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ई-भूमि पोर्टल के जरिए किसान 30 अप्रैल तक बेचें जमीन

चंडीगढ़. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) प्रदेश में नए सेक्टर बसाने के लिए 1.47 लाख एकड़ जमीन खरीदेगा। इसके तहत 69 शहरों में 500 से अधिक सेक्टर विकसित किए जाएंगे। प्रदेश सरकार की घोषणा के अनुसार एचएसवीपी ने पहले चरण में 13 शहरों में करीब 40 हजार एकड़ जमीन खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसान 30 अप्रैल तक पोर्टल पर अपनी सहमति दे सकेंगे। हरियाणा सरकार ने ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से किसानों से आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन खरीदने की योजना बनाई है। पहले चरण में गुरुग्राम, पिंजौर-कालका, कोट-बेहला, लाडवा, अंबाला, घरौंडा, नारायणगढ़, पिहोवा, फरीदाबाद, होडल, हांसी, नरवाना और समालखा में किसानों के लिए दो माह तक पोर्टल खुला रहेगा, जहां वे अपनी जमीन बेचने की सहमति दे सकेंगे। एचएसवीपी ने इच्छुक भू-मालिकों और भू-संग्राहकों से जमीन विक्री या प्रस्ताव देने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

कुरुक्षेत्र में मोहन भागवत बोले- ‘कर्म से ही मजबूत हुआ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’

कुरुक्षेत्र. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हरियाणा में लगातार दूसरे दिन शनिवार को श्रीमद्भगवद्गीता की धरा पर पहुंची सज्जन शक्ति को कर्म का महत्व का समझाया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवगद्गीता सदन में करीब 140 मिनट में संबाेधन में उन्होंने संघ के उद्देश्य और 100 वर्ष के संघर्ष के बारे में बताया। उन्होंने प्रदेश भर से आए 500 से अधिक सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायाधीशों और शिक्षाविदों को संबोधित किया। उनके प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत भी किया। 'संघ जैसा कोई नहीं' उन्होंने कहा कि आज संघ अपने स्वयंसेवकों के कर्म से ही यहां तक पहुुंचा है। समाज में परिवर्तन के लिए हमें स्वयं से शुरू करना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की किसी से कोई तुलना नहीं की सकती। संघ जैसा कुछ नहीं है, अब विदेशी भी संघ की प्रणाली को समझ रहे हैं, वह भी चाहते हैं कि वह अपने देश में भी कोई ऐसा संगठन खड़ा करें। संघ के बारे में बाहर से कोई किसी भी तरह की धारणा न बनाए। अगर संघ के बारे में जानना है तो वह संघ की शाखा में आइए। कोई रोक-टोक नहीं है और कोई फीस नहीं है। वह संघ के बारे में समझें, बारीकी से समझने के लिए तीन-चार साल लगाए। जब चाहे छोड़ दे, इसके बारे में समझने के बाद अगर कोई धारणा बनाएगा तो हमें भी इससे सुधार करने में आसानी होगी। किसी के कहने पर व्यर्थ की धारणा बनाना और जो है नहीं उस पर बात करने से कोई लाभ नहीं होने वाला।

