samacharsecretary.com

हरियाणा में 6 लाख एकड़ खारी जमीन को खेती योग्य बनाएगी सरकार

चंडीगढ़. केंद्रीय बजट 2026 में हरियाणा के लिए सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ कृषि क्षेत्र को लेकर सामने आया है। लंबे समय से राज्य के हजारों किसानों की समस्या बनी जलभराव और खारी जमीन को लेकर केंद्र ने पहली बार स्पष्ट और लक्षित हस्तक्षेप का संकेत दिया है। बजट में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत विशेष प्रावधानों के साथ तकनीकी और वित्तीय सहयोग का रास्ता खोला गया है, जिससे हरियाणा की करीब 6 लाख एकड़ प्रभावित भूमि को दोबारा खेती योग्य बनाने की दिशा तय मानी जा रही है। हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को देखते हुए केंद्र सरकार ने बजट में राज्य की उस समस्या को प्राथमिकता दी है, जो दशकों से उत्पादन और आय दोनों को प्रभावित कर रही थी। झज्जर, रोहतक, सोनीपत, हिसार, फतेहाबाद, जींद और सिरसा जैसे जिलों में जलस्तर ऊपर आने और लवणता बढ़ने से फसलें लगातार कमजोर होती गईं। बजट 2026 में इस चुनौती से निपटने के लिए वर्टिकल ड्रेनेज और सब-सरफेस ड्रेनेज जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का प्रस्ताव रखा गया है। बजट के बाद हरियाणा में जलभराव से प्रभावित भूमि के सुधार के लिए अगले 3 से 5 वर्षों का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत खेतों में जमीन के नीचे पाइपों का जाल बिछाकर अतिरिक्त पानी और नमक को बाहर निकाला जाएगा। इस तकनीक से पहले जिन खेतों में फसल उगाना मुश्किल था, वहां दोबारा खेती संभव हो सकेगी। केंद्र और राज्य की साझा रणनीति के तहत लागत का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करेगी। हरियाणा में करीब 12 लाख एकड़ कृषि क्षेत्र ऐसा है, जहां भूजल स्तर खतरनाक रूप से ऊपर पहुंच चुका है। इनमें से लगभग 6 लाख एकड़ भूमि गंभीर जलभराव और लवणता से प्रभावित है। झज्जर, रोहतक, सोनीपत, हिसार, फतेहाबाद, जींद और सिरसा जिले इस समस्या से सबसे अधिक जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन इलाकों में फसल उत्पादन 30 से 70 प्रतिशत तक घट चुका है। बजट के बाद ड्रेनेज सिस्टम, माइक्रो-इरिगेशन और जल संग्रहण योजनाओं को एकीकृत रूप से लागू किया जाएगा। हरियाणा सरकार ने लंबे समय से जलभराव और खारी जमीन की समस्या को प्रदेश के लिए गंभीर कृषि संकट बताते हुए केंद्र के समक्ष रखा था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं यह मांग केंद्र सरकार से की गई थी कि सेम से प्रभावित क्षेत्रों को प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति मानकर विशेष सहायता दी जाए। बजट 2026 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किए गए प्रावधानों को इसी मांग की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य की रणनीति को केंद्र का समर्थन मिला है।

हरियाणा में पात्र अनुबंध कर्मचारियों के लिए 20 फरवरी तक फिर खुला HKRNL पोर्टल

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने पात्र अनुबंध कर्मचारियों को राहत दी है। सरकार ने कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने के लक्ष्य से HKRNL के पोर्टल को फिर से खोलने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि हरियाणा सरकार की तरफ से अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों को उनकी सेवा की सुरक्षा दी जा रही है. इसके लिए सरकार ने एक पोर्टल शुरू किया था। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक एचकेआरएनएल पोर्टल सिर्फ उन अनुबंध कर्मचारियों के लिए फिर से खोला जाएगा, जिनकी नियुक्ति 31 मार्च 2022 या उससे पहले हुई थी और जो फिलहाल में सेवा में कार्य कर रहें हैं। डाटा अपडेशन एवं पोर्टिंग के लिए विंडो 20 फरवरी तक खुली रहेगी। वहीं यह फैसला ऐसे अनुबंध कर्मचारियों द्वारा दिए गए बहुत से प्रतिवेदनों को ध्यान में रखते लिया गया है, जो अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत पात्र होने तथा 15 अगस्त 2024 तक 5 साल से ज्यादा की सेवा पूरी करने के बावजूद OTP हासिल न कर पाने या गलत डाटा एंट्री होने की वजह से अप्लाई नहीं कर पा रहे थे। जिसके लिए यह फैसला लिया गया है। 

