samacharsecretary.com

हत्या केस पर सख्त रुख: अनिल विज ने एसपी से बात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के दिए आदेश

अंबाला. हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बीती रात टुंडला के निकट गोली लगने से युवक गुरप्रीत सिंह की मौत के मामले में आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश अंबाला एसपी को दिए। विज ने सुबह छावनी सिविल अस्पताल में पहुंचकर मृतक के स्वजनों को इस मामले में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। विज ने मौके पर ही एसपी को फोन मिलाते हुए मामले में संलिप्त आरोपितों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि रात्रि गौ तस्कर थे जोकि गोवंशों को लेकर जा रहे थे और जैसे ही पुलिस को पता लगा तो हमारी पुलिस की दो जिप्सियां पीछे लगी। आरोपितों ने गोलियां चलाई जोकि उनके हलके के गांव गरनाला निवासी युवक गुरप्रीत सिंह को लगी। पोस्टमार्टम में पता चलेगा कि गोली किसकी लगी। उन्होंने इस मामले में अंबाला एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्द आरोपितों को पकड़ा जाए।

करनाल के इंडस्ट्रियलिस्ट्स का सरकार को सुझाव: ‘मेक इन हरियाणा 2026’ में संपदाओं के एकीकरण पर जोर

करनाल. हरियाणा सरकार द्वारा आगामी मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति- 2026 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य को औद्योगिक केंद्र बनाने के विजन के साथ तैयार किए जा रहे। इस मसौदे पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। इसी कड़ी में करनाल कृषि उपकरण निर्माता संघ (पंजीकृत) काइमा और औद्योगिक विकास निगम कल्याण संघ ने सरकार को महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव भेजकर औद्योगिक संपदाओं के प्रबंधन में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की अपील की है। नीति के दायरे को व्यापक बनाने पर जोर काइमा के अध्यक्ष मनीष गाबा और औद्योगिक विकास निगम कल्याण संघ के अध्यक्ष राज बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार की प्रस्तावित पहल स्वागत योग्य है, लेकिन इसके लाभ का दायरा केवल उद्योग विभाग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, औद्योगिक नीति के खंड 14.4.6 में उन संपदाओं को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए, जो पूर्व में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की गई थीं और अब हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित या हस्तांतरित कर ली गई हैं। आइडीसी और एचएसवीपी आवंटियों की साझा कठिनाइयां एसोसिएशन के महासचिव अक्षय कटारिया द्वारा दिए गए सुझावों में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक विकास कालोनी और एचएसवीपी से हस्तांतरित संपदाएं एचएसआइआइडीसी की संपदा प्रबंधन प्रक्रिया के अधीन आती हैं। इन संपदाओं के मालिकों को अपने आवंटन पत्र की शर्तों और औद्योगिक प्रबंधन को लेकर कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि नई नीति में एचएसवीपी द्वारा विकसित क्षेत्रों को भी आईडीसी के समान श्रेणी में शामिल किया जाता है, तो सैकड़ों उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी और प्रशासनिक बाधाएं दूर होंगी। नई नीति से औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख उद्यमियों का मानना है कि मेक इन हरियाणा नीति का वास्तविक लाभ तभी मिल सकता है जब सभी औद्योगिक क्लस्टर एक समान नियमों के तहत काम करें। यह है संघ की मांग उद्योग विभाग द्वारा विकसित आइडीसी को उनके आवंटन पत्र की मूल शर्तों के तहत नीति में जगह मिले। एचएसआइआइडीसी द्वारा अधिग्रहित पुरानी संपदाओं के लिए नियम सरल किए जाएं। प्रस्तावित नीति निवेश और रोजगार के साथ-साथ ईज आफ डूइंग बिजनेस के मूल मंत्र पर आधारित हो। बता दें कि सरकार ने नीति का मसौदा सार्वजनिक कर उद्योगपतियों से इनपुट मांगे हैं। करनाल के इन प्रमुख औद्योगिक संघों द्वारा दिए गए सुझावों पर अब राज्य स्तर पर चर्चा होने की उम्मीद है। यदि सरकार इन सुझावों को स्वीकार करती है, तो यह प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

उभरते खिलाड़ियों का संगम: करनाल में 2600 प्रतिभाएं खेल महाकुंभ में बहा रहीं पसीना

