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हरियाणा में सीएम सैनी की निगरानी में बड़ी परियोजनाएं समय पर होंगी पूरी

चंडीगढ़. हरियाणा में अब बड़ी परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी। व्यापक आर्थिक, सामाजिक और दीर्घकालिक प्रभाव वाली 100 महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की पहचान कर उनकी उच्चतम स्तर पर निगरानी की जाएगी ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सकें। इसके लिए संबंधित विभाग के 4-5 अधिकारियों की टास्क फोर्स बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हर महीने खुद इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे ताकि इनमें आने वाली बाधाओं को दूर कर क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि टास्क फोर्स परियोजनाओं की निगरानी करेगी। परियोजनाओं में देरी की पहचान करेगी और आवश्यकता अनुसार अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि सुशासन के परिणामों को बेहतर बनाने और जन विश्वास को मजबूत करने के लिए के प्रमुख विकास परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग अपनी-अपनी प्रमुख परियोजनाओं की पहचान कर जल्द से जल्द इनकी सूची हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम को भिजवाएं।

IPS पूरन कुमार की बेटी को नौकरी देगी हरियाणा सरकार

पंचकूला. आत्महत्या करने वाले आइपीएस वाई पूरन कुमार के परिजनों को नौकरी नहीं देने का मामला विधानसभा में उठा। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि जैसे आपने एएसआइ संदीप लाठर की पत्नी को नौकरी दी, वैसे ही वाई पूरन कुमार की बेटी को भी नौकरी देनी चाहिए। मुआवजा भी देना चाहिए। इस मुद्दे पर जब सदन में विवाद बढ़ा तो कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि सरकार की ओर से वाई पूरन कुमार की बेटी को नौकरी का ऑफर किया गया है। वह आवेदन करेंगी तो सरकार उन्हें नौकरी देने के लिए तैयार है। आठ पन्नों का लिखा था सुसाइड नोट बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में आइपीएस वाई पूरन कुमार ने सात अक्टूबर को अपने सेक्टर-11 स्थित निवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने मरने से पहले आठ पन्नों के फाइनल नोट में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और पूर्व एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारणिया सहित कई अधिकारियों पर जातीय उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। आत्महत्या को लेकर एसआईटी गठित हरियाणा के वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया था। जिला अदालत से उनका लैपटॉप हासिल करने की मंजूरी मिल गई है, जिसके टीम को अहम सुराग हाथ लगे थे।

