samacharsecretary.com

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सड़क हादसा: कार पेड़ से टकराई, अग्निवीर की मौत, भतीजी की हालत नाजुक

कुरुक्षेत्र. हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में लाडवा–यमुनानगर हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 22 वर्षीय अग्निवीर जवान और उसकी भतीजी की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बच्चे का इलाज कुरुक्षेत्र के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। हादसे के दौरान उनकी कार सड़क किनारे पेड़ से टकराकर खेत में पलट गई। जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान अग्निवीर आर्यन और 11 वर्षीय कनिका निवासी बड़ौंदा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिए हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। घटना के बाद गांव में शौक का माहौल है। लाडवा से लौट रहे थे घर पुलिस के मुताबिक आर्यन अपनी भतीजी कनिका और भतीजे अभि के साथ कार में सवार होकर लाडवा गया था। शाम के समय तीनों वापस अपने घर लौट रहे थे। रात करीब 8 बजे गांव लाठी धनीरा–जैनपुर जाटान के बीच उनकी कार अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार खेत में पलट गई। हादसे के बाद आस-पास के गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए और तीनों को कार से बाहर निकालकर लाडवा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने आर्यन और कनिका को मृत घोषित कर दिया, जबकि अभि की हालत गंभीर देखते हुए उसे कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया गया। पुलिस कर रही मामले की जांच उधर थाना लाडवा के एसएचओ गुरनाम सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। आर्यन और कनिका के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

जाट आंदोलन 2016 पर राहुल दादू का बड़ा बयान: हिंसा को बताया सुनियोजित साजिश

रोहतक. जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर जलाने के मामले में बरी हुए गांव कबूलपुर के राहुल दादू ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कई बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 2016 के आंदोलन के दौरान हरियाणा में हुई हिंसा के पीछे एक बड़ी साजिश थी और कई युवाओं को इसका शिकार बनाया गया। राहुल दादू ने कहा कि पुलिस ने जिन लोगों के पास से सामान बरामद किया, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि निर्दोष होने के बावजूद उनके ऊपर आठ केस दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में उन्हें और उनके साथियों को काफी मानसिक और सामाजिक पीड़ा सहनी पड़ी है। साथ ही बताया कि इन आरोपों के कारण उन्हें जिला परिषद चुनाव में भी उतरने नहीं दिया। उनकी जगह भाई जयदेव को नामांकन कर चुनाव लड़ना पड़ा। दादू ने कहा कि युवाओं की कैप्टन अभिमन्यु से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, बल्कि उनकी लड़ाई सरकार से थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उस समय कैप्टन अभिमन्यु वित्त मंत्री थे, फिर भी उनकी कोठी पर पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं थी। वहीं उन्होंने कहा कि बयानों में एक बड़े कांग्रेस नेता पर आरोप लगाए गए, लेकिन उनका नाम वित्तमंत्री ने अपनी एफआइआर में दर्ज नहीं करवाया। उन्होंने कहा कि कई युवाओं को बिना ठोस सबूत के मामलों में फंसाया गया, जबकि अदालत ने उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत बरी किया है। दादू ने कहा कि आंदोलन की मूल मांग केवल आरक्षण थी, लेकिन इसे कई अन्य मुद्दों से जोड़कर बड़ा विवाद बना दिया गया।

शहरी सफाई पर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, ₹90 करोड़ के टेंडर को मंजूरी

चंडीगढ़. हरियाणा के विभिन्न शहरों में सफाई व्यवस्था अब बेहतर होगी। विशेषकर ठोस कचरा प्रबंधन और डोर टू डोर कचरा संग्रहण पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित शहरी स्थानीय निकाय विभाग की हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के टेंडर को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 90 करोड़ 66 लाख रुपये के टेंडर देने की प्रक्रिया के दौरान मोलभाव कर चार करोड़ रुपये बचाए गए। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की मौजूदगी में हुई बैठक में गोहाना में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन, पलवल में ठोस कचरे के प्रोसेसिंग कार्य, करनाल में पुराने (लीगेसी) कचरे के बायो-रिमेडिएशन, हिसार के सेक्टरों में सड़कों की सफाई से संबंधित कार्यों के लिए टेंडर रेट्स को मंजूरी दी गई। इसके अलावा पलवल में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन से जुड़े कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों के टेंडर स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें निर्धारित मानकों और पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाए। संबंधित एजेंसियां और ठेकेदार तय नियमों के अनुसार कार्य करें, ताकि शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और कार्यों के आधार पर ठेकेदारों की ग्रेडिंग भी तैयार की जाएगी। जो एजेंसियां बेहतर कार्य करेंगी, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न करने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मिशन निदेशक शाश्वत सांगवान, करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता, हिसार के मेयर परवीन पोपली उपस्थित रहे।

