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मान-सम्मान की आड़ में बेटी की जान ले ली: राधिका मर्डर केस में पिता के खिलाफ पुलिस की 420 पेज की चार्जशीट

गुड़गांव गुड़गांव के बहुचर्चित टेनिस प्लेयर राधिका यादव की हत्या उसके पिता ने अपना मान-सम्मान बचाने के लिए की थी। राधिका का टेनिस ट्रेनिंग देना उनके पिता को अच्छा नहीं लग रहा था क्योंकि ग्रामीणों के ताने लगातार बढ़ रहे थे। पुलिस ने अदालत में दाखिल की 420 पेज की चार्जशीट में इसी मान-सम्मान के कारण राधिका की हत्या किए जाने की बात कही है।   सेक्टर-56 थाना पुलिस के मुताबिक, 90 दिन तक चली जांच में आरोपी पिता दीपक यादव के साथ-साथ कई परिजनों व परिचितों के बयान भी दर्ज किए गए। उनसे पूछताछ में केवल मान-सम्मान को ठेस पहुंचने की बात सामने आई। इसके साथ ही यह भी पता लगा कि दोनों पिता-पुत्री के बीच पहले भी कई बार झगड़े हो चुके थे। जांच में सामने आया था कि राधिका का टेनिस प्रशिक्षण देना उनके परिवार के मान-सम्मान को ठेस पहुंचा रहा है। जांच के दौरान किसी भी तरह के प्रेम प्रसंग की बात सामने नहीं आई। वहीं, अदालत में अब मामले की सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।    आपको बता दें कि 10 जुलाई को सेक्टर-57 में घर पर खाना बना रही टेनिस प्लेयर राधिका यादव की उसके पिता ने गाेली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने से पहले दोनों पिता-पुत्री के बीच झगड़ा भी हुआ था। पुलिस के मुताबिक, जब राधिका किचन में खाना बना रही थी तो उसके पिता दीपक यादव ने उस पर गोलियां चला दी जिसमें चार गोलियां राधिका को लगी थी। इसके बाद दीपक के भाई व भतीजे राधिका को निजी अस्पताल ले गए थे जहां डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। राधिका घर के पास ही टेनिस एकेडमी चलाती थी। वह इंटरनेशनल लेवल तक की टेनिस प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी थी।  एक मैच के दौरान कंधे में चोट लगने के बाद उसने टेनिस खेलना छोड़ दिया था, लेकिन पिता ने काफी प्रोत्साहित किया और उसका इलाज कराने के बाद उसे वापस मैदान में उतारा। चोट से उभरने के बाद राधिका ने टेनिस एकेडमी शुरू जो पूरे क्षेत्र में काफी पॉपुलर हो गई। वहीं, पुलिस को प्रारंभिक जांच के दौरान पता लगा था कि राधिका के पिता पास ही गांव में दूध लेने के लिए जाते थे जहां ग्रामीण उन्हें बेटी की कमाई खाने के नाम पर ताने देता था। इसको लेकर उन्होंने राधिका को एकेडमी बंद करने के लिए कहा था, लेकिन इसको लेकर दोनों में झगड़ा होने लगा था और राधिका एकेडमी बंद न करने पर अड़ी हुई थी। इसी पूरे प्रकरण में ही राधिका की हत्या किए जाने की बात सामने आई थी।

सावित्री जिंदल का कमाल! सिर्फ 6 महीनों में 4.1 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी, बनीं देश की टॉप अमीर महिला