पैरोल पर आए राम रहीम ने किया लाइव सत्संग

चंडीगढ़/सिरसा. साध्वी से दुष्कर्म और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सजा भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पैरोल पर आने के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर लाइव कार्यक्रमों के जरिए अनुयायियों से जुड़ा। कानूनी पाबंदियों और संगत की भीड़ पर रोक के चलते यह फैसला लिया गया है। सिरसा, हिसार, कैथल, फतेहाबाद, पानीपत समेत 11 जगह पर कार्यक्रम हुए। गुरमीत राम रहीम सत्संग के दौरान नशा जैसी कुरीतियों के खिलाफ प्रवचन दिया और अनुयायियों को प्रेरित किया। सिरसा में यह कार्यक्रम कपास अनाज मंडी में रविवार सुबह 10 बजे से शुरू हुऐ और दो से तीन घंटे तक चला। इसके अलावा पंजाब में डेरा सच्चा सौदा और मानवता भलाई केंद्र की कई शाखाओं में भी लाइव सत्संग का आयोजन किया गया । सूत्रों के अनुसार गुरमीत सिरसा डेरा गुरुकुल से ऑनलाइन जुड़ेगा और बड़ी स्क्रीन के माध्यम से लाइव सत्संग दिखाया गया। अनुयायियों को पोस्टर जारी कर कार्यक्रम और पांच मुख्य विषयों के बारे में जानकारी दी गई है। सिरसा मंडी में कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति ले ली गई है। सिरसा डेरा प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक बुराइयों को त्यागने को लेकर है। खासकर नशा जैसी बुराई के त्याग के लिए गुरुजी अपना संदेश ऑनलाइन देंगे।

सूरजकुंड मेले में उपराष्ट्रपति ने चखा गोहाना का जलेबा का स्वाद

फरीदाबाद. सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव के पहले दिन ही गोहाना का जलेबा ने मेले की चौपाल पर मिठास भर दी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मंच पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण को जलेबा का स्वाद लेने के लिए जलेबा परोसा। सीएम ने कहा कि इसकी मिठास अपनत्व का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जलेबा का स्वाद लेते हुए का कि यह मिठाई नहीं बल्कि हरियाणा की संस्कृति की पहचान और आत्मनिर्भरता की गौरव गाथा है। क्योंकि यह खास जलेबा सिर्फ इसी प्रदेश में मिल सकती है। उपराष्ट्रपति की इस बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जलेबी हमारे प्रदेश की लोकसंस्कृति से भी जुड़ी है। मंच पर मौजूद पर्यटन मंत्री ने कहा कि जलेबा का स्वाद ही ऐसा हैं। जो इसको पूरे देश में खास बना देता हैं। सूरजकुंड मेला हर प्रोडेक्ट को लोकल टू ग्लोबल बना देता हैं। इस मेले में आकर ही गोहाना का जलेबा राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि गोहाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। गोहाना की जलेबी से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। इस दौरान इजिप्ट के एंबेसडर कामिल जायद गलाल और डिप्टी एंबेसडर दालिया तांतवे ने भी जलेबा का स्वाद लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और दर्शकों ने इसे हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया।