हिसार में दूषित पानी पीने के कारण 90 बीमार

हिसार. पड़ाव चौक, प्रताप नगर व यादव मुहल्ला में बीते 6 माह से लगातार एक हजार घरों में दूषित पानी सप्लाई आने से क्षेत्रवासी परेशान है। जिससे उपरोक्त तीनों क्षेत्रों के 90 लोग उल्टी, दस्त, टाइफाइड व वायरल से ग्रस्त हो चुके हैं, जिनमें 20 बच्चे भी शामिल है। समस्या को लेकर पब्लिक हेल्थ के दफ्तरों के चक्कर काटने से परेशान क्षेत्रवासियों का सब्र का बांध टूट गया और दोपहर 1 बजे पड़ाव चौक पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगने से राहगीरों सहित लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी पुलिस व पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को लगी तो वे जाम खुलवाने के लिए घटनास्थल की तरफ दौड़े। जहां आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने दूषित पानी सप्लाई होने की पीड़ा बताई और दैनिक दिनचर्या से लेकर बच्चे सहित लोगों को बीमारी से ग्रस्त होने का दर्द भी बताया। दूसरी तरफ पुलिस व पब्लिक हेल्थ के अधिकारी समझाने में लगे रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद शुक्रवार शाम तक घरों में स्वच्छ पानी सप्लाई देने के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया। क्षेत्र विवाद पर दो पार्षदों में भी हुई खींचतान पड़ाव चौक निवासी मनोज ने बताया कि जाम के दौरान घटनास्थल पर दो पार्षद भी पहुंचे, जिनमें वार्ड नंबर-2 के मोहित सिंगला व वार्ड नंबर-6 के कुलदीप शामिल रहे। क्षेत्रवासी ने बताया कि उपरोक्त दोनों पार्षदों में क्षेत्र को लेकर खींचतान हो गई। दोनों पार्षदों का कहना था कि पड़ाव चौक, प्रताप नगर व यादव मुहल्ला उनके अधीनस्थ क्षेत्र में नहीं है। इसलिए वे कुछ नहीं कर सकते। लेकिन पेयजल को लेकर किसी भी पार्षद ने सुध नहीं ली और खींचतान जारी रखी। क्षेत्रवासी बोले: पुलिस ने मामला दर्ज करने का डर दिखाया पड़ाव चौक निवासी मनोज, कपिल, कमला, विमला, राजबाला ने बताया कि जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने उन पर मामला दर्ज करने का डर दिखाया। जबकि पेयजल को लेकर पुलिस ने किसी तरह की जानकारी नहीं जुटाई। उपरोक्त क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जाम लगाने पर पुलिस ने उन पर मामला दर्ज का डर दिखाया। जबकि मूलभूत सुविधा जिसमें पेयजल खराब हालत को लेकर पब्लिक हेल्थ पर किसी तरह की कोई कार्रवाई करने तक की बात नहीं की। लोग बोले- 24 घंटे में पानी साफ नहीं आया तो जाम लगाएंगे क्षेत्रवासी कविता, सजना, मुन्नी, विमला, फूली ने बताया कि अगर 24 घंटे तक पानी की समस्या का निदान नहीं हुआ तो वे फिर से जाम लगाएंगे। हालांकि दूषित पानी को लेकर पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी गई है।

