबाड़ी की दुकानें खंगाली शनिवार की सुबह करीब 9 बजे अचानक से क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीमें गांव में पहुंची। जहां पर टीमों ने बाजार में बने कबाड़ के गोदाम को चैक करना शुरू किया। गोदान के साथ पुलिस ने बाजार की दुकान और होटलों को भी चैक किया। इसके बाद गांव मस्जिद के पास बने घरों की जांच की गई। हांलाकि पुलिस को जांच के दौरान किसी प्रकार का कोई संदिग्ध वस्तु नही मिली। पुलिस की अचानक से हुई छापेमारी से लोगों में हडकंप मच गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया है, जो आगे भी जारी रहेगा।

उमर का धमाके से पहले का वीडियो सामने आया, फर्राटेदार अंग्रेज़ी में आत्मघाती हमले को सही ठहराया

नई दिल्ली  दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी मोहम्मद उमर नबी का एक नया वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में उमर नबी अंग्रेजी में तकरीर दे रहा है और इस वीडियो में वो सुसाइड बॉम्बिंग को सही ठहरा रहा है. इस वीडियो में आतंकी उमर नबी अकेले है और कैमरे के सामने बैठ कर वीडियो बना रहा है.  इस वीडियो में आतंकी उमर कहता है कि सुसाइड बॉम्बिंग को ठीक से समझा नहीं गया है.  वीडियो में अपने टी शर्ट में लैपल लगाया हुआ उमर कहता है, "लोग जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वह यह समझने में नाकाम रहना है कि बम विस्फोट या आत्मघाती बम विस्फोट का विचार असल में क्या है. इसके खिलाफ कई विरोधाभास और अनगिनत तर्क हैं." वह आगे कहता है, "आत्मघाती हमलों की मुख्य समस्या यह है कि जब कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि उसकी मृत्यु एक निश्चित समय और स्थान पर होगी, तो वह एक खतरनाक मानसिक स्थिति में चला जाता है. वह यह मानने लगता है कि मृत्यु ही उसकी एकमात्र मंज़िल है." आगे वह कहता है कि, 'लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसी सोच, या ऐसी परिस्थितिया,  किसी भी लोकतांत्रिक या इंसानी व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं, क्योंकि वे जीवन, समाज और कानून के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं.' ये वीडियो यही तक है. इसलिए सुसाइड बॉम्बिंग पर उसके आगे के विचार सामने नहीं आ पाए हैं. लेकिन इस वीडियो में आतंकी उमर काफी इत्मीनान सा मालूम होता है और वह सिर हिला-हिलाकर बात कर रहा है.  ये वीडियो आतंकियों का मनोविज्ञान पढ़ने वाले वैज्ञानिकों के लिए बड़े काम की चीज हो सकती है. बता दें कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. ये धमाका तब हुआ जब कार में बैठे एक शख्स ने मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर खुद को उड़ा लिया था.  जांच एजेंसियों ने आतंकी उमर की मां का डीएनए सैंपल लेकर पुष्टि की है कि कार चलाने वाला शख्स आतंकी उमर ही था. और इस धमाके में उसके चिथड़े उड़ गए हैं. इस केस की जांच अभी जारी ही है. पुलिस ने इस मामले में दिल्ली हरियाणा जम्मू-कश्मीर से कई लोगों को गिरफ्तार किया है.  इस केस का लिंक फरीदाबाद में बरामद हुए 2900 किलो विस्फोटक से जुड़ा है.  डॉ उमर कौन हैं? आतंकी डॉ उमर मूल रूप से पुलवामा के कोइल गांव का रहने वाले था. भारत विरोधी गतिविधियों में उसकी काफी दिलचस्पी थी.  पुलिस सूत्रों का कहना है कि हाल के महीनों में उमर का व्यवहार बदल गया था. 30 अक्टूबर से उन्होंने फरीदाबाद में स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की ड्यूटी छोड़ दी थी और फरीदाबाद और दिल्ली का चक्कर लगाने लगता था. वो अक्सर रामलीला मैदान और सुनहरी मस्जिद के पास की मस्जिदों में रुकता था.  पुलिस के अनुसार वह 9 नवंबर को फरीदाबाद में छापेमारी के बाद लापता हो गया था, जिसके बाद एक गोदाम से लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ था और उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी हुई थी. 

