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हरियाणा राज्यसभा की 2 सीटों पर नॉमिनेशन शुरू

पंचूकला. 9 अप्रैल को खाली होने जा रही हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। खाली सीटों को भरने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 5 मार्च तक अपना नॉमिनेशन भर सकेंगे। वोटिंग के लिए 16 मार्च की डेट फाइनल की गई है। भाजपा के 2 राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। अभी ये दोनों सीटें भाजपा के पास हैं। 16 मार्च को वोटिंग के बाद शाम को रिजल्ट जारी होगा। वहीं ईसीआई के जारी नोटिफिकेशन में हरियाणा के आईएएस पंकज अग्रवाल को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है। पंकज अग्रवाल अभी एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी देख रहे हैं। वहीं असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी हरियाणा विधानसभा के डिप्टी सेक्रेटरी गौरव गोयल को दी गई है।

मुख्यमंत्री के बेटे ने भी भरा था सरकारी नौकरी के लिए CET एग्जाम का फार्म

पंचूकला. हरियाणा में तृतीय श्रेणी की नौकरियों के लिए हुई सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) की गंभीरता और महत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बेटे अनिकेत सैनी ने भी परीक्षा के लिए आवेदन फार्म भरा था अनिकेत सैनी बीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं और इस समय उनका द्वितीय वर्ष चल रहा है। अनिकेत आवेदन फार्म भरने के बाद 26 व 27 जुलाई को हुई सीईटी की परीक्षा सिर्फ इसलिए नहीं दे पाए, क्योंकि उस समय दिल्ली की एक लॉ कंपनी में उनकी इंटर्नशिप चल रही थी। मुख्यमंत्री के बेटे अनिकेत द्वारा सीईटी की परीक्षा के लिए फार्म भरने की सूचना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि समूचा विपक्ष राज्य में बाहरी युवाओं को नौकरियां देने, हरियाणवी युवाओं की अनदेखी करने तथा राज्य के युवाओं को नौकरियां नहीं मिलने के आरोप लगा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आंकड़ों के आधार पर विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है। हरियाणा के युवाओं को मिल रहीं नौकरियां उनका मानना है कि जब दूसरे राज्यों में हरियाणा के युवाओं को नौकरियां मिल सकती हैं तो फिर हरियाणा में बाहरी राज्यों के युवा मैरिट के आधार पर नौकरियां क्यों नहीं प्राप्त कर सकते। हरियाणा लोक सेवा आयोग के आंकड़ों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि बाहरी युवाओं के नौकरी पाने का प्रतिशत दो से तीन ही है, जबकि बाकी पदों पर हरियाणवी युवा ही नौकरियां कर रहे हैं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक भाजपा सरकार ने हर साल 15 से 16 हजार 500 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। इनमें हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की नौकरियां करीब 15 हजार और हरियाणा लोक सेवा आयोग की नौकरियां एक हजार से डेढ़ हजार प्रतिवर्ष शामिल हैं। अभी तक कर्मचारी चयन आयोग की ओर से एक लाख 60 हजार सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से करीब 18 हजार नौकरियां दी चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल जब हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब साल 2022 में पहली बार सीईटी हुआ था। 13.58 लाख युवाओं ने किया आवेदन उसके तीन साल बाद 2025 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सीईटी हुआ है। अब सरकार चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के लिए सीईटी के आयोजन की तैयारियों में जुटी है। तृतीय श्रेणी की नौकरियों के लिए हुई सीईटी की परीक्षा के लिए 13.48 लाख युवाओं ने आवेदन भरे थे, जिनमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बेटे अनिकेत सैनी भी एक अभ्यर्थी रहे हैं। इनमें से करीब 12 लाख ने परीक्षा दी और आठ लाख य़ुवा पास हुए। इन पास युवाओं के लिए सरकार ने अब तक करीब 13 हजार नौकरियों के अवसर प्रदान कर दिए हैं और करीब 10 हजार पदों पर नौकरियां जल्द निकलने वाली हैं। सीएम का दावा- हम योग्य युवाओं को नौकरी दे रहे सीएम के बेटे द्वारा नौकरी के लिए प्रारंभिक परीक्षा का फार्म भरने से लेकर रिक्शा चलाने वाले व ठेला खींचने वाले लोगों के घर भी सरकारी नौकरियां लगी हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि जिस मुहिम को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चालू किया था, वह आज भी उसी तरह से अनवरत जारी है। विपक्ष कमियां ढूंढता रहे और हम गरीब व जरूरतमंदों को मैरिट के आधार पर नौकरियां देते रहेंगे।