रोहतक   फोर्ब्स इंडिया की हाल ही में जारी रिच लिस्ट 2025 में हरियाणा की हिसार से विधायक और ओपी जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल को भारत की सबसे अमीर महिला घोषित किया गया है। उनकी कुल संपत्ति 39.6 बिलियन डॉलर (करीब 3.3 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है, जिससे वे मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी के बाद भारत की तीसरी सबसे अमीर व्यक्ति बन गई हैं। वैश्विक स्तर पर वे दुनिया के सबसे अमीर लोगों में 48वें स्थान पर हैं। छह महीने में 4.1 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी इससे पहले अप्रैल 2025 में प्रकाशित फोर्ब्स बिलियनेयर लिस्ट के अनुसार, सावित्री जिंदल की संपत्ति 35.5 बिलियन डॉलर थी। मात्र छह महीने में उनकी संपत्ति में 4.1 बिलियन डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत के टॉप 100 अमीरों की कुल नेटवर्थ में 9% की गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 88 लाख करोड़ रुपये) रह गई है। 2024 में यह आंकड़ा 1.1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 97 लाख करोड़ रुपये) था। राजनेता और उद्योगपति परिवार की मुखिया सावित्री जिंदल, हरियाणा की हिसार विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे जिंदल समूह के संस्थापक दिवंगत ओम प्रकाश जिंदल की पत्नी हैं, जिनकी वर्ष 2005 में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद जिंदल ग्रुप का नेतृत्व सावित्री जिंदल ने संभाला, और अब यह व्यापार साम्राज्य उनके चार बेटों के बीच विभाजित है। उनका बेटा नवीन जिंदल, वर्तमान में कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद हैं। जिंदल समूह का विस्तार कई क्षेत्रों में जिंदल समूह आज इस्पात, बिजली, सीमेंट और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति रखता है। मुंबई स्थित सज्जन जिंदल, JSW Steel, JSW Cement और JSW Paints का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने 2023 में JSW इंफ्रास्ट्रक्चर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया था। 2024 में, सज्जन जिंदल ने एमजी मोटर इंडिया में 35% हिस्सेदारी खरीदकर इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में बड़ा निवेश किया। दिल्ली स्थित नवीन जिंदल, जिंदल स्टील एंड पावर (JSP) का संचालन कर रहे हैं, जो देश के प्रमुख स्टील उत्पादकों में शामिल है। जिंदल परिवार की बढ़ती आर्थिक ताकत सावित्री जिंदल की यह उपलब्धि न केवल हरियाणा के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह दर्शाती है कि पारिवारिक व्यवसायों में महिलाओं की भूमिका कितनी निर्णायक हो सकती है। आर्थिक अस्थिरता के दौर में भी जिंदल समूह की निरंतर प्रगति इस बात का संकेत है कि स्मार्ट निवेश और विविधीकरण से किस तरह दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित की जा सकती है।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग सक्रिय, ADGP आत्महत्या मामले में चंडीगढ़ प्रशासन से मांगा जवाब

चंडीगढ़  राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने चंडीगढ़ के मुख्य सचिव और चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा है।  आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मामले में पूछताछ करने का निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट में सभी आरोपियों के नाम, एफआईआर संख्या, तारीख और धाराएं, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को दी गई मुआवजा राशि को जरूर शामिल किया जाए। आयोग की ओर से मुख्य सचिव व डीजीपी को भेजे गए पत्र में कहा गया है यदि आयोग को निर्धारित समय के भीतर आपसे कोई जवाब नहीं मिलता है, तो आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत दी गई सिविल अदालतों की शक्तियों का प्रयोग कर आपको व्यक्तिगत या आपके प्रतिनिधि को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी कर सकता है। आयोग ने यह नोटिस हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या करने के दो दिन बाद जारी किया है। वाई पूरण कुमार के समर्थन में आए अधिकारी, कार्रवाई की मांग  आईपीएस वाई पूरण कुमार का आत्महत्या केस तूल पकड़ता जा रहा है। दलित वर्ग के अफसर इस मामले में एकजुट हैं और वह कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, हरियाणा सिविल सर्विस (ईबी) ऑफिसर्स एसोसिएशन भी वाई पूरन कुमार के परिवार के समर्थन में उतर आई।  एसोसिएशन ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि वाई पूरण कुमार के मामले को अत्यंत गंभीरता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ निपटाया जाए, यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना किसी देरी के एफआईआर दर्ज की जाए और नए आपराधिक कानूनों के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की जाए। एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि इस मामले में आरोपी अधिकारियों को अस्थायी रूप से पद से हटा दिया जाए ताकि जांच में कोई व्यवधान न आए। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिस तरह से रोहतक एसपी ने सीधे तौर पर वाई पूरण का नाम लिया है, उससे जाहिर होता है कि उसे किसी ने आदेश दिया था। कुल मिलाकर यह एक सोची समझी साजिश है, जिस पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, हरियाणा सिविल सर्विस (ईबी) ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एचसीएस शंभू ने बताया कि संघ के सभी अधिकारी दुख की घड़ी में अमनीत पी. कुमार के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता और नैतिक समर्थन व्यक्त करता है। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए और वाई पूरण कुमार को न्याय मिलना चाहिए।  