हरियाणा में फाग के रंग में घुलेगी गर्मी की पहली दस्तक

चंडीगढ़. फरवरी का आखिरी सप्ताह आने तक मौसम की रंगत पूरी तरह बदल चुकी है। खिली धूप ने जहां सुबह-शाम की हल्की ठंड को सीमित कर दिया है, वहीं आगामी सप्ताह के तापमान ने संकेत दे दिए हैं कि इस बार होली और दुल्हेंडी (फाग) पर मौसम पूरी तरह अनुकूल और गर्म रहेगा। आसमान साफ होने और धूप तेज होने से अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे दिन में अब पसीने छूटने की संभावनाएं बन रही हैं। यह भी कहा जा सकता है कि इस बार होली का हुड़दंग गर्मी की गुनगुनी धूप के बीच मनेगा। जहां एक ओर मौसम का बदलाव सुकून देने वाला है, वहीं खेती और सेहत के प्रति थोड़ी सी सावधानी आपको त्योहार के उल्लास को दोगुना करने में मदद करेगी। मौसम विभाग और स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, आगामी सात दिनों में झज्जर का पारा कुछ इस प्रकार रहेगा: दिन – मौसम – अधिकतम – न्यूनतम     बुधवार – खिली धूप – 28 – 13     गुरुवार – खिली धूप – 30 – 13     शुक्रवार – खिली धूप – 31 – 14      शनिवार – खिली धूप – 31 – 16     रविवार – खिली धूप – 31 – 16     सोमवार – खिली धूप – 31 – 16     मंगलवार – खिली धूप – 32 – 17 बाजार की बदली सूरत, गन्ने के रस और जूस की बहार गर्मी की आहट देखते ही शहर के मुख्य चौकों और बाजारों में खान-पान का परिदृश्य बदल गया है। सर्दियों में जहां मूंगफली और गज्जक की दुकानें सजी थीं, अब वहां गन्ने के रस और ठंडे जूस की रेहड़ियां नजर आने लगी हैं। लोग अब गर्म चाय की जगह ठंडे पेय पदार्थों को तरजीह देने लगे हैं। पहनावे में बदलाव -अलमारियों में कैद हुए भारी ऊनी कपड़े मौसम में आए इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर पहनावे पर दिख रहा है। अब भारी कोट और स्वेटर गायब हो चुके हैं। लोग हल्के सूती कपड़ों और हाफ-टीशर्ट तक में दिखने लगे हैं। घरों में रजाइयों की जगह हल्की चादरों ने ले ली है और पंखों की साफ-सफाई का दौर भी प्रारंभ हो गया है। जैसा कि संभावना दिख रही है, को लेकर लगता है कि जल्द ही इनकी स्पीड भी बढ़ेगी। खेती-किसानी – गेहूं की फसल के लिए निर्णायक समय कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में अचानक होने वाली यह वृद्धि खेती के लिए मिश्रित संकेत है। सावधानी: बढ़ती धूप गेहूं की फसल को समय से पहले पका सकती है, जिससे दानों के वजन में कमी आने की आशंका रहती है। सलाह: कृषि विशेषज्ञ डा. सुमित ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में नमी बरकरार रखें और जरूरत के समय शाम के समय हल्की सिंचाई करें ताकि तापमान का प्रतिकूल प्रभाव फसल पर न पड़े। सेहत का ख्याल – वायरल और डिहाइड्रेशन से बचें बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। वरिष्ठ चिकित्सक डा. संजीव हसीजा के मुताबिक, हो रहे बदलाव में फ्रिज का एकदम ठंडा पानी पीने से बचें, इससे गला खराब और वायरल बुखार हो सकता है। धूप में निकलने पर पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न हो। चूंकि फाग पर तापमान 30 डिग्री से ऊपर होगा, इसलिए त्वचा को रंगों के दुष्प्रभाव और धूप की कालिमा से बचाने के लिए क्रीम या नारियल तेल का उपयोग करें।

IDFC फर्स्ट बैंक हरियाणा घोटाला: 590 करोड़ की हेराफेरी में मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जानें कैसे खुला मामला