हरियाणा का राखीगढ़ी 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल

चंडीगढ़/हिसार. हरियाणा की धरती पर बसी सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे बड़ी पहचान राखीगढ़ी अब एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर है। केंद्रीय बजट में किए गए एलान के बाद राखीगढ़ी को देश के 15 ‘आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों’ की सूची में शामिल करने की घोषणा हुई है। इस फैसले के साथ ही राखीगढ़ी केवल खुदाई और शोध का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि इसे संरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को आम लोगों से जोड़ने के लिए चयनित पुरातात्विक स्थलों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसी नीति के तहत हिसार जिले की राखीगढ़ी को आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए पाथ-वे, सूचना तंत्र और गाइड की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आने वाले लोग सभ्यता के अवशेषों के साथ उसका ऐतिहासिक संदर्भ भी समझ सकें। बजट से पहले भी बनी थी जमीन यह पहला मौका नहीं है जब बजट में राखीगढ़ी का जिक्र हुआ हो। केंद्रीय बजट 2025-26 में पहले ही राखीगढ़ी को वैश्विक धरोहर केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की जा चुकी है। उस घोषणा के बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यहां खुदाई और संरक्षण के कार्यों को गति मिली, जिससे इसके ऐतिहासिक महत्व को और मजबूती मिली है। इन बिंदुओं से समझें बजट के बाद राखीगढ़ी को मिलने वाली नई पहचान को – देश के 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया जाएगा  – संरक्षित टूरिज्म साइट के रूप में विकास, पाथ-वे और गाइड की व्यवस्था – पहले से घोषित 500 करोड़ के आवंटन से संरक्षण और खुदाई को बल – सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा टूरिज्म के नजरिये से क्या बदलेगा बजट के बाद राखीगढ़ी में केवल खोदाई स्थल नहीं, बल्कि सुनियोजित पर्यटन ढांचा विकसित करने की योजना है। परिसर के भीतर पाथ-वे बनने से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। प्रशिक्षित गाइड नियुक्त किए जाएंगे, जो सभ्यता, खुदाई और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी देंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्राचीन जीवन-शैली को समझाने का प्रयास किया जाएगा। क्यों खास है राखीगढ़ी राखीगढ़ी को हड़प्पाकालीन सभ्यता की सबसे बड़ी साइट माना जाता है। यहां अब तक हजारों साल पुराने मानव कंकाल, मकानों की दीवारें, कच्ची ईंटें, तांबा, मनके, मोहरें और जल निकासी व्यवस्था के प्रमाण मिल चुके हैं। इन अवशेषों से संकेत मिलता है कि यह नगर सुव्यवस्थित शहरी योजना और तकनीकी समझ के साथ विकसित हुआ था। नदी से नगर तक की कहानी इतिहासकारों के अनुसार राखीगढ़ी प्राचीन सरस्वती नदी प्रणाली के किनारे बसा था। माना जाता है कि इसी नदी की सहायक धाराओं के सूखने के बाद इस नगर का पतन हुआ। खुदाई में मिले सूखे नदी-तल, कुएं और जल संरचनाएं इस थ्योरी को मजबूती देती हैं।

हरियाणा में किसानों को आधार कार्ड से ही मिल जाएगा लोन

पंचकूला. किसानों को कृषि ऋण के लिए अब यहां-वहां धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। जल्द ही ग्रामीण क्रेडिट सिस्टम शुरू होगा, जिसमें किसानों को ऋण से जुड़े दस्तावेजों के लिए बैंकों और राजस्व कार्यालयों में नहीं भटकना पड़ेगा। कृषि ऋण लेने के लिए सिर्फ आधार नंबर की जरूरत होगी, जबकि जमीन से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड से अपने आप मिल जाएगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार जल्द ही रिजर्व बैंक आफ इंडिया के साथ एक एमओयू साइन करेगी। इस फ्रेमवर्क के तहत कृषि लोन की मंजूरी सीधे डिजिटाइज्ड जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी होगी। इससे वित्तीय संस्थानों और राजस्व प्रशासन के बीच बिना किसी रुकावट के समन्वय पक्का होगा। ‘पटवारी-तहसील-बैंक का जो पुराना सिस्टम था, जिसकी वजह से देरी होती थी, उसे खत्म कर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में किसान क्रेडिट कार्ड लोन पर ध्यान दिया जाएगा, जो हरियाणा में खेती के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला क्रेडिट साधन है। आधार प्रमाणीकरण के बाद मिलेगा लोन आधार प्रमाणीकरण के बाद जमीन का विवरण अपने आप मिल जाएगा। लोन से जुड़ी एंट्री अपने आप जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएंगी और भुगतान करने पर गिरवी की एंट्रीज तुरंत हटा दी जाएंगी। यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी मानवीय दखल के काम करेगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। दूसरे चरण में इस सिस्टम को बढ़ाकर सभी तरह के कृषि और ग्रामीण लोन को शामिल किया जाएगा, जिससे पूरे राज्य में एक यूनिफाइड डिजिटल क्रेडिट इकोसिस्टम बनेगा। इस पहल से सभी स्टेकहोल्डर्स को काफी फायदे होंगे। धोखाधड़ी से जुड़े जोखिम कम होंगे किसानों का समय बचेगा, उन्हें तेजी से क्रेडिट मिलेगा और लोन स्टेटस और जमीन के रिकॉर्ड की रियल-टाइम ट्रैकिंग से पूरी पारदर्शिता मिलेगी। बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों को रियल टाइम में वेरिफाइड जमीन का डेटा मिलेगा, जिससे धोखाधड़ी वाले आवेदनों से जुड़े जोखिम कम होंगे और परिचालन क्षमता (ऑपरेशनल एफिशिएंसी) बेहतर होगी। राजस्व प्रशासन को खुद-ब-खुद अपडेट होने वाले रिकार्ड, कम गलतियों और जमीन के रिकॉर्ड की बेहतर विश्वसनीयता से फायदा होगा।