करनाल. इस बार जिले में खेल नर्सरियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इससे खेल प्रतिभाओं को निखारने का पूरा मौका मिलेगा। पिछले साल जहां जिले में 86 नर्सरियों में 2150 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे थे, वहीं इस बार 104 नर्सरियों में करीब 2600 खिलाड़ी अभ्यास करेंगे। अभ्यास प्रक्रिया शुरू हो गई है। आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष 53 सरकारी और 30 निजी नर्सरियां जिले में चल रही थीं, जबकि इस बार निजी नर्सरियों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है और सरकारी नर्सरियां 30 ही हैं। इस प्रकार कुल 28 नर्सरियों की वृद्धि हुई है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। प्रत्येक नर्सरी में एक कोच की नियुक्ति की गई है। जिनमें निजी नर्सरियों के कोच को प्रति माह 25 हजार रुपये वेतन दिया जाता है, जबकि खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये प्रतिमाह डाइट भत्ता प्रदान किया जाता है। यह राशि खिलाड़ियों व कोचों के खाते में डायरेक्ट आती है। इससे खेल नर्सरियों की बढ़ती संख्या से अधिक से अधिक युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे और भविष्य में जिले का नाम राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। इस साल का सत्र भी शुरू हो गया है और खिलाड़ी निरंतर अभ्यास के लिए आ रहे है। जून-जुलाई महीने में आयोजित होने वाली जिला व प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयारी शुरु कर दी है। सभी कोच निरंतर खिलाड़ियों का प्रशिक्षण दे रहे है। पिछले साल के मुकाबले बढ़ी नर्सरियों की संख्या जिला खेल अधिकारी सत्यवीर पोसवाल ने बताया कि हमें पिछले साल के मुकाबले अधिक नर्सरियां मिली हैं। सभी खेल नर्सरियों को शुरू कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ी निरंतर अभ्यास कर सके। पिछले साल जिले को 86 नर्सरियों मिली थी। जिले में खेल नर्सरी और उनका स्थान खेल का नाम     खेल नर्सरी केंद्र (स्थान) वॉलीबाल     राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रायपुर रोडान, ग्राम पंचायत उपलानी, शाहपुर, हेमदा, गांव बस्तली, पुंडरक, गगसीना, गुढ़ा, चोरकारसा, नलवी खुर्द, जीएसएसएस ब्रास, दादूपुरा रोडान, गवर्नमेंट हाई स्कूल कलामपुरा, ग्राम पंचायत बड़ा गांव। कुश्ती     पीएमश्री जीएसएसएस असंध, गांव मंगलौरा, गवर्नमेंट हाई स्कूल रायपुर रोडान, ग्राम पंचायत मूनक, जीएसएसएस इशाक। हैंडबाल     जीएसएसएस बड़ौता, पीएमश्री जीएसएसएस नीलोखेड़ी, जीएसएसएस सारसा। फुटबाल     नीलोखेड़ी वार्ड नं 4 खेल मैदान, डीएवी पुलिस लाईन करनाल, गांव पींगली, जीएसएसएस खेड़ी नरू, जीएसएसएस सीकरी, पीएम श्री जीएसएसएस कुंजपुरा, ग्राम पंचायत बढ़ी, विवेकानंद विद्यालय निकेतन असंध। मुक्केबाजी     हसनपुर स्टेडियम, ग्राम पंचायत शेखपुरा जागीर, पीएमश्री स्कूल जवाहर विद्यालय सग्गा, गवर्नमेंट मिडिल स्कूल रांवर, संत कबीर स्कूल ग्राउंड। कबड्डी     गवर्नमेंट मिडिल स्कूल कैरवाली, जीएसएसएस रायपुर जाटान, पीएमश्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल असंध, जीएसएसएस अमृतपुर कलां, गांव सालवन, ग्राम पंचायत मोर माजरा, जीएसएसएस मिर्जापुर। बास्केटबाल- जीएसएसएस मंजूरा, जीएसएसएस मॉडल टाउन करनाल, पीएम श्री कुटैल, गांव बदराना। ताइक्वांडों     जीजीएमएसएसएस रेलवे रोड करनाल। व्यायाम (Athletics/Exercise)     ग्राम पंचायत कालरों, गांव ऊंचा समाना, जीएसएसएस ऊंचाना, गुरुनानक गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ग्राम पंचायत गंगाटेहड़ी, पनौड़ी खेल स्टेडियम, ग्राम पंचायत इंद्रगढ़, ग्राम पंचायत काछवा, जीएसएसएस रामसरन माजरा, ग्राम पंचायत बड़ा गांव। खेल का नाम     खेल नर्सरी केंद्र (स्थान) टेबल-टेनिस     गवर्नमेंट हाई स्कूल, जयसिंहपुरा कराटे     गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, इंद्री वुशु     गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल धेरुमाजरा, खेल परिसर ऊंचा समाना, ग्राम पंचायत दादूपुर, मलिकपुर जूडो     ग्राम पंचायत बल्ला, गांव मानपुरा, स्वामी अमर देश आदर्श पब्लिक स्कूल (गांव गोंदर) हाकी     ग्राम पंचायत काछवा साइक्लिंग     गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल अमीन, ग्राम पंचायत बालू, ग्राम पंचायत समाना बाहु बैडमिंटन     कर्ण स्टेडियम, करनाल लॉन टेनिस     कर्ण स्टेडियम, करनाल योगा     ग्राम पंचायत डबरी शूटिंग     आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, असंध जिमनास्टिक     जीएसएसएस ठस्का मीरांजी केनोइंग     ग्राम पंचायत बुढनपुरा तलवारबाजी     ग्राम पंचायत पिंगली

ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में अब लग सकेंगे उद्योग, सरकार का नया फैसला

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग पालिसी में बड़ा बदलाव किया है। इसके अंतर्गत ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में 25 प्रतिशत तक इंडस्ट्रियल कालोनियों को विकसित करने की मंजूरी दी जाएगी। एग्रीकल्चर जोन में लाइसेंस पर इन्फ्रास्ट्रक्चर लागत का नया नियम लागू होगा। यदि कोई इंडस्ट्रियल लाइसेंस शहरी सीमा से 500 मीटर से बाहर एग्रीकल्चर जोन में लिया जाता है तो वहां आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की लागत संबंधित डेवलपर से वसूल की जाएगी। निवेशकों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने ईडीसी (बाह्य विकास शुल्क) में भी राहत प्रदान की है। हरियाणा सरकार ने साल 2015 में इंडस्ट्रियल लाइसेंसिंग पालिसी तैयार की थी, जिसमें 24 मार्च को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में संशोधन करने पर सहमति बनी थी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने संशोधित पालिसी का परिपत्र जारी कर दिया है। हरियाणा में औद्योगिक विकास पर जोर नई व्यवस्था के तहत अब प्रकाशित डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत इंडस्ट्रियल जोन के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन में भी औद्योगिक कालोनियां स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी। यह अनुमति कुल नियोजित क्षेत्र के 25 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी। हरियाणा सरकार का मानना है कि इस बदलाव से राज्य में उद्योगों के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा। आसान नियम, लागत में पारदर्शिता और राहत के प्रविधानों के चलते अधिक से अधिक निवेशक नये उद्योग लगाने के लिए आगे आएंगे तथा पुराने उद्योगपतियों को राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए लगातार बैठकें कर रही है। राज्य सरकार का यह निर्णय हरियाणा को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने में सहयोग प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार के संशोधित फैसले के मुताबिक अब शहरी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक आसान हो जाएगा। पहले केवल सीमित क्षेत्रों में ही उद्योग करने की अनुमति मिलती थी, मगर अब ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन जोन को भी शामिल करने से औद्योगिक विस्तार के नये रास्ते खुलेंगे। एग्रीकल्चर जोन में ढांचागत विकास का खर्च निवेशक से वसूलेगी सरकार हरियाणा सरकार ने पालिसी में एक बड़ा बदलाव एग्रीकल्चर जोन को लेकर किया है। यदि कोई इंडस्ट्रियल लाइसेंस शहरी सीमा से 500 मीटर से बाहर एग्रीकल्चर जोन में लिया जाता है, तो वहां आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत संबंधित डेवलपर को वहन करनी होगी यानी सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाओं का खर्च सीधे निवेशक से लिया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े और विकास जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़े। एग्रीकल्चर जोन में लिए इंडस्ट्रियल लाइसेंस के शहरी क्षेत्र में शामिल होने पर ईडीसी माफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल की ओर से जारी संशोधित पालिसी के अऩुसार यदि पहले से एग्रीकल्चर जोन में लिया गया इंडस्ट्रियल लाइसेंस बाद में शहरी क्षेत्र में शामिल हो जाता है और उस पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, तो उस हिस्से पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी-बाह्य विकास शुल्क) नहीं लिया जाएगा। हालांकि, जो हिस्सा अभी अधूरा है, उस पर लागू नियमों के अनुसार ईडीसी देना होगा। इससे पुराने निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी और नये निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

नगर निगम की सख्ती: पानीपत में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