अब स्कूल टाइम में कहां गए, क्यों गए – हरियाणा में टीचर्स को रजिस्टर में करनी होगी एंट्री

चंडीगढ़  हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचरों को अब अपनी हर गतिविधि की जानकारी मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। यानी कि वे स्कूल टाइम के दौरान कहा और किस काम से गए थे। इन सब का ब्यौरा मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करना होगा। विभाग की ओर से यह नियम हाजिरी लगाकर स्कूल छोड़ देने वाले टीचरों पर नजर रखने के लिए बनाया गया है। विभाग के इस फैसले के बाद अब हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचर फॅरलो नहीं मार पाएंगे। विभाग ने हर स्कूल में मूवमेंट रजिस्ट मैंटेन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हर स्कूल में अब डेली मूवमेंट रजिस्टर मैंटेन होगा। स्कूल मुखिया दैनिक आधार पर मूवमेंट रजिस्टर को डेली मूवमेंट का दर्ज कर अपनी टिप्पणी सहित हस्ताक्षर करने होंगे। आदेशों में साफ कहा गया है कि मुख्यालय द्वारा किसी सरकारी स्कूल की रैंडम चेकिंग हो सकती है। अगर इन आदेशों की पालना नहीं होती तो है मुख्यालय के द्वारा संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  हरियाणा विधानसभा की विषय समिति की अनुशंसा पर शिक्षा विभाग की ओर से फैसला लिया गया है। विधानसभा की विषय समिति ने बजट अधिवेशन के दौरान अपनी 10वीं रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था। जिसे अब लागू करते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग पंचकूला ने प्रदेश के सभी बीईओ, डीईईओ और डीपीसी के नाम पत्र जारी किया है।  शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक अगर कोई भी कर्मचारी स्कूल समय में किसी सरकारी कार्य से बाहर जाता है तो वापसी में अपनी हाजिरी रिपोर्ट वहां से लेकर आएगी। वो हाजिरी रिपोर्ट प्रमाण के तौर पर स्कूल के मूवमेंट रजिस्टर में पेस्ट करनी होगी। उच्च अधिकारियों के स्कूल विजिट के दौरान उन्हें मूवमेंट रजिस्टर का अवलोकन करवा कर उनसे साइन करवाने होंगे।  प्रदेश के हर बीईओ, डीईईओ और डीपीसी को प्रत्येक माह कम से कम 15 स्कूलों के हाजिरी व मूवमेंट रजिस्टर की जांच करनी होगी। यदि किसी स्कूल में प्रॉपर रजिस्टर मैंटेन नहीं किया गया है तो इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजनी होगी। जिला मुख्यालय द्वारा एक माह के दौरान इस प्रकार कार्यवाही करनी होगी।  

हरियाणा: खुदकुशी से पहले IPS अधिकारी की वसीयत सामने आई, पत्नी को बनाया उत्तराधिकारी