जलेबी की मिठास और सांस्कृतिक झलक: फरीदाबाद में सूरजकुंड मेला शुरू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल

फरीदाबाद  गोहाना की जलेबी की मिठास के साथ सूरजकुंड में 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव शुरू हो गया है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को 'लोकल से ग्लोबल- आत्मनिर्भर भारत' थीम पर आधारित इस मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और राज्य के विरासत एवं पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के फरीदाबाद के सूरजकुंड पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलित करते हुए महोत्सव की शुरुआत की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने सूरजकुंड अंतरराष्‍ट्रीय शिल्प मेला पर आधारित एक ऐप को भी लॉन्च किया। बाद में उपराष्ट्रपति समेत मंच पर उपस्थित अतिथियों को गोहाना की जलेबी खिलाई गई। सूरजकुंड मेले के उद्घाटन के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध लोक कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों ने प्रस्तुति दी। यह मेला 15 फरवरी तक चलेगा। यह आयोजन हरियाणा पर्यटन निगम और केंद्रीय पर्यटन, वस्त्र, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। सीएम नायब सिंह सैनी ने उद्घाटन समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी कला और शिल्प के उस महाकुंभ में साक्षी बनने जा रहे हैं, जिनकी न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे विश्व में एक विशेष पहचान है। मैं इस मेले के भव्य उद्घाटन समारोह में अभिनंदन करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेला हमारी प्राचीनता और आधुनिकता का संगम है। यहां हम उस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो पिछले 38 वर्षों में कला और संस्कृति को जीवंत रखे हुए है। 39वें कार्यक्रम की थीम 'लोकल टू ग्लोबल' देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने का प्रतिबिंब है, जिसमें भारत के हर कोने में बैठे हुए हुनरमंद हाथ को वैश्विक बाजार से जोड़ना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर का अर्थ सिर्फ आर्थिक स्वतंत्रता नहीं है, इसमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना, अपनी विरासत को सहेजना और उसे दुनिया के सामने पेश करना भी शामिल है। सूरजकुंड मेला इसी आत्मनिर्भरता का जीता-जागता प्रमाण है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी बोले- ‘विकसित भारत @2047 की कुंजी है PRAGATI प्लेटफॉर्म’

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्रीनायब सैनी ने भारत सरकार के प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म PRAGATI (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) की प्रशंसा करते हुए इसे विकास परियोजनाओं को तेज करने और जन शिकायतों का समाधान करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बताया। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र, राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए प्रमुख योजनाओं की प्रत्यक्ष, वास्तविक समय की निगरानी को सक्षम बनाता है। नायब सिंह सैनी के मुताबिक PRAGATI प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पारदर्शी, जवाबदेह शासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और विकसित भारत @2047 के दीर्घकालिक राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे सार्वजनिक कल्याण पहलों का तेजी से निष्पादन और प्रभावी वितरण सुनिश्चित होता है। हरियाणा में वर्तमान में देखरेख अधीन 112 प्रमुख परियोजनाओं में से 57 पहले ही चालू हैं, जिनमें 94,153 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है, जबकि शेष 55 परियोजनाएं जिनकी कीमत 5.44 लाख करोड़ रुपये है, अभी कार्यान्वयनाधीन हैं। चालू परियोजनाओं में से प्रधानमंत्री के PRAGATI (Pro-Active Governance and Timely Implementation) प्लेटफॉर्म के तहत 13 परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिनकी कीमत 30,463 करोड़ रुपये है। क्षेत्रवार, सड़कें और राजमार्ग 30 पूर्ण परियोजनाओं के साथ शीर्ष पर हैं, इसके बाद तेल और गैस (10), बिजली संचरण और वितरण (9), रेलवे (4), बिजली उत्पादन (3), और एक रियल एस्टेट परियोजना हैं। इन पूर्ण संपत्तियों ने हरियाणा की कनेक्टिविटी, ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को काफी मजबूत किया है। इस बीच, 55 कार्यान्वयनाधीन परियोजनाओं में से 13 उच्च मूल्य वाली परियोजनाएं, जिनमें 2.24 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है, PRAGATI के तहत निकट देख रेख में हैं। क्षेत्रीय वितरण कनेक्टिविटी और सार्वजनिक सेवाओं पर निरंतर ध्यान दिलाता है, जिसमें सड़कें और राजमार्ग 22 परियोजनाओं के साथ सबसे आगे हैं, इसके बाद स्वास्थ्य सेवा (9), रेलवे (5), तेल और गैस (5), बिजली संचरण और वितरण (4), आईटी/आईटीईएस (3), और बिजली उत्पादन (3)। इसके अलावा, मेट्रो रेल, उद्योग और वाणिज्य, लॉजिस्टिक्स पार्क विकास, और सीमेंट विनिर्माण में प्रत्येक एक-एक परियोजना चल रही है। चल रही पहलों में से कई एनसीआर क्षेत्र की सबसे बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं में शामिल हैं, जिनमें एक्सप्रेसवे, समर्पित माल गलियारे, टेलीकॉम संतृप्ति अभियान, और प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं जो हरियाणा के दीर्घकालिक, विकास-उन्मुख अवसंरचना विकास की दिशा में प्रयासों को दर्शाते हैं।