 पानीपत  नगर निगम की डीटीपी ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को शहर में 3 जगहों पर काटी जा रही अवैध कालोनियों में 29 कच्ची व पक्की गलियां और 18 प्लॉट में बनाई जा रही नींव को उखाड़ा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अवैध कॉलोनियां काटने वालों को नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद भी इन अवैध कालोनियों में न तो कोई निर्माण कार्य हुए और न ही कॉलोनियां काटने वालों ने प्लॉट बेचने का काम बंद कराया। कच्ची सड़कों को अब पक्का बनाने का काम भी चल रहा था। जबकि नोटिस के माध्यम से कालोनाइजरों को बोला जा रहा था कि वे निर्माण कार्य बंद करवाकर इस भूमि को कृषि योग्य बनाए। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी आदेशों की अनुपालना नहीं की गई। अब केस भी दर्ज होंगे हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350-सी के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों व डीलरों पर पुलिस केस दर्ज होंगे। साथ ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन अवैध कालोनियों को तोड़ने के लिए जिलाधीश पानीपत द्वारा नियुक्त डयूटी मैजिस्ट्रेट भी लगाया गया। साथ ही जिला नगर योजनाकार जितेंद्र, रिंकू व राजेश के अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया। यह वीडियो भी देखें कॉलोनियों में की गई कार्रवाई     पावर हाउस के पास कुटानी रोड के नजदीक काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 15 सड़कें व 8 नींव उखाड़ी गई।     जगदीश कॉलोनी के सामने वर्मा चौक के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 6 गलियां और 3 नींव को उखाड़ा गया।     कुटानी रोड पर ही पवन नाम के व्यक्ति द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 8 नींव और 5 नींव को उखाड़ा गया।  

पुलिस घेराबंदी के दौरान बड़ा हादसा: तस्करों की गोलीबारी में युवक की जान गई

अंबाला हरियाणा के अंबाला जिले के पंजोखरा थाना क्षेत्र में टुंडला के पास देर रात करीब दो बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब गौ-तस्करों ने पुलिस से बचने के प्रयास में दो बाइक सवार युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में गरनाला निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (25) की आंख पर गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। पुलिस द्वारा गौ-तस्करी की सूचना के बाद घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान एक पिकअप वाहन में सवार तस्कर पुलिस से बचने के लिए तेजी से भाग रहे थे। घबराहट में उन्होंने रास्ते में आ रहे दो युवकों को पुलिसकर्मी समझ लिया और बिना कुछ सोचे-समझे उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सीधे गुरप्रीत सिंह को जा लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, दूसरा युवक इस हमले में सुरक्षित बच निकला और उसने ही घटना की सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि तस्कर थोड़ी दूरी पर गाय और भैंस से लदी पिकअप को छोड़कर मौके से फरार हो गए। वाहन में करीब तीन तस्कर सवार थे। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इलाके में दहशत इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। दिन-रात सक्रिय रहने वाले तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ने लगी है जांच में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।  

जल संकट से निपटने की तैयारी, सभी जलघर और तालाब भरने के निर्देश

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गर्मी के मौसम के मद्देनजर प्रदेश के सभी हिस्सों में पीने के पानी की आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। सभी तालाब, जलघर और अन्य जलाशय भरकर रखे जाएं। यह निर्देश मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को सचिवालय में जन स्वास्थ्य विभाग व सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ पेयजल व कृषि सिंचाई के लिए पानी की स्थिति की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश व उत्तर प्रदेश से संबंधित किशाऊ सहित अन्य जल परियोजनाओं के संबंध में जल्द ही जल शक्ति मंत्रालय के साथ बैठक की जाएगी जिसमें इन राज्यों के अधिकारी भी शामिल होंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पेयजल व सिंचाई के पानी की कमी न रहने दी जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए नहरों से जुड़े सभी जलघरों व तालाबों को भरकर रखा जाए। जहां ट्यूबवेल आधारित जलापूर्ति होती है वहां यदि कोई ट्यूबवेल खराब हो जाता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि जरूरत पड़े तो लोगों को टैंकर से भी पानी उपलब्ध करवाया जाए। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस बार भाखड़ा बांध में पानी की स्थिति काफी अच्छी है। इस समय भाखड़ा बांध में पानी का लेवल 36 फुट अधिक है। हरियाणा ने भाखड़ा बांध से अपने कोटे का अभी तक केवल 75-76 प्रतिशत पानी ही इस्तेमाल किया है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में जलघरों में पानी की उपलब्धता की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 4000 एकल गांव आधारित जलघर हैं जबकि 2500 जलघर एक से अधिक गांवों के लिए हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी जलघर नहरों से जुड़े हैं और फिलहाल इनमें पर्याप्त पेयजल उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने नहरों की सफाई, मरम्मत व पुननिर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और यह सभी कार्य त्वरित गति से करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में स्ट्रीट लाइटें और फिरनी से संबंधित कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएं। मानसून सीजन के मद्देनजर गांवों को जाने वाले रास्तों तथा गांव की फिरनियों पर पौधे लगवाए जाएं। गांवों में सरपंचों से भी ऐसे स्थानों की सूची मांगी जाए जहां पौधे लगाए जा सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार तथा जनस्वास्थ्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे.गणेशन सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