LPG संकट की खबरों के बीच CM सैनी का आश्वासन: हरियाणा में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में वर्तमान में मिडिल ईस्ट में उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति बाधित होने संबंधी फैल रही अफवाहों की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर कुंडरू, महानिदेशक अंशज सिंह तथा ऑयल कम्पनियों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक दौरान ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वर्तमान में पैट्रोल, डीजल एवं घरेलू एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा ऑयल कम्पनियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त गैस की आपूर्ति निरंतर प्राप्त हो रही है। हालांकि कमर्शियल गैस सिलैंडरों की आपूर्ति में अस्थाई रूप से बाधा आ रही है। कमर्शियल सिलैंडर प्राथमिकता शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को दिए जा रहे हैं। सरकार द्वारा यह भी सुनिश्चित आपूर्ति किया गया है कि घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे तथा किसी भी प्रकार की चोरी या कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और जिला खाद्य एवं आपूर्ति तथा पूर्ती नियंत्रकों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने आमजन से अपील की कि एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक घबराहट एवं भंडारण से बचें क्योंकि राज्य में आवश्यक पैट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है व आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।

हरियाणा सरकार ने गेहूं की 160 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाई MSP

चंडीगढ़. हरियाणा में गेहूं की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय हो गया है। किसानों को पिछले साल से इस बार 160 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेंगे। रबी-2026 सीजन में गेहूं के लिए सरकार ने एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। पिछली बार 2425 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी था। सूबे में एक अप्रैल से सरकार गेहूं की खरीद करने जा रही है। गेहूं खरीद की तैयारियों व लक्ष्य आदि मामलों को लेकर शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर की उपस्थिति में बैठक होगी। आगामी निर्णय इसी में लिए जाएंगे। 560 मंडियों में होगी खरीद हरियाणा में रबी फसलों की खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिलहाल 560 मंडियों और खरीद केंद्रों पर व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। रबी-2026 की खरीद प्रक्रिया को लेकर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडी सचिवों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है। खरीद व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने शनिवार को अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में खरीद की तिथि, लक्ष्य, भंडारण की उपलब्धता और मंडियों में व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। गेटपास व्यवस्था में होगा बदलाव इस सीजन में किसानों के लिए गेटपास व्यवस्था में बदलाव करने की भी तैयारी है। फिलहाल योजना है कि जियो-फेंसिंग तकनीक के जरिए किसानों के गेटपास जारी किए जाएं। खरीफ-2025 के दौरान किसानों को घर बैठे गेटपास काटने की सुविधा दी गई थी, लेकिन धन बेचने के बाद सरकार ने जियो-फेंसिंग जैसे विकल्प अपनाने का निर्णय लिया है। पारदर्शिता के लिए इस बार सख्त नियम इस बार सरसों की खरीद के लिए एमएसपी पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को ही टोकन नंबर दिया जाएगा। किसान के अंगूठे से बारकोड स्कैन किया जाएगा। गेटपास जारी करने के लिए क्यूआर कोड मंडी गेट पर ही जनरेट किया जाएगा। किसान जिस वाहन में सरसों लेकर आएगा, उसका नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य होगा, अन्यथा गेटपास जारी नहीं किया जाएगा। यह सभी नियम फसल खरीद को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू किए जा रहे हैं। नई अनाज मंडी में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होने की संभावना है।