दिल्ली-अंबाला सेक्शन पर दो नई रेल लाइनों का काम शुरू

अंबाला. दिल्ली-अंबाला सेक्शन पर दो नई रेल लाइनों (अप-डाउन) का सर्वे शुरू हो गया है। करीब 194 किलोमीटर रेल लाइनों से प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर लाभान्वित होंगे। इस पर करीब 5,983 करोड़ रुपये निर्धारित कर दिए गए हैं। रेलवे के लिए यह परियोजना रेलवे के लिए अहम है। इससे रेलयात्रियों और रेलवे को तो फायदा होगा, रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। यात्रियों को नो-रूम जैसी स्थिति से छुटकारा मिल जाएगा। नई रेल लाइनों के लिए कई स्थानों पर जमीन का अधिग्रहण भी होगा। चार साल में पूरा होगा लक्ष्य यह परियोजना अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत के यात्रियों के लिए सबसे बड़ा फायदा देगा। चार वर्षों में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पानीपत जंक्शन से अंबाला तक डाउन लाइन की तरफ और दिल्ली की तरफ अपलाइन के साथ नई लाइनें बिछेंगी। दिल्ली से आई टीम ने अंबाला की ओर सर्वे शुरू कर दिया है। ट्रेनों के क्रॉसिंग में लगने वाला समय कम होगा वर्तमान में ट्रेनों को क्रास करने में समय लगता है। यदि किसी ट्रेन को क्रास करवाना है, तो उसके लिए एक ट्रेन को रोका जाता है। कई बार तो एक से ज्यादा ट्रेनों को क्रास कराया जाता है। ऐसे में जिस ट्रेन को रोका जाता है, उसके यात्री परेशान होते हैं और ट्रेन अपने समय पर भी गंतव्य तक नहीं पहुंच पाती। नई रेल लाइनें बिछने के बाद ट्रेनों की क्रासिंग का समय भी कम होगा। ट्रेनों का संचालन बढ़ेगा : दो नई लाइनों के बिछने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। अभी स्थिति ऐसी हो जाती है कि ट्रेनों में नो रूम बन जाता है। यानी टिकट ही नहीं मिल पाते। ट्रेनें बढ़ने से यात्रियों को ट्रेनों में सीट मिल जाएगी और रेलवे को राजस्व मिल सकेगा। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे दिल्ली-अंबाला नई रेल का यह प्रोजेक्ट रोजगार के मौके भी बढ़ाएगा। ट्रेनों के लिए जहां प्लेटफार्मों का विस्तार होगा, वहीं स्टालों की संख्या भी बढ़ जाएगी। इसी तरह यात्रियों के लिए टिकट लेना और आरामदायक करने के लिए रेलवे द्वारा स्टेशन परिसर से बाहर भी टिकट घर दिए जा सकेंगे। इसके लिए रेलवे द्वारा निर्धारित फीस ली जाएगी, यात्रियों को सुविधा होगी कि वे स्टेशन की बजाए बाहर से टिकट खरीद सकेंगे। जंक्शन पर ठहरती है 114 ट्रेनें रेलवे जंक्शन पर रोजाना 170 करीब ट्रेनें गुजरती है, इसमें मालगाड़ी के साथ यात्री ट्रेन शामिल है। प्रतिदिन 114 से अधिक ट्रेनों का ठहराव पानीपत में होता है। इसमें वंदे भारत, शताब्दी, जन शताब्दी, सुपरफास्ट, मेल एक्सप्रेस के अलावा पैसेंजर ट्रेन शामिल है। अंबाला से जालंधर तीसरी रेल लाइन बिछेगी रेलवे की ओर से अंबाला से जालंधर तक तीसरी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस योजना पर लगभग 3200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही ट्रेनों की संख्या को देखते हुए रेलवे ने यह फैसला किया है। इस योजना के तहत सर्वे पूरा करवा लिया है। रेलवे के निर्माण विभाग ने भी प्रस्ताव तैयार करके रेलवे बोर्ड के पास मान्यता के लिए भेज दिया है। नई लाइन के लिए हरियाणा और पंजाब में 20 से 30 फीट तक जालंधर से अंबाला की तरफ आने वाली पुरानी लाइन के साथ ही भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। दिल्ली से अंबाला और फिर अंबाला से लुधियाना-जालंधर तक लगभग 153 किमी का सर्वे किया गया। यह है प्रोजेक्ट  रेलवे अधिकारियों की ओर से दिल्ली-अंबाला रेल लाइन को बिछाने से पहले सर्वे किया गया, जिसके बाद यह पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसमें रेलवे द्वारा जमीन अधिग्रहण को भी ध्यान में रखा गया है। पांच जिलों से यह रेल लाइन निकलेगी, वहां के कुल 32 स्टेशनों पर सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा। इस नई रेल लाइन पर 29 पुल बनाए जाएंगे, जबकि पुराने पुलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। दावा है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद करीब 43 करोड़ किलो कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन रुकेगा। नई रेल लाइनों से ट्रेनें बढ़ेंगी दो लाइनों के विस्तार किया जाएगा। सर्वे के लिए दिल्ली और अंबाला की टीमें कार्य कर रही हैं। नई रेल लाइनों से ट्रेनें बढ़ेंगी और ट्रेनों की गति भी बढ़ेगी। – रमेश चंद्र, स्टेशन अधीक्षक, पानीपत।

CM नायब सैनी ने मंत्री अनिज विज के घर पहुंचकर जाना हाल चाल

अंबाला. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को विशेष रूप से अंबाला छावनी स्थित शास्त्री कॉलोनी पहुंचे। मुख्यमंत्री यहां प्रदेश के परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास पर उनका हालचाल जानने आए थे। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज , उनके भाई राजिंद्र विज व कपिल विज ने मुख्यमंत्री के यहां पहुंचने पर उन्हें सम्मानपूर्वक शॉल भेंटकर स्वागत सत्कार किया। गौरतलब है कि पिछले दिनों अनिल विज के पैर में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके बाद से वे अपने निवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री सैनी ने अनिल विज से उनके स्वास्थ्य को लेकर काफी देर तक बातचीत की। उन्होंने डॉक्टरों द्वारा दिए गए उपचार और रिकवरी की प्रगति के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही पैर में फ्रैक्चर के कारण डॉक्टरों ने अनिल विज को पूरी तरह बेड रेस्ट और चलने-फिरने से परहेज करने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें जल्दबाजी न करने और पूरी तरह ठीक होने तक आराम करने का आग्रह किया। हालांकि, यह एक व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी मुलाकात थी, लेकिन प्रदेश के दो बड़े दिग्गजों की इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विज के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की ताकि वे जल्द ही दोबारा अपने कार्यभार को संभाल सकें। अनिल विज के चोटिल होने के बाद से ही हरियाणा भाजपा के तमाम बड़े नेताओं का उनके आवास पर आना-जाना लगा हुआ है।