चंडीगढ़  हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी. उन्होंने जान देने से ठीक एक दिन पहले यानी की 6 अक्टूबर को अपनी वसीयत तैयार की थी और 9 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था जिसे उन्होंने सरकारी विदेश दौरे पर गई अपनी आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार को मोबाइल पर भेजा था. इसके बाद जापान से ही उनकी पत्नी ने 15 बार आईपीएस वाई पूरन कुमार को कॉल किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया था. पूरन कुमार के पास कितनी संपत्ति थी ? मरने से पहले IPS पूरन कुमार ने वसीयत तैयार की थी उसमें उन्होंने सभी चल-अचल संपत्तियों की मालकिन अपनी पत्नी और वरिष्ठ आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार को बनाया है. उन्होंने अपने सुसाइ़ नोट में लिखा है कि मेरी मौत के बाद सभी संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम पर होगी. उन्होंने सुसाइड नोट के आखिरी पन्ने पर संपत्ति का जिक्र किया है जिसमें एचडीएफसी के सेविंग अकाउंट के पैसे, इस अकाउंट से जुड़े (डीमैट अकाउंट के) शेयर, मोहाली में प्लॉच, यूनिवर्सल बिजनस पार्क गुरुग्राम में ऑफिस स्पेस, चंडीगढ़ के सेक्टर 11A में मकान में 25 हिस्सेदारी की मालकिन उनकी पत्नी होगीं. उन्होंने उस वसीयत में ये भी लिखा कि इन संपत्तियों की जानकारी पहले ही वार्षिक संपत्ति घोषणा पत्र में दर्ज है. 12 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज इस हाईप्रोफाइल खुदकुशी के मामले में आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर समेत 12 अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह मामला सेक्टर-11 थाना चंडीगढ़ में दर्ज किया गया है. एफआईआर वाई पूरन कुमार के सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज की गई है. सूत्रों के अनुसार, पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में 13 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लिखे थे, जिनमें हरियाणा के डीजीपी, रोहतक के एसएसपी समेत कई आईपीएस और आईएएस अधिकारी शामिल हैं. 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे पूरन कुमार पूरन कुमार, जो 2001 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी थे ने अपने सुसाइड नोट में इन अफसरों पर जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और करियर में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने यह भी लिखा था कि उन्हें लगातार अपमानित किया गया, पदोन्नति और वेतन लाभों से वंचित रखा गया और झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची गई थी. चंडीगढ़ पुलिस ने अब इस सुसाइड नोट को आधार मानते हुए संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस पूरे प्रकरण ने हरियाणा प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है. सरकार ने पहले ही इस मामले की जांच के आदेश दिए थे, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरन कुमार के परिवार से मिलकर न्याय का आश्वासन दिया है.  

विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी? HC ने ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया

चंडीगढ़ ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी पर ऑनर्स डिग्री के नाम पर कथित धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी, यूजीसी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता निपुण गुप्ता ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय ने तीन वर्षीय एलएलबी ऑनर्स कोर्स का वादा किया था लेकिन कोर्स पूरा होने पर उसे केवल एलएलबी डिग्री दी गई। याचिकाकर्ता ने बताया कि उसने वर्ष 2022 में इस तीन वर्षीय लाॅ प्रोग्राम में प्रवेश लिया था। करीब 22 लाख की भारी-भरकम फीस अदा की। दाखिले के दौरान यूनिवर्सिटी की ओर जारी प्रॉस्पेक्टस, फीस शेड्यूल, ऑफर लेटर और यहां तक कि आईडी कार्ड पर भी कोर्स का नाम स्पष्ट रूप से एलएलबी ऑनर्स अंकित था। मई 2025 में कोर्स पूरा करने और जून 2025 में डिग्री मिलने पर छात्र को पता चला कि उसमें ऑनर्स शब्द पूरी तरह से गायब है। जब छात्र ने इस विसंगति को लेकर यूनिवर्सिटी से स्पष्टीकरण मांगा तो 8 सितंबर 2025 को जारी अपने लिखित जवाब में विश्वविद्यालय ने कहा कि दस्तावेजों में ऑनर्स का उल्लेख सिर्फ एक टाइपोग्राफिकल या क्लेरिकल एरर था। साथ ही यूनिवर्सिटी ने स्वीकार किया कि वह एलएलबी ऑनर्स डिग्री प्रदान करने के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है।   याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में दलील दी है कि यह न केवल भ्रामक बल्कि छात्रों के प्रति धोखाधड़ीपूर्ण आचरण है। ऑनर्स डिग्री का अर्थ अतिरिक्त अकादमिक गहराई और विशेषज्ञता से होता है जो विदेशों में उच्च शिक्षा (जैसे एलएलएम या डाॅक्टरेट) और पेशेवर अवसरों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देती है। छात्र ने कहा कि इस गलती ने उसके कॅरिअर को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। उसने अदालत से अनुरोध किया है कि या तो विश्वविद्यालय उसे संशोधित एलएलबी ऑनर्स डिग्री जारी करें या फिर मानसिक पीड़ा, आर्थिक हानि और कॅरिअर अवसरों के नुकसान के लिए 30 लाख मुआवजा दे। उसने अदालत से मांग की है कि इन संस्थाओं को ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के कार्यों की गहन जांच करने और यदि दोष सिद्ध हो तो मान्यता या लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए। 