नमो भारत कॉरिडोर से दिल्ली से पानीपत-करनाल 1 घंटे में, 12 स्टेशन बनेंगे सराय काले खां से हरियाणा तक

दिल्ली/पानीपत दिल्ली-NCR में हाईस्पीड कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ने वाला है। सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत कॉरिडोर के लगभग तैयार होने के बाद अब फोकस दो नए बड़े रूट पर है। इसमें दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-एसएनबी-अलवर रूट शामिल हैं। इनमें से दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को राजधानी और हरियाणा के बीच गेमचेंजर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। सराय काले खां से करनाल तक दौड़ेगी नमो भारत यह रैपिड रेल कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर हरियाणा के करनाल (मधुबन बाईपास) तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 136.3 किलोमीटर प्रस्तावित है। इस रूट का ट्रैक नेशनल हाईवे-44 के समानांतर बिछाया जाएगा। दिल्ली में बनेंगे 5 स्टेशन इस कॉरिडोर में दिल्ली में 5 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी, मुकुंदपुर, नरेला शामिल हैं। हरियाणा में 7 स्टेशन इस प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा में 7 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें कुंडली, सोनीपत, मुरथल,गन्नौर, समालखा, पानीपत, करनाल (मधुबन-करनाल बाईपास)। इस कॉरिडोर पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। फंडिंग में केंद्र और हरियाणा सरकार के साथ एशियन डेवलपमेंट बैंक और जापान की वित्तीय संस्थाओं की भागीदारी संभव है। आधे से भी कम समय में पूरा होगा अभी दिल्ली से करनाल पहुंचने में सड़क मार्ग से साढ़े तीन से चार घंटे तक लग जाते हैं। ट्रैफिक की वजह से पानीपत का सफर भी ढाई घंटे तक खिंच जाता है। लेकिन नमो भारत कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से करनाल मात्र करीब 90 मिनट में पहुंच सकेंगे। इसके अलावा दिल्ली से पानीपत लगभग 60 मिनट में पहुंच सकेंगे। प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, अब काम की तैयारी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने नवंबर 2025 में दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के लिए फंड को हरी झंडी दी थी। प्रोजेक्ट को लागू करने वाली एजेंसी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने नरेला से सोनीपत के बीच बिजली लाइनों और अन्य अवरोधों को हटाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। ऐसे संकेत हैं कि जून-जुलाई 2026 से काम शुरू हो सकता है। रूट और स्टेशन पर खींचतान शुरुआत में कॉरिडोर कश्मीरी गेट से प्रस्तावित था, बाद में इसे सराय काले खां तक बढ़ाया गया। नरेला और कुंडली के पास स्टेशन लोकेशन को लेकर कई बार सर्वे में बदलाव करना पड़ा। लागत साझा करने को लेकर केंद्र और हरियाणा के बीच विस्तृत मंथन चला। पहले दिल्ली सरकार की ओर से वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर स्पष्टता नहीं थी, जिससे प्रक्रिया धीमी रही। नेशनल हाईवे-44 का विस्तार कॉरिडोर नेशनल हाईवे-44 के साथ-साथ विकसित होना है। इसी दौरान हाईवे को 8 से 12 लेन तक चौड़ा करने का काम चल रहा था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एनसीआरटीसी के बीच समन्वय के बाद अब स्थिति स्पष्ट हुई है। इस हाईवे का बड़ा हिस्सा तैयार होने से रैपिड रेल के पिलर खड़े करना आसान होगा।