  चंडीगढ़ हरियाणा में IDFC First Bank से जुड़ा करीब 590 करोड़ का घोटाला सामने आने के बाद सियासत से लेकर जांच एजेंसियों तक हड़कंप मच गया है. चंडीगढ़ ब्रांच से जुड़े इस मामले में देर रात विजिलेंस ने मास्टरमाइंड समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि सरकार का दावा है कि पूरी रकम वापस मंगा ली गई है. लेकिन सवाल अब भी बरकरार हैं. आखिर यह घोटाला हुआ कैसे? इस पूरे मामले में विजिलेंस ने 24 फरवरी की शाम करीब 6 बजे कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड रिभव ऋषि समेत चार आरोपियों अभय कुमार, स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है. रिभव ऋषि, जो पहले बैंक में मैनेजर रह चुका था और फिलहाल AU Small Finance Bank में तैनात था, उस पर आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी धन के गबन की साजिश रची. अब एजेंसियां पूरे नेटवर्क और मनी ट्रेल को खंगालने में जुट गई हैं. कैसे सामने आया 590 करोड़ का घोटाला इस पूरे मामले की शुरुआत एक सामान्य प्रक्रिया से हुई. हरियाणा सरकार ने फरवरी 2026 के आसपास एक आदेश जारी कर IDFC First Bank और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामकाज से डी-एम्पैनल कर दिया. विभागों को निर्देश दिया गया कि वे इन बैंकों में जमा अपने फंड को तुरंत अन्य अधिकृत बैंकों में ट्रांसफर करें. जब एक विभाग ने चंडीगढ़ स्थित बैंक शाखा से अपना खाता बंद करने और पैसा ट्रांसफर करने का अनुरोध किया, तब असली गड़बड़ी सामने आई. खाते में दिख रही रकम और वास्तविक बैलेंस में भारी अंतर था. जांच बढ़ी तो पता चला कि कई सरकारी खातों से जुड़ी रकम गायब है. शुरुआती जांच में करीब 490 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई, जो बाद में बढ़कर लगभग 590 करोड़ तक पहुंच गई. क्या था घोटाले का तरीका जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कोई हाई-टेक साइबर फ्रॉड नहीं था, बल्कि बेहद पारंपरिक तरीके से किया गया घोटाला था. आरोप है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर फर्जी चेक और अनधिकृत ट्रांजेक्शन के जरिए सरकारी खातों से पैसे निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए. इस पूरे खेल में फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, ताकि पैसे के ट्रेल को छिपाया जा सके. सूत्रों के मुताबिक, इस साजिश का मास्टरमाइंड रिभव ऋषि था, जो पहले IDFC फर्स्ट बैंक में मैनेजर रह चुका है और बाद में AU Small Finance Bank में तैनात था. बैंक और सरकार की त्वरित कार्रवाई घोटाला सामने आते ही बैंक और सरकार दोनों ने तेजी से कदम उठाए. बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड किया. पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. भारतीय रिजर्व बैंक को सूचना दी. इसके बाद KPMG से फोरेंसिक ऑडिट शुरू कराया. वहीं, हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को बैंक से पैसा निकालने के निर्देश दिए. खातों को तुरंत बंद करने को कहा. जांच के लिए विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो को लगाया. इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में कहा कि सरकार ने समय रहते गड़बड़ी पकड़ ली और हर पैसा सुरक्षित वापस ले लिया गया है. विपक्ष का हमला- CBI जांच की मांग इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है. विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है. उनका कहना है कि सिर्फ पैसा वापस आना काफी नहीं है. यह भी सामने आना चाहिए कि इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार है और पैसा आखिर गया कहां. कांग्रेस नेता बीबी बत्रा ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती और यह बताना होगा कि जनता का पैसा कैसे और कहां इस्तेमाल हुआ. सरकार की ओर से इस मामले में क्या कहा गया सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि यह पहली बार है जब इतनी बड़ी रकम को इतनी तेजी से रिकवर किया गया है. मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैतली के मुताबिक, सरकार ने खुद बैंक को गड़बड़ी की जानकारी दी और इसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कराई गई. बाजार पर असर- निवेशकों को झटका इस घोटाले का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा. IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ. अनुमान है कि कुछ ही घंटों में करीब 14,000 करोड़ का मार्केट वैल्यू मिट गया. RBI का बयान इस पूरे मामले पर संजय मल्होत्रा (RBI गवर्नर) ने कहा कि यह एक लोकलाइज्ड मामला है और इससे बैंकिंग सिस्टम पर कोई व्यापक खतरा नहीं है. हालांकि, RBI स्थिति पर नजर बनाए हुए है. बड़ा सवाल- जिम्मेदार कौन? हालांकि सरकार ने दावा किया है कि पूरा पैसा वापस मिल गया है, लेकिन कई सवाल अब भी बाकी हैं. क्या यह सिर्फ कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत थी या बड़ा नेटवर्क? फर्जी कंपनियों के जरिए पैसा कहां-कहां गया? क्या इसमें सरकारी अधिकारियों की भी भूमिका थी? सरकार ने संकेत दिए हैं कि कुछ सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, लेकिन अभी नाम उजागर नहीं किए गए हैं. अब इस पूरे मामले में आगे क्या? फिलहाल मामले की जांच जारी है. फोरेंसिक ऑडिट, बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन ट्रेल और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है. सरकार ने साफ कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे बैंक से जुड़े हों या सरकारी तंत्र से जुड़ा हो.  