जींद फैक्ट्री अग्निकांड में दो और महिलाओं ने तोड़ा दम

जींद. सफीदों की गीता कालोनी की फैक्ट्री में हुए अग्निकांड के बाद मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात दो और महिलाओं की मौत हो गई। अब तक कुल नौ महिलाओं की मौत हो चुकी है। इनमें से एक महिला रोहतक पीजीआइ व एक पानीपत के एक निजी अस्पताल में दाखिल थी। डीसी मोहम्मद इमरान रजा व एसपी कुलदीप सिंह मंगलवार को पीजीआइ रोहतक पहुंचे और यहां दाखिल चार लोगों का हालचाल जाना। यहां तीन महिलाएं आइसीयू में दाखिल हैं जबकि एक व्यक्ति वार्ड में दाखिल है। इन तीनों की हालत भी नाजुक बनी हुई है। सात फरवरी को सफीदों की गीता कालोनी में अवैध रूप से चल रही रंग-गुलाल फैक्ट्री में आग लग गई थी। सोमवार रात को इसमें गीता कालोनी निवासी कमलेश (54) की पीजीआइ रोहतक और गांव सिंघपुरा निवासी राजबाला (55) की पानीपत के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। डीसी व एसपी पीजीआई में दाखिल लोगों से मिले मंगलवार को डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह पीजीआइ रोहतक पहुंचे और फैक्ट्री में हुई आगजनी में झुलसे उपचाराधीन मजदूरों का हालचाल जाना। दोनों अधिकारियों ने झुलसे लोगों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। रोहतक पीजीआइ में तीन महिलाएं व एक पुरुष दाखिल है। एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि इनमें से एक महिला की हालत थोड़ी सी नाजुक है। चिकित्सकों ने कहा कि यहां दाखिल सभी को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। आरोपित फैक्ट्री संचालक को दिल्ली लेकर गई पुलिस एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में रिमांड पर चल रहे आरोपित फैक्ट्री संचालक राकेश को एसआइटी दिल्ली लेकर गई। राकेश ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि वह दिल्ली के सदर से कच्चा मेटीरियल खरीद कर लाता था। यहां से वह गुलाल तथा इसमें प्रयोग किया जाने वाला अन्य कच्चा माल लेकर आता था। यह कच्चा मेटीरियल होली से पहले ही मिलता था। वह पहले ही इसको खरीद कर ले आया था और फैक्ट्री में स्टोर कर रखा था।

हरियाणा के बुजुर्ग ट्रेन से मुफ्त में करेंगे तीर्थ स्थलों के दर्शन

चंडीगढ़. प्रदेश सरकार हरियाणा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत प्रदेश के पात्र बुजुर्ग श्रद्धालुओं को अब ट्रेन के माध्यम से विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार और आई.आर.सी.टी.सी. (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सरकार की ओर से सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग तथा आई. आर.सी.टी.सी. की तरफ से सर्कल रीजनल मैनेजर (सी. आर.एम.) हरजोत सिंह संधू ने एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए। महानिदेशक पांडुरंग ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के पात्र बुजुर्ग श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों की निःशुल्क यात्रा करवाने के लिए हरियाणा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की है। इसके तहत अब तक अलग-अलग जिलों से हरियाणा परिवहन विभाग की वोल्वो बसों के माध्यम से हजारों पात्र बुजुर्गों को अयोध्या सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों के निःशुल्क दर्शन करवाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेश पर श्रद्धालुओं के लिए ट्रेन के माध्यम से भी तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाने की योजना बनाई गई है। इसी के अंतर्गत हरियाणा सरकार और आई.आर.सी.टी.सी. के बीच समझौता ज्ञापन साइन किया गया है। इस अवसर पर रेलवे से हर्ष दीप व नितिन शर्मा तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक रणबीर सिंह सांगवान सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। इन पवित्र स्थलों पर ले जाने का हुआ करार सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक पांडुरंग ने बताया कि आई.आर.सी.टी.सी. के साथ हुए समझौते के तहत हरियाणा से अयोध्या, वाराणसी, पटना साहिब, नांदेड़ साहिब, पुष्कर जी, वैष्णो देवी तथा शिरडी व शनि शिंगणापुर तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाने बारे समझौता हुआ है। जरूरत अनुसार और तीर्थ स्थल भी जोड़े जा सकते हैं। खाने-पीने व ठहरने की भी निःशुल्क व्यवस्था उन्होंने बताया कि एक ट्रेन में 11 कोच होंगे। इनमें से 10 कोच श्रद्धालुओं के लिए तथा एक कोच सर्विंग स्टाफ के लिए रहेगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने की व्यवस्था, नजदीकी रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं को तीर्थ स्थल तक पहुंचाने के लिए बसों आदि का प्रबंध तथा ठहरने की व्यवस्था भी हरियाणा सरकार द्वारा निशुल्क की जाएगी। हरियाणा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत, 60 वर्ष से अधिक आयु के हरियाणा के वरिष्ठ नागरिकों, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए से कम है, को निःशुल्क पवित्र स्थलों की यात्रा करवाई जाती है। योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र व्यक्ति तीर्थ यात्रा के लिए आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं।