महू का जवाद और दिल्ली धमाका: लोगों को दोगुना मुनाफा देने का लालच देकर चलाया गया निजी बैंक

 महू  दिल्ली को दहलाने वाले बम विस्फोट को अंजाम देने वाले आंतकी जिस अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े है। उसका ट्रस्ट महू निवासी जवाद अहमद सिद्दकी ने स्थापित किया था। महू में उसके परिवार पर गड़बड़ करने का आरोप लगा था। निेवेश कंपनी के नाम पर परिवार के लोगों ने महू में कई लोगों के साथ ठगी की थी। फिर रातों रात महू से परिवार गायब हो गया था। महू पुलिस अब जवाद के महू निवासी रिश्तेदारों व पुराने संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। महू से भागने के बाद रखी थी काॅलेज की नींव जवाद ने सबसे पहले इंजीनियरिंग काॅलेज खोला था। बाद में उसने यूनिवर्सिटी की नींव रखी थी। जवाद ही यूनिवर्सिटी का कुलाधिपति है और ट्रस्ट का अध्यक्ष भी वहीं है। आंतकी मुजम्मिल,  मोहम्मद नबी भी इस यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। जांच एजेंसियों की इस यूनिवर्सिटी से जुड़ी गतिविधियों पर भी नजर है। महू में चलता था निजी बैंक, केस भी दर्ज जवाद का परिवार लोगों को दोगुना मुनाफा देने का लालच देकर निजी बैंक चलाने लगा था। महू में वर्ष 2001 में अल फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी खोली थी। जब तय दावे के अनुसार पैसा नहीं लौटाया तो महू के पीडि़तों ने निवेश का पैसा लौटाने के दबाव बनाया। इसके बाद जवाद का परिवार महू से चले गया और काॅलेज की नींव रखी। तब जवाद के भाई हमूद पर महू में केस भी दर्ज हुआ था। एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि जवाद का परिवार महू के कायस्थ मोहल्ले में रहता था। उसके पिता मोहम्मद हामिद महू के शहरकाजी भी रह चुके है।  

क्यों बोले भावी चीफ जस्टिस- ‘यही सबसे बेहतर सुबह है’? जानें दिल्ली धमाके से कनेक्शन

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार धमाके के अगले ही दिन यानी मंगलवार को जब सुप्रीम कोर्ट में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जेल में बंद एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की बारी आई तो उस मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट से गुजारिश की कि आज इस मामले की सुनवाई नहीं की जाए।उन्होंने जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ से अनुरोध करते हुए कहा कि "कल की घटनाओं के बाद इस मामले में बहस करने के लिए यह सबसे अच्छी सुबह नहीं है।" इस पर भावी CJI जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, "सख्त संदेश देने के लिए यही सबसे अच्छी सुबह है।" इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हो गई। जब अदालत ने इस बात की ओर इशारा किया कि आरोपी के पास से भड़काऊ सामग्री बरामद हुई है, तो बचाव पक्ष के वकील दवे ने कहा कि केवल इस्लामी साहित्य ही बरामद हुआ है। इसके बाद जस्टिस मेहता ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि आरोपी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया था, जिस पर लगभग ISIS जैसा ही एक झंडा दिखाई दे रहा था। दवे की सारी दलीलें दरकिनार, जमानत अर्जी खारिज इस पर दवे ने दलील दी कि आरोपी दो साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद है, लेकिन अदालत ने उनके इस तर्क को काटते हुए कहा कि उसके खिलाफ आरोप भी तो गंभीर हैं। दवे ने जोर देकर कहा कि कोई आरडीएक्स या विस्फोटक सामग्री उसके पास से बरामद नहीं हुई है और आरोपी 70 फीसदी विकलांग है। इसके बाद पीठ ने जमानत याचिका खारिज कर दी। दो साल के अंदर सुनवाई पूरी करने का निर्देश हालांकि,अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ट्रायल कोर्ट दो साल के अंदर इस मुकदमे की सुनवाई पूरी कर ले। पीठ ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो अभियुक्त जमानत के लिए फिर से आवेदन दे सकता है, बशर्ते कि मुकदमे में देरी उसके कारण न हुई हो। बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत के रिटायर होने के बाद फरवरी 2027 में जस्टिस विक्रम नाथ देश के CJI होंगे। जस्टिस सूर्यकांत इसी महीने CJI बनने जा रहे हैं क्योंकि जस्टिस बीआर गवई 23 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।  