हरियाणा में पिछली बार नकल में शामिल 35 परीक्षा केंद्रों में नहीं होंगी परीक्षाएं

चंडीगढ़/भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल के खेल को समाप्त करने के लिए इस बार बोर्ड प्रशासन सख्त है। पिछले वर्ष नकल में संलिप्त प्रदेशभर के 35 परीक्षा केंद्रों को इस बार ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इस बार कुछ नए केंद्र बनाए गए हैं। प्राइवेट स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों के लिए सीसीटीवी अनिवार्य है। वहीं केंद्रों के खिड़की-दरवाजे दुरुस्त हों और केंद्र की चहारदीवारी होनी जरूरी की गई है। बोर्ड ने इस बार 1431 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जहां करीब पांच लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। 12वीं के पेपर से होगी शुरुआत : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं, 12वीं एवं डीएलएड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इनमें 25 से 12वीं कक्षा और 26 फरवरी से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी। 10वीं, 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाओं में दो लाख 96 हजार 593 लड़के और दो लाख 69 हजार 818 लड़कियां परीक्षार्थी हैं। इसके अतिरिक्त डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में 5356 छात्र-अध्यापक परीक्षा देंगे। परीक्षाओं का समय दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक रहेगा। परीक्षा आरंभ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना जरूरी है। प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी एवं पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने अनिवार्य है। परीक्षा केन्द्र में इलेक्ट्रानिक्स सामान जैसे मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वाच आदि का प्रयोग वर्जित होगा। बिना प्रवेश-पत्र के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण के लिए 320 उड़नदस्तों का गठन किया है। सभी परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा-163 लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों के निकट फोटोस्टेट की दुकानें व कोचिंग सेंटर भी बंद रहेंगे। नकल रहित परीक्षा की अपील बोर्ड अधिकारियों ने सभी ग्राम पंचायतों से परीक्षा के नकल रहित व सुचारू रूप से संचालन मे सहयोग देने की अपील की। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. पवन कुमार ने बताया कि परीक्षाओं को नकल रहित कराने के लिए इस बार विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अधिकतर परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में रहेंगे। चुनौती यह भी  ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कई खिड़कियां टूटी हुई हैं इनकी मरम्मत नहीं कराई गई। यहां से बाहरी हस्तक्षेप रोकना बड़ी चुनौती है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़ कांग्रेस विधायक आज बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा निकालते हुए विधानसभा पहुंचे। सभी विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधानसभा का घेराव किया। हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक निकाले गए इस रोष प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने एक हाथ में विभिन्न समस्याओं पर लिखी तख्तियां और दूसरे हाथ में झुनझुना लेकर नारेबाजी की। इस प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि हरियाणा की जनता तमाम गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, जबकि बीजेपी सरकार केवल झूठे वादों और खोखले दावों का झुंझना बजाने में व्यस्त है। कांग्रेस विधायकों ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक हर मंच पर उठाएगी। बीजेपी जितना अपनी जिम्मेदारी से भागेगी, कांग्रेस उतने पुरजोर तरीके से जनता की पैरवी करेगी। आखिकार सरकार को जवाबदेह बनना ही पड़ेगा। पत्रकारों से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। कानून व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था तक, रोजगार से लेकर महंगाई तक, कृषि से लेकर शिक्षा तक, स्वास्थ्य से लेकर स्वच्छता तक, बीजेपी ने सभी क्षेत्रों में अपनी नाकामी और