हरियाणा में पूर्व DGP का वाट्सऐप नंबर हैक कर परिचितों से पैसों की डिमांड

पंचकूला. प्रदेश के एक पूर्व डीजीपी का वाट्सएप नंबर हैक कर उनके परिचितों को पैसे की डिमांड वाले मैसेज भेजे गए। अधिकांश परिचित तो उस मैसेज की लैंग्वेज देखकर समझ गए, लेकिन अंबाला एक हैड कांस्टेबल ट्रैप का शिकार हो गए। पूर्व डीजीपी के द्वारा अब साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया गया है। पूर्व डीजीपी निर्मल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि नौ मार्च की शाम को करीब 4 बजे उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। उसने बताया कि आपके पास एक पार्सल आया है, उसे रिसीव करने के लिए अपने फोन से कॉल करके अपने पार्सल के बारे पता कर सकते हैं। जिसके बाद कॉल करने वाले ने उनके वाट्सएप का ओटीपी अपने नंबर पर रिसीव कर लिया और खुद के फोन में पूर्व डीजीपी का वाट्सएप नंबर शुरू कर दिया। हेड कॉन्स्टेबल बना ठगी का शिकार साइबर ठगों ने पूर्व डीजीपी के सभी परिचितों को मैसेज भेजकर पैसे मांगना शुरू कर दिया। अधिकांश परिचित तो मैसेज की लैंग्वेज देखकर समझ गए और उन्होंने उसे कोई रुपये नहीं भेजे। लेकिन अंबाला के एक हैड कांस्टेबल ने 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

हरियाणा में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों पर 6 महीने में होगी कार्रवाई

चंडीगढ़. हरियाणा में अब पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतों की जांच में लेटलतीफी नहीं चलेगी। राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण और जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण के लिए किसी भी शिकायत के छह महीने के अंदर कार्रवाई पूरी करना अनिवार्य रहेगा। इसके लिए नियमों में बदलाव किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से विधानसभा में हरियाणा पुलिस (संशोधन) अधिनियम 2026 पारित कराया जाएगा। पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और आमजन की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे पुलिस में जवाबदेही बढ़ेगी और प्रशासनिक मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी। हालांकि, गुमनाम या फर्जी नाम से भेजी गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को डीएसपी या इससे बड़े रैंक के पुलिस अधिकारी के खिलाफ मानवाधिकार आयोग की संस्तुति, पीड़ित के शपथपत्र, पुलिस हिरासत में मृत्यु, दुष्कर्म या दुष्कर्म का प्रयास, गैर कानूनी रूप से हिरासत में रखने, प्रताड़ित करके संपत्ति जुटाने या संगठित अपराध के मामलों में जांच का अधिकार दिया गया है। राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण शिकायत की सत्यता के बारे में प्रथम दृष्टया संतुष्ट होने पर ही जांच करेगा। अदालतों, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग या लोकायुक्त के समक्ष चल रहे मामलों या पहले से निपटाए जा चुके मामलों के साथ ही पांच साल पुराने मामलों की जांच का अधिकार नहीं होगा। धरने-प्रदर्शन या रोड जाम के मामलों में पुलिस लाठीचार्ज की जांच भी अधिकार क्षेत्र से बाहर रहेगी। इसी तरह जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण को इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत की जांच का अधिकार दिया गया है।

डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन उत्कृष्ट, हम उन श्रेष्ठ परंपराओं को लागू करेंगे: हरविंदर कल्याण