गरीबों का हक छीना जा रहा? बीपीएल कार्ड कटौती पर कुमारी सैलजा का हमला

चंडीगढ़ सिरसा सांसद पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बीपीएल राशन कार्डों की संख्या में आई भारी कमी को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के जो आंकड़े सामने आए हैं वे चिंताजनक हैं और यह गरीबों के साथ अन्याय का संकेत देते हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि जनवरी 2024 में प्रदेश में 44.99 लाख बीपीएल राशन कार्ड थे, जो मार्च 2025 में बढ़कर 52.50 लाख हो गए, लेकिन जनवरी 2026 तक यह संख्या घटकर 39.88 लाख रह गई। उन्होंने कहा कि लगभग 24 प्रतिशत की यह कमी कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है। क्या वास्तव में प्रदेश में गरीबी इतनी तेजी से कम हुई है या फिर पात्र परिवारों को विभिन्न प्रशासनिक कारणों से सूची से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एससी, एसटी, बीसी वर्गों, दिहाड़ी मजदूरों, विधवाओं और अनाथों के राशन कार्ड परिवार पहचान पत्र में कथित त्रुटियों के आधार पर काटे गए हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए राशन जीवन का आधार है और यदि पात्र लोगों को योजनाओं से वंचित किया गया है तो यह उनके अधिकारों का हनन है। उन्होंने प्रदेश सरकार से बीपीएल राशन कार्डों में हुई कटौती पर श्वेत पत्र जारी करने, अपील के बाद बहाल किए गए कार्डों का विवरण सार्वजनिक करने तथा पीपीपी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन पात्र परिवारों के कार्ड गलत डेटा के कारण कटे हैं, उनकी शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जानी चाहिए। सफाई पर लाखों खर्च, ज़मीन पर कूड़ा: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने फतेहाबाद में सफाई व्यवस्था को लेकर सामने आए मामले पर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यदि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। कुमारी सैलजा ने कहा कि जनता के धन का दुरुपयोग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। यदि कागजों में खर्च दिखाया गया है और जमीनी स्तर पर परिणाम नजर नहीं आ रहे तो इसकी निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए। कुमारी सैलजा ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने उपायुक्त को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए थे, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और जिम्मेदारी तय हो।

यात्रियों को बड़ी राहत: हरियाणा सरकार बनाएगी 5 आधुनिक बस स्टैंड, सुविधाओं में होगा विस्तार

चंडीगढ़ प्रदेश में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। पांच बस अड्डे आगामी डेढ़ से दो वर्ष के अंदर विकसित किए जाएंगे। सरकार की घोषणा व शहरों में आवश्यकता के आधार पर बस अड्डों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य परिवहन विभाग ने बरवाला, नारायणगढ़, नीलोखेड़ी, बहल और रेवाड़ी में बस अड्डे तैयार करने की योजना बनाई है। हिसार जिले के बरवाला में पुराना बस अड्डा है। इसे तोड़कर नए बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा। यहां जो पुराना बस अड्डा है वह बसों के लिए पर्याप्त नहीं और यहां जलभराव की भी समस्या रहती है। करनाल के नीलोखेड़ी में पुलिस स्टेशन के निकट बस अड्डे का निर्माण होगा। इस बस अड्डे के निर्माण का बीते साल शिलान्यास हुआ था और फिलहाल यहां काम जारी है। रेवाड़ी शहर की बात करें तो यहां शहरी आबादी के बीच बस अड्डा संचालित है। इस कारण शहर में जाम की समस्या रहती है। अब शहर से बाहर 20 एकड़ में नए बस अड्डे का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 39 करोड़ रुपये इस योजना को पूरा करने में खर्च होंगे। मार्च 2028 तक निर्माण कार्य पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।   अंबाला जिले के नारायणगढ़ में 12 काउंटरों वाले बस अड्डे का निर्माण होना है। यहां भी पुराने बस अड्डे के स्थान पर नए सिरे से बस अड्डा निर्मित होगा। इसके लिए टेंडर हो चुके हैं। राज्य परिवहन विभाग के अनुसार भिवानी के बहल में भी नया बस अड्डा निर्मित होना है और इसके लिए भी टेंडर हो चुके हैं। राज्य परिवहन विभाग के महानिदेशक प्रदीप कुमार का कहना है कि यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। बस अड्डों का निर्माण निर्धारित अवधि में पूरा करवाया जाएगा।