नकारेपन का परिचय दिया है। ये सरकार ना किसानों को एमएसपी व मुआवजा दे पा रही है और ना ही युवाओं को रोजगार दे रही है। ना विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा दे पा रही है और ना ही जनता को सुरक्षा दे रही है। जिस तरह प्रदेश में वारदातें और घोटाले हो रहे हैं, ऐसा लगता है कि यहां सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। प्रदेश को घोटालेबाज और गैंगस्टर्स के हवाले छोड़ दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने बुजुर्गों की पेंशन काटने पर बोला कि अब सरकार 70 हजार पेंशन रिस्टोर करने का दाव कर रही है। जबकि पहले सरकार कह रही थी कि उसने किसी की पेंशन काटी ही नहीं। अगर काटी नहीं तो रिस्टोर क्यों की जा रही है? पेंशन के साथ साथ, चुनाव से पहले बनाए राशन कार्ड अब काटे जा रहे हैं, जो कि अपने आप में वोट चोरी है। हरियाणा में चुनाव के बाद करीब 14 लाख राशन कार्ड काटे गए हैं। अकेले अंबाला में 54 हजार राशन कार्ड काटे हैं। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बुढ़ापा पेंशन को 200 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये किया था, यानी साढ़े 7 गुना की बढ़ोतरी की थी। वहीं भाजपा सरकार ने 11 साल में इसमें सिर्फ 2 गुना ही बढ़ोतरी की है। जबकि महंगाई तीन-चार गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार में किसानों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अब खाद के कट्टे का वजन भी 50 से घटाकर 40 किलो किया गया है, जबकि रेट पहले जितना ही है। एमएसपी 24 फसलों पर देने का दावा भी झूठा है, हरियाणा में इतनी फसलें नहीं होतीं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 2000 करोड़ से ज्यादा मुनाफा कमाया गया, लेकिन क्लेम नहीं मिलते, लोग बीमा छोड़ रहे हैं। अभी 10% तक मुआवजा नहीं दिया गया। मनरेगा पर हुड्डा ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की क्रांतिकारी योजना थी। कांग्रेस सरकार के दौरान देश में सबसे ज्यादा मजदूरी हरियाणा में मजदूरों को दी जाती थी। लेकिन बीजेपी ने सत्ता में आते ही मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात किया। बीजेपी सत्ता में आते मनरेगा को कमजोर करने में जुट गई थी। कांग्रेस द्वारा संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मज़दूर पंजीकृत थे। लेकिन 2024-25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। सरकार ने मजदूरों को ना को काम दिया और ना ही स्कीम में प्रावधान के तहत मुआवजा दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं के साथ इस सरकार ने धोखा किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल चंद महिलाओं को ही यह राशि दी जा रही है। जबकि 2024-25 में हरियाणा में 2.13 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी में थे, यानी इस योजना का लाभ लगभग 85 लाख महिलाओं को मिलना चाहिए था। लेकिन वर्तमान में सरकार केवल 8 लाख महिलाओं को ही राशि देने की बात कर रही है। इतना ही नहीं, उसमें भी अब कहा जा रहा है कि महिलाओं को केवल 1100 रुपये मिलेंगे और 1000 रुपये जमा किए जाएंगे। इस पर भी आय की सीमा, बच्चों की शिक्षा तथा कुपोषण जैसी शर्तें थोप दी गई हैं। सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, जिससे ज्यादातर महिलाएं स्वतः लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं। बाहरियों को नौकरी देने बारे पूछे गए सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि बीजेपी हरियाणवी युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात कर रही है। देश में कोई भी ऐसा प्रदेश नहीं है, जो अपनी नौकरियों में स्थानीय युवाओं की बजाए, बाहरी लोगों को तरजीह देता हो। हरियाणा में तो आलम ये है कि बीजेपी सरकार 80 में से 78 पद अन्य राज्य के लोगों को दे देती है। यह नाकाबिले बर्दाश्त है। कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। हुड्डा ने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद एचपीएससी पीजीटी कंप्यूटर साइंस की 1711 पदों की भर्ती का रिजल्ट आया, लेकिन सिर्फ 39 उम्मीदवार ही पास हुए, जबकि बाकी 1672 पद खाली रह जाएंगे। इससे पहले भी अनेक भर्तियों में पदों को खाली रखा गया है।