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण का कहना है कि कई राज्यों की विधानसभाओं का दौरा किया। उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, केरल सहित 13 राज्यों की विधानसभाओं का अध्ययन किया। इसेक अलावा पटना तथा लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलनों में भी भाग लिया, जिसकी अध्यक्षता ओम बिरला ने की। हर राज्य में कुछ न कुछ श्रेष्ठ है। कहीं समिति प्रणाली मजबूत है, कहीं डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन उत्कृष्ट है। हम उन श्रेष्ठ परंपराओं को हरियाणा में लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। कल्याण ने कहा कि नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल स्पीकर सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिला। इसके बाद सीपीए सम्मेलन के तहत ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। सिडनी और मेलबर्न की संसदों में डिजिटल कार्यप्रणाली, ई-ऑफिस और मजबूत समिति तंत्र देखने को मिला। हम भी हरियाणा विधानसभा में ई-गवर्नेंस, डिजिटल आर्काइव और क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि तकनीक से कार्यवाही तेज और पारदर्शी दोनों बनती है। कल्याण ने कहा कि ‘युवा संसद-2025’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए हम छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ रहे हैं। जब युवा संसदीय परंपराओं को समझेंगे, तभी भविष्य का नेतृत्व तैयार होगा। लोकतंत्र केवल वोट देने तक सीमित नहीं है, यह संवाद और भागीदारी की संस्कृति है। महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय पर कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। नीतियों में संवेदनशीलता और व्यापक दृष्टिकोण आएगा। यह निर्णय भारतीय लोकतंत्र को और मजबूत करेगा। कल्याण ने कहा कि सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हमारा प्रयास है कि चर्चा केवल औपचारिकता न रहे। कानून बनने से पहले उसकी गुणवत्ता पर गंभीर विमर्श हो। इसके लिए विधायी ड्राफ्टिंग कार्यशालाएं करवाई जा रही हैं। विधायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं ताकि वे आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक मुद्दों पर तथ्यपूर्ण ढंग से बोल सकें। हम अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी क्षमता निर्माण कार्यक्रम चला रहे हैं। लोकतंत्र की मजबूती विधायिका की मजबूती से ही संभव है। कल्याण ने कहा कि नई विधानसभा भवन की योजना के लिए हम ऐसी आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और तकनीकी रूप से सक्षम नई विधानसभा की परिकल्पना कर रहे हैं, जो भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सके। लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा के अनुरूप भवन निर्माण हमारी प्राथमिकता होगी।परिसीमन राष्ट्रीय प्रक्रिया है। यदि सीटें बढ़ती हैं तो अधोसंरचना का विस्तार आवश्यक होगा। इस दिशा में प्रारंभिक विचार-विमर्श चल रहा है। कल्याण मानते हैं कि विधानसभा को जनता के प्रति और अधिक जवाबदेह, सहभागी व आधुनिक बनाना का मेरा प्रयास है। समिति प्रणाली को मजबूत करना और शोध आधारित चर्चा को बढ़ावा देना मेरी प्राथमिकताएं हैं। मैं चाहता हूं कि हरियाणा विधानसभा देश की अग्रणी विधानसभाओं में शामिल हो तथा प्रभावी विधायिका के माध्यम से हरियाणा प्रदेश नई ऊँचाइयों को छूते हुए विकसित राष्ट्र के सफर में महत्वपूर्ण योगदान दे। कल्याण कहते हैं कि विधानसभा को देश की अग्रणी विधायिकाओं में शुमार करना उनका लक्ष्य है। सदन की कुर्सी सिर्फ ऊंची नहीं होती, वह जिम्मेदारियों का सबसे कठिन आसन भी होती है। करनाल जिले के घरौंडा से लगातार तीसरी बार विधायक बने हरविन्द्र कल्याण जब 2024 में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए, तो यह केवल राजनीतिक पदोन्नति नहीं थी, यह संसदीय परिपक्वता की परीक्षा भी थी। छात्र राजनीति से लेकर 2004 की लंबी पदयात्रा, 2014 में पहली जीत, हैफेड के चेयरमैन, लोक लेखा समिति के अध्यक्ष और अब स्पीकर। हर पड़ाव ने उन्हें सत्ता और व्यवस्था के भीतर की कार्यप्रणाली को गहराई से समझने का अवसर दिया। आज वे सदन को अधिक जवाबदेह, तकनीकी रूप से आधुनिक और शोध आधारित बहसों का मंच बनाने के मिशन पर हैं।