हरियाणा में पराली जलाने के मामले बढ़े, हजारों जगह खेतों में लगी आग

चंडीगढ़  हरियाणा-पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में किसानों को फाने (गेहूं के फसल अवशेष) जलाने से रोकने के आदेश 'धुएं' में उड़ने लगे हैं। एक अप्रैल से अब तक पंजाब में 1759, हरियाणा में 1709, दिल्ली में 28, उत्तर प्रदेश में 13 हजार 378 और मध्य प्रदेश में 32 हजार 369 स्थानों पर गेहूं के फसल अवशेष जलाए जा चुके हैं। शुक्रवार को ही पंजाब में 341, हरियाणा में 144, दिल्ली में छह, उत्तर प्रदेश में 70 और मध्य प्रदेश में 158 स्थानों पर फाने जलाने के मामले सामने आए। हरियाणा में वर्ष 2023 के मुकाबले इस बार फसल अवशेष जलाने के मामले सात गुणा बढ़ गए हैं। धान सहित अन्य फसलों की बुआई के लिए खेतों को खाली करने की आपाधापी में किसान फसल अवशेषों को आग लगा रहे हैं। यह स्थिति तब है, जबकि फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर दो एकड़ तक पांच हजार रुपये, पांच एकड़ तक 10 हजार रुपये तथा इससे ज्यादा जमीन पर 30 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रविधान है। साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है। प्रदेश सरकार ने अब तक मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर 552 किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की है, जिससे यह किसान दो सीजन तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी फसल नहीं बेच सकेंगे। इन्हें सब्सिडी का लाभ भी नहीं मिलेगा और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली छूट रोक दी जाएगी। फसल की कटाई के उपरांत बचे हुए अवशेषों में आग लगाना एक गंभीर पर्यावरणीय संकट है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है। फसल अवशेषों को जलाने से हवा में हानिकारक गैसें फैलती हैं जिससे सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। मिट्टी में मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। सूक्ष्म जीवों और केंचुओं की संख्या कम हो जाती है जिससे मिट्टी की उर्वरता घटती है।

अंबाला में सनसनीखेज वारदात: गो-तस्करों ने पुलिस समझकर चलाई गोली, युवक की गई जान

अंबाला. हरियाणा के अंबाला जिले के पंजोखरा थाना क्षेत्र में टुंडला के पास देर रात करीब दो बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब गौ-तस्करों ने पुलिस से बचने के प्रयास में दो बाइक सवार युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में गरनाला निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (25) की आंख पर गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। पुलिस द्वारा गौ-तस्करी की सूचना के बाद घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान एक पिकअप वाहन में सवार तस्कर पुलिस से बचने के लिए तेजी से भाग रहे थे। घबराहट में उन्होंने रास्ते में आ रहे दो युवकों को पुलिसकर्मी समझ लिया और बिना कुछ सोचे-समझे उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सीधे गुरप्रीत सिंह को जा लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, दूसरा युवक इस हमले में सुरक्षित बच निकला और उसने ही घटना की सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि तस्कर थोड़ी दूरी पर गाय और भैंस से लदी पिकअप को छोड़कर मौके से फरार हो गए। वाहन में करीब तीन तस्कर सवार थे। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इलाके में दहशत इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। दिन-रात सक्रिय रहने वाले तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ने लगी है। जांच में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

आंगनबाड़ी व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 4000 केंद्र सरकारी इमारतों में शिफ्ट, बच्चों को बेहतर सुविधाएं

पंचकूला. हरियाणा के शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में किराये के भवन में चल रहे चार हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को अब सरकारी इमारतों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश जारी किए है। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने बजट भाषण में की थी, जिसके बाद उसे पूरा किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों के सरकारी भवनों में उपयुक्त जगह की पहचान करने के लिए दूसरे विभागों को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। हरियाणा सरकार ने बच्चों को पोषण के साथ उपयुक्त माहौल देने के लिए प्रदेश के करीब एक हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र और एक हजार केंद्रों को प्ले-स्कूलों में अपग्रेड करने का फैसला इसी सत्र में किया है। ऐसे में परेशानी यह है कि केंद्र गांवों तथा शहरों में छोटे-छोटे कमरों या स्कूलों में बने एक कमरे में चलाए जा रहे हैं।