हरियाणा में उत्तरी हवाओं की वजह से जल्द गर्मी देगी दस्तक

चंडीगढ़. हरियाणा में अब मौसम का मिजाज बदलने लगा है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही गर्मी का असर महसूस होने लगा है और मार्च के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। बीती रात औसत न्यूनतम तापमान में कोई खास बदल नहीं हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तरी हवाओं के प्रभाव से रात्रि तापमान में हल्की गिरावट संभव है, लेकिन दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा। अंबाला और जींद (पांडु पिंडारा) जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि हिसार, सिरसा और भिवानी में पारा थोड़ा नीचे गया है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 फरवरी तक तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन फरवरी के अंतिम दिनों में दिन और रात दोनों के तापमान में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, मार्च की शुरुआत अपेक्षाकृत गर्म रहने के आसार हैं। दिन का तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 16 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया जा सकता है। इसका अर्थ है कि इस बार मार्च की शुरुआत ही गर्मी के एहसास के साथ होगी। वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। गुरुग्राम में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत से अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दोपहर के समय गर्मी का असर ज्यादा महसूस हो सकता है। कुल मिलाकर हरियाणा में आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में बढ़ोतरी का रुख जारी रहेगा

रैनीवेल प्रोजेक्ट से खेतों में दरारें और फसलों को हो रहा नुक्सान

फरीदाबाद. फरीदाबाद के डूंगरपुर गांव में खेतों के समीप लगाए गए रैनीवेल (Ranney Well) प्रोजेक्ट को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिला। किसानों का आरोप है कि रैनीवेल लगने के बाद उनके खेतों में लंबी-लंबी दरारें आ गई हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और जमीन की उर्वरता पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रैनीवेल के संचालन के बाद से जमी न का जलस्तर तेजी से नीचे गया है, जिसके कारण खेतों की मिट्टी सूखकर फटने लगी है। कई किसानों ने अपने खेतों में आई दरारों को दिखाते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में खेती करना मुश्किल हो जाएगा। गांव के किसानों ने मौके पर एकत्र होकर रैनीवेल के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक रैनीवेल को बंद नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम भेजकर जमीन की जांच कराई जाए और यदि रैनीवेल से नुकसान साबित होता है तो इसे तुरंत बंद किया जाए। किसानों का कहना है कि खेती ही उनका एकमात्र सहारा है और अगर खेत ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

हरियाणा में अब ट्रांसजेंडर भी बनेंगे सिविल सेवा ऑफिसर

चंडीगढ़. हरियाणा सिविल सर्विस भर्ती में अब ट्रांसजेंडर भी शामिल हो सकेंगे। बता दें कि HPSC ने अब लिंग चुनने वाले कॉलम में ट्रांसजेंडर के लिए विकल्प कर दिया है। आयोग ने 23 फरवरी को इसके लिए 1 घंटे साइट बंद रखी थी। इसी दौरान ट्रांसजेंडर विकल्प का ऑप्शन अपडेट किया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों के बाद अब HCS और अन्य सरकारी नौकरियों के लिए ट्रांसजेंडर व्यक्ति आवेदन के  पात्र हैं। कोर्ट ने सरकारी नौकरियों के आवेदन फॉर्म मं "तीसरे लिंग" (ट्रांसजेंडर) का कॉलम शामिल करने के लिए  हरियाणा सरकार और आयोगों को निर्देश दिया है जिससे उन्हें समान रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।  चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल मामले में कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपनी पहचान के रूप में ट्रांसजेंडर श्रेणी का चयन करके ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं।

Ultra Luxury Home मामले में गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा

गुड़गांव. कभी उपेक्षित शहर रहा गुड़गांव अब भारत के लग्जरी हाउसिंग बूम का केंद्र बन गया है। साल 2025 में इसने लगातार दूसरे वर्ष मुंबई को पछाड़ते हुए 24,120 करोड़ रुपए के अल्ट्रा-प्रीमियम घरों की बिक्री दर्ज की है। यह इस बात का सबसे स्पष्ट संकेत है कि नई संपत्ति और बुनियादी ढांचा किस प्रकार देश के रियल एस्टेट मानचित्र को नया रूप दे रहा है। इंडिया साेथबिज इंटरनेशनल रियलिटी और सीआरई मैट्रिक्स की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार गुड़गांव के लजरी हाउसिंग सेगमेंट-10 करोड़ रुपए और उससे अधिक कीमत वाले घरों ने साल 2025 में 24,120 करोड़ रुपए के लेनदेन दर्ज किए हैं, जो मुंबई के 21,902 करोड़ रुपए के लेनदेन से कई अधिक है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब गुड़गांव ने मुंबई को पीछे छोड़ा है, जिसने लगभग चार दशक के लग्जरी सेगमेंट पर अपना दबदबा बनाए रखा था। गुड़गांव में 1494 आलीशान घरों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के कारण यह उछाल आया है। कुल लेनदेन मूल्य 2023 में 4004 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025 में 24119 करोड़ रुपए हो गया, जो लगभग छह गुना वृद्धि दर्शाता है। बिक्री हुए घरों का औसत आकार लगभग 5 हजार वर्ग फुट रहा जिसमें 4 से 6 हजार वर्ग फुट के घरों का मूल्य के हिसाब से सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जबकि 8 हजार  वर्ग फुट के बड़े घरों का कुल मूल्य में 33 प्रतिशत हिस्सा था। इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी की एरिया डायरेक्टर टीना तलवार ने कहा कि खास बात यह है कि यह वृद्धि अब केवल पुराने इलाकों तक ही सीमित नहीं है। द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे उभरते हुए सूक्ष्म बाजार सामूहिक रूप से संरचनात्मक विस्तार को गति दे रहे हैं। इनमें से द्वारका एक्सप्रेसवे ने सबसे अधिक उछाल दर्ज किया है, जहां बड़े पैमाने पर लग्जरी परियोजनाओं के लॉन्च और बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण लेनदेन मूल्य में 2024 में 383 करोड़ से बढ़कर 2025 में 8347 करोड़ रुपए तक 2079 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड ने लेनदेन मूल्य में 379 प्रतिशत की वृद्धि और उल्लेखनीय मूल्य वृद्धि के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। औसत कीमत 24,885 से बढ़कर 37,899 प्रति वर्ग फुट की वृद्धि के साथ कीमतों में तेजी आई। इसके विपरीत, गोल्फ कोर्स रोड जैसे पारंपरिक प्रीमियत कॉरिडोर में सीमित नई आपूर्ति के कारण गतिविधि में कमी देखी गई। सीआरई मैट्रिक्स के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक करण गुप्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लग्जरी सेगमेंट में लगभग 10 गुना वृद्धि खरीदारों के निरंत विश्वास, मजबूत पूंजी प्रवाह और उच्च-निवल-मूल्य वाले व्यक्तियों के बढ़ते आधार को दर्शाता है। यह एक परिवक्व मांग प्रोफाइल को भी दर्शाता है। एक ऐसी मांग जो मजबूत बनी हुई है, लेकिन तेजी से विवेकपूर्ण होती जा रही है, जिसमें खरीदार प्रमुख स्थानों, बेहतर निर्माण गुणवत्ता और ब्रांडेड, सुविधाओं से भरपूर परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। तलवार ने कहा कि व्यापक पूंजी निर्माण से इस गति को और बल मिल रहा है। जिसमें 103 भारतीय निगमों ने 2025 में मुख्य बोर्ड आईपीओ के माध्यम से रिकॉर्ड 19.54 बिलियन डॉलर जुटा, जिससे लग्जरी आवास क्षेत्र में प्रवेश करने वाले संस्थापकों और उद्यमियों का एक नया समूह तैयार हुआ- भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, खरीदारों का दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है, हालांकि उनकी अपेक्षाएं अधिक संतुलित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गुड़गांव का दबदबा भारत के संपत्ति बाजार में एक व्यापक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। पारंपरिक महानगरों से उभरते शहरी केंद्रों की ओर। डीएलएफ के प्रबंध निदेशक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी आकाश ओहरी ने कहा कि 10 करोड़ से अधिक के सेगमेंट में मजबूत मांग इस बात को दर्शाती है कि लोग केवल स्वामित्व से हटकर एक बेहतर जीवन अनुभव की तलाश में है। यह बेहतर जीवन अनुभव गेटेड परियोजनाओं में बने बड़े, सुनियोजित घरों से परिभाषित होता है, जो गोपनीयता, सुरक्षा, जीवन शैली की सुविधाएं, स्वास्थ्य और सुनियोजित सामुदायिक स्थान प्रदान करते हैं। साथ ही मजबूत सामाजिक बुनियादी ढांचे से भी युक्त है। यह गति प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और वित्तीय सेवाओं में निरंतर धन सृजन के साथ-साथ उद्यमियों और वरिष्ठ पेशेवरों के बढ़ते आधार से प्रेरित है। ओहरी ने कहा कि लग्जरी खरीदारों का प्रोफाइल युवा हो रहा है और 30 वर्ष की आयु के आसपास के समझदार खरीदार अब सक्रिय रूप से निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार एनआरआई मांग भी इन परियोजनाओं के आकर्षण को दर्शाती है, क्योंकि ये वैश्विक जीवनशैली का मानक प्रदान करती है जो विदेशों में उनकी आदतों के अनुरूप है।