गणित पेपर आउट होने से हड़कंप, दादरी में छात्रों और निगरानी स्टाफ पर केस

भिवानी वीरवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का 10वीं का गणित का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसकी पुष्टि करते हुए शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन पवन कुमार ने बताया कि यह पेपर लीक नहीं बल्कि दादरी के गांव रानीला के परीक्षा केंद्र से आऊट हुआ है। पेपर आऊट करने वाले परीक्षार्थियों व पर्यवेक्षकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। प्रश्न पत्र दोपहर 1:56 बजे उनके स्वयं के व्हाट्सएप्प नंबर पर प्राप्त हुआ। इस पर तुरन्त कार्रवाई कर प्रश्न पत्रों पर अल्फा न्यूमेरिक कोड, क्यूआर कोड और हिडन सिक्योरिटी फीचर के माध्यम से ट्रेस आऊट कर पता लगाया गया कि पेपर चरखी दादरी के परीक्षा केन्द्र राकवमावि रानीला-2 के कमरा नंबर 2 व 3 से आऊट किया गया था। जिलाधीश चरखी दादरी ने बताया कि सभी दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज करवाया गया है। इसके अलावा संबंधित स्टाफ के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को लिखकर भेज दिया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया है कि सभी दोषियों को कल निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वीरवार को 10वीं गणित विषय की परीक्षा में अभी तक प्राप्त रिपोर्ट अनुसार अनुचित साधन के 10 केस दर्ज हुए। इनमें करनाल 1, रोहतक 2, सोनीपत 2, पलवल 1, नूंह 1 एवं चरखी दादरी के 3 केस शामिल हैं। प्रदेशभर में गणित विषय की परीक्षा में 1372 परीक्षा केन्द्रों पर 2,89,003 परीक्षार्थी एवं डी.एल.एड. प्रथम वर्ष रि-अपीयर की परीक्षा में 980 छात्र-अध्यापक भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष विशेष उड़न दस्ता-2 द्वारा नारनौल के परीक्षा केन्द्र रावमावि कोरियावास पर नियुक्त पर्यवेक्षक अनिल कुमार राप्रापाठशाला कोरियावास को उसी स्कूल का होने के कारण कार्यभार मुक्त कर दिया गया। कंट्रोल रूम भिवानी से संचालित आर.ए.एफ.-14 द्वारा परीक्षा केन्द्र रावमावि बनवासा सोनीपत पर तैनात पर्यवेक्षक राजेश, पी. जी.टी., एम.एस.पी.एस., रिढाना को ड्यूटी में कोताही बरतने के कारण कार्यभार मुक्त किया गया।