राजधानी में धमाका: गृह मंत्री अमित शाह की समीक्षा बैठक, सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट के मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को दोहराते हुए अमित शाह ने कहा कि इस कृत्य में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद मंगलवार को शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दिल्ली कार ब्लास्ट पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्हें इस घटना के पीछे के प्रत्येक दोषी की तलाश करने के निर्देश दिए। इस कृत्य में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को हमारी एजेंसियों की कड़ी सज़ा का सामना करना पड़ेगा।" बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक (डीजी) सदानंद वसंत दाते शामिल हुए। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी कड़ा संदेश दे चुके हैं कि षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भूटान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मैं कल रात भर इस घटना की जांच में जुटी सभी एजेंसियों के साथ सभी महत्वपूर्ण लोगों के साथ संपर्क में था। विचार विमर्श चलता था। जानकारियों के तार जोड़े जा रहे थे। हमारी एजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी। इसके पीछे के षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।" विस्फोट की जांच के लिए 500 से अधिक सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रमुख प्रतिष्ठानों पर एनएसजी कमांडो तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं। उन्हें संदेह है कि कार विस्फोट ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया गया एक आत्मघाती हमला हो सकता है। जांच ​​एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं और दिल्ली भर के कई स्थानों से मोबाइल फोन का डंप डेटा इकट्ठा कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लाल किला क्षेत्र में और उसके आसपास सक्रिय सभी मोबाइल फोन से डंप डेटा प्राप्त किया जा रहा है। यह डेटा कार बम विस्फोट से जुड़े फोन नंबरों और संचार लिंक की पहचान करने में मदद कर सकता है।

रातों-रात ऑपरेशन! दिल्ली ब्लास्ट के सुराग पर कश्मीर पुलिस की ताबड़तोड़ रेड

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में लालकिले के पास फिदायीन हमला होने के तुरंत बाद रातों रात दक्षिण कश्मीर में पुलिस ने 6 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। इसमें हमले के मुख्य संदिग्ध डॉक्टर उमर के परिवार के तीन लोग शामिल थे। आरोपी डॉक्टर उमर दो अन्य डॉक्टरों के संपर्क में था जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि जिस ह्युंडई आई20 कार से हमले को अंजाम दिया गया, उसे डॉ. उमर ने ही खरीदा था। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज में भी कार में बैठा जो शख्स दिखाई दे रहा है, उसकी शक्ल भी उमर से मिलती जुलती है। फरीदाबाद में डॉ. मुजाम्मिल के पास भारी मात्रा में आरडीएक्स मामले में जांच शुरू होने के बाद से ही उमर गायब हो गया था। पुलवामा में उसके गांव से उसके परिवार के तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने कहा कि फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा ही एक शख्स कार में सवार था। हालांकि डीएनए टेस्ट के बाद ही सारा मामला खुलकर सामने आएगा। कश्मीर में जिन 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें आमिर राशिद मीर, उमर राशिद मीर और तारिक मलिक शामिल हैं। आमिर प्लंबर है, उमर पावर डिवेलपमेंट डिपार्टमेंट में काम करता है और तारिक मलिक बैंक में सिक्योरिटी गार्ड है। एक स्पेशल पुलिस टीम उनकी जांच कर रही है। 19 अक्टूबर को नौगाम में जैश का पोस्टर मिलने के बाद से ही इस मॉड्यूल की जांच शुरू हो गई थी। इस मामले में पहले भी कई लोगों को हिरासत में लिया गया था और पूछताछ भी की गई थी। हालांकि इतनी बड़ी साजिश का अंदेशा नहीं था। दो दिन पहले ही फरीदाबाद से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया जिसके पास से 350 किलोग्राम आरडीएक्स और दो एके-47 राइफल मिलीं। सोमवार को डॉ. मुजाम्मिल से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर उल अशराफ और मकसूद अहमद डार शामिल थे। इसके अलावा नौगाम से मौलवी इरफान अहमद, जमीर अहमद अहंगर और मुसैब को गिरफ्तार किया गया था। कुलगाम से डॉ. आदिल को पकड़ा गया था। पुलिस का कहना है कि जांच में पता चला है कि डॉ. उमर डॉ. मुजाम्मिल के गांव भी गया था। हालांकि दोनों डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद से वह लापता हो गया। पुलिस ने लाल किले के पास विस्फोट में इस्तेमाल कार चलाने के संदिग्ध व्यक्ति की मां को मंगलवार को डीएनए जांच के लिए जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में बुलाया। यहां अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने विस्फोट स्थल पर मिले अंगों से मिलान करने के लिए संदिग्ध की मां को डीएनए नमूने लेने के लिए बुलाया है।’’