झज्जर में ADGP ने जूती पहनने पर पुलिसकर्मी को किया सस्पेंड

झज्जर. पुलिस विभाग में अनुशासन को लेकर शुक्रवार को झज्जर पुलिस लाइन में उस समय सख्ती देखने को मिली, जब हरियाणा पुलिस के ए.डी.जी.पी. एच.एस. दुहन ने ड्रैस कोड का पालन न करने पर एक पुलिस कर्मचारी को जमकर फटकार लगाई और उसके निलंबन के निर्देश दिए। ए.डी.जी.पी. ने कहा कि यह पशुपालन विभाग नहीं बल्कि अनुशासन आधारित पुलिस विभाग है, जहां नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जानकारी अनुसार पुलिस लाइन में चल रही रिहर्सल दौरान संबंधित पुलिस कर्मचारी वर्दी के बजाय जूती पहनकर पहुंच गया था जिसे उच्चाधिकारी ने गंभीर अनुशासनहीनता माना। मौके पर ही ए.डी.जी.पी. ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। ए.डी.जी.पी. एच.एस. दुहन शुक्रवार को झज्जर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस में सक्रियता और अनुशासन सबसे अहम है। अच्छा कार्य करने वाले पुलिस कर्मचारियों को प्रोत्साहित व सम्मानित किया जाए जबकि निष्क्रिय और लापरवाह कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के आवेदन का आज अंतिम दिन

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जरूरी खबर है। आवदेन प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है।  अभी तक लगभग 3 लाख अभ्यर्थियों ने अपने फॉर्म को पूरा सबमिट कर लिया है। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के पास आज रात यानी 31 जनवरी 2026 रात 11.59 बजे तक का ही समय है। अंतिम तिथि के बाद किसी प्रकार का कोई अतिरिक्त समय फॉर्म भरने के लिए नहीं मिलेगा। हरियाणा स्टाफ सिलेकशन कमीशन के चेयरमैन ने कल एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती को लेकर प्रदेश के युवाओं में जबरदस्त उत्साह और जोश है। स्वयं मैंने यह देखा है कि हमारे युवा साथी पूरे मनोयोग, मेहनत और निष्ठा के साथ पीएमटी एवं पीएसटी की तैयारियों में जुटे हुए है। सुबह हो या शाम, गांव-गांव में बच्चे मैदानों में दौड़ लगाते, अभ्यास करते और अपने लक्ष्य के लिए पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि हरियाणा का युवा अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। युवाओं का यह समर्पण और लगन निश्चित रूप से प्रशंसनीय है और आने वाले समय में सफलता का आधार बनेगा। नायब सरकार ने नए साल पर युवाओं को दिया था तोहफा बता दें कि हाल ही में नायब सरकार ने नए साल पर युवाओं को तोहफा दिया है। हरियाणा सरकार ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती निकाली है। HSSC ने 5 हजार 500 पदों पर पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इससे पहले 5 हजार 61 पदों पर सबसे बड़ी भर्ती हुई थी।