झज्जर की 32 कॉलोनियों और 11 गांवों को मिलेगा स्वच्छ पानी

झज्जर. हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में झज्जर क्षेत्र में पेयजल की किल्लत और पानी की गुणवत्ता का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक गीता भुक्कल ने क्षेत्र के गांवों में गंदे पानी की आपूर्ति और बढ़ते टीडीएस स्तर को लेकर सरकार को घेरते हुए चिंता भी जताईं। गौरतलब है कि इन समस्याओं को लेकर दैनिक जागरण ने हाल ही में एक विस्तृत अभियान चलाकर टीडीएस के खतरनाक स्तर और बदहाल जलघरों की स्थिति को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसका असर भी सदन की कार्यवाही में भी देखने को मिला। चर्चा के दौरान बोतलबंद पानी से होने वाले नुकसान पर भी बात की गईं। जिस पर सीएम नायब सिंह सैनी ने सदन के माध्यम से आमजन से अपील की कि बीमारियों से बचने के लिए प्लास्टिक का उपयोग बंद करें और जल संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ें। इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने विश्वास दिलाया कि अगस्त 2026 तक साल्हावास और आसपास के क्षेत्रों में मरम्मत और शुद्धिकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इन गांवों में पेयजल संकट का मुद्दा उठा विधायक गीता भुक्कल ने कालियावास, खानपुर कलां, मुंदसा, खोरड़ा, बहु, नौगांव, साल्हावास, मातनहेल, ढाणा, धनीरवास और झज्जर शहर के वाटर वर्क्स की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कई जलघरों की चारदीवारी टूटी हुई है और नहरों से आने वाला पानी बिना उचित शुद्धिकरण के सप्लाई किया जा रहा है। विशेष रूप से नौगांव में वर्षों पुरानी पाइपलाइनों के कारण लीकेज और गंदे पानी के मिक्स होने की शिकायत दर्ज कराई गई। टीडीएस और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं विधायक ने टीडीएस स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के विपरीत कई क्षेत्रों में खारा पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे कैंसर, हड्डियों की बीमारी और किडनी से संबंधित समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल भंडारण टैंकों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। पेयजल पाइपलाइनों में रिसाव को तुरंत रोका जाए। इसके अलावा पैक्ड वॉटर और प्लास्टिक बोतलों की गुणवत्ता की भी जांच की जाए। करोड़ों रुपये के बजट और नई योजनाओं का एलान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने विधायक के सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए बताया कि सरकार हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने सदन को निम्नलिखित आश्वासन दिए- नौगांव के लिए नई योजना: नौगांव में नहर आधारित पानी की आपूर्ति के लिए विस्तार से एस्टीमेट तैयार किया गया है, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति जल्द मिल जाएगी। मरम्मत कार्य: खानपुर कलां के लिए 233 लाख, बहु के लिए 402 लाख, मुंदसा के लिए 178 लाख और साल्हावास के लिए 282 लाख रुपये की राशि टैंकों की मरम्मत और पाइपलाइनों के लिए स्वीकृत की गई है। टीडीएस निगरानी: मंत्री ने बताया कि विभाग की लैब नियमित रूप से टीडीएस चेक करती है और जहां स्तर 500 से अधिक होता है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है। झज्जर शहर: शहर की 32 नई स्वीकृत कालोनियों में पाइपलाइन बिछाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। 32 कालोनियों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल पेयजल समस्याओं की चर्चाओं के बीच शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। विधायक गीता भुक्कल द्वारा विधानसभा में उठाए गए प्रश्न के उत्तर में सरकार ने स्पष्ट किया है कि झज्जर शहर की 32 नव-स्वीकृत कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। इन कॉलोनियों में बुनियादी ढांचे और जल आपूर्ति के लिए आवश्यक बजट आवंटित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। आश्वस्त किया कि विभाग पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने के लिए तकनीकी सर्वेक्षण पूरा कर चुका है और निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

हरियाणा के 13 हजार किसानों को 6 महीने में मिल जाएंगे ट्यूबवेल कनेक्शन

चंडीगढ़. हरियाणा में 57 हजार किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित हैं। इनमें से 13 हजार 360 किसान पूरा शुल्क जमा करा चुके हैं, जिन्हें अगले छह महीने में ट्यूबवेल कनेक्शन मिल जाएंगे। मुलाना की कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी के अतारांकित सवाल के जवाब में ऊर्जा मंत्री अनिल विज की ओर से यह जानकारी सदन पटल पर रखी गई है। पूजा चौधरी ने जानकारी मांगी थी कि राज्य में गत 10 वर्षों के दौरान ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शनों के लिए प्राप्त आवेदनों की वर्षवार संख्या कितनी है। इस दौरान कितने ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन दिए गए और 31 जनवरी 2026 तक लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन की संख्या कितनी है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज की ओर से दिए जवाब में बताया गया कि 31 दिसंबर 2023 तक अप्लाई किए गए आवेदनों के लिए मांग नोटिस जारी कर दिए गए हैं। 31 जनवरी 2026 तक पूरी लागत जमा करा चुके उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 4241 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 9119 किसानों को छह महीने में बिजली कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। 10 बीएचपी तक आवेदन करने वालों को आफ-ग्रिड सोलर पंप दिए जा रहे हैं। इसके अलावा एक जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच आवेदन करने वाले 43 हजार 527 किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित हैं। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 16 हजार 323 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 27 हजार 204 किसान शामिल हैं। इन्हें मांग नोटिस जारी करने का निर्णय सही समय पर लिया जाएगा।