सावधान! हरियाणा सरकार ने चार कंपनियों के कफ सिरप पर लगाया बैन, स्टॉक अब कब्जे में

चंडीगढ़ मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने चार कंपनियों की खांसी की दवा (कफ सिरप) की बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही स्टॉक को जब्त करने के निर्देश दिए हैं। इनमें गुजरात की रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी के ब्रोमहेक्सिन हाइड्रोक्लोराइड, टरब्यूटेलिन सल्फेट, गुआइफेनेसिन व मेन्थॉल सिरप (रेस्पिफ्रेश टीआर), शेप फार्मा कंपनी के एंब्रॉक्सोल एचसीएल, गुआइफेनेसिन, टरब्यूटेलिन सल्फेट और मेन्थॉल सिरप (रिलाइफ), तमिलनाडु की स्रेशन फार्मा कंपनी के कोल्ड्रिफ सिरप और जयपुर स्थित केसन्स फार्मा का डेक्सट्रोमेथॉर्फन सिरप शामिल हैं। पूरे प्रदेश में इन चारों कंपनियों की दवाओं के सैंपल भरकर लैब में भेजे जा रहे हैं। राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल की ओर से सभी औषधि नियंत्रण अधिकारियों को इन चारों कंपनियों की दवाओं की कड़ी निगरानी, नमूने लेने और यदि दवाएं मिलती हैं तो शेष दवाओं के स्टॉक को तत्काल जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी और शेप फार्मा कंपनी की दवाओं में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (डीआईजी) की मात्रा स्वीकार्य सीमा से अधिक पाई गई है। यह एक जहरीला रसायन है जिससे विशेषकर बच्चों की किडनी फेल हो सकती। न्यूरो संबंधी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं और यहां तक मौत भी हो सकती है।

बारिश ने तोड़ा 21 साल का रिकॉर्ड, हरियाणा में मौसम हुआ बदलने वाला

चंडीगढ़ हरियाणा में पिछले चार दिन से जारी बारिश का दौरा आज से थम गया है। आज धूप खिलेंगी। धूप खिलने के कारण दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, लेकिन रात के तापमान में गिरावट आएगी, जिस कारण ठंड का अहसास होगा। वहीं 5 से 8 अक्टूबर तक प्रदेश में हुई बारिश के कारण अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में अधिकतम तापमान लगातार दूसरे दिन भी 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। वहीं रोहतक में तापमान 7 डिग्री तक सामान्य से कम चल रहा है। बता दें कि हरियाणा में 3 दिन 5 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक पश्चिमी विक्षोभ का असर रहा। इससे ज्यादातर क्षेत्रों में हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई है। इस दौरान कुछ एक क्षेत्रों में तेज बारिश भी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादा बारिश होने के कारण इस बार ठंड अधिक पड़ने की संभावना है और समय से पहले ठंड दस्तक दे सकती है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आगे जाने के बाद आज 9 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के दौरान मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम साफ रहने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं में फिर से बदलाव उत्तर व उत्तर पश्चिमी होने से रात्रि तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है।   हरियाणा में पहाड़ों से मैदानों की ओर चलने वाली उत्तर पश्चिमी हवाओं का असर देखा जाने लगा है। हरियाणा में अक्टूबर में हुई बारिश ने 21 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हरियाणा में अक्टूबर के आठ दिनों में करीब 29.2 एमएम बारिश को चुकी है। इससे पहले 2004 में पूरे अक्टूबर महीने में 58.4 एमएम बारिश हुई थी।  

नया आदेश: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में टीचर फॅरलो नहीं मार सकेंगे — उल्लंघन पर मिलेगी कड़ी सज़ा