बड़ा सवाल: स्पेशल सेक्रेटरी ने क्यों लगाई छलांग? सचिवालय में दर्दनाक घटना से सनसनी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित हरियाणा सचिवालय की छठी मंजिल से कूदकर आईएएस अफसर के स्पेशल सीनियर सेक्रेटरी ने सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान गणेश दास अरोड़ा के रूप में हुई है। वह आईएएस अफसर हितेश कुमार मीणा के स्पेशल सीनियर सेक्रेटरी थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर सेक्टर 16 स्थित सिविल अस्पताल भिजवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। काम करते-करते छत पर जा पहुंचे गणेश दास अरोड़ा अपने ऑफिस में काम कर रहे थे। काम करते-करते वह दोपहर साढ़े 12 बजे अचानक बिना किसी को कुछ बताए सचिवालय की छत पर चले गए और नीचे कूद गए। गिरते ही गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से सचिवालय में हड़कंप मच गया। आनन फानन में उन्हें सेक्टर 16 हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गणेश दास अरोड़ा इसी साल अक्टूबर में रिटायर होने वाले थे। उनकी पत्नी गवर्नर हाउस में तैनात हैं। 15 दिन पहले भी जान देने की कोशिश 15 दिन पहले भी उन्होंने छत से कूदने की कोशिश की थी। तब लोगों ने उन्हें पकड़ लिया था। आईएएस हितेश कुमार मीणा के पर्सनल सेक्रेटरी गणेश दास अरोड़ा अपनी इंटरनल पोस्टिंग को लेकर परेशान चल रहे थे। सुबह जब वह ऑफिस पहुंचे, तो वहां उन्होंने अपनी इस पोस्टिंग पर नाराजगी प्रकट की। विवाद होने पर वह छठी मंजिल पर ऑफिस से निकलकर सचिवालय की ओपन गैलरी में पहुंच गए। एक कर्मचारी प्रवीन भी मौके पर पहुंच गया, जहां उसने उन्हें पीछे से पकड़कर खींच लिया। बताया जाता है कि इंटरनल पोस्टिंग किए जाने से वह काफी दिनों से डिप्रेशन में चल रहा थे। उन्होंने उच्चाधिकारियों से भी कई बार मामले में शिकायत की थी लेकिन अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

स्कूल में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, मिड डे मील में खराब राजमा परोसने का VIDEO सामने आया

टोहाना टोहाना के बिदाईखेड़ा गांव में स्थित एक राजकीय स्कूल में बच्चों के लिए बनाए जा रहे मिड डे मील में खराब राजमा का मामला सामने आया है। राजमा का रंग उतरने के बाद मिड डे मील इंचार्ज अध्यापिका पूनम ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर कार्रवाई की मांग की है। अध्यापिका पूनम ने बताया कि राजमा की सब्जी बनाने के लिए उन्हें भिगोया गया था, लेकिन उनका रंग पूरी तरह से उतर गया, जिससे वे खराब हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि खराब मिड डे मील की शिकायतें लगातार प्रशासन और अधिकारियों को की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हरियाणा सरकार द्वारा राजकीय स्कूलों में भेजे जा रहे मिड डे मील राशन की गुणवत्ता पिछले करीब एक महीने से लगातार विवादों में रही है। यह ताजा मामला भाजपा नेता और पूर्व पंचायत एवं विकास मंत्री देवेंद्र बबली के पैतृक गांव बिदाईखेड़ा का है। विद्यालय अध्यापक संघ की राज्य सचिव पूनम कुमारी के अनुसार, 30 जनवरी को खराब मिड डे मील को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश शेवडा को शिकायत दी गई थी। स्कूल प्रिंसिपल शमशेर सिंह ने बताया कि वे छुट्टी पर हैं, लेकिन उन्हें मिड डे मील इंचार्ज द्वारा खराब राजमा की जानकारी मिली है, जिसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी।

सूखे हालात से परेशान किसान: हरियाणा के गांव में गेहूं की बिजाई ठप, वजह चौंकाने वाली