चंडीगढ़ हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचरों को अब अपनी हर गतिविधि की जानकारी मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। यानी कि वे स्कूल टाइम के दौरान कहा और किस काम से गए थे। इन सब का ब्यौरा मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करना होगा। विभाग की ओर से यह नियम हाजिरी लगाकर स्कूल छोड़ देने वाले टीचरों पर नजर रखने के लिए बनाया गया है। विभाग के इस फैसले के बाद अब हरियाणा के सरकारी स्कूलों के टीचर फॅरलो नहीं मार पाएंगे। विभाग ने हर स्कूल में मूवमेंट रजिस्ट मैंटेन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हर स्कूल में अब डेली मूवमेंट रजिस्टर मैंटेन होगा। स्कूल मुखिया दैनिक आधार पर मूवमेंट रजिस्टर को डेली मूवमेंट का दर्ज कर अपनी टिप्पणी सहित हस्ताक्षर करने होंगे। आदेशों में साफ कहा गया है कि मुख्यालय द्वारा किसी सरकारी स्कूल की रैंडम चेकिंग हो सकती है। अगर इन आदेशों की पालना नहीं होती तो है मुख्यालय के द्वारा संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  हरियाणा विधानसभा की विषय समिति की अनुशंसा पर शिक्षा विभाग की ओर से फैसला लिया गया है। विधानसभा की विषय समिति ने बजट अधिवेशन के दौरान अपनी 10वीं रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था। जिसे अब लागू करते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग पंचकूला ने प्रदेश के सभी बीईओ, डीईईओ और डीपीसी के नाम पत्र जारी किया है।  शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक अगर कोई भी कर्मचारी स्कूल समय में किसी सरकारी कार्य से बाहर जाता है तो वापसी में अपनी हाजिरी रिपोर्ट वहां से लेकर आएगी। वो हाजिरी रिपोर्ट प्रमाण के तौर पर स्कूल के मूवमेंट रजिस्टर में पेस्ट करनी होगी। उच्च अधिकारियों के स्कूल विजिट के दौरान उन्हें मूवमेंट रजिस्टर का अवलोकन करवा कर उनसे साइन करवाने होंगे।  प्रदेश के हर बीईओ, डीईईओ और डीपीसी को प्रत्येक माह कम से कम 15 स्कूलों के हाजिरी व मूवमेंट रजिस्टर की जांच करनी होगी। यदि किसी स्कूल में प्रॉपर रजिस्टर मैंटेन नहीं किया गया है तो इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजनी होगी। जिला मुख्यालय द्वारा एक माह के दौरान इस प्रकार कार्यवाही करनी होगी।  

सिक्योरिटी व्यवस्था को देखते हुए IPS पूरन कुमार की पत्नी से मिलने पहुंचे CM सैनी

हरियाणा  हरियाणा के CM नायब सैनी सीनियर IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार से मिलने पहुंच गए हैं। वह बुधवार शाम को ही जापान दौरे से लौटे थे और अब चंडीगढ़ स्थित अपने आवास से निकलकर सेक्टर-24 में IG की पत्नी अमनीत कुमार से मिल रहे हैं।  इस दौरान करीब 1 घंटे तक CM सैनी ने अलग कमरे में IAS अमनीत पी. कुमार के साथ मीटिंग की। मीटिंग के दौरान IAS अमनीत ने CM सैनी को 2 पन्नों की शिकायत सौंपी। इसके जरिए IG के लिखे सुसाइड नोट में शामिल अधिकारियों को सस्पेंड करने, अरेस्ट करने और परिवार को सिक्योरिटी देने की मांग की।   उनके साथ मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी पहुंचे थे। IG पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में इन्हें आपबीती बताने की बात लिखी है। मुलाकात के दौरान CM सैनी IAS पत्नी को सांत्वना देने के साथ जांच को लेकर कुछ बड़ा फैसला भी ले सकते हैं। इसके अलावा आज कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार और कांग्रेस सांसद वरूण मुलाना के भी पहुंचने की संभावना है। बता दें कि IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपनी कोठी में सर्विस गन से सिर पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। उनकी उनकी IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार CM नायब सैनी के साथ जापान के ऑफिशियल दौरे पर थीं। वह आज दोपहर साढ़े 12 बजे उनकी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। इसके बाद वह दोपहर 2 बजे दिल्ली से फ्लाइट लेकर चंडीगढ़ पहुंचेंगी। इसके बाद अंतिम संस्कार होगा।