जुलाना जुलाना क्षेत्र के मालवी गांव के किसानों को इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बरसाती पानी के कारण खेतों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे पहले तो धान की फसल पूरी तरह से खराब हो गई और अब करीब सैकड़ों एकड़ भूमि में गेहूं की बिजाई भी नहीं हो सकी। लगातार नुकसान से किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि बारिश के दौरान निकासी व्यवस्था ठीक न होने के कारण पानी कई दिनों तक खेतों में खड़ा रहा। इससे धान की फसल सड़ गई और उत्पादन शून्य के बराबर रहा। किसानों को उम्मीद की थी कि धान के नुकसान की भरपाई गेहूं की फसल से हो जाएगी, लेकिन खेतों में अत्यधिक नमी और कीचड़ के चलते समय पर जुताई और बिजाई संभव नहीं हो पाई। परिणामस्वरूप लगभग सैकड़ों एकड़ में गेहूं की बुआई नहीं हो सकी। किसानों ने बताया कि उन्होंने सरकार द्वारा शुरू किए गए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना पंजीकरण भी कराया है और संबंधित दस्तावेज जमा करवाए हैं। इसके बावजूद अभी तक किसी भी किसान को मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि खाद, बीज और सिंचाई पर पहले ही हजारों रुपये खर्च हो चुके थे। धान की फसल खराब होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब गेहूं की बिजाई न होने से पूरे सीजन की आमदनी पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे करवाकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और शीघ्र मुआवजा जारी किया जाए।

बोर्ड एग्जाम में सख्ती: केंद्रों पर पुलिस तैनात, DC ने संभाली कमान

गुड़गांव हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वार्षिक बोर्ड की परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। आज कक्षा 12वीं का अंग्रेजी विषय का पेपर जिले में शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सभी परीक्षा केंद्रों पर समयबद्ध तरीके से परीक्षा कराई गई और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी गई। उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 26 फरवरी से प्रारंभ होगी, जिसके लिए भी जिले में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था और सुरक्षा के इंतजाम जांचने के लिए आज जिला उपायुक्त अजय कुमार स्वयं मैदान में उतरे। उन्होंने कई परीक्षा केंद्रों का जायजा भी लिया।   इसके साथ ही डीसी ने लघु सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधित अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएं। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए हैं कि बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह नकल मुक्त, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाएं।   डीसी ने बताया कि जिले में इस वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 10वीं कक्षा में कुल 15,943 परीक्षार्थी (8000 छात्र व 7,943 छात्राएं) तथा 12वीं कक्षा में 14,446 परीक्षार्थी (7,290 छात्र व 7,156 छात्राएं) परीक्षा देंगे। विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 26 फरवरी से 20 मार्च तक तथा 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 25 फरवरी से 1 अप्रैल तक आयोजित होंगी। इसके लिए जिले में कुल 65 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 25 ग्रामीण और 40 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। डीसी अजय कुमार ने बताया कि जिले के एक परीक्षा केंद्र को संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल, विशेष निगरानी और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की गई है। नकल की किसी भी संभावना को रोकने के लिए उड़नदस्तों का गठन किया गया है, जो परीक्षा अवधि के दौरान औचक निरीक्षण करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, डिजिटल वॉच व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे तथा विद्यार्थियों की प्रवेश से पूर्व सघन जांच की जाएगी। इसके साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने अभिभावकों और आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। भ्रामक सूचना या फेक न्यूज फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में गुरुग्राम के एसडीएम परमजीत चहल, बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला, सोहना के एसडीएम अखिलेश, जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।  

मानवता की मिसाल: मुश्किल वक्त में पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी, पिता ने नम आंखों से कहा धन्यवाद

रेवाड़ी मॉडल टाउन थाना में कार्यरत कुक किशोर कुमार की बेटी निशा की शादी पुलिस विभाग के सहयोग से सम्मानपूर्वक और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार को विवाह आयोजन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन थाना प्रभारी रतनलाल और पुलिस कर्मचारियों की मदद से यह सपना साकार हो सका। इस अवसर पर कुक किशोर कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेटी की शादी को लेकर मैं बहुत चिंतित था। समझ नहीं आ रहा था कि इतने बड़े आयोजन को कैसे कर पाऊंगा। थाना प्रभारी रतनलाल और पूरे स्टाफ ने जिस तरह से सहयोग किया, वह मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पुलिस विभाग ने हमारे परिवार की इज्जत और सम्मान दोनों को बनाए रखा, इसके लिए मैं तहेदिल से आभारी हूं। वहीं थाना प्रभारी रतनलाल ने कहा कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। जब हमें पता चला कि आर्थिक परेशानी के कारण एक परिवार बेटी की शादी को लेकर परेशान है, तो हमने तय किया कि सभी मिलकर उनकी मदद करेंगे। यह हमारा सामाजिक और नैतिक दायित्व है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस कर्मचारियों ने स्वेच्छा से सहयोग कर आवश्यक सामान, व्यवस्थाएं और अन्य प्रबंध किए, ताकि विवाह समारोह सम्मानजनक ढंग से संपन्न हो सके। परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से समाज में सकारात्मक संदेश गया है। यह घटना पुलिस विभाग की संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक सरोकारों का जीवंत उदाहरण है।

14 लाख बच्चों का भरोसा कायम! 7 साल में मिड डे मील की गुणवत्ता पर बेहद कम शिकायतें

चंडीगढ़ हरियाणा में मिड डे मील योजना के तहत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अनुसार, पिछले सात वर्षों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर केवल 14 शिकायतें ही प्राप्त हुई हैं। वर्तमान में 14 लाख से अधिक विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले रहे हैं। यह जानकारी कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सदन में दी। विधायक ने वर्ष 2019 से वित्त वर्ष 2025-26 तक विद्यार्थियों की संख्या, स्वीकृत राशि, भुगतान और जिला-वार शिकायतों का पूरा विवरण मांगा था। शिक्षामंत्री ने जिलेवार आंकड़े प्रस्तुत किए। कुल मिलाकर सात वर्षों में कुरुक्षेत्र से सर्वाधिक 6 शिकायतें प्राप्त हुईं। गुरुग्राम और हिसार से 2-2 शिकायतें, जबकि फरीदाबाद, जींद और करनाल से 1-1 शिकायत दर्ज की गई। वहीं, कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2021-22 में लगभग 72 करोड़ भोजन पकाने की लागत के रूप में सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजे गए। इसके अलावा 141 – करोड़ दूध पाउडर के लिए वीटा को भुगतान किए। वर्ष 2025-26 में हांसी को नया जिला बनाया। संबंधित राशि फिलहाल हिसार के माध्यम से जारी की है।

हाइड्रोजन ट्रेन ट्रायल पर जींद जंक्शन से हुई रवाना

चंडीगढ़. हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल बुधवार सुबह शुरू हो गया है। सुबह साढ़े आठ बजे ट्रेन को जींद स्टेशन से रवाना किया गया। इसके बाद ट्रेन को भम्भेवा स्टेशन तक चलाकर विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। रेलवे विभाग की तकनीकी टीम सुबह से ही तैयारियों में जुटी हुई थी। ट्रायल के दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, ईंधन खपत और सुरक्षा मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। ट्रायल के दौरान ट्रैक की स्थिति, सिग्नलिंग सिस्टम और इंजन के प्रदर्शन पर विशेष नजर रखी जाएगी। बताया जा रहा है कि यदि आज का ट्रायल सफल रहता है तो इस ट्रेन को सोनीपत ट्रैक पर नियमित रूप से चलाने के लिए हरी झंडी मिल सकती है। इससे क्षेत्र के यात्रियों को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त रेल सेवा का लाभ मिलेगा। साथ ही रेलवे के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि हाइड्रोजन तकनीक को अपनाने की दिशा में यह अहम कदम है। सुरक्षा की दृष्टि से ट्रायल के दौरान आम लोगों से ट्रैक के पास न जाने की अपील की है। सफल परीक्षण के बाद जल्द ही इस ट्रेन के नियमित संचालन की हरी झंडी मिल सकती है।